न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने सुरक्षा मानकों और भवन उपयोग नियमों के उल्लंघन के मामलों पर सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने शहर के तीन प्रमुख कोचिंग संस्थानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया।
पीडीए की टीम ने लोक सेवा आयोग के सामने स्थित खान ग्लोबल स्टडीज, स्टैनली रोड पर संचालित राव आईएएस तथा सिविल लाइंस क्षेत्र के गायत्रीपुरम स्थित पितृ छाया कोचिंग संस्थान को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान तीनों संस्थानों में नियमित कक्षाएं चल रही थीं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
छात्रों को बाहर निकालकर की गई कार्रवाई
अधिकारियों ने पहले भवनों की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन संबंधी दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद संस्थानों को तत्काल प्रभाव से कक्षाएं बंद करने के निर्देश दिए गए और छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। भवन खाली होने के बाद सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान कुछ छात्रों ने विरोध भी जताया, हालांकि अधिकांश छात्र अचानक हुई कार्रवाई से हैरान और निराश दिखाई दिए।
नियमों के उल्लंघन का आरोप
पीडीए के जोनल अधिकारी बृजेश कुमार ने बताया कि संबंधित संस्थान निर्धारित नियमों और मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। उनके अनुसार खान ग्लोबल स्टडीज और राव आईएएस व्यावसायिक भवनों में संचालित हो रहे थे, जबकि पितृ छाया कोचिंग का संचालन आवासीय भवन में किया जा रहा था।
उन्होंने बताया कि तीनों संस्थानों ने संचालन के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) से आवश्यक अनुमति भी प्राप्त नहीं की थी। इसके अलावा भवन उपयोग से जुड़े कई नियमों का उल्लंघन पाया गया।
दो महीने में दूसरी बड़ी कार्रवाई
पीडीए अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो महीनों के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले मार्च महीने में एग्जामपुर, सुपर क्लाइमेक्स और टारगेट ऑन नामक कोचिंग संस्थानों को भी नियमों के उल्लंघन के आरोप में सील किया गया था। उस दौरान भी छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था।
लखनऊ हादसे के बाद बढ़ी सख्ती
गौरतलब है कि लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे। घटना के बाद राज्य सरकार और प्रशासन ने शैक्षणिक संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक भवनों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा तेज कर दी है।
मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जिसे निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट सौंपनी है। इसी बीच प्रदेशभर में भवन सुरक्षा और अग्निशमन मानकों को लेकर व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है।



