लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा अनियमितता मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। तीन सदस्यीय एसआईटी ने सात दिनों तक अयोध्या में जांच-पड़ताल करने के बाद अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को यह रिपोर्ट सौंपी।
हालांकि रिपोर्ट की सामग्री को फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल प्रारंभिक रिपोर्ट है और मामले की विस्तृत जांच अभी जारी रहेगी।
सात दिन की जांच के बाद सौंपी रिपोर्ट
श्रीराम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। जांच टीम ने अयोध्या में एक सप्ताह तक दस्तावेजों, वित्तीय प्रक्रियाओं और संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
सूत्रों के अनुसार, करीब 125 पन्नों की इस प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ महत्वपूर्ण सुझाव और सिफारिशें भी शामिल की गई हैं। माना जा रहा है कि रिपोर्ट में चढ़ावे के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई पहलुओं का उल्लेख किया गया है।
जांच अभी जारी, विस्तृत रिपोर्ट आना बाकी
एसआईटी प्रमुख विजय विश्वास पंत ने गृह विभाग को रिपोर्ट सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि अब तक जुटाए गए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की गई है। उन्होंने रिपोर्ट की सामग्री पर कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि जांच प्रक्रिया अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएंगे।
सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपने के बाद एसआईटी दोबारा अयोध्या जाकर जांच के अगले चरण को आगे बढ़ा सकती है।
नए नाम भी जांच के दायरे में
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अब कुछ ऐसे लोगों के नाम भी चर्चा में हैं जो सीधे तौर पर मंदिर प्रशासन के कर्मचारी नहीं हैं, लेकिन कथित रूप से ट्रस्ट से जुड़े प्रभावशाली लोगों के संपर्क में रहे हैं। जांच एजेंसियां इन व्यक्तियों की भूमिका और संभावित संबंधों की भी पड़ताल कर सकती हैं।
बताया जा रहा है कि एसआईटी ने अब तक कई दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की है। अगले चरण में और अधिक लोगों से पूछताछ किए जाने की संभावना है।
चढ़ावे से लेकर धातुओं के प्रबंधन तक जांच
जांच केवल नकद चढ़ावे तक सीमित नहीं है। सूत्रों के अनुसार, भक्तों द्वारा दान की गई कीमती धातुओं के रखरखाव, उपयोग और सुरक्षा प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जा रही है। इसके अलावा मंदिर निर्माण से जुड़े कुछ आरोपों और प्रक्रियाओं को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि नोटों की गिनती, चढ़ावे के संग्रहण और बहुमूल्य धातुओं के संरक्षण के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रारंभिक जांच में कुछ स्तरों पर प्रक्रियागत कमियों और निगरानी संबंधी खामियों की ओर संकेत मिलने की चर्चा है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष एसआईटी की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



