न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दक्षिण अफ्रीका के जोहनसबर्ग में आयोजित जी20 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक विकास की दिशा को नई दृष्टि देने वाले तीन प्रमुख प्रस्ताव पेश किए। पीएम मोदी ने कहा कि मानवता, समाज और प्रकृति को एक इकाई मानकर ही दुनिया आगे बढ़ सकती है, इसलिए वैश्विक मानकों पर दोबारा गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
सम्मेलन में पीएम मोदी ने ड्रग-टेरर नेक्सस के खिलाफ जी20 के तहत नई स्पेशल टीम, ग्लोबल हेल्थ केयर रिस्पॉन्स टीम तथा परंपरागत ज्ञान का ग्लोबल भंडार बनाने का महत्वपूर्ण सुझाव दिया।
1. ड्रग-टेरर नेक्सस पर जी20 की नई टीम बनाने का प्रस्ताव
प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया में बढ़ती ड्रग तस्करी और उससे जुड़े आतंकवादी नेटवर्क पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि फेंटनाइल जैसे अत्यंत खतरनाक ड्रग्स वैश्विक खतरा बन चुके हैं, इसलिए इस पर जी20 स्तरीय कार्रवाई की आवश्यकता है।
पीएम मोदी ने प्रस्ताव दिया कि:जी20 देशों की एक संयुक्त Anti-Drug Terror Task Force बनाई जाए | यह टीम ड्रग तस्करी, आतंक की फंडिंग और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर नकेल कसने का काम करे | ड्रग-टेरर गठजोड़ को खत्म करने के लिए साझा डाटा, तकनीक और खुफिया जानकारी का उपयोग किया जाए
2. ग्लोबल हेल्थ केयर रिस्पॉन्स टीम का सुझाव
कोविड-19 महामारी के अनुभवों को आधार बनाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया को स्वास्थ्य आपात स्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं का सामना मिलकर करना होगा।
उन्होंने प्रस्ताव रखा: जी20 देश एक Global Health Response Team बनाएं | इसमें प्रशिक्षित चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हों | किसी भी महामारी, प्राकृतिक आपदा या हेल्थ इमरजेंसी में इस टीम को तुरंत तैनात किया जा सके | स्वास्थ्य सुरक्षा को वैश्विक प्राथमिकता बनाया जाए | पीएम मोदी ने कहा, “हम तभी अधिक मजबूत होंगे जब हम हेल्थ इमरजेंसी से मिलकर निपटेंगे।”
3. परंपरागत वैश्विक ज्ञान का डिजिटल भंडार बनाने की पहल
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के कई समुदाय आज भी प्रकृति और परंपरा आधारित जीवन जीते हैं। उनके सांस्कृतिक व पर्यावरणीय ज्ञान को संरक्षित करने की आवश्यकता है।
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उन्होंने सुझाव दिया: जी20 देशों के सहयोग से एक वैश्विक पारंपरिक ज्ञान भंडार (Global Repository of Traditional Knowledge) बनाया जाए | यह ज्ञान अगले कई दशकों तक सुरक्षित रूप से पीढ़ियों तक पहुंच सके| जलवायु, खेती, औषधि और संस्कृति से जुड़े प्राचीन ज्ञान का संरक्षण हो |
अफ्रीका के विकास को वैश्विक प्रगति का आधार बताया
पीएम मोदी ने कहा कि अफ्रीका की प्रगति के बिना दुनिया का विकास अधूरा है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को G20 का स्थायी सदस्य बनाया गया, जो वैश्विक साउथ की आवाज को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि अब दुनिया को ऐसे वैश्विक संस्थानों की जरूरत है, जहां विकासशील देशों की आवाज अधिक सशक्त रूप से सुनी जाए।



