Monday, June 29, 2026

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UP Home Guard Result 2026 जारी, 41,424 पदों के लिए परीक्षा का परिणाम घोषित; ऐसे डाउनलोड करें स्कोरकार्ड

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने होमगार्ड भर्ती 2026 की लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी अब बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इस भर्ती अभियान के माध्यम से प्रदेश में होमगार्ड के 41,424 रिक्त पदों को भरा जाएगा।

करीब 19 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने इस भर्ती परीक्षा में भाग लिया था। लंबे इंतजार के बाद जारी हुए परिणाम के साथ अब चयन प्रक्रिया का अगला चरण भी जल्द शुरू होगा।

ऐसे करें UP Home Guard Result 2026 चेक

रिजल्ट देखने के लिए अभ्यर्थी नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं—

  • सबसे पहले UPPRPB की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर उपलब्ध “UP Police Home Guard Result 2026” लिंक पर क्लिक करें।
  • अब अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें।
  • सभी विवरण भरने के बाद Submit बटन पर क्लिक करें।
  • स्क्रीन पर आपका स्कोरकार्ड दिखाई देगा।
  • भविष्य के लिए स्कोरकार्ड डाउनलोड कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।

अप्रैल में हुई थी परीक्षा

होमगार्ड भर्ती की लिखित परीक्षा 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इसके बाद 7 मई 2026 को प्रोविजनल आंसर-की जारी की गई और अभ्यर्थियों को 10 मई तक आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया।

सभी आपत्तियों की समीक्षा और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के बाद अब बोर्ड ने अंतिम परिणाम जारी कर दिया है।

स्कोरकार्ड में क्या-क्या होगा?

अभ्यर्थियों के स्कोरकार्ड में निम्नलिखित जानकारियां उपलब्ध होंगी—

  • उम्मीदवार का नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर
  • प्राप्त कुल अंक एवं विषयवार अंक
  • परीक्षा में क्वालिफाई करने की स्थिति
  • श्रेणीवार (General, OBC, SC, ST) कट-ऑफ अंक

सफल उम्मीदवारों को किन चरणों से गुजरना होगा?

लिखित परीक्षा में सफल घोषित अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया के अगले चरणों में शामिल होना होगा। इनमें शामिल हैं—

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV)

शैक्षणिक प्रमाणपत्र, निवास प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET)

  • पुरुष अभ्यर्थी: 28 मिनट में 4.8 किलोमीटर दौड़।
  • महिला अभ्यर्थी: 16 मिनट में 2.4 किलोमीटर दौड़।

शारीरिक मानक परीक्षण (PST)

इस चरण में उम्मीदवारों की लंबाई, पुरुषों के सीने की माप और महिलाओं के वजन की जांच की जाएगी।

मेडिकल परीक्षण

अंतिम चरण में स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। मेडिकल रूप से फिट पाए जाने वाले अभ्यर्थियों का ही अंतिम चयन होगा।

चयनित अभ्यर्थियों को मिलेगी ट्रेनिंग

भर्ती प्रक्रिया के सभी चरण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रशिक्षण केंद्रों में 90 दिनों का बेसिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें होमगार्ड के पद पर नियुक्ति प्रदान की जाएगी।

1 जुलाई से बदल सकते हैं LPG के नियम, Indane, HP और Bharat Gas ग्राहकों के लिए जानना जरूरी

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- 1 जुलाई 2026 से एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए कई नए नियम प्रभावी हो सकते हैं। इन बदलावों का असर खासतौर पर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है, जिनके पास एक साथ पीएनजी (PNG) और एलपीजी (LPG) कनेक्शन हैं या जिन्होंने अब तक ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रक्रिया पूरी नहीं की है।

आइए जानते हैं कि किन नियमों में बदलाव हो सकता है और किन उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है।

PNG कनेक्शन होने पर बंद हो सकता है LPG कनेक्शन

सरकार द्वारा लागू LPG (Regulation of Supply and Distribution) Amendment Order, 2026 के तहत जिन क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को PNG अपनाने के लिए कहा गया है।

नियमों के अनुसार, यदि किसी उपभोक्ता के पास पहले से PNG कनेक्शन है, तो निर्धारित अवधि के भीतर उसका घरेलू LPG कनेक्शन बंद किया जा सकता है। हालांकि, यदि उपभोक्ता स्वेच्छा से LPG कनेक्शन सरेंडर करता है, तो भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर दोबारा कनेक्शन लेने के लिए उसे प्राथमिकता या संबंधित सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।

तीन महीने की समय-सीमा पूरी होने की संभावना

केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में निर्देश जारी किए थे कि जिन क्षेत्रों में PNG नेटवर्क उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को तीन महीने के भीतर PNG कनेक्शन लेने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

यह समय-सीमा जून के अंत तक पूरी होने की संभावना है। ऐसे में संबंधित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को अपने गैस वितरक से संपर्क कर नवीनतम स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए।

e-KYC कराना जरूरी

सरकार ने सभी घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए e-KYC को अनिवार्य किया है। जिन उपभोक्ताओं ने निर्धारित समय सीमा तक e-KYC पूरा नहीं कराया है, उन्हें गैस बुकिंग या सिलेंडर वितरण में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

जिन ग्राहकों ने पहले ही e-KYC पूरा कर लिया है, उन्हें दोबारा यह प्रक्रिया कराने की आवश्यकता नहीं होगी।

बुकिंग अवधि में मिल सकती है राहत

वर्तमान में कई क्षेत्रों में LPG सिलेंडर की दोबारा बुकिंग के लिए न्यूनतम समय-सीमा लागू है। शहरों में यह अवधि 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक निर्धारित की गई थी।

अब उम्मीद जताई जा रही है कि 1 जुलाई से इस बुकिंग अंतराल में कमी की जा सकती है। हालांकि, इस संबंध में सरकार या तेल विपणन कंपनियों की ओर से अंतिम आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए?

  • यदि आपके क्षेत्र में PNG सुविधा उपलब्ध है, तो संबंधित गैस एजेंसी से नए नियमों की जानकारी लें।
  • यदि e-KYC अभी तक नहीं कराया है, तो इसे जल्द से जल्द पूरा करें।
  • LPG बुकिंग और कनेक्शन से जुड़े किसी भी बदलाव के लिए केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।
  • Indane, HP Gas और Bharat Gas की आधिकारिक वेबसाइट या गैस एजेंसी से नवीनतम अपडेट प्राप्त करें।

मध्य प्रदेश सरकार पर लगाए जा रहे आरोप निराधार, विपक्ष कर रहा भ्रामक राजनीति: भाजपा नेता प्रकाश यादव

Special Report- Hari Ram Reporter, Lucknow 

उज्जैन/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य प्रदेश सरकार पर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को भारतीय जनता पार्टी के कोषाध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी प्रकाश यादव ने पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष बिना तथ्यों के सरकार की छवि खराब करने का प्रयास कर रहा है।

प्रकाश यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार जनकल्याण और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्य कर रही है। ऐसे में सरकार पर लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित हैं और इनमें कोई ठोस आधार नहीं है।

‘बिना सबूत लगाए जा रहे आरोप’

भाजपा नेता ने कहा कि केवल आरोप लगाने से कोई बात सिद्ध नहीं हो जाती। यदि किसी के पास कोई तथ्य या प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता सरकार के कामकाज को देख रही है और सही समय पर उसका जवाब भी देगी।

विकास कार्यों पर दिया जोर

प्रकाश यादव ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण से जुड़े कई क्षेत्रों में लगातार काम कर रही है।

विपक्ष को दी सकारात्मक राजनीति की सलाह

उन्होंने विपक्ष से सकारात्मक और रचनात्मक राजनीति करने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में स्वस्थ आलोचना का स्वागत है, लेकिन निराधार आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को प्रदेश के विकास में सहयोग करना चाहिए, न कि केवल राजनीतिक लाभ के लिए विवाद खड़े करने चाहिए।

प्रकाश यादव ने विश्वास जताया कि मध्य प्रदेश की जनता सरकार के विकास कार्यों और जनहित की नीतियों पर भरोसा बनाए रखेगी तथा विपक्ष के भ्रामक प्रचार से प्रभावित नहीं होगी।

‘राम भक्तों पर गोली चलाने वाले अयोध्या को क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे?’ CM योगी का अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हाथरस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। 548 करोड़ रुपये की लागत वाली 143 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान हासिल कर चुकी है।

अखिलेश के बयान पर दिया जवाब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने सत्ता में आने पर अयोध्या को “बेमिसाल धार्मिक नगरी” बनाने की बात कही थी।

योगी ने कहा, “समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष कह रहे हैं कि उनकी सरकार बनेगी तो अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएंगे। जो लोग अयोध्या का इतिहास नहीं समझ पाए, वे उसे धार्मिक नगरी क्या बनाएंगे?”

‘राम भक्तों पर चली थीं गोलियां’

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अतीत में राम भक्तों पर गोली चलाने की घटनाएं हुई थीं। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या का भव्य और दिव्य स्वरूप करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों का परिणाम है।

कांवड़ यात्रा और जन्माष्टमी का भी किया जिक्र

योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान पुलिस थानों और जेलों में कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन बंद करा दिए गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि कांवड़ यात्रा पर भी कई प्रकार की पाबंदियां लगाई गई थीं।

मंदिरों के विकास का किया दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने हाथरस जिले में 22 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण कराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में सरकारी धन कब्रिस्तानों की चारदीवारी पर खर्च किया जाता था, जबकि वर्तमान सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर काम कर रही है।

मथुरा और काशी को लेकर विपक्ष को चुनौती

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने मथुरा, वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष धार्मिक विरासत के विकास की बात करता है, तो उसे इन स्थलों के विकास का भी खुलकर समर्थन करना चाहिए।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर रही है, जबकि विपक्ष के पास विकास का स्पष्ट एजेंडा नहीं है और वह केवल तुष्टिकरण की राजनीति करता है।

सऊदी अरब में हेलीकॉप्टर क्रैश, 14 लोगों की मौत; फ्रांस विमान हादसे में 11 लोगों की मौत

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- रविवार को सऊदी अरब और फ्रांस में हुए दो अलग-अलग हवाई हादसों में कुल 25 लोगों की मौत हो गई। सऊदी अरब में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में 14 लोगों की जान चली गई, जबकि फ्रांस में एक छोटे विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से 11 लोगों की मौत हो गई।

सऊदी अरब में हेलीकॉप्टर क्रैश, 14 की मौत

सऊदी अरब के रास तानुरा क्षेत्र में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हेलीकॉप्टर सऊदी अरामको कंपनी का था और यह हादसा एक प्रमुख तेल रिफाइनरी के निकट हुआ।

दुर्घटना के तुरंत बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गया, लेकिन हेलीकॉप्टर में सवार 14 लोगों को बचाया नहीं जा सका। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग सऊदी अरब के नागरिक थे।

फिलहाल दुर्घटना के कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। संबंधित एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

फ्रांस में छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त, 11 लोगों की गई जान

इसी दिन फ्रांस के पूर्वी हिस्से में स्थित नैन्सी शहर के पास एक छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार 11 लोगों की मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया। हालांकि किसी भी यात्री को जीवित नहीं बचाया जा सका।

दोनों हादसों की जांच जारी

सऊदी अरब और फ्रांस की संबंधित जांच एजेंसियों ने दोनों हादसों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी।

रामलला के दर्शन कब करेंगे अखिलेश यादव? प्रयागराज में बताया अयोध्या जाने का प्लान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को अयोध्या दौरे को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इटावा में निर्माणाधीन केदारेश्वर शिव मंदिर का कार्य पूरा होने के बाद वह भगवान राम के दर्शन के लिए अयोध्या जाएंगे। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि चर्चा उनके अयोध्या जाने की नहीं, बल्कि वहां की व्यवस्थाओं और हाल के विवादों की होनी चाहिए।

अयोध्या दौरे को लेकर दिया जवाब

प्रयागराज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस टिप्पणी का जवाब दिया, जिसमें उनके अयोध्या न जाने का जिक्र किया गया था। उन्होंने कहा कि केदारेश्वर शिव मंदिर के निर्माण के बाद वह अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कई बार अयोध्या जाने का दावा करते रहे, लेकिन उन्हें वहां की वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं थी। इसी वजह से हाल के घटनाक्रमों ने कई सवाल खड़े किए हैं।

प्रयागराज के विकास कार्यों की जांच की मांग

अखिलेश यादव ने दावा किया कि यदि पिछले दस वर्षों में प्रयागराज में हुए विकास कार्यों का निष्पक्ष ऑडिट कराया जाए तो कई अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई।

रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर सरकार पर हमला

सपा प्रमुख ने रोजगार, भर्ती, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने विभागों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखनी चाहिए। उनका दावा था कि गोरखपुर समेत कई जिलों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति संतोषजनक नहीं है और बड़ी संख्या में निजी स्कूल भी बंद हुए हैं।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद का भी किया जिक्र

अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले ने श्रद्धालुओं के बीच सवाल खड़े किए हैं। साथ ही उन्होंने सीसीटीवी फुटेज का भी उल्लेख करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

भाजपा पर लगाए कई राजनीतिक आरोप

भाजपा पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार धर्म, रोजगार, आरक्षण और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की प्राथमिकताओं में जनता के मुद्दों की बजाय अन्य विषय अधिक प्रमुख हैं।

2027 चुनाव को लेकर किया बड़ा दावा

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव ने दावा किया कि वर्ष 2027 में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) गठबंधन के समर्थन से समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता इस बार बदलाव का फैसला करेगी।

पीएम मोदी को मिला एक और सम्मान, सेशेल्स में ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से किया गया सम्मानित

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स की यात्रा के दौरान देश के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने प्रतिष्ठित ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान से सम्मानित किया। यह किसी विदेशी राष्ट्र द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को प्रदान किया गया 34वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।

सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स की सरकार, वहां की जनता और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनके लिए नहीं, बल्कि उन सभी देशों के लिए समर्पित है जो जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती का सामना करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए साझा प्रयासों पर दिया जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के सामने एक गंभीर चुनौती है और इसका समाधान केवल सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने कहा कि भारत पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर लगातार काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि देश में लागू विभिन्न हरित नीतियां, मिशन लाइफ (Lifestyle for Environment), अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) और आपदा-रोधी अवसंरचना गठबंधन (CDRI) जैसी वैश्विक पहलें भारत की पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीरता को दर्शाती हैं।

तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे पर हैं प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर शनिवार को सेशेल्स पहुंचे। इस दौरान वह सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, विकास सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

सेशेल्स को सौंपा मेड इन इंडिया गश्ती पोत

यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स कोस्ट गार्ड को भारत में निर्मित एक आधुनिक तेज गश्ती पोत भी सौंपा। इस पहल को हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भारत ने इस अवसर पर सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए अपने सहयोग को दोहराया।

हाल ही में स्लोवाकिया ने भी किया था सम्मानित

इससे पहले इसी महीने प्रधानमंत्री मोदी को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से भी सम्मानित किया गया था। विदेश यात्राओं के दौरान विभिन्न देशों द्वारा मिले सम्मान भारत और उन देशों के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक माने जाते हैं।

राम मंदिर ट्रस्ट में बढ़ते विवादों के बीच चंपत राय का इस्तीफा चर्चा में, भूमि खरीद से लेकर चढ़ावा प्रकरण तक उठे कई सवाल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय संघ के वरिष्ठ प्रचारक और विहिप के कर्ताधर्ता के रूप में राम मंदिर आंदोलन से लेकर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी विवाद की पैरवी कर मामले को सफलता की दहलीज पर पहुंचाने वाले की विदाई के पीछे उनका व्यक्तिगत आग्रह ही मुख्य वजह बन गया। राम मंदिर में सबसे पहला और बड़ा विवाद शुरुआती दौर में जमीन की खरीद फरोख्त को लेकर उठा था। उस घटना से सबक लिया गया होता तो शायद यह दिन नहीं देखना पड़ता। हालांकि उनके पास राम मंदिर चढ़ावे की चोरी प्रकरण में एक मौका था लेकिन त्वरित निर्णय नहीं ले पाने की वजह से विपक्ष को मुद्दा मिल गया। आरोप -प्रत्यारोप से असहज हुई केंद्र व प्रदेश सरकारों ने जब हस्तक्षेप किया तो एसआईटी गठित करने का पत्र भेजा गया।

दोषियों को बचाने का आरोप

चंपत राय पर दोषियों को बचाने का सीधा आरोप लगाया जाने लगा है। आरोप तब अधिक गंभीर हो गया, जब आरोपियों के पास तक़रीबन 80 लाख रुपए की बरामदगी हो गयी। इसके बावजूद भी कोई एफआईआर नहीं दर्ज कराई गयी। उल्टा उन्होंने अपने बयान में कहा कि आंतरिक आडिट हो रहा है और कोई उल्लेखनीय बात सामने नहीं आई। उनके बयान व आरोपियों के पास चोरी की बड़ी रकम का बरामद होने के बाद उनके ऊपर नैतिक जिम्मेदारी लेकर त्याग पत्र देने अथवा विधिक कार्रवाई का सामना करने के दो ही विकल्प रह गये थे।

संगठन और सरकार में बैठे शुभचिंतकों की सलाह पर उन्होंने फिलहाल पहले विकल्प को चुना और अपना त्यागपत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि के पास भेज दिया।

जमीनों की खरीदी से ही विवाद की शुरुआत

पहला विवाद तब हुआ जब ट्रस्ट ने वर्ष 2020 में कई जमीनें खरीदी। इनमें से कुछ खरीद-फरोख्त पर गंभीर आरोप लगे थे। एक मामले में दो करोड़ रुपये की जमीन 18 करोड़ रुपये में खरीदने का आरोप था। यह जमीन पहले एक किसान से खरीदी गई, फिर पांच मिनट में ट्रस्ट को बेची गई। दूसरे मामले में 20 लाख रुपये की जमीन ढाई करोड़ रुपये में खरीदने का आरोप था। विवाद बढ़ने पर शासन ने राधेश्याम मिश्रा जांच कमेटी बनाई थी। इसका उद्देश्य सभी तथ्यों को सामने लाना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। एसआईटी इन मामलों को अपनी जांच में शामिल कर सकती है।

संगठन पदाधिकारियों के बीच कार्य विभाजन 

राम मंदिर ट्रस्ट महासचिव चंपत राय विहिप के सर्वेसर्वा के तौर पर निर्विवाद थे लेकिन राम मंदिर में उन्होंने सेवादार को अधिकार सम्पन्न बनाकर अपनों से ही दुश्मनी मोल ले ली। इसके कारण अंदरखाने उनके नेतृत्व को ही चुनौती मिलने लगी थी। फिलहाल राम मंदिर की व्यवस्था के तीन अलग अलग पदाधिकारियों के गुट के पक्ष में खींचतान जारी रही। यह अलग बात है कि तीनों एक साथ दिखाई देते जरूर थे, लेकिन उनमें आंतरिक दूरी बढ़ती जा रही थी। यही कारण था कि दूसरे ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के खास सुभाष श्रीवास्तव को गणना प्रभारी, पास व्यवस्था का प्रभार आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के खास सोमेश को सौंपकर संतुलन बनाने की कोशिश की गई थी।

राम मंदिर ट्रस्ट महासचिव चंपतराय के प्रतिनिधि के रूप में रामशंकर यादव टिन्नू की हनक के आगे शेष दोनों प्रतिनिधियों को विशेषाधिकार हासिल नहीं हो पाया। इसके चलते अंदरुनी गलतफहमी बढ़ती गयी और विरोध भी बढ़ता गया। जिसके बाद गुट के लोगों ने टिन्नू यादव का अधिपत्य को स्वीकार का स्वांग रचकर उसके साथ दोस्ती जोड़ ली फिर पहले उसकी कमजोरियां को जानीं और फिर उन्हीं कमजोरियों को उजागर कर हमला शुरू किया।

ट्रस्ट से जुड़ते ही अनिल मिश्र की दिखने लगी थी  हनक

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में सदस्य के रूप में डॉ. अनिल मिश्र का नाम शामिल होने के बाद राम जन्मभूमि परिसर में उनकी हनक दिखने लगी थी। उनके व्यवहार में बदलाव दिखने लगा। शुरुआत के दिनों में ही रामलला के अस्थाई मंदिर के पुजारियों से इनकी कहासुनी भी हुई, क्योंकि इन्होंने चरणामृत और प्रसाद बांटने में पाबंदी लगा दी थी। पहली बार वर्ष 2020 में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के क्लोन चेक द्वारा बैंक से छह लाख रुपए जालसाजों ने निकाल लिए थे, जिसमें महासचिव चंपत राय के प्रतिनिधि के तौर पर डॉ. अनिल मिश्र का साइन था। फ्रॉड के मामले में कोतवाली में चंपत राय ने केस दर्ज कराया था।

चर्चा में नाम आने के कारण साइन का पावर हटा दिया गया था, क्योंकि उस समय भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। संघ के सक्रिय कार्यकर्ता और चर्चित होम्योपैथिक चिकित्सक के रूप में डॉ. अनिल मिश्र की पहचान रही है। लेकिन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में सदस्य के रूप में नाम शामिल होने के बाद अनिल की ख्याति एकाएक कई गुना बढ़ गई। उनका हस्तक्षेप राम जन्मभूमि परिसर में बढ़ गया। अस्थाई मंदिर के पुजारी को वह दिशा-निर्देश जारी करने लगे।

उन्होंने पुजारी को निर्देश दिया कि वह श्रद्धालुओं को चरणामृत और प्रसाद नहीं देंगे। इसके बाद ट्रस्ट ने स्वयं इलायची दाना बनवाने के साथ वितरण शुरू कर दिया। इससे दर्जनों प्रसाद विक्रेताओं की रोजी-रोटी छीन गई। यहां भी दबी जुबान से आरोप लगा कि उन्होंने अपने खास व्यक्ति को इस कार्य में लगवा दिया। कुछ दिन बाद उन्होंने पुजारी को मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया। अंदर ही अंदर पुजारी इनसे नाखुश रहने लगे। समय बीतता गया और स्थाई मंदिर बनने के बाद एक बार फिर जमीन खरीद फरोख्त में डॉ. अनिल मिश्र का नाम उछला। आरोप लगे कि मंदिर बनने के साथ आलीशान बिल्डिंग खड़ी कर ली, जिसमें लिफ्ट की व्यवस्था शामिल है।

खास लोगों को कर्मचारी बनाया, गुटबाजी का बने शिकार

राम मंदिर के सभी पूजा पाठ और धार्मिक आयोजनों में डॉ अनिल मिश्र और उनकी धर्मपत्नी प्रमुखता से शामिल हुईं। राम जन्मभूमि परिसर में महासचिव चंपत राय और डॉ अनिल मिश्र दो ही नाम प्रमुखता से जाने जाते रहे। हालांकि जमीन खरीद- फरोख्त का विवाद सामने आने के बाद गोपाल राव संघ के चेहरे के रूप में धीरे-धीरे प्रभावशाली दिखने लगे।

राम जन्मभूमि परिसर में तीन लोगों के बीच गुटबाजी शुरू हो गई। इसका फायदा बाहरी लोगों ने खूब उठाया। अपने लोगों की संख्या बढ़ाने के लिए तीन प्रमुख लोगों ने अपने लोगों को राम जन्मभूमि परिसर का कर्मचारी बना दिया। डॉ. अनिल मिश्र के ऊपर भी आरोप है कि उन्होंने कई करीबियों को परिसर के मुख्य जगहों पर स्थापित किया है।

लोहिया संस्थान ने रचा इतिहास, रोबोटिक सर्जरी से निकाला कैंसरग्रस्त गुर्दा और नसों में फैले खून के थक्के

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: राजधानी लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (Lohia Institute) के यूरोलॉजी विभाग ने रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के डॉक्टरों ने 55 वर्षीय मरीज के किडनी कैंसर का सफल इलाज करते हुए कैंसरग्रस्त दाहिना गुर्दा और शरीर की मुख्य नस (IVC) व गोनैडल वेन तक फैले खून के थक्कों को पूरी तरह रोबोटिक तकनीक से निकाल दिया।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की जटिल रोबोटिक सर्जरी दुनिया के बेहद दुर्लभ मामलों में शामिल है। मरीज के शरीर में कैंसर से जुड़ा खून का थक्का दिल से महज 3.5 सेंटीमीटर दूर तक पहुंच चुका था, जबकि दूसरा थक्का कमर की नसों तक फैल गया था। इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद पूरी सर्जरी बिना बड़े चीरे के सफलतापूर्वक पूरी की गई।

केवल 350 मिलीलीटर रक्तस्राव, 8 दिन में मिली छुट्टी

सर्जरी के दौरान केवल 350 मिलीलीटर रक्तस्राव हुआ और मरीज को रक्त चढ़ाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। ऑपरेशन के आठ दिन बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। दो सप्ताह बाद हुई जांच में मरीज पूरी तरह स्वस्थ पाया गया।

रोबोटिक सर्जरी में यूरोलॉजी विभाग सबसे आगे

संस्थान में अब तक कुल 490 रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं। इनमें से 382 सर्जरी (करीब 78 प्रतिशत) अकेले यूरोलॉजी विभाग ने की हैं। यह उपलब्धि विभाग को संस्थान का सबसे अग्रणी रोबोटिक सर्जरी केंद्र बनाती है और उत्तर प्रदेश के मरीजों के बढ़ते विश्वास को भी दर्शाती है।

निदेशक ने दी टीम को बधाई

संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) सी.एम. सिंह ने इस सफलता को संस्थान की मरीज़-केंद्रित कार्यशैली और चिकित्सा उत्कृष्टता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि साबित करती है कि सरकारी अस्पताल भी आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाओं में देश के बड़े अस्पतालों की बराबरी कर सकते हैं।

डॉ. ईश्वर राम धायल के नेतृत्व में मिली सफलता

यूरोलॉजी एवं रीनल ट्रांसप्लांट विभाग के अध्यक्ष प्रो. डॉ. ईश्वर राम धायल के नेतृत्व में विभाग ने क्लीनिकल सेवाओं, शोध और आधुनिक सर्जिकल तकनीकों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उनके मार्गदर्शन में विभाग उत्तर भारत के प्रमुख तृतीयक चिकित्सा केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों तक अत्याधुनिक इलाज पहुंचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।

सर्जरी टीम में शामिल रहे ये विशेषज्ञ

इस जटिल रोबोटिक सर्जरी को सफल बनाने वाली टीम में मुख्य सर्जन डॉ. ईश्वर राम धायल, डॉ. आलोक श्रीवास्तव, डॉ. संजीत कुमार सिंह, डॉ. अनुराग पवार, डॉ. पृधवी, डॉ. सर्वज्ञ, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. पी.के. दास और डॉ. प्रकृति शामिल रहे। नर्सिंग टीम में जेनिफर, रवि और ऋषभ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संस्थान के अनुसार, इस दुर्लभ चिकित्सा उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय यूरोलॉजी जर्नल में प्रकाशन के लिए भी भेजा जाएगा।

राम मंदिर दान विवाद: स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर भड़के महंत राजू दास, बोले-अगर हिम्मत है तो…

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़ : राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की टिप्पणी पर विवाद गहरा गया है। हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी महंत राजू दास ने मौर्य के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि उनमें साहस है तो वे किसी अन्य धर्म पर भी इसी तरह की टिप्पणी करके दिखाएं।

महंत राजू दास ने कहा कि बार-बार सनातन धर्म और हिंदुत्व को निशाना बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार, स्वामी प्रसाद मौर्य केवल हिंदू धर्म पर बयान देते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि हिंदू समाज शांत रहता है। उन्होंने मांग की कि इस तरह की टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

‘मामले को राजनीतिक रंग न दें’

महंत राजू दास ने कहा कि राम मंदिर में दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच जारी है और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने लोगों से इस मुद्दे पर राजनीति न करने की अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि निष्पक्ष जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आएगी।

उन्होंने कहा कि अब तक इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई होने की उम्मीद है।

क्या कहा था स्वामी प्रसाद मौर्य ने?

राम मंदिर दान विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने सवाल उठाया था कि यदि भगवान राम अपने ही मंदिर और वहां रखे गए दान की रक्षा नहीं कर सके, तो वे भक्तों की रक्षा कैसे करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया था कि मंदिर परिसर से करोड़ों रुपये के दान के साथ-साथ सोना-चांदी की भी चोरी हुई है।

मौर्य के इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई संतों और हिंदू संगठनों ने उनके बयान को धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए इसकी आलोचना की है।

ऐसे शुरू हुआ विवाद

राम मंदिर दान से जुड़ा यह विवाद 7 जून को उस समय सामने आया, जब समाजवादी पार्टी के नेता तेज नारायण ‘पवन’ पांडे ने मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपये की कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। जांच जारी है और प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।