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वेबसाइट बंद, SC में याचिका; अब क्या करेगी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’? दे दिया बड़ा इशारा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:– सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) अब खुद को केवल एक ऑनलाइन कैंपेन नहीं, बल्कि युवाओं के बड़े आंदोलन के रूप में पेश करने की तैयारी कर रही है। देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की कथित टिप्पणी के बाद शुरू हुई यह मुहिम अब नए विवादों और कानूनी चुनौतियों के बीच और ज्यादा सुर्खियों में आ गई है।

इंस्टाग्राम पर 2 करोड़ से अधिक युवाओं को जोड़ने का दावा करने वाली CJP ने हाल ही में अपने आगामी अभियान का रोडमैप साझा किया है। संगठन ने साफ कहा है कि यह “सिर्फ शुरुआत” है और आने वाले दिनों में आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा।

“कॉकरोच सबसे बड़े सर्वाइवर”, पोस्ट में दिया संदेश

इंस्टाग्राम पर जारी लंबे पोस्ट में CJP ने लिखा कि “कॉकरोच सबसे बड़े सर्वाइवर होते हैं। वे मुश्किल हालात में भी जिंदा रहते हैं और हर चुनौती के बाद वापस खड़े हो जाते हैं। आज देश के युवाओं की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है।”

पोस्ट में आगे कहा गया कि आंदोलन किसी दबाव या मुश्किल से पीछे हटने वाला नहीं है। संगठन ने संकेत दिए कि आने वाले समय में युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बड़े स्तर पर अभियान चलाए जाएंगे।

बेरोजगारी और पेपर लीक होंगे मुख्य मुद्दे

CJP ने दावा किया कि उसकी विचारधारा भारतीय संविधान से प्रेरित है। संगठन ने महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, भगत सिंह और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं का उल्लेख करते हुए लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करने की बात कही।

संगठन ने अपनी ऑनलाइन कम्युनिटी से सुझाव भी मांगे हैं। बताया गया है कि चुने गए आइडियाज के आधार पर देशभर में कैंपेन और जमीनी स्तर पर गतिविधियां शुरू की जाएंगी। बेरोजगारी, पेपर लीक, पर्यावरण और सरकारी संस्थाओं में पारदर्शिता जैसे मुद्दे आंदोलन के केंद्र में रहेंगे।

वेबसाइट पर कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा मामला

इस बीच CJP की वेबसाइट के खिलाफ कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। वहीं संगठन से जुड़ी गतिविधियों की जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की गई है।

याचिका में अदालत की कार्यवाही और न्यायिक टिप्पणियों के कथित दुरुपयोग पर चिंता जताई गई है। आरोप लगाया गया है कि कोर्ट में हुई टिप्पणियों को प्रचार सामग्री की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।

गौरतलब है कि हाल ही में एक सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं को लेकर की गई कथित टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था, जिसके बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से यह डिजिटल मुहिम तेजी से वायरल हो गई।

अभिजीत दिपके के परिवार की सुरक्षा बढ़ी

इस कैंपेन से जुड़े अभिजीत दिपके को कथित धमकियां मिलने के बाद महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित उनके घर के बाहर पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके माता-पिता के घर के बाहर 24 घंटे पुलिस तैनात रहेगी।

अभिजीत फिलहाल अमेरिका के बोस्टन में हैं। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। बताया गया है कि उन्हें एक ऐसा वीडियो भी मिला जिसमें कुछ लोग उनके घर के बाहर दिखाई दे रहे हैं।

वहीं अभिजीत के पिता भगवान दिपके ने एक मराठी चैनल से बातचीत में चिंता जताते हुए कहा कि पिछले दो दिनों से उन्हें नींद नहीं आई है। उनकी मां अनीता ने भी बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है।

Aaj Ka Rashifal 25 May 2026: कन्या राशि में चंद्रमा का गोचर, कई राशियों को मिलेगा लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन

Aaj Ka Rashifal 25 May 2026: आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। आज चंद्रमा सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। चंद्रमा का यह गोचर उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा, जिसका स्वामी सूर्य है, जबकि कन्या राशि के स्वामी बुध हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह स्थिति सोच-विचार, रणनीति और विरोधियों पर विजय दिलाने वाली मानी जा रही है। हालांकि कुछ लोगों में स्वास्थ्य को लेकर हल्की चिंता या मानसिक बेचैनी भी रह सकती है।

ग्रहों की स्थिति की बात करें तो मंगल मेष राशि में, सूर्य और बुध वृषभ राशि में, शुक्र और गुरु मिथुन राशि में, राहु कुंभ राशि में और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल।

मेष राशि

आज स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सतर्कता बरतने की जरूरत है। हालांकि ऊर्जा और आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। विरोधियों पर जीत मिलने के संकेत हैं। प्रेम संबंधों और संतान पक्ष से सहयोग मिलेगा। कारोबार में लाभ के योग बन रहे हैं। सूर्य को जल अर्पित करना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

भावनाओं में आकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। विद्यार्थियों और लेखन से जुड़े लोगों के लिए दिन अच्छा साबित हो सकता है। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा। प्रेम जीवन और व्यापार में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। हरी वस्तु पास रखना शुभ रहेगा।

मिथुन राशि

भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग बन सकते हैं। हल्की थकान या कमजोरी महसूस हो सकती है, लेकिन कोई बड़ी परेशानी नहीं दिख रही। परिवार में विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए वाणी पर नियंत्रण रखें। व्यापार में लाभ रहेगा।

कर्क राशि

आज आपका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के प्रबल संकेत हैं। प्रेम संबंध और संतान पक्ष सुखद रहेगा। कारोबार में उन्नति के योग बन रहे हैं। लाल रंग की वस्तु रखना शुभ माना जाएगा।

सिंह राशि

धन लाभ के प्रबल योग हैं। परिवार और मित्रों का दायरा बढ़ सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। प्रेम और व्यापार दोनों क्षेत्रों में सफलता मिलेगी। पीली वस्तु पास रखना लाभकारी रहेगा।

कन्या राशि

चंद्रमा का आपकी राशि में प्रवेश आपको आकर्षण और आत्मविश्वास से भर देगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। व्यापारिक मामलों में भी सफलता मिलेगी। लाल वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

तुला राशि

मन थोड़ा परेशान रह सकता है। चिंता और अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। हालांकि स्वास्थ्य सामान्य रहेगा और व्यापार में लाभ के संकेत हैं। रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। हरी वस्तु पास रखना शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि

आर्थिक मामलों में दिन अच्छा रहेगा। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष में हल्की चिंता रह सकती है, लेकिन व्यापार में स्थिति मजबूत रहेगी।

धनु राशि

कोर्ट-कचहरी या सरकारी मामलों में सफलता मिलने के संकेत हैं। नौकरी और व्यवसाय में तरक्की होगी। स्वास्थ्य में सुधार महसूस करेंगे। प्रेम और पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। सूर्य को जल चढ़ाना लाभकारी रहेगा।

मकर राशि

भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। नौकरी और व्यापार में उन्नति के योग हैं। लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं। स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन दोनों अच्छे रहेंगे। मां काली की पूजा करना शुभ रहेगा।

कुंभ राशि

आज थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है। चोट या किसी परेशानी में फंसने की आशंका बन सकती है। स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। हालांकि व्यापार और पारिवारिक जीवन सामान्य रहेगा। हरी वस्तु पास रखना लाभकारी रहेगा।

मीन राशि

जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। नौकरी और व्यवसाय में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। भगवान गणेश की पूजा करना शुभ रहेगा।

तेज प्रताप यादव का बड़ा दावा, बोले- यूपी में फिर बनेगी योगी सरकार, गठबंधन के भी दिए संकेत

UPNews: जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से बातचीत में कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर बड़ा बयान देते हुए दावा किया कि राज्य में एक बार फिर Yogi Adityanath के नेतृत्व में भाजपा सरकार बन सकती है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

भोजपुरी अभिनेता और गायक Khesari Lal Yadav की भाजपा नेताओं से मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि यह उनका निजी और राजनीतिक फैसला है। उन्होंने इस मुद्दे पर ज्यादा टिप्पणी करने से इनकार किया।

भाजपा के साथ संभावित गठबंधन के सवाल पर भी तेज प्रताप यादव ने इशारों-इशारों में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि मां विंध्यवासिनी का आशीर्वाद रहा तो भविष्य में गठबंधन की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि उन्होंने किसी दल या राजनीतिक समीकरण का खुलकर उल्लेख नहीं किया।

यह भी पढ़े:लखनऊ में प्राइम लोकेशन पर मिलेगा फ्लैट और दुकान; हो जाएं तैयार, जानें LDA का री-डेवलपमेंट प्लान

मीडिया बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने तथाकथित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि वह युवाओं की आवाज और नए राजनीतिक प्रयोगों के समर्थन में हैं। उनके मुताबिक, युवा शक्ति में व्यवस्था बदलने की क्षमता होती है और नई सोच राजनीति में बदलाव ला सकती है।

तेज प्रताप यादव के इन बयानों ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ उन्होंने भाजपा की संभावित जीत की बात कही, वहीं दूसरी ओर गठबंधन और नए राजनीतिक प्रयोगों को लेकर भी संकेत देकर सियासी चर्चाओं को हवा दे दी है।

लखनऊ में प्राइम लोकेशन पर मिलेगा फ्लैट और दुकान; हो जाएं तैयार, जानें LDA का री-डेवलपमेंट प्लान

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- राजधानी Lucknow में प्राइम लोकेशन पर दुकान या फ्लैट खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। Lucknow Development Authority (एलडीए) अयोध्या रोड स्थित करीब 40 साल पुराने कैलाशकुंज व्यावसायिक कॉम्पलेक्स का बड़े स्तर पर री-डेवलपमेंट करने जा रहा है। पुराने और जर्जर भवन को तोड़कर यहां आधुनिक सुविधाओं से लैस 13 मंजिला बिल्डिंग बनाई जाएगी।

13 मंजिला आधुनिक कॉम्पलेक्स बनेगा

एलडीए उपाध्यक्ष Prathamesh Kumar ने अधिकारियों के साथ बैठक कर री-डेवलपमेंट प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कैलाशकुंज कॉम्पलेक्स करीब 6046 वर्गमीटर क्षेत्र में बना हुआ है। यहां लगभग 280 दुकानें हैं। हाल ही में कराए गए सर्वे में पाया गया कि भवन काफी जर्जर हो चुका है और कई दुकानें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। साथ ही कॉमन एरिया और पार्किंग में अतिक्रमण भी मिला है।

नीचे दुकानें, ऊपर प्रीमियम फ्लैट्स

एलडीए अब इस कॉम्पलेक्स को खुद विकसित करेगा। पहले इसे पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की योजना थी, लेकिन अब प्राधिकरण स्वयं इस परियोजना को पूरा करेगा।

यह भी पढ़े: यूपी चुनाव 2027: अखिलेश यादव के नए फॉर्मूले से कांग्रेस की बढ़ी टेंशन

करीब 110 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली नई बिल्डिंग की ऊंचाई लगभग 45 मीटर होगी। इसके ग्राउंड, फर्स्ट और सेकेंड फ्लोर पर दुकानें और ऑफिस स्पेस विकसित किए जाएंगे, जबकि ऊपर के फ्लोर पर 3 बीएचके प्रीमियम फ्लैट बनाए जाएंगे।

पुराने आवंटियों को मिलेगा ज्यादा स्पेस

एलडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि पुराने आवंटियों से सहमति लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नई बिल्डिंग बनने पर पुराने दुकानदारों को पहले से अधिक जगह दी जाएगी।

उदाहरण के तौर पर यदि किसी दुकानदार के पास अभी 100 वर्गफुट की दुकान है, तो नई बिल्डिंग में उसे 125 वर्गफुट का स्पेस दिया जाएगा।

अलीगंज और गोमती नगर में भी योजना

एलडीए सिर्फ कैलाशकुंज तक सीमित नहीं है। Aliganj के सेक्टर-जी स्थित पुराने व्यावसायिक कॉम्पलेक्स के री-डेवलपमेंट की भी तैयारी चल रही है।

करीब 11 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बने इस कॉम्पलेक्स में वर्तमान में लगभग 100 दुकानें हैं। प्रस्ताव के अनुसार यहां 14 मंजिला बिल्डिंग बनाई जाएगी, जिसमें करीब 250 दुकानें और 72 प्रीमियम 3 बीएचके फ्लैट तैयार किए जाएंगे।

इसके अलावा Gomti Nagar स्थित उजाला कॉम्पलेक्स के री-डेवलपमेंट की योजना पर भी काम किया जा रहा है।

यूपी चुनाव 2027: अखिलेश यादव के नए फॉर्मूले से कांग्रेस की बढ़ी टेंशन

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों ने अभी से रणनीति बनानी शुरू कर दी है। एक ओर एनडीए लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की तैयारी में जुटा है, वहीं दूसरी ओर इंडिया गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर हलचल तेज हो गई है। खासतौर पर Akhilesh Yadav के हालिया बयान ने Indian National Congress की चिंता बढ़ा दी है।

‘सीट नहीं, जीत अहम’ वाले फॉर्मूले पर जोर

Samajwadi Party प्रमुख अखिलेश यादव ने साफ कहा है कि गठबंधन में सीटों का बंटवारा संख्या के आधार पर नहीं बल्कि “जीत की क्षमता” के आधार पर होना चाहिए। उनका कहना है कि समाजवादी पार्टी प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठनात्मक रूप से मजबूत स्थिति में है।

अखिलेश का तर्क है कि जिस दल का उम्मीदवार जिस सीट पर भाजपा को हराने की स्थिति में हो, उसी को वहां मौका मिलना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान कांग्रेस को सीटों की मांग को लेकर सीमित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

कांग्रेस पर बढ़ा दबाव

दरअसल, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का जमीनी संगठन सीमित सीटों पर ही मजबूत माना जाता है। हालांकि लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है और पार्टी के भीतर विधानसभा चुनाव में अधिक सीटों की मांग उठ रही है।

लेकिन अगर सीट बंटवारे का आधार “विनिंग कैपेसिटी” रखा जाता है, तो कांग्रेस को कम सीटों पर समझौता करना पड़ सकता है। यही वजह है कि अखिलेश यादव के बयान के बाद कांग्रेस खेमे में बेचैनी बढ़ गई है।

कांग्रेस नेता Imran Masood ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “सीट नहीं होगी, तो जीत कहां से होगी।”

उपचुनावों का पुराना अनुभव भी बना कारण

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि विधानसभा उपचुनावों के दौरान भी समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस के साथ सीट शेयर करने में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई थी। उस समय कांग्रेस को कई सीटों पर सपा उम्मीदवारों का समर्थन करना पड़ा था।

यह भी पढ़े: हाथी पर बटन दबाना है, सत्ता में वापस आना है; 2027 चुनाव की तैयारी में जुटीं मायावती, कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र

अब एक बार फिर सपा यह संकेत देने की कोशिश कर रही है कि वह अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी भी रखती है। माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी कांग्रेस को यह संदेश देना चाहती है कि सीटों के लिए ज्यादा दबाव की राजनीति काम नहीं करेगी।

सपा सभी सीटों पर कर रही तैयारी

अखिलेश यादव पहले ही साफ कर चुके हैं कि समाजवादी पार्टी सभी 403 सीटों पर संगठनात्मक तैयारी कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक यह रणनीति कांग्रेस के साथ बातचीत में दबाव बनाने और गठबंधन में अपनी मजबूत स्थिति दिखाने का प्रयास भी हो सकता है।

फिलहाल कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह इंडिया गठबंधन की एकजुटता बनाए रखते हुए उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन को कैसे मजबूत रखे। वहीं सपा का रुख साफ संकेत दे रहा है कि 2027 के चुनाव में सीटों को लेकर आसान समझौता होने वाला नहीं है।

हाथी पर बटन दबाना है, सत्ता में वापस आना है; 2027 चुनाव की तैयारी में जुटीं मायावती, कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: बीएसपी चीफ  Mayawati ने वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी संगठन को पूरी ताकत से मैदान में उतरने का संदेश दिया है। रविवार को लखनऊ में आयोजित Bahujan Samaj Party की बड़ी समीक्षा बैठक में मायावती ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला, विधानसभा और प्रदेश स्तर के पदाधिकारी शामिल हुए। सभी नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। बसपा सुप्रीमो ने साफ कहा कि चुनावी तैयारियों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

‘हाथी पर बटन दबाना है, सत्ता में वापस आना है’

मायावती ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी को 2007 की तरह एकजुट होकर चुनाव लड़ना होगा। उन्होंने नारा दिया कि “हाथी पर बटन दबाना है, सत्ता में वापस आना है” और इसे मिशन मोड में पूरा करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि संगठन को गांव-गांव और बूथ स्तर तक मजबूत बनाया जाए तथा सभी वर्गों के बीच पार्टी का जनाधार बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही चुनावी गतिविधियों के लिए आर्थिक सहयोग जुटाने की भी बात कही।

विरोधियों के प्रचार का जवाब देने के निर्देश

बसपा प्रमुख ने कहा कि विपक्षी दलों की राजनीतिक चालों और भ्रामक प्रचार का मजबूती से जवाब देना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों में आम जनता परेशान है और सरकारों की नीतियां बड़े पूंजीपतियों के हित में काम कर रही हैं।

मायावती ने कहा कि चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद जनता से किए गए वादे भुला दिए जाते हैं। इससे लोगों में निराशा और असंतोष बढ़ रहा है।

बसपा सरकार के कामों का किया जिक्र

उन्होंने दावा किया कि बसपा सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था मजबूत रही और सभी वर्गों को सम्मान देने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की नीति पर चलती रही है।

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मायावती ने कहा कि पार्टी ऐसे उम्मीदवारों को टिकट देगी जिनकी छवि साफ हो और जिनकी जनता के बीच मजबूत पकड़ हो। उन्होंने हाल में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि उनसे सीख लेकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

जनता से बसपा पर भरोसा करने की अपील

बसपा सुप्रीमो ने जनता से अपील की कि वे “बांटने वाली राजनीति” और राजनीतिक छलावे से बचें तथा 2007 की तरह एक बार फिर बहुजन समाज पार्टी को समर्थन दें।

ऑटो चलाते दिखे ओपी राजभर, अखिलेश यादव पर बोला हमला; बोले- 2017 की तरह 2027 में साइकिल को कचरेंगे

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़ : सुभासपा चीफ और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री Om Prakash Rajbhar ने एक बार फिर Akhilesh Yadav पर तीखा हमला बोला है। इस बार उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ऑटो चलाते हुए अपनी तस्वीर साझा कर सपा प्रमुख को निशाने पर लिया। राजभर ने खुद को संघर्ष से निकला नेता बताते हुए अखिलेश यादव की राजनीति को “एसी, पीसी और ट्विटर वाली राजनीति” बताया।

‘ऑटो वाली फोटो मेरा सम्मान और संघर्ष’

राजभर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अखिलेश यादव “चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं”, जबकि उन्होंने गरीबी और संघर्ष के बीच जीवन बिताया है। उन्होंने कहा कि ऑटो चलाते हुए उनकी तस्वीर ही उनके संघर्ष, सम्मान और मेहनत की पहचान है।

सुभासपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के समर्थक सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर का मजाक उड़ा रहे हैं और उनकी “औकात” बताने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यही तस्वीर उनके जीवन के संघर्ष की असली कहानी बयान करती है।

‘अखिलेश को विरासत में मिली राजनीति’

कैबिनेट मंत्री राजभर ने कहा कि Samajwadi Party प्रमुख को राजनीति विरासत में मिली है, जबकि उन्होंने गांव-गांव घूमकर अति पिछड़ों, दलितों और वंचितों की आवाज उठाई है।

उन्होंने कहा कि जब वह गरीबों के अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे थे और संघर्ष कर रहे थे, तब अखिलेश यादव विदेशों में घूम रहे थे। राजभर ने दावा किया कि उनकी राजनीति सत्ता के लिए नहीं बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज उठाने के लिए है।

2027 चुनाव को लेकर बड़ा दावा

राजभर ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि “टेम्पो, रिक्शा, ठेला और खोमचा चलाने वाले लोग” ही समाजवादी पार्टी की साइकिल को पलट देंगे। उन्होंने कहा कि 2017 की तरह 2027 में भी सपा को हार का सामना करना पड़ेगा।

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उन्होंने अखिलेश यादव पर पिता का अपमान कर राजनीति में आगे बढ़ने का आरोप लगाया, जबकि खुद को पिता के आशीर्वाद से राजनीति में आगे बढ़ने वाला नेता बताया।

‘जनता का दुख-दर्द सुनना ही मेरी राजनीति’

राजभर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि भीषण गर्मी में गांवों की पगडंडियों पर चलकर लोगों की समस्याएं सुनना ही उनकी असली राजनीति है। उन्होंने कहा कि जिसने गरीबी, भूख और अपमान को करीब से देखा हो, उसे सोशल मीडिया की राजनीति से डराया नहीं जा सकता।

इससे पहले भी ओपी राजभर कांग्रेस के साथ गठबंधन के मुद्दे पर अखिलेश यादव को “शाहे बेखबर” कहकर निशाना बना चुके हैं।

कौन हैं जस्टिस मीनाक्षी मदन राय? पटना हाईकोर्ट की पहली महिला चीफ जस्टिस,SC कॉलेजियम ने की सिफारिश

पटना/सर्वोदय न्यूज़:- जस्टिस Meenakshi Madan Rai जल्द ही Patna High Court की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बन सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके नाम की सिफारिश की है। मौजूदा चीफ जस्टिस के 4 जून को सेवानिवृत्त होने के बाद यह नियुक्ति प्रभावी हो सकती है। कॉलेजियम की बैठक 22 मई को भारत के मुख्य न्यायाधीश Surya Kant की अध्यक्षता में हुई थी।

सिक्किम की पहली महिला हाईकोर्ट जज

जस्टिस मीनाक्षी मदन राय वर्तमान में Sikkim High Court में न्यायाधीश हैं। वह सिक्किम हाईकोर्ट की पहली महिला जज बनने का गौरव भी हासिल कर चुकी हैं। न्यायिक और प्रशासनिक क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें पटना हाईकोर्ट की जिम्मेदारी सौंपे जाने की तैयारी है।

गंगटोक से दिल्ली तक का सफर

जस्टिस मीनाक्षी मदन राय का जन्म 12 जुलाई 1964 को Gangtok में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय मदन मोहन रसैली सिक्किम सरकार में गृह सचिव रहे थे, जबकि उनकी मां रबी माला रसैली शिक्षिका थीं।

उन्होंने शुरुआती शिक्षा गंगटोक के ताथांगचेन स्कूल और पश्चिम बंगाल के डॉवहिल स्कूल, कुर्सियांग से प्राप्त की। बाद में उन्होंने ताशी नामग्याल अकादमी से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की।

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उच्च शिक्षा के लिए वह दिल्ली गईं, जहां उन्होंने Lady Shri Ram College से राजनीति विज्ञान में ऑनर्स किया। इसके बाद Campus Law Centre से वर्ष 1989 में एलएलबी की डिग्री हासिल की।

1990 में शुरू किया न्यायिक करियर

जस्टिस राय ने वर्ष 1990 में बार एसोसिएशन ऑफ दिल्ली में वकील के रूप में पंजीकरण कराया। शुरुआती दौर में उन्होंने Delhi High Court और Supreme Court of India में प्रैक्टिस की।

इसी वर्ष उन्होंने सिक्किम न्यायिक सेवा जॉइन की और गंगटोक में जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास-कम-सिविल जज के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और न्यायिक पदों पर कार्य किया।

कई बार बनीं कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश

जस्टिस मीनाक्षी मदन राय वर्ष 2006 और 2009 में सिक्किम हाईकोर्ट की रजिस्ट्रार जनरल भी रहीं। 15 अप्रैल 2015 को उन्हें सिक्किम हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया।

उनकी वरिष्ठता और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें कई बार सिक्किम हाईकोर्ट का कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बनाया गया। वह 2018, 2019, 2021 और दिसंबर 2025 में यह जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।

संवैधानिक मामलों की गहरी समझ

तीन दशक से अधिक लंबे न्यायिक करियर में जस्टिस राय कई महत्वपूर्ण संवैधानिक और कानूनी मामलों से जुड़ी रही हैं। कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक उन्हें सिक्किम के विशेष संवैधानिक प्रावधानों, खासकर अनुच्छेद 371F, और राज्य के सामाजिक एवं कानूनी ढांचे की गहरी समझ है।

अगर केंद्र सरकार उनकी नियुक्ति को मंजूरी देती है तो वह पटना हाईकोर्ट के इतिहास में पहली महिला चीफ जस्टिस बन जाएंगी।

भीषण गर्मी में बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश, सीएम योगी ने अधिकारियों को किया अलर्ट

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी और बिजली की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने ऊर्जा विभाग को प्रदेशभर में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव हो या शहर, आमजन को बिजली संकट का सामना नहीं करना चाहिए। इसके लिए सभी स्तरों पर लगातार मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में ऊर्जा मंत्री Arvind Kumar Sharma और राज्य मंत्री Kailash Singh Rajput सहित ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन और विभिन्न डिस्कॉम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली की बढ़ती खपत को देखते हुए उत्पादन इकाइयों की क्षमता का अधिकतम उपयोग किया जाए। साथ ही सभी पावर प्लांटों में तकनीकी दक्षता और नियमित रखरखाव को प्राथमिकता दी जाए। अधिकारियों ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कुल उत्पादन क्षमता अब बढ़कर 13,388 मेगावाट हो गई है। इसमें तापीय विद्युत गृहों के साथ जल विद्युत और संयुक्त उपक्रमों से मिलने वाली बिजली भी शामिल है। इसके अलावा गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से करीब 10 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने ट्रांसमिशन नेटवर्क को और अधिक मजबूत एवं आधुनिक बनाने पर जोर देते हुए कहा कि बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता के लिए ट्रांसमिशन व्यवस्था की मजबूती बेहद जरूरी है। अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में इस समय 60 हजार किलोमीटर से अधिक लंबी ट्रांसमिशन लाइनें संचालित हैं और नेटवर्क की उपलब्धता 99 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है।

बैठक में बिजली वितरण व्यवस्था को उपभोक्ता केंद्रित बनाने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि फीडरवार जवाबदेही तय की जाए और ट्रांसफॉर्मर खराब होने या शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आंधी-तूफान और अत्यधिक तापमान के दौरान फील्ड स्तर पर त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय रखने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने बताया कि हाल में आए आंधी-तूफान के दौरान कई सब-स्टेशन और फीडर प्रभावित हुए थे, लेकिन मरम्मत और बहाली का कार्य तेजी से पूरा कराया गया। मुख्यमंत्री ने भूमिगत केबल वाले क्षेत्रों में खुदाई से पहले संबंधित विभाग से अनुमति लेने के निर्देश भी दिए।

बैठक में बताया गया कि ट्रांसफॉर्मर क्षति की घटनाओं में पिछले वर्षों की तुलना में बड़ी कमी आई है। वर्ष 2022-23 के मुकाबले वर्ष 2025-26 में पावर ट्रांसफॉर्मर खराब होने की घटनाएं लगभग 80 प्रतिशत तक कम हुई हैं। अधिकारियों ने इसका श्रेय सुरक्षा तंत्र की मजबूती, समयबद्ध मरम्मत और जवाबदेही तय किए जाने को दिया।

ऊर्जा विभाग की ओर से बताया गया कि अप्रैल और मई में तापमान बढ़ने के कारण प्रदेश में बिजली मांग लगातार बढ़ी है। 15 अप्रैल से 22 मई के बीच औसत बिजली मांग 501 मिलियन यूनिट प्रतिदिन से बढ़कर 561 मिलियन यूनिट प्रतिदिन तक पहुंच गई। वहीं पीक डिमांड 30 हजार मेगावाट के पार चली गई। इसके बावजूद बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए अन्य राज्यों के साथ पावर बैंकिंग व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति पर भी जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2029 तक अतिरिक्त विद्युत क्षमता बढ़ाने के लिए विंड एनर्जी, बैटरी स्टोरेज, पंप्ड हाइड्रो और हाइब्रिड परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।

बैठक में स्मार्ट मीटर व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अब तक 89 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। सरकार के निर्देश पर सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड प्रणाली में बदला जा रहा है। जून 2026 से उपभोक्ताओं को हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच पोस्टपेड बिल जारी किए जाएंगे। बिल की जानकारी एसएमएस, व्हाट्सऐप और ई-मेल के जरिए भी उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति केवल तकनीकी व्यवस्था नहीं बल्कि किसानों की सिंचाई, व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास से जुड़ा अहम विषय है। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों का समयबद्ध समाधान हो और किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

बिजली कटौती पर CM योगी का बड़ा एक्शन: यूपी में दो अधिकारी सस्पेंड, गर्मी के बीच जनता का गुस्सा बढ़ा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन में बिजली आपूर्ति को लेकर लापरवाही पर बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। विभाग ने कार्यप्रणाली में अनियमितता और जिम्मेदारियों के निर्वहन में गंभीर चूक के आरोप में दो एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है।

गाजियाबाद और मेरठ के इंजीनियर सस्पेंड

जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद में तैनात एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राहुल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही उन्हें मेरठ मुख्यालय से संबद्ध करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

वहीं मेरठ में कार्यरत एग्जीक्यूटिव इंजीनियर योगेश कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार दोनों अधिकारियों पर बिजली आपूर्ति व्यवस्था में लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं।

विभाग ने दिखाई सख्ती

पावर कॉरपोरेशन की इस कार्रवाई को विभाग में जवाबदेही तय करने और अनुशासन मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बिजली व्यवस्था में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी जांच के आधार पर कार्रवाई जारी रहेगी।

भीषण गर्मी में बिजली संकट से परेशान लोग

उत्तर प्रदेश में इस समय भीषण गर्मी और हीटवेव का असर देखने को मिल रहा है। कई जिलों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। ऐसे में लगातार हो रही बिजली कटौती से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

Lucknow, Meerut, Ghaziabad और Gonda समेत कई जिलों में अनियमित बिजली आपूर्ति को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

कई जगह प्रदर्शन और विरोध

बिजली कटौती से परेशान लोगों ने कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन भी किए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग देर रात तक जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के घरों के बाहर प्रदर्शन करते नजर आए।

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हाल ही में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर भी राज्य में विरोध देखने को मिला था। इसके बाद सरकार ने कई जगहों पर उन्हें पोस्टपेड व्यवस्था में बदलने का फैसला लिया था, लेकिन इसके बावजूद लोगों की नाराजगी कम होती नहीं दिख रही।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

बिजली संकट को लेकर विपक्ष भी सरकार पर हमलावर है। Akhilesh Yadav और Mayawati ने बिजली व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की है और इसे प्रशासनिक विफलता बताया है।