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राम मंदिर में ध्वजारोहण मंच से निकला ऑल इज संदेश, चंपत राय ने संभाली कमान

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर चल रही जांच और चर्चाओं के बीच मंगलवार को शेषावतार मंदिर के शिखर पर आयोजित ध्वजारोहण समारोह ने सामान्य गतिविधियों और संगठनात्मक एकजुटता का संदेश दिया। कार्यक्रम में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पूर्व की तरह आयोजन का संचालन किया, जबकि ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और मंदिर निर्माण समिति से जुड़े गोपाल राव ने संतों एवं अतिथियों का स्वागत किया।

समारोह के दौरान ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी पूरी सक्रियता के साथ मंच पर मौजूद रहे। आयोजन में चढ़ावे से जुड़े विवाद या जांच के मुद्दे पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की गई। हालांकि, बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं की नजरें ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर टिकी रहीं।

चंपत राय ने अपने संबोधन में बताया कि ध्वजारोहण कार्यक्रम की तैयारी कई महीने पहले शुरू हो गई थी। उन्होंने कहा कि आयोजन में प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्रियों को भी शामिल होना था, लेकिन प्रशासनिक दायित्वों के कारण वे कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके।

उन्होंने बताया कि अंतिम समय में अयोध्या में मौजूद विभिन्न संतों को आमंत्रित किया गया, जिनके करकमलों से शेषावतार मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण संपन्न कराया गया।

चंपत राय ने कहा कि शेषावतार मंदिर की परिकल्पना वर्ष 1992 में की गई थी। उस समय एक अस्थायी संरचना बनाकर पूजा-अर्चना शुरू की गई थी। समय के साथ मंदिर निर्माण का संकल्प आगे बढ़ा और अब यह कार्य पूर्णता की ओर पहुंच चुका है।

कार्यक्रम की शुरुआत में मंदिर निर्माण से जुड़े गोपाल राव ने ध्वजारोहण समारोह की प्रस्तावना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि राम मंदिर परिसर में शेषावतार मंदिर ही ऐसा प्रमुख मंदिर था, जहां ध्वजारोहण शेष था और अब यह कार्य भी विधिवत संपन्न हो गया है।

इस अवसर पर गोपाल राव और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने मंच पर उपस्थित संतों का माल्यार्पण कर स्वागत किया तथा उन्हें अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

समारोह के लिए शेषावतार मंदिर के पश्चिमी हिस्से में विशेष मंच तैयार किया गया था। वहीं कुबेर नवरत्न टीला परिसर में अतिथियों और श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की गई थी। विभिन्न विकास खंडों और महानगर क्षेत्र से आए कार्यकर्ताओं के लिए अलग-अलग ब्लॉक निर्धारित किए गए थे। जनप्रतिनिधियों के लिए भी विशेष बैठक व्यवस्था की गई थी।

Aaj Ka Rashifal 24 June 2026: जानिए सभी 12 राशियों का दिन कैसा रहेगा

Aaj Ka Rashifal 24 June 2026: आज का दिन कई राशियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आया है, जबकि कुछ लोगों को कार्यक्षेत्र और पारिवारिक मामलों में सावधानी बरतने की आवश्यकता हो सकती है। भगवान सूर्य को जल अर्पित करें और “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का 11 बार जाप करें। इससे सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल।

मेष राशि (Aries)

आज आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक मामलों में लाभ के संकेत हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9

वृषभ राशि (Taurus)

आज सोच-समझकर निर्णय लेने की आवश्यकता है। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6

मिथुन राशि (Gemini)

कारोबार में लाभ के अवसर मिल सकते हैं। मित्रों से सहयोग प्राप्त होगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है। किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने की संभावना है।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5

कर्क राशि (Cancer)

भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय न लें। कार्यक्षेत्र में धैर्य बनाए रखें। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें।
शुभ रंग: सिल्वर
शुभ अंक: 2

सिंह राशि (Leo)

आज आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग हैं।
शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1

कन्या राशि (Virgo)

कामकाज में व्यस्तता बनी रहेगी। नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 7

तुला राशि (Libra)

आज संतुलित व्यवहार आपको सफलता दिलाएगा। नौकरी और व्यवसाय दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। यात्रा के योग बन रहे हैं।
शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6

वृश्चिक राशि (Scorpio)

आज किसी पुराने विवाद का समाधान हो सकता है। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।
शुभ रंग: मरून
शुभ अंक: 8

धनु राशि (Sagittarius)

करियर में प्रगति के संकेत हैं। नए लोगों से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। यात्रा का योग बन सकता है।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3

मकर राशि (Capricorn)

कार्यस्थल पर आपकी मेहनत रंग लाएगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। परिवार के साथ महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है। सेहत का ध्यान रखें।
शुभ रंग: ग्रे
शुभ अंक: 8

कुंभ राशि (Aquarius)

आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। नई योजनाओं पर काम करने का अवसर मिलेगा। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। धन लाभ के संकेत हैं।
शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 4

मीन राशि (Pisces)

आज मन शांत रहेगा और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। नौकरी और व्यवसाय में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा।
शुभ रंग: बैंगनी
शुभ अंक: 7

लखनऊ अग्निकांड: घायलों को नौकरी पर लौटने तक वेतन दे सरकार, मृतकों के परिजनों को मिले 1 करोड़ रुपये- अखिलेश यादव

लखनऊ/ सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने मंगलवार को केजीएमयू पहुंचकर लखनऊ अग्निकांड में घायल लोगों से मुलाकात की और उनका हाल जाना। इस दौरान उन्होंने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि यदि सुरक्षा मानकों का सही ढंग से पालन किया गया होता तो इतनी बड़ी जनहानि टाली जा सकती थी।

मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने बताया कि उनकी मुलाकात एक ऐसे युवक से हुई है, जिसने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगाई थी। हादसे में उसकी रीढ़ की हड्डी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई है। उन्होंने कहा कि युवक अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है और उसके इलाज में लंबा समय लग सकता है। ऐसे में सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके दोबारा नौकरी पर लौटने तक उसका वेतन जारी रहे और इलाज का पूरा खर्च भी उठाया जाए।

मृतकों के परिजनों को मिले एक करोड़ की सहायता

सपा प्रमुख ने मांग की कि अग्निकांड में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद मिलनी चाहिए और भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए।

15 लोगों की गई जान, कई घायल

गौरतलब है कि सोमवार को लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी स्थित एक इमारत में भीषण आग लगने से छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों सहित 15 लोगों की मौत हो गई थी। आग से बचने के लिए कई लोगों को ऊपरी मंजिलों से कूदना पड़ा, जिसमें कई लोग घायल हो गए। घायलों का उपचार ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।

मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री ने किया दौरा

घटना के बाद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इमारत मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

एसआईटी करेगी जांच

प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसे सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और अवैध व्यावसायिक उपयोग के आरोप में संबंधित भवन को गिराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

इस बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

लखनऊ के इरम कॉलेज में लगी आग, मची अफरातफरी, कल अग्निकांड में 15 जिंदा जले थे

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: राजधानी लखनऊ में आग लगने की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के एक दिन बाद मंगलवार को ठाकुरगंज क्षेत्र स्थित इरम कॉलेज के कार्यालय में आग लग गई। आग की लपटें उठती देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय कॉलेज में छात्र मौजूद नहीं थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

स्थानीय लोगों ने शुरुआती स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलने लगी। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम और फायर विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही चौक फायर स्टेशन की टीम दो दमकल वाहनों के साथ मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार कॉलेज का मुख्य गेट बंद था, जिसके चलते दमकल कर्मियों को गेट का ताला तोड़कर परिसर में प्रवेश करना पड़ा। इसके बाद कार्यालय कक्ष का दरवाजा खोलकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

चौक फायर स्टेशन के एफएसओ पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आग से कार्यालय में रखा फर्नीचर, दस्तावेज और अन्य सामान जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

गौरतलब है कि सोमवार को अलीगंज सेक्टर-डी स्थित एक चार मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना के बाद शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में इरम कॉलेज में आग लगने की ताजा घटना ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

अब सस्ती होगी रसोई गैस? भारत ने अमेरिका से खरीदी 10 लाख टन LPG, जानिए क्या होगा सिलेंडर की कीमतों पर असर

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारत की ऊर्जा सुरक्षा और एलपीजी सप्लाई से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने एलपीजी (LPG) आयात के मोर्चे पर बड़ा कदम उठाया है। जून 2026 में भारत द्वारा अमेरिका से रिकॉर्ड स्तर पर एलपीजी खरीदने की तैयारी की गई है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, इस महीने अमेरिका से होने वाला एलपीजी आयात 10 लाख टन से अधिक पहुंच सकता है, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा माना जा रहा है।

ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के मुताबिक, मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में उत्पन्न बाधाओं के कारण वैश्विक तेल एवं गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसी वजह से भारत को पारंपरिक आपूर्तिकर्ताओं के अलावा अन्य विकल्पों की तलाश करनी पड़ी और अमेरिका इस समय सबसे बड़ा विकल्प बनकर सामने आया है।

भारत अपनी घरेलू एलपीजी मांग का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। अब तक देश की अधिकांश गैस जरूरतें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और अन्य खाड़ी देशों से पूरी होती रही हैं। सामान्य तौर पर भारत हर महीने करीब 20 लाख टन एलपीजी आयात करता है, लेकिन क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण अप्रैल 2026 में आयात घटकर 6.96 लाख टन तक पहुंच गया था।

स्थिति को देखते हुए सरकार और तेल कंपनियों ने वैकल्पिक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका से बड़े पैमाने पर खरीदारी शुरू की। इसका असर मई महीने में देखने को मिला, जब एलपीजी आयात बढ़कर लगभग 11.5 लाख टन हो गया। जून में कुल आयात 11 से 12 लाख टन के बीच रहने का अनुमान है, जिसमें अमेरिका की हिस्सेदारी 10 लाख टन से अधिक हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत पहले से ही अमेरिका के साथ ऊर्जा व्यापार बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा था। हालांकि, मध्य पूर्व में पैदा हुए संकट ने इस प्रक्रिया को और गति दे दी। घरेलू गैस आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के लिए भारतीय रिफाइनरियों ने ऊंचे दामों पर भी अमेरिकी एलपीजी खरीदने में रुचि दिखाई।

सरकार ने केवल आयात बढ़ाने पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि देश के भीतर भी कई अहम कदम उठाए। रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए, घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया गया। इन प्रयासों के चलते एलपीजी की मांग में 15 से 20 प्रतिशत तक कमी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

जून महीने में अमेरिका के अलावा यूएई से 3 से 4 लाख टन एलपीजी मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं कुवैत से लगभग 45 हजार टन गैस आपूर्ति होने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त कतर, ओमान, ईरान, अल्जीरिया और नाइजीरिया जैसे देशों से भी सीमित मात्रा में एलपीजी की आपूर्ति जारी है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थिति सामान्य होती है और मध्य पूर्व से आपूर्ति सुचारु रूप से बहाल हो जाती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है। ऐसे में भविष्य में भारत को अपेक्षाकृत सस्ती गैस उपलब्ध होने की संभावना बढ़ेगी। फिलहाल अमेरिका भारत का प्रमुख एलपीजी आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है, जिसे देश की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

रामपथ पर दक्षिण भारतीय श्रद्धालुओं की पारंपरिक शोभायात्रा, 200 वर्षों से निभा रहे धार्मिक परंपरा

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- रामनगरी अयोध्या में रविवार को रामपथ पर दक्षिण भारत से आए श्रद्धालुओं ने भव्य धार्मिक शोभायात्रा निकाली। इस आयोजन में मुख्य रूप से तमिलनाडु के मदुरै सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और धार्मिक उत्साह का प्रदर्शन किया।

यात्रा से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, उनका धार्मिक संगठन लगभग दो शताब्दियों से सक्रिय है। संगठन के साथ करीब 41 हजार परिवार जुड़े हुए हैं, जो प्रत्येक वर्ष रामनवमी के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक यात्राओं का आयोजन करते हैं। परंपरा के तहत श्रद्धालु विशेष रूप से सजाए गए रथ के साथ यात्रा निकालते हैं और निर्धारित धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करते हैं।

संगठन के उपाध्यक्ष सबरीनिम्मान ने बताया कि रामनवमी के दिन श्रद्धालु विशेष पंजीकरण रसीद प्राप्त कर अपने क्षेत्र से नदी तट तक पहुंचते हैं। वहां विधि-विधान से पूजा संपन्न करने के बाद नगर भ्रमण करते हुए शोभायात्रा निकाली जाती है। उन्होंने बताया कि यह धार्मिक परंपरा वर्ष में केवल एक बार आयोजित की जाती है।

उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष संगठन के सात वरिष्ठ प्रतिनिधि अयोध्या पहुंचे हैं, जबकि उनके साथ करीब 200 श्रद्धालु भी इस धार्मिक यात्रा में शामिल हुए हैं।

श्रद्धालुओं ने अयोध्या प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यात्रा के दौरान उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि उनका संगठन अयोध्या के साथ-साथ वाराणसी में भी लंबे समय से धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों का संचालन कर रहा है। वाराणसी में संगठन द्वारा अन्नदान जैसी सेवाएं भी चलाई जाती हैं, जिसके माध्यम से श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि भगवान श्रीराम और भगवान शिव की भक्ति, सनातन संस्कृति के संरक्षण तथा धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यह आयोजन किया जाता है। रामपथ पर निकली इस आकर्षक शोभायात्रा को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।

राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार, गृह विभाग को सौंपी गई जांच रिपोर्ट

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा अनियमितता मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। तीन सदस्यीय एसआईटी ने सात दिनों तक अयोध्या में जांच-पड़ताल करने के बाद अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को यह रिपोर्ट सौंपी।

हालांकि रिपोर्ट की सामग्री को फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल प्रारंभिक रिपोर्ट है और मामले की विस्तृत जांच अभी जारी रहेगी।

सात दिन की जांच के बाद सौंपी रिपोर्ट

श्रीराम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। जांच टीम ने अयोध्या में एक सप्ताह तक दस्तावेजों, वित्तीय प्रक्रियाओं और संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

सूत्रों के अनुसार, करीब 125 पन्नों की इस प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ महत्वपूर्ण सुझाव और सिफारिशें भी शामिल की गई हैं। माना जा रहा है कि रिपोर्ट में चढ़ावे के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई पहलुओं का उल्लेख किया गया है।

जांच अभी जारी, विस्तृत रिपोर्ट आना बाकी

एसआईटी प्रमुख विजय विश्वास पंत ने गृह विभाग को रिपोर्ट सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि अब तक जुटाए गए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की गई है। उन्होंने रिपोर्ट की सामग्री पर कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि जांच प्रक्रिया अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएंगे।

सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपने के बाद एसआईटी दोबारा अयोध्या जाकर जांच के अगले चरण को आगे बढ़ा सकती है।

नए नाम भी जांच के दायरे में

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अब कुछ ऐसे लोगों के नाम भी चर्चा में हैं जो सीधे तौर पर मंदिर प्रशासन के कर्मचारी नहीं हैं, लेकिन कथित रूप से ट्रस्ट से जुड़े प्रभावशाली लोगों के संपर्क में रहे हैं। जांच एजेंसियां इन व्यक्तियों की भूमिका और संभावित संबंधों की भी पड़ताल कर सकती हैं।

बताया जा रहा है कि एसआईटी ने अब तक कई दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की है। अगले चरण में और अधिक लोगों से पूछताछ किए जाने की संभावना है।

चढ़ावे से लेकर धातुओं के प्रबंधन तक जांच

जांच केवल नकद चढ़ावे तक सीमित नहीं है। सूत्रों के अनुसार, भक्तों द्वारा दान की गई कीमती धातुओं के रखरखाव, उपयोग और सुरक्षा प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जा रही है। इसके अलावा मंदिर निर्माण से जुड़े कुछ आरोपों और प्रक्रियाओं को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।

जांच में यह भी देखा जा रहा है कि नोटों की गिनती, चढ़ावे के संग्रहण और बहुमूल्य धातुओं के संरक्षण के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

प्रारंभिक जांच में कुछ स्तरों पर प्रक्रियागत कमियों और निगरानी संबंधी खामियों की ओर संकेत मिलने की चर्चा है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष एसआईटी की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर में बड़ा एक्शन, फिजिक्स वाला समेत 22 कोचिंग संस्थान सील

न्यूज़ डेस्क /सर्वोदय न्यूज़:- लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। इसी क्रम में कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शहर के प्रमुख कोचिंग हब काकादेव में व्यापक अभियान चलाते हुए फिजिक्स वाला समेत 22 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया।

प्राधिकरण की जांच में इन संस्थानों में भवन निर्माण और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद सोमवार को विशेष अभियान चलाकर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर कार्रवाई

केडीए अधिकारियों की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण कर उन कोचिंग संस्थानों को चिह्नित किया, जहां निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। जांच के दौरान कई संस्थानों में आवश्यक अनुमतियों, भवन सुरक्षा व्यवस्था और अन्य मानकों में खामियां पाई गईं।

कार्रवाई के दौरान संस्थानों को खाली कराया गया और बाद में उन्हें सील कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कई चर्चित कोचिंग संस्थान कार्रवाई की जद में

सील किए गए संस्थानों में फिजिक्स वाला, वर्कस्पेस, महेंद्राज और केमिस्ट्री वाले संजीव राठौर जैसे चर्चित कोचिंग संस्थानों के नाम भी शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

केडीए के अनुसार, पहले चरण में 22 संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जबकि अन्य कोचिंग संस्थानों की भी जांच जारी है। आने वाले दिनों में नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर और सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल

प्रशासनिक कार्रवाई के बीच स्थानीय लोगों ने व्यवस्था पर सवाल भी खड़े किए हैं। नागरिकों का कहना है कि शहर में लंबे समय से कई कोचिंग संस्थान बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों और मानकों के संचालित हो रहे हैं, लेकिन नियमित निरीक्षण और निगरानी नहीं की जाती।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अक्सर किसी बड़े हादसे के बाद ही विभाग सक्रिय होता है और फिर कुछ समय तक अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है।

नियमित निरीक्षण की मांग

नागरिकों का मानना है कि यदि समय-समय पर कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों का निरीक्षण किया जाए तथा सुरक्षा मानकों के अनुपालन की समीक्षा होती रहे, तो संभावित दुर्घटनाओं को पहले ही रोका जा सकता है।

लखनऊ अग्निकांड के बाद हुई यह कार्रवाई प्रदेशभर में संचालित कोचिंग संस्थानों के लिए भी एक चेतावनी मानी जा रही है। प्रशासन अब सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर और अधिक सख्ती बरतने के संकेत दे रहा है।

ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों को इनाम मिलना चाहिए: क्या कहा बदरुद्दीन अजमल ने…

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- असम में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के अध्यक्ष Badruddin Ajmal ने जनसंख्या वृद्धि को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार को अधिक बच्चे पैदा करने वाले परिवारों को प्रोत्साहन और पुरस्कार देने पर विचार करना चाहिए। उनका कहना था कि जनसंख्या वृद्धि दर में गिरावट चिंता का विषय है और इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की जरूरत है।

अजमल ने कहा कि लोगों के निजी जीवन और परिवार नियोजन के फैसलों में अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार निर्णय लेने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।

जनसंख्या अनुपात पर जताई चिंता

AIUDF प्रमुख ने कहा कि आर्थिक चुनौतियों और बढ़ती महंगाई के कारण कई परिवार सीमित संसाधनों में जीवन यापन कर रहे हैं। उनके अनुसार, वर्तमान परिस्थितियों में कई लोगों के लिए परिवार का भरण-पोषण करना ही कठिन हो गया है, जिसका असर जनसंख्या वृद्धि दर पर भी दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी नीतियों पर विचार करना चाहिए जो परिवारों को सहयोग और सुविधाएं प्रदान करें, ताकि वे अपनी जरूरतों के अनुसार निर्णय ले सकें।

विधायक के रूप में ली शपथ

इस बीच बदरुद्दीन अजमल ने सोमवार को असम विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण किया। विधानसभा अध्यक्ष Ranjit Kumar Das ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। अजमल मध्य असम के बिन्नाकांडी विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए हैं।

विधानसभा सचिवालय के अनुसार, शपथ ग्रहण कार्यक्रम विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय में आयोजित किया गया। इस दौरान विधानसभा के वरिष्ठ अधिकारियों की भी मौजूदगी रही।

हज यात्रा के कारण नहीं ले सके थे पहले शपथ

AIUDF नेताओं के मुताबिक, जब नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया था, उस समय बदरुद्दीन अजमल हज यात्रा पर थे। उन्होंने पहले ही विधानसभा सचिवालय को अपनी अनुपस्थिति की जानकारी दे दी थी। हज से लौटने के बाद उन्होंने शपथ ग्रहण के लिए नई तिथि निर्धारित करने का अनुरोध किया था, जिसके बाद यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

दूसरी बार विधायक बने अजमल

पूर्व में तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके बदरुद्दीन अजमल दूसरी बार असम विधानसभा पहुंचे हैं। इससे पहले वह वर्ष 2006 में दक्षिण सलमारा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे।

हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 126 सदस्यीय विधानसभा में प्रचंड बहुमत हासिल किया। गठबंधन को 102 सीटें मिलीं, जबकि विपक्षी दलों को सीमित सफलता मिली।

लखनऊ अग्निकांड में बड़ा एक्शन: 6 पर केस दर्ज, 4 गिरफ्तार; 4 अधिकारी निलंबित

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर भवन मालिक समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि छह लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता समेत चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

सरकार ने हादसे की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसे सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट के आधार पर अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

भवन मालिक समेत चार आरोपी गिरफ्तार

अलीगंज थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, हादसे के लिए जिम्मेदार माने जा रहे छह लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में भवन स्वामी वीरेंद्र शुक्ला, पेट शॉप एंड क्लीनिक संचालक रामकृष्ण उपाध्याय, हेड हूपर्स गेमिंग जोन एवं एनीमेशन एकेडमी संचालक तुषांक जायसवाल तथा आईटी कंपनी संचालक सुरेश साहू शामिल हैं।

वहीं, फरार चल रहे अन्य दो आरोपियों सुरेंद्र शुक्ला और धीरेंद्र शुक्ला की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

चार अधिकारियों पर गिरी गाज

मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और निगरानी में कमी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

सात दिन में रिपोर्ट देगी एसआईटी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे की गहन जांच के लिए दो सदस्यीय एसआईटी गठित की है। जांच दल में अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। एसआईटी आग लगने के कारणों, सुरक्षा मानकों में हुई चूक और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा?

धारा 105 बीएनएस (गैर इरादतन हत्या)

यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु ऐसे कृत्य से होती है, जिससे मौत की आशंका स्पष्ट हो, तो आरोपी को आजीवन कारावास या 5 से 10 वर्ष तक की सजा और जुर्माना हो सकता है।

धारा 110 बीएनएस

ऐसे मामलों में लागू होती है, जहां आरोपी को अपने कृत्य से मृत्यु होने की संभावना की जानकारी हो। इसमें तीन वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

धारा 125 बीएनएस

लापरवाही से नुकसान पहुंचाने के मामलों में लागू होती है। इसमें तीन से छह माह तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है।

धारा 3(5) बीएनएस

यदि अपराध सामूहिक रूप से किया गया हो तो समूह में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को समान रूप से जिम्मेदार माना जाता है और उसी अनुरूप सजा दी जाती है।

अग्निशमन सेवा अधिनियम की धारा 6/10

भवनों में अनिवार्य अग्नि सुरक्षा मानकों, फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से संबंधित मामलों में यह धारा लागू होती है।

हादसे में गई 15 लोगों की जान

गौरतलब है कि अलीगंज स्थित बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग में छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों समेत 15 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद प्रदेशभर में शोक की लहर है और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।