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यूपी में 1 से 31 जुलाई तक चलने जा रहा बड़ा अभियान, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने अधिकारियों को दिए विशेष निर्देश

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में संचारी रोगों की रोकथाम और जनजागरूकता के लिए स्वास्थ्य विभाग जुलाई महीने में विशेष अभियान चलाने जा रहा है। इसके तहत 1 से 31 जुलाई तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 11 से 31 जुलाई तक दस्तक अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है।

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संचारी रोगों के लक्षण वाले मरीजों की निगरानी ई-कवच पोर्टल के माध्यम से की जाए और संभावित मामलों का समय पर पता लगाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में चलेगा विशेष अभियान

बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव ने कहा कि जिन क्षेत्रों में संचारी रोगों का खतरा अधिक है, वहां विभिन्न विभागों के समन्वय से मच्छर नियंत्रण और वेक्टर नियंत्रण की सघन गतिविधियां चलाई जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जिलों में 29 जून को जिला स्तरीय अंतरविभागीय बैठक आयोजित कर ब्लॉक स्तर तक माइक्रो प्लान तैयार किया जाए।

आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगा प्रशिक्षण

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और आंगनबाड़ी कर्मियों का प्रशिक्षण और संवेदीकरण 8 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आशा और एएनएम को अपने साथ ओआरएस और जिंक की गोलियां रखने को कहा गया है, ताकि दस्त या अन्य लक्षण वाले मरीजों को तत्काल प्राथमिक सहायता दी जा सके।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर रहेगी विशेष निगरानी

अमित घोष ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को निर्देश दिए कि असुरक्षित और निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाए। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ, कटे-फटे या सड़े हुए फल-सब्जियां तथा अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किए जा रहे जूस और अन्य खाद्य सामग्री की नियमित जांच की जाए।

स्कूलों में चलेगा जागरूकता अभियान

विद्यालयों में छात्रों को संचारी रोगों और पशुओं के काटने की स्थिति में प्राथमिक उपचार के बारे में जागरूक किया जाएगा। बच्चों को घाव को बहते साफ पानी से धोने जैसी प्राथमिक चिकित्सा प्रक्रियाओं का प्रदर्शन कर सिखाया जाएगा। इसके लिए स्कूलों में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

1 जुलाई को होगा शपथ ग्रहण कार्यक्रम

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि अभियान की शुरुआत 1 जुलाई को सभी सरकारी कार्यालयों और विद्यालयों में शपथ ग्रहण कार्यक्रम के साथ की जाएगी। साथ ही प्रत्येक सोमवार को अभियान की प्रगति रिपोर्ट और अंतिम रिपोर्ट 5 अगस्त तक राज्य मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

ई-कवच पोर्टल पर अपलोड होगी पूरी जानकारी

दस्तक अभियान के दौरान यदि किसी व्यक्ति में संचारी रोगों के लक्षण मिलते हैं तो उसका नाम, पता और मोबाइल नंबर सहित पूरी जानकारी ई-कवच पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। इसके अलावा फ्रंटलाइन वर्कर्स घर-घर जाकर क्षय रोग (टीबी), कुष्ठ रोग, फाइलेरिया और काला आजार जैसे रोगों के प्रति भी लोगों को जागरूक करेंगे।

क्या पासपोर्ट भारतीय नागरिकता का प्रमाण है? विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब, जानिए क्या हैं नियम

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: क्या भारतीय पासपोर्ट किसी व्यक्ति की भारतीय नागरिकता का प्रमाण माना जा सकता है? इस सवाल पर विदेश मंत्रालय ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि पासपोर्ट मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज है और इसे नागरिकता प्रमाणपत्र के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

‘पासपोर्ट सेवा दिवस’ के अवसर पर आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि पासपोर्ट का उद्देश्य भारतीय नागरिकों की अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सुगम बनाना है। यह दस्तावेज यात्रा और पहचान के लिए जारी किया जाता है, लेकिन कानूनी रूप से यह नागरिकता प्रमाणपत्र का विकल्प नहीं है।

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट जारी करने का उद्देश्य विदेश यात्रा को सुविधाजनक बनाना है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट को नागरिकता के अंतिम और स्वतंत्र प्रमाण के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

हालांकि इस बयान के बाद आम लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि भारत में पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि यदि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो फिर नागरिकता साबित करने के लिए कौन से दस्तावेज मान्य हैं।

आधार और वोटर आईडी को लेकर भी उठ चुके हैं सवाल

भारतीय नागरिकता को लेकर समय-समय पर भ्रम की स्थिति बनती रही है। आधार कार्ड लागू होने के शुरुआती दौर में कई लोगों को लगा था कि यह नागरिकता का प्रमाण है, लेकिन बाद में स्पष्ट किया गया कि आधार केवल पहचान और निवास का दस्तावेज है, नागरिकता का नहीं।

इसी प्रकार चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान भी अदालतों ने स्पष्ट किया है कि वोटर आईडी कार्ड मतदान का अधिकार दर्शाता है, लेकिन यह अकेले नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता।

भारत में नागरिकता कैसे तय होती है?

भारत में नागरिकता का निर्धारण मुख्य रूप से नागरिकता अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत किया जाता है।

जन्म के आधार पर नागरिकता

  • 26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 के बीच भारत में जन्मे व्यक्ति स्वतः भारतीय नागरिक माने जाते हैं।
  • 1 जुलाई 1987 से 3 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्ति तब भारतीय नागरिक होंगे, जब उनके माता-पिता में से कम से कम एक भारतीय नागरिक हो।
  • 3 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्ति तभी नागरिकता का दावा कर सकते हैं, जब दोनों माता-पिता भारतीय नागरिक हों, या एक भारतीय नागरिक हो और दूसरा अवैध प्रवासी न हो।

नागरिकता प्राप्त करने के अन्य प्रावधान

भारतीय कानून में जन्म के अलावा वंश, पंजीकरण, प्राकृतिककरण (Naturalization) और विशेष परिस्थितियों के आधार पर भी नागरिकता प्राप्त करने के प्रावधान हैं।

इसके अलावा नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के पात्र लोगों को निर्धारित शर्तों के अनुसार भारतीय नागरिकता देने की व्यवस्था की गई है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह स्पष्टीकरण?

विदेश मंत्रालय के इस बयान ने एक बार फिर नागरिकता और पहचान दस्तावेजों के बीच अंतर को चर्चा में ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पासपोर्ट, आधार और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज अलग-अलग उद्देश्यों के लिए जारी किए जाते हैं और प्रत्येक की कानूनी भूमिका अलग होती है। ऐसे में नागरिकता से जुड़े मामलों में संबंधित कानूनी दस्तावेजों और प्रावधानों को समझना आवश्यक है।

Weather Update: 25 जून को इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार 25 जून को उत्तर भारत, पूर्वोत्तर, मध्य भारत और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा। कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाएं, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।

उत्तर भारत में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 25 जून को अच्छी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान के कई इलाकों में भी बारिश के आसार हैं।

दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और चंडीगढ़ में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और आंधी भी देखने को मिल सकती है।

यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना

उत्तर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज होने लगी हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। इसके बाद लगातार बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

मध्य भारत में भी मौसम बदलेगा मिजाज

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में बारिश की संभावना है। खासकर विदर्भ के कुछ इलाकों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही तेज हवाएं, आंधी और बिजली कड़कने की भी चेतावनी दी गई है।

हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में हीटवेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है।

पूर्वोत्तर राज्यों में जारी रहेगा बारिश का दौर

असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है।

पश्चिम भारत में गोवा और कोंकण पर विशेष नजर

मध्य महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा और गुजरात के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। गोवा और कोंकण क्षेत्र में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।

महाराष्ट्र में अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।

दक्षिण भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून

तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और यनम में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं केरल, माहे, तेलंगाना और लक्षद्वीप में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

पिछले 24 घंटे में कहां रही सबसे ज्यादा गर्मी?

मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश, विदर्भ, तेलंगाना, पूर्वी मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। हालांकि देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री से नीचे बना रहा।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के आगे बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में उत्तर भारत के कई राज्यों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

Aaj Ka Rashifal 25 June 2026: जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल

Aaj Ka Rashifal 25 June 2026: आज गुरुवार का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आया है, जबकि कुछ राशियों को कार्यक्षेत्र और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। आज गुरु ग्रह के प्रभाव से ज्ञान, शिक्षा, धार्मिक कार्यों और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी। नए कार्यों की शुरुआत और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए दिन अनुकूल माना जा सकता है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल के अनुसार जानिए मेष से लेकर मीन राशि तक सभी राशियों का दैनिक राशिफल।

मेष राशि (Aries)

आज का दिन आत्मविश्वास से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9

वृषभ राशि (Taurus)

किसी पुराने कार्य में सफलता मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6

मिथुन राशि (Gemini)

आज संचार और संपर्कों का लाभ मिलेगा। व्यापार में नए अवसर सामने आ सकते हैं। किसी मित्र से महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त होगी। पारिवारिक माहौल सुखद रहेगा।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5

कर्क राशि (Cancer)

भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय न लें। कार्यक्षेत्र में धैर्य बनाए रखें। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। परिवार का सहयोग मिलेगा।
शुभ रंग: सिल्वर
शुभ अंक: 2

सिंह राशि (Leo)

आज आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। नौकरी और व्यापार में लाभ के संकेत हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है।
शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1

कन्या राशि (Virgo)

कार्यस्थल पर आपकी मेहनत रंग लाएगी। रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। परिवार में किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 7

तुला राशि (Libra)

आज संतुलित व्यवहार आपको सफलता दिलाएगा। आर्थिक लाभ के योग हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। यात्रा के दौरान सावधानी बरतें।
शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6

वृश्चिक राशि (Scorpio)

आज का दिन चुनौतियों भरा हो सकता है, लेकिन धैर्य और समझदारी से सभी समस्याओं का समाधान मिलेगा। नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं।
शुभ रंग: मैरून
शुभ अंक: 8

धनु राशि (Sagittarius)

भाग्य का साथ मिलेगा। लंबे समय से रुका कार्य पूरा हो सकता है। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3

मकर राशि (Capricorn)

कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी।
शुभ रंग: ग्रे
शुभ अंक: 8

कुंभ राशि (Aquarius)

नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए दिन अनुकूल है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। मित्रों और सहयोगियों का पूरा समर्थन मिलेगा।
शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 4

मीन राशि (Pisces)

आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी और व्यवसाय में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। जीवनसाथी का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा।
शुभ रंग: बैंगनी
शुभ अंक: 7

बेंगलुरु रोड शो में चमका यूपी मॉडल, उद्योग जगत ने योगी सरकार की नीतियों को सराहा

बेंगलुरु/लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आयोजित उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग-2026 के इंडस्ट्री लीडर्स रोड शो में देश-विदेश की बड़ी कंपनियों के अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास के लिए उभरता हुआ राज्य बताया है। कार्यक्रम के दौरान एम्बेसी ग्रुप, आईबीएम और कॉग्निजेंट के वरिष्ठ अधिकारियों ने योगी सरकार की नीतियों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और सुशासन के क्षेत्र में तेज प्रगति की है। बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत कनेक्टिविटी और उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण आज उत्तर प्रदेश देश-विदेश के निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बनता जा रहा है।

उत्तर प्रदेश भारत की विकास गाथा का केंद्र : अमित शेट्टी

एम्बेसी ग्रुप के सीईओ अमित शेट्टी ने उत्तर प्रदेश को भारत की सबसे महत्वपूर्ण विकास गाथाओं में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल एक बड़ा राज्य नहीं, बल्कि व्यापकता, महत्वाकांक्षा, प्रतिभा, उद्यमशीलता और नए भारत की उभरती आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत आर्थिक विस्तार के अगले चरण में आगे बढ़ रहा है, उत्तर प्रदेश यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा कि निवेश कहां आएगा, रोजगार कहां सृजित होंगे और भविष्य के बिजनेस डिस्ट्रिक्ट कहां विकसित होंगे।

अमित शेट्टी ने कहा कि भारत की विकास गाथा अब केवल कुछ महानगरों तक सीमित नहीं है। यह नए कॉरिडोर, नए शहरों और नए उद्यम केंद्रों तक विस्तार कर रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश निवेश की अगली बड़ी मंजिल बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और लखनऊ तेजी से निवेश के प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहे हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहले ही एनसीआर के भीतर महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी और बिजनेस हब बन चुके हैं। मजबूत एक्सप्रेसवे, मेट्रो कनेक्टिविटी, दिल्ली की निकटता और जेवर एयरपोर्ट इस क्षेत्र को और अधिक आकर्षक बना रहे हैं।

अमित शेट्टी ने लखनऊ को लेकर कहा कि यह शहर अब केवल अपनी संस्कृति और प्रशासनिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि एक आधुनिक शहरी आर्थिक केंद्र के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, संगठित रिटेल, बढ़ती सर्विस इकोनॉमी और मजबूत टैलेंट बेस ने लखनऊ को नई पहचान दी है।

योगी सरकार ने बनाया निवेशकों के लिए भरोसेमंद माहौल : तेजस्विनी राजवाड़े

आईबीएम इंडिया और साउथ एशिया की सीएफओ तेजस्विनी राजवाड़े ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में व्यावसायिक माहौल में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य निवेशकों के लिए बेहद भरोसेमंद गंतव्य बन गया है। तेजस्विनी राजवाड़े ने कहा कि निवेश मित्र, सेक्टर-विशिष्ट नीतियां और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के प्रति योगी सरकार की प्रतिबद्धता ने यह साबित किया है कि उत्तर प्रदेश वैश्विक स्तर का निवेश इकोसिस्टम तैयार करने के लिए पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर, इंडस्ट्रियल पार्क और कनेक्टिविटी में किए गए निवेश भविष्य के उद्योगों के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं।

तेजस्विनी राजवाड़े ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत इसकी युवा आबादी और प्रतिभाशाली मानव संसाधन है। राज्य में युवाओं, इंजीनियर्स और स्नातकों की विशाल संख्या इसे टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का अग्रणी केंद्र बनने की क्षमता देती है। तेजस्विनी ने कहा कि आईबीएम के लिए सबसे उत्साहजनक बात यह है कि उत्तर प्रदेश केवल तकनीक को अपनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नई तकनीकों को आकार देने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सुरक्षा, विकास और सुशासन पर दिया गया जोर निवेशकों के बीच भरोसे और विश्वास की मजबूत नींव बना रहा है।

तेजस्विनी राजवाड़े ने बताया कि इस वर्ष की शुरुआत में आईबीएम ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ साझेदारी में लखनऊ में एआई गवर्नमेंट टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर लॉन्च किया। इस पहल को आगे बढ़ाते हुए आईबीएम ने लखनऊ में एक नई सॉफ्टवेयर लैब स्थापित करने की घोषणा भी की है। यह लैब जनरेटिव एआई और ऑथेंटिक एआई तकनीकों पर केंद्रित होगी। उन्होंने कहा कि यह सुविधा आईबीएम के वैश्विक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इकोसिस्टम का हिस्सा बनेगी और अगली पीढ़ी के एआई समाधान विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

योगी सरकार की नीतियां निवेशकों के लिए बेहद सकारात्मकः गौरव हाजरा

कॉग्निजेंट के वाइस प्रेसिडेंट गौरव हाजरा ने कहा कि उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र आज प्रतिभा, इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजनेस ऑपरेशंस के लिए तेजी से प्रतिस्पर्धी केंद्र बन रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में कॉग्निजेंट ने 2015 में अपने संचालन की शुरुआत की थी। आज केवल नोएडा में कंपनी के 10,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि एनसीआर के अन्य हिस्सों में भी लगभग 10,000 कर्मचारी हैं। गौरव हाजरा ने कहा कि योगी सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियां निवेशकों के लिए बेहद सकारात्मक संकेत दे रहीं हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, सिंगल विंडो सिस्टम और निवेश मित्र जैसे प्लेटफॉर्म्स ने निवेश प्रक्रिया को काफी सरल बनाया है।

गौरव हाजरा ने जीसीसी नीति की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि 25 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी, ऑपरेशनल एक्सपेंडिचर सपोर्ट और बड़े निवेशकों के लिए लचीली संरचना जैसी नीतियां उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए बेहद आकर्षक बनाती हैं। उन्होंने लखनऊ में एआई सिटी और एआई प्रज्ञा जैसी पहलों को समयानुकूल बताते हुए कहा कि ये कदम उत्तर प्रदेश को एआई आधारित अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

तेल बाजार को राहत: ट्रंप बोले- होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान नहीं लगाएगा कोई शुल्क

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- वैश्विक तेल बाजार के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने अमेरिका को आश्वस्त किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर किसी प्रकार का टोल, बीमा शुल्क या अन्य अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाएगा।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान ने अमेरिका को स्पष्ट रूप से बताया है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में सकारात्मक संकेत देखने को मिले हैं।

वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। खाड़ी देशों से निकलने वाले तेल और गैस का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। ऐसे में इस मार्ग पर किसी भी प्रकार का शुल्क या बाधा वैश्विक ऊर्जा कीमतों को प्रभावित कर सकती है।

अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच आया बयान

यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर वार्ता चल रही है। दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, परमाणु कार्यक्रम और समुद्री सुरक्षा जैसे विषयों पर बातचीत हो रही है। ट्रंप ने कहा कि यह व्यवस्था फिलहाल लागू है, हालांकि 60 दिनों की वार्ता अवधि के बाद स्थिति क्या होगी, इस पर उन्होंने कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया।

ईरान का अलग रुख

हालांकि ईरान पहले यह कह चुका है कि वह जहाजों से टोल नहीं बल्कि समुद्री प्रशासनिक सेवाओं, सुरक्षा और नेविगेशन सहायता के बदले शुल्क लेने की संभावना पर विचार कर रहा है। ईरान और ओमान ने हाल ही में एक संयुक्त बयान में कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी प्रशासनिक सेवाओं के लिए संभावित शुल्क व्यवस्था का अध्ययन किया जाएगा।

तेल बाजार पर पड़ सकता है सकारात्मक असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बिना किसी अतिरिक्त शुल्क और व्यवधान के जारी रहती है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति स्थिर बनी रह सकती है। इससे कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम होगा और ऊर्जा बाजार को राहत मिल सकती है।

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में महापंचायत का अल्टीमेटम, 3 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार के भोजपुर जिले में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बुधवार को उनके पैतृक गांव बिलौटी में आयोजित महापंचायत में सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया। महापंचायत में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और मामले की निष्पक्ष जांच तथा आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग की।

सभा में वक्ताओं ने कहा कि यदि भरत भूषण तिवारी के श्राद्ध कर्म की अवधि समाप्त होने तक आरोपी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया जाएगा। महापंचायत में पटना में विधानसभा घेराव और दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की भी चेतावनी दी गई।

बिहार से लेकर यूपी और दिल्ली तक से पहुंचे लोग

महापंचायत से पहले सुबह से ही कुड़वा शिव मंदिर परिसर में लोगों का जुटान शुरू हो गया था। हाथों में तिरंगा और भरत तिवारी के पोस्टर लिए लोग नारे लगाते हुए सभा स्थल पहुंचे। भोजपुर, बक्सर और रोहतास समेत उत्तर प्रदेश के बलिया, देवरिया, मिर्जापुर तथा दिल्ली सहित कई स्थानों से लोग कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे।

भीड़ के चलते आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित रहा और फोरलेन सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। सभा स्थल और भरत तिवारी के घर के आसपास बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही।

न्याय की मांग को लेकर उठी आवाज

महापंचायत में मौजूद लोगों ने एक स्वर में कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि न्याय और जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा है। कार्यक्रम में कई सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों ने भी हिस्सा लिया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

प्रशांत किशोर ने दी आंदोलन की चेतावनी

जन सुराज के सूत्रधार Prashant Kishor ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। उन्होंने मामले की जांच किसी कार्यरत न्यायाधीश की निगरानी में कराने और जांच के दायरे में एसटीएफ की भूमिका को भी शामिल करने की मांग की।

प्रशांत किशोर ने कार्यक्रम से पहले भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा भी दिया।

एसडीपीओ राजेश शर्मा का तबादला

इस बीच पुलिस मुख्यालय ने जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा को उनके पद से हटाकर मुख्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया है। उनकी जगह मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के डीएसपी पंकज कुमार मिश्रा की तैनाती की गई है।

गौरतलब है कि भरत भूषण तिवारी की मौत के मामले में दर्ज प्राथमिकी में एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा समेत कई पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है। मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

केतन अग्रवाल मौत मामले में नए खुलासे, जांच में सामने आए कई अहम पहलू

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पुणे के निकट लोहागढ़ किले में कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए पहलू सामने आए हैं। मामले की जांच कर रही लोनावाला रूरल पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल कथित तौर पर प्रस्तावित शादी को लेकर मानसिक रूप से तैयार नहीं थी और उस पर परिवार की ओर से विवाह के लिए दबाव बनाया जा रहा था।

पुलिस सूत्रों का दावा है कि पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाणों के विश्लेषण में यह संकेत मिले हैं कि सिया फिलहाल शादी नहीं करना चाहती थी और अपने जीवन को लेकर अलग योजनाएं बना रही थी।

शादी को लेकर परिवार के दबाव की जांच

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी विवाह को लेकर सहज नहीं थी। अधिकारी ने बताया कि पुलिस इस मामले में संभावित मकसद और कथित साजिश के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस मामले में अन्य व्यक्तिगत और सामाजिक कारणों की क्या भूमिका रही हो सकती है।

सह-आरोपी के साथ करीबी संपर्क की जांच

पुलिस के अनुसार, सह-आरोपी चेतन चौधरी और सिया गोयल के बीच पिछले कुछ महीनों से लगातार संपर्क था। जांचकर्ताओं का दावा है कि दोनों की मुलाकात पिछले वर्ष एक दिवाली समारोह के दौरान हुई थी, जिसके बाद वे नियमित रूप से संपर्क में रहे।

अधिकारियों का कहना है कि दोनों के बीच हुई बातचीत और डिजिटल रिकॉर्ड की भी गहन जांच की जा रही है।

लोहागढ़ किले में हुई घटनाओं की पड़ताल

पुलिस जांच में लोहागढ़ किले की कुछ घटनाओं को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना से पहले और बाद की परिस्थितियां क्या थीं और क्या किसी प्रकार की पूर्व योजना बनाई गई थी।

अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न घटनाओं और आरोपों की तकनीकी तथा फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर पुष्टि की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएंगे।

कैफे में मुलाकात और कथित योजना की जांच

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना से पहले सिया और चेतन की एक कैफे में मुलाकात हुई थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि उस मुलाकात में क्या चर्चा हुई थी और उसका इस मामले से कोई संबंध था या नहीं।

फिलहाल पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और अन्य साक्ष्यों की मदद से पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।

हादसे से हत्या के शक तक पहुंची जांच

गौरतलब है कि शुरुआत में केतन अग्रवाल की मौत को एक दुर्घटना माना जा रहा था। बताया गया था कि लोहागढ़ किले पर फोटो खींचते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वे खाई में गिर गए।

हालांकि, परिजनों द्वारा संदेह जताए जाने के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मामले को अलग दृष्टिकोण से देखना शुरू किया।

वर्तमान में सिया गोयल और चेतन चौधरी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।

अलीगंज अग्निकांड पर सियासत तेज, ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव से पूछे कई सवाल

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- अलीगंज अग्निकांड को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मामले में विपक्ष राजनीति करने के बजाय तथ्यों पर जवाब दे।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि अलीगंज में हुई दर्दनाक घटना में 15 लोगों की जान गई है और कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है। ऐसे समय में राजनीति करने के बजाय पीड़ितों के साथ खड़ा होना चाहिए।

पूर्व सरकार के फैसलों पर उठाए सवाल

उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जिस भवन में यह हादसा हुआ, उससे जुड़े कई प्रशासनिक और निर्माण संबंधी निर्णय पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में हुए थे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई और ध्वस्तीकरण से जुड़े आदेशों को बाद में क्यों निरस्त किया गया था।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस मामले में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि भवन निर्माण को अनुमति किन परिस्थितियों में दी गई और संबंधित नियमों का पालन हुआ था या नहीं।

एसआईटी जांच जारी

उन्होंने बताया कि घटना के बाद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अपने कार्यक्रमों में बदलाव कर स्वयं घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए गए।

उपमुख्यमंत्री के अनुसार, प्रारंभिक कार्रवाई के तहत चार अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भवन निर्माण प्रक्रिया पर उठे प्रश्न

ब्रजेश पाठक ने दावा किया कि संबंधित भवन के निर्माण और उपयोग को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच से यह स्पष्ट होगा कि निर्माण कार्य और भवन उपयोग में कहीं नियमों की अनदेखी तो नहीं की गई थी।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है।

15 लोगों की हुई थी मौत

गौरतलब है कि लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक इमारत में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे। घायलों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। घटना के बाद पूरे प्रदेश में अग्नि सुरक्षा और भवन मानकों की जांच का अभियान तेज कर दिया गया है।

खान ग्लोबल स्टडीज समेत तीन कोचिंग संस्थान सील,लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रयागराज में बड़ी कार्रवाई

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने सुरक्षा मानकों और भवन उपयोग नियमों के उल्लंघन के मामलों पर सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने शहर के तीन प्रमुख कोचिंग संस्थानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया।

पीडीए की टीम ने लोक सेवा आयोग के सामने स्थित खान ग्लोबल स्टडीज, स्टैनली रोड पर संचालित राव आईएएस तथा सिविल लाइंस क्षेत्र के गायत्रीपुरम स्थित पितृ छाया कोचिंग संस्थान को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान तीनों संस्थानों में नियमित कक्षाएं चल रही थीं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

छात्रों को बाहर निकालकर की गई कार्रवाई

अधिकारियों ने पहले भवनों की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन संबंधी दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद संस्थानों को तत्काल प्रभाव से कक्षाएं बंद करने के निर्देश दिए गए और छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। भवन खाली होने के बाद सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान कुछ छात्रों ने विरोध भी जताया, हालांकि अधिकांश छात्र अचानक हुई कार्रवाई से हैरान और निराश दिखाई दिए।

नियमों के उल्लंघन का आरोप

पीडीए के जोनल अधिकारी बृजेश कुमार ने बताया कि संबंधित संस्थान निर्धारित नियमों और मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। उनके अनुसार खान ग्लोबल स्टडीज और राव आईएएस व्यावसायिक भवनों में संचालित हो रहे थे, जबकि पितृ छाया कोचिंग का संचालन आवासीय भवन में किया जा रहा था।

उन्होंने बताया कि तीनों संस्थानों ने संचालन के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) से आवश्यक अनुमति भी प्राप्त नहीं की थी। इसके अलावा भवन उपयोग से जुड़े कई नियमों का उल्लंघन पाया गया।

दो महीने में दूसरी बड़ी कार्रवाई

पीडीए अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो महीनों के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले मार्च महीने में एग्जामपुर, सुपर क्लाइमेक्स और टारगेट ऑन नामक कोचिंग संस्थानों को भी नियमों के उल्लंघन के आरोप में सील किया गया था। उस दौरान भी छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था।

लखनऊ हादसे के बाद बढ़ी सख्ती

गौरतलब है कि लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे। घटना के बाद राज्य सरकार और प्रशासन ने शैक्षणिक संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक भवनों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा तेज कर दी है।

मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जिसे निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट सौंपनी है। इसी बीच प्रदेशभर में भवन सुरक्षा और अग्निशमन मानकों को लेकर व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है।