लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में संचारी रोगों की रोकथाम और जनजागरूकता के लिए स्वास्थ्य विभाग जुलाई महीने में विशेष अभियान चलाने जा रहा है। इसके तहत 1 से 31 जुलाई तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 11 से 31 जुलाई तक दस्तक अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है।
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संचारी रोगों के लक्षण वाले मरीजों की निगरानी ई-कवच पोर्टल के माध्यम से की जाए और संभावित मामलों का समय पर पता लगाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में चलेगा विशेष अभियान
बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव ने कहा कि जिन क्षेत्रों में संचारी रोगों का खतरा अधिक है, वहां विभिन्न विभागों के समन्वय से मच्छर नियंत्रण और वेक्टर नियंत्रण की सघन गतिविधियां चलाई जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जिलों में 29 जून को जिला स्तरीय अंतरविभागीय बैठक आयोजित कर ब्लॉक स्तर तक माइक्रो प्लान तैयार किया जाए।
आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगा प्रशिक्षण
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और आंगनबाड़ी कर्मियों का प्रशिक्षण और संवेदीकरण 8 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आशा और एएनएम को अपने साथ ओआरएस और जिंक की गोलियां रखने को कहा गया है, ताकि दस्त या अन्य लक्षण वाले मरीजों को तत्काल प्राथमिक सहायता दी जा सके।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर रहेगी विशेष निगरानी
अमित घोष ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को निर्देश दिए कि असुरक्षित और निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाए। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ, कटे-फटे या सड़े हुए फल-सब्जियां तथा अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किए जा रहे जूस और अन्य खाद्य सामग्री की नियमित जांच की जाए।
स्कूलों में चलेगा जागरूकता अभियान
विद्यालयों में छात्रों को संचारी रोगों और पशुओं के काटने की स्थिति में प्राथमिक उपचार के बारे में जागरूक किया जाएगा। बच्चों को घाव को बहते साफ पानी से धोने जैसी प्राथमिक चिकित्सा प्रक्रियाओं का प्रदर्शन कर सिखाया जाएगा। इसके लिए स्कूलों में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
1 जुलाई को होगा शपथ ग्रहण कार्यक्रम
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि अभियान की शुरुआत 1 जुलाई को सभी सरकारी कार्यालयों और विद्यालयों में शपथ ग्रहण कार्यक्रम के साथ की जाएगी। साथ ही प्रत्येक सोमवार को अभियान की प्रगति रिपोर्ट और अंतिम रिपोर्ट 5 अगस्त तक राज्य मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
ई-कवच पोर्टल पर अपलोड होगी पूरी जानकारी
दस्तक अभियान के दौरान यदि किसी व्यक्ति में संचारी रोगों के लक्षण मिलते हैं तो उसका नाम, पता और मोबाइल नंबर सहित पूरी जानकारी ई-कवच पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। इसके अलावा फ्रंटलाइन वर्कर्स घर-घर जाकर क्षय रोग (टीबी), कुष्ठ रोग, फाइलेरिया और काला आजार जैसे रोगों के प्रति भी लोगों को जागरूक करेंगे।



