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कौन हैं माखनलाल सरकार? शुभेंदु अधिकारी की शपथ से पहले PM मोदी ने छूए पैर, भावुक हुआ मंच

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के ऐतिहासिक मौके पर कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक भावुक दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पहुंचे शुभेंदु अधिकारी के समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर मौजूद वरिष्ठ भाजपा नेता माखनलाल सरकार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

प्रधानमंत्री ने उन्हें गले लगाया और इस दौरान मंच पर मौजूद कई नेताओं की आंखें नम हो गईं। यह दृश्य समारोह का सबसे चर्चित और भावनात्मक पल बन गया।

कौन हैं माखनलाल सरकार?

98 वर्षीय माखनलाल सरकार पश्चिम Bengal में भाजपा और राष्ट्रवादी राजनीति के शुरुआती स्तंभों में गिने जाते हैं। उन्होंने जनसंघ और बाद में भाजपा के संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

Live: पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक दिन! मोदी के सामने शुभेंदु अधिकारी की ताजपोशी देखे लाइव विडियो:

बताया जाता है कि वर्ष 1952 में कश्मीर में तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान वे जनसंघ संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ सक्रिय रूप से जुड़े थे। इसी आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था और जेल जाना पड़ा था।

बंगाल में भाजपा संगठन को मजबूत करने में निभाई बड़ी भूमिका

1980 में भारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद माखनलाल सरकार को पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों का संगठनात्मक समन्वयक बनाया गया। उन्होंने बेहद कम समय में हजारों कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ा।

सिर्फ एक वर्ष के भीतर उन्होंने करीब 10 हजार नए सदस्यों को भाजपा से जोड़ने में योगदान दिया। इसके बाद 1981 से लगातार सात वर्षों तक उन्होंने जिला अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उस दौर में किसी नेता का लंबे समय तक एक ही संगठनात्मक पद पर बने रहना बड़ी उपलब्धि माना जाता था।

शपथ समारोह में दिखा ऐतिहासिक माहौल

शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जोरदार स्वागत किया गया। ‘जय श्रीराम’ के नारों के बीच पीएम मोदी खुले वाहन में समारोह स्थल पहुंचे और समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया।

यह भी पढ़े:West Bengal New CM Oath Live: पीएम मोदी के साथ मंच पर पहुंचे शुभेंदु अधिकारी, शंखध्वनि के बीच शुरू हुआ ऐतिहासिक समारोह

प्रधानमंत्री सुबह नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे, जहां से हेलीकॉप्टर के जरिए रेस कोर्स मैदान और फिर सड़क मार्ग से ब्रिगेड परेड ग्राउंड पहुंचे। सुबह से ही हजारों भाजपा समर्थक समारोह स्थल पर जुटने लगे थे।

बंगाल में भाजपा का ऐतिहासिक विजय अभियान

पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटों पर जीत दर्ज कर तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के शासन का अंत किया है। इसे राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

West Bengal New CM Oath Live: पीएम मोदी के साथ मंच पर पहुंचे शुभेंदु अधिकारी, शंखध्वनि के बीच शुरू हुआ ऐतिहासिक समारोह

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शुभेंदु अधिकारी का शपथ ग्रहण समारोह शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शुभेंदु अधिकारी मंच पर पहुंचे, जहां शंखध्वनि और जयघोष के बीच कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराने वाले वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना था। राज्यपाल से मुलाकात कर उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया था, जिसके बाद आज वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं।

ऐतिहासिक समारोह में जुटे देशभर के दिग्गज नेता

शपथ ग्रहण समारोह को लेकर ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भव्य तैयारियां की गई हैं। समारोह में देशभर से बड़ी राजनीतिक हस्तियां पहुंची हैं। जानकारी के मुताबिक करीब 20 राज्यों के मुख्यमंत्री, कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए शासित राज्यों के प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता समारोह में मौजूद हैं। कार्यक्रम के लिए 1000 से अधिक वीवीआईपी निमंत्रण भेजे गए थे, जबकि लगभग 9000 लोगों को आमंत्रित किया गया है। समारोह स्थल पूरी तरह खचाखच भरा नजर आया।

बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव

पश्चिम बंगाल में यह राजनीतिक बदलाव बेहद अहम माना जा रहा है। लंबे समय तक सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस का शासन समाप्त हो रहा है और पहली बार राज्य में बीजेपी सरकार बनाने जा रही है। इसे बंगाल की राजनीति में नए दौर की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

पीएम मोदी ने पहले ही किया था संकेत

चुनावी प्रचार के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वह सरकार बनने के बाद शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने बंगाल जरूर आएंगे। आज उनका यह दौरा राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Aaj Ka Rashifal 9 May 2026: चंद्रमा-शनि के संयोग से बढ़ सकती है बेचैनी, कई राशियों को मिलेगा लाभ

Aaj Ka Rashifal 9 May 2026: आज शनिवार को ग्रहों की चाल कई राशियों के जीवन में बड़े बदलाव का संकेत दे रही है। आज चंद्रमा मकर राशि में श्रवण नक्षत्र में स्थित हैं और शनि के प्रभाव में होने के कारण मानसिक तनाव, बेचैनी और नकारात्मक सोच बढ़ सकती है। हालांकि कई राशियों के लिए नौकरी, व्यापार और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिलेंगे।

ग्रहों की स्थिति की बात करें तो सूर्य और बुध मेष राशि में, शुक्र वृषभ राशि में, गुरु मिथुन राशि में, केतु सिंह राशि में, राहु कुंभ राशि में जबकि मंगल और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का आज का राशिफल।

मेष राशि

मेष राशि के लोगों के लिए आज का दिन करियर और व्यापार के लिहाज से पहले से बेहतर रहेगा। प्रेम संबंधों में नजदीकियां बढ़ेंगी और संतान से जुड़ी खुशखबरी मिल सकती है। स्वास्थ्य में थोड़ी कमजोरी महसूस हो सकती है, खासकर हड्डियों से जुड़ी परेशानी सामने आ सकती है। शनिदेव की पूजा लाभकारी रहेगी।

वृषभ राशि

भाग्य का पूरा सहयोग मिलेगा। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के संकेत हैं। यात्रा का योग भी बन सकता है। स्वास्थ्य में सुधार रहेगा, लेकिन पारिवारिक और प्रेम संबंधों में थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत होगी। हरे रंग की वस्तु अपने पास रखना शुभ माना गया है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों को आज सतर्क रहने की सलाह दी गई है। चोट या किसी विवाद में फंसने की आशंका बन सकती है। पारिवारिक मामलों में तनाव संभव है, हालांकि व्यापारिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी। मां काली की आराधना लाभ दे सकती है।

कर्क राशि

आज का दिन कर्क राशि वालों के लिए राहत भरा रहेगा। दांपत्य जीवन और प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। नौकरी और व्यापार में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को विरोधियों पर बढ़त मिलेगी। वरिष्ठ लोगों का सहयोग और आशीर्वाद प्राप्त होगा। ज्ञान और अनुभव में वृद्धि होगी। हालांकि सेहत में हल्का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों को आज भावनाओं पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। शिक्षा, लेखन और अध्ययन से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है। व्यापार अच्छा चलेगा, लेकिन प्रेम संबंधों में सामान्य स्थिति बनी रहेगी।

तुला राशि

भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी के संकेत हैं। कारोबार में लाभ मिलेगा और संतान पक्ष से खुशी मिल सकती है। घरेलू वातावरण में थोड़ी कहासुनी संभव है, इसलिए धैर्य बनाए रखें।

वृश्चिक राशि

आज आपका आत्मविश्वास और साहस सफलता दिला सकता है। व्यापारिक मामलों में लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य और प्रेम संबंधों में सामान्य स्थिति बनी रहेगी।

धनु राशि

धनु राशि वालों को आज निवेश करने से बचने की सलाह दी गई है। जुआ, सट्टा या जोखिम वाले निवेश नुकसान पहुंचा सकते हैं। परिवार में बोलचाल को लेकर विवाद हो सकता है, इसलिए वाणी पर नियंत्रण रखें। आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रहेगी।

मकर राशि

मकर राशि के लोगों के लिए दिन काफी शुभ रहने वाला है। समाज में सम्मान बढ़ेगा और जरूरत के अनुसार कार्य पूरे होंगे। प्रेम, संतान और व्यापार तीनों क्षेत्रों में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य में भी सुधार रहेगा।

कुंभ राशि

मन में बेचैनी और अनजाना भय बना रह सकता है। मानसिक तनाव बढ़ सकता है, इसलिए धैर्य बनाए रखें। कारोबार अच्छा चलेगा और परिवार का सहयोग मिलेगा। हरे रंग की वस्तु रखना लाभकारी रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि वालों की आय में बढ़ोतरी के संकेत हैं। नए अवसर मिल सकते हैं और यात्रा के योग बनेंगे। परिवार और प्रेम संबंधों का पूरा सहयोग मिलेगा। व्यापार में सफलता के योग हैं, हालांकि स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी जरूरी होगी।

तमिलनाडु में सरकार बनाने का रास्ता साफ, विजय कल लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: Tamil Nadu में नई सरकार के गठन को लेकर जारी सियासी सस्पेंस अब खत्म हो गया है। Joseph Vijay ने बहुमत का आंकड़ा जुटाने के बाद शुक्रवार को राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार गठन की मंजूरी दे दी। अब विजय शनिवार, 9 मई को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

तीसरी मुलाकात में बनी बात

पिछले तीन दिनों में विजय की राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar से यह तीसरी मुलाकात थी। इससे पहले हुई दोनों बैठकों में राज्यपाल ने उनसे बहुमत साबित करने के लिए जरूरी समर्थन जुटाने को कहा था।

शुरुआत में केवल Indian National Congress ने TVK को समर्थन दिया था। लेकिन बाद में Communist Party of India (CPI), Communist Party of India (Marxist) (CPM), Viduthalai Chiruthaigal Katchi (VCK) और Indian Union Muslim League (IUML) ने भी विजय की पार्टी को समर्थन देने का ऐलान कर दिया।

इन दलों के समर्थन के बाद विजय के पास कुल 120 विधायकों का समर्थन हो गया, जो बहुमत के आंकड़े से अधिक है।

भाजपा को रोकने के लिए समर्थन

वामपंथी दलों CPI और CPM ने कहा कि उन्होंने भाजपा को “पिछले दरवाजे” से सत्ता में आने से रोकने के लिए TVK को समर्थन देने का फैसला किया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के अधिकारों और अन्य मुद्दों पर वे आगे भी Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) के साथ बने रहेंगे।

वाम दलों ने यह भी साफ किया कि वे विजय सरकार में शामिल नहीं होंगे और बाहर से समर्थन देंगे।

विधानसभा में क्या है संख्या बल?

234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है। चुनाव में TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।

यह भी पढ़े: कौन हैं शुभेंदु अधिकारी? कांग्रेस से शुरू हुआ सफर, ममता के करीबी से बने बंगाल के नए मुख्यमंत्री

हालांकि निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार विजय को अपनी जीती हुई दो सीटों—पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट—में से एक सीट छोड़नी होगी। इसके बावजूद सहयोगी दलों के समर्थन से सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया है।

तमिलनाडु की राजनीति में नया दौर

अभिनेता से नेता बने विजय की यह राजनीतिक सफलता तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखी जा रही है। लंबे समय तक राज्य की राजनीति पर हावी रहे DMK और AIADMK के बीच अब TVK ने मजबूत जगह बना ली है।

अब सबकी नजर शनिवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह और विजय की नई सरकार की पहली प्राथमिकताओं पर टिकी है।

कौन हैं शुभेंदु अधिकारी? कांग्रेस से शुरू हुआ सफर, ममता के करीबी से बने बंगाल के नए मुख्यमंत्री

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- Suvendu Adhikari को Bharatiya Janata Party ने पश्चिम बंगाल का नया मुख्यमंत्री चुना है। कोलकाता में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर अंतिम मुहर लगी। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने शुभेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान करते हुए कहा कि विधायक दल की ओर से सबसे ज्यादा समर्थन उन्हें ही मिला।

इसके साथ ही शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। लंबे समय से उनका नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था।

कांग्रेस से शुरू हुआ राजनीतिक सफर

शुभेंदु अधिकारी का परिवार लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके पिता Sisir Adhikari दिग्गज नेता रहे हैं और केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। उनके परिवार के अन्य सदस्य भी सक्रिय राजनीति में हैं।

शुभेंदु अधिकारी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की थी। साल 1995 में वे कांथी नगरपालिका के पार्षद चुने गए। इसके बाद जब Mamata Banerjee ने कांग्रेस छोड़कर नई पार्टी बनाई, तब शुभेंदु भी उनके साथ जुड़ गए।

ममता के सबसे भरोसेमंद नेताओं में थे शामिल

साल 2006 में शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए चुने गए और उसी दौरान कांथी नगरपालिका के अध्यक्ष भी बने। लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से बनी।

नंदीग्राम में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ हुए आंदोलन में शुभेंदु अधिकारी ने अहम भूमिका निभाई। उस समय राज्य में वाम मोर्चा सरकार थी और विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध हो रहा था। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले इस आंदोलन ने पूरे बंगाल की राजनीति बदल दी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नंदीग्राम आंदोलन ने ही बंगाल में वामपंथी शासन के अंत की नींव रखी थी। आंदोलन के बाद शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी के सबसे करीबी नेताओं में गिने जाने लगे। वे राज्य सरकार में मंत्री भी रहे और तमलुक लोकसभा सीट से सांसद भी चुने गए।

TMC छोड़ भाजपा में शामिल हुए

समय के साथ तृणमूल कांग्रेस में Abhishek Banerjee का प्रभाव बढ़ने लगा, जिससे शुभेंदु अधिकारी और पार्टी नेतृत्व के बीच दूरी बढ़ी। आखिरकार साल 2020 में उन्होंने टीएमसी छोड़ दी।

यह भी पढ़े: तमिलनाडु में TVK की ऐतिहासिक जीत, थलपति विजय ने 4 दिनों में कैसे जुटाया बहुमत? जानें पूरी कहानी

19 दिसंबर 2020 को अमित शाह की मौजूदगी में शुभेंदु अधिकारी भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा में आने के बाद वे तेजी से पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।

नंदीग्राम से ममता को हराकर बने बड़े नेता

2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराकर पूरे देश का ध्यान खींचा। इसके बाद बंगाल की राजनीति में उनका कद लगातार बढ़ता गया।

2026 विधानसभा चुनाव में उन्होंने भवानीपुर सीट से भी जीत दर्ज की और ममता बनर्जी को बड़े अंतर से हराया। अब भाजपा ने उन्हें पश्चिम बंगाल की कमान सौंप दी है।

बंगाल की राजनीति में नए दौर की शुरुआत

शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। लंबे समय तक राज्य की राजनीति पर राज करने वाले तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों के बीच अब भाजपा ने अपनी मजबूत जगह बना ली है।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा अब बंगाल में संगठन और सरकार दोनों स्तर पर नई रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी।

तमिलनाडु में TVK की ऐतिहासिक जीत, थलपति विजय ने 4 दिनों में कैसे जुटाया बहुमत? जानें पूरी कहानी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- Tamil Nadu की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कई दिनों की सियासी हलचल, जोड़तोड़ और लगातार बैठकों के बाद आखिरकार Joseph Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत हासिल कर लिया है। इसके साथ ही राज्य की राजनीति में दशकों से मजबूत माने जाने वाले DMK-AIADMK के द्रविड़ियन प्रभुत्व को बड़ा झटका लगा है।

कैसे बदला तमिलनाडु का सियासी गणित?

234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत थी। चुनाव नतीजों में TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से पीछे रह गई।

विजय ने दो सीटों—पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट—से जीत दर्ज की थी। नियमों के तहत एक सीट छोड़ने के बाद TVK की प्रभावी संख्या 107 रह गई। इसके बाद Indian National Congress ने अपने 5 विधायकों के समर्थन का ऐलान किया, जिससे आंकड़ा 112 तक पहुंचा। लेकिन सरकार बनाने के लिए अभी भी 6 विधायकों की जरूरत थी।

इन दलों ने दिया विजय का साथ

सरकार गठन की तस्वीर तब साफ हुई जब Viduthalai Chiruthaigal Katchi (VCK), Communist Party of India (CPI) और Communist Party of India (Marxist) (CPM) ने TVK को समर्थन देने का फैसला किया।

  • VCK के पास 2 विधायक हैं
  • CPI के पास 2 विधायक हैं
  • CPM के पास 2 विधायक हैं

इन 6 सीटों के समर्थन से विजय ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया।

पर्दे के पीछे क्या चला?

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस को साथ लाने में ज्यादा मुश्किल नहीं हुई। लेकिन वामपंथी दलों और VCK को मनाने के लिए लगातार बातचीत और रणनीतिक बैठकों का दौर चला।

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राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज थी कि Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) विजय को सत्ता से रोकने के लिए नया समीकरण बना सकते हैं। इसी बीच राज्यपाल द्वारा विजय को तुरंत सरकार बनाने का न्योता न देने पर विपक्षी दलों में नाराजगी बढ़ गई।

VCK और वामपंथी दलों ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया और खुलकर विजय के समर्थन में आ गए।

राज्यपाल की भूमिका पर भी उठा सवाल

राज्यपाल के साथ दो दौर की मुलाकात के बावजूद TVK को तुरंत सरकार बनाने का निमंत्रण नहीं मिला था। इसको लेकर CPI और VCK नेताओं ने नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में सबसे बड़ी पार्टी को पहले मौका मिलना चाहिए।

CPM नेता पी. शन्मुगम ने भी कहा था कि उन्हें विजय की ओर से समर्थन मांगने के लिए औपचारिक पत्र मिला है और संवैधानिक परंपराओं के अनुसार TVK को सरकार बनाने का अवसर मिलना चाहिए।

तमिलनाडु की राजनीति में नया अध्याय

TVK की यह जीत केवल सत्ता परिवर्तन नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे तमिलनाडु की राजनीति में नए युग की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। अभिनेता से नेता बने विजय ने अपने पहले ही चुनाव में सरकार बनाने की स्थिति हासिल कर राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि विजय की सरकार किन मुद्दों को प्राथमिकता देती है और क्या वह राज्य की पारंपरिक राजनीति को नई दिशा दे पाएंगे।

बिहार में TRE 4 को लेकर बवाल, पटना में बेरोजगारों पर लाठीचार्ज; कई घायल

पटना में चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE 4) को लेकर बेरोजगार अभ्यर्थियों का प्रदर्शन उग्र हो गया। Bihar में नई सम्राट सरकार के कैबिनेट विस्तार के अगले ही दिन हजारों अभ्यर्थी सड़क पर उतर आए और भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग करने लगे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को हटाने की कोशिश की, जिसमें कई युवक-युवतियां घायल हो गए।

पटना कॉलेज से निकला था मार्च

प्रदर्शनकारी सुबह करीब 11 बजे पटना कॉलेज से मार्च निकालकर जेपी गोलंबर की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में रोक दिया। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक हुई, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

आरोप है कि पुलिस ने छात्र नेता Dilip Kumar को प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही हिरासत में ले लिया था। इससे आंदोलनकारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

लाठीचार्ज के बाद बढ़ा गुस्सा

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां चलाईं। कई अभ्यर्थी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि घायल छात्रों को अस्पताल ले जाने के लिए समय पर एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे आक्रोश और बढ़ गया।

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मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की कोशिश की। एसडीएम रितिका मिश्रा और सिटी मजिस्ट्रेट आदित्य श्रीवास्तव ने प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन आंदोलनकारी छात्र नेता दिलीप कुमार की रिहाई की मांग पर अड़े रहे।

TRE 4 नोटिफिकेशन जारी करने की मांग

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि Bihar Public Service Commission (BPSC) जल्द से जल्द TRE 4 भर्ती परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी करे।

आयोग ने पहले जानकारी दी थी कि अप्रैल के तीसरे सप्ताह में आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी और सितंबर के अंत तक परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। लेकिन मई का दूसरा सप्ताह शुरू होने के बावजूद अब तक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

प्रीलिम्स और मेन्स की चर्चा से नाराज छात्र

अभ्यर्थियों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि इस बार परीक्षा दो चरणों—प्रीलिम्स और मेन्स—में कराने की तैयारी की जा रही है। प्रदर्शनकारी पहले की तरह एकल परीक्षा प्रणाली लागू रखने की मांग कर रहे हैं।

46 हजार से ज्यादा पदों पर होनी है भर्ती

TRE 4 भर्ती के जरिए राज्य सरकार के चार विभागों में कुल 46,882 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। इनमें सबसे ज्यादा पद शिक्षा विभाग में हैं।

भर्ती का प्रस्तावित विवरण:

  • प्राथमिक विद्यालय: 10,778 पद
  • मध्य विद्यालय: 8,583 पद
  • माध्यमिक विद्यालय: 9,082 पद
  • उच्च माध्यमिक विद्यालय: 16,774 पद

इसके अलावा पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण विभाग, अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में भी नियुक्तियां होनी हैं।

तमिलनाडु में ‘किंगमेकर’ बने छोटे दल! आज तय हो सकता है विजय का राजनीतिक भविष्य

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद सरकार गठन को लेकर सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है। अभिनेता से नेता बने Joseph Vijay की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन बहुमत के आंकड़े से कुछ कदम पीछे रह गई। अब राज्य की राजनीति में छोटे दलों की भूमिका बेहद अहम हो गई है और आज होने वाली बैठकों पर सबकी नजरें टिकी हैं।

विधानसभा का पूरा गणित समझिए

तमिलनाडु विधानसभा की कुल 243 सीटों में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है।

TVK ने चुनाव में 108 सीटें जीती हैं। हालांकि विजय ने दो सीटों—पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट—से जीत दर्ज की है। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक उन्हें एक सीट छोड़नी होगी, जिससे पार्टी की संख्या घटकर 107 रह जाएगी।

कांग्रेस ने पहले ही विजय को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस के 6 विधायकों का समर्थन मिलने के बाद यह आंकड़ा 113 तक पहुंचता है, लेकिन बहुमत से अभी भी 5 सीटें कम हैं।

राज्यपाल ने मांगा बहुमत का प्रमाण

Rajendra Vishwanath Arlekar ने दो दिनों के भीतर विजय के साथ दूसरी बार मुलाकात की। इस दौरान राज्यपाल ने साफ कहा कि सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत का समर्थन पहले दिखाना होगा।

राजभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद बिना बहुमत समर्थन के सरकार गठन का न्योता नहीं दिया जा सकता।

हालांकि TVK समर्थकों और कांग्रेस नेताओं का कहना है कि संवैधानिक परंपरा के मुताबिक सबसे बड़ी पार्टी को पहले सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए और बहुमत साबित करने के लिए सदन में समय दिया जाना चाहिए।

कांग्रेस और TVK कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

चेन्नई समेत कई शहरों में कांग्रेस और TVK समर्थकों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्यपाल भाजपा के दबाव में काम कर रहे हैं। मदुरै कांग्रेस अध्यक्ष ने यहां तक चेतावनी दी कि यदि विजय को सरकार बनाने का मौका नहीं दिया गया तो राजभवन का घेराव किया जाएगा।

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स्थिति को देखते हुए चेन्नई स्थित राजभवन के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

छोटे दलों के हाथ में सत्ता की चाबी

विजय को बहुमत के लिए जिन 5 अतिरिक्त विधायकों की जरूरत है, वह अब छोटे दलों के समर्थन पर निर्भर है। यही वजह है कि राज्य की राजनीति में ये पार्टियां ‘किंगमेकर’ बन गई हैं।

VCK

Viduthalai Chiruthaigal Katchi ने 2 सीटें जीती हैं। पार्टी ने आज उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है, जिसमें TVK को समर्थन देने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

CPI और CPM

वामपंथी दलों Communist Party of India और Communist Party of India (Marxist) के पास 2-2 विधायक हैं। दोनों दल संकेत दे चुके हैं कि भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए वे विजय को समर्थन देने के पक्ष में हैं।

IUML

Indian Union Muslim League के पास भी 2 सीटें हैं। पार्टी ने कहा है कि TVK की ओर से संपर्क किया गया है, लेकिन चूंकि वह DMK गठबंधन का हिस्सा है, इसलिए अंतिम फैसला M. K. Stalin की राय के बाद ही होगा।

DMK और AIADMK को लेकर भी चर्चाएं

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि क्या दशकों पुराने प्रतिद्वंद्वी DMK और AIADMK किसी नए समीकरण पर विचार कर सकते हैं। हालांकि DMK नेताओं ने इन खबरों को अफवाह बताया है।

वहीं All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam के भीतर भी हलचल की खबरें हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी के कई विधायक पुडुचेरी में कैंप किए हुए हैं, जिससे राजनीतिक जोड़तोड़ की अटकलें तेज हो गई हैं।

आज का दिन क्यों अहम?

तमिलनाडु की राजनीति इस वक्त बेहद नाजुक मोड़ पर खड़ी है। विजय सरकार बनाने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं, जबकि छोटे दल अपने पत्ते खोलने से पहले रणनीति तय करने में जुटे हैं।

आज VCK, वाम दलों और अन्य सहयोगी पार्टियों के फैसले यह तय कर सकते हैं कि विजय मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच पाएंगे या राज्य में कोई नया राजनीतिक समीकरण देखने को मिलेगा।

बंगाल के बाद तमिलनाडु में 100 से ज्यादा अधिकारियों ने दिया इस्तीफा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर जारी राजनीतिक अनिश्चितता के बीच बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। राज्य सरकार की ओर से अदालतों में पैरवी करने वाले 100 से अधिक विधि अधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले West Bengal में भी सत्ता परिवर्तन के बाद कई अधिकारियों ने पद छोड़े थे।

जानकारी के मुताबिक, एडवोकेट जनरल P. S. Raman के नेतृत्व में कार्यरत इन विधि अधिकारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा सौंपा है। माना जा रहा है कि राज्य में नई सरकार बनने की संभावना को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

सत्ता परिवर्तन के साथ बदलते हैं विधि अधिकारी

दरअसल, सरकारी वकीलों और विधि अधिकारियों की नियुक्ति काफी हद तक राजनीतिक प्रक्रिया से जुड़ी होती है। परंपरा के अनुसार जब भी किसी राज्य में नई सरकार बनती है, तब पिछली सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी अपने पद छोड़ देते हैं, ताकि नई सरकार अपने भरोसेमंद और पसंदीदा वकीलों की नियुक्ति कर सके।

फिलहाल काम जारी रखेंगे अधिकारी

हालांकि इस्तीफा देने के बावजूद सभी विधि अधिकारियों को फिलहाल एक सप्ताह तक अपने पद पर बने रहने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार नहीं चाहती कि अदालतों में राज्य का पक्ष रखने के लिए कोई प्रतिनिधि न रहे।

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सूत्रों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में नई सरकार अंतरिम व्यवस्था के तहत कुछ वरिष्ठ वकीलों की नियुक्ति कर देती है, लेकिन इस बार सरकार गठन को लेकर जारी सस्पेंस के कारण अब तक कोई नई नियुक्ति नहीं की गई है।

एक विधि अधिकारी ने बताया कि राज्य को अदालतों में बिना प्रतिनिधित्व के नहीं छोड़ा जा सकता, इसलिए नई नियुक्तियां होने तक मौजूदा अधिकारी काम करते रहेंगे।

नियमों के अनुसार नई सरकार के शपथ लेने के बाद अपनी विचारधारा और पार्टी से जुड़े अनुभवी वकीलों को इन अहम पदों पर नियुक्त किया जाएगा। फिलहाल तमिलनाडु सरकार की ओर से अदालतों में पैरवी करने वाले 100 से अधिक अधिकारियों का भविष्य नई सरकार के गठन पर टिका हुआ है।

हमसे दो गलतियां हुईं… ममता से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव का बड़ा बयान, बोले- ‘हम तो टारगेट पर हैं’

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने गुरुवार को Mamata Banerjee से कोलकाता में मुलाकात की। इस दौरान टीएमसी नेता Abhishek Banerjee भी मौजूद रहे। मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और कहा, “दीदी, आप लड़ी हैं, आप हारी नहीं हैं।”

‘बीजेपी को हराया और अयोध्या में हराया’

मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में जब अखिलेश यादव से पूछा गया कि क्या अब वे भी राजनीतिक निशाने पर हैं, क्योंकि 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने हैं, तो उन्होंने कहा, “हमसे दो गलतियां हुईं। एक बीजेपी को हरा दिया और दूसरा अयोध्या में हरा दिया। हम तो टारगेट पर होंगे। हम बहुतों के टारगेट पर हैं।”

उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि अखिलेश यादव ने बीजेपी पर अप्रत्यक्ष हमला बोलते हुए विपक्षी दलों को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया।

आईपैक से करार खत्म करने पर भी बोले

बंगाल चुनाव के दौरान टीएमसी की चुनावी रणनीति संभालने वाली संस्था आईपैक पर पड़े छापों को लेकर भी अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में केंद्रीय एजेंसियों और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया गया।

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि “पूरा चुनाव भाजपा ने अपने हिसाब से चलाया। सेंट्रल फोर्स, इलेक्शन कमीशन और ट्रांसफर-पोस्टिंग का इस्तेमाल किया गया। बंगाल चुनाव में पूरा प्रशासनिक ढांचा बदल दिया गया।”

हाल ही में समाजवादी पार्टी ने फंड की कमी का हवाला देते हुए आईपैक से अपना करार समाप्त किया था।

चुनाव बाद हिंसा पर जताई चिंता

पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा को लेकर अखिलेश यादव ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पार्टी कार्यालयों के साथ जिस तरह का व्यवहार हो रहा है, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया।

उन्होंने कहा, “चाहे अभिषेक बनर्जी हों या ममता दीदी, उन्हें सुरक्षा का खतरा है। आखिर हिंसा करने वालों को किसका संरक्षण मिला हुआ है?”

2027 से पहले विपक्षी एकजुटता के संकेत

बंगाल चुनाव परिणामों के बाद यह अखिलेश यादव और ममता बनर्जी की पहली मुलाकात थी। इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात 27 जनवरी को हुई थी। राजनीतिक जानकार इस बैठक को 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी रणनीति के लिहाज से काफी अहम मान रहे हैं।