Home Blog Page 14

Aaj Ka Rashifal 26 August 2026: 7 राशियों पर बरसेगी लक्ष्मी की कृपा, धन लाभ के बन रहे प्रबल योग

Aaj Ka Rashifal 26 August 2026: बुधवार, 26 अगस्त 2026 को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए शुभ संकेत दे रही है। आज मंगल मिथुन राशि में, गुरु कर्क राशि में, जबकि सूर्य, बुध और केतु सिंह राशि में विराजमान हैं। शुक्र कन्या राशि में हैं। चंद्रमा मकर राशि में श्रवण नक्षत्र के अंतर्गत स्थित हैं। वहीं राहु कुंभ और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। ग्रहों की इस स्थिति का असर सभी 12 राशियों के जीवन पर अलग-अलग देखने को मिलेगा।

श्रवण नक्षत्र को शांति, एकाग्रता और आत्मचिंतन से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में आज ध्यान, स्नान, आध्यात्मिक गतिविधियों और मन को शांत रखने के लिए दिन अनुकूल रह सकता है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए आज का दिन सफलता लेकर आ सकता है। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में राहत या विजय मिलने के संकेत हैं। कारोबार में तरक्की होगी और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी लाभ मिल सकता है। हालांकि स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रेम संबंधों और संतान पक्ष से अच्छे समाचार मिल सकते हैं। व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में सकारात्मकता बनी रहेगी। मां काली की आराधना करना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों को आज भाग्य का पूरा साथ मिल सकता है। यात्रा से जुड़े अच्छे अवसर सामने आएंगे। स्वास्थ्य पहले की तुलना में बेहतर रहेगा। प्रेम संबंधों और संतान पक्ष से भी सुखद परिणाम मिलने की संभावना है। व्यापार में स्थिति मजबूत बनी रहेगी। हालांकि आज किसी बड़े निवेश में जल्दबाजी करने से बचना बेहतर होगा। हनुमान जी का स्मरण करना लाभकारी रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों को आज स्वास्थ्य के मामले में विशेष सतर्क रहने की सलाह है। ग्रहों की स्थिति के कारण शारीरिक परेशानी या थकान महसूस हो सकती है। यात्रा करते समय भी सावधानी बरतें और जोखिम वाले कामों से दूरी रखें। प्रेम और संतान पक्ष से स्थितियां काफी अच्छी रहेंगी। विद्यार्थियों के लिए दिन विशेष रूप से अनुकूल है। कारोबार में भी लाभ के संकेत हैं और निवेश के लिहाज से दिन सकारात्मक रह सकता है। नीली वस्तु अपने पास रखना और लाल वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन सुखद रहने वाला है। जीवनसाथी का पूरा सहयोग और सानिध्य मिलेगा। नौकरी और कार्यक्षेत्र में परिस्थितियां आपके पक्ष में रह सकती हैं। प्रेम संबंधों में भी नजदीकियां बढ़ेंगी और प्रिय व्यक्ति से मुलाकात संभव है। निजी और पेशेवर दोनों क्षेत्रों में संतुलन बना रहेगा। स्वास्थ्य भी सामान्य से बेहतर रहने के संकेत हैं। हनुमान जी की पूजा करना शुभ फल दे सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातक आज अपने विरोधियों पर भारी पड़ सकते हैं। शत्रु पक्ष को लेकर चिंता कम होगी और आपका प्रभाव बना रहेगा। हालांकि छोटी-मोटी शारीरिक परेशानियां परेशान कर सकती हैं। प्रेम जीवन में कुछ दूरी महसूस हो सकती है, लेकिन रिश्ते में भावनाएं मजबूत बनी रहेंगी। संतान पक्ष से जुड़े मामलों में थोड़ी चिंता हो सकती है, लेकिन उनकी प्रगति देखकर आपको संतोष मिलेगा। नीली वस्तु का दान करना लाभकारी रहेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि के विद्यार्थियों के लिए आज का दिन काफी अच्छा है। पढ़ाई-लिखाई और रचनात्मक कार्यों में मन लग सकता है। प्रेम संबंधों में छोटी-मोटी नोकझोंक होने की आशंका है। संतान को लेकर मन में चिंता रह सकती है। भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। निवेश के लिए दिन अनुकूल नजर आ रहा है और भाग्य भी आपका साथ देगा। मां काली की पूजा करना शुभ रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों को आज स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। थकान या रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी महसूस हो सकती है। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य से थोड़ा कमजोर रह सकता है, लेकिन व्यापारिक क्षेत्र में अच्छी सफलता मिलने के संकेत हैं। विवाद या मतभेद की स्थिति बन सकती है, इसलिए धैर्य और संयम से काम लें। भूमि, मकान या वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो सकारात्मक अवसर मिल सकता है। नीली वस्तु अपने पास रखना शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज मेहनत का पूरा फल मिलने का दिन है। आपके प्रयास और पराक्रम से करियर में तरक्की के रास्ते खुलेंगे। नौकरी या कारोबार में नई उपलब्धि मिल सकती है। लंबे समय से बनाई गई योजनाओं को अमल में लाने के लिए समय अच्छा है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, हालांकि रक्त संबंधी छोटी परेशानी को नजरअंदाज न करें। प्रेम और संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेंगे। लाल वस्तु अपने पास रखना लाभकारी रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि वालों को आज स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नहीं करनी चाहिए। ग्रहों की स्थिति के कारण कुछ शारीरिक परेशानियां सामने आ सकती हैं। हालांकि प्रेम जीवन में उत्साह और नजदीकियां बढ़ेंगी। संतान पक्ष से भी सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। प्रिय व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। पेशेवर जीवन में अच्छे अवसर मिलेंगे और सरकारी तंत्र से भी लाभ प्राप्त हो सकता है। अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें और आज निवेश करने से बचें। हनुमान जी का स्मरण करना शुभ रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए आज सकारात्मक ऊर्जा से भरा दिन रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार महसूस होगा और मानसिक रूप से भी राहत मिलेगी। प्रेम और संतान पक्ष से सुखद परिणाम मिलने के संकेत हैं। व्यापार में अच्छी प्रगति होगी और नई योजनाएं सफलता की ओर बढ़ सकती हैं। कुल मिलाकर दिन शुभ और उत्साहवर्धक रहेगा। मां काली की आराधना करना लाभकारी रहेगा।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों का मन आज थोड़ा परेशान और बेचैन रह सकता है। चिंता और तनाव के कारण मानसिक दबाव महसूस हो सकता है। सिरदर्द या आंखों से संबंधित परेशानी भी हो सकती है, इसलिए आराम का ध्यान रखें। प्रेम जीवन में सुधार के संकेत हैं और रिश्ते परिवार तक पहुंच सकते हैं। विवाहित लोगों को अपने संबंधों में पारदर्शिता और संयम बनाए रखना चाहिए, अन्यथा गलतफहमी या मान-सम्मान से जुड़ी स्थिति बन सकती है। व्यापारिक दृष्टि से दिन अच्छा रहेगा। मां काली की पूजा करना शुभ रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि के लिए आज आर्थिक दृष्टि से बेहद अच्छा दिन हो सकता है। आय के नए स्रोत बनने के साथ पुराने माध्यमों से भी धन प्राप्त होने के संकेत हैं। स्वास्थ्य में पहले की अपेक्षा सुधार रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष से सुखद परिणाम मिलेंगे। कारोबार में लाभ और प्रगति के अवसर सामने आएंगे। यात्रा का भी योग बन रहा है। नीली वस्तु का दान करना शुभ माना जाएगा।

लखनऊ में 26 अगस्त को ट्रैफिक डायवर्जन, ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के जुलूस को लेकर 18 रूट बदले

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- ईद-ए-मिलाद-उन-नबी (बारावफात) के अवसर पर 26 अगस्त 2026 को राजधानी लखनऊ में निकलने वाले ‘मदहे-सहाबा’ जुलूस को देखते हुए यातायात पुलिस ने रूट डायवर्जन की व्यवस्था लागू की है। जुलूस सुबह 10 बजे अमीनाबाद स्थित झंडे वाले पार्क से शुरू होकर बाजारखाला थाना क्षेत्र में समाप्त होगा।

यातायात पुलिस के मुताबिक सुबह 7 बजे से जुलूस की समाप्ति तक जरूरत के अनुसार कई प्रमुख मार्गों पर सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा। वाहन चालकों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

इन प्रमुख रास्तों पर रहेगा डायवर्जन

  1. कमला नेहरू क्रासिंग (चरक चौराहा) से आने वाला यातायात मेफेयर तिराहा-विक्टोरिया स्ट्रीट होते हुए नख्खास तिराहा की ओर नहीं जा सकेगा। वाहन चौक और मेडिकल कॉलेज होकर आगे जा सकेंगे।
  2. नख्खास तिराहा से नादान महल रोड और टुड़ियागंज की ओर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। वाहन अकबरी गेट और चरक चौराहा होकर निकलेंगे।
  3. टुड़ियागंज तिराहा से नख्खास की ओर सामान्य यातायात नहीं चलेगा। वाहनों को गिरधारी सिंह इंटर कॉलेज और मंसूर नगर की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
  4. टुड़ियागंज से हैदरगंज (लालमाधव) तिराहा की ओर जाने वाले वाहन वापस मुड़कर गिरधारी सिंह इंटर कॉलेज और मंसूर नगर की ओर जा सकेंगे।
  5. हैदरगंज तिराहा से नख्खास और ऐशबाग ईदगाह की ओर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। वाहन बुलाकी अड्डा और मिल एरिया होकर जा सकेंगे।
  6. वाटर वर्क्स तिराहा से ऐशबाग ईदगाह तिराहा की ओर सामान्य यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
  7. मेडिकल कॉलेज चौराहा से सुभाष मार्ग होकर रकाबगंज पुल की ओर जाने वाले वाहनों को सिटी स्टेशन तिराहा और शाहमीना की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
  8. पोस्ट ऑफिस (अमीनाबाद) तिराहा से मौलवीगंज होकर रकाबगंज पुल की ओर यातायात नहीं जा सकेगा। वाहन छतरी वाले चौराहे से अमीनाबाद और नजीराबाद होकर आगे जा सकेंगे।
  9. रकाबगंज पुल से अमीनाबाद की ओर जाने वाला यातायात नाका और मेडिकल कॉलेज की ओर डायवर्ट रहेगा।
  10. कैसरबाग बस स्टैंड, गुईन रोड तिराहा, नजीराबाद तिराहा और अमीनाबाद चौराहा से झंडे वाले पार्क की ओर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। वाहन कैसरबाग, अशोक लाट, श्रीराम रोड, अमीनाबाद और सिटी स्टेशन की ओर जा सकेंगे।
  11. ऐशबाग पुल की तरफ से ऐशबाग ईदगाह की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। वैकल्पिक रूप से पुल के नीचे से मोतीनगर, भूसामंडी और राजेंद्र नगर होकर जाने की व्यवस्था रहेगी।
  12. बुलाकी अड्डा से हैदरगंज तिराहा की ओर यातायात नहीं जा सकेगा। वाहन टिकैतराय तालाब, मिल एरिया और एवररेडी की ओर से अपने गंतव्य तक जा सकेंगे।
  13. मिल एरिया तिराहा से हैदरगंज जाने वाले वाहनों को मिल एरिया, मीना बेकरी और राजाजीपुरम होकर भेजा जाएगा।
  14. राजेंद्र नगर चौराहा से ऐशबाग ईदगाह की ओर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। वाहन मोतीनगर और राजेंद्र नगर की ओर जा सकेंगे।
  15. नाका चौराहा से राजेंद्र नगर होते हुए ऐशबाग पुल और ईदगाह की ओर वाहनों की आवाजाही नहीं होगी। वाहन नत्था और मवैया होकर जा सकेंगे।
  16. नाका चौराहा से पांडेयगंज चौकी होकर रकाबगंज पुल की ओर जाने वाले वाहनों को बांसमंडी चौराहा और राजेंद्र नगर की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
  17. फूलमंडी फ्लाईओवर से हैदरगंज तिराहा की ओर यातायात नहीं जा सकेगा। वाहन विक्टोरिया स्ट्रीट, कमला नेहरू चौराहा और मेडिकल चौराहा होकर आगे जा सकेंगे।
  18. मिल एरिया तिराहा से हैदरगंज फ्लाईओवर की ओर सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा। वाहन मीना बेकरी चौराहा होकर अपने गंतव्य तक जा सकेंगे।

एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं को मिलेगी छूट

यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जुलूस के दौरान एम्बुलेंस, फायर सर्विस, स्कूली वाहन और शव वाहन जैसी आवश्यक सेवाओं को विशेष परिस्थितियों में प्रतिबंधित मार्गों से भी जाने की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस और नागरिक पुलिस की मदद ली जा सकेगी।

किसी चिकित्सकीय आपात स्थिति में लोग ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क कर सकते हैं।

यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि 26 अगस्त को घर से निकलने से पहले निर्धारित डायवर्जन को ध्यान में रखें और अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित मार्गों की ओर जाने से बचें|

मोबाइल रिपेयर से बिजली मिस्त्री तक 14 ट्रेड में मिलेगा 10 लाख तक ब्याज मुक्त लोन, योगी सरकार देगी मार्जिन मनी

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:-  उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं और छोटे कारोबारियों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना-2 का दायरा बढ़ा दिया है। योजना में अब 14 नए ट्रेड शामिल किए गए हैं। इन क्षेत्रों से जुड़े युवाओं और कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण देने के साथ-साथ बैंक से 10 लाख रुपये तक का बिना गारंटी और ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार की ओर से ऋण की मार्जिन मनी सब्सिडी के रूप में देने का भी प्रावधान किया गया है।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद एमएसएमई विभाग ने योजना को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य युवाओं और छोटे कारीगरों को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

14 नए ट्रेड योजना में शामिल

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना-2 में आधुनिक जरूरतों से जुड़े कई ट्रेड जोड़े गए हैं। इनमें मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रॉनिक सामान की मरम्मत, विद्युत उपकरणों की मरम्मत, प्लंबिंग, कंप्यूटर रिपेयरिंग, सोलर इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी और ब्यूटी एवं वेलनेस जैसे काम शामिल हैं।

इसके अलावा मूर्तिकार, मालाकार, दूध कारोबार, भरभूजा और मछली पालन से जुड़े लोगों को भी एमएसएमई के तहत सहायता देने की योजना है।

पहले से योजना में बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, टोकरी बुनकर, सुनार, नाई, हलवाई, मोची, राजमिस्त्री और धोबी जैसे पारंपरिक कामों से जुड़े कारीगर शामिल हैं।

10 दिन की मुफ्त ट्रेनिंग

योजना के तहत नए ट्रेड से जुड़े लाभार्थियों को 10 दिन का निशुल्क कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य बाजार की मांग के अनुसार उत्पाद तैयार करने और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करना है।

प्रशिक्षण आईटीआई, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड और संबंधित क्षेत्र की सरकारी या अर्धसरकारी संस्थाओं के माध्यम से कराया जाएगा। प्रशिक्षण संस्थान का चयन उद्योग विभाग करेगा।

15 हजार रुपये तक की मुफ्त टूल किट

प्रशिक्षण पूरा करने वाले लाभार्थियों को काम शुरू करने के लिए अधिकतम 15 हजार रुपये तक की मुफ्त टूल किट उपलब्ध कराई जाएगी। इससे कारीगरों को अपने ट्रेड के मुताबिक जरूरी उपकरण खरीदने में आर्थिक मदद मिलेगी।

सरकार का उद्देश्य प्रशिक्षण के बाद लाभार्थियों को सीधे स्वरोजगार से जोड़ना है, ताकि वे अपने स्तर पर काम शुरू कर सकें।

10 लाख रुपये तक बिना ब्याज और बिना गारंटी लोन

योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पात्र और प्रशिक्षित लाभार्थियों को प्रोजेक्ट लागत के आधार पर 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। यह ऋण बिना गारंटी और बिना ब्याज के देने का प्रावधान है।

इसके अलावा ऋण की मार्जिन मनी सब्सिडी सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। इससे युवाओं और छोटे कारोबारियों पर शुरुआती निवेश का आर्थिक बोझ कम होगा।

कौन ले सकता है योजना का लाभ?

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना-2 का लाभ लेने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है। आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।

इसके अलावा योजना में शामिल पारंपरिक और आधुनिक ट्रेड से जुड़े कारीगर एवं कामगार पात्रता के अनुसार इसका लाभ ले सकते हैं। इनमें बढ़ई, लोहार, कुम्हार, मोची, नाई समेत विभिन्न पारंपरिक कारीगरों को भी शामिल किया गया है।

योजना के जरिए सरकार का लक्ष्य स्थानीय स्तर पर छोटे कारोबार को बढ़ावा देना, युवाओं को कौशल से जोड़ना और उन्हें बैंक ऋण के माध्यम से अपना रोजगार शुरू करने में मदद करना है।

रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ा तोहफा, महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा; योगी कैबिनेट के 24 बड़े फैसले

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- रक्षाबंधन से पहले उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने महिलाओं समेत प्रदेश के अलग-अलग वर्गों के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। मंगलवार को हुई योगी कैबिनेट की बैठक में 24 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा, रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए विशेष निशुल्क बस यात्रा, इलेक्ट्रिक बसों की खरीद, टेक्सटाइल पार्क और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं से जुड़े फैसले शामिल हैं।

एक करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मिलेगा लाभ

कैबिनेट ने लोकमाता अहिल्याबाई मातृ शक्ति योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की सभी बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। उम्र का सत्यापन आधार कार्ड के माध्यम से किया जाएगा।

सरकार के अनुमान के मुताबिक, 2001 की जनगणना के आधार पर इस योजना से प्रदेश की एक करोड़ से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो सकती हैं। यह सुविधा उस घोषणा को भी पूरा करती है, जिसे 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के संकल्प पत्र में शामिल किया गया था।

रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा

रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं के लिए अलग से भी मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दी गई है। 27 अगस्त सुबह 6 बजे से 29 अगस्त रात 12 बजे तक महिलाएं परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा कर सकेंगी। इसके साथ एक यात्री को साथ ले जाने की सुविधा भी दी गई है।

इलेक्ट्रिक बसों के लिए 400 करोड़ रुपये मंजूर

कैबिनेट ने इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 400 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस राशि से 42 और 52 सीटर करीब 250 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी। इससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और पर्यावरण के अनुकूल यातायात को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

आईटी सिटी से जुड़े नियमों में बदलाव

बैठक में उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी नीति-2022 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। आईटी सिटी स्थापित करने के लिए निर्धारित क्षेत्रफल की सीमा में बदलाव किया गया है।

500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली परियोजनाओं के लिए पूंजीगत उपादान से जुड़े प्रावधानों में भी संशोधन किया गया है। लखनऊ, आगरा, प्रयागराज और वाराणसी के लिए आईटी पार्क से संबंधित क्षेत्रफल को घटाकर 2500 वर्गमीटर और अन्य क्षेत्रों के लिए 1500 वर्गमीटर किया गया है।

लखनऊ-हरदोई सीमा पर बनेगा टेक्सटाइल पार्क

प्रधानमंत्री मित्र योजना के तहत लखनऊ-हरदोई सीमा पर करीब 1000 एकड़ में टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। इसे पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा।

सरकार बाहरी विकास का काम करेगी, जबकि आंतरिक विकास के लिए मास्टर डेवलपर का चयन किया जाएगा। सड़क, बिजली और पानी जैसी बाहरी सुविधाओं के लिए करीब 1250 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत हैं। पूरी परियोजना पर लगभग 1950 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

पार्क में 55 प्रतिशत भूमि औद्योगिक, 10 प्रतिशत व्यावसायिक, 10 प्रतिशत आवासीय और शेष 25 प्रतिशत भूमि पर आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक होगा विस्तार

कैबिनेट ने गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तार देने से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। परियोजना पर करीब 10,761 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसका लगभग 100 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश और करीब 30 किलोमीटर हिस्सा उत्तराखंड में होगा।

दोनों राज्यों के बीच इसके लिए एमओयू किया जाएगा। प्रस्ताव के मुताबिक, परियोजना का निर्माण उत्तर प्रदेश अपने खर्च से करेगा और टोल वसूली भी यूपी की ओर से की जाएगी। इससे प्रयागराज से हरिद्वार के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी

कैबिनेट बैठक में झांसी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। करीब 103 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर 7,968.30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह परियोजना बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़कर जालौन से झांसी तक कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी।

वरिष्ठ नागरिकों को लेकर भी बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को कुछ परिस्थितियों में अपनी संपत्ति से बच्चों को बेदखल करने का अधिकार देने की व्यवस्था की गई है।

इसके लिए प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। जिला मजिस्ट्रेट को हर महीने रिपोर्ट देने और मामलों की सुनवाई के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है।

छात्रवृत्ति पोर्टल फिर खुलेगा

प्रदेश में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन करने का पोर्टल दोबारा खोले जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। इसके लिए 300 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।

इसके अलावा मैनपुरी स्थित पक्षी विहार के आसपास पर्यटन विकास के लिए करीब छह हेक्टेयर ग्राम सभा की जमीन पर्यटन विभाग को निशुल्क हस्तांतरित करने का फैसला लिया गया है। इसे मयंक ऋषि पक्षी विहार, मैनपुरी के नाम से विकसित किए जाने की योजना है।

कुल मिलाकर, योगी कैबिनेट के फैसलों में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, युवाओं और छात्रों से जुड़े प्रावधानों के साथ-साथ परिवहन, आईटी, टेक्सटाइल, पर्यटन और एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी परियोजनाओं पर भी जोर दिया गया है।

CTET सितंबर 2026 परीक्षा स्थगित, 6 सितंबर को नहीं होगी परीक्षा; आवेदन पोर्टल फिर खुला

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़ : केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) सितंबर 2026 को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। 6 सितंबर 2026 को प्रस्तावित CTET परीक्षा स्थगित कर दी गई है। अब अभ्यर्थियों को संशोधित परीक्षा तिथि का इंतजार करना होगा।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से CTET सितंबर 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया को एक बार फिर शुरू किया गया है। जिन उम्मीदवारों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, उनके लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल 25 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक खुला रहेगा।

6 सितंबर को नहीं होगी CTET परीक्षा

पहले CTET सितंबर 2026 परीक्षा का आयोजन 6 सितंबर 2026 को प्रस्तावित था, लेकिन अब इस तारीख को परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। अभ्यर्थियों को नई परीक्षा तारीख के लिए आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

बताया गया है कि संशोधित परीक्षा तिथि 1 सितंबर 2026 के बाद घोषित की जाएगी। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर आधिकारिक सूचना जरूर चेक करते रहें।

1 सितंबर तक कर सकते हैं आवेदन

जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक CTET सितंबर 2026 के लिए आवेदन नहीं किया है, उनके लिए आवेदन का एक और मौका दिया गया है। उम्मीदवार 1 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन करते समय उम्मीदवारों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और अन्य जरूरी विवरण सावधानीपूर्वक भरने की सलाह दी जाती है।

पहले आवेदन कर चुके उम्मीदवारों को दोबारा फॉर्म भरने की जरूरत नहीं

जिन उम्मीदवारों ने CTET सितंबर 2026 के लिए पहले ही सफलतापूर्वक आवेदन कर दिया है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। उनका पहले किया गया आवेदन मान्य रहेगा।

ऐसे उम्मीदवारों को सिर्फ संशोधित परीक्षा तिथि से जुड़ी आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।

अभ्यर्थी आधिकारिक अपडेट का करें इंतजार

CTET की नई परीक्षा तिथि की घोषणा होने तक उम्मीदवार किसी भी अनधिकृत सूचना पर भरोसा न करें। परीक्षा से संबंधित तिथि, एडमिट कार्ड और अन्य जरूरी अपडेट के लिए आधिकारिक सूचना को ही अंतिम मानें।

नोट: परीक्षा की संशोधित तारीख जारी होने के बाद उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र, एडमिट कार्ड और अन्य निर्देशों से संबंधित जानकारी भी आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बर्खास्त सहायक प्रबंधकों को राहत, नौकरी पर दोबारा बहाली का आदेश

लखनऊ/ सर्वोदय न्यूज़ : उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत रहे कई कर्मचारियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने बैंक प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने से जुड़े आदेशों को रद्द करते हुए उन्हें दोबारा उसी पद पर बहाल करने का निर्देश दिया है|

मामला उन कर्मचारियों से जुड़ा है, जिनकी नियुक्ति चयन प्रक्रिया के माध्यम से सहायक प्रबंधक के पद पर हुई थी। ये कर्मचारी लंबे समय तक बैंक में अपनी सेवाएं देते रहे। बाद में विभागीय जांच के आधार पर उनकी नियुक्तियों में नियमों के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं।

बर्खास्तगी के फैसले को हाईकोर्ट में दी चुनौती

नौकरी से हटाए जाने के बाद प्रभावित कर्मचारियों ने हाईकोर्ट का रुख किया और बैंक प्रबंधन के फैसले को चुनौती दी। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह तथ्य रखा गया कि सेवा समाप्त करने का निर्णय बैंक प्रबंधन ने स्वतंत्र रूप से नहीं लिया था, बल्कि राज्य सरकार के सहकारिता विभाग के निर्देश के आधार पर कार्रवाई की गई थी।

अदालत ने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी कर्मचारी की सेवा समाप्त करने जैसा गंभीर फैसला केवल किसी उच्चाधिकारी के निर्देश के आधार पर नहीं लिया जा सकता। संबंधित सक्षम प्राधिकारी को मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर स्वतंत्र रूप से विचार करना आवश्यक है।

सभी कर्मचारियों को उसी पद पर बहाल करने का निर्देश

कोर्ट ने बर्खास्तगी से संबंधित आदेशों को निरस्त करते हुए प्रभावित कर्मचारियों को उसी पद पर दोबारा नियुक्त करने का निर्देश दिया, जिस पद पर वे सेवा समाप्त होने से पहले कार्यरत थे।

हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सेवा से बाहर रहने की अवधि का वेतन कर्मचारियों को नहीं दिया जाएगा। यानी बहाली का लाभ मिलेगा, लेकिन बर्खास्तगी की अवधि के लिए वेतन का भुगतान नहीं होगा।

कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण फैसला

इस मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने पैरवी की। उन्हें अधिवक्ता उत्सव मिश्रा, हर्ष वर्धन मेहरोत्रा और क्षितिज मिश्रा का सहयोग मिला।

इस फैसले को कर्मचारियों के अधिकारों और प्रशासनिक निर्णय लेने की प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आदेश में यह बात सामने आई कि सेवा समाप्ति जैसे गंभीर मामलों में संबंधित प्राधिकारी को स्वतंत्र विवेक का इस्तेमाल करना जरूरी है और केवल उच्च स्तर से मिले निर्देश के आधार पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं माना जा सकता।

फैसले के बाद प्रभावित सहायक प्रबंधकों की दोबारा सेवा में वापसी का रास्ता साफ हो गया है।

योगी सरकार आयुष्मान योजना में दिशानिर्देशों को लेकर सख्त, उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई

लखनऊ/ सर्वोदय न्यूज़:- योगी सरकार ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े सभी अस्पतालों को योजना के नियमों और आपत्तिजनक कार्यप्रणाली विरोधी दिशानिर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से करने के सख्त निर्देश दिये हैं ताकि लाभार्थियों को बेहतर और पारदर्शी इलाज मिले। ऐसे में सीएम योगी के निर्देश पर स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज) अस्पतालों को लगातार इन नियमों की जानकारी दे रही है। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने बताया कि इसके बाद भी नियमों का उल्लंघ करने, लाभार्थी से अवैध वसूली, बिना इलाज के बिल लगाना, गलत लाभार्थी के नाम पर इलाज दर्ज करना, अनावश्यक इलाज या तय मानकों का पालन नहीं करने पर अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

साचीज की वेबसाइट पर देखें दिशानिर्देश

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों को आपत्तिजनक कार्यप्रणाली विरोधी दिशानिर्देशों की जानकारी दी जा रही है। योगी सरकार का प्रयास है कि अस्पताल पहले से ही नियमों को समझें और अपने स्तर पर कमियों को दूर करें, ताकि मरीजों को परेशानी न हो और योजना में किसी तरह की गड़बड़ी न हो। उन्होंने बताया कि सभी सूचीबद्ध अस्पताल आपत्तिजनक कार्यप्रणाली संबंधी दिशानिर्देश साचीज की आधिकारिक वेबसाइट https://sachis.in/ पर देख और डाउनलोड कर सकते हैं। विभाग की ओर से अस्पतालों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, बिलिंग कर्मचारियों और प्रशासनिक कर्मचारियों को भी इन नियमों की जानकारी दें।

नियम तोड़ने पर पहली, दूसरी और तीसरी बार अलग कार्रवाई*

लाभार्थी से अवैध नकद भुगतान: पहली बार नियम तोड़ने पर राशि का पूर्ण रिफंड तथा अवैध भुगतान की राशि का पांच गुना दंड, दोबारा उल्लंघन पर क्लेम निरस्तीकरण एवं चिकित्सालय का निलंबन तथा तीसरी बार उल्लंघन पर डी-एम्पैनलमेंट/ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की जा सकती है।

बिना सेवा दिए बिलिंग: पहली बार उल्लंघन पर क्लेम निरस्त करने के साथ क्लेम राशि के पांच गुना तक दंड, दूसरी बार उल्लंघन पर दस गुना तक दंड एवं निलंबन तथा तीसरी बार उल्लंघन पर डी-एम्पैनलमेंट/ब्लैकलिस्टिंग का प्रावधान है।

अपकोडिंग, अनबंडलिंग एवं अनावश्यक प्रक्रियाएं: पहली बार उल्लंघन पर अतिरिक्त क्लेम राशि के दस गुना तक तथा दूसरी बार उल्लंघन पर बीस गुना तक दंड एवं निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है। तीसरी बार उल्लंघन पर डी-एम्पैनलमेंट/ब्लैकलिस्टिंग का प्रावधान है

गलत लाभार्थी पहचान: पहली बार उल्लंघन पर पांच गुना तक तथा दूसरी बार उल्लंघन पर दस गुना तक दंड एवं निलंबन की कार्रवाई हो सकती है। तीसरी बार उल्लंघन पर डी-एम्पैनलमेंट/ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की जा सकती है।

गुणवत्ता एवं सेवा मानकों में कमी: न्यूनतम एम्पैनलमेंट, गुणवत्ता एवं निर्धारित सेवा मानकों में कमी पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित अवधि में सुधार एवं अनुपालन का अवसर दिया जाएगा। निर्धारित अवधि में सुधार न होने पर क्लेम निरस्तीकरण, तीन गुना तक दंड एवं निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है। दूसरी बार उल्लंघन पर संबंधित स्वीकृत क्लेम्स पर पांच गुना तक दंड एवं सत्यापन तक निलंबन तथा तीसरी बार उल्लंघन पर डी-एम्पैनलमेंट एवं संबंधित स्वीकृत क्लेम्स पर पांच गुना तक दंड का प्रावधान है।

चिकित्सालयों के लिए महत्वपूर्ण संदेश

साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने सभी सूचीबद्ध चिकित्सालयों से आपत्तिजनक कार्यप्रणाली विरोधी दिशानिर्देशों को केवल औपचारिक निर्देश के रूप में न लेते हुए, इसे अपने दैनिक कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक चिकित्सालय अपने स्तर पर यह सुनिश्चित करें कि चिकित्सकीय, नर्सिंग, बिलिंग एवं प्रशासनिक स्टाफ को योजना के सभी नियमों और दंडात्मक प्रावधानों की स्पष्ट जानकारी हो। चिकित्सालयों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से अपने क्लेम, उपचार प्रक्रिया, दस्तावेजीकरण एवं लाभार्थी सेवाओं की आंतरिक समीक्षा करें और किसी भी संभावित अनियमितता को समय रहते ठीक करें। लाभार्थी से अवैध राशि लेना, बिना उपचार के क्लेम करना, अनावश्यक उपचार या प्रक्रियाएं करना, गलत लाभार्थी के नाम पर उपचार दर्ज करना अथवा योजना के मानकों का उल्लंघन न केवल योजना के नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इसके लिए निर्धारित दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।

शाहजहांपुर में गंगाजल हाथ में लेकर भ्रष्टाचार की ‘कसम’? पार्षदों का वीडियो वायरल,मचा हड़कंप

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर नगर निगम से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ पार्षद कथित तौर पर हाथ में गंगाजल लेकर नगर निगम से होने वाली कथित कमाई में हिस्सेदारी बांटने की बात करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम और स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

वायरल वीडियो में कुछ लोग हाथ में गंगाजल लेकर एक-दूसरे के साथ कथित तौर पर हिस्सेदारी को लेकर सहमति जताते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और लोग पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।

गंगाजल हाथ में लेकर क्या कह रहे पार्षद?

वायरल वीडियो में पार्षदों के बीच कथित तौर पर नगर निगम से होने वाली कमाई और उसके बंटवारे को लेकर बातचीत होती दिखाई दे रही है। वीडियो में वे हाथ में गंगाजल लेकर अपनी-अपनी हिस्सेदारी को लेकर वादा करते नजर आ रहे हैं।

हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो कब और किस स्थान पर बनाया गया, इसमें दिखाई दे रहे सभी लोगों की पहचान क्या है और बातचीत का वास्तविक संदर्भ क्या है, इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

शाहजहांपुर नगर निगम में 60 पार्षद

शाहजहांपुर नगर निगम में कुल 60 पार्षद हैं। वायरल वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम से जुड़े इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।

वीडियो को लेकर उठ रहे आरोपों के बीच यह भी सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या वास्तव में नगर निगम से जुड़ी किसी कथित कमाई के बंटवारे को लेकर पार्षदों के बीच कोई सहमति बनी थी या वीडियो को किसी अन्य संदर्भ में रिकॉर्ड किया गया था।

जांच के बाद साफ होगी सच्चाई

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। यदि वीडियो में लगाए जा रहे आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों की भूमिका और कथित भ्रष्टाचार के स्रोत की जांच महत्वपूर्ण होगी।

फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो में किए गए दावों की वास्तविकता क्या है।

अयोध्या में संतों की बैठक को लेकर हंगामा, प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप; लगे ‘चंदा चोरों, अयोध्या छोड़ो’ के नारे

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के विरोध में प्रस्तावित संतों की बैठक को लेकर अयोध्या में विवाद खड़ा हो गया। रामायणम आश्रम में होने वाली बैठक को प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं मिलने के बाद संतों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई।

जानकारी के मुताबिक, चंपत राय के विरोधी गुट से जुड़े संतों ने रामायणम आश्रम में बैठक का आयोजन किया था। संतों का आरोप है कि कार्यक्रम शुरू होने से पहले पुलिस ने आश्रम के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। कुछ संतों को कुछ समय के लिए नजरबंद किए जाने का भी दावा किया गया।

पुलिस कार्रवाई से नाराज संतों ने किया प्रदर्शन

बैठक की अनुमति नहीं मिलने और पुलिस कार्रवाई से नाराज संतों ने आश्रम के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। प्रदर्शन के दौरान ‘चंदा चोरों, अयोध्या छोड़ो’ के नारे लगाए गए।

संतों ने जिला प्रशासन पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया। हालांकि, प्रशासन की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

राम मंदिर चंदे को लेकर जांच की मांग

विरोध कर रहे संतों का आरोप है कि राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे से जुड़े मामले में पूरी सच्चाई सामने नहीं आने दी जा रही है। उनका दावा है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पूरे मामले की पारदर्शी तरीके से पड़ताल की जानी चाहिए।

संतों ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े किसी भी आर्थिक या प्रशासनिक मामले में पारदर्शिता बेहद जरूरी है।

कई प्रमुख संत बैठक में रहे मौजूद

प्रस्तावित बैठक में महंत जन्मेजय शरण, प्रकाशानंद गिरि उर्फ कंप्यूटर बाबा और महामंडलेश्वर परमानंद गिरि समेत कई संतों के शामिल होने की बात कही गई। संतों ने आरोप लगाया कि मौजूदा ट्रस्ट संत समाज की भावनाओं का उचित प्रतिनिधित्व नहीं कर रहा है।

ट्रस्ट भंग करने की मांग

विरोध कर रहे संतों ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि मौजूदा ट्रस्ट की जगह संतों के नेतृत्व में नया ट्रस्ट बनाया जाना चाहिए, जो मंदिर से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करे।

संतों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो अयोध्या में बड़ी संत सभा आयोजित की जाएगी। विरोधी गुट ने दावा किया कि जरूरत पड़ने पर एक लाख संतों की महाबैठक बुलाई जाएगी।

फिलहाल, बैठक को लेकर संतों और प्रशासन के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई और संतों के अगले कदम पर सभी की नजर रहेगी।

चीनी संकट के दावों के बीच यूपी के पास कितना स्टॉक? बोले- देश को भी दे सकते हैं चीनी

लखनऊ/sarvoday news:- देश के कई हिस्सों में चीनी की बढ़ती कीमतों और संभावित कमी की चर्चाओं के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने प्रदेश में चीनी की कमी की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि यूपी में पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य के पास फिलहाल करीब 28 लाख टन चीनी का स्टॉक मौजूद है, जो लगभग सात महीने की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में हर महीने करीब 4 लाख टन चीनी की खपत होती है। ऐसे में मौजूदा स्टॉक से प्रदेश की घरेलू जरूरत पूरी की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश केवल अपनी जरूरत पूरी करने में सक्षम नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर देश के दूसरे हिस्सों को भी चीनी उपलब्ध करा सकता है।

अक्टूबर से फिर शुरू होंगी चीनी मिलें

सीएम योगी ने कहा कि अक्टूबर में चीनी मिलों का नया पेराई सत्र शुरू होने के बाद प्रदेश में करीब 90 लाख टन अतिरिक्त चीनी का उत्पादन होने की उम्मीद है। इससे आने वाले समय में चीनी की उपलब्धता और मजबूत होगी।

उन्होंने लोगों से अपील की कि चीनी की कमी को लेकर किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश के अलग-अलग हिस्सों में चीनी की कीमतों और संभावित आपूर्ति संकट को लेकर चर्चा चल रही है।

छह महीने में एक लाख युवाओं को नौकरी का ऐलान

नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं के लिए भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले छह महीनों में एक लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के 3,446 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) और मंडी परिषद के 126 नवनियुक्त मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

उन्होंने कहा कि युवाओं को अलग-अलग चरणों में हर सप्ताह नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, उनकी सरकार के कार्यकाल में अब तक 9 लाख 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का दावा

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार में की गई नियुक्तियों पर किसी तरह का सवाल नहीं उठाया जा सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि युवाओं का चयन उनकी योग्यता के आधार पर हो और किसी तरह के भेदभाव की गुंजाइश न रहे।

पुरानी सरकारों पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों की भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले सरकारी नौकरियों की भर्ती में युवाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

योगी ने आरोप लगाया कि भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद कथित तौर पर वसूली और भ्रष्टाचार का खेल शुरू हो जाता था। कई भर्ती प्रक्रियाएं लंबे समय तक अटकी रहती थीं और कुछ मामलों में न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ता था।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती व्यवस्था को पारदर्शी बनाया है, जिससे प्रदेश के योग्य युवाओं को अपनी प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

नकल माफिया के खिलाफ कार्रवाई का दावा

सीएम योगी ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में देरी या अनियमितता के लिए युवाओं को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उनके मुताबिक, पहले आयोगों, बोर्डों और सरकारी तंत्र में मौजूद भ्रष्ट तत्वों के कारण अभ्यर्थियों को परेशानी होती थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। नकल माफिया और विभिन्न संस्थानों में सक्रिय माफिया तत्वों पर भी कार्रवाई की गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें युवाओं को बिना किसी भेदभाव के उनकी योग्यता के आधार पर रोजगार के अवसर मिलें।