Home Blog Page 50

Aaj Ka Rashifal 8 May 2026: चंद्रमा मकर राशि में, कई राशियों में मानसिक उतार-चढ़ाव, धनु और मीन वालों के लिए धन लाभ के संकेत

आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति मिश्रित प्रभाव देने वाली है। सूर्य और बुध मेष राशि में विराजमान हैं, जबकि शुक्र वृषभ राशि में गोचर कर रहे हैं। गुरु मिथुन राशि में, केतु सिंह राशि में और चंद्रमा मकर राशि में उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के प्रभाव में हैं। नक्षत्र सूर्य का और राशि शनि की होने के कारण लोगों के मन में कभी उत्साह तो कभी निराशा जैसी स्थिति बनी रह सकती है। राहु कुंभ राशि में हैं, वहीं मंगल और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का आज का राशिफल।

मेष राशि

मेष राशि वालों को आज कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के योग हैं। प्रेम संबंधों में स्थिरता आएगी और संतान का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य में थोड़ा उतार-चढ़ाव रह सकता है, इसलिए सावधानी जरूरी है। लाल रंग की वस्तु अपने पास रखना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

आज सरकारी मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत है। भाग्य का साथ मिलने से कुछ महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो सकते हैं और यात्रा के अवसर भी बनेंगे। प्रेम संबंधों में हल्की दूरी महसूस हो सकती है। तांबे की वस्तु का दान लाभकारी रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों को आज स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। चोट या दुर्घटना की आशंका बनी हुई है, इसलिए वाहन सावधानी से चलाएं। प्रेम और पारिवारिक जीवन में थोड़ी दूरी रह सकती है। शनिदेव की पूजा शुभ फल देगी।

कर्क राशि

जीवनसाथी के साथ संबंध मजबूत होंगे और नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार के संकेत हैं और व्यापार भी अच्छा चलेगा। मानसिक संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। लाल वस्तु पास रखना लाभकारी रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों का विरोधियों पर प्रभाव बना रहेगा। नई चीजें सीखने और ज्ञान बढ़ाने के लिए समय अच्छा है। हालांकि मानसिक दबाव महसूस हो सकता है, लेकिन परिस्थितियां आपके पक्ष में रहेंगी। नीली वस्तु का दान शुभ रहेगा।

कन्या राशि

भावनाओं में बहकर निर्णय लेने से बचें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन प्रेम और संतान से जुड़ी चिंताएं बनी रह सकती हैं। व्यापारिक स्थिति मजबूत रहेगी। शनिदेव को प्रणाम करना लाभकारी रहेगा।

तुला राशि

आज भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं। हालांकि पारिवारिक विवाद या तनाव की स्थिति भी बन सकती है। प्रेम संबंध और व्यापार दोनों पक्ष मजबूत रहेंगे। शनिदेव की आराधना शुभ फल देगी।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों का आत्मविश्वास और साहस बढ़ा रहेगा। यही ऊर्जा कार्यक्षेत्र में सफलता दिला सकती है। स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में थोड़ी सावधानी जरूरी है, लेकिन व्यापार में लाभ मिलेगा। पीली वस्तु पास रखना शुभ रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए आज आर्थिक लाभ के संकेत हैं। आय में वृद्धि हो सकती है, लेकिन निवेश करने से फिलहाल बचना बेहतर रहेगा। प्रेम और पारिवारिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। लाल वस्तु शुभ मानी जाएगी।

मकर राशि

मकर राशि वालों में आज सकारात्मक ऊर्जा भरपूर रहेगी। व्यक्तित्व आकर्षक रहेगा और लोग आपकी ओर प्रभावित होंगे। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार तीनों क्षेत्रों में सफलता मिलने के योग हैं। मां काली की पूजा लाभकारी रहेगी।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों का मन बेचैन रह सकता है। सिरदर्द या आंखों से जुड़ी परेशानी हो सकती है। हालांकि परिवार, प्रेम और व्यापार का सहयोग मिलेगा। हरी वस्तु पास रखना शुभ रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। पुराने निवेश या कार्यों से भी लाभ मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और व्यापार में उन्नति के योग बनेंगे। नीली वस्तु का दान करना लाभकारी रहेगा।

NCRB रिपोर्ट: यूपी में कम हुए महिला अपराध और दलित उत्पीड़न, छेड़छाड़ की घटनाएं 50% घटी

NCRB Report: यूपी की जिस बदली कानून-व्यवस्था की चर्चा दूसरे राज्यों में भी होती है, राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा ‘क्राइम इन इंडिया-2024’ रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अहम आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध, अपहरण, दलित उत्पीड़न और कई संगीन अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

रिपोर्ट के तीन वर्षीय तुलनात्मक आंकड़े यह संकेत देते हैं कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बेहतर हुई है। खास तौर पर दहेज हत्या, छेड़छाड़ और अपहरण जैसे मामलों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है।

दहेज हत्या के मामलों में 50% से ज्यादा कमी

NCRB रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश में दहेज हत्या के 2,122 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर 1,047 रह गई। यानी इस अपराध में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई।

अगर 2022 के आंकड़ों से तुलना करें तो दहेज हत्या के मामलों में लगभग 51 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।

दुष्कर्म और महिला हत्या के मामलों में भी गिरावट

रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में दुष्कर्म के मामलों में भी कमी आई है। वर्ष 2023 में जहां 3,516 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2024 में यह संख्या घटकर 3,209 रह गई। यानी 8.7 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। 2022 की तुलना में यह गिरावट लगभग 13 प्रतिशत रही।

महिलाओं की हत्या के मामलों में भी कमी आई है। 2023 में ऐसे 702 मामले सामने आए थे, जबकि 2024 में इनकी संख्या घटकर 668 रह गई।

छेड़छाड़ की घटनाएं आधी हुईं

महिलाओं से छेड़छाड़ के मामलों में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। 2023 में जहां 9,453 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2024 में यह संख्या घटकर 4,418 रह गई। यानी इस अपराध में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी आई।

यह भी पढ़े: UP Police SI Result 2026 जारी, 12 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी अगले चरण के लिए पास

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि Anti Romeo Squad की सक्रियता और महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती संख्या इसका प्रमुख कारण है।

अपहरण के मामलों में 62.8% गिरावट

NCRB रिपोर्ट के मुताबिक अपहरण के मामलों में भी भारी कमी दर्ज की गई। 2023 में अपहरण के 14,272 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर 5,306 रह गई।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लगातार बढ़ी निगरानी, प्रभावी गश्त और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का असर इन आंकड़ों में दिखाई दे रहा है।

डकैती, लूट और चोरी के मामलों में भी कमी

  • डकैती: 2023 में 73 मामले, 2024 में 57 — 21.9% कमी
  • लूट: 2023 में 1,354 मामले, 2024 में 1,163 — 14.1% कमी
  • चोरी: 2023 में 6,968 मामले, 2024 में 3,753 — 46.1% कमी

SC-ST अत्याचार के मामलों में भी गिरावट

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के खिलाफ अपराधों में भी कमी दर्ज की गई है। 2023 में ऐसे 15,130 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर 14,642 रह गई।

SC-ST समुदाय से जुड़े हत्या के मामलों में 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। 2023 में 157 मामलों के मुकाबले 2024 में 146 मामले सामने आए। वहीं दुष्कर्म के मामले 645 से घटकर 575 रह गए।

घरेलू उत्पीड़न के मामलों में बढ़ोतरी

हालांकि रिपोर्ट में घरेलू उत्पीड़न के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। 2024 में ऐसे 21,266 मामले सामने आए, जो 2023 की तुलना में 6.9 प्रतिशत अधिक हैं।

कुल संज्ञेय अपराध लगभग स्थिर

भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज कुल संज्ञेय अपराधों की संख्या लगभग स्थिर रही। 2023 में 4,28,794 मामलों के मुकाबले 2024 में 4,30,552 मामले दर्ज हुए, जो केवल 0.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाते हैं।

UP Police SI Result 2026 जारी, 12 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी अगले चरण के लिए पास

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:– उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर यानी दारोगा बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने उप-निरीक्षक नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती 2025 की लिखित परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। लंबे समय से रिजल्ट का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए यह बड़ी खबर है।

भर्ती बोर्ड की ओर से जारी सूचना के अनुसार, लिखित परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर कुल 12,333 अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण के लिए सफल घोषित किया गया है। यह संख्या विज्ञापित पदों के मुकाबले लगभग 2.7 गुना है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन उम्मीदवारों के अंक कटऑफ के बराबर रहे, उन्हें भी अगले चरण के लिए पात्र माना गया है।

12,333 उम्मीदवार अगले चरण के लिए क्वालिफाई

अब केवल वही उम्मीदवार दस्तावेज सत्यापन (DV) और शारीरिक मानक परीक्षण (PST) में शामिल हो सकेंगे जिन्होंने लिखित परीक्षा की कटऑफ पार की है। रिजल्ट जारी होने के बाद अभ्यर्थियों में खुशी का माहौल है, हालांकि कटऑफ इस बार काफी ऊंची रही।

पुरुष जनरल वर्ग की कटऑफ 369 के पार

इस बार परीक्षा कुल 400 अंकों की थी और सामान्य वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों की कटऑफ 369.87854 तक पहुंच गई, जिसने कई उम्मीदवारों को चौंका दिया।

कैटेगिरी वाइज कटऑफ

कैटेगिरी पुरुष कटऑफ (400 अंक) महिला cut off (400 अंक)
अनारक्षित 369.87854 360.50336
EWS 364.41142 353.22001
OBC 364.56024 353.76545
SC 350.91474 337.94120
ST 334.65475 306.91905

मई के तीसरे सप्ताह में होगा DV और PST

भर्ती बोर्ड के अनुसार लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों के लिए दस्तावेज सत्यापन (DV) और शारीरिक मानक परीक्षण (PST) का आयोजन मई 2026 के तीसरे सप्ताह में किया जाएगा। हालांकि अभी परीक्षा केंद्र और फाइनल तारीखों की घोषणा नहीं की गई है।

यह भी पढ़े: “दीदी आप हारी नहीं हैं” : ममता बनर्जी से मिले अखिलेश यादव, क्या हुई बात

अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर भर्ती बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें ताकि किसी भी जरूरी अपडेट से वंचित न रहें।

जून में आयोजित होगी PET परीक्षा

DV और PST के बाद उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में शामिल होना होगा। भर्ती बोर्ड के मुताबिक PET परीक्षा जून 2026 में प्रस्तावित है।

यहां देखें बोर्ड द्वारा जारी नोटिस

UPSI_DVPST_QUAL_07_May_2026ab113fb6-7987-425a-a119-f7b3bd2a1064_1778161677714

यह चरण भर्ती प्रक्रिया का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है, क्योंकि इसमें उम्मीदवारों की फिटनेस और शारीरिक क्षमता की जांच की जाती है। लिखित परीक्षा पास करने वाले कई अभ्यर्थियों ने अभी से दौड़ और फिजिकल ट्रेनिंग शुरू कर दी है।

“दीदी आप हारी नहीं हैं” : ममता बनर्जी से मिले अखिलेश यादव, क्या हुई बात

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को कोलकाता पहुंचकर Mamata Banerjee से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee भी मौजूद रहे। बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद हुई इस मुलाकात को राजनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है।

टीएमसी सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई। बैठक की शुरुआत में अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी ने एक-दूसरे को गले लगाकर अभिवादन किया। चर्चा के दौरान अखिलेश ने अभिषेक से कहा, “आप लोगों ने बहुत सराहनीय लड़ाई लड़ी है।” वहीं ममता बनर्जी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “दीदी, आप हारी नहीं हैं।”

भाजपा लोकतंत्र को कमजोर कर रही है: अखिलेश

मुलाकात से पहले मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान मतदाताओं पर दबाव बनाया गया और लोग स्वतंत्र रूप से मतदान नहीं कर सके।

सपा प्रमुख ने कहा, “भाजपा ने लोकतंत्र को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। चुनाव के दौरान जो माहौल बनाया गया, उसमें आम मतदाता खुलकर अपनी बात नहीं रख पाया।”

महिलाओं की राजनीति से घबराई BJP: सपा प्रमुख

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और प्रभाव को स्वीकार नहीं कर पा रही है। उन्होंने चुनावी हिंसा, पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमलों और पार्टी कार्यालयों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की भारी तैनाती के जरिए एक “समानांतर व्यवस्था” तैयार की गई थी। अखिलेश के मुताबिक, मतदान प्रक्रिया के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों से कर्मियों को बुलाया गया था।

“बंगाल में भाजपा का रवैया चौंकाने वाला”

सपा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने बंगाल चुनाव को काफी करीब से देखा और भाजपा का रवैया उन्हें हैरान करने वाला लगा।

यह भी पढ़े: मेरे PA की हत्या सोची-समझी साजिश, भबानीपुर में ममता को हराने की मिली सजा: शुभेंदु अधिकारी

उन्होंने कहा, “जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल हुआ और भाजपा ने जिस तरीके से चुनाव लड़ा, वह बेहद चौंकाने वाला था। बंगाल में भाजपा ने जो किया, उसका ट्रायल पहले यूपी में भी देखने को मिला था।”

बंगाल चुनाव में BJP को बड़ी बढ़त

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 207 सीटों पर जीत दर्ज कर बड़ी सफलता हासिल की है। वहीं पिछले 15 वर्षों से सत्ता में रही टीएमसी इस बार 80 सीटों तक सिमट गई।

मेरे PA की हत्या सोची-समझी साजिश, भबानीपुर में ममता को हराने की मिली सजा: शुभेंदु अधिकारी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पुश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और BJP नेता शुभेंदु अधिकारी ने अपने निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या को “सुनियोजित साजिश” करार देते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि उनके सहयोगी को केवल इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह उनके साथ काम करते थे और उन्होंने भबानीपुर में मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को चुनाव में हराया था।

चंद्रनाथ रथ का पार्थिव शरीर अस्पताल से मध्यमग्राम स्थित उनके आवास लाए जाने के दौरान मीडिया से बातचीत में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यह हत्या बेहद योजनाबद्ध तरीके से की गई। उन्होंने कहा, “जिस तरह से हत्या को अंजाम दिया गया, उसकी जितनी निंदा की जाए कम है। उसे इसलिए मारा गया क्योंकि वह मेरा सहयोगी था। भबानीपुर में ममता बनर्जी को हराने की वजह से उसे निशाना बनाया गया।”

परिवार के लिए न्याय की मांग

भाजपा नेता ने कहा कि वह पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी चाहते हैं। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि चंद्रनाथ रथ को चार गोलियां मारी गई थीं।

अधिकारी ने कहा, “परिवार चाहता है कि हत्यारों को जल्द पकड़ा जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले। पोस्टमार्टम से साफ है कि यह हत्या पूरी योजना के तहत की गई।”

‘कई दिनों तक की गई रेकी’

शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं बल्कि एक टारगेट किलिंग थी। उनके अनुसार, हमलावरों ने कई दिनों तक रेकी की और फिर बेहद करीब से गोली मारकर हत्या की।

उन्होंने कहा, “यह पूरी तरह सुनियोजित ऑपरेशन था। पेशेवर अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी संकेत मिलते हैं कि हत्या इस तरह की गई ताकि मौके पर ही मौत सुनिश्चित हो जाए।”

‘रथ की कोई निजी दुश्मनी नहीं थी’

भाजपा नेता ने कहा कि चंद्रनाथ रथ का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और न ही उनकी किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि रथ की एकमात्र पहचान यही थी कि वह उनके साथ काम करते थे।

यह भी पढ़े: UP में जनगणना-2027 का शुभारंभ, CM योगी बोले- ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’

अधिकारी ने कहा कि परिवार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहता है और मामले में मृत्युदंड तक की मांग कर रहा है।

SIT गठित, CID भी जांच में शामिल

इस हत्याकांड की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। जांच में राज्य पुलिस के साथ-साथ CID अधिकारियों को भी शामिल किया गया है।

वहीं Praveen Kumar ने गुरुवार सुबह मध्यमग्राम में घटनास्थल का दौरा किया। राज्य के पुलिस महानिदेशक सिद्ध नाथ गुप्ता ने भी अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली, हालांकि उन्होंने जांच जारी होने का हवाला देते हुए ज्यादा जानकारी साझा नहीं की।

संदिग्ध वाहन जब्त

पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल होने के शक में एक चौपहिया वाहन जब्त किया है। वाहन की नंबर प्लेट सिलीगुड़ी की बताई जा रही है, लेकिन जांच एजेंसियों को शक है कि नंबर प्लेट फर्जी हो सकती है।

घटनास्थल से गोलियां और कारतूस के खोखे भी बरामद किए गए हैं। फोरेंसिक टीम ने वाहन और घटनास्थल से कई नमूने एकत्र किए हैं। जिस कार में चंद्रनाथ रथ यात्रा कर रहे थे, उसकी आगे की दोनों सीटों पर खून के धब्बे मिले हैं।

फिलहाल पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया है। जेसोर रोड और आसपास के इलाकों में आवाजाही पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए हैं और जांच एजेंसियां हर पहलू से मामले की जांच कर रही हैं।

UP में जनगणना-2027 का शुभारंभ, CM योगी बोले- ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ के संकल्प के साथ मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य की शुरुआत की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती नहीं, बल्कि समग्र और समावेशी विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय डेटा आधारित निर्णयों का है और जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़े शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन में देश में पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है। जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा।

07 मई से 21 मई तक मिलेगा स्वगणना का विकल्प

मुख्यमंत्री ने बताया कि आम नागरिकों को 07 मई से 21 मई 2026 तक स्वगणना (Self Enumeration) का विकल्प दिया गया है। इसके तहत लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कर्मी घर-घर जाकर आंकड़ों का सत्यापन और सूचीकरण कार्य करेंगे।

यह भी पढ़े: नाम खूब चला, लेकिन मंत्री सूची में नहीं मिली जगह; मैथिली ठाकुर से कोमल सिंह तक कई चेहरे रह गए बाहर

उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की विस्तृत गणना की जाएगी। इस बार की जनगणना में जातीय गणना को भी शामिल किया गया है। साथ ही पहली बार वन ग्रामों को भी जनगणना प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है।

डिजिटल तकनीक से होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान दौर में रियल टाइम डेटा की आवश्यकता बेहद महत्वपूर्ण है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और तेज बनाया गया है। इसके लिए विशेष जनगणना पोर्टल विकसित किया गया है, जिसके जरिए ग्राम और वार्ड स्तर तक निगरानी की जाएगी।

उत्तर प्रदेश में 25 करोड़ से अधिक आबादी

मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश की अनुमानित जनसंख्या वर्तमान में करीब 25 करोड़ 70 लाख है। जनगणना का कार्य प्रदेश के 18 मंडलों, 75 जिलों, 350 तहसीलों, 17 नगर निगमों, 745 नगरीय निकायों, 21 छावनी परिषदों, 57,694 ग्राम पंचायतों और लगभग 1.04 लाख राजस्व ग्रामों में संपन्न कराया जाएगा।

5 लाख से अधिक कार्मिक होंगे तैनात

जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए करीब 5.47 लाख कार्मिकों की तैनाती की जा रही है। इनमें 4.50 लाख प्रगणक, 85 हजार सुपरवाइजर और 12 हजार राज्य एवं जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा दोनों चरणों के लिए लगभग 5.35 लाख कार्मिकों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे जनगणना को राष्ट्रीय दायित्व मानते हुए इसमें सक्रिय सहयोग करें और सही व तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि विकास योजनाओं की सटीक रूपरेखा तैयार की जा सके।

नाम खूब चला, लेकिन मंत्री सूची में नहीं मिली जगह; मैथिली ठाकुर से कोमल सिंह तक कई चेहरे रह गए बाहर

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार की सम्राट चौधरी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में जहां कई नए चेहरों को मौका मिला, वहीं कुछ ऐसे नाम भी रहे जिनकी चर्चा लंबे समय से मंत्री बनने को लेकर हो रही थी, लेकिन अंतिम सूची में उन्हें जगह नहीं मिल सकी। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कुल 32 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली, जिनमें 13 नए चेहरे शामिल रहे।

कैबिनेट विस्तार से पहले बीजेपी और जेडीयू दोनों दलों में कई संभावित नामों को लेकर सियासी चर्चाएं तेज थीं। खासतौर पर बीजेपी की ओर से लोकप्रिय लोकगायिका और पहली बार विधायक बनीं मैथिली ठाकुर का नाम काफी चर्चा में था। दरभंगा जिले के अलीनगर सीट से विधायक बनी मैथिली ठाकुर को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें महिला और युवा चेहरे के तौर पर मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। हालांकि अंतिम सूची में उनका नाम शामिल नहीं हुआ।

बीजेपी खेमे से नीरज सिंह बबलू, जीवेश मिश्रा, अरवल विधायक मनोज शर्मा और तेघड़ा विधायक रजनीश सिंह के नाम भी मंत्री पद की दौड़ में बताए जा रहे थे। इसके अलावा महादलित समाज से कृष्ण कुमार ऋषि और संगीता कुमारी के नामों पर भी चर्चा हुई, लेकिन इन्हें भी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली।

जेडीयू में भी कई युवा चेहरे रह गए पीछे

जेडीयू की ओर से निशांत कुमार की एंट्री सबसे बड़ा सरप्राइज मानी जा रही है। डिप्टी सीएम पद का प्रस्ताव ठुकराने के बाद आखिरकार उन्होंने मंत्री पद स्वीकार कर लिया। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से चर्चा यह भी थी कि निशांत कुमार के करीबी युवा विधायकों की टीम से एक-दो नेताओं को मंत्री बनाया जा सकता है।

यह भी पढ़े: मंत्री बने निशांत कुमार, डिप्टी सीएम पद ठुकराने के बाद अब सम्राट सरकार में मिली बड़ी जिम्मेदारी

इन युवा चेहरों में रुहैल रंजन, अतिरेक कुमार, चेतन आनंद, कोमल सिंह, ऋतुराज कुमार और नचिकेता मंडल जैसे नाम शामिल थे। लेकिन अंततः इनमें से किसी को भी मौका नहीं मिला। जेडीयू ने अपने कोटे से ज्यादातर अनुभवी नेताओं पर भरोसा जताया और केवल निशांत कुमार, श्वेता गुप्ता और बुलो मंडल को पहली बार मंत्री बनाया।

बीजेपी कोटे से इन नेताओं ने ली शपथ

  • राम कृपाल यादव
  • केदार गुप्ता
  • नीतीश मिश्रा
  • मिथिलेश तिवारी
  • रमा निषाद
  • विजय कुमार सिन्हा
  • दिलीप जायसवाल
  • प्रमोद चंद्रवंशी
  • लखेन्द्र पासवान
  • संजय टाइगर
  • इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र
  • नंद किशोर राम
  • रामचंद्र प्रसाद
  • अरुण शंकर प्रसाद
  • श्रेयसी सिंह

जेडीयू कोटे से बने मंत्री

  • निशांत कुमार
  • श्रवण कुमार
  • अशोक चौधरी
  • लेसी सिंह
  • मदन सहनी
  • सुनील कुमार
  • जमा खान
  • भगवान सिंह कुशवाहा
  • शीला मंडल
  • दामोदर राउत
  • बुलो मंडल
  • रत्नेश सदा
  • श्वेता गुप्ता

सहयोगी दलों को भी मिला प्रतिनिधित्व

लोजपा (रामविलास) से संजय पासवान और संजय सिंह को मंत्री बनाया गया है। वहीं हम पार्टी से संतोष मांझी और आरएलएम से दीपक प्रकाश ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

मंत्री बने निशांत कुमार, डिप्टी सीएम पद ठुकराने के बाद अब सम्राट सरकार में मिली बड़ी जिम्मेदारी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का केंद्र बने निशांत कुमार अब आखिरकार सक्रिय राजनीति में उतर आए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को अपने मंत्रिमंडल का पहला विस्तार किया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने सभी नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

करीब तीन सप्ताह पहले जब सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी, उसी समय निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की अटकलें तेज थीं। हालांकि, उस वक्त निशांत कुमार ने यह कहते हुए डिप्टी सीएम बनने से इनकार कर दिया था कि वह पहले पूरे बिहार का दौरा कर जनता और संगठन को समझना चाहते हैं। इसके बाद जेडीयू ने वरिष्ठ नेताओं विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव को अहम जिम्मेदारी सौंपी थी।

सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट विस्तार से पहले जेडीयू के वरिष्ठ नेता संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने निशांत कुमार से कई दौर की बातचीत की। इसके बाद उन्होंने सरकार में शामिल होने की सहमति दी। अब राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि उन्हें कौन सा विभाग सौंपा जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो निशांत कुमार को वही मंत्रालय मिल सकते हैं, जो फिलहाल जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव के पास हैं। हालांकि विभागों का अंतिम बंटवारा जल्द घोषित किया जाएगा।

युवा चेहरों पर भी था मंथन

निशांत कुमार के शुरुआती इनकार के बाद जेडीयू के युवा विधायकों में से किसी एक को मंत्री बनाए जाने की चर्चा भी जोरों पर थी। पार्टी के युवा चेहरों में रुहैल रंजन, अतिरेक कुमार, चेतन आनंद, कोमल सिंह, ऋतुराज कुमार और नचिकेता मंडल जैसे नाम सामने आए थे। लेकिन अंततः पार्टी नेतृत्व ने निशांत कुमार को ही सरकार में शामिल करने का फैसला किया।

यह भी पढ़े: सम्राट चौधरी कैबिनेट विस्तार में बड़ा बदलाव, मंगल पांडेय समेत तीन नेताओं का नाम कटा

भाजपा कोटे से बने मंत्री

भाजपा की ओर से विजय कुमार सिन्हा, रामकृपाल यादव, केदार गुप्ता, नीतीश मिश्रा, मिथिलेश तिवारी, रमा निषाद, दिलीप जायसवाल, श्रेयसी सिंह, प्रमोद चंद्रवंशी, लखविंदर पासवान, संजय टाइगर, इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र, नंद किशोर राम, रामचंद्र प्रसाद और अरुण शंकर प्रसाद को मंत्री बनाया गया है।

जेडीयू कोटे से इन नेताओं को मिली जगह

जेडीयू की ओर से निशांत कुमार, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, रत्नेश सदा, मदन सहनी, लेसी सिंह, श्वेता गुप्ता, बुलो मंडल, दामोदर रावत, भगवान सिंह कुशवाहा, सुनील कुमार, शीला मंडल और जमा खान को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। वहीं विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव पहले से ही कैबिनेट का हिस्सा हैं।

सहयोगी दलों को भी मिला प्रतिनिधित्व

एनडीए के सहयोगी दलों को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। लोजपा (रामविलास) से संजय सिंह और संजय पासवान, हम पार्टी से संतोष सुमन तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा से दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया है। दीपक प्रकाश को उपेंद्र कुशवाहा के करीबी नेता के रूप में देखा जाता है।

सम्राट चौधरी कैबिनेट विस्तार में बड़ा बदलाव, मंगल पांडेय समेत तीन नेताओं का नाम कटा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार की राजनीति में गुरुवार को बड़ा राजनीतिक फेरबदल देखने को मिला। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कैबिनेट विस्तार में भारतीय जनता पार्टी ने कई पुराने चेहरों को बाहर का रास्ता दिखाते हुए नए नेताओं को मौका दिया है। भाजपा ने पूर्व मंत्री मंगल पांडेय, सुरेंद्र मेहता और नारायण प्रसाद को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया है।

मंगल पांडेय की छुट्टी से बढ़ी राजनीतिक चर्चा

पश्चिम बंगाल भाजपा प्रभारी और बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय को मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि बंगाल चुनाव में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन के बाद पार्टी उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। मंगल पांडेय पहले भाजपा युवा मोर्चा, बिहार भाजपा अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव जैसे अहम पद संभाल चुके हैं।

नीतीश मिश्रा और केदार गुप्ता की हुई वापसी

सम्राट चौधरी सरकार में पूर्व उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा और पूर्व पंचायती राज मंत्री केदार गुप्ता की वापसी हुई है। नीतीश मिश्रा पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के बेटे हैं और इससे पहले जदयू तथा भाजपा दोनों सरकारों में मंत्री रह चुके हैं। वहीं केदार गुप्ता मुजफ्फरपुर की कुढ़नी सीट से तीन बार विधायक हैं।

यह भी पढ़े: Kanpur: रेलिंग तोड़कर बस नहर में गिरी, खिड़कियों का शीशा तोड़कर बाहर निकले यात्री

भाजपा ने चार नए चेहरों को बनाया मंत्री

भाजपा ने इस बार चार नए विधायकों को पहली बार मंत्री पद की जिम्मेदारी दी है। इनमें भागलपुर के बिहपुर से विधायक इंजीनियर शैलेंद्र कुमार, गोपालगंज की बैकुंठपुर सीट से विधायक मिथिलेश तिवारी, पश्चिम चंपारण की रामनगर सीट से विधायक नंदकिशोर राम और दरभंगा की हायाघाट सीट से विधायक रामचंद्र प्रसाद शामिल हैं।

सुरेंद्र मेहता और नारायण प्रसाद भी बाहर

भाजपा ने बेगूसराय जिले के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र मेहता और पश्चिम चंपारण के नारायण प्रसाद को भी मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया है। सुरेंद्र मेहता पूर्व में पशुधन और मत्स्य विभाग संभाल चुके हैं, जबकि नारायण प्रसाद के पास आपदा प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी थी।

आज मिलेगा सभी विभागों को नया मंत्री

सम्राट चौधरी सरकार में अब तक सीमित मंत्री ही विभागों का कामकाज संभाल रहे थे। कैबिनेट विस्तार के बाद अब सभी विभागों को नए मंत्री मिल जाएंगे, जिससे प्रशासनिक कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

Kanpur: रेलिंग तोड़कर बस नहर में गिरी, खिड़कियों का शीशा तोड़कर बाहर निकले यात्री

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कानपुर के बिधनू क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। फैक्ट्री कर्मचारियों को लेकर जा रही एक निजी बस डंपर की टक्कर के बाद अनियंत्रित होकर रामगंगा नहर में जा गिरी। राहत की बात यह रही कि नहर में पानी कम होने की वजह से बस पूरी तरह नहीं डूबी और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

जानकारी के मुताबिक, बस चालक इंद्रपाल सुबह साड़-कुढ़नी क्षेत्र से करीब 19 कर्मचारियों को लेकर कानपुर देहात के रानियां स्थित ट्राई डेंट फैक्ट्री जा रहा था। जैसे ही बस बिधनू स्थित रामगंगा नहर पुल पर पहुंची, सामने से आए तेज रफ्तार डंपर ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही चालक बस से नियंत्रण खो बैठा और बस पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नहर में पलट गई।

यात्रियों और ग्रामीणों ने दिखाई बहादुरी

हादसे के बाद बस में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री बस के अंदर फंस गए। इस दौरान कुछ कर्मचारियों ने साहस दिखाते हुए बस की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए और बाहर निकलकर बस की छत पर पहुंच गए। आसपास मौजूद ग्रामीण भी तुरंत मदद के लिए नहर में उतर गए और एक-एक कर सभी यात्रियों को बाहर निकाला।

यह भी पढ़े: तमिलनाडु में कांग्रेस की जल्दबाजी पड़ी भारी? विजय के साथ गई और उधर स्टालिन ने कर दिया खेल?

सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची। पुल से सीढ़ी लगाकर रेस्क्यू अभियान चलाया गया और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

कई लोग घायल, अस्पताल में कराया भर्ती

हादसे में कई कर्मचारियों को मामूली चोटें आईं। घायलों को तत्काल सीएचसी बिधनू भेजा गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी की हालत खतरे से बाहर बताई गई।

क्रेन की मदद से बस निकालने का प्रयास

घटना के बाद पुलिस ने क्रेन मंगवाकर बस को नहर से बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू कर दी। हादसे के बाद बस चालक इंद्रपाल मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

थाना प्रभारी टीबी सिंह ने बताया कि हादसे में किसी की जान नहीं गई है और सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया है। मामले में तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।