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Aaj Ka Rashifal 29 August 2026: कुंभ राशि में चंद्रमा-राहु का ग्रहण योग, इन राशियों को रहना होगा सावधान

Aaj Ka Rashifal 29 August 2026: शनिवार, 29 अगस्त को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाली है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज मंगल मिथुन राशि में, गुरु कर्क राशि में और सूर्य, बुध व केतु सिंह राशि में स्थित हैं। वहीं शुक्र कन्या राशि में गोचर कर रहे हैं। चंद्रमा कुंभ राशि में राहु के साथ मौजूद हैं, जिससे ग्रहण योग बना हुआ है। चंद्रमा पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में हैं, जिसका स्वामी गुरु है। शनि इस समय मीन राशि में गोचर कर रहे हैं।

ग्रहों की इस स्थिति का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग पड़ सकता है। किसी के लिए आर्थिक और व्यावसायिक लाभ के योग बन रहे हैं, तो कुछ राशियों को स्वास्थ्य, पारिवारिक संबंधों और मानसिक तनाव के मामले में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए आज आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। जीवनसाथी के माध्यम से भी लाभ मिलने के योग हैं। प्रेम संबंध और संतान पक्ष से स्थितियां अनुकूल रहेंगी। कारोबार में भी अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। यात्रा से लाभ हो सकता है, हालांकि मानसिक रूप से थोड़ी बेचैनी या अस्थिरता महसूस हो सकती है। आज किसी काली वस्तु का दान करना शुभ माना जा सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने वाला है। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के साथ ऐसे काम पूरे हो सकते हैं, जिनका फायदा लंबे समय तक मिलेगा। स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी आवश्यक है और सीने से जुड़ी परेशानी हो सकती है। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में दिन सामान्य रहेगा। कारोबार के लिहाज से समय मजबूत है। गणेश जी का स्मरण करना शुभ रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को प्रेम और संतान पक्ष से लाभ मिलने के संकेत हैं। हालांकि मन में किसी तरह के अपमान या आलोचना का डर बना रह सकता है। मानसिक चंचलता पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। व्यापार के लिए दिन अनुकूल है, लेकिन फिलहाल यात्रा को टालना बेहतर रहेगा। मां काली की आराधना करना शुभ फल दे सकता है।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। चोट लगने या किसी परेशानी में फंसने की आशंका के चलते सावधानी बरतें। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी। प्रेम और संतान से संबंधित मामलों में कुछ दूरी या तनाव महसूस हो सकता है। हालांकि व्यापारिक मोर्चे पर स्थिति बेहतर बनी रहेगी। काली वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के स्वास्थ्य में पहले की तुलना में सुधार दिखाई दे रहा है, लेकिन प्रेम और संतान पक्ष में दूरी बनी रह सकती है। पेट से जुड़ी समस्या परेशान कर सकती है। वैवाहिक जीवन में किसी तरह की नकारात्मकता या मतभेद को बढ़ने न दें। दांपत्य संबंधों को संभालकर चलना जरूरी होगा। कारोबार की स्थिति सामान्य से अच्छी रहेगी। काली वस्तु का दान करना लाभकारी माना जा सकता है।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए स्वास्थ्य की स्थिति थोड़ी सामान्य से कमजोर रह सकती है। हालांकि प्रेम, संतान और वैवाहिक जीवन से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। कारोबार में भी धीरे-धीरे सुधार होने के संकेत हैं। इस दौरान विरोधी या शत्रु सक्रिय हो सकते हैं, जिससे अनावश्यक तनाव पैदा हो सकता है। छोटी-मोटी शारीरिक परेशानियों को नजरअंदाज न करें। हरी वस्तु अपने पास रखना और गणेश जी की पूजा करना शुभ रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों को आज मानसिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है। प्रेम संबंधों में कहासुनी या मतभेद की स्थिति बन सकती है। इसलिए महत्वपूर्ण फैसले लेने से बचें। पढ़ाई-लिखाई के मामले में नई शुरुआत करने की बजाय पुरानी पढ़ाई को दोहराने पर ध्यान दें। संतान को लेकर चिंता या मन में बेचैनी हो सकती है। व्यापारिक गतिविधियां सामान्य रूप से चलती रहेंगी। शनिदेव का स्मरण करना शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के स्वास्थ्य पर ग्रहों का प्रभाव पड़ सकता है और सीने से संबंधित परेशानी संभव है। प्रेम और संतान के मामले में समय सकारात्मक रहेगा। दूसरी ओर पारिवारिक जीवन में कलह की स्थिति बन सकती है। ऐसे में भूमि, मकान या वाहन की खरीदारी को फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। काली वस्तु का दान करना शुभ माना जाता है।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को आज स्वास्थ्य को लेकर विशेष सतर्क रहना चाहिए। नाक, कान, गले, कंधे या हाथों से जुड़ी परेशानी हो सकती है। हालांकि प्रेम और संतान पक्ष से अच्छी खबर मिल सकती है। प्रेम संबंधों में अपनापन बढ़ेगा। कारोबार की स्थिति भी मजबूत रहेगी और सरकारी क्षेत्र से लाभ मिलने के संकेत हैं। व्यापार में नकारात्मक माहौल से बचने की कोशिश करें। काली वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि वालों का स्वास्थ्य पहले के मुकाबले बेहतर रहेगा, लेकिन मुंह से जुड़ी परेशानी हो सकती है। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें, क्योंकि धन हानि के संकेत हैं। आज निवेश करने से बचना बेहतर होगा। परिवार में आपकी बातों या किसी अन्य व्यक्ति की नकारात्मकता के कारण विवाद हो सकता है। इसलिए अपनी वाणी पर संयम रखें। प्रेम और संतान पक्ष अच्छा रहेगा तथा व्यापार में भी स्थिति मजबूत रहेगी। विरोधियों पर आपका प्रभाव बना रहेगा। सरकारी तंत्र से विवाद करने से बचें। सूर्य को जल देना और तांबे की वस्तु का दान करना शुभ माना जाता है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए आज मानसिक तनाव और बेचैनी बढ़ सकती है। चंद्रमा के साथ राहु की स्थिति के कारण नकारात्मक विचार हावी हो सकते हैं। दांपत्य जीवन, प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में कुछ परेशानी महसूस हो सकती है। व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन दोनों को लेकर मन में असंतोष रहेगा। हालांकि परिस्थितियां उतनी खराब नहीं होंगी, जितना आपको महसूस हो सकता है। सूर्य को जल अर्पित करें और गणेश जी का स्मरण करें।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों को आज सिरदर्द और आंखों से जुड़ी परेशानी हो सकती है। किसी अज्ञात कारण से भय या चिंता मन में बनी रह सकती है। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में नकारात्मकता महसूस हो सकती है। पार्टनरशिप में भी मतभेद या परेशानी के संकेत हैं। कुल मिलाकर दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। भगवान शिव का जलाभिषेक करना शुभ माना जाएगा।

नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को केवल राशिफल के आधार पर न लें।

“मेरे भाग्य में आंदोलनों से निपटना लिखा है…” अमित शाह ने मुस्कुराते हुए क्यों कही ये बात?

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़ :- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक बयान इन दिनों चर्चा में है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने गृह मंत्री बनने के बाद सामने आने वाली चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके भाग्य में आंदोलनों और आतंकियों से निपटना लिखा है। उनके इस बयान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि केंद्र में उन्हें गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है और इस वजह से उनके सामने आंदोलनों तथा आतंकवाद से जुड़ी चुनौतियों से निपटने की जिम्मेदारी रहती है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “केंद्र में मुझे गृह मंत्रालय ही मिला है… तो मेरे भाग्य में आंदोलनों से निपटना है। आतंकियों से भी निपटना है।”

शाह ने यह बात हल्के-फुल्के अंदाज में कही, जिसके बाद उनके बयान की चर्चा तेज हो गई।

कोरोना काल का अनुभव भी साझा किया

अमित शाह ने अपने संबोधन के दौरान कोरोना महामारी के शुरुआती दौर को भी याद किया। उन्होंने बताया कि उस समय देश में लॉकडाउन और कर्फ्यू लागू कराना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अहमदाबाद जैसे बड़े शहर में कर्फ्यू लागू कराने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस वाहनों पर लाउडस्पीकर लगाकर लोगों को घरों में रहने की जानकारी देनी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि कोरोना के शुरुआती दिनों में पूरे देश में कर्फ्यू को प्रभावी तरीके से लागू करना आसान काम नहीं था।

शाह ने बताया कि जब कोरोना संक्रमण के शुरुआती मामलों की पुष्टि हुई, तब सरकार के सामने स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण थी। उनके मुताबिक, उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उन्होंने भी हालात को लेकर चिंता जताई थी।

जनता कर्फ्यू के फैसले को किया याद

गृह मंत्री ने कोरोना काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई चर्चा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस समय प्रधानमंत्री ने चिंता करने के बजाय आगे की रणनीति बनाने पर जोर दिया और जनता कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया।

अमित शाह के मुताबिक, उन्हें शुरुआत में आशंका थी कि इतने बड़े स्तर पर की गई अपील के बावजूद लोग घरों से बाहर निकल सकते हैं। हालांकि, प्रधानमंत्री की घोषणा के अगले दिन सड़कों पर लोगों की आवाजाही बेहद कम दिखाई दी।

शाह ने कहा कि उस समय प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया था कि देश इस चुनौती से बाहर निकलने में सफल होगा।

भारत की वैक्सीन क्षमता का भी किया जिक्र

अमित शाह ने कोरोना महामारी के बाद भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश ने वैक्सीन निर्माण के क्षेत्र में तेजी से काम किया। उन्होंने दावा किया कि भारत दुनिया के उन शुरुआती देशों में शामिल रहा, जिन्होंने तेजी से वैक्सीन विकसित की।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने कई अन्य देशों तक वैक्सीन पहुंचाकर महामारी के खिलाफ लड़ाई में सहयोग किया। शाह ने अपने संबोधन में देश के युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया।

“भारत को हीनभावना से बाहर निकलने की जरूरत”

अमित शाह ने कहा कि भारत को किसी भी तरह की हीनभावना से बाहर निकलना होगा। उन्होंने युवाओं में आत्मविश्वास पैदा करने की जरूरत बताते हुए कहा कि देश के युवा किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।

उनके मुताबिक, देश के युवाओं को यह विश्वास दिलाना जरूरी है कि भारत कुछ भी कर सकता है और बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना करने की क्षमता रखता है।

अमित शाह के आंदोलन, आतंकवाद और कोरोना काल से जुड़े इस संबोधन का वीडियो सामने आने के बाद उनके बयान को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है।

सोना खरीदने वालों के लिए अहम खबर! इंपोर्ट ड्यूटी घटने की अटकलों से बढ़ा गोल्ड डिस्काउंट

Gold Price News: भारत के घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर इस समय नीतिगत अनिश्चितता का असर दिखाई दे रहा है। 27 अगस्त को जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी के दाम मजबूत रहे, वहीं घरेलू बाजार में दोनों की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। बाजार में चर्चा है कि सरकार सोने और चांदी पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी कम करने पर विचार कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है।

रिपोर्टों के अनुसार, मौजूदा करीब 15 फीसदी आयात शुल्क को घटाकर लगभग 6 फीसदी करने का प्रस्ताव चर्चा में होने की बात कही जा रही है। इसी संभावना के चलते ज्वेलर्स और बड़े खरीदार फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं। बाजार में नई खरीदारी को लेकर ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति बनी हुई है।

घरेलू बाजार में सोने पर दबाव

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घरेलू और वैश्विक गोल्ड मार्केट में इस समय विपरीत रुख देखने को मिल रहा है। MCX पर अक्टूबर वायदा सोना करीब 0.8 फीसदी गिरकर लगभग 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं सितंबर वायदा चांदी में भी करीब 0.2 फीसदी की कमजोरी रही और इसका भाव लगभग 2.38 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गया।

दूसरी तरफ, अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 0.8 फीसदी चढ़कर 4,630.09 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी करीब 0.7 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। यानी वैश्विक बाजार में तेजी के बावजूद भारतीय बाजार में सोने पर दबाव बना हुआ है।

भारत में बढ़ा गोल्ड डिस्काउंट

घरेलू फिजिकल गोल्ड मार्केट में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। भारत में सोना पहले लैंडेड या इंपोर्ट-पैरिटी कीमत की तुलना में करीब 2 से 2.5 फीसदी डिस्काउंट पर कारोबार कर रहा था। अब इस डिस्काउंट में करीब 1 से 1.5 प्रतिशत अंक की अतिरिक्त बढ़ोतरी होने की बात सामने आई है।

बाजार से जुड़े जानकारों के मुताबिक, इसकी एक प्रमुख वजह इंपोर्ट ड्यूटी में संभावित कटौती को लेकर बनी अनिश्चितता है। अगर सरकार अचानक आयात शुल्क कम कर देती है, तो विदेश से भारत आने वाले सोने की लागत भी घट सकती है।

ऐसे में आज ऊंची कीमत पर सोना खरीदकर स्टॉक रखने वाले कारोबारियों को बाद में कम कीमत पर बिक्री का दबाव झेलना पड़ सकता है। इसी आशंका के कारण कई बड़े खरीदार फिलहाल खरीदारी को टाल रहे हैं।

ड्यूटी घटने पर क्या होगा?

अगर सरकार वास्तव में सोने और चांदी पर आयात शुल्क कम करने का ऐलान करती है, तो घरेलू बाजार में कीमतों की नई री-प्राइसिंग देखने को मिल सकती है। इससे सोने के दाम में अचानक बदलाव संभव है।

वहीं, यदि सरकार की ओर से ड्यूटी में कोई कटौती नहीं की जाती है, तो बाजार में मौजूदा डिस्काउंट धीरे-धीरे सामान्य स्तर यानी करीब 2 से 2.5 फीसदी तक वापस आ सकता है।

यही वजह है कि फिलहाल ज्वेलर्स और निवेशकों की नजर सरकार के अगले कदम पर बनी हुई है।

सोने और चांदी के लिए अहम स्तर

तकनीकी विश्लेषण के लिहाज से सोने के लिए 1,60,725 से 1,64,060 रुपये का स्तर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस जोन माना जा रहा है। वहीं 1,53,737 रुपये के आसपास का स्तर शॉर्ट टर्म सपोर्ट के तौर पर देखा जा रहा है।

चांदी में करीब 2,35,700 रुपये का स्तर सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 2,43,700 से 2,51,000 रुपये का क्षेत्र रेजिस्टेंस जोन है।

हालांकि, जब तक इंपोर्ट ड्यूटी को लेकर सरकार की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक घरेलू बुलियन मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। सोना खरीदने या निवेश करने वालों के लिए फिलहाल जल्दबाजी के बजाय बाजार और सरकारी फैसलों पर नजर रखना अहम रहेगा।

JPNIC विवाद पर गरमाई यूपी की सियासत, अखिलेश यादव ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप; भाजपा ने किया पलटवार

लखनऊ/ सर्वोदय न्यूज़: लखनऊ स्थित जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि JPNIC, शाने अवध और जनेश्वर मिश्र पार्क की पार्किंग तक बेच दी गई है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार इस पूरे मामले की जांच कराएगी।

वहीं, भाजपा ने अखिलेश यादव के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है। पार्टी का कहना है कि JPNIC को बेचा नहीं गया है, बल्कि उसके संचालन और रखरखाव के लिए निर्धारित शर्तों के तहत लीज पर दिया गया है। भाजपा ने सपा पर जनता को भ्रमित करने का आरोप भी लगाया।

JPNIC को लेकर अखिलेश ने साधा निशाना

अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली में बड़े स्तर पर और उत्तर प्रदेश में छोटे स्तर पर संपत्तियां बेचने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि JPNIC का निर्माण 20 एकड़ से अधिक भूमि पर कराया गया था और इसे समाजवादी नेताओं के विचारों के अनुरूप तैयार किया गया था।

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर बने केंद्र के साथ जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, वह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने JPNIC को बेचने का काम किया है, उनकी सरकार बनने पर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

अखिलेश ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि अगर पार्टी के लोगों के हाथ में सब कुछ हो तो वे भाजपा को भी बेचने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विरासत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी भाजपा पर हमला

रक्षाबंधन के मौके का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं और बेटियों से राखी तो बंधवाती है, लेकिन उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उसकी जिम्मेदारी है।

अखिलेश ने दावा किया कि यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।

भाजपा ने कहा- JPNIC बेचा नहीं, लीज पर दिया गया

अखिलेश यादव के आरोपों पर भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि JPNIC को बेचे जाने की बात गलत है। उनके मुताबिक, केंद्र को उसके संचालन और रखरखाव के लिए तय शर्तों के आधार पर लीज पर दिया गया है।

भाजपा प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि संपत्ति का स्वामित्व लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के पास ही रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है।

भाजपा ने सपा सरकार पर भी उठाए सवाल

राकेश त्रिपाठी ने JPNIC के निर्माण को लेकर पिछली सपा सरकार पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान परियोजना में सरकारी धन का उचित इस्तेमाल नहीं हुआ और निर्माण की लागत बढ़ती चली गई।

भाजपा प्रवक्ता के मुताबिक, लंबे समय तक परियोजना अधूरी रहने के बाद अब सरकार ने इसके संचालन और विकास के लिए नई व्यवस्था तैयार की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में निजी समूह संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगा, जबकि संपत्ति पर सरकारी स्वामित्व बरकरार रहेगा।

JPNIC पर आमने-सामने सपा और भाजपा

JPNIC को लेकर अखिलेश यादव और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप से यूपी की राजनीति में नया मुद्दा सामने आ गया है। एक तरफ सपा इसे सरकारी संपत्तियों को बेचने से जोड़कर सरकार पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा का कहना है कि संपत्ति बेची नहीं गई है और उसका मालिकाना हक सरकार के पास ही है।

अब इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और JPNIC की लीज से जुड़ी शर्तें क्या हैं, इस पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

यूपी में 24 हजार से ज्यादा स्टार्टअप, युवा शक्ति को लेकर CM योगी का बड़ा लक्ष्य, बोले- 20% तक बढ़ाएंगे हिस्सेदारी

लखनऊ/ सर्वोदय न्यूज़ : उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप और युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के पास बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली और ऊर्जावान युवा हैं। सरकार का उद्देश्य उनकी क्षमता को सही मंच उपलब्ध कराकर रोजगार और नवाचार के नए अवसर पैदा करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब तेजी से स्टार्टअप और इनोवेशन के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में देश के कुल स्टार्टअप्स में यूपी की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत बताई गई है। सरकार इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री गुरुवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2026 के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने 107 स्टार्टअप्स को करीब 3.42 करोड़ रुपये और 9 इनक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। इसके साथ ही स्टार्टअप नीति 2026 की पुस्तिका का विमोचन और स्टार्टअप मिशन पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया।

यूपी की बड़ी आबादी को सीएम योगी ने बताया डेमोग्राफिक डिविडेंड

युवा उद्यमियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ से अधिक आबादी को केवल चुनौती के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इतनी बड़ी आबादी प्रदेश के लिए बड़ी संभावना भी है।

उन्होंने कहा कि यूपी की युवा आबादी को सरकार डेमोग्राफिक डिविडेंड के रूप में देख रही है। जरूरत इस बात की है कि युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा को सही प्लेटफॉर्म मिले, जिससे वे नए कारोबार और रोजगार के अवसर पैदा कर सकें।

2014 से अब तक तेजी से बदला स्टार्टअप इकोसिस्टम

मुख्यमंत्री ने देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश में करीब 500 स्टार्टअप्स थे, जबकि अब यह संख्या 2.5 लाख से अधिक हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में भी पिछले कुछ वर्षों में स्टार्टअप्स की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में करीब 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। इनमें 8 यूनिकॉर्न भी शामिल हैं।

सरकार की ओर से स्टार्टअप नीति के तहत 12 नए इनक्यूबेटर्स को भी मान्यता दिए जाने की बात कही गई है।

देश के कुल स्टार्टअप में यूपी की हिस्सेदारी 20% करने का लक्ष्य

सीएम योगी ने कहा कि आबादी के लिहाज से देश में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब एक-छठे हिस्से की है, लेकिन स्टार्टअप के मामले में यह लगभग एक-दसवें हिस्से तक है। ऐसे में प्रदेश की हिस्सेदारी को बढ़ाने की पर्याप्त संभावना है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में देश के कुल स्टार्टअप्स में यूपी की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत तक पहुंचे।

महिलाओं की स्टार्टअप में बढ़ रही भागीदारी

मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स का संचालन महिलाएं कर रही हैं।

सरकार की ओर से आईआईटी कानपुर, बीएचयू, ट्रिपल आईटी, एकेटीयू और आईआईएम जैसे संस्थानों से आने वाले स्टार्टअप प्रस्तावों को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता और अन्य सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार ने वर्ष 2019 में सिडबी के साथ फंड ऑफ फंड्स की व्यवस्था भी शुरू की थी।

2017 से पहले यूपी में इनोवेशन का माहौल नहीं था: योगी

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों के कार्यकाल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान खराब सड़कों, बिजली की समस्या और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों के कारण बनी हुई थी।

उन्होंने दावा किया कि उस दौर में स्कूल-कॉलेज और बाजार लंबे समय तक बंद रहने तथा कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं के कारण रोजगार, शिक्षा, इनोवेशन और स्टार्टअप जैसे विषयों पर चर्चा करना मुश्किल था।

‘नया यूपी’ तेजी से आगे बढ़ रहा

सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद सरकार की ओर से किए गए प्रयासों के परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं। उनके मुताबिक प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय, महिला वर्कफोर्स की भागीदारी और बड़े उद्योगों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि आज का उत्तर प्रदेश पीछे हटने वाला नहीं है। सरकार प्रदेश को देश की तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने के साथ-साथ स्टार्टअप, इनोवेशन और उद्यमिता का मजबूत हब बनाने की दिशा में काम कर रही है।

कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव आलोक कुमार और एकेटीयू के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय समेत कई अधिकारी और युवा उद्यमी मौजूद रहे।

कानपुर में ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश: गंगा बैराज के पास हादसा, दो पायलटों की मौत

कानपुर/ सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुरुवार सुबह एक बड़ा विमान हादसा हो गया। ग्वालटोली थाना क्षेत्र के नत्था पुरवा इलाके में ट्रेनिंग उड़ान के दौरान चार सीटर एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त होकर जमीन पर जा गिरा। हादसे में विमान में सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने इलाके को घेरकर राहत और बचाव कार्य शुरू कराया।

कानपुर कैंट से भरी थी उड़ान

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक एयरक्राफ्ट ने गुरुवार सुबह करीब 11:20 बजे कानपुर कैंट क्षेत्र से उड़ान भरी थी। विमान ट्रेनिंग फ्लाइट पर था। उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही नत्था पुरवा क्षेत्र में यह हादसे का शिकार हो गया।

विमान के जमीन पर गिरते ही तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद आसपास के लोग घटनास्थल की ओर पहुंचने लगे। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीमें पहुंचीं और मलबे को सुरक्षित किया गया।

कर्नाटक और गुजरात के थे दोनों पायलट

हादसे में जान गंवाने वाले दोनों पायलटों की पहचान अभिषेक पुजारी, निवासी कर्नाटक और सुमित भाटिया, निवासी गुजरात के रूप में बताई गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

बताया गया है कि गुजरात निवासी सुमित भाटिया प्रशिक्षक थे और उनके पास करीब 3,000 घंटे का प्रशिक्षण अनुभव था। वहीं कर्नाटक निवासी अभिषेक पुजारी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे।

इटली की कंपनी का था एयरक्राफ्ट

जानकारी के मुताबिक दुर्घटनाग्रस्त विमान इटली की कंपनी Tecnam का था। यह विमान कानपुर में प्रशिक्षण देने वाली Garg Aviation से जुड़ा बताया जा रहा है। बताया गया है कि यह एयरक्राफ्ट वर्ष 2023 से कानपुर में प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

हादसे की वजह अभी साफ नहीं

विमान दुर्घटना के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। तकनीकी खराबी, मौसम या किसी अन्य संभावित कारण को लेकर जांच की जा रही है। संबंधित विमानन अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दी गई है।

अधिकारियों ने दुर्घटनास्थल से विमान का मलबा सुरक्षित कर लिया है। विस्तृत जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

Aaj Ka Rashifal 27 August 2026: आज 3 राशियों के लिए शानदार रहेगा दिन, धन लाभ और कारोबार में सफलता के योग

Aaj Ka Rashifal 27 August 2026: आज गुरुवार का दिन कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ रहने वाला है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार मंगल मिथुन राशि में, गुरु कर्क राशि में, जबकि सूर्य, बुध और केतु सिंह राशि में स्थित हैं। शुक्र कन्या राशि में हैं। वहीं चंद्रमा मकर राशि में धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार चंद्रमा और मंगल की स्थिति से व्यावसायिक सफलता के योग बन रहे हैं। कुछ राशियों को धन लाभ और करियर में तरक्की के संकेत मिल रहे हैं, जबकि कुछ जातकों को आज सावधानी बरतनी होगी।

मेष राशि

आज मेष राशि वालों को व्यावसायिक सफलता मिल सकती है। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में भी राहत या विजय के संकेत हैं। नया कारोबार शुरू करने के लिए दिन अनुकूल रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष मजबूत रहेगा। स्वास्थ्य भी सामान्य बना रहेगा। लाल रंग की वस्तु अपने पास रखना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों का भाग्य आज साथ देगा। नौकरी और कारोबार में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। यात्रा का योग भी बन रहा है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और प्रेम-संतान का सहयोग मिलेगा। व्यापार में भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। शनिदेव को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए दिन की शुरुआत थोड़ी सामान्य रह सकती है, लेकिन दोपहर के बाद परिस्थितियां बेहतर होने लगेंगी। किसी जोखिम या परेशानी से बाहर निकलने में सफलता मिलेगी। प्रेम और संतान पक्ष से अच्छा सहयोग मिलेगा। कारोबार भी ठीक रहेगा। काली माता को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों को आज थोड़ा सतर्क रहना होगा। चोट-चपेट लगने या किसी परेशानी में फंसने की आशंका है। परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल नहीं रहेंगी। प्रेम और संतान पक्ष से दूरी महसूस हो सकती है। कारोबार भी सामान्य से कम रह सकता है। बजरंगबली को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों को जीवनसाथी का साथ मिलेगा, लेकिन जीवनसाथी और अपनी सेहत को लेकर सावधानी बरतनी होगी। प्रेम और संतान पक्ष में कुछ दूरी की स्थिति बन सकती है। व्यापार सामान्य रूप से चलता रहेगा। काली वस्तु का दान करना लाभकारी रहेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों का अपने विरोधियों पर दबदबा बना रहेगा। हालांकि स्वास्थ्य को लेकर छोटी-मोटी परेशानियां हो सकती हैं। प्रेम और संतान पक्ष काफी मजबूत रहेगा। कारोबार में स्थिति सामान्य रहेगी। शनिदेव को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों का मन आज बच्चों की सेहत को लेकर परेशान हो सकता है। प्रेम संबंधों में कहासुनी या मतभेद की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा और व्यापार सामान्य रूप से चलता रहेगा। शनिदेव को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए घर-परिवार में तनाव की स्थिति बन सकती है। गृह कलह के कारण मानसिक परेशानी बढ़ सकती है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा, लेकिन प्रेम और संतान पक्ष काफी अच्छा रहेगा। व्यापार में भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। काली वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि वालों को आज स्वास्थ्य के मामले में सावधानी रखनी होगी। नाक, कान और गले से जुड़ी परेशानी हो सकती है। प्रेम और संतान पक्ष मजबूत रहेगा। व्यापार सामान्य रहेगा, हालांकि कारोबारी माहौल में नकारात्मकता महसूस हो सकती है। काली वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि वालों को आज जुआ, सट्टा और लॉटरी में पैसा लगाने से बचना चाहिए। धन हानि के संकेत हैं। मुख से जुड़ी स्वास्थ्य समस्या भी परेशान कर सकती है। हालांकि प्रेम, संतान और व्यापार के लिहाज से दिन अच्छा रहेगा। काली माता को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों को आज घबराहट और बेचैनी महसूस हो सकती है। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष में धीरे-धीरे सुधार होगा। कारोबार अच्छा चल सकता है। गणेश जी को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि वालों को आज खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। बेवजह के खर्च मानसिक तनाव बढ़ा सकते हैं। प्रेम और संतान पक्ष में नकारात्मकता महसूस हो सकती है। कारोबार सामान्य रहेगा। काली वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इसे व्यक्तिगत सलाह या निश्चित भविष्यवाणी के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

Gold Rate Today: आज फिर सस्ता हुआ सोना, 22 कैरेट का भाव; जानें दिल्ली, मुंबई, पटना और लखनऊ के रेट

Gold Price Today: सोना खरीदने वालों के लिए 26 अगस्त 2026 को मामूली राहत की खबर है। घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की कीमत में हल्की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, गिरावट बहुत ज्यादा नहीं रही, लेकिन रक्षाबंधन से पहले खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए यह थोड़ी राहत जरूर है। आज 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1,62,140 प्रति 10 ग्राम, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,48,520 प्रति 10 ग्राम रही।

कल के मुकाबले सोने की कीमत में लगभग ₹60 प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। अगर आप सोने के आभूषण खरीदने या निवेश करने की तैयारी कर रहे हैं, तो अलग-अलग शहरों में आज के भाव जानना जरूरी है।

दिल्ली में Gold Rate Today

राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,62,140 प्रति 10 ग्राम है। वहीं 22 कैरेट सोना ₹1,48,520 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

पटना में आज का सोने का भाव

बिहार की राजधानी पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,62,117 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। यहां सोने के भाव में करीब ₹63 की गिरावट आई है। 22 कैरेट गोल्ड का रेट करीब ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम रहा।

मुंबई में Gold Price

मुंबई में आज 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,62,050 प्रति 10 ग्राम है। यहां सोने के भाव में करीब ₹70 की कमी देखने को मिली। 22 कैरेट सोने का रेट भी करीब ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम रहा।

लखनऊ में आज का Gold Rate

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,60,205 प्रति 10 ग्राम है। यहां कीमत में करीब ₹70 की गिरावट दर्ज की गई। 22 कैरेट सोना आज ₹1,48,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा।

सोने की कीमत में क्यों आई गिरावट?

सोने के भाव में मामूली गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारक जिम्मेदार माने जा रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख अमेरिकी डॉलर में मजबूती है। डॉलर मजबूत होने पर अन्य देशों की मुद्राओं में सोने की खरीद महंगी हो जाती है, जिससे मांग पर दबाव पड़ सकता है।

इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का असर भी सोने की कीमतों पर पड़ा है। जब बॉन्ड जैसे ब्याज देने वाले निवेश विकल्प आकर्षक होते हैं तो कुछ निवेशक सोने से पैसा निकालकर दूसरी परिसंपत्तियों में लगा सकते हैं।

वहीं, वैश्विक स्तर पर महंगाई, अमेरिकी कर्ज, ईरान-अमेरिका तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे कारक भी सोने के बाजार को प्रभावित कर रहे हैं।

नोट: सोने के ऊपर बताए गए भाव में स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क शामिल नहीं हो सकते। आभूषण खरीदने से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से ताजा रेट जरूर जांच लें।

हिजाब विवाद पर मायावती की दो टूक, विपक्ष को दी नसीहत; बदायूं में अंबेडकर प्रतिमा विवाद पर भी बोलीं

लखनऊ / सर्वोदय न्यूज़:- स्कूलों में हिजाब और ड्रेस कोड को लेकर जारी बहस के बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने विपक्षी दलों को नसीहत दी है। मायावती ने कहा कि स्कूलों में यूनिफॉर्म, पर्दा, चादर और हिजाब जैसे मामलों को अनावश्यक रूप से तूल देकर राजनीतिक या कानूनी विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने ऐसे मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर स्कूल प्रबंधन और प्रशासन के बीच आपसी समझ से निकालने की बात कही।

मायावती ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों की आड़ में किसी को संकीर्ण राजनीति करने का अवसर नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने महिलाओं की अस्मिता, सम्मान और आत्मसम्मान से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता के साथ देखने की अपील की।

हिजाब विवाद पर क्या बोलीं मायावती?

मायावती ने कहा कि किसी भी धर्म, धार्मिक ग्रंथ और धार्मिक परंपराओं से जुड़े संवेदनशील विषयों पर अनावश्यक टिप्पणी से बचना चाहिए। उनके मुताबिक, ऐसे मामलों को आपसी समझ और सूझबूझ से सुलझाना देश और समाज के हित में होगा।

मायावती की यह टिप्पणी प्रयागराज के एक निजी स्कूल से जुड़े हिजाब मामले के बीच सामने आई है। कुछ दिन पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक नाबालिग छात्रा की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें स्कूल की निर्धारित यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की अनुमति मांगी गई थी। इसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई।

बदायूं में अंबेडकर प्रतिमा विवाद पर भी प्रतिक्रिया

बसपा सुप्रीमो ने बदायूं में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर चल रहे विवाद पर भी चिंता जताई। उन्होंने सरकार और प्रशासन से तनाव की स्थिति का तत्काल शांतिपूर्ण और उचित समाधान निकालने की अपील की।

बदायूं में प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर मंगलवार शाम विवाद के दौरान पथराव हुआ था। इस घटना में पुलिसकर्मियों और एक ग्रामीण के घायल होने तथा कई वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई थी। प्रशासन के अनुसार, प्रतिमा सरकारी भूमि पर स्थापित की जा रही थी, जिसके बाद उसे वहां से हटाकर तहसील परिसर में रखा गया।

मायावती ने की शांति बनाए रखने की अपील

मायावती ने कहा कि ऐसे विवादों को बढ़ाने के बजाय प्रशासन को सभी पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने संवेदनशील मुद्दों पर संयम बरतने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।

इस पूरे मामले में मायावती ने एक तरफ हिजाब और स्कूल ड्रेस को लेकर जारी विवाद में राजनीतिक हस्तक्षेप से बचने की सलाह दी है, वहीं दूसरी ओर बदायूं में आंबेडकर प्रतिमा को लेकर बने तनाव को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की मांग की है।

नेपाल की बाढ़ से बिहार में बढ़ा खतरा, गंडक बैराज के गेट खोले जाने की खबरों के बीच कई जिलों में अलर्ट

न्यूज़ डेस्क /सर्वोदय न्यूज़:- नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और भारी जलप्रवाह की स्थिति के बाद बिहार के सीमावर्ती जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गंडक नदी में संभावित जलवृद्धि को देखते हुए बिहार सरकार और जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत कई जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति और गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को संभावित प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने और सभी जरूरी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।

गंडक से जुड़े जिलों में हाई अलर्ट

सरकार की ओर से पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली सहित अन्य संवेदनशील जिलों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। अधिकारियों को नेपाल से आने वाले पानी के प्रभाव की लगातार निगरानी करने और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने भी संबंधित जिलों के अधिकारियों को संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने को कहा है। जरूरत के अनुसार एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की अग्रिम तैनाती के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों की छुट्टियां रद्द

गंडक नदी में जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते मुजफ्फरपुर प्रशासन ने मुख्यालय से लेकर प्रखंड और अंचल स्तर तक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों को तटबंधों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी कुमार गौरव ने सभी अंचलाधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है।

वैशाली में 48 घंटे का अलर्ट

बाढ़ की आशंका को देखते हुए वैशाली जिले में 48 घंटे का अलर्ट जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने गंडक नदी के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

ग्रामीण और तटवर्ती इलाकों में माइकिंग के जरिए लोगों को संभावित खतरे की जानकारी दी जा रही है।

कोसी बराज पर भी बढ़ा पानी का दबाव

नेपाल में लगातार बारिश और नदियों में बढ़ते जलप्रवाह का असर कोसी बराज पर भी दिखाई दे रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बराज पर डिस्चार्ज 1.31 लाख क्यूसेक से अधिक पहुंचा है। हालांकि फिलहाल प्रशासन की ओर से कोसी क्षेत्र में तत्काल बाढ़ का खतरा नहीं बताया गया है और बराज पर लगातार निगरानी की जा रही है।

तेजस्वी यादव ने कार्यकर्ताओं से राहत कार्य में जुटने को कहा

बिहार में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोगों की मदद करने की अपील की है। उन्होंने गंडक नदी से जुड़े जिलों के कार्यकर्ताओं से स्थानीय लोगों को जरूरी सूचना और चेतावनी देकर जागरूक करने को कहा है।

बगहा में डीएम ने तटबंधों का किया निरीक्षण

नेपाल में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड की सूचना और गंडक नदी में संभावित जलवृद्धि को देखते हुए पश्चिमी चंपारण के जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बगहा अनुमंडल क्षेत्र में विभिन्न तटबंधों और घाटों का निरीक्षण किया।

उन्होंने अधिकारियों और अभियंताओं को तटबंधों की लगातार निगरानी करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। तटवर्ती और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने तथा किसी भी खतरे की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।

इन जिलों में विशेष निगरानी

गंडक में संभावित जलप्रवाह बढ़ने को देखते हुए पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसके अलावा सीतामढ़ी और शिवहर समेत अन्य संवेदनशील जिलों में भी प्रशासन को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले क्षेत्रों, पुल-पुलियों और अन्य संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी की जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और नदी के किनारे या निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से न जाएं।