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मोदी कैबिनेट में फेरबदल की अटकलें तेज, धर्मेंद्र प्रधान समेत 2 मंत्री हो सकते हैं बाहर,नीतीश कुमार को मौके के आसार

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में जल्द कैबिनेट फेरबदल होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में कई मंत्रियों के विभाग बदलने और कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अलग-अलग मुलाकात के बाद इन चर्चाओं को और बल मिला है।

उत्तर प्रदेश में संगठन विस्तार के बाद बढ़ी अटकलें

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव किया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम में कई नए चेहरों को जगह दी गई है। पार्टी ने उपाध्यक्ष, महामंत्री और मंत्री स्तर के पदों की संख्या भी बढ़ाई है।

नई टीम में करीब 60 प्रतिशत नए चेहरों को शामिल किया गया है, जबकि कई पुराने नेताओं को बाहर रखा गया है। संगठन में ओबीसी और महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया है।

किन मंत्रियों पर मंडरा सकता है खतरा?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जिम्मेदारी बदली जा सकती है। पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार उन पर निशाना साध रहा है।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के विभाग में भी बदलाव की चर्चा है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि निर्मला सीतारमण, नितिन गडकरी और मनोहर लाल खट्टर के मंत्रालयों में भी फेरबदल संभव है। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

नए चेहरों को मिल सकती है जगह

सूत्रों के हवाले से सामने आई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि महाराष्ट्र के सांसद श्रीकांत शिंदे को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी केंद्र सरकार में अहम भूमिका दिए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

कुछ रिपोर्ट्स में सुखेंदु शेखर रे का नाम भी संभावित चेहरों में शामिल बताया गया है। वहीं, राघव चड्ढा को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन इस संबंध में किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा पहले ही स्वीकार

हाल ही में राज्यसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंत्रिपद से इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। हालांकि, रवनीत सिंह बिट्टू सहित कुछ अन्य मंत्री अभी भी अपने पदों पर बने हुए हैं।

आधिकारिक घोषणा का इंतजार

फिलहाल कैबिनेट विस्तार या फेरबदल को लेकर केंद्र सरकार या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में मंत्रियों के नाम, विभागों में बदलाव और नए चेहरों की एंट्री को लेकर जारी सभी चर्चाएं और दावे फिलहाल अटकलों के दायरे में हैं।

Silver Price Today: चांदी के भाव में गिरावट का तूफान, चीन का क्या है कनेक्शन?

Silver Price Today: भारत में मुहर्रम के कारण कमोडिटी बाजार बंद रहे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली। शुक्रवार (26 जून) को कॉमेक्स (COMEX) पर चांदी की कीमत में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना भी दबाव में कारोबार करता नजर आया।

चांदी में 4.44% की बड़ी गिरावट

कॉमेक्स पर चांदी (Silver) का भाव 4.44 फीसदी टूटकर 55.77 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह 58.025 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ था। वहीं, कॉमेक्स गोल्ड 44.80 डॉलर यानी 1.11 फीसदी की गिरावट के साथ 4,002.80 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। कारोबार के दौरान सोना 4,001.20 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर तक भी फिसला।

चीन की कमजोर मांग से बढ़ा दबाव

बाजार में गिरावट की बड़ी वजह चीन से आई कमजोर मांग मानी जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मई महीने में हांगकांग के जरिए चीन के शुद्ध सोना आयात में करीब 38 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। चीन दुनिया के सबसे बड़े कीमती धातु उपभोक्ताओं में शामिल है, इसलिए वहां की मांग में कमी का असर वैश्विक कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है।

अमेरिकी महंगाई ने बढ़ाई चिंता

अमेरिका में मई महीने की मुद्रास्फीति तीन साल में पहली बार 4 फीसदी के ऊपर पहुंच गई। ऊर्जा कीमतों में तेजी के कारण महंगाई बढ़ने से यह उम्मीद मजबूत हुई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है या आगे और सख्ती कर सकता है।

फेडरल रिजर्व का सख्त रुख

फेड अधिकारियों ने भी महंगाई को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। उनका कहना है कि महंगाई अभी भी केंद्रीय बैंक के 2 फीसदी लक्ष्य से काफी ऊपर बनी हुई है। CME FedWatch के अनुसार, बाजार अब इस साल ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना देख रहा है। ऊंची ब्याज दरों का असर सोना और चांदी जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों पर नकारात्मक पड़ता है।

मजबूत डॉलर भी बना बड़ी वजह

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स लगातार मजबूत हो रहा है। डॉलर मजबूत होने पर अन्य देशों के खरीदारों के लिए सोना और चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग घटती है और कीमतों पर दबाव बढ़ता है।

भू-राजनीतिक तनाव से बढ़ी अनिश्चितता

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम भी बाजार की चिंता बढ़ा रहे हैं। समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ी अनिश्चितता वैश्विक सप्लाई चेन पर असर डाल सकती है, जिससे कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

अब PCE डेटा पर बाजार की नजर

अब निवेशकों की निगाहें अमेरिका के PCE (Personal Consumption Expenditures) मुद्रास्फीति आंकड़ों पर टिकी हैं। यह फेडरल रिजर्व का पसंदीदा महंगाई संकेतक माना जाता है। इसके आंकड़े आगे ब्याज दरों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं, जिसका सीधा असर सोना और चांदी की कीमतों पर देखने को मिलेगा।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: संजय राउत ने ट्रस्ट से पूछा- 4 किलो चांदी की ईंट और 1 करोड़ रुपये दिए थे कहां गई?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: श्रीराम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। चढ़ावा चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से शिवसेना द्वारा दान की गई 4 किलो चांदी की ईंट और 1 करोड़ रुपये का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। वहीं, सिंधी समाज ने भी वर्ष 2021 में दान की गई 200 किलो चांदी की ईंटों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठाई है।

संजय राउत ने उठाए सवाल

संजय राउत ने सोशल मीडिया पर कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की ओर से हजारों शिवसैनिकों और संतों की मौजूदगी में एक करोड़ रुपये और चार किलो की चांदी की पवित्र ईंट ट्रस्ट को सौंपी गई थी। उनका आरोप है कि कई वर्ष बीत जाने के बावजूद ट्रस्ट की ओर से न तो दान की कोई रसीद जारी की गई और न ही चांदी की ईंट के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी दी गई।

उन्होंने सवाल किया कि दान में दी गई चांदी की ईंट कहां है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

सिंधी समाज ने भी मांगा जवाब

विश्व सिंधी सेवा संगम ने भी ट्रस्ट से 200 किलो चांदी की ईंटों का ब्यौरा मांगा है। संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजू मनवानी के अनुसार, 26 जनवरी 2021 को देश-विदेश के सिंधी समाज के सहयोग से 200 चांदी की ईंटें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को सौंपी गई थीं। इन ईंटों पर भगवान झूलेलाल की आकृति अंकित थी और समारोह में 12 देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे।

‘आज तक नहीं मिली रसीद’

डॉ. मनवानी का कहना है कि ट्रस्ट ने उस समय चांदी की शुद्धता की जांच के बाद रसीद देने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक न तो कोई रसीद मिली और न ही दान की गई ईंटों के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा की गई। उन्होंने कहा कि हालिया विवाद के बाद सिंधी समाज की चिंता और बढ़ गई है तथा जल्द ही समाज का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेगा।

चढ़ावा मामले में 8 लोगों पर एफआईआर

दूसरी ओर, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) पूरे मामले की जांच कर रहा है। सरकार ने कहा है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, शिवसेना और सिंधी समाज द्वारा उठाए गए सवालों पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Aaj Ka Rashifal 26 June 2026: कन्या और धनु राशि वालों की बढ़ेगी आय, वृषभ राशि के लोग रहें सावधान

Aaj Ka Rashifal 26 June 2026: 26 जून का दिन कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आया है। ग्रहों की वर्तमान चाल के अनुसार आज दांपत्य जीवन, प्रेम संबंध और विवाह से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। वहीं कुछ राशियों को स्वास्थ्य और खर्च के मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

ग्रहों की स्थिति

आज मंगल वृषभ राशि में, सूर्य मिथुन राशि में, बुध, शुक्र और गुरु कर्क राशि में विराजमान हैं। केतु सिंह राशि, राहु कुंभ राशि और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। चंद्रमा दिनभर तुला राशि में रहेंगे और शाम के बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय दृष्टि से चंद्रमा की यह स्थिति रिश्तों और सामाजिक जीवन के लिए अनुकूल मानी जा रही है।

मेष राशि

आज का दिन सकारात्मक रहेगा। दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी और नौकरीपेशा लोगों को लाभ मिलने के संकेत हैं। प्रेम संबंध मजबूत होंगे और संतान पक्ष से भी सुखद समाचार मिल सकता है। मां काली की पूजा करना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसमी बीमारियां या हल्की शारीरिक परेशानी परेशान कर सकती है। हालांकि प्रेम संबंध, संतान और व्यापार के लिहाज से दिन अनुकूल रहेगा। लाल रंग की वस्तु का दान करना लाभदायक माना गया है।

मिथुन राशि

भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। महत्वपूर्ण निर्णय फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। प्रेम संबंध और व्यापार सामान्य रहेंगे। मां काली की आराधना शुभ फल दे सकती है।

कर्क राशि

स्वास्थ्य में सुधार होगा। भूमि, भवन या वाहन खरीदने की योजना सफल हो सकती है। व्यापार में भी अच्छे अवसर मिलेंगे और निवेश के लिए समय अनुकूल रहेगा। लाल वस्तु अपने पास रखना शुभ रहेगा।

सिंह राशि

आत्मविश्वास और मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। व्यापार में सफलता मिलने के योग हैं। प्रेम संबंधों में अपनापन रहेगा, हालांकि थोड़ी दूरी महसूस हो सकती है। भगवान गणेश की पूजा और मूंग की दाल का दान लाभकारी रहेगा।

कन्या राशि

धन लाभ के प्रबल योग हैं। परिवार के साथ सुखद समय बिताने का अवसर मिलेगा। हालांकि शेयर, सट्टा या लॉटरी जैसे जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाकर रखें। व्यापार में सफलता मिलेगी। सुगंधित वस्तुओं का दान शुभ रहेगा।

तुला राशि

दिन शुभ रहेगा और आवश्यक कार्य आसानी से पूरे होंगे। आर्थिक निवेश के लिए समय अनुकूल है। नए प्रेम संबंधों की शुरुआत फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। मसूर की दाल या लाल वस्त्र का दान लाभकारी रहेगा।

वृश्चिक राशि

अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं और कर्ज लेने की नौबत भी आ सकती है। सिरदर्द या आंखों से जुड़ी परेशानी हो सकती है। निवेश सोच-समझकर करें। लोहे की वस्तु का दान शुभ माना गया है।

धनु राशि

आय के नए स्रोत बनेंगे और पुराने माध्यमों से भी आर्थिक लाभ मिलेगा। व्यापार में उन्नति के योग हैं। निवेश के लिए दिन अच्छा रहेगा। लोहे की वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

मकर राशि

कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी और कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है। व्यापार मजबूत रहेगा और निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। सुगंधित वस्तुओं का दान शुभ रहेगा।

कुंभ राशि

भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। यात्रा के योग बन सकते हैं और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। व्यापार में स्थिति मजबूत होगी तथा निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। पीली वस्तुओं या चने की दाल का दान करना शुभ रहेगा।

मीन राशि

शाम तक थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। स्वास्थ्य और मानसिक तनाव परेशान कर सकता है। व्यापार सामान्य रहेगा और निवेश लाभदायक साबित हो सकता है। सफेद वस्तुओं जैसे चावल, दही या चीनी का दान शुभ रहेगा, लेकिन दूध का दान करने से बचें।

राजा भैया और उनके पिता समेत 13 लोग नजरबंद, भदरी किले के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रतापगढ़/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में मोहर्रम को लेकर प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए कुंडा विधायक राजा भैया, उनके पिता उदय प्रताप सिंह और कई समर्थकों को नजरबंद कर दिया है। भदरी स्थित किले और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने संबंधित नोटिस भी परिसर के बाहर चस्पा कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक गुरुवार सुबह से शुरू हुई यह कार्रवाई शुक्रवार रात तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान संबंधित लोगों को निर्धारित क्षेत्र से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी।

मोहर्रम और भंडारे को लेकर प्रशासन सतर्क

पुलिस अधिकारियों के अनुसार हर वर्ष मोहर्रम के दौरान ताजिया जुलूस जिस मार्ग से गुजरता है, उसी रास्ते पर स्थित हनुमान मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम और भंडारे का आयोजन किया जाता रहा है। अतीत में इस दौरान तनाव की स्थिति उत्पन्न होने के चलते प्रशासन विशेष सतर्कता बरतता है।

अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी बृज नंदन राय ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन का कहना है कि मोहर्रम जुलूस और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

बंदर की मौत के बाद बना था मंदिर

स्थानीय सूत्रों के अनुसार वर्ष 2012 में एक बंदर की मौत के बाद ग्रामीणों ने सड़क किनारे हनुमान मंदिर का निर्माण कराया था। इसके बाद से हर वर्ष वहां धार्मिक अनुष्ठान और भंडारे का आयोजन किया जाता है। मोहर्रम के अवसर पर ताजिया जुलूस भी इसी मार्ग से गुजरता है, जिसके चलते कई बार संवेदनशील स्थिति बन चुकी है।

2015 की घटना के बाद हर साल होती है कार्रवाई

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2015 में मोहर्रम के दौरान आयोजित कार्यक्रमों को लेकर विवाद और तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई थी। इसके बाद से प्रशासन एहतियातन हर साल राजा भैया और उनके पिता समेत कुछ प्रमुख लोगों को नजरबंद करता है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

इन लोगों को किया गया नजरबंद

राजा भैया और उदय प्रताप सिंह के अलावा कई अन्य समर्थकों को भी एहतियातन नजरबंद किया गया है। प्रशासन ने सभी संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी कर सुरक्षा व्यवस्था के तहत यह कदम उठाया है।

पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई

भदरी महल और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि मोहर्रम के दौरान शांति और सौहार्द बना रहे।

UP BJP New Team: यूपी भाजपा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, सभी 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष बदले; नई टीम का ऐलान

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तर प्रदेश में संगठन को नया स्वरूप देते हुए प्रदेश पदाधिकारियों की नई टीम की घोषणा कर दी है। पार्टी ने व्यापक बदलाव करते हुए सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदल दिया है। नई सूची में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ महिला प्रतिनिधित्व को भी प्रमुखता दी गई है।

भाजपा द्वारा जारी नई सूची के अनुसार 19 प्रदेश उपाध्यक्ष, 8 प्रदेश महामंत्री और 19 प्रदेश मंत्रियों की नियुक्ति की गई है। पार्टी ने आगामी चुनावी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अनुभवी और युवा नेताओं के मिश्रण पर जोर दिया है।

19 नेताओं को बनाया गया प्रदेश उपाध्यक्ष

नई टीम में सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर सिंह, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, देवेश कोरी, प्रियंका रावत, दुर्विजय शाक्य, रमेश सिंह, नीरज सिंह, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, डॉ. कृतिका अग्रवाल, सुरेश मौर्य, राजेश यादव, कृष्ण बिहारी राय और आलोक गुप्ता को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

8 प्रदेश महामंत्रियों की नियुक्ति

प्रदेश महामंत्री के रूप में रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी को जिम्मेदारी दी गई है।

प्रदेश मंत्रियों की नई सूची जारी

पार्टी ने विजय शिवहरे, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, सहजानंद राय, अंकुर शर्मा, अनिल यादव, अवधेश श्रीवास्तव, विजय राजभर, प्रमेन्द्र जांगड़ा विश्वकर्मा, किरण लोधी निषाद, राकेश बिंद, संचिता सिंह चौहान, रजनी पांडेय, राहुल वाल्मीकि, महामेधा नागर, दीपमाला संतोषी, सुहासिनी जायसवाल, यतेंद्र शर्मा और आकांक्षा सोनकर को प्रदेश मंत्री बनाया है।

सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्ष बदले गए

भाजपा ने संगठनात्मक बदलाव के तहत सभी क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदल दिया है।

  • पश्चिम क्षेत्र : नबाब सिंह नागर
  • ब्रज क्षेत्र : पूरन लाल लोधी
  • कानपुर क्षेत्र : राम किशोर साहू
  • अवध क्षेत्र : अवधेश द्विवेदी
  • काशी क्षेत्र : अशोक चौरसिया
  • गोरखपुर क्षेत्र : विनोद राय

देखें पूरी लिस्ट किसे क्या जिम्मेदारी

BJP_Uttar_Pradesh_2026 Udated List

मीडिया और सोशल मीडिया की जिम्मेदारी

नई टीम में दिनेश प्रताप सिंह को मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है। मनीष दीक्षित को प्रदेश मीडिया संयोजक और हिमांशु राज पंडित को प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

विभिन्न मोर्चों के अध्यक्ष भी घोषित

भाजपा ने संगठन के विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों की भी घोषणा की है। रोहित मिश्रा को युवा मोर्चा, प्रकाश पाल को पिछड़ा मोर्चा, देवेंद्र सिंह को किसान मोर्चा, अशोक रावत को अनुसूचित मोर्चा, सरोज कुशवाह को महिला मोर्चा और विद्याभूषण गोंड को अनुसूचित जनजाति मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है।

चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा फैसला

राजनीतिक जानकार भाजपा के इस बड़े संगठनात्मक फेरबदल को आगामी चुनावों की तैयारी से जोड़कर देख रहे हैं। पार्टी ने नई टीम में सामाजिक समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और युवा नेतृत्व को प्राथमिकता देकर संगठन को और मजबूत बनाने की कोशिश की है। माना जा रहा है कि यह बदलाव भाजपा की आगामी चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा है।

Gold Silver Price: सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, 3 दिन में गोल्ड ₹7,500 और सिल्वर ₹21,000 से ज्यादा टूटा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:– सर्राफा बाजार और कमोडिटी एक्सचेंज में गुरुवार को सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी दोनों की कीमतें दबाव में रहीं, जिससे निवेशकों और खरीदारों के बीच हलचल बढ़ गई है।

एमसीएक्स पर सोना आज 1,478 रुपये की गिरावट के साथ 1,40,700 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, पिछले तीन कारोबारी सत्रों में सोने की कीमत में कुल 7,482 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी दर्ज की गई है।

दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट देखने को मिली। एमसीएक्स सिल्वर आज 11,298 रुपये टूटकर 2,10,737 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। बीते तीन दिनों में चांदी की कीमत करीब 21,728 रुपये प्रति किलो कम हुई है।

रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे पहुंचा सोना-चांदी

एमसीएक्स के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सोना 29 जनवरी को 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। इसके मुकाबले अब तक इसकी कीमत में करीब 52,396 रुपये की गिरावट आ चुकी है।

वहीं, चांदी का ऑल टाइम हाई 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम रहा है। मौजूदा स्तर की तुलना में चांदी लगभग 2,09,311 रुपये सस्ती हो चुकी है। यानी रिकॉर्ड ऊंचाई से चांदी की कीमत लगभग आधी रह गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी असर

वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर में मजबूती और ब्याज दरों को लेकर सख्त संकेतों के चलते सोने की कीमतों में कमजोरी देखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे फिसल गया है, जबकि चांदी भी कई महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गई है।

क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम?

1. डॉलर की मजबूती

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में तेजी आने से सोना अन्य देशों के निवेशकों के लिए महंगा हो जाता है, जिससे मांग प्रभावित होती है।

2. ब्याज दरों को लेकर चिंता

अमेरिकी केंद्रीय बैंक के सख्त रुख और महंगाई पर फोकस ने ब्याज दरें बढ़ने की संभावनाओं को मजबूत किया है। इससे निवेशक सुरक्षित धातुओं से दूरी बना रहे हैं।

3. भू-राजनीतिक तनाव का प्रभाव

अंतरराष्ट्रीय तनाव और ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों की रणनीति बदल रही है, जिससे सोने की मांग प्रभावित हुई है।

4. बड़े बैंकों ने घटाए अनुमान

कई वैश्विक वित्तीय संस्थानों ने सोने की भविष्य की कीमतों को लेकर अपने अनुमान कम किए हैं, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा है।

5. गोल्ड ETF से निकासी

सोने से जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) से लगातार निवेश निकलने की वजह से भी कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

तीन साल की तेजी के बाद आया करेक्शन

पिछले तीन वर्षों के दौरान सोने ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया था और इसकी कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली थी। हालांकि इस साल रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के चलते कीमतों में तेज करेक्शन देखने को मिल रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतकों, डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर सोना-चांदी की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।

Venezuela Earthquake: भीषण भूकंप से वेनेजुएला में तबाही, बड़े पैमाने पर जनहानि की आशंका

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। राजधानी काराकास समेत कई शहरों में इमारतें धराशायी हो गई हैं, जबकि संचार और बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल लागू कर दिया है। शुरुआती रिपोर्टों में हजारों लोगों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है।

देशभर में आपातकाल, स्वास्थ्यकर्मियों को तत्काल ड्यूटी पर लौटने का निर्देश

कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने राष्ट्र के नाम संबोधन में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करते हुए सभी डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों से तुरंत सेवाएं संभालने की अपील की है। सरकारी और निजी अस्पतालों में घायलों की बढ़ती संख्या के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव देखा जा रहा है।

तेल उद्योग पर मंडरा रहा संकट

प्रारंभिक आकलन के अनुसार देश के प्रमुख तेल उत्पादन केंद्रों को तत्काल कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि व्यापक बिजली कटौती के चलते कच्चे तेल के उत्पादन और आपूर्ति पर असर पड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

अमेरिका ने सहायता का भरोसा दिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आपदा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शुरुआती सूचनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए अमेरिकी एजेंसियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं और वेनेजुएला को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।

एयरपोर्ट बंद, स्कूल-कॉलेजों में अवकाश

भूकंप के बाद देश के प्रमुख माइकेतिया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद कर दिया गया है। सरकार ने सुरक्षा कारणों से सभी शिक्षण संस्थानों में कक्षाएं स्थगित करने का आदेश जारी किया है।

1967 की त्रासदी जैसी स्थिति

गृह मंत्री डियोसडाडो काबेलो ने नागरिकों से खुले स्थानों में रहने की अपील की है। राजधानी के कई आवासीय क्षेत्रों में बहुमंजिला इमारतों के गिरने की खबरें सामने आई हैं। विशेषज्ञ इस आपदा की तुलना 1967 में आए विनाशकारी भूकंप से कर रहे हैं, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान गई थी।

सुनामी का खतरा टला

सरकार ने तटीय क्षेत्रों के लिए जारी सुनामी चेतावनी वापस ले ली है। हालांकि राजधानी के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचने और संचार सेवाओं के प्रभावित होने से राहत कार्यों में चुनौतियां बनी हुई हैं।

पीएम मोदी ने जताई संवेदना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला में आई आपदा पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही भारत की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।

यूपी में 1 से 31 जुलाई तक चलने जा रहा बड़ा अभियान, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने अधिकारियों को दिए विशेष निर्देश

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में संचारी रोगों की रोकथाम और जनजागरूकता के लिए स्वास्थ्य विभाग जुलाई महीने में विशेष अभियान चलाने जा रहा है। इसके तहत 1 से 31 जुलाई तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 11 से 31 जुलाई तक दस्तक अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है।

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संचारी रोगों के लक्षण वाले मरीजों की निगरानी ई-कवच पोर्टल के माध्यम से की जाए और संभावित मामलों का समय पर पता लगाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में चलेगा विशेष अभियान

बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव ने कहा कि जिन क्षेत्रों में संचारी रोगों का खतरा अधिक है, वहां विभिन्न विभागों के समन्वय से मच्छर नियंत्रण और वेक्टर नियंत्रण की सघन गतिविधियां चलाई जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जिलों में 29 जून को जिला स्तरीय अंतरविभागीय बैठक आयोजित कर ब्लॉक स्तर तक माइक्रो प्लान तैयार किया जाए।

आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगा प्रशिक्षण

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और आंगनबाड़ी कर्मियों का प्रशिक्षण और संवेदीकरण 8 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आशा और एएनएम को अपने साथ ओआरएस और जिंक की गोलियां रखने को कहा गया है, ताकि दस्त या अन्य लक्षण वाले मरीजों को तत्काल प्राथमिक सहायता दी जा सके।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर रहेगी विशेष निगरानी

अमित घोष ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को निर्देश दिए कि असुरक्षित और निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाए। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ, कटे-फटे या सड़े हुए फल-सब्जियां तथा अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किए जा रहे जूस और अन्य खाद्य सामग्री की नियमित जांच की जाए।

स्कूलों में चलेगा जागरूकता अभियान

विद्यालयों में छात्रों को संचारी रोगों और पशुओं के काटने की स्थिति में प्राथमिक उपचार के बारे में जागरूक किया जाएगा। बच्चों को घाव को बहते साफ पानी से धोने जैसी प्राथमिक चिकित्सा प्रक्रियाओं का प्रदर्शन कर सिखाया जाएगा। इसके लिए स्कूलों में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

1 जुलाई को होगा शपथ ग्रहण कार्यक्रम

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि अभियान की शुरुआत 1 जुलाई को सभी सरकारी कार्यालयों और विद्यालयों में शपथ ग्रहण कार्यक्रम के साथ की जाएगी। साथ ही प्रत्येक सोमवार को अभियान की प्रगति रिपोर्ट और अंतिम रिपोर्ट 5 अगस्त तक राज्य मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

ई-कवच पोर्टल पर अपलोड होगी पूरी जानकारी

दस्तक अभियान के दौरान यदि किसी व्यक्ति में संचारी रोगों के लक्षण मिलते हैं तो उसका नाम, पता और मोबाइल नंबर सहित पूरी जानकारी ई-कवच पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। इसके अलावा फ्रंटलाइन वर्कर्स घर-घर जाकर क्षय रोग (टीबी), कुष्ठ रोग, फाइलेरिया और काला आजार जैसे रोगों के प्रति भी लोगों को जागरूक करेंगे।

क्या पासपोर्ट भारतीय नागरिकता का प्रमाण है? विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब, जानिए क्या हैं नियम

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: क्या भारतीय पासपोर्ट किसी व्यक्ति की भारतीय नागरिकता का प्रमाण माना जा सकता है? इस सवाल पर विदेश मंत्रालय ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि पासपोर्ट मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज है और इसे नागरिकता प्रमाणपत्र के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

‘पासपोर्ट सेवा दिवस’ के अवसर पर आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि पासपोर्ट का उद्देश्य भारतीय नागरिकों की अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सुगम बनाना है। यह दस्तावेज यात्रा और पहचान के लिए जारी किया जाता है, लेकिन कानूनी रूप से यह नागरिकता प्रमाणपत्र का विकल्प नहीं है।

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट जारी करने का उद्देश्य विदेश यात्रा को सुविधाजनक बनाना है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट को नागरिकता के अंतिम और स्वतंत्र प्रमाण के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

हालांकि इस बयान के बाद आम लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि भारत में पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि यदि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो फिर नागरिकता साबित करने के लिए कौन से दस्तावेज मान्य हैं।

आधार और वोटर आईडी को लेकर भी उठ चुके हैं सवाल

भारतीय नागरिकता को लेकर समय-समय पर भ्रम की स्थिति बनती रही है। आधार कार्ड लागू होने के शुरुआती दौर में कई लोगों को लगा था कि यह नागरिकता का प्रमाण है, लेकिन बाद में स्पष्ट किया गया कि आधार केवल पहचान और निवास का दस्तावेज है, नागरिकता का नहीं।

इसी प्रकार चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान भी अदालतों ने स्पष्ट किया है कि वोटर आईडी कार्ड मतदान का अधिकार दर्शाता है, लेकिन यह अकेले नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता।

भारत में नागरिकता कैसे तय होती है?

भारत में नागरिकता का निर्धारण मुख्य रूप से नागरिकता अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत किया जाता है।

जन्म के आधार पर नागरिकता

  • 26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 के बीच भारत में जन्मे व्यक्ति स्वतः भारतीय नागरिक माने जाते हैं।
  • 1 जुलाई 1987 से 3 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्ति तब भारतीय नागरिक होंगे, जब उनके माता-पिता में से कम से कम एक भारतीय नागरिक हो।
  • 3 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्ति तभी नागरिकता का दावा कर सकते हैं, जब दोनों माता-पिता भारतीय नागरिक हों, या एक भारतीय नागरिक हो और दूसरा अवैध प्रवासी न हो।

नागरिकता प्राप्त करने के अन्य प्रावधान

भारतीय कानून में जन्म के अलावा वंश, पंजीकरण, प्राकृतिककरण (Naturalization) और विशेष परिस्थितियों के आधार पर भी नागरिकता प्राप्त करने के प्रावधान हैं।

इसके अलावा नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के पात्र लोगों को निर्धारित शर्तों के अनुसार भारतीय नागरिकता देने की व्यवस्था की गई है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह स्पष्टीकरण?

विदेश मंत्रालय के इस बयान ने एक बार फिर नागरिकता और पहचान दस्तावेजों के बीच अंतर को चर्चा में ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पासपोर्ट, आधार और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज अलग-अलग उद्देश्यों के लिए जारी किए जाते हैं और प्रत्येक की कानूनी भूमिका अलग होती है। ऐसे में नागरिकता से जुड़े मामलों में संबंधित कानूनी दस्तावेजों और प्रावधानों को समझना आवश्यक है।