न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- Suvendu Adhikari को Bharatiya Janata Party ने पश्चिम बंगाल का नया मुख्यमंत्री चुना है। कोलकाता में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर अंतिम मुहर लगी। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने शुभेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान करते हुए कहा कि विधायक दल की ओर से सबसे ज्यादा समर्थन उन्हें ही मिला।
इसके साथ ही शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। लंबे समय से उनका नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था।
कांग्रेस से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
शुभेंदु अधिकारी का परिवार लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके पिता Sisir Adhikari दिग्गज नेता रहे हैं और केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। उनके परिवार के अन्य सदस्य भी सक्रिय राजनीति में हैं।
शुभेंदु अधिकारी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की थी। साल 1995 में वे कांथी नगरपालिका के पार्षद चुने गए। इसके बाद जब Mamata Banerjee ने कांग्रेस छोड़कर नई पार्टी बनाई, तब शुभेंदु भी उनके साथ जुड़ गए।
ममता के सबसे भरोसेमंद नेताओं में थे शामिल
साल 2006 में शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए चुने गए और उसी दौरान कांथी नगरपालिका के अध्यक्ष भी बने। लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से बनी।
नंदीग्राम में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ हुए आंदोलन में शुभेंदु अधिकारी ने अहम भूमिका निभाई। उस समय राज्य में वाम मोर्चा सरकार थी और विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध हो रहा था। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले इस आंदोलन ने पूरे बंगाल की राजनीति बदल दी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नंदीग्राम आंदोलन ने ही बंगाल में वामपंथी शासन के अंत की नींव रखी थी। आंदोलन के बाद शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी के सबसे करीबी नेताओं में गिने जाने लगे। वे राज्य सरकार में मंत्री भी रहे और तमलुक लोकसभा सीट से सांसद भी चुने गए।
TMC छोड़ भाजपा में शामिल हुए
समय के साथ तृणमूल कांग्रेस में Abhishek Banerjee का प्रभाव बढ़ने लगा, जिससे शुभेंदु अधिकारी और पार्टी नेतृत्व के बीच दूरी बढ़ी। आखिरकार साल 2020 में उन्होंने टीएमसी छोड़ दी।
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19 दिसंबर 2020 को अमित शाह की मौजूदगी में शुभेंदु अधिकारी भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा में आने के बाद वे तेजी से पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।
नंदीग्राम से ममता को हराकर बने बड़े नेता
2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराकर पूरे देश का ध्यान खींचा। इसके बाद बंगाल की राजनीति में उनका कद लगातार बढ़ता गया।
2026 विधानसभा चुनाव में उन्होंने भवानीपुर सीट से भी जीत दर्ज की और ममता बनर्जी को बड़े अंतर से हराया। अब भाजपा ने उन्हें पश्चिम बंगाल की कमान सौंप दी है।
बंगाल की राजनीति में नए दौर की शुरुआत
शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। लंबे समय तक राज्य की राजनीति पर राज करने वाले तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों के बीच अब भाजपा ने अपनी मजबूत जगह बना ली है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा अब बंगाल में संगठन और सरकार दोनों स्तर पर नई रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी।



