सपा कभी नहीं टूटी क्योंकि… अखिलेश यादव ने बताए ‘परिवारवाद’ के फायदे

लखनऊ/ सर्वोदय न्यूज़। समाजवादी पार्टी में ‘परिवारवाद’ को लेकर होने वाली राजनीतिक बहस के बीच पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि संसद में उनके परिवार के पांच सदस्यों की मौजूदगी को वह पार्टी की मजबूती के तौर पर देखते हैं। अखिलेश के मुताबिक, परिवार के बीच आपसी भरोसे और मजबूत संगठनात्मक आधार की वजह से समाजवादी पार्टी में कभी बड़ी टूट नहीं हुई।

‘परिवारवाद के अपने फायदे हैं’

न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में अखिलेश यादव ने सपा की एकजुटता पर बात करते हुए कहा कि पार्टी में परिवार के पांच सांसद होने के साथ-साथ कई वरिष्ठ मुस्लिम नेता और समाजवादी विचारधारा से जुड़े नेता भी मजबूती से साथ खड़े हैं।

अखिलेश ने कहा कि अगर पार्टी में बड़ी टूट नहीं हुई तो इसकी एक वजह परिवार के पांच सांसदों की मौजूदगी भी है। उनके मुताबिक, पार्टी के साथ समर्पित मुस्लिम नेता और समाजवादी विचारधारा वाले लोग जुड़े हुए हैं, जिससे संगठन की ताकत बनी हुई है।

सहयोगियों का साथ नहीं छोड़ने का दावा

गठबंधन की राजनीति पर चल रही चर्चाओं के बीच अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने सहयोगियों का साथ नहीं छोड़ती। उन्होंने कहा कि जब पार्टी किसी सहयोगी के साथ आगे बढ़ने का फैसला करती है तो उस रिश्ते को पूरी ईमानदारी के साथ निभाने की कोशिश करती है।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश की आगामी चुनावी राजनीति में गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं।

PDA को बताया सपा की राजनीति का आधार

अखिलेश यादव ने एक बार फिर PDA यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को अपनी राजनीति का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल PDA के मुद्दे को अपने तरीके से पेश कर रहा है।

सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य सामाजिक न्याय और समाजवाद के सिद्धांतों पर आधारित व्यवस्था स्थापित करना है। उन्होंने दावा किया कि PDA की एकजुटता से विपक्षी दल परेशान हैं और जनता की समस्याएं बढ़ने के साथ इस वर्ग का समर्थन और मजबूत होगा।

महंगाई और इथेनॉल नीति पर सरकार पर निशाना

बढ़ती महंगाई को लेकर भी अखिलेश यादव ने केंद्र और भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों का जिक्र करते हुए चीनी के बढ़ते दामों पर सवाल उठाया।

उन्होंने इथेनॉल मिश्रण की नीति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इससे बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जबकि आम जनता महंगाई का सामना कर रही है।

अखिलेश ने देश में मुफ्त राशन पर निर्भर बड़ी आबादी का जिक्र करते हुए सरकार से सवाल किया कि अगर प्रति व्यक्ति आय बढ़ रही है तो इतने बड़े वर्ग को मुफ्त राशन की जरूरत क्यों पड़ रही है।

सरकारी स्कूलों को लेकर भी उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों की स्थिति को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में बड़ी संख्या में गरीब और वंचित परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं।

अखिलेश ने दावा किया कि सत्ता में आने पर समाजवादी पार्टी सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम करेगी।

महिला कल्याण और मीडिया की स्वतंत्रता पर भी बोले

महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की योजनाओं पर अखिलेश यादव ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने सबसे पहले महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये की सहायता देने का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने आरोप लगाया कि अब भाजपा इसी तरह की योजनाओं को आगे बढ़ा रही है।

मीडिया की स्वतंत्रता के मुद्दे पर भी सपा प्रमुख ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सच बोलना चुनौतीपूर्ण हो गया है और सच सामने रखने वालों को निशाना बनाया जाता है।

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और अपने राजनीतिक सिद्धांतों की लड़ाई आगे भी जारी रखेगी।

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