लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में करीब 101 करोड़ रुपये की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास एक चौराहे पर स्वतंत्रता सेनानी वीरांगना अवंती बाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बिना नाम लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए। सीएम योगी ने सपा की पुरानी सरकारों के कार्यकाल और जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लेकर भी सवाल उठाए।
‘दंगों के बादशाह हैं, कर्फ्यू इनकी पहचान’
मुख्यमंत्री योगी ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि उनकी पहचान दंगों और कर्फ्यू से जुड़ी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के खजाने में लूट-खसोट करना और सरकारी जमीनों पर कब्जा करना सपा की राजनीति का हिस्सा रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग एक बार फिर समाज को जाति और वर्ग के नाम पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने PDA के मुद्दे को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि समाज को बांटने की राजनीति करने वालों की मानसिकता को समझना जरूरी है।
कल्याण सिंह और JPNIC को लेकर अखिलेश पर निशाना
सीएम योगी ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का जिक्र करते हुए सपा पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कल्याण सिंह के निधन के समय समाजवादी पार्टी के नेताओं ने श्रद्धांजलि देने की बात तो दूर, सोशल मीडिया पर भी संवेदना व्यक्त नहीं की।
इसके बाद उन्होंने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले जयप्रकाश नारायण के नाम पर लखनऊ में स्मारक परियोजना शुरू की गई थी।
योगी ने दावा किया कि करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुई JPNIC परियोजना पर 864 करोड़ रुपये खर्च हो गए, इसके बावजूद काम पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि परियोजना को 18 महीने में पूरा किया जाना था, लेकिन निर्धारित समय के बाद भी यह अधूरी रही।
समाजवादी पार्टी दंगों की बादशाह है, कर्फ्यू इनकी पहचान है।
JPNIC समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक है… pic.twitter.com/aTwZt0l2I9
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 30, 2026
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बाद में इस परियोजना पर समाजवादी पार्टी का कथित कब्जा बनाए रखने के लिए एक कमेटी बनाई गई थी। उन्होंने दावा किया कि इसमें अखिलेश यादव, डिंपल यादव, अखिलेश यादव के निजी सचिव और सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी जैसे लोग शामिल थे।
‘हमारी नीति माफिया को मिट्टी में मिलाने की है’
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि किसी महापुरुष के अपमान को डबल इंजन की सरकार स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकार की नीति माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, उसी तरह भ्रष्टाचार और बेईमानी के खिलाफ भी जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।
सीएम योगी ने कहा कि सरकारी धन किसी राजनीतिक दल या किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जनता का पैसा है।
उन्होंने सरकार की ओर से वीरांगनाओं और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। योगी ने बताया कि विभिन्न पीएसी वाहिनियों का नाम वीरांगना अवंती बाई लोधी, ऊदा देवी पासी और झलकारी बाई जैसी वीरांगनाओं के नाम पर रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्नातक अंतिम वर्ष में पढ़ने वाली 50 हजार बेटियों को महारानी लक्ष्मीबाई के नाम पर स्कूटी देने की योजना पर भी काम कर रही है।
राजनाथ सिंह ने योगी सरकार के कामकाज की तारीफ की
कार्यक्रम में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि लखनऊ में तेजी से हो रहे विकास कार्यों में प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि लखनऊ के जनप्रतिनिधियों द्वारा जब भी विकास से जुड़ी मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी गई, सरकार ने उसका सहयोग किया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार, रक्षा मंत्रालय और उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल से विकास कार्यों को गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि जब केंद्र और राज्य सरकारें एक समान दिशा में काम करती हैं, तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है।


