लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर भवन मालिक समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि छह लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता समेत चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
सरकार ने हादसे की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसे सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट के आधार पर अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
भवन मालिक समेत चार आरोपी गिरफ्तार
अलीगंज थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, हादसे के लिए जिम्मेदार माने जा रहे छह लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में भवन स्वामी वीरेंद्र शुक्ला, पेट शॉप एंड क्लीनिक संचालक रामकृष्ण उपाध्याय, हेड हूपर्स गेमिंग जोन एवं एनीमेशन एकेडमी संचालक तुषांक जायसवाल तथा आईटी कंपनी संचालक सुरेश साहू शामिल हैं।
वहीं, फरार चल रहे अन्य दो आरोपियों सुरेंद्र शुक्ला और धीरेंद्र शुक्ला की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
चार अधिकारियों पर गिरी गाज
मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और निगरानी में कमी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
सात दिन में रिपोर्ट देगी एसआईटी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे की गहन जांच के लिए दो सदस्यीय एसआईटी गठित की है। जांच दल में अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। एसआईटी आग लगने के कारणों, सुरक्षा मानकों में हुई चूक और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा?
धारा 105 बीएनएस (गैर इरादतन हत्या)
यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु ऐसे कृत्य से होती है, जिससे मौत की आशंका स्पष्ट हो, तो आरोपी को आजीवन कारावास या 5 से 10 वर्ष तक की सजा और जुर्माना हो सकता है।
धारा 110 बीएनएस
ऐसे मामलों में लागू होती है, जहां आरोपी को अपने कृत्य से मृत्यु होने की संभावना की जानकारी हो। इसमें तीन वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
धारा 125 बीएनएस
लापरवाही से नुकसान पहुंचाने के मामलों में लागू होती है। इसमें तीन से छह माह तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है।
धारा 3(5) बीएनएस
यदि अपराध सामूहिक रूप से किया गया हो तो समूह में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को समान रूप से जिम्मेदार माना जाता है और उसी अनुरूप सजा दी जाती है।
अग्निशमन सेवा अधिनियम की धारा 6/10
भवनों में अनिवार्य अग्नि सुरक्षा मानकों, फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से संबंधित मामलों में यह धारा लागू होती है।
हादसे में गई 15 लोगों की जान
गौरतलब है कि अलीगंज स्थित बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग में छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों समेत 15 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद प्रदेशभर में शोक की लहर है और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।



