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राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि का बड़ा बयान, चंपत राय की तुलना मां सीता से की, ड्राइवर टिन्नू को बताया मारीच

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक के अगले दिन ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद, चंपत राय के इस्तीफे और एसआईटी जांच को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पूर्व महासचिव चंपत राय की सबसे बड़ी चूक अपने ड्राइवर पर अत्यधिक भरोसा करना रही। इसी संदर्भ में उन्होंने धार्मिक प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे माता सीता ने मारीच के छल पर विश्वास किया था, उसी तरह चंपत राय ने भी अपने ड्राइवर टिन्नू पर भरोसा कर लिया।

व्यवस्थागत लापरवाही से पैदा हुआ संकट

एक साक्षात्कार में गोविंद गिरि ने कहा कि राम मंदिर जैसा विशाल प्रबंधन पूरी तरह एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं होना चाहिए था। उनके अनुसार कार्यों का विकेंद्रीकरण होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि समय-समय पर व्यवस्थागत कमियों की चर्चा होती थी, लेकिन उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया। इसी लापरवाही और ढिलाई के कारण आज इतनी बड़ी स्थिति पैदा हुई है।

चंपत राय का बचाव भी किया

गोविंद गिरि ने स्पष्ट किया कि व्यवस्थागत खामियों के कारण सवाल उठे हैं, लेकिन इससे चंपत राय के चरित्र पर संदेह नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संत समाज, अयोध्या के लोगों और ट्रस्ट से जुड़े लोगों का चंपत राय के प्रति विश्वास आज भी कायम है।

उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की बैठक में जब चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर चर्चा हुई, तब ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट के संविधान के अनुसार त्यागपत्र दिए जाने के साथ ही उसे स्वीकार माना जाता है। इसलिए इस पर अलग से निर्णय लेने की आवश्यकता नहीं थी।

“इस्तीफा स्वीकार करते समय हम भी दुखी थे”

कोषाध्यक्ष ने कहा कि चंपत राय के इस्तीफे को लेकर ट्रस्ट के सदस्यों को भी गहरा दुख हुआ। उन्होंने कहा कि कई लोग नहीं चाहते थे कि उन्हें पद छोड़ना पड़े। उनके अनुसार, चंपत राय के लंबे सार्वजनिक जीवन और कार्यशैली को देखते हुए उनके चरित्र पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

दानपात्र की जिम्मेदारी पर क्या बोले?

गोविंद गिरि ने कहा कि दानपात्रों के प्रबंधन की जिम्मेदारी ट्रस्ट के एक अन्य पदाधिकारी के पास थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोषाध्यक्ष के रूप में उनकी जिम्मेदारी केवल उस धन तक सीमित है, जो ट्रस्ट के कोष में जमा हो जाता है। कोष तक धन पहुंचने से पहले की व्यवस्था उनकी जिम्मेदारी नहीं थी।

उन्होंने माना कि निगरानी में कमी और अनुशासन की कमी के कारण स्थिति बिगड़ी। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू की जाएगी और इसके लिए तीन सदस्यीय समिति नए नामों का प्रस्ताव देगी।

“दोषियों को सजा मिलनी चाहिए”

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर उन्होंने कहा कि यदि किसी ने अपराध किया है तो उसे कानून के अनुसार दंड मिलना चाहिए। उनके मुताबिक यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा है।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस विवाद के कारण समाज या रामभक्तों के बीच विभाजन नहीं होना चाहिए और मंदिर के प्रति लोगों की श्रद्धा किसी भी स्थिति में कम नहीं होने दी जाएगी।

SIT रिपोर्ट पर टिप्पणी से किया इनकार

गोविंद गिरि ने कहा कि एसआईटी की जांच पर टिप्पणी करना उनका काम नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी जिस निष्कर्ष पर पहुंचेगी, वही स्वीकार्य होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल उनकी चंपत राय से इस विषय पर कोई मुलाकात नहीं हुई है।

बैंक बदलने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी संस्था को बिना वजह कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है। यदि कहीं कोई कमी हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए, लेकिन किसी प्रतिष्ठित संस्था की छवि को अनावश्यक नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: चंपत राय की पहली प्रतिक्रिया, बोले- SIT की अंतिम रिपोर्ट के बाद दूंगा हर आरोप का जवाब

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में लगातार उठ रहे सवालों और आरोपों के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा है कि विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह सभी आरोपों का क्रमवार जवाब देंगे और पूरा सच सामने आएगा।

‘रामभक्तों के नाम पाती’ जारी कर दी सफाई

चंपत राय ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर “चंपत राय की पाती रामभक्तों के नाम” शीर्षक से एक हस्तलिखित पत्र साझा किया। पत्र के साथ उन्होंने श्रीरामचरितमानस की प्रसिद्ध चौपाई “धीरज धर्म मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी” भी लिखी।

पत्र के अंत में उनके हस्ताक्षर, तारीख और स्थान के रूप में अयोध्या अंकित है।

बोले- अंतिम रिपोर्ट के बाद दूंगा जवाब

चंपत राय ने पत्र में लिखा कि 7 जून 2026 से राम मंदिर के दानपात्र से जुड़ी कथित चोरी को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं और व्यक्तिगत रूप से उन पर भी अनेक आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अब तक इस पूरे मामले में मौन बनाए रखा है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह सभी आरोपों और उठाए गए सवालों का क्रमवार उत्तर देंगे और सच्चाई सभी के सामने आएगी।

प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर भी उठाए सवाल

अपने पत्र में चंपत राय ने SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के सार्वजनिक होने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि यह रिपोर्ट 6 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में प्रस्तुत की गई थी और इसे गोपनीय रखा जाना था, लेकिन इसके बावजूद इसकी जानकारी सार्वजनिक हो गई।

अपने सार्वजनिक जीवन का भी किया जिक्र

पत्र में चंपत राय ने लिखा कि वह अक्टूबर 1991 से संगठन के कार्यकर्ता के रूप में अयोध्या में कार्य कर रहे हैं और पिछले 45 वर्षों का उनका सार्वजनिक जीवन किसी खुली किताब की तरह है। उन्होंने कहा कि उनके जीवन और कार्यों को सभी लोग जानते हैं।

पहले आरोपों को बताया था निराधार

गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोप सामने आने के शुरुआती दौर में चंपत राय ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया था। बाद में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मांग पर उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया।

हाल ही में SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी थी। वहीं 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। इसी बैठक में जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट भी ट्रस्ट के समक्ष रखी गई थी, जिसकी कई जानकारियां बाद में सार्वजनिक हो गईं।

अब सभी की नजर SIT की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके बाद चंपत राय ने विस्तृत जवाब देने की बात कही है।

इंडोनेशिया दौरे पर पीएम मोदी को सर्वोच्च सम्मान, ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल समेत कई अहम समझौतों पर बनी सहमति

नई दिल्ली/जकार्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय इंडोनेशिया यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों को नई मजबूती मिली है। इस दौरे में रक्षा, डिजिटल तकनीक, शिक्षा, समुद्री सुरक्षा और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनी। वहीं इंडोनेशिया ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिन्तांग अदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से सम्मानित करने की घोषणा की।

पीएम मोदी को मिला इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने दोनों देशों के मजबूत होते संबंधों और वैश्विक स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्हें देश का सर्वोच्च सम्मान ‘बिन्तांग अदिपूर्णा’ प्रदान करने का ऐलान किया।

रक्षा सहयोग को मिली नई मजबूती

भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर महत्वपूर्ण सहमति बनी है। दोनों देशों ने भारत की स्वदेशी ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल और ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल से जुड़े रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

इसके तहत इंडोनेशिया अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए भारत से अतिरिक्त ब्रह्मोस मिसाइल बैटरियां हासिल करेगा। इससे उसकी समुद्री और तटीय सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

सबंग पोर्ट के संयुक्त विकास पर जोर

दोनों देशों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सबंग पोर्ट के संयुक्त विकास पर भी सहमति व्यक्त की। मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित यह बंदरगाह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री व्यापार और सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है।

डिजिटल भुगतान को मिलेगा बढ़ावा

भारत और इंडोनेशिया डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाएंगे। दोनों देशों ने भारत के UPI और इंडोनेशिया की QRIS डिजिटल भुगतान प्रणाली के बीच क्रॉस-बॉर्डर कनेक्टिविटी विकसित करने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई।

इससे इंडोनेशिया जाने वाले भारतीय पर्यटकों और कारोबारियों को मोबाइल के जरिए सीधे डिजिटल भुगतान करने में आसानी होगी।

चुनावी तकनीक और शिक्षा में भी सहयोग

भारत, इंडोनेशिया को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) तकनीक विकसित करने में सहयोग देगा। वहीं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने साझेदारी बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) के कैंपस इंडोनेशिया में स्थापित करने की दिशा में पहल की जाएगी।

समुद्री सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत पर समझौता

दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा भारत ने इंडोनेशिया के योग्याकार्ता स्थित विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण और रखरखाव में सहयोग देने की भी घोषणा की।

यह यात्रा वर्ष 2018 में स्थापित भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के बाद दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। रक्षा, तकनीक, शिक्षा, डिजिटल भुगतान और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े ये समझौते भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और ‘महासागर’ दृष्टिकोण को और मजबूती देने वाले कदम माने जा रहे हैं।

भारतीय रेलवे की पहली पहल: लखनऊ मंडल ने शुरू की AI आधारित सांकेतिक भाषा ट्रेन सूचना प्रणाली, श्रवण बाधित यात्रियों को मिलेगा बड़ा लाभ

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़ : पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने यात्री सुविधाओं को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक नई पहल करते हुए भारतीय रेलवे की पहली AI आधारित ‘सांकेतिक भाषा ट्रेन सूचना प्रणाली’ शुरू की है। इस अत्याधुनिक प्रणाली की शुरुआत बादशाह नगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर की गई है, जिससे श्रवण बाधित यात्रियों को ट्रेन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी अब सांकेतिक भाषा (साइन लैंग्वेज) में उपलब्ध होगी।

मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर वैभव श्रीवास्तव के निर्देशन में लखनऊ मंडल के सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग ने इस AI आधारित प्रणाली को विकसित किया है।

LED स्क्रीन पर दिखेगी साइन लैंग्वेज में ट्रेन की जानकारी

नई व्यवस्था के तहत रेलवे की नियमित ऑडियो घोषणाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से स्वतः सांकेतिक भाषा में बदला जाएगा और स्टेशन पर लगी LED टीवी स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जाएगा। इससे श्रवण बाधित यात्री ट्रेन का आगमन-प्रस्थान समय, प्लेटफॉर्म नंबर और अन्य आवश्यक सूचनाएं बिना किसी की सहायता के आसानी से समझ सकेंगे।

दो महीने के सफल ट्रायल के बाद हुई शुरुआत

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस प्रणाली का करीब दो महीने तक सफल परीक्षण किया गया। ट्रायल में लखनऊ मंडल के सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग, नोएडा स्थित मूक-बधिर संस्था के प्रतिनिधियों और चार प्रमाणित सांकेतिक भाषा इंटरप्रेटर्स ने भाग लिया। इस तकनीक को TECHTRON INFOTECH PVT. LTD. के सहयोग से विकसित किया गया है।

दिव्यांग यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा

रेल मंत्रालय की ‘सुलभ सार्वजनिक परिवहन’ योजना के अनुरूप शुरू की गई यह पहल दिव्यांगजनों, विशेषकर श्रवण बाधित यात्रियों को रेलवे सेवाओं तक समान और आसान पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

रेलवे का कहना है कि इस तकनीक से श्रवण बाधित यात्रियों को यात्रा के दौरान किसी अन्य व्यक्ति पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वे आवश्यक सूचनाएं स्वयं प्राप्त कर सकेंगे।

सामाजिक संगठनों ने की सराहना

मूक-बधिर यात्रियों और दिव्यांगजनों के हित में कार्य करने वाले कई संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि भारतीय रेलवे की यह पहल समावेशी और सुलभ सार्वजनिक परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण साबित होगी।

मानसून तैयारियों के तहत मंडल रेल प्रबंधक ने बनारस स्टेशन और कोचिंग डिपो का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

वाराणसी/सर्वोदय न्यूज़: मानसून के दौरान यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर रेल सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाराणसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) आशीष जैन ने मंगलवार को बनारस रेलवे स्टेशन और बनारस कोचिंग डिपो का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जल निकासी व्यवस्था, प्लेटफॉर्म, कोचों और यात्री सुविधाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

स्टेशन पर जल निकासी व्यवस्था की जांच

निरीक्षण के दौरान DRM ने स्टेशन परिसर, सभी प्लेटफॉर्मों के शेड, पीपी शेल्टर, रेलवे ट्रैक, नालियों और ड्रेनेज पाइपों की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि बारिश के दौरान कहीं भी जलभराव, रिसाव या जल प्लावन जैसी स्थिति न बनने पाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मानसून के दौरान संभावित समस्याओं की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी कमी का तत्काल समाधान किया जाए, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

इस अवसर पर DRM आशीष जैन ने कहा कि रेलवे के लिए यात्रियों की सुरक्षा, संरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मानसून को देखते हुए सभी आवश्यक एहतियाती और संरक्षात्मक उपाय लागू किए जा रहे हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, निर्बाध और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके।

कोचिंग डिपो में कोचों का भी हुआ निरीक्षण

स्टेशन निरीक्षण के बाद DRM ने बनारस कोचिंग डिपो पहुंचकर अनुरक्षित किए जाने वाले रेल कोचों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान कोचों की छतों की जल निकासी व्यवस्था, एसी कोचों के दरवाजों और खिड़कियों में संभावित लीकेज, शौचालय और वॉश बेसिन की ड्रेनेज व्यवस्था, विद्युत उपकरणों की सुरक्षा, वायरिंग के इन्सुलेशन और अग्नि सुरक्षा प्रणाली की जांच की गई।

मानसून स्पेशल निरीक्षण के निर्देश

DRM ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक कोच का मानसून स्पेशल निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली सभी तकनीकी और संरचनात्मक कमियों को तुरंत दूर किया जाए, ताकि बारिश के मौसम में भी यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और आरामदायक रेल यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।

निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) विकास कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (C&W) अभिषेक राय, सहायक मंडल इंजीनियर ए.के. पाण्डेय, सहायक यांत्रिक इंजीनियर (C&W) ओजस श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पर्यवेक्षक मौजूद रहे।

उक्त जानकारी हिमान्शु राव मुख्य प्रचार निरीक्षक, वाराणसी ने दी

नेशनल PMR डे 2026: DrRMLIMS में अत्याधुनिक रिहैबिलिटेशन तकनीकों की शुरुआत, मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़ : नेशनल PMR डे 2026 के अवसर पर डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (DrRMLIMS), लखनऊ के फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन (PMR) विभाग ने इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (IQAC-NAAC) के सहयोग से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों और बीमारी अथवा गंभीर चोट के बाद पुनर्वास की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा देना था। इस वर्ष का विषय “सभी के लिए रिहैबिलिटेशन, जीवन भर के लिए रिकवरी” रखा गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) सी. एम. सिंह ने किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए कई अत्याधुनिक पुनर्वास तकनीकों का शुभारंभ किया। इनमें रिपीटिटिव ट्रांसक्रानियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (rTMS), वर्चुअल रियलिटी (VR) आधारित रिहैबिलिटेशन, हाई-रिजॉल्यूशन मस्कुलोस्केलेटल अल्ट्रासाउंड (MSK-USG) तथा रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (RFA) जैसी उन्नत सुविधाएं शामिल हैं।

इस अवसर पर प्रो. सिंह ने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में पुनर्वास चिकित्सा की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के शामिल होने से संस्थान विश्वस्तरीय और वैज्ञानिक आधार पर मरीजों को बेहतर पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध करा सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि शहीद पथ स्थित नए परिसर में 1000 बेड की सुविधा विकसित करने का कार्य तेजी से चल रहा है और इसके शुरू होने के बाद मरीजों को और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

नई तकनीकों से स्ट्रोक, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी, ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजरी, पार्किंसंस रोग, सेरेब्रल पाल्सी, खेल संबंधी चोटों, मस्कुलोस्केलेटल विकारों और लंबे समय से दर्द की समस्या से जूझ रहे मरीजों के उपचार में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद जताई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे सटीक जांच, लक्षित उपचार, तेजी से रिकवरी और बेहतर कार्यक्षमता हासिल करने में मदद मिलेगी।

PMR विभागाध्यक्ष प्रो. विरिंदर सिंह गोगिया ने कहा कि पुनर्वास चिकित्सा का उद्देश्य केवल बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि मरीज को आत्मनिर्भर बनाना और उसकी जीवन गुणवत्ता में सुधार लाना है। उन्होंने बताया कि नियमित उपचार प्रक्रिया में rTMS और वर्चुअल रियलिटी जैसी आधुनिक तकनीकों को शामिल करना पुनर्वास चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

कार्यक्रम में संस्थान के फैकल्टी सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट, स्पीच एवं लैंग्वेज थेरेपिस्ट, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, मेडिकल सोशल वर्कर, छात्र और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। PMR विभाग के मरीजों और उनके परिजनों की भी सक्रिय भागीदारी रही। इस दौरान दिव्यांगता की रोकथाम, शुरुआती पुनर्वास, सहायक तकनीकों और समावेशी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

कार्यक्रम के समापन पर आयोजन समन्वयक एवं PMR विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. यश वीर सिंह ने सभी अतिथियों, चिकित्सकों, कर्मचारियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विभाग भविष्य में भी आधुनिक पुनर्वास सेवाओं का विस्तार करने और आम लोगों के बीच पुनर्वास चिकित्सा के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार कार्य करता रहेगा।

इस अवसर पर यह संदेश भी दिया गया कि पुनर्वास चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं का अभिन्न हिस्सा है, जो मरीजों को फिर से आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT का बड़ा खुलासा, कपड़ों और जूतों में छिपाकर निकाले जाते थे नोटों के बंडल

Ayodhya Ram Mandir News: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, दान की गिनती के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी में भारी लापरवाही बरती गई, जिससे कथित तौर पर कर्मचारियों को लंबे समय तक चोरी करने का मौका मिलता रहा।

48 दिनों में 70 संदिग्ध घटनाएं

एसआईटी की शुरुआती जांच में सामने आया है कि 27 अप्रैल से 5 जून के बीच रिकॉर्ड हुए सीसीटीवी फुटेज में करीब 70 संदिग्ध घटनाएं दिखाई दीं। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ कर्मचारी गिनती कक्ष के भीतर नोटों की गड्डियां और खुली नकदी को अपने कपड़ों, जेबों, जूतों और अन्य स्थानों पर छिपाते नजर आए।

जांच टीम का मानना है कि यह कोई एक-दो बार की घटना नहीं थी, बल्कि लंबे समय से अपनाया जा रहा एक सुनियोजित तरीका था।

पुराने CCTV फुटेज नहीं मिले

रिपोर्ट में बताया गया है कि 27 अप्रैल से पहले की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं हो सकी, क्योंकि सीमित स्टोरेज क्षमता के कारण पुराना डेटा स्वतः डिलीट हो गया। ऐसे में इससे पहले भी इसी तरह की गतिविधियां हुई हों, इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

सुरक्षा नियमों की अनदेखी

एसआईटी ने जांच में पाया कि दान की गिनती के दौरान तय सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। कर्मचारियों की प्रवेश और निकास के समय तलाशी नहीं ली जाती थी। निजी सामान पर प्रभावी निगरानी का अभाव था और कई दानपात्रों की नकदी एक साथ मिलाकर गिनी जाती थी। इसके अलावा कीमती चढ़ावे के रिकॉर्ड और सत्यापन की प्रक्रिया में भी गंभीर खामियां मिलीं।

छह कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल

प्रारंभिक रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला, अनुकूल मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और राम शंकर मिश्रा की प्रथम दृष्टया संलिप्तता का उल्लेख किया गया है। इस मामले में अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जांच शुरू होने से पहले कुछ कर्मचारियों के पास से लगभग 78.94 लाख रुपये बरामद किए गए थे। वहीं 4 जून को गिनती कक्ष से करीब 2.25 लाख रुपये भी बरामद होने की जानकारी दी गई है।

बैंक खातों में मिले संदिग्ध लेनदेन

एसआईटी ने कर्मचारियों के बैंक खातों की जांच में उनकी घोषित आय की तुलना में अधिक नकद जमा और वित्तीय लेनदेन पाए हैं। रिपोर्ट में विस्तृत वित्तीय जांच की सिफारिश की गई है।

जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित कर्मचारियों का मासिक वेतन करीब 20 हजार रुपये था, जबकि कटौती के बाद उन्हें लगभग 15 हजार रुपये ही हाथ में मिलते थे। इसके बावजूद उनके खातों में संदिग्ध लेनदेन दर्ज पाए गए।

एसओपी का भी नहीं हुआ पालन

रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा तय संयुक्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का भी सही तरीके से पालन नहीं किया गया। बिना जेब वाली यूनिफॉर्म लागू नहीं की गई, बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था प्रभावी नहीं थी और दानपात्रों की राशि को अलग-अलग रखने के बजाय पहले ही मिला दिया जाता था। नोटों की व्यवस्थित गिनती और बंडलिंग भी नहीं की जाती थी।

एसआईटी का निष्कर्ष है कि सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और प्रक्रियाओं में लगातार हुई इन चूकों ने मिलकर चढ़ावे की कथित चोरी के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर दिया। जांच टीम अपनी अंतिम रिपोर्ट 15 जुलाई तक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपेगी।

Aaj Ka Rashifal 7 July 2026: शनि-चंद्रमा के विष योग का असर, 4 राशियों को मिलेगा लाभ, 2 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क

Aaj Ka Rashifal 7 July 2026: 7 जुलाई 2026, मंगलवार को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे रही है। वर्तमान में मंगल वृषभ राशि, सूर्य मिथुन राशि, बुध (वक्री) और गुरु कर्क राशि, शुक्र और केतु सिंह राशि, राहु कुंभ राशि में विराजमान हैं। वहीं मीन राशि में शनि और चंद्रमा की युति से विष योग बन रहा है। चंद्रमा उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में हैं, जिसका स्वामी शनि है।

ज्योतिषीय दृष्टि से यह योग मानसिक तनाव, भ्रम और निर्णय लेने में असमंजस की स्थिति पैदा कर सकता है। ऐसे में आज बड़े फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का आज का राशिफल।

मेष राशि

आज खर्चों में वृद्धि और अनावश्यक चिंताएं परेशान कर सकती हैं। सिरदर्द, आंखों से जुड़ी समस्या या मानसिक तनाव महसूस हो सकता है। प्रेम संबंधों में जल्दबाजी से बचें और बच्चों की सेहत का विशेष ध्यान रखें। निवेश फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। व्यापार सामान्य रहेगा। शुभ फल के लिए नीले वस्त्र या लोहे की वस्तु का दान करें।

वृषभ राशि

आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। आय के नए अवसर मिल सकते हैं, हालांकि शुरुआत में कुछ बाधाएं महसूस होंगी। यात्रा थोड़ी थकाऊ हो सकती है, लेकिन अंततः लाभदायक साबित होगी। निवेश के लिए दिन अनुकूल माना जा रहा है। नीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ रहेगा।

मिथुन राशि

सरकारी कार्यों में लापरवाही न करें और वरिष्ठ अधिकारियों से सहयोग बनाए रखें। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में देरी हो सकती है, लेकिन परिणाम आपके पक्ष में रहने की संभावना है। नई शुरुआत करने की बजाय पुराने कार्यों पर ध्यान दें। निवेश किया जा सकता है। मां काली की पूजा लाभकारी रहेगी।

कर्क राशि

आज सम्मान और प्रतिष्ठा को लेकर थोड़ी चिंता रह सकती है। लंबी यात्रा से बचना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। प्रेम जीवन और पारिवारिक संबंध बेहतर रहेंगे। कारोबार में स्थिति सामान्य से अच्छी बनी रहेगी। निवेश के लिए दिन अनुकूल है। सफेद वस्तु का दान शुभ रहेगा।

सिंह राशि

आज जोखिम लेने से बचें। वाहन सावधानी से चलाएं और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। प्रेम संबंधों में संतुलन बनाए रखें। व्यापार सामान्य रहेगा और निवेश किया जा सकता है। भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करना शुभ रहेगा।

कन्या राशि

जीवनसाथी और प्रेम संबंधों में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं। वैवाहिक मामलों में तनाव की स्थिति बन सकती है, हालांकि यह अस्थायी रहेगा। स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। रसायन और दवा क्षेत्र में निवेश लाभदायक हो सकता है। मां काली की आराधना करें।

तुला राशि

शत्रु पक्ष सक्रिय रह सकता है, लेकिन अंततः सफलता आपके हाथ लगेगी। छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं। व्यापार में लाभ मिलेगा और भूमि से जुड़े निवेश शुभ रहेंगे। बजरंगबली की पूजा करना लाभकारी रहेगा।

वृश्चिक राशि

भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला न लें। प्रेम संबंधों में विवाद की संभावना है, इसलिए धैर्य रखें। बच्चों की सेहत पर ध्यान दें। मानसिक तनाव रह सकता है, लेकिन व्यापार में स्थिति अनुकूल बनी रहेगी। पीले रंग का वस्त्र पहनना शुभ रहेगा।

धनु राशि

भूमि, भवन या वाहन खरीदने का विचार फिलहाल टाल दें। सीने से जुड़ी हल्की परेशानी हो सकती है। प्रेम संबंध सामान्य रहेंगे। व्यापार अच्छा चलेगा और अन्य क्षेत्रों में निवेश किया जा सकता है। काले या नीले रंग की वस्तु का दान लाभ देगा।

मकर राशि

नाक, कान, गला और आंखों से जुड़ी समस्या हो सकती है। प्रेम संबंधों में दूरी या मतभेद बढ़ सकते हैं। फिलहाल निवेश से बचना बेहतर रहेगा। व्यापार सामान्य रहेगा। मां काली की पूजा शुभ फल देगी।

कुंभ राशि

आज धन संबंधी मामलों में सावधानी बरतें। निवेश करने से बचें, क्योंकि आर्थिक नुकसान की आशंका है। वाणी पर नियंत्रण रखें और परिवार में विवाद से दूर रहें। व्यापार सामान्य रहेगा। शनिदेव की पूजा और शिवलिंग पर जल अर्पित करना लाभकारी रहेगा।

मीन राशि

शनि-चंद्रमा के विष योग का सबसे अधिक प्रभाव आपकी राशि पर रहेगा। मानसिक तनाव, स्वास्थ्य संबंधी चिंता और पारिवारिक मतभेद परेशान कर सकते हैं। जीवनसाथी के साथ विवाद से बचें। फिलहाल निवेश टालना बेहतर रहेगा। नीले रंग की वस्तु का दान करें और भगवान शिव का जलाभिषेक करें।

चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफ़ा बैठक में मंजूर,राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव! बजरंगलाल बागड़ा, जो ले सकते हैं चंपत राय की जगह?

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बीच सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यकारिणी की अहम बैठक जारी है। बैठक के दौरान ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से इस संबंध में आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

सूत्रों के अनुसार, दोनों पदों पर नए चेहरों को लेकर भी चर्चा चल रही है। इनमें विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंगलाल बागड़ा का नाम सबसे प्रमुख दावेदारों में बताया जा रहा है।

कौन हैं बजरंगलाल बागड़ा?

बजरंगलाल बागड़ा मूल रूप से राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले हैं। वह वर्तमान में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री हैं। फरवरी 2024 में अयोध्या में आयोजित विहिप की प्रन्यासी मंडल और प्रबंध समिति की बैठक में उन्हें इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट रहे बागड़ा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी नालको (NALCO) के चेयरमैन भी रह चुके हैं। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद उन्होंने विहिप की सक्रिय जिम्मेदारियां संभालीं और बाद में संगठन के राष्ट्रीय मंत्री तथा फिर अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बने।

महासचिव पद के लिए और कौन हैं दावेदार?

सूत्रों के मुताबिक, महासचिव पद के लिए ट्रस्टी कृष्ण मोहन का नाम भी चर्चा में है। कृष्ण मोहन भारतीय वन सेवा (IFS) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में पूर्वी उत्तर प्रदेश के संघ चालक की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

इसके अलावा बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दौनेरिया का नाम भी संभावित विकल्पों में लिया जा रहा है।

बैठक में किन-किन लोगों ने लिया हिस्सा?

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता महंत नृत्य गोपाल दास कर रहे हैं। बैठक में शामिल प्रमुख सदस्यों में—

  • महंत गोविंद देव गिरि
  • जगद्गुरु माध्वाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ
  • कृष्ण मोहन
  • निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास
  • विहिप के केंद्रीय संरक्षक दिनेश जी
  • अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी

वहीं, नृपेंद्र मिश्र, के. पारासरन, उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद और प्रशांत लोखंडे वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।

सीईओ की नियुक्ति पर भी हो सकती है चर्चा

सूत्रों के अनुसार, बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के लिए नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति को लेकर भी विचार-विमर्श किया जा सकता है। साथ ही ट्रस्ट के रिक्त पदों पर नए सदस्यों के मनोनयन पर भी चर्चा होने की संभावना है।

चंपत राय के समर्थन और विरोध, दोनों की चर्चा

बैठक से पहले ट्रस्ट के भीतर अलग-अलग मत सामने आए। एक पक्ष चंपत राय के समर्थन में खुलकर सामने आया, जबकि दूसरा पक्ष संगठन में नए नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर देता दिखा।

इस बीच ट्रस्ट के वरिष्ठ न्यासी स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि यदि किसी ने अपराध किया है तो उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष जांच और पारदर्शी व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया।

नोट: बैठक में इस्तीफे स्वीकार होने और नई नियुक्तियों को लेकर फिलहाल विभिन्न सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है। अंतिम और आधिकारिक निर्णय ट्रस्ट की ओर से जारी किए जाने वाले बयान के बाद ही स्पष्ट होगा।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक शुरू, चंपत राय और अनिल मिश्रा नहीं हुए शामिल

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़: राम मंदिर में चढ़ावा और बहुमूल्य आभूषणों की कथित चोरी के मामले को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को शुरू हो गई। बैठक ऐसे समय हो रही है, जब इस प्रकरण में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।

बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास कर रहे हैं। अस्वस्थ होने के बावजूद वह बैठक में शामिल हुए। बैठक से पहले उन्होंने एक पत्र जारी कर घटना पर दुख जताया और कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा भी जताया।

बैठक का मुख्य एजेंडा क्या है?

बैठक की शुरुआत ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने एजेंडा प्रस्तुत कर की। जानकारी के अनुसार, बैठक का प्रमुख विषय ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा के इस्तीफों पर विचार करना है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार बैठक शुरू होने तक इन इस्तीफों पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया था।

चंपत राय और अनिल मिश्रा बैठक में शामिल नहीं हुए

ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा मौजूद नहीं रहे। बताया जा रहा है कि कुछ ट्रस्ट सदस्यों ने बैठक से पहले यह मांग रखी थी कि दोनों की अनुपस्थिति में ही बैठक आयोजित की जाए। हालांकि, इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

राम मंदिर परिसर में चंपत राय के पहुंचने की सूचना जरूर मिली, लेकिन बैठक में उनके शामिल होने की जानकारी सामने नहीं आई।

कौन-कौन ट्रस्टी पहुंचे?

बैठक में कई प्रमुख ट्रस्टी और सदस्य मौजूद रहे। इनमें शामिल हैं—

  • ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास
  • कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी
  • जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती
  • युगपुरुष स्वामी परमानंद
  • कृष्ण मोहन

वहीं, ट्रस्ट के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र और वरिष्ठ अधिवक्ता के. पारासरन के वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

एसआईटी रिपोर्ट पर भी हो सकती है चर्चा

उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़े। वह ट्रस्ट के पदेन सदस्य भी हैं। एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उन्हें ही सौंपी थी। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि बैठक में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर भी चर्चा की जा सकती है।

अब तक क्या हुई कार्रवाई?

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 5 जून को सामने आया था। इसके बाद 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया। जांच के दौरान अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच अभी जारी है और ट्रस्ट की यह बैठक इसी क्रम में बेहद अहम मानी जा रही है।