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Gold Silver Price Today: सोना हुआ सस्ता, चांदी 3400 रुपये से ज्यादा टूटी, जानें आज का ताजा भाव

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सर्राफा बाजार से लेकर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) तक दोनों कीमती धातुओं के दाम नीचे आए हैं। खासतौर पर चांदी की कीमत में 3 हजार रुपये से अधिक की गिरावट ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।

24 कैरेट सोने का ताजा भाव

इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत मंगलवार को 900 रुपये प्रति 10 ग्राम गिरकर 1,57,722 रुपये पर पहुंच गई। इससे पहले सोमवार को इसका भाव 1,58,622 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

चांदी का भाव 3404 रुपये टूटा

चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। सोमवार को चांदी का रेट 2,69,754 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो मंगलवार को घटकर 2,66,350 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। यानी एक दिन में चांदी 3,404 रुपये सस्ती हो गई।

23 से 14 कैरेट तक गोल्ड के नए रेट

IBJA की ओर से जारी ताजा कीमतों के अनुसार:

  • 23 कैरेट सोना: 1,57,090 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना: 1,44,473 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 18 कैरेट सोना: 1,18,292 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 14 कैरेट सोना: 92,267 रुपये प्रति 10 ग्राम

MCX और इंटरनेशनल मार्केट में भी दबाव

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोना और चांदी दोनों दबाव में दिखे। सोने की कीमत करीब आधा प्रतिशत तक फिसली, जबकि चांदी में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गोल्ड और सिल्वर के दाम कमजोर रहे, जिसका असर घरेलू बाजार पर देखने को मिला।

क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर पड़ रहा है। खबर है कि अमेरिका ने ईरान पर फिर हमला किया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो वैश्विक महंगाई पर असर पड़ सकता है। बढ़ती महंगाई और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशकों का रुख बदल रहा है, जिसका असर सोने और चांदी की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।

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CM योगी का मैसेज मिलते ही सड़को पर उतरे अफसर, DM और SP ने किया पैदल मार्च

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बकरीद से पहले उत्तर प्रदेश का संभल जिला पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की सख्त गाइडलाइन के बाद प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। सोमवार शाम डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई खुद सड़कों पर उतरे और भारी पुलिस फोर्स के साथ संवेदनशील इलाकों में पैदल मार्च किया।

संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी

प्रशासन ने संभल शहर के मुख्य बाजारों, मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और व्यापारियों से बातचीत कर शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। साथ ही त्योहार को तय नियमों और परंपराओं के तहत मनाने का संदेश दिया गया।

भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कई जगहों पर बैरिकेडिंग भी की गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

सीएम योगी की गाइडलाइन के बाद सख्ती

हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की थी, जिसमें बकरीद के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे। सरकार ने साफ किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी और प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर पूरी तरह रोक रहेगी।

इसके अलावा सड़क पर नमाज, लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और नई परंपराओं को लेकर भी प्रशासन को सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

संभल को 5 जोन और 12 सेक्टर में बांटा गया

डीएम अंकित खंडेलवाल के मुताबिक जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संभल को पांच जोन और 12 सेक्टर में विभाजित किया गया है। हर सेक्टर में अलग-अलग अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

उन्होंने बताया कि जिले में कुल 728 स्थानों और 107 ईदगाहों समेत कुल 835 जगहों पर नमाज अदा की जाएगी। सभी स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा और नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

पीस कमेटी की बैठक में दिए गए निर्देश

प्रशासन ने जिलेभर में पीस कमेटी की बैठकें आयोजित कर धर्मगुरुओं, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा की है। बैठकों में साफ निर्देश दिए गए कि नमाज और कुर्बानी पारंपरिक एवं निर्धारित स्थानों पर ही की जाए।

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट साझा करने से बचने की अपील भी की है।

सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर

एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि पुलिस की साइबर टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी कर रही है। अगर कोई व्यक्ति माहौल खराब करने या अफवाह फैलाने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नगर पालिका भी अलर्ट

बकरीद के दौरान साफ-सफाई और अपशिष्ट निस्तारण को लेकर नगर पालिका को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि त्योहार के दौरान किसी भी इलाके में गंदगी या अव्यवस्था नहीं होने दी जाएगी।

लगातार जारी है गश्त

फिलहाल संभल जिले में पुलिस लगातार गश्त कर रही है। मुख्य बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि त्योहार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराना उनकी पहली प्राथमिकता है और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Aaj Ka Rashifal 26 May 2026: वृश्चिक वालों की बढ़ेगी आमदनी, मकर राशि को मिलेगा भाग्य का साथ

Aaj Ka Rashifal 26 May 2026: 26 मई 2026 को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए सकारात्मक संकेत दे रही है। मंगल मेष राशि में, सूर्य और बुध वृषभ राशि में विराजमान हैं। वहीं शुक्र और गुरु मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं। चंद्रमा हस्त नक्षत्र में कन्या राशि में स्थित हैं, जिससे शोध, विश्लेषण और नई खोज से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल।

मेष राशि

आज स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। छोटी-मोटी शारीरिक परेशानियां परेशान कर सकती हैं। प्रेम संबंधों और संतान पक्ष का सहयोग मिलेगा। राजनीति और सरकारी कार्यों में लाभ मिलने के योग हैं। कारोबार में भी स्थिति अनुकूल रहेगी। हरी वस्तु का दान करना लाभकारी रहेगा।

वृषभ राशि

भावनात्मक मामलों में तनाव की स्थिति बन सकती है। बच्चों की सेहत को लेकर चिंता रहेगी। बड़े फैसले फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष मध्यम रहेगा जबकि व्यापार अच्छा चलेगा। हरी वस्तु अपने पास रखें।

मिथुन राशि

भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। सेहत में सुधार महसूस करेंगे। प्रेम संबंध मजबूत होंगे और संतान पक्ष से खुशी मिलेगी। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। मां काली की पूजा करना शुभ रहेगा।

कर्क राशि

व्यापार में मजबूती आएगी और अपनों का सहयोग मिलेगा। नए कारोबार की शुरुआत के योग बन रहे हैं। प्रेम जीवन में ताजगी बनी रहेगी। संतान पक्ष से संतोष मिलेगा। लाल वस्तु पास रखना शुभ रहेगा।

सिंह राशि

धन लाभ के योग हैं और परिवार में वृद्धि या खुशखबरी मिल सकती है। हालांकि निवेश और लेन-देन में सावधानी बरतें, नुकसान हो सकता है। व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। हरी वस्तु का दान शुभ रहेगा।

कन्या राशि

आज ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे। जरूरत की चीजें आसानी से उपलब्ध होंगी। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम और संतान पक्ष का सहयोग मिलेगा। व्यापार में भी लाभ रहेगा। शनिदेव की आराधना करना शुभ रहेगा।

तुला राशि

खर्चों में बढ़ोतरी से मन थोड़ा परेशान रह सकता है, लेकिन किसी बड़े नुकसान के संकेत नहीं हैं। दांपत्य जीवन में थोड़ी दूरी महसूस हो सकती है, इसलिए रिश्तों पर ध्यान दें। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति सामान्य से अच्छी रहेगी। बजरंगबली की पूजा लाभकारी होगी।

वृश्चिक राशि

आय के नए स्रोत बन सकते हैं। पुराने माध्यमों से भी धन लाभ होगा। यात्रा के योग बन रहे हैं और कोई शुभ समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार सभी क्षेत्रों में सफलता मिलेगी। सूर्य देव को जल अर्पित करना शुभ रहेगा।

धनु राशि

कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिल सकती है। कारोबार मजबूत होगा और सरकारी कामों में सहयोग मिलेगा। पिता का साथ मिलेगा। प्रेम, संतान और स्वास्थ्य की स्थिति अच्छी बनी रहेगी। हनुमान जी की पूजा करना लाभदायक रहेगा।

मकर राशि

भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के योग हैं। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष से खुशी मिलेगी। मां काली की पूजा शुभ फल देगी।

कुंभ राशि

आज जोखिम लेने से बचें। चोट लगने या किसी परेशानी में फंसने की आशंका है। स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। प्रेम और संतान पक्ष अच्छा रहेगा। व्यापार सामान्य रूप से चलता रहेगा। भगवान गणेश की पूजा लाभकारी होगी।

मीन राशि

आज का दिन सुखद रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में मुलाकात और मधुरता बढ़ेगी। नौकरी और करियर में स्थिति मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार तीनों क्षेत्रों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। नीली वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

यूपी में जब तक पंचायत चुनाव नहीं, ग्राम प्रधान ही संभालेंगे जिम्मेदारी, CM योगी ने दी मंजूरी

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया है। राज्य सरकार ने फैसला किया है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने तक ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी दी जाएगी। पंचायती राज विभाग जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी कर सकता है।

57 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों में लागू होगा फैसला

सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश की सभी 57,694 ग्राम पंचायतों में मौजूदा ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में काम कर सकेंगे। ग्राम पंचायतों का पांच साल का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में चुनाव में देरी को देखते हुए सरकार ने यह अंतरिम व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।

यह पहली बार होगा जब ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाया जाएगा। इससे पहले ग्राम पंचायतों में आमतौर पर एडीओ पंचायत या अन्य अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त किया जाता था।

OBC आरक्षण के कारण टले चुनाव

सूत्रों के मुताबिक पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पाने की सबसे बड़ी वजह ओबीसी आरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया में देरी रही। पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन में समय लगने के कारण चुनाव कार्यक्रम तय नहीं हो सका।

हालांकि राज्य सरकार ने 19 मई को समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन की अधिसूचना जारी कर दी थी। इसके साथ ही वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण का काम भी अभी जारी है। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने तक पंचायत चुनाव टलना लगभग तय माना जा रहा है।

ग्राम प्रधानों को मिली बड़ी राहत

सरकार के इस फैसले से ग्राम प्रधानों में राहत का माहौल है। ग्राम प्रधान संघ लगातार मांग कर रहा था कि चुनाव होने तक ग्राम प्रधानों को ही प्रशासनिक जिम्मेदारी दी जाए।

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प्रधानों का कहना है कि जब अधिकारियों को प्रशासक बनाया जाता है तो गांवों के विकास कार्य प्रभावित होते हैं। वहीं स्थानीय प्रतिनिधियों के पास जिम्मेदारी रहने से योजनाओं और रोजमर्रा के कार्यों में रुकावट नहीं आएगी।

विधानसभा चुनाव के बाद हो सकते हैं पंचायत चुनाव

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि पंचायत चुनाव में अभी लंबा समय लग सकता है। माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद ही पंचायत चुनाव कराए जा सकते हैं।

रामऔतार सिंह की अध्यक्षता में बना आयोग

पंचायत चुनाव में आरक्षण तय करने के लिए राज्य सरकार ने राम औतार सिंह की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय आयोग का गठन किया है।

इस आयोग में रिटायर्ड एडीजे बृजेश कुमार और संतोष कुमार विश्वकर्मा के अलावा सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार चौरसिया और एसपी सिंह को सदस्य बनाया गया है। सरकार ने आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए छह महीने का समय दिया है।

कॉकरोच जनता पार्टी को मिला ममता बनर्जी का समर्थन? डेरेक ओ’ब्रायन के पोस्ट से बढ़ी चर्चा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को लेकर अब सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। दावा किया जा रहा है कि ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ने इस अभियान के प्रति समर्थन जताया है। इसको लेकर डेरेक ओ’ब्रायन का एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

डेरेक ओ’ब्रायन ने क्या लिखा?

टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि पिछले एक सप्ताह से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के साथ लगातार बैठकें हुई हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा कि दोनों नेता “अच्छी लड़ाई” लड़ने के लिए तैयार हैं और उन्होंने “कॉकरोचों” के प्रति अपनी पसंद और समर्थन भी जताया है।

उनके इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि तृणमूल कांग्रेस CJP अभियान के प्रति सहानुभूति या समर्थन का संकेत दे रही है।

कैसे शुरू हुआ था CJP अभियान?

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम का यह अभियान उस समय चर्चा में आया था जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। बेरोजगार युवाओं को लेकर हुई उस टिप्पणी के बाद इंटरनेट पर व्यंग्य और मीम्स के जरिए यह अभियान शुरू हुआ और धीरे-धीरे बड़े सोशल मीडिया मूवमेंट में बदल गया।

दावा किया जा रहा है कि कुछ ही दिनों में लाखों लोग इस अभियान से जुड़ गए। इस बीच CJP की वेबसाइट और X अकाउंट पर कार्रवाई की खबरें भी सामने आईं।

विपक्षी नेताओं का भी मिला समर्थन

इस अभियान को लेकर कई विपक्षी नेताओं के बयान भी सामने आए हैं। अखिलेश यादव, महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी जैसे नेताओं ने अलग-अलग तरीके से इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है।

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वहीं कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बड़ा बयान सामने नहीं आया है। हालांकि शशि थरूर ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी थी।

सोशल मीडिया अभियान बना राजनीतिक चर्चा का विषय

शुरुआत में एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया कैंपेन के तौर पर शुरू हुआ यह मामला अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बनता दिख रहा है। बेरोजगारी, युवाओं की स्थिति और अभिव्यक्ति की आजादी जैसे मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा जारी है।

हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की ओर से अब तक CJP को औपचारिक राजनीतिक समर्थन देने का कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

मुरादाबाद एयरपोर्ट पर बाल-बाल बचे डिप्टी CM ब्रजेश पाठक,विमान का इंजन फेल; निकलने लगा धुआं

UPNews: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद एयरपोर्ट पर सोमवार को बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। उत्तर प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के सरकारी विमान में टेक-ऑफ के दौरान अचानक तकनीकी खराबी आ गई। बताया जा रहा है कि विमान के एक इंजन से धुआं निकलने लगा, जिसके बाद एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई।

टेक-ऑफ से पहले इंजन में आई खराबी

जानकारी के मुताबिक, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सरकारी विमान से रवाना होने वाले थे। जैसे ही विमान रनवे पर टेक-ऑफ के लिए आगे बढ़ा, तभी अचानक उसका इंजन बंद हो गया। कुछ ही देर में विमान के बाहरी हिस्से से धुआं उठता दिखाई दिया।

स्थिति को गंभीर देखते हुए पायलट ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए विमान को रोका और इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू किया। समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा हादसा टल गया।

सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हुईं अलर्ट

विमान से धुआं निकलता देख एयरपोर्ट पर मौजूद सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए। सुरक्षा कर्मियों और एयरपोर्ट स्टाफ ने डिप्टी सीएम को सुरक्षित विमान से बाहर निकाला।

ब्रजेश पाठक को सुरक्षा घेरे में तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। घटना के बाद एयरपोर्ट परिसर में कुछ समय के लिए हड़कंप जैसी स्थिति बन गई थी।

तकनीकी टीम कर रही जांच

घटना की जानकारी मिलते ही नागरिक उड्डयन विभाग की तकनीकी टीम और इंजीनियर मौके पर पहुंच गए। फिलहाल विमान के इंजन में आई खराबी और धुआं निकलने के कारणों की जांच की जा रही है।

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अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती तौर पर यह तकनीकी खराबी का मामला लग रहा है, हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।

संभल दौरे पर थे डिप्टी सीएम

बताया जा रहा है कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सोमवार को संभल दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने कई सरकारी और संगठनात्मक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।

उन्होंने भाजपा कार्यालय में बैठक को संबोधित किया और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल हुए। इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत लाभार्थियों को चेक वितरित किए और छात्रों को स्कूल बैग व पठन सामग्री भी बांटी।

संभल दौरे के दौरान डिप्टी सीएम ने विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा बैठक भी की और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने भगवान श्रीराम मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

सड़क पर नमाज को लेकर मौलाना साजिद रशीदी का बड़ा बयान, बोले- ‘नापाक जगह पर इबादत नहीं’

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन (AIIA) के प्रमुख साजिद रशीदी ने सड़क पर नमाज को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस बात का समर्थन किया, जिसमें सार्वजनिक सड़कों पर नमाज न पढ़ने की सलाह दी गई थी।

एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में मौलाना रशीदी ने कहा कि इस्लाम में शिफ्ट में नमाज पढ़ने की अनुमति है और सड़क पर नमाज पढ़ना उचित नहीं माना जा सकता, क्योंकि सड़क “पाक” जगह नहीं होती।

‘सड़क पर लोग थूकते-पेशाब करते हैं’

मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि इस्लाम का मूल सिद्धांत है कि नमाज केवल साफ और पवित्र जगह पर पढ़ी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर लोग चलते हैं, जानवर गुजरते हैं, लोग थूकते और पेशाब भी करते हैं, इसलिए उसे पाक जगह नहीं माना जा सकता।

उन्होंने कहा, “जब सड़क पर इतनी गतिविधियां होती हैं तो वहां इबादत कैसे हो सकती है। इसके अलावा अगर सड़क जाम होती है तो आम लोगों को परेशानी होती है, एंबुलेंस तक फंस जाती है।”

‘कोरोना काल में भी शिफ्ट में पढ़ी गई नमाज’

रशीदी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भी मस्जिदों में शिफ्ट के आधार पर नमाज अदा की गई थी। उनके मुताबिक, इस्लाम में ऐसी व्यवस्था पहले से मौजूद है और इसी वजह से मुख्यमंत्री का बयान गलत नहीं माना जा सकता।

उन्होंने दावा किया कि देश के अधिकांश मौलवियों ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री के बयान का विरोध नहीं किया। उनके अनुसार, विरोध केवल राजनीतिक दलों या उनसे जुड़े नेताओं की ओर से किया जा रहा है।

मुसलमानों की शिक्षा पर भी बोले रशीदी

मौलाना रशीदी ने कहा कि पहले कुछ इलाकों में मुसलमान अपराध की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन अब शिक्षा की तरफ ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मुस्लिम समाज में पढ़ाई को लेकर जागरूकता बढ़ी है और गरीब परिवार भी अपने बच्चों को शिक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं।

यह भी पढ़े: ‘ज्यादा भावुक न हों…’ CJP याचिका पर बोले CJI सूर्यकांत, सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार

उन्होंने कहा कि पहले राजनीतिक संरक्षण के कारण कुछ लोग गलत रास्तों पर चले जाते थे, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं और समाज शिक्षा व रोजगार की ओर बढ़ रहा है।

बुलडोजर कार्रवाई पर क्या कहा?

बुलडोजर कार्रवाई को लेकर पूछे गए सवाल पर मौलाना रशीदी ने कहा कि कार्रवाई उन्हीं लोगों पर होती है जो कानून तोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपराध में शामिल नहीं होगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई का सवाल ही नहीं उठता।

साथ ही उन्होंने राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी समुदाय को सड़क पर उतरने और टकराव की स्थिति में डालना सही राजनीति नहीं है।

‘ज्यादा भावुक न हों…’ CJP याचिका पर बोले CJI सूर्यकांत, सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार

नई दिल्ली:-  ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को लेकर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। हालांकि, अदालत ने फिलहाल मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि इसमें कोई आपात स्थिति नहीं है। इस दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता पक्ष से कहा कि मामले को “ज्यादा भावुक होकर” देखने की जरूरत नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुई सुनवाई?

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले का उल्लेख किया गया। एडवोकेट एनके गोस्वामी ने अदालत से कहा कि CJP से जुड़े लोग न्यायपालिका की छवि खराब कर रहे हैं। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा, “इस मामले को ज्यादा भावुक होकर न लें।”

उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल तत्काल सुनवाई की आवश्यकता नहीं है और अदालत उचित समय पर इस मामले को देखेगी।

एक अन्य वकील ने अदालत में कहा कि कोर्ट में हुई टिप्पणियों का कथित तौर पर व्यावसायिक और प्रचार के उद्देश्य से इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही फर्जी डिग्री वाले कथित वकीलों की CBI जांच की मांग भी की गई।

याचिका में क्या मांग की गई?

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़ी गतिविधियों की जांच कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि अदालत की मौखिक टिप्पणियों का कथित रूप से प्रचार और कमर्शियल इस्तेमाल किया जा रहा है।

इसके अलावा, याचिका में उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है जो कथित तौर पर फर्जी डिग्रियों के जरिए वकालत जैसे पेशों में प्रवेश कर रहे हैं।

CJI की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था विवाद

दरअसल, 15 मई को एक सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत की कुछ टिप्पणियां सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई थीं। अदालत ने उस दौरान कहा था कि समाज में कुछ “परजीवी” तत्व मौजूद हैं, जो व्यवस्था पर हमला करते रहते हैं।

सुनवाई के दौरान CJI ने कहा था कि कुछ लोग रोजगार या पेशे में जगह नहीं बना पाते और फिर सोशल मीडिया एक्टिविस्ट, आरटीआई कार्यकर्ता या अन्य रूपों में हर किसी पर हमला करने लगते हैं। इसी टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया और सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से अभियान शुरू हो गया।

बाद में CJI ने दी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद CJI सूर्यकांत ने अपनी टिप्पणी पर सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी का गलत अर्थ निकाला गया।

CJI ने स्पष्ट किया कि उनका इशारा उन लोगों की ओर था जो फर्जी और जाली डिग्रियों के जरिए पेशों में घुसपैठ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य क्षेत्रों में भी मौजूद हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय युवाओं के प्रति उनके मन में गहरा सम्मान है और देश का युवा विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है। CJI ने कहा कि यह कहना पूरी तरह गलत है कि उन्होंने देश के युवाओं का अपमान किया।

ट्विशा शर्मा केस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI सूर्यकांत बोले- निष्पक्ष जांच हो; मीडिया से भी की खास अपील

नई दिल्ली:-  नोएडा की रहने वाली मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र स्थित घर में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकी हुई मिली थीं।ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत पर स्वतः संज्ञान वाले मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच सुनवाई कर रही है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत (सीजेआई) ने सुनवाई के दौरान इस घटना पर दुख जताते हुए दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्विशा शर्मा की मौत मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए।

मीडिया ट्रायल से बचने की अपील

सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच, जिसमें CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली शामिल थे, ने सुनवाई के दौरान मीडिया और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की।

CJI सूर्यकांत ने कहा कि पीड़ित परिवार या दूसरे पक्ष की ओर से मीडिया में दिए जा रहे बयानों के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें यह नैरेटिव तैयार कर रही हैं कि न्यायपालिका निष्पक्ष सुनवाई नहीं होने दे रही, जबकि जांच एजेंसियों और सीबीआई पर कोई संदेह नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोर्ट यह सुनिश्चित करेगा कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हो।

पूर्व जज सास को लेकर क्या बोला सुप्रीम कोर्ट?

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात पर भी चिंता जताई कि मृतका की सास पूर्व जिला जज हैं और इसी वजह से न्यायपालिका पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। CJI ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसा माहौल बनाया जा रहा है मानो न्यायपालिका ट्रायल में देरी कर रही हो या निष्पक्षता प्रभावित हो रही हो।

MP सरकार ने कहा- CBI को सौंपी जाएगी जांच

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।

12 मई को भोपाल में मिली थी ट्विशा की लाश

गौरतलब है कि ट्विशा शर्मा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया, जबकि मायकेवालों ने पति और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है।

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इस मामले में भोपाल पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। गिरिबाला सिंह पूर्व जिला जज रह चुकी हैं।

पति पुलिस हिरासत में, सास ने कही ये बात

शनिवार को भोपाल की एक अदालत ने समर्थ सिंह को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। वहीं गिरिबाला सिंह का कहना है कि पुलिस ने अब तक उनका बयान दर्ज करने के लिए उनसे संपर्क नहीं किया है।

मामले को लेकर देशभर में चर्चा जारी है और अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी तथा संभावित CBI जांच के बाद इस केस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।