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“कहां है पुष्पा?”: फाल्टा उपचुनाव से पहले CM शुभेंदु अधिकारी का TMC पर बड़ा हमला

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल की राजनीति में फाल्टा उपचुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ गया है। शुभेंदु अधिकारी ने एक रैली के दौरान टीएमसी और उसके नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और चुनावी हिंसा को बड़ा मुद्दा बनाया। फाल्टा में भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में आयोजित जनसभा में CM ने टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को “कुख्यात अपराधी” बताते हुए निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2019 के बाद हिंसा पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) द्वारा जारी सूची में जहांगीर खान का नाम शामिल था।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अब यह तथाकथित ‘पुष्पा’ कहीं दिखाई नहीं दे रहा। उसे मेरे भरोसे छोड़ दीजिए, मैं खुद देखूंगा।”

‘पुष्पा vs सिंघम’ विवाद क्या है?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब चुनाव आयोग द्वारा तैनात IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा ने मतदाताओं को डराने की शिकायत पर जहांगीर खान के ठिकानों का दौरा किया।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जहांगीर खान ने कहा था, “अगर वो सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं।” CM ने इसी बयान को लेकर कटाक्ष किया।

फाल्टा में दोबारा चुनाव क्यों?

भारत निर्वाचन आयोग ने 29 अप्रैल को हुए मतदान को रद्द कर दिया था। आरोप थे कि EVM से छेड़छाड़ हुई इसके अलावा मतदाताओं को धमकाया गया | जिसके बाद अब 21 मई 2026 को यहां पुनर्मतदान होना है।

अभिषेक बनर्जी पर आरोप

CM अधिकारी ने अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि ‘Leaps and Bounds’ कंपनी से जुड़ी 24 संपत्तियों का पूरा विवरण उनके पास है और जल्द जांच शुरू होगी।

कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख

CM ने कहा कि 2021 चुनाव हिंसा के मामलों को फिर से खोला जाएगा, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, 5 साल पुराने केस भी दोबारा जांच में आएंगे |

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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हैं, उन्हें बिना जांच के वापस आने की अनुमति नहीं मिलेगी।

धार्मिक मुद्दे भी उठाए

काकद्वीप में मां काली की मूर्ति से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए CM ने कहा कि धार्मिक भावनाओं के अपमान के मामलों को फिर से खोला जाएगा और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

फाल्टा के लिए विकास पैकेज

अपने भाषण के अंत में CM ने फाल्टा के लिए एक विशेष विकास पैकेज का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार “सिर्फ शासन नहीं, बल्कि न्याय स्थापित करने” के लिए काम कर रही है।

भारत-नेपाल सीमा पर राहत: 100 रुपये टैक्स नियम पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारत-नेपाल सीमा पर रहने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। नेपाल का सुप्रीम कोर्ट ने भारत से लाए जाने वाले सामान पर लगाए गए 100 नेपाली रुपये (NPR) के सीमा शुल्क नियम पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस फैसले से सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों और छोटे व्यापारियों को तत्काल राहत मिली है।

क्या था विवादित नियम?

नेपाल सरकार ने हाल ही में एक नियम लागू किया था, जिसके तहत अगर कोई व्यक्ति भारत से नेपाल में निजी उपयोग के लिए सामान लाता है और उसकी कीमत 100 NPR (करीब ₹62) से अधिक होती है, तो उस पर सीमा शुल्क देना अनिवार्य था। इस फैसले को लेकर सीमा क्षेत्रों में व्यापक असंतोष देखा गया।

 कोर्ट का क्या आदेश आया?

जस्टिस हरि प्रसाद फुयाल और टेक प्रसाद ढुंगाना की संयुक्त पीठ ने इस नियम पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अदालत ने प्रधानमंत्री कार्यालय, मंत्रिपरिषद, नेपाल का वित्त मंत्रालय और अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे फिलहाल इस नियम को लागू न करें।

क्यों चुनौती दी गई थी नीति?

इस नियम के खिलाफ दायर रिट याचिका में कहा गया कि 100 NPR से अधिक कीमत के सामान पर टैक्स लगाना सीमा शुल्क अधिनियम, 2081 के प्रावधानों के खिलाफ है, खासकर उन नियमों के जो व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुओं को छूट देते हैं।

सरकार का पक्ष और असर

यह नियम प्रधानमंत्री बलेंद्र बालेन शाह के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान लागू किया गया था। इसके बाद सशस्त्र पुलिस बल नेपाल (APF) और अन्य एजेंसियों ने सीमा चौकियों पर सख्त निगरानी शुरू कर दी थी।

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इसका सबसे ज्यादा असर तराई-मधेस के सीमावर्ती इलाकों में देखने को मिला, जहां लोगों को रोजमर्रा के सामान के लिए भी टैक्स देना पड़ रहा था। छोटी खरीदारी पर भी फॉर्म भरने, लंबी कतारों में लगने और जांच का सामना करना पड़ रहा था।

आम लोगों को क्या दिक्कतें हुईं?

  • छोटे व्यापारियों और स्थानीय दुकानदारों पर अतिरिक्त बोझ
  • सीमावर्ती बाजारों में व्यापार प्रभावित
  • साप्ताहिक बाजार से लौटने वालों की सख्त जांच
  • बैग और सामान की चेकिंग से लंबी लाइनें

अब क्या बदलेगा?

सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद:

  • फिलहाल 100 NPR टैक्स नियम लागू नहीं होगा
  • सीमा पर लोगों को राहत मिलेगी
  • छोटे व्यापार और दैनिक जीवन सामान्य होने की उम्मीद

यह फैसला सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां इस नियम पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

होर्मुज की खाड़ी पार कर 20 हजार टन LPG लेकर भारत पहुँचा जहाज़, युद्ध के बीच सुरक्षित ऑपरेशन

न्यूज़ डेक्स/सर्वोय न्यूज़:- मिडिल ईस्ट में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला एलपीजी कार्गो जहाज़ सिमी (Symi) रविवार सुबह दीनदयाल बंदरगाह पर सुरक्षित तरीके से पहुँच गया। यह जहाज़ 13 मई 2026 को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुज़रा, जो इन दिनों युद्ध के कारण बेहद संवेदनशील बना हुआ है।

यह खेप इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने कतर के रास लफ्फान टर्मिनल से खरीदी थी। जहाज़ में करीब 20,000 टन एलपीजी (प्रोपेन और ब्यूटेन) लदा है। राहत की बात यह रही कि जहाज़ पर मौजूद 21 विदेशी क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं।

खतरनाक इलाके से कैसे निकला जहाज़

सूत्रों के मुताबिक, युद्धग्रस्त क्षेत्र से गुजरते समय जहाज़ ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। इस रणनीति के जरिए वह निगरानी से बचते हुए ईरान के लारक द्वीप के पूर्वी हिस्से से सुरक्षित आगे बढ़ सका।

कई मंत्रालयों का समन्वय

इस मिशन को सफल बनाने में भारत सरकार के कई विभागों ने मिलकर काम किया। डीजी शिपिंग, विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय के बीच लगातार तालमेल बना रहा। अधिकारियों के अनुसार, 24 घंटे की निगरानी और समन्वय के चलते जहाज़ को किसी भी संभावित खतरे से बचाया गया।

एक के बाद एक जहाज़ों की आवाजाही

मार्च की शुरुआत से अब तक यह 13वां जहाज़ है जिसने इस जोखिम भरे मार्ग को पार कर भारत तक पहुँच बनाई है। इसके पीछे वियतनाम का एलपीजी टैंकर NV Sunshine भी आ रहा है, जो 46,000 टन से अधिक ईंधन लेकर न्यू मैंगलोर पोर्ट की ओर बढ़ रहा है।

घटते भंडार के बीच राहत

पिछले करीब 75 दिनों से पश्चिम एशिया के समुद्री रास्तों में बाधा के कारण भारत के तेल और गैस भंडार पर दबाव बढ़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रीय भंडार में करीब 15% तक की गिरावट आई है। युद्ध से पहले जहां देश के पास 10.7 करोड़ बैरल कच्चा तेल था, वहीं अब यह घटकर करीब 9.1 करोड़ बैरल रह गया है।

इसी स्थिति को देखते हुए नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से ईंधन की बचत करने की अपील भी की थी।

इस बीच सिमी जैसे जहाज़ का सुरक्षित भारत पहुँचना ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज़ से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

बेरोजगार युवाओं को ‘कॉकरोच’ बताने वाले विवाद पर CJI सूर्यकांत की सफाई, बोले

न्यूज़ डेक्स/सर्वोदय न्यूज़:- भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने बेरोजगार युवाओं को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान पर सफाई पेश की है। उन्होंने कहा कि उनकी मौखिक टिप्पणी को मीडिया के एक वर्ग ने गलत तरीके से पेश किया और उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, CJI सूर्यकांत ने कहा कि उन्होंने देश के युवाओं की आलोचना नहीं की थी, बल्कि उन लोगों पर टिप्पणी की थी जो फर्जी और नकली डिग्रियों के जरिए प्रतिष्ठित पेशों में प्रवेश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “मुझे यह देखकर दुख हुआ कि मेरी मौखिक टिप्पणियों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया। मैंने विशेष रूप से उन लोगों की आलोचना की थी, जिन्होंने फर्जी डिग्रियों के जरिए वकालत जैसे पेशों में जगह बनाई है।”

क्या था पूरा मामला?

दरअसल, शुक्रवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत की एक टिप्पणी चर्चा में आ गई थी। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उन्होंने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से की और कहा कि ऐसे लोग आगे चलकर मीडिया, सोशल मीडिया और RTI एक्टिविस्ट बनकर व्यवस्था पर हमला करते हैं।

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इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और कई लोगों ने इसे युवाओं का अपमान बताया।

CJI ने क्या कहा?

CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि उनका इशारा युवाओं की ओर नहीं था। उन्होंने कहा कि समाज के कई प्रतिष्ठित क्षेत्रों में ऐसे लोग घुसपैठ कर चुके हैं जो गलत तरीकों से आगे बढ़े हैं और वे “परजीवियों” की तरह व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि देश के युवाओं के खिलाफ टिप्पणी करने का सवाल ही नहीं उठता और मीडिया में जो रिपोर्टिंग हुई, वह भ्रामक थी।

सोशल मीडिया पर जारी है बहस

इस बयान और उसके बाद आई सफाई को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। एक पक्ष CJI की सफाई को सही ठहरा रहा है, जबकि कुछ लोग मानते हैं कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को शब्दों का चयन बेहद सावधानी से करना चाहिए।

भारत में छिपा है तेल-गैस का विशाल भंडार, यहाँ शुरू होगा बड़ा सर्वे अभियान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कड़ी निगरानी के बीच भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। कच्चे तेल और एलपीजी सप्लाई पर असर पड़ने के बाद केंद्र सरकार अब देश के पूर्वी समुद्री क्षेत्रों में छिपे तेल और प्राकृतिक गैस के भंडार खोजने की तैयारी में जुट गई है।

सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (DGH) बंगाल की खाड़ी और पूर्वी तट के कई समुद्री क्षेत्रों में व्यापक भूगर्भीय सर्वेक्षण शुरू करने जा रहा है। इस परियोजना के लिए 14 मई 2026 को टेंडर जारी किए गए हैं।

क्या है पूरा प्रोजेक्ट?

यह सर्वे तकनीकी रूप से “2D ब्रॉडबैंड मरीन सीस्मिक एंड ग्रेविटी-मैग्नेटिक डेटा एक्विजिशन, प्रोसेसिंग एंड इंटरप्रिटेशन” परियोजना कहलाती है। आसान शब्दों में समझें तो यह समुद्र के नीचे छिपे तेल और गैस भंडारों की खोज के लिए हाईटेक स्कैनिंग मिशन है।

इस दौरान विशेष जहाज समुद्र में लंबे केबलनुमा उपकरण यानी स्ट्रीमर्स छोड़ेंगे। ये उपकरण ध्वनि तरंगें समुद्र की गहराई में भेजेंगे और चट्टानों से टकराकर लौटने वाली तरंगों को रिकॉर्ड करेंगे। वैज्ञानिक इन संकेतों के आधार पर समुद्र तल के नीचे मौजूद संरचनाओं की विस्तृत तस्वीर तैयार करेंगे।

लाखों किलोमीटर क्षेत्र में होगा सर्वे

यह अभियान अगले दो वर्षों तक चल सकता है। अलग-अलग बेसिन में बड़े पैमाने पर सर्वे की योजना बनाई गई है।

  • बंगाल-पूर्णिया और महानदी बेसिन – 45,000 लाइन किलोमीटर
  • अंडमान बेसिन – 43,000 एलकेएम
  • कृष्णा-गोदावरी (KG) बेसिन – 43,000 एलकेएम
  • कावेरी बेसिन – 30,000 एलकेएम

क्यों अहम है यह मिशन?

भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। गैस के मामले में भी देश काफी हद तक आयात पर निर्भर है। ऐसे में वैश्विक तनाव, युद्ध या सप्लाई बाधित होने का सीधा असर पेट्रोल-डीजल, गैस सिलेंडर और महंगाई पर पड़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का पूर्वी समुद्री तट अभी भी काफी हद तक अनछुआ है। आधुनिक सीस्मिक तकनीक के जरिए यहां नए ऊर्जा स्रोत मिलने की संभावना बढ़ गई है।

इन 5 क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा उम्मीद

1. बंगाल अपतटीय बेसिन

यहां मोटी तलछटी परतें मौजूद हैं और कई स्तरों पर गैस के संकेत पहले भी मिल चुके हैं। वैज्ञानिकों को बड़े हाइड्रोकार्बन भंडार मिलने की उम्मीद है।

2. महानदी बेसिन

इसे व्यावसायिक उत्पादन के लिहाज से बेहद संभावनाशील क्षेत्र माना जा रहा है। गहरे पानी के गैस भंडार यहां मौजूद हो सकते हैं।

3. अंडमान बेसिन

म्यांमार और इंडोनेशिया के गैस क्षेत्रों जैसी भूगर्भीय संरचना होने के कारण यहां बड़े गैस भंडार मिलने की संभावना जताई जा रही है। मीथेन हाइड्रेट्स भी यहां मौजूद बताए जाते हैं।

4. कृष्णा-गोदावरी (KG) बेसिन

यह पहले से भारत का प्रमुख गैस उत्पादक क्षेत्र है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसके गहरे हिस्सों में अभी भी बड़े भंडार छिपे हो सकते हैं।

5. कावेरी बेसिन

यह क्षेत्र पहले से पेट्रोलियम उत्पादन के लिए जाना जाता है, लेकिन गहरे समुद्री इलाकों में अभी और खोज की संभावना बनी हुई है।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा सहारा

अगर इस सर्वे में बड़े तेल और गैस भंडार मिलते हैं, तो भारत की विदेशी आयात पर निर्भरता कम हो सकती है। इससे लंबे समय में ईंधन कीमतों को स्थिर रखने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिलेगी।

Aaj Ka Rashifal 16 May 2026: मेष में मंगल-चंद्रमा की युति, मकर और कुंभ समेत कई राशियों को होगा लाभ

Aaj Ka Rashifal 16 May 2026: आज ग्रहों की चाल कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आई है। आज मंगल और चंद्रमा मेष राशि में विराजमान हैं। चंद्रमा भरणी नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं, जिसका स्वामी शुक्र है। मंगल और चंद्रमा की यह युति लोगों में ऊर्जा, उत्साह और भावनात्मक उतार-चढ़ाव बढ़ा सकती है। ज्योतिषीय दृष्टि से आज लोगों को अपने व्यवहार और रिश्तों में संयम बरतने की सलाह दी गई है।

वहीं सूर्य और बुध वृषभ राशि में, शुक्र और गुरु मिथुन राशि में, केतु सिंह राशि में, राहु कुंभ राशि में और शनि मीन राशि में स्थित हैं। ग्रहों के कई विशेष योग बनने से अधिकांश राशियों पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का आज का राशिफल।

मेष राशि

आज का दिन खुशियों से भरा रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा और जीवन में सकारात्मकता महसूस होगी। प्रेम संबंध मजबूत होंगे और संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। व्यापार में लाभ के योग बन रहे हैं। लाल रंग की वस्तु अपने पास रखना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

खर्चों में वृद्धि हो सकती है, खासकर फैशन और लाइफस्टाइल से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। हालांकि परिवार और प्रेम संबंधों में नजदीकियां बनी रहेंगी। कारोबार की स्थिति अच्छी रहेगी। हरे रंग की वस्तु पास रखना लाभदायक होगा।

मिथुन राशि

स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रेम जीवन अच्छा रहेगा, लेकिन रिश्तों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। व्यापारिक मामलों में सफलता मिलने के संकेत हैं। पीली वस्तु का दान करना शुभ माना गया है।

कर्क राशि

आज शुभ कार्यों में धन खर्च हो सकता है। हालांकि जरूरत से ज्यादा खर्च आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में सफलता मिलने की संभावना है। व्यापार में मजबूती आएगी। लाल वस्तु रखना लाभकारी रहेगा।

सिंह राशि

भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। यात्रा के योग बन रहे हैं और कोई अच्छी खबर मिल सकती है। राजनीति और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा। प्रेम, स्वास्थ्य और कारोबार के लिहाज से दिन अनुकूल रहेगा। लाल वस्तु पास रखें।

कन्या राशि

आज सतर्क रहने की आवश्यकता है। चोट या किसी परेशानी की आशंका बनी हुई है। जल्दबाजी से बचें। प्रेम संबंध और व्यापार सामान्य से बेहतर रहेंगे। लाल वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

तुला राशि

जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे। नौकरी और करियर में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। प्रेम संबंधों में मुलाकात और खुशी के अवसर बनेंगे। बजरंगबली की पूजा करना लाभदायक रहेगा।

वृश्चिक राशि

शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा। बुजुर्गों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य थोड़ा प्रभावित रह सकता है, लेकिन व्यापारिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी। हरे रंग की वस्तु अपने पास रखें।

धनु राशि

विद्यार्थियों के लिए दिन शुभ साबित होगा। प्रेम संबंधों में भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा, वरना विवाद हो सकता है। संतान को लेकर थोड़ी चिंता बनी रह सकती है। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। लाल वस्तु पास रखना शुभ रहेगा।

मकर राशि

भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। हालांकि पारिवारिक मामलों में विवाद की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और कारोबार में उन्नति होगी। मां काली की पूजा करना लाभकारी माना गया है।

कुंभ राशि

आज मेहनत का पूरा फल मिलेगा। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के योग हैं। स्वास्थ्य में सुधार महसूस होगा। प्रेम और पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। लाल वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

मीन राशि

आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा। व्यापार और प्रेम संबंधों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। लाल वस्तु पास रखना लाभदायक रहेगा।

मंत्रालय बंटवारे में देरी पर अखिलेश यादव का तंज, बोले- क्या विभागों की ‘पर्ची’ भी ऊपर से आएगी?

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने उत्तर प्रदेश में नए मंत्रियों को विभाग आवंटित करने में हो रही देरी को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि पहले मंत्रियों के नाम “ऊपर से” तय होते थे, अब क्या उनके विभागों की “पर्ची” भी ऊपर से आएगी?

उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रालयों के बंटवारे में देरी की वजह विभागों में होने वाली कथित “कमीशन-कमाई” को लेकर डबल इंजन सरकार के भीतर चल रही खींचतान है।

‘नए मंत्री सिर्फ दर्शक बने हुए हैं’

अखिलेश यादव ने कहा कि हाल ही में बनाए गए मंत्री अभी तक सिर्फ दर्शक की भूमिका में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का “डबल इंजन” बाकी मंत्रियों को भी “डब्बा” कर देता है।

सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब नए मंत्रियों के कामकाज पर नजर रखेगी और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ दस्तावेजों के साथ ऑडियो-वीडियो सबूत भी जुटाए जाएंगे।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार पर रोक लगाने वाली संस्थाओं को कमजोर कर दिया है, जिसके कारण लोगों को अब सोशल मीडिया और सिटिजन जर्नलिज्म का सहारा लेना पड़ रहा है।

भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

Akhilesh Yadav ने कहा कि भाजपा को लग रहा है कि यह उसका आखिरी कार्यकाल है, इसलिए उसके नेता “दसों हाथों से पैसा बटोरना” चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि जागरूक जनता भाजपा को अपने “मंसूबों” में सफल नहीं होने देगी।

दिल्ली दौरे पर रहे योगी आदित्यनाथ

इधर Yogi Adityanath ने गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Navin से मुलाकात की।

सूत्रों के अनुसार इस बैठक में नए मंत्रियों को विभाग आवंटित करने और कुछ पुराने विभागों में फेरबदल को लेकर चर्चा हुई। साथ ही आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी बातचीत की गई।

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बताया जा रहा है कि विभागों के बंटवारे से जुड़े ज्यादातर मुद्दों को सुलझा लिया गया है और जल्द ही नए मंत्रियों को विभाग सौंपे जा सकते हैं।

11 मई को हुआ था कैबिनेट विस्तार

गौरतलब है कि 11 मई को Yogi Adityanath सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा कैबिनेट विस्तार हुआ था। इस दौरान छह नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी, जबकि दो मंत्रियों को राज्यमंत्री से स्वतंत्र प्रभार का दर्जा दिया गया।

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Bhupendra Chaudhary और सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए Mangal Pandey को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।

NEET UG 2026 में बड़े बदलाव: फीस रिफंड, फ्री रजिस्ट्रेशन और अगले साल से ऑनलाइन परीक्षा

National Testing Agency द्वारा आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने कई अहम बदलावों की घोषणा की है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने बताया कि NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।

इसके साथ ही सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और छात्र हितैषी बनाने के लिए कई नई सुविधाओं और नियमों का ऐलान किया है।

अगले साल से होगी ऑनलाइन CBT परीक्षा

शिक्षा मंत्री ने बताया कि अगले साल से NEET UG परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराई जाएगी। इसका उद्देश्य पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाना और परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाना है।

छात्रों को नहीं देनी होगी दोबारा फीस

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों ने पहले ही आवेदन कर दिया था, उन्हें री-एग्जाम के लिए दोबारा फीस नहीं देनी होगी। इसके अलावा जिन अभ्यर्थियों ने फीस से जुड़ी शिकायतें की थीं, उन्हें फीस रिफंड भी दिया जाएगा।

इतना ही नहीं, नया रजिस्ट्रेशन पूरी तरह मुफ्त रखा गया है ताकि छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

14 जून तक जारी होंगे एडमिट कार्ड

सरकार के मुताबिक सभी उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे। इससे छात्रों को परीक्षा की तैयारी और यात्रा की योजना बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।

इस बार छात्रों को अपनी पसंद का परीक्षा केंद्र चुनने का विकल्प भी मिलेगा। पहले कई छात्रों ने दूरदराज शहरों में सेंटर मिलने की शिकायत की थी, जिसके बाद यह बदलाव किया गया है।

परीक्षा में मिलेगा अतिरिक्त समय

NEET UG 2026 री-एग्जाम में छात्रों को 15 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा। माना जा रहा है कि सुरक्षा जांच और नई प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

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इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, डिजिटल निगरानी और सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी।

सरकार ने मानी पेपर लीक की बात

केंद्र सरकार ने स्वीकार किया है कि इस बार “गेस पेपर” के नाम पर असली प्रश्न बाजार में पहुंचे थे। शिक्षा मंत्री ने बताया कि 3 मई को परीक्षा के बाद 7 मई को National Testing Agency को शिकायत मिली थी कि बाजार में घूम रहे कुछ सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खा रहे हैं।

इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने जांच शुरू करवाई और मामला सरकारी एजेंसियों को सौंप दिया गया।

12 मई तक जांच में हुई पुष्टि

सरकार के अनुसार विभिन्न राज्यों की जांच एजेंसियों से मिली जानकारी के बाद 12 मई तक यह स्पष्ट हो गया था कि असली प्रश्नपत्र लीक हुआ था। इसके बाद परीक्षा रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर मेहनती छात्रों का भविष्य खराब नहीं होने देना चाहती और शिक्षा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

उन्नाव रेप केस में कुलदीप सेंगर को बड़ा झटका

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- Unnao rape case में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व भाजपा विधायक Kuldeep Singh Sengar को राहत देने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant और Justice Joymalya Bagchi की बेंच ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित करना उचित नहीं था।

सुप्रीम कोर्ट ने CBI की अपील स्वीकार की

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने Central Bureau of Investigation यानी CBI की अपील स्वीकार करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट को निर्देश दिया था कि सेंगर की सजा के खिलाफ दाखिल अपील पर तीन महीने के भीतर फैसला सुनाया जाए। यदि ऐसा संभव न हो तो सजा निलंबन पर नया आदेश पारित किया जाए।

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गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में Delhi High Court ने सेंगर को जमानत देने और उनकी उम्रकैद की सजा निलंबित करने का आदेश दिया था। इस फैसले के बाद पीड़िता और कई सामाजिक संगठनों ने नाराजगी जताई थी। इसके बाद CBI ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

सुनवाई के दौरान क्या हुई बहस?

रिपोर्ट्स के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सेंगर की ओर से वरिष्ठ वकील एन. हरिहरन ने दलील दी कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग नहीं थी।

हालांकि CBI की ओर से पेश हुए Tushar Mehta ने इस तर्क का विरोध किया। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट का यह मानना गलत है कि विधायक ‘पब्लिक सर्वेंट’ की श्रेणी में नहीं आता।

सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि हाईकोर्ट का अत्यधिक तकनीकी दृष्टिकोण सही नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि POCSO Act बच्चों की सुरक्षा के उद्देश्य से बनाया गया कानून है और इसकी भावना को ध्यान में रखना जरूरी है।

यूपी में आंधी-तूफान से भारी तबाही, 111 लोगों की मौत

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पिछले 36 से 48 घंटों के दौरान तेज आंधी, भारी बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने भारी तबाही मचा दी। 13 और 14 मई को आए इस भीषण प्राकृतिक संकट में अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार राज्य के 26 जिलों में कुल 111 लोगों की जान गई है, जबकि 72 लोग घायल हुए हैं।

इस आपदा में कई मकान क्षतिग्रस्त हुए, पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए तथा पशुधन को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राज्य सरकार राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चला रही है।

पुतिन समेत कई देशों ने जताई संवेदना

उत्तर प्रदेश में आई इस त्रासदी की गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंची है। रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने राष्ट्रपति Droupadi Murmu और प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र भेजकर गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

क्रेमलिन द्वारा जारी बयान में पुतिन ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आए भीषण तूफान और चक्रवात से हुई जनहानि पर उन्हें गहरा दुख है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त Simon Wong ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर विशेष रूप से बरेली समेत प्रभावित क्षेत्रों में हुई तबाही पर दुख जताया।

वहीं United Arab Emirates के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर भारत के साथ एकजुटता दिखाई और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री योगी ने दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश

Yogi Adityanath ने बेमौसम बारिश, आंधी और बिजली गिरने से हुई जनहानि का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और संभागीय आयुक्तों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। राहत आयुक्त कार्यालय लगातार जिलों के साथ समन्वय बनाकर स्थिति की निगरानी कर रहा है।

किन जिलों में सबसे ज्यादा मौतें?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा मौतें प्रयागराज में हुई हैं, जहां 26 लोगों की जान गई। इसके अलावा भदोही में 16, फतेहपुर में 9, बदायूं में 5, प्रतापगढ़ में 4, चंदौली और कुशीनगर में 2-2 तथा सोनभद्र में 1 व्यक्ति की मौत दर्ज की गई है।

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कई जिलों में दीवार गिरने, पेड़ टूटने और बिजली गिरने की घटनाओं में लोगों की जान गई। कानपुर देहात और देवरिया में भी अलग-अलग हादसों में कई लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

राज्य सरकार ने बीमा कंपनियों, कृषि विभाग और राजस्व विभाग को नुकसान का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को मौसम को देखते हुए पूरी तरह सतर्क रहने के लिए कहा गया है।