लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: ग्रेटर नोएडा में छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला बताते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि ग्रेटर नोएडा में छह वर्षीय मासूम के साथ हुई वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की घटनाओं के कारण बेटियों के माता-पिता उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित और भयभीत हैं।
अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने सवाल किया कि आखिर उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी खराब कैसे हो गई कि अपराधियों के मन में पुलिस और शासन का भय नहीं रह गया है।
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में सत्ता और पुलिस व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ अपराधों को कथित राजनीतिक संरक्षण मिलने से अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं। साथ ही उन्होंने भ्रष्ट पुलिसकर्मियों और अपराधियों के बीच कथित सांठगांठ का भी आरोप लगाया।
सपा अध्यक्ष ने घटना की निंदा करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
बीजेपी ने अखिलेश यादव के बयान पर किया पलटवार
अखिलेश यादव के आरोपों पर बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज है और मौजूदा सरकार में अपराधियों को संरक्षण नहीं दिया जाता।
बीजेपी प्रवक्ता ने घटना को जघन्य और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना मानवता को शर्मसार करती है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने अखिलेश यादव से कहा कि उन्हें अपने सोशल मीडिया पोस्ट में पुलिस की कार्रवाई का भी उल्लेख करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ सरकार में पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई की और आरोपी मुठभेड़ के दौरान मारा गया।
पुलिस मुठभेड़ में आरोपी की मौत
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, छह साल की बच्ची शुक्रवार रात अपने घर से लापता हुई थी। परिवार की ओर से मध्य नोएडा के ईकोटेक-3 थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी।
मध्य नोएडा के अपर पुलिस उपायुक्त स्वतंत्र कुमार सिंह के अनुसार, पुलिस ने CCTV फुटेज और अन्य माध्यमों की मदद से 40 वर्षीय बलराज की पहचान बच्ची के अपहरण के आरोपी के रूप में की।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी और शव को बोरे में रखकर फेंक दिया था।
अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी को हिरासत में लेने के बाद हथियार बरामदगी की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान उसने पुलिस टीम पर गोली चला दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हुआ और उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद कानून-व्यवस्था पर सियासी बहस तेज
ग्रेटर नोएडा की इस घटना ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में महिला एवं बाल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस छेड़ दी है। जहां अखिलेश यादव ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं, वहीं बीजेपी ने पुलिस कार्रवाई का हवाला देते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है।


