नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- देश के अगले उपराष्ट्रपति को लेकर सियासी हलचलें तेज हो गई हैं। मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद खाली हुए पद पर अब सत्तारूढ़ एनडीए को नया उम्मीदवार घोषित करना है। हालांकि भाजपा ने अब तक किसी नाम की औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन हाल के दिनों में शीर्ष नेतृत्व द्वारा लगातार की जा रही बैठकों ने नए समीकरण को जन्म दे दिया है।
जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से हाल ही में कई राज्यपालों और उपराज्यपालों ने मुलाकात की है। इनमें दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा जैसे नाम प्रमुख हैं। ये सभी भाजपा से जुड़ी पृष्ठभूमि रखते हैं और पार्टी के प्रति निष्ठा के लिए जाने जाते हैं।
सूत्रों का मानना है कि इन बैठकों का मकसद सिर्फ उपराष्ट्रपति चुनाव नहीं, बल्कि लंबित पड़े राज्यपालों और उपराज्यपालों के फेरबदल को भी अंतिम रूप देना है। यह प्रक्रिया पहले संसद के मानसून सत्र और चुनावी गतिविधियों के चलते टल गई थी।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो भाजपा पिछली बार की तरह इस बार भी किसी मौजूदा गवर्नर को उपराष्ट्रपति पद के लिए मैदान में उतार सकती है। गौरतलब है कि जब जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति बनाया गया था, उस समय वह पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे।
हालांकि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अंतिम निर्णय छोड़ दिया गया है, लेकिन जिस तरह से हाल के सप्ताहों में मुलाकातों का सिलसिला तेज हुआ है, उससे साफ है कि जल्द ही नाम का ऐलान किया जा सकता है।



