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अयोध्या राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह 25 नवंबर को, पीएम मोदी -सीएम योगी को सौंपा निमंत्रण पत्र

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में 25 नवंबर को ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं ध्वज फहराएंगे, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत की उपस्थिति में यह कार्यक्रम संपन्न होगा।

यह आयोजन आरएसएस की स्थापना के 100 वर्ष (शताब्दी वर्ष) के उपलक्ष्य में देशभर में मनाए जा रहे कार्यक्रमों का हिस्सा है। इस ध्वजारोहण के माध्यम से श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के राष्ट्रीय संकल्प की पूर्णता का संदेश दिया जाएगा।

पीएम मोदी और सीएम योगी को सौंपा गया निमंत्रण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर उन्हें इस कार्यक्रम का आमंत्रण पत्र सौंपा। इससे पहले, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने भी प्रधानमंत्री मोदी को औपचारिक निमंत्रण पत्र भेंट किया और उनकी अयोध्या यात्रा की सहमति प्राप्त की।

ट्रस्ट के अनुसार, इस आयोजन में संघ प्रमुख डॉ. मोहनराव भागवत, प्रमुख धर्माचार्य, संत-महंत, विभिन्न संप्रदायों के प्रतिनिधि और समाज के सभी वर्गों से जुड़े लोगों को आमंत्रित किया गया है।

10 से 15 हजार श्रद्धालु पहुंचेंगे अयोध्या

अयोध्या में इस दौरान 10 से 15 हजार श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई गई है। ध्वजारोहण के समय मंदिर के शिखर पर ‘रघुवंश’ का प्रतीक ध्वज फहराया जाएगा, जो मंदिर की पूर्णता का संदेश पूरे विश्व तक पहुंचाएगा।

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने बताया कि यह ध्वज 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा होगा। इसे 161 फीट ऊंचे शिखर पर लगाए गए 42 फीट ऊंचे ध्वजदंड पर फहराया जाएगा। इस पर सूर्य, ॐ और कोविदार वृक्ष के प्रतीक अंकित हैं, जो वाल्मीकि रामायण में वर्णित रघुवंश के प्रतीक हैं।

श्रीराम मंदिर की विशेषताएं

तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने बताया कि मंदिर का निर्माण परंपरागत नागर शैली में किया गया है। मंदिर की लंबाई (पूर्व-पश्चिम) 380 फीट चौड़ाई 250 फीट, ऊंचाई (तीन मंजिलों की कुल ऊंचाई) 60 फीट, कुल 392 खंभे और 44 द्वार हैं।

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भूतल पर भगवान श्रीराम लला के बालरूप की प्रतिमा स्थापित है, जबकि प्रथम तल पर श्रीराम सभा के दर्शन होते हैं। साथ ही परिसर में पंचायतन मंदिरों का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है।

श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अपोलो अस्पताल की ओर से मंदिर परिसर में 24 घंटे संचालित आपातकालीन मेडिकल केयर सेंटर शुरू किया गया है।
साथ ही बुजुर्गों और दिव्यांग जनों के लिए लिफ्ट और मुफ्त गोल्फ कार्ट सेवा की व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर में सौंदर्यीकरण कार्य जारी है, जिसमें हरियाली, पौधे और पंचवटी का निर्माण शामिल है।

मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह पर हत्या का आरोप, एफआईआर में दुलारचंद यादव को गोली मारने का दावा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मोकामा विधानसभा क्षेत्र से जेडीयू उम्मीदवार और ‘छोटे सरकार’ के नाम से चर्चित पूर्व विधायक अनंत सिंह एक बार फिर कानूनी मुसीबत में फंस गए हैं। उन पर दुलारचंद यादव की हत्या का आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले में अनंत सिंह को हिरासत में ले लिया है।

दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने घोसवारी थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में बताया है कि घटना 30 अक्टूबर की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे की है। आरोप के मुताबिक, दुलारचंद यादव उस समय जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी प्रियदर्शी पीयूष के समर्थन में बसावन चौक, मोकामा में चुनाव प्रचार कर रहे थे।

इसी दौरान अनंत सिंह कई गाड़ियों के काफिले के साथ मौके पर पहुंचे और दुलारचंद यादव से कहासुनी शुरू हो गई। एफआईआर के अनुसार, विवाद बढ़ने पर नदवां गांव के निवासी राजवीर सिंह और कर्मवीर सिंह ने दुलारचंद को गाड़ी से खींचकर बाहर निकाला। इसके बाद अनंत सिंह ने अपनी कमर से पिस्टल निकालकर दुलारचंद के बाएं पैर में गोली मार दी।

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शिकायत में यह भी कहा गया है कि घायल होने के बाद जब दुलारचंद जमीन पर गिर पड़े, तो छोटन सिंह और संजय सिंह नामक दो अन्य लोगों ने उन पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। आरोप है कि घटना के बाद भागने से पहले समर्थकों ने दुलारचंद पर थार गाड़ी चढ़ा दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट 31 अक्टूबर को तैयार की गई।

पटना के सीनियर एसएसपी ने बताया कि मृतक दुलारचंद यादव का भी आपराधिक इतिहास रहा है और उनके खिलाफ हत्या व आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज थे।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, जबकि अनंत सिंह और उनके समर्थकों की भूमिका की तफ्तीश की जा रही है।

UP Teacher Vacancy: TGT, PGT और प्रिंसिपल के 23,000+ पदों पर भर्ती

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- राज्य के 4512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक (TGT), प्रवक्ता (PGT), प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य के कुल 23,000 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने वाली है।

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने इस भर्ती के लिए 31 मार्च 2026 तक की संभावित रिक्तियों की सूचना उपलब्ध कराने के लिए सभी जिलों से अधियाचन 29 जुलाई को मांगा था। गाजीपुर को छोड़कर सभी जिलों ने यह जानकारी शिक्षा निदेशालय को भेज दी है। अब तक 71 जिलों के अधियाचन के अनुसार टीजीटी, पीजीटी, प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य के 22,201 रिक्त पद पंजीकृत हैं। शेष चार जिलों के डेटा शामिल होने पर रिक्तियों की संख्या 23,000 से अधिक होने का अनुमान है।

उप शिक्षा निदेशक (माध्यमिक-3) डॉ. ब्रजेश मिश्र ने बताया कि चयन आयोग का पोर्टल बनने के बाद शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी रिक्त पदों की जानकारी सीधे पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। डीआईओएस को निर्देश दिए गए हैं कि वे जिले से संबंधित अधियाचन के लिए प्रमाणपत्र जारी कर निदेशालय भेजें।

संबद्धीकरण और शिक्षक प्रशिक्षण

अपर मुख्य सचिव, बेसिक माध्यमिक शिक्षा ने 21 अक्टूबर को आदेश दिए हैं कि शासन की अनुमति के बिना सभी संबद्धीकरण आदेश तत्काल निरस्त किए जाएं और कार्मिकों को उनकी मूल तैनाती पर भेजा जाए।

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इस बीच, प्राथमिक स्कूलों में बीएड के आधार पर चयनित 30,000 से अधिक शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनिवार्य छह महीने के ब्रिज कोर्स पूरा करने के आदेश के कारण नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। प्रदेश सरकार ने उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दायर किया है कि शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए 1 से 15 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे और प्रशिक्षण 1 दिसंबर से शुरू होगा।

एनआईओएस की ओर से जारी छह महीने का ब्रिज कोर्स प्रमाणपत्र को एनसीटीई ने 2 जुलाई 2025 को मान्यता दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 से पहले नियुक्त बीएड अर्हताधारी शिक्षकों को यह कोर्स एक वर्ष के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है। कोर्स पूरा न करने पर शिक्षक की नियुक्ति अमान्य हो जाएगी।

नैरो कास्टिंग के ज़रिए छात्रों को मिली सेहत की नई दिशा,बालिका इंटर कॉलेज में ओमनी रेडियो की पहल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रद्युम्न सिंह चैरिटेबल एंड एनवायरनमेंटल ट्रस्ट द्वारा संचालित ओमनी रेडियो 90.0 एफ.एम और स्मार्ट एनजीओ के संयुक्त प्रयास से “सेहत सही, लाभ कई” कार्यक्रम का आयोजन गौतम बुद्ध मुराली देवी बालिका इंटर कॉलेज, गोटवा, बस्ती में किया गया।

इस कार्यक्रम में नैरो कास्टिंग के माध्यम से छात्र-छात्राओं को स्वास्थ्य और स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर कर्मा देवी ग्रुप के चेयरमैन रिटायर्ड (आई.ए.एस.) ओ.एन. सिंह और कार्यकारी निदेशक अंशु सिंह गौतम ने कहा कि छात्र-छात्राओं में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है ताकि वे एक स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दे सकें।

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ओमनी रेडियो के स्टेशन डायरेक्टर वीर प्रताप सिंह ने बताया कि रेडियो माध्यम के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में मातृत्व पोषण, पूरक आहार, कुपोषण, एनीमिया और स्वस्थ जीवनशैली जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेडियो ग्रामीण जनसाधारण तक संदेश पहुँचाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है।

कार्यक्रम में आर.जे. धर्मेंद्र पाण्डेय, अभिषेक पाण्डेय, विद्यालय के प्रधानाचार्य विजय प्रकाश चौधरी, शिक्षिका अपर्णा मिश्रा, शिक्षक अमरीश पटेल और छात्र-छात्राएं अंशिका, कशिश, आलोक, हर्षित, मीनाक्षी भी मौजूद रहे।

अमित शाह का पलटवार “जनता चुनाव में देगी जवाब”, खरगे की आरएसएस बैन मांग पर गृह मंत्री का बयान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। शाह ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव जारी है और इसका जवाब जनता मतदान के माध्यम से देगी।

एनडीटीवी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए शाह ने कहा, “खरगे जी ने कोई वजह नहीं बताई। आरएसएस ऐसी संस्था है, जिसने करोड़ों युवाओं को राष्ट्र निर्माण के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया है। देशभक्ति के संस्कार दिए हैं। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आरएसएस से जुड़े दो लोग देश के प्रधानमंत्री बने हैं और दोनों ही देश के सबसे सफल प्रधानमंत्री रहे हैं।”

शाह ने आगे कहा कि आरएसएस को स्थापित हुए 100 साल पूरे हो चुके हैं और इन वर्षों में संगठन ने देश के विकास और समाज को सही दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, “आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है। संघ के हजारों कार्यकर्ता ऐसे हैं जिनके पास न घर है, न बैंक अकाउंट, न परिवार — उनका एकमात्र लक्ष्य भारत माता की सेवा है। जो लोग इस पर बैन लगाने की बात कर रहे हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि जनता इस चुनाव में इसका जवाब देगी।”

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इससे पहले, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर कहा था कि देश में कानून-व्यवस्था की समस्याओं के लिए आरएसएस जिम्मेदार है और संगठन पर एक बार फिर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि यह उनका “व्यक्तिगत विचार” है।

खरगे ने कहा था, “सरदार पटेल ने आरएसएस को लेकर जो बातें कही थीं, अगर उनकी मर्यादा प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह रखते हैं, तो इस संगठन पर प्रतिबंध लगना चाहिए। आज देश में जो अव्यवस्था और कानून-व्यवस्था की दिक्कतें हैं, वे भाजपा और आरएसएस की वजह से हैं।”

शिक्षक का शर्मनाक कारनामा! छात्रा से संबंध के शक में महिलाओं ने खंभे से बांधकर पीटा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक निजी स्कूल के शिक्षक को महिलाओं ने खंभे से बांधकर पीट दिया। आरोप है कि शिक्षक का अपनी ही स्कूल की छात्रा के साथ प्रेम संबंध था। यह घटना कैमरे में कैद हो गई और वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

मामला सलोन क्षेत्र के घूरनपुर करहिया बाजार स्थित सीके एजुकेशन स्कूल का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, स्कूल में पढ़ाने वाले एक अध्यापक के संबंध एक छात्रा से थे। जब यह बात आसपास की महिलाओं और स्थानीय लोगों को पता चली, तो उन्होंने शिक्षक को पकड़ लिया और सबके सामने उसकी जमकर पिटाई कर दी।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी शिक्षक को खंभे से बांधा गया है और महिलाएं उसे डंडों से पीट रही हैं। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान कई लोग मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।

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घटना के बाद से ही यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के चरित्रहीन शिक्षक को शिक्षा के क्षेत्र में रहने का कोई अधिकार नहीं है। वहीं, अब तक स्कूल प्रशासन की ओर से शिक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे लोगों में नाराजगी है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, वायरल वीडियो की जानकारी पुलिस तक पहुंच गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में शिकायत दर्ज होने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस घटना ने शिक्षा जगत की साख पर सवाल खड़ा कर दिया है।

अखिलेश यादव का बीजेपी पर तीखा वार-“भाजपाई किसी के सगे नहीं, धोखा देना इनकी पहचान बन गई है”

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की जनविरोधी नीतियाँ और सत्ता का अहंकार ही उसके पतन का कारण बन रहे हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में हर वर्ग का शोषण हो रहा है, यहां तक कि जिन्होंने भाजपा को वोट दिया, वे भी आज खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि “भाजपाई जनता के दुख में सुख खोजते हैं, किसी के अपने नहीं होते, धोखा देना ही उनका सबसे बड़ा गुण बन गया है।” उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों, नौजवानों, महिलाओं और व्यापारियों से सिर्फ झूठे वादे कर सत्ता में आई, लेकिन कोई वादा पूरा नहीं किया गया।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के कार्यकाल में किसानों की आय दोगुनी होने का वादा सिर्फ जुमला बनकर रह गया है। किसान आज भी डीएपी और यूरिया के लिए हर सीजन में परेशान हैं, जबकि सरकार किसानों को उनकी फसलों का उचित एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) दिलाने में विफल रही है।

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अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बिचौलियों को फायदा पहुंचा रही है, जबकि किसानों, युवाओं और छोटे व्यापारियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर हैं।

सपा प्रमुख ने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश में अपराध का ग्राफ सबसे ज्यादा है। साइबर क्राइम और महिला अपराधों में यूपी देश में शीर्ष पर है, लेकिन सरकार कानून-व्यवस्था सुधारने में पूरी तरह नाकाम रही है।

अखिलेश यादव ने कहा, “भाजपा सरकार से जनता का मोहभंग हो चुका है। अब लोग परिवर्तन चाहते हैं, क्योंकि भाजपा का जाना ही जनता के चैन का कारण बनेगा।”

अयोध्या परिक्रमा मेला में मिसाल बने सब इंस्पेक्टर रणजीत यादव, खोए-बिछड़े परिजनों को मिलाया अपनों से

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या परिक्रमा मेला के दौरान जहां लाखों श्रद्धालु भगवान श्रीराम के दर्शन के लिए उमड़े, वहीं इस भीड़ में कई लोग अपने परिजनों से बिछड़ भी गए। ऐसे में सब इंस्पेक्टर रणजीत यादव ने अपनी सतर्कता और सेवा भावना से मिसाल कायम की।

नयाघाट पुलिस चौकी के पास बनाए गए खोया-पाया केंद्र से रणजीत यादव लगातार बिछड़े हुए बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के नाम पब्लिक एड्रेस सिस्टम से प्रसारित करवा कर उन्हें उनके परिवार से मिलवाते रहे।

“खोया पाया केंद्र में ड्यूटी करना सुखद अनुभव”: रणजीत यादव

सब इंस्पेक्टर रणजीत यादव ने बताया —“खोया पाया केंद्र में ड्यूटी करना बेहद खुशी देने वाला अनुभव है। जब कोई व्यक्ति अपने अपनों से बिछड़कर रोते हुए आता है और वापस अपने परिवार से मिलकर मुस्कराते हुए लौटता है, तो दिल को सुकून मिलता है।”

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उन्होंने बताया कि केंद्र से न केवल नामों का प्रसारण किया जाता था बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए सुरक्षा और यातायात संबंधी निर्देशों को भी समय-समय पर प्रसारित किया गया ताकि भीड़ में अफरा-तफरी की स्थिति न बने।

तीन स्थानों पर बनाए गए खोया-पाया केंद्र

जन सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने परिक्रमा मेला में तीन प्रमुख स्थानों पर खोया पाया केंद्र स्थापित किए: 1.नयाघाट पुलिस चौकी के सामने, 2. तुलसी उद्यान के पास,3. कोतवाली अयोध्या परिसर के पास

इन केंद्रों पर महिला सिपाहियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई थी, ताकि बच्चों और महिलाओं को तुरंत सहायता मिल सके।

जनसेवा में सदैव तत्पर “खाकी वाले गुरुजी”

सब इंस्पेक्टर रणजीत यादव, जिन्हें लोग “खाकी वाले गुरुजी” के नाम से भी जानते हैं, हमेशा सामाजिक कार्यों में आगे रहते हैं।
इस वर्ष भी दीप चंद राही ने खोया पाया केंद्र में अपनी सहभागिता निभाई। रणजीत यादव की मानवीय सेवा भावना और तत्परता ने श्रद्धालुओं के बीच अयोध्या पुलिस की एक संवेदनशील छवि पेश की है।

आंध्र प्रदेश: रेलिंग टूटते ही मच गई भगदड़, वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में 10 की मौत — सरकार ने बताई वजह

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज:- आंध्र प्रदेश के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार सुबह एकादशी के अवसर पर बड़ा हादसा हो गया। सुबह करीब 11:30 बजे मंदिर में अचानक भगदड़ मच गई, जिसमें कम से कम 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हुए। मृतकों में अधिकांश महिलाएं बताई जा रही हैं।

कैसे मची भगदड़? सरकार ने बताई पूरी कहानी

राज्य की गृह मंत्री वी. अनीता ने बताया कि यह हादसा रेलिंग टूटने की वजह से हुआ।“मंदिर ऊँचाई पर स्थित है और श्रद्धालु पहली मंजिल की सीढ़ियों से चढ़ रहे थे। तभी रेलिंग टूट गई, जिससे लोग नीचे गिर पड़े और उनके ऊपर अन्य लोग गिरते चले गए,”— गृह मंत्री वी. अनीता| उन्होंने कहा कि यह मंदिर निजी प्रबंधन के अधीन है और धर्मस्व विभाग की देखरेख में नहीं आता।

स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट

श्रीकाकुलम के जिलाधिकारी स्वप्निल दिनकर पुंडकर ने बताया, “अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इनमें से 7 ने मौके पर और 3 ने अस्पताल में दम तोड़ा है। मृतकों में ज्यादातर महिलाएं हैं।”

लापरवाही के आरोप और अव्यवस्था उजागर

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए कोई बैरिकेडिंग या सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। जिस हिस्से में भगदड़ हुई, वह हिस्सा अभी निर्माणाधीन था।  मंदिर में प्रवेश और निकास का रास्ता एक ही था।  भीड़ 10,000 से अधिक श्रद्धालुओं तक पहुँच गई थी। कुछ भक्तों ने निकास द्वार से अंदर घुसने की कोशिश की, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जताया शोक

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा:“वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ से मैं गहरा दुखी हूं। यह बहुत दर्दनाक है कि श्रद्धालुओं की जानें गईं। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों को तत्काल और सर्वोत्तम इलाज दिया जाए।”

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उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय अधिकारी और नेता राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

बतादें कि वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर 12 एकड़ भूमि पर फैला है। लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण किया गया। मंदिर का उद्घाटन मई 2025 में हुआ था। हर शनिवार को यहां 1,500–2,000 श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जबकि एकादशी पर यह संख्या दस गुना बढ़ जाती है।

अयोध्या राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह: एंट्री के लिए गुप्त कोड और आधार कार्ड अनिवार्य

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़ :अयोध्या स्थित राम मंदिर में होने वाले ध्वजारोहण समारोह के लिए आमंत्रण पत्र का वितरण शुरू कर दिया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने समारोह में प्रवेश के लिए सख्त सुरक्षा मानक तय किए हैं।

एंट्री के नियम

सभी आमंत्रित अतिथियों को आमंत्रण पत्र और आधार कार्ड अपने साथ लाना अनिवार्य है। प्रत्येक आमंत्रण पत्र के साथ एक गुप्त कोड भी आवंटित किया गया है। यह कोड प्रवेश द्वार पर सुरक्षा अधिकारियों को बताना होगा। सुरक्षा मानक रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के समय लागू मानकों के समान रखे गए हैं।

कौन-कौन शामिल होंगे

इस बार के समारोह में आमंत्रण देश भर की हस्तियों के बजाय पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रमुख हस्तियों, संत-महंतों और राम मंदिर के निर्माण में योगदान देने वाले रामभक्तों को दिया गया है।

विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय सलाहकार एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के आमंत्रित सदस्य दिनेश ने कहा: “सभी अतिथियों से अनुरोध है कि सुरक्षा मानकों का पालन करें ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो। संतों से भी आग्रह किया गया है कि वह अपने साथ छत्र, चंवर और दंड आदि न लाएं। सिक्ख श्रद्धालुओं व धर्मगुरुओं से आग्रह है कि वे पंच चिह्न के प्रतीक कटार ला सकते हैं लेकिन तलवार नहीं।”

सजीव प्रसारण की तैयारी

ध्वजारोहण समारोह का सजीव प्रसारण मोबाइल एलईडी वैन और जुड़वां शहरों में एलईडी टीवी के माध्यम से किया जाएगा। प्रसार भारती के चेयरमैन व सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी नवनीत सहगल राम मंदिर पहुंचे। उनके साथ प्रसार भारती के अन्य अधिकारी, दूरदर्शन और आकाशवाणी की विशेषज्ञ टीम भी थी। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पदाधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की, जिसमें प्रसारण व्यवस्था और समारोह की तैयारियों पर चर्चा हुई। अभियांत्रिकी उप निदेशक अनिल सिंह ने प्रसारण की पुष्टि की।

सुरक्षा और व्यवस्था

मोबाइल और स्थिर एलईडी वैन से जुड़वां शहरों में सजीव प्रसारण। प्रवेश के लिए आमंत्रण पत्र + गुप्त कोड + आधार कार्ड अनिवार्य। संतों व श्रद्धालुओं से वस्त्र, धार्मिक सामग्री और हथियारों पर विशेष निर्देश।