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यूपी में भ्रष्ट अधिकारियों पर जल्द बड़ा एक्शन! विजिलेंस जांच तेज, आय से अधिक संपत्ति मामलों में होगी सख्त कार्रवाई

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी कार्रवाई और तेज करने की तैयारी में है। हाल ही में सेवानिवृत्त एआरटीओ ललित कुमार के यहां विजिलेंस की छापेमारी में करोड़ों रुपये की कथित चल-अचल संपत्ति मिलने के बाद शासन ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया है। सूत्रों के मुताबिक, आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामलों में पुख्ता साक्ष्य मिलने वाले अधिकारियों के खिलाफ जल्द बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

आय से अधिक संपत्ति के मामलों पर विजिलेंस की सख्त नजर

सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस विभाग आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जांच में तेजी ला रहा है। लंबे समय से लंबित जांचों का जल्द निस्तारण करने के साथ-साथ जिन अधिकारियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिल चुके हैं, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

बताया जा रहा है कि शासन ने विजिलेंस से गंभीर श्रेणी के मामलों की प्रगति रिपोर्ट भी तलब की है। इसके अलावा विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार से जुड़ी लंबित शिकायतों की जांच में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

रिटायर एआरटीओ के यहां मिली करोड़ों की संपत्ति

हाल ही में विजिलेंस ने लखनऊ में सेवानिवृत्त एआरटीओ ललित कुमार के आवास पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान करीब 13 किलोग्राम सोना, 1.62 करोड़ रुपये नकद और अन्य संपत्तियां बरामद हुई थीं। अब तक की जांच में उनकी लगभग 35 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति का पता चल चुका है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड की अभी विस्तृत जांच की जा रही है। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, कई संपत्तियों के दस्तावेजों का सत्यापन अभी बाकी है।

लखनऊ में तीन और जमीनों का चला पता

जांच के दौरान विजिलेंस को ललित कुमार के नाम पर लखनऊ के महोना और मोहनलालगंज क्षेत्र में तीन कृषि भूमि होने की जानकारी भी मिली है। इन जमीनों की बाजार कीमत का आकलन कराया जा रहा है। इसके अलावा अन्य संभावित संपत्तियों की भी जांच जारी है।

विजिलेंस जल्द ही ललित कुमार को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुला सकती है। यदि वह अपनी आय के अनुरूप संपत्ति अर्जित करने के पर्याप्त दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, तो उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

आयकर विभाग भी कर सकता है कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, इस मामले में आयकर विभाग भी जल्द अपनी जांच शुरू कर सकता है। बरामद नकदी, सोना और अन्य वित्तीय लेन-देन की अलग से पड़ताल की जाएगी।

पासपोर्ट जब्त कराने की प्रक्रिया शुरू

जांच एजेंसियों ने ललित कुमार का पासपोर्ट जब्त कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि जांच के दौरान उनके विदेश जाने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश

शासन का मानना है कि आय से अधिक संपत्ति के मामलों में सख्त कार्रवाई से भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच स्पष्ट संदेश जाएगा। इसी उद्देश्य से विजिलेंस विभाग को जांच में तेजी लाने और दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

लोहिया संस्थान ने शुरू किया 15 हजार पौधारोपण अभियान, जुगौर गांव से हुई ‘वृहद वृक्षारोपण महायज्ञ’ की शुरुआत

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: उत्तर प्रदेश सरकार के ‘वृहद वृक्षारोपण महायज्ञ’ अभियान के तहत डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) ने शनिवार को 15 हजार पौधे लगाने के लक्ष्य के साथ व्यापक पौधारोपण अभियान की शुरुआत की।

अभियान का शुभारंभ लखनऊ के जुगौर गांव, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में किया गया, जहां पहले चरण में करीब 2,000 पौधे लगाए गए। इसके साथ ही संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने-अपने आवासों पर भी लगभग 2,000 पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।

यह अभियान संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) सी.एम. सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। अभियान के संचालन और समन्वय की जिम्मेदारी नोडल अधिकारी डॉ. वंदना तिवारी (बायोकेमिस्ट्री विभाग) और सामुदायिक चिकित्सा विभाग की प्रो. विनीता शुक्ला ने निभाई।

कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा विभाग की अपर निदेशक नीलम मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। इस दौरान संस्थान के संकाय सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि 15 हजार पौधे लगाने का यह अभियान हरित वातावरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास है। संस्थान भविष्य में भी इस तरह के जनभागीदारी आधारित पर्यावरणीय अभियानों को जारी रखेगा।

गाजियाबाद रेप-मर्डर:आवारा कुत्ते ने ढूंढी लाश; बच्ची की मां ने बताई पूरी कहानी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन के एक निर्माणाधीन मॉल में 7 वर्षीय बच्ची से कथित गैंगरेप के बाद तीसरी मंजिल से नीचे फेंककर हत्या करने का मामला सामने आया है। बच्ची के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर दो आरोपियों को पडका है, जिसमें एक नाबालिग है। परिजनों और स्थानीय लोगों द्वारा करीब 4 घंटे तक चली तलाश के बाद उसका शव बरामद हुआ था। उन्होंने बताया कि इस काम में एक आवारा कुत्ते ने उनकी मदद की थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक बच्ची की मां ने बताया कि हमने अपने आस-पड़ोस के साथ ही पूरे इलाके और आस-पास की निर्माणाधीन साइटों पर उसकी खोजबीन की थी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। हमने पड़ोसियों से मदद मांगी और वे बड़ी संख्या में मदद के लिए आगे आए। करीब 3-4 घंटे बाद शनिवार देर रात लगभग 12:30 बजे हमें एक निर्माणाधीन इमारत के बेसमेंट में लड़की का खून से लथपथ शव मिला।

लापता बच्ची को तलाश करने के दौरान एक पड़ोसी और इलाके के कुछ अन्य लोग उस निर्माणाधीन इमारत तक पहुंच गए जहां एक सुरक्षा गार्ड तैनात था।

मां के मुताबिक गार्ड ने बताया कि उसने एक बार बिल्डिंग के अंदर से किसी के रोने की आवाज सुनी थी। बिल्डिंग के अंदर काफी अंधेरा था। हम जब अंदर जाकर देखने लगे तब एक आवारा कुत्ता हमारे साथ चल रहा था। कुछ ही देर में वह बेसमेंट की तरफ चला गया और वहीं रुक गया। हम भी उस कुत्ते के पीछे गए तो देखा वहीं पर बच्ची की लाश पड़ी हुई थी। लाश मिलने के बाद रात करीब 1 बजे पुलिस को इस मामले की सूचना दी गई।

लड़की को ढूंढ रहे पड़ोसियों ने बताया कि एक स्थानीय महिला के मुताबिक उसने उन संदिग्धों को देखा था, जो बच्ची को बहला-फुसलाकर बिल्डिंग में ले गए थे।

पुलिस के अनुसार, निर्माणाधीन मॉल के पीछे बनी झुग्गियों में बिहार के नालंदा जिले का एक परिवार रहता है। वह निर्माणाधीन मॉल में मजदूरी करता है। शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे बच्ची घर के बाहर खेलते समय अचानक लापता हो गई। काफी तलाश करने के बाद भी जब बच्ची नहीं मिली तो परिजनों ने नंदग्राम थाने में गुमशुदगी की सूचना दी। इसके बाद परिजनों और अन्य लोगों ने निर्माणाधीन मॉल में तलाश शुरू की, जहां बेसमेंट में खून से लथपथ बच्ची का शव मिला। उसका सिर बुरी तरह कुचला हुआ था और गर्दन पर चोट के निशान थे। सीसीटीवी फुटेज की जांच में झुग्गियों में रहने वाले दो युवक बच्ची को अपने साथ मॉल की ओर ले जाते दिखाई दिए। फुटेज में बच्ची के हाथ में चिप्स का पैकेट तथा युवकों के हाथ में शराब और कोल्ड ड्रिंक भी थी । पुलिस की पूछताछ में दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। एक आरोपी शहाबुद्दीन बिहार के अररिया का रहने वाला है, जबकि दूसरा आरोपी अभी नाबालिग है।

डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि पोस्टमॉर्टम में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

यूपी BJP में बड़े बदलाव के संकेत, 2027 चुनाव से पहले कई विधायकों के टिकट पर संकट; संगठन ने दिए स्पष्ट संदेश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) संगठन ने उम्मीदवारों के चयन को लेकर सख्त संकेत दिए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के हालिया लखनऊ दौरे के दौरान संगठन और सरकार के साथ हुई बैठकों में स्पष्ट संदेश दिया गया कि आगामी चुनाव में केवल जीत की संभावना रखने वाले उम्मीदवारों को ही प्राथमिकता मिलेगी।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कमजोर प्रदर्शन, संगठन से दूरी और क्षेत्र में सक्रियता की कमी जैसे कारणों से बड़ी संख्या में मौजूदा विधायकों के टिकट पर पुनर्विचार किया जा सकता है। चर्चा है कि करीब 40 प्रतिशत विधायकों के टिकट बदलने की संभावना पर मंथन चल रहा है।

36 घंटे के दौरे में चुनावी रणनीति पर फोकस

4 और 5 जुलाई को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन करीब 36 घंटे तक लखनऊ में रहे। इस दौरान उन्होंने सरकार, संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। बैठकों का मुख्य फोकस उन विधानसभा सीटों पर रहा, जहां 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपेक्षित प्रदर्शन नहीं मिला।

बताया गया कि पार्टी ऐसे उम्मीदवारों को आगे लाना चाहती है, जिनकी स्थानीय पकड़ मजबूत हो और जिनकी जीत की संभावना अधिक हो।

टिकट तय करने के लिए छह प्रमुख मानक

भाजपा संगठन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व द्वारा कराए गए सर्वे और फीडबैक के आधार पर उम्मीदवारों के चयन के लिए कुछ प्रमुख मानक तय किए गए हैं। इनमें शामिल हैं—

  • सांसद और विधायक के बीच समन्वय की कमी या टकराव।
  • ऐसे विधायक जिनसे कार्यकर्ता असंतुष्ट बताए जा रहे हैं।
  • क्षेत्र में कम सक्रिय रहने वाले जनप्रतिनिधि।
  • 70 वर्ष से अधिक आयु वाले विधायक।
  • सरकार या संगठन के खिलाफ सार्वजनिक बयान देने वाले नेता।
  • जिन विधानसभा क्षेत्रों में लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा को कमजोर प्रदर्शन का सामना करना पड़ा।

इसके अलावा, कम अंतर से जीत दर्ज करने वाले विधायकों की स्थिति की भी समीक्षा किए जाने की बात कही जा रही है।

पिछली बार भी बदले गए थे बड़ी संख्या में उम्मीदवार

भाजपा पहले भी चुनावों में बड़े स्तर पर उम्मीदवार बदलती रही है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने अपने करीब 32 प्रतिशत मौजूदा विधायकों के टिकट बदले थे। वहीं 2017 के चुनाव में हार वाली अधिकांश सीटों पर नए उम्मीदवार उतारे गए थे।

MLC चुनावों की तैयारी भी तेज

पार्टी शिक्षक और स्नातक क्षेत्र की विधान परिषद (MLC) सीटों के चुनाव की भी तैयारी कर रही है। अब तक 11 में से पांच सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की जा चुकी है। शेष सीटों पर नए चेहरों और संभावित मजबूत उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया जा रहा है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उठाए तीन अहम मुद्दे

बैठकों के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संगठन के सामने तीन प्रमुख विषयों पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

1. मतदाता सूची में कटे नामों की समीक्षा

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटने पर चिंता जताई गई। संगठन से कहा गया कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम गलती से हटे हैं, उन्हें दोबारा मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए अभियान चलाया जाए।

2. संवेदनशील मुद्दों पर बयानबाजी से बचने की सलाह

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर नेताओं को सार्वजनिक बयान देने से बचने की हिदायत दी गई। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि ऐसे मुद्दों पर अनावश्यक बयानबाजी से विपक्ष को राजनीतिक लाभ मिल सकता है। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि मामले की जांच जारी है और विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

3. UGC नियमों पर समाधान तलाशने की जरूरत

बैठक में नए UGC नियमों और आरक्षण से जुड़े विवादों पर भी चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इस विषय पर सभी वर्गों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए स्थायी समाधान निकालने की आवश्यकता है।

संगठन में बेहतर समन्वय पर जोर

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर भी जोर दिया। विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक गतिविधियों को और मजबूत करने तथा सभी पदाधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।

2027 चुनाव पर पूरा फोकस

बैठकों में संगठन पदाधिकारियों से पूछा गया कि 2027 विधानसभा चुनाव में पार्टी को दोबारा पूर्ण बहुमत दिलाने के लिए अब तक क्या तैयारी की गई है और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।

सूत्रों के अनुसार, पार्टी फिलहाल विधानसभा चुनाव को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी वजह से पंचायत चुनाव और कुछ प्रस्तावित उपचुनावों को भी विधानसभा चुनाव के बाद कराने पर विचार किया जा रहा है, ताकि पूरा संगठन आगामी चुनाव की तैयारियों पर केंद्रित रह सके।

ईरान-अमेरिका तनाव फिर चरम पर, मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई से मिडिल ईस्ट में बढ़ा संकट

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़ : मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है। दावा किया जा रहा है कि ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके बाद अमेरिका ने बड़े पैमाने पर जवाबी हवाई हमले करते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की। इस घटनाक्रम के बीच पहले लागू युद्धविराम भी समाप्त हो चुका है।

बताया जा रहा है कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की घोषणा की है, जिसके बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर भी इसका असर देखा जा रहा है।

जहाज पर हमले के बाद बढ़ा विवाद

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने उन जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की, जिन्होंने कथित तौर पर निर्धारित समुद्री मार्ग और चेतावनी का पालन नहीं किया। इस दौरान साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज M/V GFS Galaxy को नुकसान पहुंचने और जहाज में आग लगने की खबर सामने आई। एक चालक दल के सदस्य के लापता होने की भी सूचना है। ईरान ने इसे चेतावनी स्वरूप की कार्रवाई बताया, जबकि अमेरिका इसे सीधा हमला मान रहा है।

अमेरिका की जवाबी कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर जवाबी सैन्य अभियान शुरू किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीन दिनों में ईरान के सैकड़ों सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें मिसाइल लॉन्च साइट, ड्रोन बेस, नौसैनिक सुविधाएं, हथियार भंडार और संचार नेटवर्क शामिल बताए जा रहे हैं।

ईरानी मीडिया के अनुसार, बंदर अब्बास, सिरिक, क़ेश्म द्वीप, बुशहर और जास्क सहित कई क्षेत्रों में जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।

ईरान ने भी किया पलटवार

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने भी बैलिस्टिक मिसाइलों से जवाबी हमला करने का दावा किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉर्डन स्थित मुवाफक सल्ती एयर बेस सहित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान का दावा है कि उसने कमांड सेंटर और ड्रोन संचालन से जुड़े ठिकानों को भी नुकसान पहुंचाया।

इसके अलावा बहरीन, कुवैत, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ओमान और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमलों की खबरें सामने आई हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ा संकट

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान ने इस मार्ग पर नियंत्रण सख्त करने और जहाजों की आवाजाही पर नई शर्तें लागू करने के संकेत दिए हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह मार्ग लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और कई देशों में महंगाई बढ़ने की आशंका है।

अमेरिका और ईरान के अलग-अलग दावे

अमेरिका का कहना है कि उसकी कार्रवाई का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। वहीं ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है और कहा है कि क्षेत्र में स्थायी शांति केवल आपसी समझ और बातचीत से ही संभव है।

भारत समेत दुनिया पर क्या होगा असर?

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। भारत, चीन और अन्य बड़े तेल आयातक देशों के लिए ऊर्जा लागत बढ़ सकती है। यदि संघर्ष लंबा चलता है तो समुद्री व्यापार, बीमा लागत और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला भी प्रभावित हो सकती है।

क्या आगे बढ़ सकता है युद्ध?

रक्षा मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों पक्ष फिलहाल पूर्ण युद्ध से बचना चाहते हैं, लेकिन लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों के कारण हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। ऐसे में किसी भी छोटी घटना से बड़ा क्षेत्रीय संघर्ष भड़कने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट की स्थिति और संभावित कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हुई हैं।

नए वोटर बनने के नियम में बदलाव, फॉर्म-6 में जुड़ा नया कॉलम; अब देनी होगी SIR से जुड़ी जानकारी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने की प्रक्रिया में अहम बदलाव किया गया है। चुनाव आयोग के ऑनलाइन फॉर्म-6 में एक नया कॉलम जोड़ा गया है, जिसमें आवेदकों से पूछा जा रहा है कि क्या उनका या उनके माता-पिता अथवा दादा-दादी का नाम पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के दौरान मतदाता सूची में दर्ज था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फिलहाल यह बदलाव केवल ऑनलाइन फॉर्म में दिखाई दे रहा है। वेबसाइट से डाउनलोड की जाने वाली फॉर्म-6 की हार्ड कॉपी में अभी यह नया कॉलम शामिल नहीं है।

SIR के बाद नए वोटरों पर क्या असर पड़ सकता है?

देश के कई राज्यों में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद करीब 5.58 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में जिन परिवारों के नाम सूची से हटे हैं, उनके नए मतदाता बनने वाले सदस्यों के सामने कुछ सवाल खड़े हो गए हैं।

हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यदि किसी आवेदक के माता-पिता या दादा-दादी का नाम SIR के बाद मतदाता सूची में नहीं है, तो क्या उनके बच्चों या पोते-पोतियों के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे या नहीं।

पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर हुआ था विवाद

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले शुरू हुई SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद भी देखने को मिला था। रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य में लगभग 27 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जिसके चलते वे चुनाव में मतदान नहीं कर सके।

फॉर्म-6 में कौन-कौन से नए विकल्प जोड़े गए?

चुनाव आयोग के ECINRT पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन फॉर्म-6 में ‘J’ और ‘K’ सेक्शन जोड़े गए हैं। इनमें आवेदक से उसके या उसके परिवार की SIR से संबंधित जानकारी मांगी जा रही है।

आवेदक के सामने तीन विकल्प दिए गए हैं—

  • पहला: मेरा नाम पिछली SIR मतदाता सूची में दर्ज है।
  • दूसरा: मेरे माता-पिता या दादा-दादी का नाम पिछली SIR मतदाता सूची में दर्ज है।
  • तीसरा: न मेरा और न ही मेरे माता-पिता या दादा-दादी का नाम पिछली SIR मतदाता सूची में था।

तीसरा विकल्प चुनने पर क्या होगा?

यदि आवेदक पहला या दूसरा विकल्प चुनता है, तो उसे संबंधित विधानसभा क्षेत्र, मतदान केंद्र और मतदाता सूची में दर्ज क्रमांक (Serial Number) की जानकारी भी भरनी होगी।

वहीं, यदि तीसरा विकल्प चुना जाता है, तो फिलहाल आगे कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं मांगी जाती। हालांकि यह कॉलम अनिवार्य नहीं बताया गया है और चुनाव आयोग की ओर से यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि तीसरा विकल्प चुनने वाले आवेदनों की आगे क्या प्रक्रिया होगी।

किन राज्यों में लागू है नया बदलाव?

यह नया विकल्प केवल उन राज्यों के ऑनलाइन पोर्टल पर दिखाई दे रहा है, जहां वर्ष 2025-26 के दौरान SIR प्रक्रिया पूरी की गई है। बिहार, जहां सबसे पहले SIR कराया गया था, फिलहाल इस बदलाव से अलग रखा गया है। वहीं असम में अब तक SIR लागू नहीं किया गया है।

क्या चुनाव आयोग स्वयं फॉर्म-6 में बदलाव कर सकता है?

कानूनी जानकारों के अनुसार, Representation of the People Act, 1950 की धारा 28 के तहत चुनाव संबंधी नियमों में बदलाव करने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है। यह बदलाव चुनाव आयोग से परामर्श के बाद राजपत्र (Official Gazette) में अधिसूचना जारी करके किया जाता है।

संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार, भारत के प्रत्येक पात्र वयस्क नागरिक को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का अधिकार है, जब तक कि उसे किसी कानूनी आधार पर अयोग्य घोषित न किया गया हो।

एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, फॉर्म-6 में किसी भी प्रकार का संशोधन करने से पहले कानून मंत्रालय की अधिसूचना आवश्यक होती है। उनका कहना है कि चुनाव आयोग अपने स्तर पर फॉर्म में बदलाव नहीं कर सकता। इससे पहले वर्ष 2021 में संसद ने कानून में संशोधन कर चुनाव आयोग को मतदाताओं से आधार संख्या लेने का अधिकार दिया था, जिसकी अधिसूचना 17 फरवरी 2022 को जारी की गई थी।

Aaj Ka Rashifal 11 July 2026: मंगल-चंद्रमा के लक्ष्मी योग से मेष, वृषभ समेत कई राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें सभी 12 राशियों का हाल

Aaj Ka Rashifal 11 July 2026: 11 जुलाई 2026, शनिवार का दिन कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आया है। आज मंगल और चंद्रमा की युति से लक्ष्मी योग का निर्माण हो रहा है। चंद्रमा कृतिका नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं, जिसके स्वामी सूर्य हैं। सूर्य के नक्षत्र में मंगल और चंद्रमा का यह संयोग ऊर्जा, साहस और महत्वपूर्ण निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाएगा। हालांकि दिनभर वातावरण में थोड़ी गर्माहट और तनाव महसूस हो सकता है, लेकिन लिए गए निर्णय भविष्य में लाभकारी साबित हो सकते हैं।

ग्रहों की वर्तमान स्थिति की बात करें तो सूर्य और बुध मिथुन राशि में, गुरु कर्क राशि में, शुक्र और केतु सिंह राशि में, राहु कुंभ राशि में तथा शनि मीन राशि में विराजमान हैं। आइए जानते हैं आज का विस्तृत राशिफल।

मेष राशि

आज आर्थिक स्थिति मजबूत रहने के संकेत हैं। धन लाभ के योग बन रहे हैं और परिवार के साथ सुखद समय बिताने का अवसर मिलेगा। निवेश से भविष्य में अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि बातचीत के दौरान शब्दों पर संयम रखना जरूरी होगा। प्रेम संबंध, संतान पक्ष और व्यापार तीनों ही पक्ष अनुकूल रहेंगे। लाल रंग की वस्तु अपने पास रखना शुभ माना गया है।

वृषभ राशि

आज आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं और जीवनसाथी का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। निवेश के लिए दिन अनुकूल है। भगवान गणेश की पूजा करना लाभकारी रहेगा।

मिथुन राशि

आज अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं, जिससे मानसिक चिंता हो सकती है। प्रेम संबंधों और संतान पक्ष में सामान्य स्थिति रहेगी। कारोबार भी औसत रहने के संकेत हैं। फिर भी सोच-समझकर किया गया निवेश लाभ दे सकता है। पीली वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

कर्क राशि

आर्थिक लाभ के नए स्रोत खुल सकते हैं। पुराने निवेश से भी फायदा मिलने की संभावना है। प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी और यात्रा के योग बन रहे हैं। निवेश के लिए समय अनुकूल है। हनुमान जी की आराधना करना शुभ रहेगा।

सिंह राशि

कार्यक्षेत्र और न्यायिक मामलों में सफलता मिलने के संकेत हैं। पिता का सहयोग मिलेगा और व्यापार में मजबूती आएगी। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य रहेगा। पीले वस्त्र धारण करना लाभकारी माना गया है।

कन्या राशि

भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। यात्रा के योग बन रहे हैं। प्रेम, संतान और व्यापार सभी क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। लाल वस्तु का दान और बजरंगबली की पूजा शुभ फल दे सकती है।

तुला राशि

आज थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता है। चोट लगने या किसी परेशानी में फंसने की आशंका है, इसलिए स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य रहेगा जबकि व्यापार अच्छा रहेगा। निवेश किया जा सकता है। लाल वस्तु का दान शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि

जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता बढ़ेगी। विवाह योग्य लोगों के रिश्ते तय हो सकते हैं। नौकरी और व्यापार दोनों में सफलता मिलने के संकेत हैं। निवेश के लिए दिन बेहद अनुकूल रहेगा। हनुमान जी की पूजा करना लाभकारी होगा।

धनु राशि

आज विरोधी भी सहयोगी जैसा व्यवहार कर सकते हैं। व्यापार में लाभ मिलेगा और बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। आध्यात्मिक और गूढ़ विषयों में रुचि बढ़ सकती है। स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानियां रह सकती हैं। निवेश के लिए समय अच्छा रहेगा। पीली वस्तु अपने पास रखें।

मकर राशि

प्रेम और संतान पक्ष मजबूत रहेगा। भावनाओं में बहकर कोई बड़ा पेशेवर फैसला लेने से बचें। व्यापारिक स्थिति अनुकूल बनी रहेगी। मां काली की आराधना करना शुभ माना गया है।

कुंभ राशि

भूमि, भवन या वाहन से जुड़े निवेश के लिए दिन अच्छा है। परिवार में कोई शुभ कार्य या उत्सव होने की संभावना है। प्रेम, संतान और व्यापार तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। भगवान गणेश की पूजा लाभकारी रहेगी।

मीन राशि

आज आपका पराक्रम सफलता दिलाएगा। नए कारोबार की शुरुआत के लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य में सुधार होगा और प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी। व्यापार में लाभ मिलने के संकेत हैं। निवेश भी शुभ रहेगा। पीली वस्तु अपने पास रखना लाभकारी माना गया है।

यूपी की 57,694 ग्राम पंचायतों में योगी सरकार करने जा रही यह काम ,चलेगा अभियान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेशभर में बड़े स्तर पर हरित अभियान शुरू करने जा रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार के निर्देश पर राज्य की 57,694 ग्राम पंचायतों में ‘मेरी पंचायत-हरित पंचायत’ अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत 1.42 करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा। इसकी शुरुआत ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ के अंतर्गत रविवार से होगी।

पर्यावरण संरक्षण पर रहेगा विशेष फोकस

पंचायती राज विभाग की ओर से संचालित इस अभियान का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को हरित बनाना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन को मजबूत करना है।

पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि अभियान के दौरान सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जहां पर्यावरण संरक्षण को पंचायत विकास के प्रमुख एजेंडे के रूप में शामिल किया जाएगा।

पंचायत भवन से अमृत सरोवर तक होंगे पौधरोपण

अभियान के तहत पंचायत भवन, सरकारी विद्यालय, सामुदायिक परिसर, तालाब, अमृत सरोवर और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पौधे लगाए जाएंगे।

इस दौरान पीपल, बरगद, पाकड़, नीम, सहजन समेत विभिन्न फलदार और स्थानीय प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा। सरकार ने केवल पौधे लगाने ही नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि पौधों का बेहतर संरक्षण हो सके।

पर्यटन स्थलों पर भी लगाया जाएगा एक लाख पौधे

राज्य सरकार के 35 करोड़ पौधरोपण महाभियान के तहत पर्यटन विभाग भी अभियान में सक्रिय भागीदारी करेगा। विभाग प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों और पर्यटन परियोजनाओं में करीब एक लाख पौधे लगाएगा।

इस संबंध में अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य) अमृत अभिजात ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक लगाए गए पौधे की जियो-टैग फोटो ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जाएगी और अभियान की निगरानी उच्च स्तर से की जाएगी।

विकसित होंगी थीम आधारित हरित वाटिकाएं

पर्यटन विभाग ने बताया कि जिन परियोजनाओं में लैंडस्केपिंग का कार्य प्रस्तावित है, वहां नक्षत्र वाटिका, त्रिवेणी वाटिका, हरिशंकरी वाटिका, पंचवटी और नवग्रह वाटिका जैसी थीम आधारित हरित वाटिकाएं विकसित की जाएंगी।

इन स्थलों पर पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन, शीशम, जामुन, आम, महुआ, बेल और आंवला जैसी पर्यावरण अनुकूल और स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।

सरकार का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्राम पंचायतों और पर्यटन स्थलों को अधिक हरित एवं आकर्षक बनाना है।

‘धान ऐसे रोपते हैं या ऐसे?’ खेत में उतरीं सांसद प्रिया सरोज, महिलाओं से सीखी रोपाई; VIDEO वायरल

न्यूज़ डेस्क /सर्वोदय न्यूज़:-उत्तर प्रदेश की मछलीशहर लोकसभा सीट से सांसद प्रिया सरोज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह धान की रोपाई कर रहीं महिलाओं के बीच खेत में उतरकर उनसे बातचीत करती और धान लगाने का तरीका सीखती नजर आ रही हैं।

रास्ते में रुकीं, किसानों के बीच पहुंचीं

जानकारी के मुताबिक, प्रिया सरोज क्षेत्र भ्रमण पर थीं। इसी दौरान रास्ते में उन्होंने कुछ महिलाओं को धान की रोपाई करते देखा। वह अपना काफिला रोककर खेत में पहुंच गईं और किसानों से खेती-बाड़ी से जुड़ी जानकारी लेने लगीं।

साड़ी पहनकर खेत में उतरीं सांसद ने महिलाओं के साथ धान की रोपाई भी की और खेती से जुड़े अनुभव साझा किए।

‘धान ऐसे रोपते हैं या ऐसे?’

वीडियो में प्रिया सरोज एक महिला किसान से धान की बीहन लेकर पूछती हैं, “धान ऐसे रोपते हैं या ऐसे?” यह सुनकर वहां मौजूद महिलाएं मुस्कुरा देती हैं और उन्हें रोपाई का सही तरीका बताती हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब साझा किया जा रहा है और इस पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

अच्छी बारिश के बाद खेतों में बढ़ी रौनक

वाराणसी-जौनपुर क्षेत्र में हाल की अच्छी बारिश के बाद किसान धान की रोपाई में जुट गए हैं। इसी दौरान सांसद ने खेतों में पहुंचकर किसानों से बातचीत की और उनकी मेहनत को करीब से समझने का प्रयास किया।

बारिश से प्रभावित गांवों का भी किया निरीक्षण

प्रिया सरोज ने बारिश के कारण प्रभावित क्षेत्रों का भी दौरा किया। उन्होंने बताया कि मड़ियाहूं क्षेत्र के सीरिया और तेजगढ़ ग्राम सभाओं के बीच बहने वाली बसुई नदी का जलस्तर बढ़ने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।

उन्होंने कहा कि मौके से ही जौनपुर के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात कर जल्द राहत कार्य शुरू करने और लोगों की आवाजाही बहाल करने के निर्देश दिए हैं।

सोशल मीडिया पर रहती हैं सक्रिय

प्रिया सरोज सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं और अक्सर अपने क्षेत्र के दौरे, जनसंपर्क कार्यक्रमों और जनसमस्याओं से जुड़े वीडियो साझा करती हैं। हाल के दिनों में उनकी सगाई भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के साथ होने को लेकर भी वह चर्चा में रही हैं।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद:कांग्रेस ने उठाई CBI जांच की मांग, उठाए सवाल कहा- हेराफेरी करने वालों ने महमूद गजनवी को भी पीछे छोड़ा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने इस मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है।

कांग्रेस ने क्या कहा?

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रेस वार्ता में कहा कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच पर्याप्त नहीं है और इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI से कराई जाए और जांच की प्रगति सार्वजनिक की जाए।

SIT जांच पर उठाए सवाल

सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि अब तक हुई कार्रवाई में केवल निचले स्तर के लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कथित रूप से बड़े जिम्मेदार लोगों तक जांच नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा कि SIT की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

‘आस्था पर हमला’ बताया मामला

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यह मामला करोड़ों राम भक्तों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है। उनके अनुसार, यदि चढ़ावे में किसी प्रकार की हेराफेरी हुई है तो इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आवश्यक है।

प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने इस कथित हेराफेरी की तुलना ऐतिहासिक संदर्भ से करते हुए कहा कि ऐसा करने वालों ने “महमूद गजनवी को भी पीछे छोड़ दिया।”

BJP, RSS और ट्रस्ट पर भी साधा निशाना

सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि मंदिर प्रबंधन से जुड़े ट्रस्ट में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने पूछा कि जांच की प्रगति सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही और इस मामले में शीर्ष स्तर पर जवाबदेही क्यों तय नहीं की जा रही।

अब तक क्या है स्थिति?

राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT कर रही है। इस मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। हालांकि, कांग्रेस ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए CBI जांच की मांग की है। मामले में संबंधित जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है।