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Kolkata Hospital Fire: आनंदलोक अस्पताल में आग, कई मंजिलें चपेट में; मरीजों को सुरक्षित निकाला गया

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल की राजधानी Kolkata में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। साल्टलेक इलाके के करुणामयी क्रॉसिंग स्थित Anandalok Hospital में अचानक आग लग गई, जिससे अस्पताल की कई मंजिलें धुएं और लपटों की चपेट में आ गईं।

मौके पर पहुंची दमकल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती तौर पर तीन फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को तैनात किया गया।

मरीजों को सुरक्षित स्थान पर किया गया शिफ्ट

आग लगते ही अस्पताल प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से मरीजों को तेजी से बाहर निकाला गया। स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के जरिए करीब 75–80 मरीजों को सुरक्षित दूसरी इमारत में शिफ्ट किया गया।
राहत की बात यह है कि अब तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

आग लगने की वजह की जांच जारी

अभी तक आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अस्पताल की कैथ लैब से धुआं उठता देखा गया था। आशंका जताई जा रही है कि एसी में शॉर्ट सर्किट के चलते आग लगी हो सकती है।

चश्मदीदों ने क्या बताया

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दूसरी मंजिल से आग की लपटें उठती दिखाई दीं, जिसके बाद कुछ ही देर में पूरे इलाके में धुआं फैल गया। स्थानीय लोगों ने भी मरीजों को बाहर निकालने में अस्पताल स्टाफ की मदद की।

प्रशासन का बयान

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अस्पताल को पूरी तरह खाली करा लिया गया है और सभी मरीज सुरक्षित हैं। साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए हर मंजिल की जांच की जा रही है कि कोई भी अंदर न रह जाए।

‘क्यों पीड़ित, क्यों परेशान?’—किसानों के मुद्दे पर सपा प्रमुख का फोकस, बोले- हर कदम पर संघर्ष

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने ‘विजन इंडिया’ पहल के तहत किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा एक ड्राफ्ट में उन्होंने किसानों की मौजूदा स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि आज हर कदम पर संघर्ष करना पड़ रहा है।

किसानों की स्थिति पर जताई चिंता

अखिलेश यादव ने अपने ड्राफ्ट में लिखा कि देश में किसानों की हालत चिंताजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते इस मुद्दे पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या केवल आय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवनयापन, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से भी जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुकी है।

‘विजन इंडिया’ के जरिए समाधान की बात

सपा प्रमुख ने ‘विजन इंडिया: प्लान, डेवलप, एसेंट’ के तहत एक व्यापक सोच पेश की है। उनका कहना है कि यह पहल देश को एक सकारात्मक, प्रगतिशील और समावेशी दिशा में आगे ले जाने का प्रयास है।
इस पहल का उद्देश्य बिना भेदभाव के विकास सुनिश्चित करना और देश को ‘नियो इंडिया’ की ओर ले जाना बताया गया है।

क्या है ‘विजन इंडिया’?

अखिलेश यादव ने पहले भी ‘विजन इंडिया’ को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट की थी। उनके मुताबिक, PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज को सशक्त बनाना इसका मुख्य लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि नई सोच और नए प्लान के जरिए 90% समाज को सशक्त किया जाएगा, जिससे देश अपने आप विकास की राह पर आगे बढ़ेगा और ‘नियो इंडिया’ का निर्माण होगा।

प्रियंका ही संभालें INDIA अलायंस की कमान,राहुल गांधी से नहीं चलने वाला-तेज प्रताप यादव

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:– बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। आरजेडी नेता Tej Pratap Yadav ने कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि INDIA गठबंधन का नेतृत्व उनके बस की बात नहीं है।

प्रियंका गांधी को बताया बेहतर नेता

तेज प्रताप यादव ने कहा कि Priyanka Gandhi में गठबंधन को संभालने की क्षमता है। उन्होंने प्रियंका गांधी की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री Indira Gandhi से करते हुए कहा कि वही इस भूमिका के लिए उपयुक्त हैं।

उनका बयान था कि सिर्फ यात्राएं निकालने या अलग-अलग गतिविधियों से गठबंधन नहीं चलाया जा सकता।

राहुल गांधी पर कसा तंज

तेज प्रताप ने राहुल गांधी की शैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे गंभीर राजनीतिक मुद्दों से ज्यादा अन्य चीजों में उलझे रहते हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि इस तरह से गठबंधन को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।

नीतीश कुमार पर भी बयान

बिहार के मुख्यमंत्री पद को लेकर Nitish Kumar के इस्तीफे पर भी प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप यादव ने राहुल गांधी के बयान को खारिज किया।.

उन्होंने कहा कि राज्य की राजनीति पर बाहरी नेताओं को ज्यादा टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।

आरजेडी में अंदरूनी मतभेद

गौरतलब है कि तेज प्रताप यादव पहले भी पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाते रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाकर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।

हालांकि, उन्होंने अपने भाई Tejashwi Yadav पर सीधे हमले से परहेज किया, लेकिन उनके करीबी नेताओं की आलोचना की थी। वहीं उनकी बहन Rohini Acharya कई बार सोशल मीडिया पर उनका समर्थन करती नजर आई हैं।

राष्ट्र के नाम संबोधन देकर पीएम मोदी ने तोड़ी आचार संहिता? 700 नागरिकों ने चुनाव आयोग से की जांच की मांग

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- देश में चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi के हालिया ‘राष्ट्र के नाम संबोधन’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 700 से अधिक पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों ने Election Commission of India (ECI) को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि इस संबोधन में आदर्श चुनाव आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन हुआ है।

शिकायत में क्या कहा गया?

20 अप्रैल को मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजे गए पत्र में शिकायतकर्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री का 18 अप्रैल का संबोधन सरकारी मीडिया प्लेटफॉर्म्स—दूरदर्शन, संसद टीवी और ऑल इंडिया रेडियो—पर प्रसारित किया गया।
उनका आरोप है कि चुनाव के दौरान इस तरह के प्रसारण से सत्ताधारी दल को अनुचित लाभ मिलता है, क्योंकि ये माध्यम सरकारी संसाधनों से संचालित होते हैं।

आचार संहिता से जुड़ा विवाद

फिलहाल Assam, Kerala, Tamil Nadu, West Bengal और Puducherry में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं, जहां आचार संहिता लागू है।
MCC के तहत कोई भी मंत्री सरकारी पद और संसाधनों का इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए नहीं कर सकता। यही इस विवाद का मुख्य आधार है।

चुनाव आयोग से क्या मांग की गई?

शिकायतकर्ताओं ने ECI से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:

  • प्रधानमंत्री के संबोधन के कंटेंट और प्रसारण तरीके की जांच की जाए
  • यदि प्रसारण की अनुमति दी गई थी, तो विपक्षी दलों को भी समान समय दिया जाए
  • नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर भाषण को सरकारी प्लेटफॉर्म्स से हटाया जाए

शिकायत करने वाले प्रमुख नाम

इस पत्र पर कई प्रमुख हस्तियों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें Najeeb Jung, Yogendra Yadav, Jayati Ghosh, T. M. Krishna और E. A. S. Sarma शामिल हैं।
इनका कहना है कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

संबोधन में क्या था विवाद का कारण?

प्रधानमंत्री के इस संबोधन में संसद में लंबित महिला आरक्षण से जुड़े बिल का जिक्र किया गया। उन्होंने Indian National Congress, Dravida Munnetra Kazhagam, All India Trinamool Congress और Samajwadi Party जैसी विपक्षी पार्टियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इन दलों ने मिलकर इस बिल को पारित नहीं होने दिया।

Aaj Ka Rashifal 21 April 2026: चंद्र-शुक्र संयोग से बढ़ेगी मानसिक चंचलता, जानें सभी राशियों का हाल

Aaj Ka Rashifal 21 April 2026: 21 अप्रैल 2026 को ग्रहों की स्थिति विशेष प्रभाव डाल रही है। सूर्य मेष राशि में स्थित है, जबकि चंद्रमा और शुक्र वृषभ राशि में संयोग बना रहे हैं। चंद्रमा मृगशिरा नक्षत्र में है, जो मंगल का नक्षत्र माना जाता है। इस कारण मन में चंचलता, आकर्षण और भावनात्मक उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। खासतौर पर संबंधों में जल्दबाज़ी या दुस्साहस से बचने की सलाह दी जा रही है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का हाल:

मेष राशि

स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम संबंधों में नजदीकियां बढ़ेंगी और परिवार का सहयोग मिलेगा। निर्णय लेने की क्षमता मजबूत रहेगी। आर्थिक स्थिति भी अच्छी है। दिन शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

व्यवहार में सौम्यता बढ़ेगी, लेकिन मन थोड़ा अस्थिर रह सकता है। संयम बनाए रखें। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति सकारात्मक है।

मिथुन राशि

प्रेम संबंधों में तकरार हो सकती है। सिरदर्द या आंखों से जुड़ी परेशानी संभव है। व्यापार ठीक रहेगा, लेकिन निजी जीवन में तनाव रह सकता है।

कर्क राशि

आय के नए स्रोत बनेंगे और यात्रा के योग हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम और पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा।

सिंह राशि

कानूनी मामलों में सफलता मिल सकती है। व्यापार में लाभ होगा। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा और परिवार का सहयोग मिलेगा।

कन्या राशि

भाग्य का साथ मिलेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। यात्रा के योग हैं। स्वास्थ्य और व्यापार दोनों अच्छे रहेंगे।

तुला राशि

समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण है। किसी भी प्रकार का जोखिम लेने से बचें। स्वास्थ्य और संबंधों पर ध्यान देने की जरूरत है, हालांकि व्यापार ठीक रहेगा।

वृश्चिक राशि

प्रेम संबंध मजबूत होंगे। दांपत्य जीवन में खुशहाली रहेगी। नौकरी और करियर में भी अच्छे संकेत हैं।

धनु राशि

स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। शत्रु सक्रिय रहेंगे, लेकिन अंततः पराजित होंगे। बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा और व्यापार सामान्य रहेगा।

मकर राशि

विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय है। पढ़ाई-लिखाई में मन लगेगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार सभी क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।

कुंभ राशि

भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं। परिवार में शुभ कार्य हो सकते हैं। सभी क्षेत्रों में संतुलित और अच्छा समय रहेगा।

मीन राशि

पराक्रम से सफलता मिलेगी। नौकरी और व्यवसाय में उन्नति के संकेत हैं। स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर रह सकता है, लेकिन बाकी क्षेत्रों में स्थिति अच्छी है।

यूपी में IAS अधिकारियों के तबादलों का सिलसिला जारी, 24 घंटे में दूसरी सूची जारी

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज:- उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल का दौर लगातार जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने रविवार देर रात 40 आईएएस अधिकारियों के तबादले के बाद सोमवार को फिर बड़ी संख्या में अधिकारियों का ट्रांसफर किया। महज 24 घंटे के भीतर दूसरी सूची जारी करते हुए 10 जिलों के जिलाधिकारियों (DM) समेत 24 आईएएस अफसरों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।

इससे पहले रविवार को जारी सूची में 15 जिलों के डीएम और 5 मुख्य विकास अधिकारियों को बदला गया था। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में तबादलों का यह क्रम और आगे बढ़ सकता है।

प्रमुख तबादले इस प्रकार हैं:

  • अविनाश कुमार को गाजीपुर से अलीगढ़ का डीएम बनाया गया
  • अरविंद सिंह को एटा का डीएम नियुक्त किया गया
  • अमित आसेरी को बांदा का डीएम बनाया गया
  • डॉ. अंकुर लाठर को फर्रुखाबाद का डीएम बनाया गया
  • कविता मीना को हापुड़ का डीएम नियुक्त किया गया
  • ईशा प्रिया को अंबेडकरनगर का डीएम बनाया गया
  • चर्चित गौड़ को सोनभद्र का डीएम बनाया गया
  • अनुपम शुक्ला को गाजीपुर का डीएम नियुक्त किया गया
  • शशांक त्रिपाठी को अयोध्या का डीएम बनाया गया
  • ईशान प्रताप सिंह को बाराबंकी का डीएम नियुक्त किया गया

इसके अलावा कई अधिकारियों को सचिवालय और विभिन्न विभागों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। कुछ डीएम को विशेष सचिव और अन्य प्रशासनिक पदों पर स्थानांतरित किया गया है, जबकि कई मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) को भी नई तैनाती दी गई है।

राज्य सरकार के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को शासन व्यवस्था में तेजी लाने और कार्यकुशलता बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

उधमपुर में दर्दनाक बस हादसा: खाई में गिरी बस, 15 की मौत; कई यात्री गंभीर

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सोमवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया, जहां यात्रियों से भरी एक बस गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के मुताबिक, बस रामनगर से उधमपुर की ओर जा रही थी। सुबह करीब 10 बजे यह हादसा उस समय हुआ, जब बस कनोते गांव के पास एक तीखे मोड़ से गुजर रही थी। पहाड़ी रास्ते पर चलते हुए चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद बस सीधे गहरी खाई में गिर गई।

राहत और बचाव कार्य जारी

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है। गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट करने की भी तैयारी की जा रही है।

एलजी और केंद्रीय मंत्री ने जताया दुख

इस दर्दनाक घटना पर मनोज सिन्हा ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

वहीं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी हादसे पर दुख जताया। उन्होंने बताया कि उधमपुर के डिप्टी कमिश्नर से बात कर राहत कार्यों की जानकारी ली गई है और प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है।

बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा

हादसे की तस्वीरें बेहद भयावह हैं। बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि दुर्घटना कितनी गंभीर थी। कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है, ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

स्थानीय लोग भी मदद में जुटे

स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग दिया है। जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

हीटवेव अलर्ट: यूपी से राजस्थान तक झुलसाएगी गर्मी, कई राज्यों में बारिश के भी आसार

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- देशभर में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जहां महीने की शुरुआत में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ था, वहीं अब गर्मी ने तेज तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में भीषण लू (हीटवेव) का अलर्ट जारी किया है।

यूपी में बढ़ेगा तापमान, 45 डिग्री तक पहुंचने की संभावना

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, बाराबंकी और बहराइच समेत कई इलाकों में पारा 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। शुष्क पश्चिमी हवाओं के कारण दिन के समय हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं। मौसम विभाग ने दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

दिल्ली में भी नहीं मिलेगी राहत

नई दिल्ली में भी गर्मी का असर जारी रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 20-21 डिग्री के आसपास रहेगा। हल्के बादल छाए रहने से उमस बढ़ सकती है, जिससे लोगों को और ज्यादा परेशानी महसूस होगी।

राजस्थान, मध्य प्रदेश और विदर्भ में लू का असर

राजस्थान, मध्य प्रदेश और विदर्भ में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। कई शहरों में तापमान 42-44 डिग्री तक पहुंच चुका है। मध्य प्रदेश के उमरिया, छिंदवाड़ा और रतलाम में लू का अलर्ट जारी किया गया है।

कुछ राज्यों में बारिश की संभावना

भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर भी है। बिहार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पूर्वोत्तर के राज्यों—असम, मेघालय, सिक्किम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

बिहार में तेज हवाओं का अलर्ट

बिहार में अगले तीन दिनों तक गर्म हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि, बंगाल से सटे कुछ इलाकों में हल्की बारिश राहत दे सकती है, लेकिन अधिकांश जिलों में गर्मी बनी रहेगी।

पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ में भी गर्मी चरम पर

हरियाणा और पंजाब में तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया है। रोहतक 42.3°C के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि बठिंडा में 41.3°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। चंडीगढ़ में भी गर्मी का असर दिख रहा है।

पहाड़ों में बर्फबारी और बारिश

जम्मू और कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश से तापमान में गिरावट आई है। इससे मैदानी इलाकों के मुकाबले यहां राहत महसूस की जा रही है।

जरूरी सलाह

  • दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें
  • ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
  • हल्के और सूती कपड़े पहनें
  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें

पाकिस्तान में हिंगलाज माता उत्सव: 3 लाख श्रद्धालुओं की जुटान, जानें इतिहास और महत्व

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पाकिस्तान में स्थित प्रसिद्ध हिंगलाज माता मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक उत्सव रविवार को संपन्न हो गया। इस बार आयोजन में करीब 3 लाख हिंदू श्रद्धालुओं के पहुंचने की खबर है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक बताया जा रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस धार्मिक आयोजन के दौरान भंडारे, चिकित्सा सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं का विशेष इंतजाम किया गया था। श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की कठिन यात्रा तय कर इस पवित्र स्थल तक पहुंचे।

पूरे पाकिस्तान से पहुंचे श्रद्धालु

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस महीने ही लगभग 3 लाख श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए, जबकि पूरे वर्ष में यह संख्या करीब 10 लाख तक पहुंचती है।

श्रद्धालु थारपारकर, उमरकोट और संघार सहित सिंध प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों से लंबी यात्रा कर यहां पहुंचे। कई यात्रियों को यह तीर्थ पूरा करने में 15 से 20 दिन तक लग जाते हैं।

क्या है हिंगलाज मंदिर का इतिहास

हिंगलाज माता मंदिर को स्थानीय रूप से “नानी मंदिर” भी कहा जाता है। यह हिंदू धर्म के 51 शक्तिपीठों में से एक महत्वपूर्ण तीर्थ है। मान्यता है कि यहां माता सती का सिर गिरा था।

यह मंदिर बलूचिस्तान के पहाड़ी क्षेत्र में हिंगोल नेशनल पार्क के भीतर, हिंगोल नदी के पास एक गुफा में स्थित है। यह कराची से लगभग 250 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है।

ऐसे होती है पूजा और आयोजन

हर वर्ष अप्रैल महीने में आयोजित इस उत्सव के दौरान तीसरे दिन विशेष पूजा होती है। पुजारी वैदिक मंत्रों का उच्चारण कर देवी को भेंट अर्पित करते हैं।

श्रद्धालु परंपरा के अनुसार तीन नारियल चढ़ाते हैं। कुछ भक्त पूरे आयोजन (3–4 दिन) में शामिल होते हैं, जबकि कुछ दर्शन कर लौट जाते हैं।

कठिन लेकिन आस्था से भरी यात्रा

हिंगलाज यात्रा को काफी कठिन माना जाता है। पहले श्रद्धालुओं को लगभग 150 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था। अब मकरान कोस्टल हाईवे बनने के बाद यात्रा अपेक्षाकृत आसान हो गई है।

फिर भी कई श्रद्धालु पैदल, साइकिल, बस और निजी वाहनों से लंबा सफर तय कर मंदिर तक पहुंचते हैं।

सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां

इस वर्ष के आयोजन के लिए बलूचिस्तान सरकार और स्थानीय प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस, फ्रंटियर कोर और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल मिल सके।

भाजपा उम्मीदवार बनीं पीड़िता की मां से TMC की अपील, पीएम से बिल पास कराने को कहा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल की राजनीति में दुष्कर्म मामलों पर सख्त कानून को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। अभिषेक बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार रत्ना देबनाथ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करने को कहा है कि लंबित अपराजिता विधेयक को जल्द मंजूरी दिलाई जाए।

रत्ना देबनाथ वही हैं, जिनकी बेटी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दुष्कर्म के बाद हत्या की शिकार हुई थीं। यह मामला राज्य की राजनीति का बड़ा मुद्दा बना हुआ है।

अपराजिता विधेयक क्या है?

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने उत्तर 24 परगना के पनिहाटी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रस्तावित अपराजिता महिला एवं बाल (पश्चिम बंगाल आपराधिक कानून संशोधन) विधेयक में दुष्कर्म के मामलों में 50 दिनों के भीतर सजा सुनिश्चित करने का प्रावधान है।

यह विधेयक सितंबर 2024 में बंगाल विधानसभा से पारित हुआ था, लेकिन अभी तक राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार कर रहा है।

सजा को लेकर क्या है विवाद?

विधेयक में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में संशोधन की मांग की गई है। जहां मौजूदा कानून में बलात्कार के लिए न्यूनतम 10 साल की सजा का प्रावधान है, वहीं इस विधेयक में सजा को बढ़ाकर आजीवन कारावास या मृत्युदंड तक करने की मांग की गई है। यही मुद्दा केंद्र और राज्य के बीच टकराव की वजह बना हुआ है।

BJP पर TMC का हमला

अभिषेक बनर्जी ने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि “जो पार्टी दोषियों को सम्मान देती है, वह न्याय नहीं दिला सकती।” उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा दोहरा रवैया अपनाती है।

उन्होंने आरजी कर अस्पताल की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने 48 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार किया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया।

कार्यकर्ताओं को दी नसीहत

अभिषेक बनर्जी ने तृणमूल कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे रत्ना देबनाथ पर व्यक्तिगत टिप्पणी न करें और मुद्दे को संवेदनशीलता के साथ उठाएं।

मतदाता सूची पर भी घमासान

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने BJP पर मतदाता सूची में गड़बड़ी और लोगों को धर्म व जाति के आधार पर बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव को “लोकतंत्र का उत्सव” बताते हुए सभी समुदायों से एकजुट रहने की अपील की।

भवानीपुर सीट बनी हाई-प्रोफाइल मुकाबला

भवानीपुर विधानसभा सीट 2026 के चुनावों में सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गई है। यहां ममता बनर्जी का सीधा मुकाबला विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी से माना जा रहा है। यह मुकाबला 2021 के नंदीग्राम चुनाव की याद दिला रहा है, जहां शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था।