लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पिछले 36 से 48 घंटों के दौरान तेज आंधी, भारी बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने भारी तबाही मचा दी। 13 और 14 मई को आए इस भीषण प्राकृतिक संकट में अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार राज्य के 26 जिलों में कुल 111 लोगों की जान गई है, जबकि 72 लोग घायल हुए हैं।
इस आपदा में कई मकान क्षतिग्रस्त हुए, पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए तथा पशुधन को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राज्य सरकार राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चला रही है।
पुतिन समेत कई देशों ने जताई संवेदना
उत्तर प्रदेश में आई इस त्रासदी की गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंची है। रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने राष्ट्रपति Droupadi Murmu और प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र भेजकर गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
क्रेमलिन द्वारा जारी बयान में पुतिन ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आए भीषण तूफान और चक्रवात से हुई जनहानि पर उन्हें गहरा दुख है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त Simon Wong ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर विशेष रूप से बरेली समेत प्रभावित क्षेत्रों में हुई तबाही पर दुख जताया।
वहीं United Arab Emirates के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर भारत के साथ एकजुटता दिखाई और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री योगी ने दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश
Yogi Adityanath ने बेमौसम बारिश, आंधी और बिजली गिरने से हुई जनहानि का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और संभागीय आयुक्तों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। राहत आयुक्त कार्यालय लगातार जिलों के साथ समन्वय बनाकर स्थिति की निगरानी कर रहा है।
किन जिलों में सबसे ज्यादा मौतें?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा मौतें प्रयागराज में हुई हैं, जहां 26 लोगों की जान गई। इसके अलावा भदोही में 16, फतेहपुर में 9, बदायूं में 5, प्रतापगढ़ में 4, चंदौली और कुशीनगर में 2-2 तथा सोनभद्र में 1 व्यक्ति की मौत दर्ज की गई है।
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कई जिलों में दीवार गिरने, पेड़ टूटने और बिजली गिरने की घटनाओं में लोगों की जान गई। कानपुर देहात और देवरिया में भी अलग-अलग हादसों में कई लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
राज्य सरकार ने बीमा कंपनियों, कृषि विभाग और राजस्व विभाग को नुकसान का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को मौसम को देखते हुए पूरी तरह सतर्क रहने के लिए कहा गया है।



