Friday, May 15, 2026

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NEET UG 2026 में बड़े बदलाव: फीस रिफंड, फ्री रजिस्ट्रेशन और अगले साल से ऑनलाइन परीक्षा

National Testing Agency द्वारा आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने कई अहम बदलावों की घोषणा की है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने बताया कि NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।

इसके साथ ही सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और छात्र हितैषी बनाने के लिए कई नई सुविधाओं और नियमों का ऐलान किया है।

अगले साल से होगी ऑनलाइन CBT परीक्षा

शिक्षा मंत्री ने बताया कि अगले साल से NEET UG परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराई जाएगी। इसका उद्देश्य पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाना और परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाना है।

छात्रों को नहीं देनी होगी दोबारा फीस

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों ने पहले ही आवेदन कर दिया था, उन्हें री-एग्जाम के लिए दोबारा फीस नहीं देनी होगी। इसके अलावा जिन अभ्यर्थियों ने फीस से जुड़ी शिकायतें की थीं, उन्हें फीस रिफंड भी दिया जाएगा।

इतना ही नहीं, नया रजिस्ट्रेशन पूरी तरह मुफ्त रखा गया है ताकि छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

14 जून तक जारी होंगे एडमिट कार्ड

सरकार के मुताबिक सभी उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे। इससे छात्रों को परीक्षा की तैयारी और यात्रा की योजना बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।

इस बार छात्रों को अपनी पसंद का परीक्षा केंद्र चुनने का विकल्प भी मिलेगा। पहले कई छात्रों ने दूरदराज शहरों में सेंटर मिलने की शिकायत की थी, जिसके बाद यह बदलाव किया गया है।

परीक्षा में मिलेगा अतिरिक्त समय

NEET UG 2026 री-एग्जाम में छात्रों को 15 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा। माना जा रहा है कि सुरक्षा जांच और नई प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

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इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, डिजिटल निगरानी और सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी।

सरकार ने मानी पेपर लीक की बात

केंद्र सरकार ने स्वीकार किया है कि इस बार “गेस पेपर” के नाम पर असली प्रश्न बाजार में पहुंचे थे। शिक्षा मंत्री ने बताया कि 3 मई को परीक्षा के बाद 7 मई को National Testing Agency को शिकायत मिली थी कि बाजार में घूम रहे कुछ सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खा रहे हैं।

इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने जांच शुरू करवाई और मामला सरकारी एजेंसियों को सौंप दिया गया।

12 मई तक जांच में हुई पुष्टि

सरकार के अनुसार विभिन्न राज्यों की जांच एजेंसियों से मिली जानकारी के बाद 12 मई तक यह स्पष्ट हो गया था कि असली प्रश्नपत्र लीक हुआ था। इसके बाद परीक्षा रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर मेहनती छात्रों का भविष्य खराब नहीं होने देना चाहती और शिक्षा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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