न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आने के बाद राज्य में राजनीतिक हिंसा का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। अलग-अलग जिलों से झड़प, हमला और हत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अब तक कुल 6 लोगों की जान जा चुकी है।
राज्य के कई संवेदनशील इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है। खासतौर पर उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, बीरभूम और हावड़ा जिलों में स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है।
BJP और TMC के 3-3 कार्यकर्ताओं की मौत
अब तक सामने आए मामलों में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस, दोनों दलों के तीन-तीन कार्यकर्ताओं की मौत हुई है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का आरोप लगा रही हैं।
BJP कार्यकर्ताओं की मौत के मामले
भाजपा की ओर से दावा किया गया है कि चुनाव में जीत के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
सबसे चर्चित घटना उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम से सामने आई, जहां भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
इसके अलावा हावड़ा के उदयनारायणपुर में 45 वर्षीय यादव बोर पर उस वक्त हमला किया गया, जब वह जीत का जश्न मनाकर लौट रहे थे। हमलावरों ने उन पर धारदार हथियार से हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई।
तीसरा मामला न्यू टाउन इलाके का है, जहां विजय जुलूस के दौरान कथित मारपीट में भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की जान चली गई। भाजपा ने इन घटनाओं के लिए टीएमसी समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है।
TMC ने भी BJP पर लगाए आरोप
तृणमूल कांग्रेस ने भी अपने तीन कार्यकर्ताओं की हत्या का आरोप भाजपा समर्थकों पर लगाया है।
बीरभूम जिले के नानूर में हुई हिंसक झड़प में टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की मौत हो गई। पार्टी का आरोप है कि भाजपा समर्थकों ने धारदार हथियार से हमला किया।
कोलकाता के बेलघाटा क्षेत्र में बिस्वजीत पटनायक की हत्या को भी चुनावी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं दक्षिण 24 परगना के कैनिंग इलाके में शेख मुजीबुर का शव मिलने से इलाके में तनाव और बढ़ गया।
टीएमसी नेताओं का कहना है कि भाजपा कार्यकर्ता चुनाव परिणाम के बाद “विजिलेंटे जस्टिस” के नाम पर उनके समर्थकों को निशाना बना रहे हैं।
पुलिस ने 45 लोगों को हिरासत में लिया
राज्य पुलिस के मुताबिक, सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अब तक करीब 45 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और लगातार गश्त की जा रही है।
सबसे ज्यादा प्रभावित जिले
उत्तर 24 परगना
इस जिले में सबसे अधिक हिंसक घटनाएं दर्ज की गई हैं। कई इलाकों में तनाव बना हुआ है।
बीरभूम
राजनीतिक रूप से संवेदनशील माने जाने वाले बीरभूम में भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच लगातार संघर्ष की खबरें आ रही हैं।
हावड़ा और कैनिंग
इन इलाकों में आगजनी, बमबाजी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई हैं।
चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट
भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार और प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने कहा है कि नई सरकार के शपथ ग्रहण तक कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन की है।
राजनीतिक माहौल गरम
भाजपा का आरोप है कि टीएमसी चुनावी हार के बाद हिंसा पर उतर आई है, जबकि टीएमसी का कहना है कि भाजपा समर्थक बदले की राजनीति कर रहे हैं।
बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा का इतिहास पुराना रहा है, लेकिन इस बार सत्ता परिवर्तन के बाद भी हालात में सुधार नहीं दिख रहा। प्रशासन के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती हिंसा की इस कड़ी को रोकना है, ताकि स्थिति और न बिगड़े।



