न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान बरती जा रही लापरवाही पर प्रशासनिक कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। आज़मगढ़ और अमरोहा जिलों में अधिकारियों ने गंभीर खामियां पाए जाने पर निलंबन से लेकर वेतन रोकने तक के निर्देश जारी किए हैं।
आजमगढ़: लेखपाल और बीएलओ निलंबित
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत चल रहे एसआईआर की समीक्षा के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने लालगंज विधानसभा क्षेत्र के कई बूथों का निरीक्षण किया।
शाहपुर के प्राथमिक विद्यालय स्थित बूथ संख्या 407 पर बीएलओ रफीउल्लाह का काम असंतोषजनक पाया गया। फॉर्म वितरण और डिजिटलीकरण में लापरवाही मिलने पर उन्हें निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए गए।
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उधरा कूबा स्थित प्राथमिक विद्यालय (बूथ संख्या 385) और शिवका प्राथमिक विद्यालय (बूथ संख्या 383) पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि लेखपाल/पर्यवेक्षक विनोद कुमार यादव ने बीएलओ को आवश्यक सहयोग नहीं दिया और कार्य में ढिलाई बरती। इस पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने लेखपाल विनोद कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।
अमरोहा: 23 बीएलओ व सहायक कर्मियों की सैलरी रोकी
अमरोहा में भी एसआईआर कार्य में उपेक्षा सामने आने पर एसडीएम पुष्कर नाथ चौधरी ने बड़ा कदम उठाया है। निरीक्षण के दौरान मतदान केंद्रों से अनुपस्थित पाए गए 23 अध्यापक, शिक्षामित्र और अनुदेशकों—जिन्हें बीएलओ या सहायक के रूप में तैनात किया गया था—का वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं। इस संबंध में विभागाध्यक्षों को पत्र भी भेजा गया है।
एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि निर्वाचन जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, अमरोहा में 25 बीएलओ और सुपरवाइजर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। इससे पहले भी एक लेखपाल को निलंबित करते हुए चार कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया था।



