न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद सरकार गठन को लेकर सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है। अभिनेता से नेता बने Joseph Vijay की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन बहुमत के आंकड़े से कुछ कदम पीछे रह गई। अब राज्य की राजनीति में छोटे दलों की भूमिका बेहद अहम हो गई है और आज होने वाली बैठकों पर सबकी नजरें टिकी हैं।
विधानसभा का पूरा गणित समझिए
तमिलनाडु विधानसभा की कुल 243 सीटों में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है।
TVK ने चुनाव में 108 सीटें जीती हैं। हालांकि विजय ने दो सीटों—पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट—से जीत दर्ज की है। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक उन्हें एक सीट छोड़नी होगी, जिससे पार्टी की संख्या घटकर 107 रह जाएगी।
कांग्रेस ने पहले ही विजय को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस के 6 विधायकों का समर्थन मिलने के बाद यह आंकड़ा 113 तक पहुंचता है, लेकिन बहुमत से अभी भी 5 सीटें कम हैं।
राज्यपाल ने मांगा बहुमत का प्रमाण
Rajendra Vishwanath Arlekar ने दो दिनों के भीतर विजय के साथ दूसरी बार मुलाकात की। इस दौरान राज्यपाल ने साफ कहा कि सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत का समर्थन पहले दिखाना होगा।
राजभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद बिना बहुमत समर्थन के सरकार गठन का न्योता नहीं दिया जा सकता।
हालांकि TVK समर्थकों और कांग्रेस नेताओं का कहना है कि संवैधानिक परंपरा के मुताबिक सबसे बड़ी पार्टी को पहले सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए और बहुमत साबित करने के लिए सदन में समय दिया जाना चाहिए।
कांग्रेस और TVK कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
चेन्नई समेत कई शहरों में कांग्रेस और TVK समर्थकों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्यपाल भाजपा के दबाव में काम कर रहे हैं। मदुरै कांग्रेस अध्यक्ष ने यहां तक चेतावनी दी कि यदि विजय को सरकार बनाने का मौका नहीं दिया गया तो राजभवन का घेराव किया जाएगा।
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स्थिति को देखते हुए चेन्नई स्थित राजभवन के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
छोटे दलों के हाथ में सत्ता की चाबी
विजय को बहुमत के लिए जिन 5 अतिरिक्त विधायकों की जरूरत है, वह अब छोटे दलों के समर्थन पर निर्भर है। यही वजह है कि राज्य की राजनीति में ये पार्टियां ‘किंगमेकर’ बन गई हैं।
VCK
Viduthalai Chiruthaigal Katchi ने 2 सीटें जीती हैं। पार्टी ने आज उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है, जिसमें TVK को समर्थन देने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
CPI और CPM
वामपंथी दलों Communist Party of India और Communist Party of India (Marxist) के पास 2-2 विधायक हैं। दोनों दल संकेत दे चुके हैं कि भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए वे विजय को समर्थन देने के पक्ष में हैं।
IUML
Indian Union Muslim League के पास भी 2 सीटें हैं। पार्टी ने कहा है कि TVK की ओर से संपर्क किया गया है, लेकिन चूंकि वह DMK गठबंधन का हिस्सा है, इसलिए अंतिम फैसला M. K. Stalin की राय के बाद ही होगा।
DMK और AIADMK को लेकर भी चर्चाएं
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि क्या दशकों पुराने प्रतिद्वंद्वी DMK और AIADMK किसी नए समीकरण पर विचार कर सकते हैं। हालांकि DMK नेताओं ने इन खबरों को अफवाह बताया है।
वहीं All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam के भीतर भी हलचल की खबरें हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी के कई विधायक पुडुचेरी में कैंप किए हुए हैं, जिससे राजनीतिक जोड़तोड़ की अटकलें तेज हो गई हैं।
आज का दिन क्यों अहम?
तमिलनाडु की राजनीति इस वक्त बेहद नाजुक मोड़ पर खड़ी है। विजय सरकार बनाने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं, जबकि छोटे दल अपने पत्ते खोलने से पहले रणनीति तय करने में जुटे हैं।
आज VCK, वाम दलों और अन्य सहयोगी पार्टियों के फैसले यह तय कर सकते हैं कि विजय मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच पाएंगे या राज्य में कोई नया राजनीतिक समीकरण देखने को मिलेगा।



