न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल की राजनीति में दुष्कर्म मामलों पर सख्त कानून को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। अभिषेक बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार रत्ना देबनाथ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करने को कहा है कि लंबित अपराजिता विधेयक को जल्द मंजूरी दिलाई जाए।
रत्ना देबनाथ वही हैं, जिनकी बेटी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दुष्कर्म के बाद हत्या की शिकार हुई थीं। यह मामला राज्य की राजनीति का बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
अपराजिता विधेयक क्या है?
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने उत्तर 24 परगना के पनिहाटी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रस्तावित अपराजिता महिला एवं बाल (पश्चिम बंगाल आपराधिक कानून संशोधन) विधेयक में दुष्कर्म के मामलों में 50 दिनों के भीतर सजा सुनिश्चित करने का प्रावधान है।
यह विधेयक सितंबर 2024 में बंगाल विधानसभा से पारित हुआ था, लेकिन अभी तक राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
सजा को लेकर क्या है विवाद?
विधेयक में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में संशोधन की मांग की गई है। जहां मौजूदा कानून में बलात्कार के लिए न्यूनतम 10 साल की सजा का प्रावधान है, वहीं इस विधेयक में सजा को बढ़ाकर आजीवन कारावास या मृत्युदंड तक करने की मांग की गई है। यही मुद्दा केंद्र और राज्य के बीच टकराव की वजह बना हुआ है।
BJP पर TMC का हमला
अभिषेक बनर्जी ने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि “जो पार्टी दोषियों को सम्मान देती है, वह न्याय नहीं दिला सकती।” उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा दोहरा रवैया अपनाती है।
उन्होंने आरजी कर अस्पताल की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने 48 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार किया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया।
कार्यकर्ताओं को दी नसीहत
अभिषेक बनर्जी ने तृणमूल कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे रत्ना देबनाथ पर व्यक्तिगत टिप्पणी न करें और मुद्दे को संवेदनशीलता के साथ उठाएं।
मतदाता सूची पर भी घमासान
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने BJP पर मतदाता सूची में गड़बड़ी और लोगों को धर्म व जाति के आधार पर बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव को “लोकतंत्र का उत्सव” बताते हुए सभी समुदायों से एकजुट रहने की अपील की।
भवानीपुर सीट बनी हाई-प्रोफाइल मुकाबला
भवानीपुर विधानसभा सीट 2026 के चुनावों में सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गई है। यहां ममता बनर्जी का सीधा मुकाबला विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी से माना जा रहा है। यह मुकाबला 2021 के नंदीग्राम चुनाव की याद दिला रहा है, जहां शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था।



