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तमिलनाडु में कांग्रेस की जल्दबाजी पड़ी भारी? विजय के साथ गई और उधर स्टालिन ने कर दिया खेल?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- तमिलनाडु की राजनीति में चुनाव नतीजों के बाद नए समीकरण तेजी से बनते दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस का एक फैसला अब उसके लिए मुश्किल खड़ी करता नजर आ रहा है। महज 5 सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके (TVK) को समर्थन देने का ऐलान कर दिया था। लेकिन अब सरकार गठन के आंकड़ों ने कांग्रेस की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विजय के पास बहुमत से अब भी दूर आंकड़ा

तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को चुनाव में 108 सीटें मिली हैं। कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन मिलने के बाद यह संख्या 113 तक पहुंची, लेकिन बहुमत के लिए अभी भी 5 सीटों की जरूरत है।

इसी मुद्दे पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विजय से सरकार बनाने का दावा पेश करने के दौरान पूछा कि आखिर बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा कहां से आएगा। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गईं।

छोटे दलों ने समर्थन से किया इनकार

विजय के लिए मुश्किल इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि वीसीके, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, सीपीआई और सीपीएम जैसे दलों ने फिलहाल समर्थन देने से इनकार कर दिया है। वहीं एआईएडीएमके ने भी टीवीके के साथ जाने की संभावनाओं को खारिज कर दिया है।

ऐसे में कांग्रेस का जल्दी समर्थन देना अब राजनीतिक जोखिम माना जा रहा है। माना जा रहा था कि यदि विजय सरकार बना लेते हैं तो कांग्रेस को सत्ता में हिस्सेदारी मिल सकती थी, लेकिन अब समीकरण उलझते नजर आ रहे हैं।

DMK-AIADMK साथ आने की अटकलें तेज

राजनीतिक हलकों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि क्या डीएमके और एआईएडीएमके किसी नए समीकरण पर विचार कर रहे हैं। बुधवार को कई क्षेत्रीय दलों के नेताओं ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाकात की, जिसके बाद कयास और तेज हो गए।

अगर डीएमके और एआईएडीएमके साथ आते हैं तो यह तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा, क्योंकि दोनों दल दशकों से एक-दूसरे के कट्टर विरोधी रहे हैं।

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विश्लेषकों का कहना है कि ऐसा गठबंधन वैसा ही चौंकाने वाला होगा जैसा उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा का साथ आना या जम्मू-कश्मीर में भाजपा और पीडीपी की सरकार बनना था। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी का गठबंधन भी इसी तरह का अप्रत्याशित राजनीतिक समीकरण माना गया था।

कांग्रेस ने किया बचाव

डीएमके की ओर से कांग्रेस के फैसले की आलोचना की जा रही है, लेकिन कांग्रेस ने इसे विचारधारा से समझौता मानने से इनकार किया है।

कांग्रेस सांसद जोथीमणि सेन्निमलाई ने कहा कि राजनीति में गठबंधन बनना और टूटना सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में डीएमके ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को गठबंधन से बाहर कर दिया था।

उन्होंने कहा कि उस समय कांग्रेस को अचानक अकेले चुनाव लड़ना पड़ा था, लेकिन पार्टी ने डीएमके के फैसले को राजनीतिक परिस्थिति मानकर स्वीकार किया था। उनके मुताबिक, आज की स्थिति भी उसी तरह की राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

तमिलनाडु में बढ़ी राजनीतिक अनिश्चितता

फिलहाल तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। कांग्रेस के समर्थन के बावजूद विजय बहुमत से दूर हैं और दूसरी तरफ डीएमके भी लगातार राजनीतिक संपर्क बढ़ा रही है।

आने वाले कुछ दिन राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि इसी दौरान यह तय होगा कि तमिलनाडु में अगली सरकार कौन और किन दलों के समर्थन से बनाएगा।

बंगाल में चुनाव बाद हिंसा जारी, अब तक 6 लोगों की मौत; सबसे ज्यादा लोग किस दल से हैं?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आने के बाद राज्य में राजनीतिक हिंसा का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। अलग-अलग जिलों से झड़प, हमला और हत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अब तक कुल 6 लोगों की जान जा चुकी है।

राज्य के कई संवेदनशील इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है। खासतौर पर उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, बीरभूम और हावड़ा जिलों में स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है।

BJP और TMC के 3-3 कार्यकर्ताओं की मौत

अब तक सामने आए मामलों में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस, दोनों दलों के तीन-तीन कार्यकर्ताओं की मौत हुई है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का आरोप लगा रही हैं।

BJP कार्यकर्ताओं की मौत के मामले

भाजपा की ओर से दावा किया गया है कि चुनाव में जीत के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

सबसे चर्चित घटना उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम से सामने आई, जहां भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

इसके अलावा हावड़ा के उदयनारायणपुर में 45 वर्षीय यादव बोर पर उस वक्त हमला किया गया, जब वह जीत का जश्न मनाकर लौट रहे थे। हमलावरों ने उन पर धारदार हथियार से हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई।

तीसरा मामला न्यू टाउन इलाके का है, जहां विजय जुलूस के दौरान कथित मारपीट में भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की जान चली गई। भाजपा ने इन घटनाओं के लिए टीएमसी समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है।

TMC ने भी BJP पर लगाए आरोप

तृणमूल कांग्रेस ने भी अपने तीन कार्यकर्ताओं की हत्या का आरोप भाजपा समर्थकों पर लगाया है।

बीरभूम जिले के नानूर में हुई हिंसक झड़प में टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की मौत हो गई। पार्टी का आरोप है कि भाजपा समर्थकों ने धारदार हथियार से हमला किया।

कोलकाता के बेलघाटा क्षेत्र में बिस्वजीत पटनायक की हत्या को भी चुनावी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं दक्षिण 24 परगना के कैनिंग इलाके में शेख मुजीबुर का शव मिलने से इलाके में तनाव और बढ़ गया।

टीएमसी नेताओं का कहना है कि भाजपा कार्यकर्ता चुनाव परिणाम के बाद “विजिलेंटे जस्टिस” के नाम पर उनके समर्थकों को निशाना बना रहे हैं।

पुलिस ने 45 लोगों को हिरासत में लिया

राज्य पुलिस के मुताबिक, सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अब तक करीब 45 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और लगातार गश्त की जा रही है।

सबसे ज्यादा प्रभावित जिले

उत्तर 24 परगना

इस जिले में सबसे अधिक हिंसक घटनाएं दर्ज की गई हैं। कई इलाकों में तनाव बना हुआ है।

बीरभूम

राजनीतिक रूप से संवेदनशील माने जाने वाले बीरभूम में भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच लगातार संघर्ष की खबरें आ रही हैं।

हावड़ा और कैनिंग

इन इलाकों में आगजनी, बमबाजी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई हैं।

चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट

भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार और प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने कहा है कि नई सरकार के शपथ ग्रहण तक कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन की है।

राजनीतिक माहौल गरम

भाजपा का आरोप है कि टीएमसी चुनावी हार के बाद हिंसा पर उतर आई है, जबकि टीएमसी का कहना है कि भाजपा समर्थक बदले की राजनीति कर रहे हैं।

बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा का इतिहास पुराना रहा है, लेकिन इस बार सत्ता परिवर्तन के बाद भी हालात में सुधार नहीं दिख रहा। प्रशासन के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती हिंसा की इस कड़ी को रोकना है, ताकि स्थिति और न बिगड़े।

Aaj Ka Rashifal 7 May 2026: शुक्र के नक्षत्र में चंद्रमा का शुभ प्रभाव, जानिए सभी 12 राशियों का हाल

7 मई 2026 को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए सकारात्मक संकेत दे रही है। इस समय सूर्य और बुध मेष राशि में विराजमान हैं, जबकि शुक्र अपनी स्वराशि वृषभ में स्थित हैं। गुरु मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं और राहु कुंभ राशि में मौजूद हैं। चंद्रमा पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में मकर राशि में भ्रमण कर रहे हैं, जिसे शुक्र का प्रभावशाली और ऊर्जावान नक्षत्र माना जाता है। वहीं मंगल और शनि मीन राशि में स्थित हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से आज का दिन कई राशियों के लिए उन्नति और लाभ के अवसर लेकर आया है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन भाग्य का साथ देने वाला रहेगा। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। सेहत में सुधार देखने को मिलेगा और परिवार में सकारात्मक माहौल बना रहेगा। प्रेम संबंध और संतान पक्ष से भी सुखद समाचार मिल सकते हैं। व्यापार में लाभ की संभावना है। मां काली की पूजा करना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

आज वृषभ राशि वालों को थोड़ी सतर्कता बरतने की जरूरत है। चोट लगने या किसी विवाद में फंसने की आशंका बन सकती है। हालांकि पारिवारिक जीवन और प्रेम संबंध बेहतर रहेंगे। व्यापार सामान्य गति से आगे बढ़ेगा। मानसिक शांति के लिए मां काली का स्मरण लाभदायक रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और मुलाकात के योग बन सकते हैं। व्यापार और करियर के क्षेत्र में भी सफलता मिलने के संकेत हैं। भगवान विष्णु की पूजा करने से दिन और बेहतर हो सकता है।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों को स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नहीं करनी चाहिए। विरोधी सक्रिय रह सकते हैं, लेकिन अंत में जीत आपकी ही होगी। बुजुर्गों का सहयोग और अनुभव लाभ पहुंचाएगा। प्रेम और पारिवारिक मामलों में थोड़ा संतुलन बनाए रखने की जरूरत है। लाल रंग की वस्तु साथ रखना शुभ माना गया है।

सिंह राशि

सिंह राशि के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। पढ़ाई में मन लगेगा और नई उपलब्धियां मिल सकती हैं। व्यापारिक मामलों में स्थिति मजबूत रहेगी। प्रेम जीवन सामान्य रहेगा। पीली वस्तु पास रखना लाभकारी रहेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के घरेलू जीवन में कुछ तनाव या मतभेद की स्थिति बन सकती है। हालांकि सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी और वाहन या संपत्ति खरीदने के योग बन रहे हैं। व्यापार और करियर में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। पीली वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा। व्यापार में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर रह सकता है, लेकिन पारिवारिक और प्रेम संबंधों में संतुलन बना रहेगा। मां काली की आराधना करने से लाभ मिलेगा।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। धन लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और व्यापार में अच्छे परिणाम मिलेंगे। पीली वस्तु अपने पास रखना लाभदायक रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा। समाज में मान-सम्मान मिलेगा और लोग आपकी बातों से प्रभावित होंगे। व्यापार में प्रगति होगी, हालांकि प्रेम संबंधों में थोड़ा उतार-चढ़ाव रह सकता है। लाल वस्तु साथ रखना शुभ रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि वालों का मन आज थोड़ा परेशान रह सकता है। मानसिक तनाव, सिरदर्द या आंखों से जुड़ी परेशानी हो सकती है। हालांकि व्यापार और पारिवारिक मामलों में स्थिति अच्छी बनी रहेगी। मां काली का स्मरण मानसिक शांति देगा।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों को आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं। यात्रा से फायदा हो सकता है और नए संपर्क बनेंगे। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। हरे रंग की वस्तु अपने पास रखना शुभ रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए आज का दिन सफलता दिलाने वाला हो सकता है। राजनीतिक और कानूनी मामलों में लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य में सुधार होगा और व्यापार में उन्नति के योग बन रहे हैं। पीली वस्तु पास रखना शुभ माना गया है।

70 साल का दूल्हा, 20 की दुल्हन..सपा नेता का चौथा निकाह विवादों में, दूसरी पत्नी ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक सपा नेता के चौथे निकाह को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कैला भट्टा निवासी और पूर्व पार्षद हाजी खलील ने 70 साल की उम्र में 20 वर्षीय युवती से निकाह किया, जिसके बाद उनकी दूसरी पत्नी ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है।

दूसरी पत्नी पहुंची पुलिस के पास

दूसरी पत्नी नाजरीन ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए उत्पीड़न और धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें पहले से खलील की शादीशुदा स्थिति की जानकारी नहीं दी गई थी।

1991 के निकाह पर भी सवाल

नाजरीन के मुताबिक, 1991 में हुए उनके निकाह के समय खलील ने अपनी पहली शादी और बच्चों की जानकारी छिपाई थी। उन्होंने बताया कि पहली पत्नी से खलील के आठ बच्चे हैं, जबकि उनसे तीन बच्चे हैं। आरोप है कि 2010 में तीसरा निकाह करने के बाद संतान न होने पर तलाक दे दिया गया था।

संपत्ति विवाद बना मुख्य कारण

मामले की जड़ में संपत्ति विवाद भी सामने आया है। नाजरीन का दावा है कि जिस प्रॉपर्टी में वह रह रही हैं, वह उन्हें मेहर में मिली थी। अब खलील और उनकी नई पत्नी उस पर कब्जा करना चाहते हैं। विरोध करने पर उन्हें और उनके बेटे को घर से निकालने का भी आरोप लगाया गया है।

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सुरक्षा की मांग

नाजरीन ने पुलिस से अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उन्हें जान का खतरा है और मामले में जल्द कार्रवाई की जाए।

पहले भी विवादों में रह चुके हैं

हाजी खलील का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है। वह 1995 और 2000 में पार्षद रह चुके हैं और उन पर नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप भी लग चुके हैं।

फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

‘पूरे चुनाव ममता…हार गईं तो मिलने जा रहे’, अखिलेश के बंगाल दौरे पर राजभर का तंज

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि वह बंगाल जाकर ममता बनर्जी से मुलाकात करेंगे और समर्थन जताएंगे। इस पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने तीखा तंज कसा है।

राजभर ने कहा कि चुनाव के दौरान ममता बनर्जी इंतजार करती रहीं कि अखिलेश यादव प्रचार के लिए आएंगे, लेकिन वह नहीं पहुंचे। अब जब चुनाव खत्म हो गया और हार हो चुकी है, तो उनके बंगाल जाने का क्या मतलब है।

 ‘गर्मी में रैली नहीं कर सकते’

ओमप्रकाश राजभर ने व्यंग्य करते हुए कहा कि भीषण गर्मी में अखिलेश यादव रैली और रोड शो नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे आसान काम ट्वीट करना है, जो वह नियमित रूप से करते हैं।

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‘अब एसी में बैठकर देंगे सांत्वना’

राजभर ने आगे कहा कि अब अखिलेश यादव बंगाल जाकर एसी में बैठकर ममता बनर्जी को ढांढस बंधाएंगे और उनसे भविष्य में उत्तर प्रदेश चुनाव में समर्थन की अपील करेंगे।

EVM को लेकर भी साधा निशाना

मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि बंगाल दौरे के जरिए अखिलेश यादव ईवीएम का मुद्दा उठाकर भविष्य की राजनीति साधना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह सब 2027 के चुनाव को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।

राजभर ने अंत में कहा कि अब जनता जागरूक है और फैसले खुद ले रही है। राजनीतिक दलों को जनता के फैसले का सम्मान करना चाहिए।

अलमारी के अंदर से सुरंग, अन्दर मौत का कारोबार; BCA छात्र भी शामिल ग्राहकों तक पहुंचाता था हथियार

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के मेरठ से चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अलमारी के पीछे छिपे गुप्त रास्ते से चल रही अवैध हथियार फैक्ट्री का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इंचौली थाना क्षेत्र के खरदौनी गांव में देर रात की गई कार्रवाई में तहखाने में तमंचे बनाए जाते मिले।
पुलिस के अनुसार, कमरे में रखी एक अलमारी के अंदर से नीचे जाने के लिए सुरंगनुमा रास्ता बनाया गया था। इसी तहखाने में हथियारों का निर्माण किया जा रहा था। मौके से पुलिस ने मुख्य आरोपी इमरान को गिरफ्तार कर लिया है, जो पहले भी ऐसे मामलों में जेल जा चुका है।
प्रेस वार्ता में एसपी देहात अभिजीत कुमार सिंह ने बताया कि इस अवैध कारोबार में कई लोग शामिल थे। दौराला निवासी कुलदीप सप्लाई का काम करता था, जबकि नरेंद्र ग्राहकों और फैक्ट्री के बीच कड़ी बना हुआ था।

BCA छात्र करता था सप्लाई

जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपियों में शामिल उमंग ठाकुर उर्फ देवा, जो बीसीए का छात्र है, ग्राहकों तक हथियार पहुंचाने का काम करता था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

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भारी मात्रा में हथियार बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 5 तैयार तमंचे, कई अधबने हथियार, 119 फायरिंग पिन और खराद-वेल्डिंग मशीन समेत भारी मात्रा में उपकरण बरामद किए हैं। आशंका है कि मेरठ और आसपास के जिलों में बड़े पैमाने पर हथियारों की सप्लाई की जा रही थी।

गुप्त सुरंग ने सबको चौंकाया

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि एक साधारण दिखने वाली अलमारी के पीछे तहखाने तक जाने का गुप्त रास्ता बनाया गया था। इस तरीके से लंबे समय से अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे भी इस नेटवर्क से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।

ताज और ट्राइडेंट होटल को आतंकी धमकी,मुंबई में हाई अलर्ट

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मुंबई में एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। देश के प्रतिष्ठित होटलों ताज महल पैलेस होटल और ट्राइडेंट होटल को आतंकी हमले की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया।
पुलिस के मुताबिक, एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर दोनों होटलों को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी। सूचना मिलते ही होटल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को अलर्ट किया, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। दोनों जगहों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और हर गतिविधि पर नजर रखी जाने लगी।

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मुंबई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध की पहचान की और उसे सायन इलाके से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धमकी के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं है।
अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी सुनिश्चित कर रही हैं कि किसी तरह की लापरवाही न हो और शहर में शांति बनी रहे।

Bengal CM News: बंगाल में भाजपा चुनेगी महिला मुख्यमंत्री? इन नामों पर तेज हुई चर्चा, 9 मई को शपथ ग्रहण

पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख 9 मई तय मानी जा रही है, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसी बीच यह अटकलें तेज हैं कि पार्टी महिला मुख्यमंत्री पर भी दांव खेल सकती है।

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व जल्द ही मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला ले सकते हैं। वहीं, शुभेंदु अधिकारी को भी सीएम पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

महिला चेहरों पर भी मंथन

अग्निमित्रा पॉल
अग्निमित्रा पॉल आसनसोल दक्षिण सीट से जीत दर्ज कर चर्चा में हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया। 2019 में भाजपा में शामिल होने के बाद वह महिला मोर्चा की प्रमुख बनीं और अब पार्टी की उपाध्यक्ष हैं। राजनीति से पहले वह एक जानी-मानी फैशन डिजाइनर भी रह चुकी हैं।

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रूपा गांगुली
रूपा गांगुली भी संभावित चेहरों में शामिल हैं। उन्होंने सोनारपुर दक्षिण सीट से जीत हासिल की है। टीवी धारावाहिक महाभारत में द्रौपदी के किरदार से उन्हें व्यापक पहचान मिली थी। वह पूर्व राज्यसभा सांसद भी रह चुकी हैं।

इन नेताओं के नाम भी चर्चा में

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शमिक भट्टाचार्य, दिलीप घोष और उत्पल महाराज के नाम भी सामने आ रहे हैं। पार्टी के अंदर जल्द ही बैठकों का दौर शुरू होने की संभावना है।

अमित शाह को मिली जिम्मेदारी

भाजपा ने विधायक दल के नेता के चयन के लिए अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनके साथ मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। माना जा रहा है कि अगले एक-दो दिनों में मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान हो सकता है।

योगी सरकार में ओबीसी युवाओं को मिल रही फ्री कम्प्यूटर ट्रेनिंग, बदल रही जिंदगी

लखनऊ/ सर्वोदय न्यूज़:– उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के युवक-युवतियों के लिए कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरी है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 29 हजार से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। डिजिटल युग में यह योजना आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

सबसे ज्यादा 22,407 युवाओं ने ओ लेवल कोर्स किया

इस योजना के तहत इंटरमीडिएट पास ओबीसी वर्ग के ऐसे युवक-युवतियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिनके माता-पिता या अभिभावकों की वार्षिक आय 1 लाख रुपये या उससे कम है। सरकार द्वारा यह प्रशिक्षण भारत सरकार की नीलिट से मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से कराया जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के अंतर्गत कुल 29,191 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें 22,407 युवाओं ने ओ लेवल और 6,784 युवाओं ने सीसीसी कोर्स पूरा किया है। ये आंकड़े इस योजना की सफलता और युवाओं में इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाते हैं।

सरकार कर रही प्रशिक्षण शुल्क का भुगतान, लाभार्थियों को बड़ी राहत

प्रदेश में वर्तमान समय में कुल 299 संस्थाएं इस योजना के तहत चयनित हैं। इनमें 52 संस्थान केवल ओ लेवल, 43 संस्थान केवल सीसीसी और 204 संस्थान दोनों कोर्स संचालित कर रहे हैं। यह व्यापक नेटवर्क राज्य के विभिन्न जिलों में युवाओं को आसानी से प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में सहायक है। ओ लेवल कोर्स की अवधि एक वर्ष होती है, जबकि सीसीसी कोर्स मात्र तीन महीने में पूरा होता है। ओ लेवल प्रशिक्षण के लिए सरकार अधिकतम 15,000 रुपये प्रति प्रशिक्षार्थी और सीसीसी कोर्स के लिए 3,500 रुपये तक की राशि सीधे संस्थान को भुगतान करती है।

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जिला स्तर पर समिति के जरिए होता है लाभार्थियों का चयन

अगर कोई लाभार्थी पहले ही फीस जमा कर देता है, तो सत्यापन के बाद यह राशि सीधे उसके खाते में भेज दी जाती है। यह व्यवस्था योजना को और अधिक पारदर्शी और लाभार्थी-हितैषी बनाती है। प्रशिक्षण के लिए इच्छुक अभ्यर्थी और संस्थाएं निर्धारित वेबसाइट https://obcoomputertraining. upsdc.gov.in के माध्यम से आवेदन करते हैं, जिससे चयन प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है। वहीं संस्थाओं के चयन की प्रक्रिया भी व्यवस्थित और पारदर्शी है। प्रशिक्षण संस्थानों का चयन निदेशक की अध्यक्षता में किया जाता है, जबकि लाभार्थियों का चयन जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि योजना का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे।

पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही योजनाः निदेशक

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह योजना पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में चयनित संस्थानों के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और हर साल बड़ी संख्या में युवक-युवतियां इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वह इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने भविष्य को मजबूत बनाएं और डिजिटल युग में अपनी पहचान स्थापित करें।

बिहार: विधायक अनंत सिंह पर नई मुसीबत, अश्लील डांस और हथियार प्रदर्शन मामले में केस दर्ज

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार की राजनीति में चर्चित नाम अनंत सिंह एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। जदयू विधायक के खिलाफ गोपालगंज जिले में अश्लील नृत्य और हथियार प्रदर्शन से जुड़े वायरल वीडियो मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मामला गोपालगंज के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव का है, जहां 2 और 3 मई को आयोजित एक उपनयन संस्कार कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर डांस कार्यक्रम और हथियारों के प्रदर्शन का वीडियो सामने आया। इस मामले में विधायक अनंत सिंह समेत कुल नौ लोगों को नामजद किया गया है।
जिले के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने बताया कि जांच में वीडियो की पुष्टि होने के बाद केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान अवैध और लाइसेंसी हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन किया गया, जो कानून का उल्लंघन है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कथित तौर पर देखा गया कि एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान महिला डांसर पर नोट उड़ाए जा रहे हैं। इस दौरान विधायक की मौजूदगी भी चर्चा में रही। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस घटना ने जिले में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस छेड़ दी है।
इसके अलावा एक अन्य वीडियो में कुछ लोग भोजपुरी गानों पर हथियार लहराते हुए डांस करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कार्रवाई की मांग की।
गौरतलब है कि अनंत सिंह इसी साल मार्च में जमानत पर जेल से बाहर आए थे। उन्हें पिछले साल चर्चित दुलार चंद यादव हत्याकांड में गिरफ्तार किया गया था। बाद में पटना हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी।
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।