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स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास: टूटा मिताली राज का रिकॉर्ड, बनी भारत की नंबर-1 वर्ल्ड कप रन मशीन

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न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने आईसीसी वुमेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल मुकाबले में 21 रन बनाते ही मिताली राज का बड़ा रिकॉर्ड तोड़   दिया। यह रिकॉर्ड था — एक वर्ल्ड कप एडिशन में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली भारतीय बल्लेबाज़ का।

मिताली राज ने 2017 के वर्ल्ड कप में 409 रन बनाए थे। अब स्मृति मंधाना ने 2025 वर्ल्ड कप में 410+ रन बनाकर यह मुकाम हासिल कर लिया है और बन गई हैं भारत की नंबर-1 रन स्कोरर।

स्मृति मंधाना का शानदार प्रदर्शन

मंधाना ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन बल्लेबाज़ी की – उन्होंने अब तक 1 शतक और 2 अर्धशतक जड़े हैं। उनकी स्थिरता और क्लासिक टाइमिंग की वजह से भारत फाइनल तक पहुंचा। फाइनल में उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 21 रन बनाते ही नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

एक वर्ल्ड कप एडिशन में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली भारतीय बल्लेबाज़ें

खिलाड़ी रन साल
स्मृति मंधाना 410* 2025
मिताली राज 409 2017
पूनम राउत 381 2017
हरमनप्रीत कौर 359 2017
स्मृति मंधाना 327 2022

वर्ल्ड रिकॉर्ड किसके नाम है?

एक वुमेंस वर्ल्ड कप एडिशन में सबसे ज़्यादा रन का वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया की कप्तान एलिसा हीली के नाम है -उन्होंने 2022 वर्ल्ड कप में 509 रन बनाए थे।

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इस बार साउथ अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट उस रिकॉर्ड को तोड़ने के करीब हैं। उन्होंने अब तक 470 रन बनाए हैं।

भारत बनाम साउथ अफ्रीका फाइनल — एक नजर में

साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर गेंदबाज़ी चुनी। यह उनका पहला फाइनल है। भारत तीसरी बार फाइनल खेल रहा है (2005, 2017 के बाद)। पिछली दो बार टीम को हार मिली थी, इस बार ट्रॉफी जीतने की उम्मीदें चरम पर हैं।

देव दीपावली पर काशी: ‘कण-कण में काशी और रस-रस में बनारस’ का अद्भुत नजारा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- इस साल देव दीपावली पर काशी एक बार फिर लाखों दीपों और भक्ति की रौशनी से जगमगाएगी। गंगा घाटों से लेकर तालाबों और कुंडों तक 10 लाख से अधिक मिट्टी के दीप जलाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और वाराणसी महोत्सव समिति ने मिलकर इस भव्य आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। दीप, तेल और बाती का वितरण पहले ही राजघाट से शुरू हो चुका है।

कार्यक्रम की विशेषताएं

शंखनाद और डमरू की गूंज –देव दीपावली का शुभारंभ शंखनाद और डमरू की धुन से होगा। यह काशी की शिवनगरी की दिव्यता और ऊर्जा का प्रतीक बनेगा।

काशी-कथा’ 3-D शो- 25 मिनट का विशेष 3-D प्रोजेक्शन मैपिंग और लेजर शो होगा | भगवान शिव-पार्वती विवाह, भगवान विष्णु के चक्र पुष्करिणी कुंड की कथा, भगवान बुद्ध के धर्मोपदेश, संत कबीर और तुलसीदास की भक्ति परंपरा, आधुनिक काशी और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की गौरवशाली यात्रा होगी| “कण-कण में काशी और रस-रस में बनारस”- हर कोने में भक्ति और हर धड़कन में अध्यात्म

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शो का समय और चरण: रात 8:15, 9:00 और 9:35 बजे, तीन चरणों में प्रदर्शन ताकि सभी दर्शक आनंद ले सकें, यह पूरी तरह नि:शुल्क है |

लेजर शो और ग्रीन आतिशबाजी: 8 मिनट का लेजर शो होगा | गंगा द्वार के सामने रात 8:00 बजे 10 मिनट की पर्यावरण अनुकूल ‘ग्रीन आतिशबाजी’ भी होगी |

काशी की विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना

देव दीपावली केवल रोशनी का पर्व नहीं, बल्कि काशी के इतिहास, संस्कृति और अध्यात्म की गाथा भी है। पर्यटन विभाग का उद्देश्य यह है कि यह आयोजन देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने और दुनिया को काशी की अनंत, अमर और अद्वितीय विरासत दिखाई जा सके।

अंतरिक्ष में भारतीय नौसेना की नई ताकत: ISRO ने लॉन्च किया CMS-03 (GSAT-7R) सैटेलाइट-देखें विडियो

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने भारतीय नौसेना के लिए CMS-03 (GSAT-7R) कम्युनिकेशन सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। यह नौसेना का अब तक का सबसे उन्नत और भारी सैटेलाइट है।

इस सैटेलाइट से नौसेना की स्पेस-बेस्ड कम्युनिकेशन और समुद्री इलाके की निगरानी क्षमता मजबूत होगी, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री ताकत और सुरक्षा बढ़ेगी।

GSAT-7R क्या है?

कम्युनिकेशन सैटेलाइट: यह सैटेलाइट नौसेना के जहाजों, विमानों, पनडुब्बियों और ऑपरेशंस सेंटर्स के बीच तेज़ और सुरक्षित संचार का माध्यम बनेगा। भारतीय तकनीक: इसे पूरी तरह भारत में डिजाइन और विकसित किया गया है। भारतीय नौसेना का सबसे भारी सैटेलाइट: वजन लगभग 4400 किलोग्राम, यह अब तक का सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट है।

देखे लाइव विडियो:-

लॉन्च का विवरण

तारीख और समय: 2 नवंबर 2025, शाम 5:26 मिनट, लॉन्च केंद्र: सतीश धवन स्पेस सेंटर (SDSC-SHAR), श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश, रॉकेट: ISRO के बाहुबली रॉकेट, वैज्ञानिक तैयारी: महीनों की मेहनत के बाद ISRO वैज्ञानिकों ने इसे लॉन्च किया।

GSAT-7R की तकनीकी खासियतें

  1. वजन और आकार: 4400 किलोग्राम, भारत का सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट
  2. ट्रांसपोंडर्स: वॉइस, डेटा और वीडियो लिंक को कई बैंड्स में सपोर्ट करेंगे
  3. कवरेज एरिया: हिंद महासागर क्षेत्र में मजबूत संचार कवरेज
  4. हाई-कैपेसिटी बैंडविड्थ: जहाजों, विमानों, पनडुब्बियों और कंट्रोल सेंटर्स के बीच सुरक्षित और तेज़ कनेक्शन

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इन तकनीकी खूबियों के कारण नौसेना को समुद्री इलाके में अपने संचालन और निगरानी में वृद्धि होगी।

भारतीय नौसेना के लिए महत्व

  • संचार में सुधार: पहले सीमित था, अब तेज और सुरक्षित होगा
  • निगरानी: समुद्री इलाके में दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखना आसान
  • आत्मनिर्भर भारत: 100% भारतीय तकनीक, विदेशी सैटेलाइट्स पर निर्भरता खत्म

नौसेना प्रमुख ने कहा कि यह सैटेलाइट राष्ट्र की समुद्री हितों की रक्षा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मोकामा दुलारचंद मर्डर केस: अनंत सिंह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजे गए, जेल से लड़ेंगे चुनाव

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-मोकामा के चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में गिरफ्तार जेडीयू नेता अनंत सिंह को कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया है। अब वे जेल से ही मोकामा विधानसभा चुनाव 2025 में चुनावी मैदान में हैं।

अनंत सिंह पहले भी मोकामा के विधायक रह चुके हैं। इस बार उनका मुकाबला सुरजभान सिंह की पत्नी, पूर्व सांसद वीणा देवी से है, जिन्हें आरजेडी ने टिकट दिया है।

गिरफ्तारी और कोर्ट प्रक्रिया

अनंत सिंह को शनिवार की रात मोकामा के बेढ़ना स्थित मार्केट से गिरफ्तार किया गया। उनके साथ रंजीत राम और मणिकांत ठाकुर भी पकड़े गए। गिरफ्तारी के दौरान पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा खुद मौजूद थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पहले पुलिस लाइन, फिर स्पेशल रंगदारी सेल में रखा गया। रविवार को उन्हें एमपी/एमएलए कोर्ट में पेश किया गया और कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत का आदेश दिया। सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के दौरान अनंत सिंह ने रात में कुछ नहीं खाया, सुबह चाय और नाश्ता किया।

हत्या का घटनाक्रम

30 अक्टूबर को चुनाव प्रचार के दौरान मोकामा के तारतर गांव में यह हत्याकांड हुआ। मृतक दुलारचंद यादव पहले लालू और तेजस्वी यादव के समर्थक थे, लेकिन इस चुनाव में उन्होंने पीयूष प्रियदर्शी का समर्थन किया। अनंत सिंह के काफिले और पीयूष के काफिले के बीच टकराव के दौरान यह घटना हुई। मृतक के परिजनों ने अनंत सिंह समेत उनके पांच समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई

यह भी पढ़े:- मछली पकड़ने के लिए राहुल गांधी ने तालाब में लगाई छलांग- VIDEO VIRAL …

बतादें कि दुलारचंद यादव और अनंत सिंह के बीच पहले से अदावत थी। वायरल वीडियो में दुलारचंद यादव अनंत सिंह की पत्नी पर अभद्र टिप्पणी करते दिखे। डीजीपी विनय कुमार ने प्रेस वार्ता में वीडियो की जांच कराने का आदेश दिया।

जानकारी के अनुसार इस मामले में अब तक 80 से अधिक लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मोकामा और आसपास के 13 विधानसभा क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सभी कैंडिडेट्स के साथ मजिस्ट्रेट, फोर्स और कैमरे तैनात किए गए हैं।

मछली पकड़ने के लिए राहुल गांधी ने तालाब में लगाई छलांग- VIDEO VIRAL …

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण से कुछ दिन पहले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बेगूसराय में एक अनोखी पहल की। उन्होंने स्थानीय मछुआरों के साथ तालाब में उतरकर मछली पकड़ने की पारंपरिक प्रक्रिया में भाग लिया।
यह दृश्य ग्रामीणों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं था और सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गया।

राहुल गांधी का लोक संस्कृति से जुड़ाव

स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह से तालाब में तैयारियां चल रही थीं। राहुल गांधी जब पहुंचे, तो ग्रामीणों ने पारंपरिक स्वागत किया। इसके बाद राहुल गांधी ने बिना हिचकिचाए तालाब में उतरकर मछली पकड़ने का काम शुरू किया।

तालाब किनारे मौजूद ग्रामीण बोले -“ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा। कोई नेता हमारे बीच उतरकर हमारी परंपरा को अपनाए, यह गर्व की बात है।”

मुकेश सहनी और कन्हैया कुमार भी मौजूद

इस दौरान मुखेश सहनी और कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार भी उनके साथ तालाब में थे। तीनों नेताओं ने ग्रामीणों से  बातचीत की और स्थानीय व्यंजन का स्वाद भी लिया।

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मुकेश सहनी ने कहा -“यह सिर्फ़ गतिविधि नहीं, बल्कि बिहार की मिट्टी से जुड़ने का संदेश है।”

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

राहुल गांधी का यह वीडियो कुछ ही घंटों में लाखों बार देखा गया। जनता ने इसे “सच्चा जननेता” बताते हुए साझा किया। कांग्रेस का दावा है कि राहुल गांधी केवल भाषणों में नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर जनता से जुड़े नेता हैं।

राजनीतिक पृष्ठभूमि में संदेश

विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा बिहार चुनाव 2025 में महागठबंधन की रणनीति का प्रतीक है। तालमेल और सामूहिक उपस्थिति यह संदेश देती है कि गठबंधन एकजुट और समावेशी है।

“हमारी बंदूकें गरजने को तैयार” – इस्लामिक आतंकवाद पर भड़के ट्रंप, नाइजीरिया को दी बड़ी धमकी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजीरिया को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि देश में ईसाइयों का नरसंहार जारी रहा, तो अमेरिकी सेना “गरजने के लिए तैयार” है।

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने रक्षा विभाग को तेज सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दे दिए हैं।“अगर हम हमला करेंगे, तो यह तेज़, भयावह और करारा होगा — ठीक वैसे ही जैसे आतंकवादी हमारे प्यारे ईसाइयों पर हमला करते हैं।”

अमेरिका ने नाइजीरिया को सहायता देना किया बंद

शनिवार को ट्रंप ने कहा कि अमेरिका तत्काल प्रभाव से नाइजीरिया को दी जाने वाली सारी सहायता रोक रहा है। उन्होंने कहा कि यदि नाइजीरिया की सरकार अपने नागरिकों को आतंकवाद से नहीं बचा पाती, तो अमेरिका खुद कदम उठाएगा।“अगर नाइजीरियाई सरकार ईसाइयों को नहीं बचा पाई, तो अमेरिका की बंदूकें गरजेंगी। हम इस्लामिक आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

रक्षा सचिव ने दी सैन्य कार्रवाई के संकेत

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अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सेना कार्रवाई के लिए तैयार है। उन्होंने कहा – “अगर नाइजीरिया की सरकार हिम्मत नहीं जुटा पाती, तो अमेरिका बोको हराम जैसे आतंकवादी संगठनों को नेस्तनाबूत कर देगा।”

धार्मिक उत्पीड़न की सूची में नाइजीरिया

ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में नाइजीरिया को उन देशों की सूची में शामिल किया था,“जहां धर्म के आधार पर अत्याचार होते हैं।” इस सूची में पाकिस्तान, चीन, रूस, म्यांमार और उत्तर कोरिया जैसे देश भी शामिल हैं।

नाइजीरिया सरकार की प्रतिक्रिया

नाइजीरिया के विदेश मंत्रालय ने जवाब में कहा कि देश आतंकवाद के खिलाफ सक्रिय रूप से लड़ रहा है और वह उम्मीद करता है कि अमेरिका सहयोग जारी रखेगा।
बता दें कि नाइजीरिया में बोको हराम जैसे इस्लामिक आतंकवादी संगठन लंबे समय से सक्रिय हैं और हजारों लोगों की हत्या कर चुके हैं।

‘मोदी और अमित शाह को तो हरा नहीं पाते’; खड़गे की RSS बैन की मांग पर बोले बाबा रामदेव

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर बैन लगाने वाले बयान पर योग गुरु बाबा रामदेव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिनके विचार भारत और भारतीयता से मेल नहीं खाते, वही इस तरह के एजेंडे चलाते हैं। “उन्हें लड़ाई करनी है तो अमित शाह और मोदी जी से करें। उनको तो हरा नहीं पाते हैं, फिर आरएसएस पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं।” रामदेव ने यह बात दिल्ली में ANI को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कही।

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“RSS कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है” — बाबा रामदेव

रामदेव ने कहा — “आरएसएस कोई पॉलिटिकल पार्टी नहीं है। पॉलिटिकल विंग बीजेपी है। आरएसएस के अंदर डॉ. हेडगेवार और गोलवलकर जैसे तपस्वी लोग रहे हैं। आज भी लाखों संघ कार्यकर्ता देश के लिए सेवा कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि जब देश विरोधी और सनातन विरोधी ताकतें RSS या हिंदुत्ववादी संगठनों का विरोध करती हैं, तो उसके पीछे “छिपा हुआ एजेंडा और स्वार्थी मकसद” होता है।

क्या बोले थे खड़गे?

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को सरदार पटेल जयंती के मौके पर कहा था —“मेरा व्यक्तिगत विचार है कि आरएसएस पर फिर से बैन लगना चाहिए। आज देश में जो गड़बड़ियां और कानून-व्यवस्था की समस्याएं हैं, वे भाजपा और आरएसएस की वजह से हैं।”

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खड़गे ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह सरदार पटेल की विचारधारा की मर्यादा रखते हैं, तो उन्हें इस संगठन पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।

खड़गे परिवार के पिछले बयान

कुछ दिन पहले, खड़गे के बेटे और कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियंक खड़गे ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से आग्रह किया था कि सरकारी कर्मचारियों को RSS और अन्य संगठनों के कार्यक्रमों में भाग लेने से रोका जाए।

वहीं, अखिलेश यादव ने भी कहा था कि भाजपा को याद रखना चाहिए कि सरदार पटेल ने RSS पर बैन लगाया था – “अब फिर से उस विचारधारा पर रोक लगनी चाहिए।”

राजद ने कांग्रेस की कनपट्टी पर कट्टा रख सीएम पद चुराया: आरा में बोले पीएम मोदी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण से पहले सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भोजपुर जिले के आरा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राजद और कांग्रेस गठबंधन पर तीखा हमला बोला।
पीएम मोदी ने कहा कि -“राजद ने कांग्रेस की कनपट्टी पर कट्टा रखकर मुख्यमंत्री पद चुरा लिया। नामांकन वापसी से एक दिन पहले बंद कमरे में गुंडागर्दी का खेल खेला गया।”

राजद-कांग्रेस गठबंधन पर तीखा प्रहार

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिहार में राजद और कांग्रेस के बीच झगड़ा अपने चरम पर है। “कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि सीएम पद पर राजद का नाम तय हो, लेकिन राजद ने जबरदस्ती कांग्रेस से समर्थन की घोषणा करवाई। अब स्थिति यह है कि ना घोषणा पत्र में कांग्रेस की सुनी गई और ना प्रचार में उनकी पूछ है। चुनाव के बाद ये एक-दूसरे का सिर फोड़ेंगे।”

मोदी ने कहा कि ये दल बिहार को जंगलराज में वापस ले जाने की साजिश कर रहे हैं। “इनकी ट्रेनिंग ही जंगलराज की रही है, इसलिए ये बिहार के उद्योगों को बर्बाद करने के अलावा कुछ नहीं कर सकते।”

एनडीए के कामों का ज़िक्र – “हर गरीब को पक्का घर, मुफ्त राशन और ऊसना चावल”

पीएम मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार ने बिहार को मुश्किल दौर से बाहर निकाला है। “बिहार के लाखों परिवारों को पिछले पांच साल से लगातार मुफ्त अनाज मिल रहा है। पहले राशन में अरवा चावल मिलता था, अब आपकी पसंद का ऊसना चावल मिलता है। बिहार में 60 लाख गरीब परिवारों को पक्का घर मिला है, जिसमें भोजपुर के 1.15 लाख लाभार्थी शामिल हैं।”

ऑपरेशन सिंदूर और कांग्रेस पर हमला

प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा —“देश की सेना की इतनी बड़ी सफलता के बाद भी राजद-कांग्रेस को यह पसंद नहीं आया। धमाके पाकिस्तान में हो रहे थे और नींद कांग्रेस के शाही परिवार की उड़ गई थी।”

उन्होंने कहा कि राजद-कांग्रेस घुसपैठियों के समर्थन में यात्राएं कर रहे हैं और तुष्टिकरण की राजनीति से बिहार की पहचान मिटाने पर तुले हैं।

किसानों और मछुआरों के लिए नई योजनाओं का ऐलान

पीएम मोदी ने कहा कि बिहार अब दूसरे राज्यों को मछली भेजने वाला राज्य बन चुका है।“एनडीए सरकार मछुआरा परिवारों के लिए नई योजना लेकर आई है, जिसके तहत उन्हें ₹9,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी।”

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उन्होंने यह भी घोषणा की कि बिहार में फूड पार्किंग नेटवर्क का विस्तार, दुग्ध मिशन के माध्यम से पशुपालकों की आय बढ़ाने, और पीएम किसान योजना में ₹3,000 अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।

एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिहार की युवा आबादी एनडीए के संकल्प का केंद्र है। “हमारा संकल्प है कि बिहार का युवा, बिहार में ही काम करेगा और नाम करेगा। आने वाले वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार दिया जाएगा।”

“विकसित बिहार ही विकसित भारत का आधार”

भोजपुरी में भाषण की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी बोले – “हम मां आरण्य देवी के चरण में प्रणाम करत बानी। विकसित बिहार, विकसित भारत का आधार है। आपके बच्चन के भविष्य, हमार जिम्मेदारी ह।” उन्होंने कहा कि बिहार को पूर्वी भारत का औद्योगिक, टेक्सटाइल और पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा।

हिंसा की कोई भी घटना नहीं की जाएगी बर्दाश्त: मोकामा हत्याकांड पर बोले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर हिंसा पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्वाचन आयोग की नीति हिंसा के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है और कोई भी हिंसक घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि हर मतदाता शांति, सुरक्षा और निष्पक्ष माहौल में मतदान कर सके।

CEC बोले — “हिंसा पर शून्य सहनशीलता, निष्पक्ष चुनाव हमारी प्राथमिकता”

कानपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT Kanpur) के दौरे के दौरान ज्ञानेश कुमार ने कहा —“मैं सभी से अपील करता हूं कि चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भाग लें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें। निर्वाचन आयोग हिंसा के प्रति शून्य सहनशीलता रखता है। कोई भी हिंसा की घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमारे 243 रिटर्निंग ऑफिसर, पर्यवेक्षक, जिला अधिकारी, एसपी और एसएसपी — सभी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए तैयार हैं।”

उन्होंने कहा कि बिहार में आयोग की तैयारी विश्व स्तर पर एक मानक स्थापित करेगी, और यह चुनाव पारदर्शी, सक्षम और शांतिपूर्ण रूप से संपन्न होंगे।

मोकामा हत्याकांड के बाद आया बयान

यह बयान उस समय आया है जब मोकामा विधानसभा क्षेत्र में 30 अक्टूबर को दुलारचंद यादव की हत्या के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। घटना के दौरान मृतक जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शिनी की रैली में मौजूद थे।

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इस मामले में जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह को गिरफ्तार किया गया है।हत्या के बाद निर्वाचन आयोग ने 1 नवंबर को मोकामा के कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का तत्काल तबादला कर दिया और अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।

CEC ने की निष्पक्षता पर जोर

पक्षपात के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए ज्ञानेश कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग की तटस्थता उसकी पहचान है। “बिहार में चुनाव के दौरान हर राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से मतदाताओं से अपील कर रहा है। आयोग किसी दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं है। हमारे लिए हर प्रत्याशी समान है।”

उन्होंने बताया कि पहला चरण मतदान 6 नवंबर को, दूसरा चरण 11 नवंबर को और मतगणना 14 नवंबर को होगी।

IIT कानपुर दौरे पर बोले — “यहीं से मिली जीवन की दिशा”

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि वह IIT कानपुर के पूर्व छात्र हैं और वहां बिताए चार साल उनके जीवन के सबसे ऊर्जावान रहे।“आज मैं एक पूर्व छात्र के रूप में लौटा हूं। मुझे सम्मानित किए जाने का गर्व है और यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मैं फिर से अपने संस्थान में आया हूं।”

अखिलेश यादव के विधायक रमाकांत यादव को एक साल की सजा, कोर्ट ने लगाया जुर्माना

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और फूलपुर-पवई विधानसभा सीट से विधायक रमाकांत यादव को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने एक साल की सजा और ₹2700 का जुर्माना लगाया है। यह फैसला 2016 के सरकारी कार्य में बाधा डालने और हंगामा करने के मामले में सुनाया गया।

कोर्ट के जज अनुपम त्रिपाठी ने रमाकांत यादव को दोषी करार दिया, जबकि चार अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 2016 में आजमगढ़ के अम्बारी पुलिस चौकी से जुड़ा है। ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान पुलिस ने जय प्रकाश यादव नामक व्यक्ति को नगदी के साथ गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही रमाकांत यादव करीब 200 समर्थकों के साथ चौकी पहुंच गए और वहां जोरदार हंगामा और नारेबाजी की। उन्होंने अपने समर्थक को छुड़ाने की मांग करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई।

इसके बाद पुलिस ने रमाकांत यादव और अन्य के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने अब यह फैसला सुनाया है।

कोर्ट का फैसला

एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने रमाकांत यादव को एक साल की कैद और ₹2700 का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया।

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कोर्ट ने कहा कि विधायक ने जनप्रतिनिधि होने के बावजूद कानून-व्यवस्था का उल्लंघन किया। हालांकि सपा नेताओं ने इस फैसले को राजनीतिक साजिश बताया है और हाईकोर्ट में अपील की घोषणा की है।

कौन हैं रमाकांत यादव?

पूर्वांचल के बाहुबली नेता माने जाने वाले रमाकांत यादव 1985 से राजनीति में सक्रिय हैं। वे चार बार आजमगढ़ से सांसद रह चुके हैं और इस समय फूलपुर-पवई से विधायक हैं। उन पर 50 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वे वर्तमान में 2023 के जहरीली शराब कांड के आरोप में फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं। राजनीतिक गलियारों में रमाकांत यादव को मुलायम सिंह यादव परिवार का करीबी माना जाता है।

सपा और भाजपा की प्रतिक्रियाएं

सपा नेताओं ने इसे “एकतरफा फैसला” बताते हुए कहा कि “रमाकांत यादव को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है।”

वहीं भाजपा नेताओं ने इसे “कानून के राज की जीत” बताया और कहा कि “कानून सबके लिए समान है।”