न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल की राजनीति में फाल्टा उपचुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ गया है। शुभेंदु अधिकारी ने एक रैली के दौरान टीएमसी और उसके नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और चुनावी हिंसा को बड़ा मुद्दा बनाया। फाल्टा में भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में आयोजित जनसभा में CM ने टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को “कुख्यात अपराधी” बताते हुए निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2019 के बाद हिंसा पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) द्वारा जारी सूची में जहांगीर खान का नाम शामिल था।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अब यह तथाकथित ‘पुष्पा’ कहीं दिखाई नहीं दे रहा। उसे मेरे भरोसे छोड़ दीजिए, मैं खुद देखूंगा।”
‘पुष्पा vs सिंघम’ विवाद क्या है?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब चुनाव आयोग द्वारा तैनात IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा ने मतदाताओं को डराने की शिकायत पर जहांगीर खान के ठिकानों का दौरा किया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जहांगीर खान ने कहा था, “अगर वो सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं।” CM ने इसी बयान को लेकर कटाक्ष किया।
फाल्टा में दोबारा चुनाव क्यों?
भारत निर्वाचन आयोग ने 29 अप्रैल को हुए मतदान को रद्द कर दिया था। आरोप थे कि EVM से छेड़छाड़ हुई इसके अलावा मतदाताओं को धमकाया गया | जिसके बाद अब 21 मई 2026 को यहां पुनर्मतदान होना है।
अभिषेक बनर्जी पर आरोप
CM अधिकारी ने अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि ‘Leaps and Bounds’ कंपनी से जुड़ी 24 संपत्तियों का पूरा विवरण उनके पास है और जल्द जांच शुरू होगी।
कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख
CM ने कहा कि 2021 चुनाव हिंसा के मामलों को फिर से खोला जाएगा, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, 5 साल पुराने केस भी दोबारा जांच में आएंगे |
यह भी पढ़े: भारत-नेपाल सीमा पर राहत: 100 रुपये टैक्स नियम पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हैं, उन्हें बिना जांच के वापस आने की अनुमति नहीं मिलेगी।
धार्मिक मुद्दे भी उठाए
काकद्वीप में मां काली की मूर्ति से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए CM ने कहा कि धार्मिक भावनाओं के अपमान के मामलों को फिर से खोला जाएगा और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
फाल्टा के लिए विकास पैकेज
अपने भाषण के अंत में CM ने फाल्टा के लिए एक विशेष विकास पैकेज का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार “सिर्फ शासन नहीं, बल्कि न्याय स्थापित करने” के लिए काम कर रही है।



