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राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर RMLIMS में रक्तदान शिविर, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग को मिला तृतीय पुरस्कार

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS), लखनऊ में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। संस्थान के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की ओर से आयोजित इस इन-हाउस शिविर में चिकित्सकों, कर्मचारियों और अन्य स्वयंसेवी रक्तदाताओं ने हिस्सा लिया। शिविर में कुल 31 यूनिट रक्तदान किया गया।

इस वर्ष राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस की थीम “One Drop of Humanity. Give Blood. Save Lives.” रखी गई। कार्यक्रम के दौरान स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व और जरूरतमंद मरीजों के लिए सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में रक्तदाताओं की भूमिका के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।

ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग को प्रदेश में तीसरा पुरस्कार

कार्यक्रम के दौरान RMLIMS के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग को एक और उपलब्धि मिली। स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (SBTC), उत्तर प्रदेश की ओर से प्रदेश में सर्वाधिक स्वैच्छिक रक्तदान कराने के लिए विभाग को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

संस्थान के अनुसार, यह सम्मान स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने और मरीजों के लिए पर्याप्त एवं सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयासों की मान्यता है।

निदेशक समेत कई वरिष्ठ चिकित्सक रहे मौजूद

रक्तदान शिविर का उद्घाटन RMLIMS के निदेशक प्रो. (डॉ.) सीएम सिंह, कार्यकारी कुलसचिव एवं ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) सुब्रत चंद्रा और कार्डियोलॉजी विभाग के प्रो. (डॉ.) भुवन तिवारी की मौजूदगी में हुआ।

इस दौरान संस्थान के चिकित्सकों, कर्मचारियों और स्वयंसेवी रक्तदाताओं ने उत्साह के साथ रक्तदान किया। कार्यक्रम में रक्तदाताओं को रक्तदान की जरूरत और इसके महत्व के बारे में जानकारी दी गई।

विभागीय टीम ने निभाई अहम भूमिका

शिविर के आयोजन में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनुभा श्रीवास्तव और डॉ. अरविंद कुमार सिंह के साथ सीनियर रेजिडेंट डॉ. बृजेश, डॉ. पारुल और डॉ. मनोज की सक्रिय भूमिका रही। विभागीय टीम के समन्वय और रक्तदाताओं के सहयोग से शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस मौके पर RMLIMS निदेशक प्रो. (डॉ.) सीएम सिंह ने रक्तदाताओं और ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की टीम को बधाई दी। उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान की जरूरत पर जोर दिया।

नियमित रक्तदान के लिए लोगों से अपील

प्रो. (डॉ.) सुब्रत चंद्रा ने कहा कि नियमित स्वैच्छिक रक्तदान सुरक्षित रक्त की उपलब्धता बनाए रखने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से रक्तदान के इस अभियान से जुड़ने की अपील की।

वहीं, कार्डियोलॉजी विभाग के प्रो. (डॉ.) भुवन तिवारी ने रक्त की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्त का कृत्रिम रूप से निर्माण नहीं किया जा सकता और इसकी उपलब्धता मुख्य रूप से स्वैच्छिक रक्तदाताओं पर निर्भर करती है। उन्होंने लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की।

ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग ने शिविर में रक्तदान करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताते हुए आमजन से नियमित और स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने का आग्रह किया।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले बढ़ी सुरक्षा, सौरभ भारद्वाज समेत AAP नेता हिरासत में; 11 मेट्रो स्टेशन बंद

Jantar Mantar Protest Live: दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर शुक्रवार को राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारियों की ओर से चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इस्तीफे की मांग की गई।

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोग जंतर-मंतर पहुंचने लगे। पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग की और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी। नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए हैं।

जंतर-मंतर पहुंचे सौरभ भारद्वाज, पुलिस ने हिरासत में लिया

AAP के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

भारद्वाज ने कहा कि AAP ने प्रदर्शन के लिए पहले अनुमति मांगी थी। उन्होंने लोगों से जंतर-मंतर पहुंचकर विरोध दर्ज कराने की अपील भी की थी। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें और पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी

दिल्ली पुलिस के मुताबिक जंतर-मंतर पर 2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। पुलिस ने नई दिल्ली जिले में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया।

प्रदर्शन को लेकर जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेड लगाए गए हैं। पुलिस ने लोगों से प्रतिबंधों का पालन करने और अधिकारियों के निर्देशों का सहयोग करने की अपील की है।

BNSS की धारा 163 लागू, भीड़ जुटने पर प्रतिबंध

प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू हैं। इसके तहत बिना अनुमति सभा, जुलूस, धरना और प्रदर्शन जैसी गतिविधियों पर रोक है।

पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में कई सुरक्षा जोन बनाए हैं। प्रदर्शनकारियों की संभावित संख्या को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।

11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद

प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास को अस्थायी रूप से बंद किया गया। रिपोर्टों के अनुसार जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन इस व्यवस्था से प्रभावित रहे।

हालांकि, कुछ प्रमुख स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रखी गई।

जंतर-मंतर रोड समेत कई इलाकों में ट्रैफिक प्रतिबंध

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी एडवाइजरी जारी कर लोगों को जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, पटेल चौक, संसद मार्ग और आसपास की सड़कों पर यात्रा से बचने या वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी।

पुलिस के मुताबिक, इन इलाकों में यातायात को नियंत्रित या डायवर्ट किया जा सकता है। यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने और मौके पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

किन मुद्दों को लेकर हो रहा है प्रदर्शन?

प्रस्तावित प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। प्रदर्शन से जुड़े संगठनों और विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं।

प्रदर्शन के आयोजकों की ओर से मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर आपत्तियां जताई गई हैं। चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर लगाए गए इन आरोपों को संबंधित राजनीतिक दलों और संगठनों के बयानों के रूप में देखा जाना चाहिए।

AAP नेताओं ने लगाए चुनाव आयोग पर आरोप

AAP नेताओं ने SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

इन दावों के बीच चुनाव आयोग की प्रक्रिया और संबंधित आंकड़ों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। इस खबर में AAP नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों को उनके बयानों के रूप में प्रस्तुत किया गया है, स्वतंत्र निष्कर्ष के रूप में नहीं।

प्रदर्शन को लेकर पहले भी हिरासत

जंतर-मंतर पर SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर इससे पहले भी कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा चुका है। 26 सितंबर को AISA के आह्वान पर हुए प्रदर्शन के दौरान योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और अन्य लोगों समेत 60 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।

फिलहाल 2 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर जंतर-मंतर और सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और पुलिस तथा प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

सपा सरकार बनी तो इन लोगों को हर महीने 51 हजार रुपये देंगे: 2027 चुनाव को लेकर अखिलेश का एक और वादा

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोकतंत्र सेनानियों को लेकर एक और घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अगर यूपी में सपा की सरकार बनती है तो लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि बढ़ाकर 51 हजार रुपये प्रतिमाह की जाएगी। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में उनका इलाज और दवाएं मुफ्त कराने की बात भी कही।

अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में लोकतंत्र सेनानियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर उनकी मांगों और समस्याओं के समाधान के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के लिए ट्रेन और बस यात्रा से जुड़ी मांगों को भी पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने की बात कही।

भाजपा को हटाने के लिए साथ आने वालों का स्वागत: अखिलेश

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए जो भी लोग समाजवादी पार्टी के साथ आना चाहते हैं, उनका स्वागत है। उन्होंने भाजपा पर प्रदेश और देश के सामने संकट पैदा करने का आरोप लगाया और कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद ही यह स्थिति बदलेगी।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पार्टी अपने घोषणा पत्र में युवाओं की नौकरी और रोजगार से जुड़े मुद्दों को शामिल करेगी। साथ ही तकनीक के माध्यम से किसानों, गरीबों और नई पीढ़ी के लिए योजनाओं पर काम करने की बात कही।

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को लेकर भी साधा निशाना

सपा प्रमुख ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि करीब 45 किलोमीटर के हिस्से में 74 गड्ढे हैं। बिजली व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने राज्य सरकार की आलोचना की।

अखिलेश ने मीरापुर में पुलिस कार्रवाई और कुछ उपचुनावों का जिक्र करते हुए भाजपा पर चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाए। ये सभी दावे अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोप हैं।

‘पूरा देश इमरजेंसी के दौर से गुजर रहा’

अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में देश में ‘इमरजेंसी’ जैसे हालात होने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिस दौर में PDA पर अत्याचार होगा, उसे वह आपातकाल मानते हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर लोकतंत्र और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को लेकर भी निशाना साधा।

उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि पुलिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। इसके अलावा उन्होंने साधु-संतों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए।

‘एक कचौड़ी, दो समोसा…’ नारे का किया जिक्र

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने एक नारे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘एक कचौड़ी, दो समोसा, बीजेपी पर नहीं भरोसा।’ इस बयान को उन्होंने युवाओं और Gen-Z से जोड़ते हुए अपनी राजनीतिक बात रखी।

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी आने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए युवाओं, किसानों, गरीबों और लोकतंत्र सेनानियों से जुड़े मुद्दों को अपने चुनावी एजेंडे में शामिल करेगी।

नोट: इस खबर में भाजपा और सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोप अखिलेश यादव के सार्वजनिक बयानों पर आधारित हैं। संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस कॉपी में नहीं की गई है।

मारपीट का बदला लेने के लिए बस्ते में तमंचा लेकर स्कूल पहुंचा छात्र,साथी पर चलाई गोली, प्रधानाचार्य को भी तमंचा दिखाकर धमकाया

Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खतौली में एक इंटर कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक छात्र कथित तौर पर बैग में तमंचा लेकर कक्षा में पहुंच गया। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले हुई मारपीट का बदला लेने के लिए छात्र ने अपने साथी पर गोली चला दी। हालांकि फायर मिस हो गया और छात्र बाल-बाल बच गया। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर जमीन पर भी फायर किया और धमकी दी।

घटना के बाद कक्षा में अफरातफरी मच गई। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे कॉलेज के प्रधानाचार्य ने आरोपी छात्र को रोकने की कोशिश की तो उसने कथित तौर पर उनकी ओर भी तमंचा तान दिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस कॉलेज पहुंची और आरोपी छात्र को हथियार समेत हिरासत में ले लिया।

क्लास में पहुंचते ही निकाला तमंचा

घटना गुरुवार को खतौली के कुंद-कुंद जैन इंटर कॉलेज में हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, 12वीं कक्षा का एक छात्र देर से कॉलेज पहुंचा था। गेट पर तैनात गार्ड ने उससे देरी का कारण पूछा तो उसने चोट लगने की बात बताई और इसके बाद उसे अंदर जाने दिया गया।

कक्षा में पहुंचने के बाद छात्र ने अपने बैग से तमंचा निकाला और वहां मौजूद एक साथी छात्र की ओर गोली चला दी। गोली निशाने पर नहीं लगी। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर दूसरी गोली जमीन पर चला दी और साथी छात्र को धमकी दी।

गोली की आवाज से मची भगदड़

कक्षा में फायरिंग की आवाज सुनते ही छात्र घबरा गए और बाहर निकलकर भागने लगे। शोर सुनकर प्रधानाचार्य अनुराग जैन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोपी छात्र को रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि छात्र ने प्रधानाचार्य की ओर भी तमंचा तानकर धमकी दी।

घटना की सूचना मिलने के बाद कॉलेज का गेट बंद कर दिया गया। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी छात्र को तमंचे के साथ पकड़ लिया। पुलिस ने उस छात्र को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया, जिस पर गोली चलाने का आरोप है। बाद में उससे पूछताछ की गई।

तीन दिन पहले हुई थी मारपीट

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि दोनों छात्रों के बीच विवाद कुछ दिन पहले हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब तीन दिन पहले आरोपी छात्र के साथ मारपीट हुई थी, जिसमें वह घायल हुआ था। इसी घटना के बाद कथित तौर पर उसने बदला लेने की योजना बनाई और हथियार लेकर कॉलेज पहुंचा।

आरोपी छात्र का कहना था कि पिछली घटना को लेकर शिकायत की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की जांच और दर्ज मामले के आधार पर ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

प्रधानाचार्य की तहरीर पर कार्रवाई

कॉलेज के प्रधानाचार्य अनुराग जैन की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी छात्र शेखपुरा का रहने वाला है। उसके कब्जे से तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। दूसरे छात्र से पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।

कॉलेज प्रशासन ने घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ाई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फायरिंग की घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।

बिहार में बाढ़ से बिगड़े हालात, वायुसेना राहत में जुटी; सारण-मुजफ्फरपुर में फिर टूटे तटबंध

Bihar Flood News: बिहार में गंगा और गंडक समेत कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उत्तर बिहार के कई जिलों में तटबंध और रिंग बांध टूटने से निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है। सारण और मुजफ्फरपुर में गुरुवार को तटबंध टूटने की घटनाओं के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। हालात को देखते हुए वायुसेना की मदद भी ली जा रही है।

सारण में बांध टूटने से कई गांव प्रभावित

सारण जिले के पानापुर प्रखंड में सरौजा-भगवानपुर के पास गंडक नदी के दबाव के चलते तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद आसपास के कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। पानापुर के साथ मकेर, तरैया, अमनौर, परसा और दरियापुर के निचले इलाकों में भी बाढ़ का असर बताया जा रहा है।

गंडक के लगातार बढ़े जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बिहार जल संसाधन विभाग के अनुसार, कई स्थानों पर नदी का जलस्तर पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर दर्ज किया गया है।

मुजफ्फरपुर में भी रिंग बांध क्षतिग्रस्त

मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज प्रखंड में माधोपुर हजारी पंचायत के छरकी गांव के पास गंडक नदी का रिंग बांध टूट गया। इससे आसपास के रिहायशी इलाकों में पानी घुसने की स्थिति बनी है। प्रशासन और राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी तथा बचाव कार्य में जुटे हैं।

गंडक के जलस्तर में वृद्धि का असर मुजफ्फरपुर, सारण, गोपालगंज, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और वैशाली समेत कई जिलों के निचले क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है।

वायुसेना से ली जा रही मदद

बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार ने राहत और बचाव कार्य में भारतीय वायुसेना की सहायता मांगी है। सारण के पानापुर क्षेत्र में वायुसेना के हेलिकॉप्टर के जरिए राहत सामग्री पहुंचाने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन का फोकस प्रभावित लोगों तक भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने के साथ सुरक्षित निकासी पर है।

कई सड़कों पर आवागमन प्रभावित

बाढ़ का पानी कई प्रमुख सड़कों तक पहुंच गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। छपरा और मुजफ्फरपुर के बीच बड़े वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा है। कुछ ग्रामीण और राज्य मार्गों पर पानी बहने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।

सारण में भी कई सड़कें जलमग्न होने से स्थानीय परिवहन प्रभावित हुआ है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव दल लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं।

मुख्यमंत्री बोले- अगले 48 घंटे अहम

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और तटबंधों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले 48 घंटे बिहार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और सरकार पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक गंगा और गंडक में जलस्तर काफी ऊंचा है, जबकि सोन नदी में भी पानी बढ़ा हुआ है। सरकार ने संवेदनशील इलाकों में अधिकारियों को सतर्क रहने और प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

गंडक का जलस्तर बना चिंता का कारण

बिहार जल संसाधन विभाग के अनुसार, नेपाल और उत्तर प्रदेश के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद गंडक में पानी का प्रवाह तेजी से बढ़ा। गोपालगंज के डुमरियाघाट और सारण के रेवा घाट समेत कुछ स्थानों पर नदी का जलस्तर पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर दर्ज किया गया।

हालांकि कुछ स्थानों पर जलस्तर में कमी के संकेत मिले हैं, लेकिन विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटे तक नदी का दबाव बने रहने की आशंका है। इसलिए तटबंधों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी की जा रही है।

कई जिलों में बाढ़ का असर

बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बाढ़ का प्रभाव दर्ज किया गया है। पटना, सारण, वैशाली, गोपालगंज, पूर्वी और पश्चिम चंपारण, मुजफ्फरपुर, सुपौल, भागलपुर, बेगूसराय, समस्तीपुर, खगड़िया और अन्य जिलों के निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति की रिपोर्ट है।

प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने और तटबंधों की निगरानी का काम जारी है। आने वाले दो दिनों में नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर विशेष नजर रखी जा रही है।

Aaj Ka Rashifal 02 October 2026: मेष से मीन तक जानें आज का राशिफल, किस राशि को मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सावधान

Aaj Ka Rashifal 02 October 2026: शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को चंद्रमा का गोचर वृषभ राशि में रहेगा और दोपहर बाद मिथुन राशि में प्रवेश करेगा। इस दिन मृगशिरा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। पंचांग के अनुसार आज कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है और व्यतिपात योग बन रहा है।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार ग्रहों की स्थिति का असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग माना जाता है। ऐसे में कुछ राशियों के लिए करियर और आर्थिक मामलों में प्रगति के संकेत हैं, जबकि कुछ राशि वालों को खर्च, स्वास्थ्य और रिश्तों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

मेष राशि- कामकाज में बढ़ेगी सक्रियता

मेष राशि वालों के लिए दिन मेहनत और प्रयास वाला रहेगा। काम से जुड़े मामलों में आपकी सक्रियता बढ़ेगी। किसी जरूरी काम को लेकर छोटी यात्रा करनी पड़ सकती है। परिवार के किसी सदस्य से महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। आर्थिक मामलों में कमाई और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखें। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें।

लव लाइफ: साथी के साथ बातचीत से गलतफहमी दूर हो सकती है।
करियर: काम की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं।
धन: अनावश्यक खर्च पर नियंत्रण रखें।

वृषभ राशि- आर्थिक मामलों में लाभ के संकेत

वृषभ राशि वालों के लिए दिन सामान्य से बेहतर रह सकता है। नौकरी और कारोबार में आपके काम की सराहना हो सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का फायदा मिल सकता है। परिवार में किसी शुभ समाचार से माहौल खुशनुमा रहेगा। हालांकि, किसी को पैसा उधार देने से पहले अच्छी तरह विचार करें।

लव लाइफ: रिश्ते में मधुरता बढ़ेगी।
करियर: नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
धन: धन संबंधी योजना पर काम करने का अच्छा समय।

मिथुन राशि- दोपहर बाद मिल सकता है फायदा

मिथुन राशि वालों के लिए दिन का दूसरा भाग अधिक महत्वपूर्ण रहेगा। चंद्रमा के मिथुन राशि में प्रवेश के बाद आत्मविश्वास और सक्रियता बढ़ सकती है। कार्यक्षेत्र में नए अवसरों पर चर्चा हो सकती है। आपकी बातों का दूसरों पर प्रभाव पड़ेगा, इसलिए बातचीत में स्पष्टता रखें।

लव लाइफ: साथी के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा।
करियर: नई जिम्मेदारी या अवसर मिल सकता है।
धन: दोपहर बाद आर्थिक लाभ के संकेत।

कर्क राशि- खर्च बढ़ सकता है

कर्क राशि वालों को आज अपने खर्चों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। अचानक कोई अतिरिक्त खर्च सामने आ सकता है। नौकरी करने वालों को कार्यस्थल पर धैर्य बनाए रखने की जरूरत होगी। परिवार के किसी सदस्य की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें।

लव लाइफ: भावनाओं में बहकर कोई फैसला न लें।
करियर: काम का दबाव महसूस हो सकता है।
धन: बजट बिगड़ने से बचें।

सिंह राशि- सामाजिक स्तर पर बढ़ेगा प्रभाव

सिंह राशि वालों के लिए दिन सामाजिक और व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण रह सकता है। किसी पुराने संपर्क से फायदा मिल सकता है। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। कारोबार करने वालों को नए ग्राहक या नए संपर्क मिल सकते हैं। परिवार में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

लव लाइफ: रिश्ते में भरोसा मजबूत होगा।
करियर: नेटवर्किंग से लाभ मिल सकता है।
धन: आय के नए रास्तों पर विचार कर सकते हैं।

कन्या राशि- परिवार और काम दोनों में लाभ

कन्या राशि वालों के लिए दिन सकारात्मक रह सकता है। परिवार से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण काम पूरा हो सकता है। नौकरी में आपकी मेहनत का परिणाम देखने को मिल सकता है। व्यापारियों को पुराने संपर्कों से फायदा मिल सकता है। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह काम आ सकती है।

लव लाइफ: परिवार का सहयोग मिलेगा।
करियर: मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है।
धन: रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना।

तुला राशि- आत्मविश्वास में होगी बढ़ोतरी

तुला राशि वालों का आत्मविश्वास बढ़ सकता है। कामकाज में अपनी बात मजबूती से रखने का मौका मिलेगा। नई योजना शुरू करने से पहले उससे जुड़े सभी पहलुओं को समझ लें। परिवार में किसी सदस्य के साथ महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। खर्च और बचत के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा।

लव लाइफ: साथी के साथ रिश्ते बेहतर होंगे।
करियर: नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
धन: खर्च पर नियंत्रण रखें।

वृश्चिक राशि- वाणी पर संयम जरूरी

वृश्चिक राशि वालों को आज अपनी वाणी पर विशेष ध्यान देना चाहिए। छोटी बात विवाद का रूप ले सकती है। कार्यक्षेत्र में किसी सहकर्मी के साथ मतभेद होने पर शांत रहना बेहतर होगा। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचें। परिवार के बुजुर्गों का सहयोग मिलेगा।

लव लाइफ: बातचीत में संयम रखें।
करियर: विवाद से दूरी बनाए रखें।
धन: जोखिम भरे निवेश से बचें।

धनु राशि- सम्मान और उपलब्धि मिल सकती है

धनु राशि वालों के लिए दिन उत्साह से भरा रह सकता है। सामाजिक या कार्यक्षेत्र में सम्मान मिल सकता है। किसी पुराने काम का सकारात्मक परिणाम सामने आएगा। यात्रा की योजना बन सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने से फायदा होगा।

लव लाइफ: रिश्ते में सकारात्मकता रहेगी।
करियर: उपलब्धि मिलने के योग हैं।
धन: आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रहेगी।

मकर राशि- स्वास्थ्य और खर्च पर दें ध्यान

मकर राशि वालों को आज अपनी दिनचर्या और स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। काम की अधिकता के कारण थकान महसूस हो सकती है। अनावश्यक खरीदारी से बचें। नौकरी में किसी काम को जल्द पूरा करने का दबाव आ सकता है। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक राहत मिलेगी।

लव लाइफ: साथी की भावनाओं को समझें।
करियर: अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है।
धन: खर्च बढ़ने की संभावना।

कुंभ राशि- रिश्तों में बढ़ेगा रोमांस

कुंभ राशि वालों के लिए दिन प्रेम और रिश्तों के लिहाज से अच्छा रह सकता है। किसी खास व्यक्ति से बातचीत बढ़ सकती है। नौकरी और कारोबार में नए विचारों पर काम करने का मौका मिलेगा। दोस्तों के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी न करें।

लव लाइफ: रिश्ते में नजदीकी बढ़ सकती है।
करियर: नए आइडिया काम आएंगे।
धन: आय-व्यय का संतुलन बनाए रखें।

मीन राशि- सामाजिक दायरा बढ़ेगा

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ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की बात क्यों बोले अभिजीत दीपके? CEC के इस्तीफे की मांग पर आंदोलन का ऐलान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है। उनके इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई में आंदोलन की घोषणा करने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने अब उन पर तंज कसा है। दीपके ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न दिया जाना चाहिए। उन्होंने अपने बयान में इसकी वजह भी बताई।

अभिजीत दीपके ने कहा कि आज भाजपा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे के बजाय ज्ञानेश कुमार की कथित “कैलकुलेशन” के आधार पर जीत हासिल कर रही है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे राज्यों में भी भाजपा को जीत दिलाई गई, जहां उनके मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए जीत हासिल करना संभव नहीं था।

‘भारत रत्न तो देना ही चाहिए’

मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दीपके ने कहा कि अगर भाजपा को चुनावी फायदा पहुंचाने में ज्ञानेश कुमार की भूमिका बताई जा रही है तो उन्हें भारत रत्न दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी उन्होंने व्यंग्य के तौर पर की है।

ज्ञानेश कुमार को सम्मान दिए जाने को लेकर इससे पहले भी राजनीतिक नेताओं की ओर से इसी तरह की टिप्पणियां सामने आई हैं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी हाल में पद्म पुरस्कार की चर्चा के संदर्भ में व्यंग्य करते हुए कहा था कि यदि भाजपा पश्चिम बंगाल में मिली चुनावी सफलता का श्रेय ज्ञानेश कुमार को देती है तो उन्हें भारत रत्न दिया जाना चाहिए।

CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन

अभिजीत दीपके ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। उनके मुताबिक, दो अक्टूबर से मुंबई में प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इसके बाद अक्टूबर के अंतिम हिस्से में दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी आंदोलन करने की योजना है।

दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी छह अक्टूबर को विपक्षी दलों की ओर से निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीजेपी का आंदोलन अलग और स्वतंत्र रूप से चलाया जाएगा।

शिवाजी पार्क में प्रदर्शन का दावा

दीपके ने बताया कि उनकी पार्टी दो अक्टूबर को मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में प्रदर्शन करना चाहती है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए और उनके इस्तीफे के साथ आपराधिक कार्रवाई की मांग की।

हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों को उनके राजनीतिक बयान के रूप में देखा जाना चाहिए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है।

पुलिस अनुमति को लेकर भी उठाया सवाल

मुंबई पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के सवाल पर दीपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की राजनीतिक गतिविधियों का हवाला देते हुए सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि यदि शिवाजी पार्क में राजनीतिक कार्यक्रम हो सकते हैं तो उनकी पार्टी को वहां प्रदर्शन करने की अनुमति क्यों नहीं दी जा सकती।

ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों और अन्य राजनीतिक समूहों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग की भूमिका और उसके फैसलों को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच यह मामला भी चर्चा में बना हुआ है।

भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की अब कैसी है सेहत, सरकार ने दिया अपडेट

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुए हमले के दौरान घायल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर नया अपडेट सामने आया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, कैप्टन मच्छार को सऊदी अरब के ताबुक में शुरुआती इलाज के बाद आगे की चिकित्सा देखभाल के लिए अबू धाबी स्थानांतरित किया गया है। भारतीय अधिकारी उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उनके परिवार के संपर्क में हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत सरकार कैप्टन मच्छार की सेहत को लेकर संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है। यूएई में भारत के राजदूत ने अस्पताल पहुंचकर पायलट से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। राजदूत ने उनके परिवार से भी मुलाकात कर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।

तबूक में हुआ था प्राथमिक इलाज

कैप्टन मच्छार को घटना के बाद सऊदी अरब के तबूक स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उन्हें शुरुआती चिकित्सा सहायता दी गई। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज और रिकवरी के लिए अबू धाबी ले जाया गया है। भारतीय दूतावास की ओर से भी उनकी स्थिति में सुधार की जानकारी दी गई है।

फ्लाइट के कॉकपिट में हुआ था हमला

यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। रिपोर्टों के मुताबिक, उड़ान के दौरान कॉकपिट में पायलट और सह-पायलट के बीच गंभीर झड़प हुई। इसी दौरान कैप्टन स्मित मच्छार घायल हो गए। विमान में 174 यात्री सवार थे और बाद में विमान को सऊदी अरब के तबूक की ओर डायवर्ट कर सुरक्षित उतारा गया।

रिपोर्टों के अनुसार, घटना के दौरान विमान ने आपातकालीन संकेत जारी किए थे। कॉकपिट में स्थिति बिगड़ने के बाद यात्रियों और चालक दल के कुछ सदस्यों ने भी हस्तक्षेप किया, जिसके बाद हमलावर को काबू में किया गया।

घायल होने के बावजूद विमान को सुरक्षित संभाला

हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने विमान की स्थिति संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घटना के बाद विमान को निर्धारित गंतव्य के बजाय सऊदी अरब के तबूक में उतारा गया। सभी यात्रियों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है।

भारतीय दूतावास लगातार संपर्क में

यूएई स्थित भारतीय दूतावास कैप्टन मच्छार के इलाज और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि भारतीय अधिकारी उनके परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।

कैप्टन मच्छार की बहादुरी की भारत और विदेशों में चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी हिम्मत की सराहना की है।

फिलहाल कैप्टन मच्छार को आगे के इलाज के लिए अबू धाबी में रखा गया है और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार उनकी सेहत में सुधार हो रहा है।

ज्ञानेश कुमार की मुश्किलों के बीच 20 साल पुरानी विजिलेंस जांच की फाइलें तलब, जानें क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच केरल से जुड़ा करीब दो दशक पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। केरल के गृह विभाग ने वर्ष 2006 में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुई प्रारंभिक विजिलेंस जांच से संबंधित फाइलें तलब की हैं। उस समय कुमार केरल के लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव के पद पर तैनात थे।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दल निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, पुराने मामले की फाइलें मंगाए जाने का मतलब अपने आप में यह नहीं है कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोई नई औपचारिक जांच या मुकदमा शुरू हो गया है।

क्या है 2006 का पुराना मामला?

यह मामला मलेशियाई इंजीनियर ली सी बीन की आत्महत्या से जुड़ा है। ली सी बीन केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट के तहत एमसी रोड के उन्नयन का काम कर रहे PATI-BEL नामक इंडो-मलेशियाई कंसोर्टियम में चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर थे। वर्ष 2006 में कुआलालंपुर में उनकी मौत हो गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, परियोजना से जुड़े बिलों के भुगतान को लेकर उन्हें कथित तौर पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

ली सी बीन के सुसाइड नोट में कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों के कामकाज, भ्रष्टाचार और परियोजना के क्रियान्वयन से जुड़ी अनियमितताओं का उल्लेख था। रिपोर्टों के अनुसार, नोट में उस समय PWD सचिव रहे ज्ञानेश कुमार का नाम भी आया था। इन आरोपों के बाद तत्कालीन एलडीएफ सरकार ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए थे।

जांच आगे क्यों नहीं बढ़ सकी?

रिपोर्टों के मुताबिक, विजिलेंस की शुरुआती जांच के बाद मामला आगे नहीं बढ़ सका। जांच के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज नहीं मिल पाए थे। क्राइम ब्रांच की ओर से भी मामले से संबंधित रिकॉर्ड तलाशे जाने की बात सामने आई थी, लेकिन जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो सके।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अब केरल गृह विभाग ने पुराने मामले से जुड़ी फाइलें मंगाई हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि उस समय की जांच में क्या कार्रवाई हुई थी और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आगे कुछ किया जा सकता है या नहीं।

उस समय PWD सचिव थे ज्ञानेश कुमार

वर्ष 2006 में ज्ञानेश कुमार केरल के लोक निर्माण विभाग के सचिव थे। ली सी बीन की मौत के बाद सामने आए आरोपों और विवाद के बीच कुमार को वर्ष 2006 के अंत से पहले PWD से स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार में रक्षा मंत्रालय से जुड़ी जिम्मेदारी संभाली।

सीपीएम के वरिष्ठ नेता टीएम थॉमस इसाक ने हाल में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस पुराने प्रकरण का जिक्र किया था। उन्होंने दावा किया था कि ली सी बीन के सुसाइड नोट में PWD के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और कथित उत्पीड़न से जुड़े आरोप लगाए गए थे और इसमें ज्ञानेश कुमार का नाम भी था। हालांकि, इसाक ने यह भी कहा था कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सुसाइड नोट नहीं पढ़ा था।

SIR विवाद के बीच फिर चर्चा में आया मामला

ज्ञानेश कुमार से जुड़ी पुरानी फाइलें ऐसे वक्त तलब की गई हैं, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों का निर्वाचन आयोग के खिलाफ विरोध तेज है। विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं। ऐसे में करीब 20 साल पुराने इस मामले के फिर सामने आने से राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में यह स्पष्ट नहीं है कि 2006 की विजिलेंस जांच में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोई आरोपपत्र दाखिल हुआ था या उनके खिलाफ किसी तरह की अभियोजन कार्रवाई हुई थी। इसलिए पुराने मामले से जुड़े आरोपों और उस समय हुई जांच की स्थिति को अलग-अलग समझना जरूरी है।

ममता बनर्जी का बड़ा दावा: भाजपा इस बार जाएगी, 2029 तक इंतजार नहीं; बोलीं- खेल शुरू हो चुका है

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने भाजपा को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से हटाने के लिए विपक्ष को 2029 के लोकसभा चुनाव तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है। ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों से एकजुट होकर मौजूदा राजनीतिक मुद्दों पर मिलकर संघर्ष करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि इस बार भाजपा जाएगी और “खेल शुरू हो चुका है।”

ममता बनर्जी का यह बयान विपक्षी दलों की उस बैठक के एक दिन बाद आया है, जिसमें दिल्ली में करीब साढ़े तीन घंटे तक चर्चा हुई थी। बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग के खिलाफ आगे की रणनीति पर विचार किया गया। विपक्ष ने देशभर में लोकतंत्र बचाओ कार्यक्रम आयोजित करने, छह अक्टूबर को विपक्षी सांसदों के निर्वाचन आयोग कार्यालय तक मार्च और राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगने जैसे कार्यक्रमों पर सहमति जताई है।

‘2029 तक इंतजार करने की जरूरत नहीं’

एक संवाददाता सम्मेलन में ममता बनर्जी ने कहा कि विपक्ष को 2029 के चुनाव का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “हमें विश्वास है कि इस बार भाजपा जाएगी और हमें 2029 तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है। देखिए क्या होता है। खेल शुरू हो चुका है।”

उन्होंने कहा कि फिलहाल विपक्ष को निर्वाचन आयोग के कामकाज समेत उन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, जिन्हें लेकर राजनीतिक संघर्ष चल रहा है। ममता के मुताबिक विपक्षी दलों को इन मुद्दों पर एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए।

चुनाव आयोग को लेकर ममता का निशाना

ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने उन्हें “वैनिश कुमार” कहते हुए आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के अधिकारों पर सवाल खड़े हुए हैं। ममता ने कहा कि चुनाव प्रणाली में सुधार की जरूरत है और विपक्ष को मिलकर इसके लिए आवाज उठानी चाहिए।

उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए भाजपा की चुनावी जीत पर भी सवाल उठाए। हालांकि, उनके इन दावों को उनके राजनीतिक रुख और आरोप के रूप में देखा जाना चाहिए।

‘मैं ज्योतिषी नहीं हूं’

ममता बनर्जी ने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव को लेकर भी टिप्पणी की, लेकिन कोई निश्चित समयसीमा बताने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह बदलाव दो महीने, तीन महीने या छह महीने में हो सकता है। उन्होंने कहा, “मैं ज्योतिषी नहीं हूं। लेकिन मुझे लगता है कि बहुत जल्द आपको अच्छी खबर मिलेगी।”

इंडिया गठबंधन के साथ रहने का दावा

टीएमसी प्रमुख ने साफ किया कि उनकी पार्टी ‘इंडिया’ गठबंधन के साथ बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन की रणनीति और फैसले सामूहिक रूप से लिए जाएंगे। ममता ने कहा कि गठबंधन जो भी फैसला करेगा, उनकी पार्टी उसका सम्मान करेगी और सभी दल मिलकर काम करेंगे।

उन्होंने मतदाता सूची और वोट देने के अधिकार से जुड़े मुद्दे पर भी केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा। ममता ने कहा कि जिन लोगों पर जनता के वोट देने के अधिकार को प्रभावित करने का आरोप है, उन्हें देश की जनता माफ नहीं करेगी।

चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण पर सवाल

ममता बनर्जी ने 2023 में बनाए गए कानून के तहत मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों को मिले कानूनी संरक्षण के प्रावधान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।

ममता बनर्जी के बयान ऐसे समय आए हैं जब एसआईआर को लेकर विपक्षी दल निर्वाचन आयोग की भूमिका पर लगातार सवाल उठा रहे हैं और इस मुद्दे पर संयुक्त आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं।