न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- Tamil Nadu की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कई दिनों की सियासी हलचल, जोड़तोड़ और लगातार बैठकों के बाद आखिरकार Joseph Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत हासिल कर लिया है। इसके साथ ही राज्य की राजनीति में दशकों से मजबूत माने जाने वाले DMK-AIADMK के द्रविड़ियन प्रभुत्व को बड़ा झटका लगा है।
कैसे बदला तमिलनाडु का सियासी गणित?
234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत थी। चुनाव नतीजों में TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से पीछे रह गई।
विजय ने दो सीटों—पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट—से जीत दर्ज की थी। नियमों के तहत एक सीट छोड़ने के बाद TVK की प्रभावी संख्या 107 रह गई। इसके बाद Indian National Congress ने अपने 5 विधायकों के समर्थन का ऐलान किया, जिससे आंकड़ा 112 तक पहुंचा। लेकिन सरकार बनाने के लिए अभी भी 6 विधायकों की जरूरत थी।
इन दलों ने दिया विजय का साथ
सरकार गठन की तस्वीर तब साफ हुई जब Viduthalai Chiruthaigal Katchi (VCK), Communist Party of India (CPI) और Communist Party of India (Marxist) (CPM) ने TVK को समर्थन देने का फैसला किया।
- VCK के पास 2 विधायक हैं
- CPI के पास 2 विधायक हैं
- CPM के पास 2 विधायक हैं
इन 6 सीटों के समर्थन से विजय ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया।
पर्दे के पीछे क्या चला?
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस को साथ लाने में ज्यादा मुश्किल नहीं हुई। लेकिन वामपंथी दलों और VCK को मनाने के लिए लगातार बातचीत और रणनीतिक बैठकों का दौर चला।
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राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज थी कि Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) विजय को सत्ता से रोकने के लिए नया समीकरण बना सकते हैं। इसी बीच राज्यपाल द्वारा विजय को तुरंत सरकार बनाने का न्योता न देने पर विपक्षी दलों में नाराजगी बढ़ गई।
VCK और वामपंथी दलों ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया और खुलकर विजय के समर्थन में आ गए।
राज्यपाल की भूमिका पर भी उठा सवाल
राज्यपाल के साथ दो दौर की मुलाकात के बावजूद TVK को तुरंत सरकार बनाने का निमंत्रण नहीं मिला था। इसको लेकर CPI और VCK नेताओं ने नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में सबसे बड़ी पार्टी को पहले मौका मिलना चाहिए।
CPM नेता पी. शन्मुगम ने भी कहा था कि उन्हें विजय की ओर से समर्थन मांगने के लिए औपचारिक पत्र मिला है और संवैधानिक परंपराओं के अनुसार TVK को सरकार बनाने का अवसर मिलना चाहिए।
तमिलनाडु की राजनीति में नया अध्याय
TVK की यह जीत केवल सत्ता परिवर्तन नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे तमिलनाडु की राजनीति में नए युग की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। अभिनेता से नेता बने विजय ने अपने पहले ही चुनाव में सरकार बनाने की स्थिति हासिल कर राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि विजय की सरकार किन मुद्दों को प्राथमिकता देती है और क्या वह राज्य की पारंपरिक राजनीति को नई दिशा दे पाएंगे।



