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T20 World Cup 2026: ICC का बांग्लादेश को दो टूक संदेश, भारत में खेलो या फिर…

स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- T20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को स्पष्ट संदेश दे दिया है। आईसीसी ने साफ किया है कि बांग्लादेश को टूर्नामेंट खेलने के लिए भारत आना ही होगा, अन्यथा उसे लीग स्टेज में अपने सभी अंक गंवाने पड़ सकते हैं।

अंकों के नुकसान का सीधा अर्थ यह होगा कि बांग्लादेश टीम सुपर-8 चरण के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाएगी और टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। खास बात यह है कि बांग्लादेश के सभी लीग मैच भारत में ही प्रस्तावित हैं, ऐसे में भारत में खेलने से इनकार करने पर टीम को एक भी अंक नहीं मिलेगा।

IPL विवाद के बाद उठा था मुद्दा

दरअसल, यह मामला उस समय सामने आया जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को IPL 2026 से बाहर करने का निर्देश दिया था। इसके बाद BCB ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए ICC से अनुरोध किया था कि बांग्लादेश के T20 वर्ल्ड कप मुकाबले भारत के बाहर आयोजित किए जाएं।

ICC ने ठुकराई BCB की मांग

ESPNcricinfo की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार 6 जनवरी को हुई एक वर्चुअल मीटिंग में ICC ने BCB की इस मांग को खारिज कर दिया। आईसीसी ने साफ कहा कि सुरक्षा कारणों से मैचों को भारत से बाहर कराने की बांग्लादेश की अपील स्वीकार नहीं की जा सकती।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ICC ने BCB को आगाह किया है कि यदि टीम भारत आकर T20 वर्ल्ड कप नहीं खेलती है, तो उसे पॉइंट्स गंवाने पड़ेंगे। हालांकि, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का कहना है कि उन्हें इस तरह का कोई औपचारिक अल्टीमेटम नहीं दिया गया है।

आधिकारिक बयान का इंतजार

इस पूरे मामले पर फिलहाल न तो BCCI और न ही BCB की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। ऐसे में ICC के फैसले को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।

पहले भी हो चुका है ऐसा

आईसीसी के इस रुख से यह साफ हो गया है कि जो भी टीम किसी निर्धारित देश में टूर्नामेंट खेलने से इनकार करेगी, उसे अंकों का नुकसान उठाना पड़ेगा। क्रिकेट इतिहास में अब तक चार बार ऐसा हो चुका है जब किसी टीम ने ICC टूर्नामेंट के दौरान किसी देश में मैच खेलने से इनकार किया और विरोधी टीम को वॉकओवर या फोरफिट मिला।

यह घटनाएं 1996 वनडे वर्ल्ड कप में दो बार और 2003 वनडे वर्ल्ड कप में दो बार देखने को मिली थीं, जिनके पीछे सुरक्षा और राजनीतिक अस्थिरता जैसे कारण थे।

भारत-पाकिस्तान का मामला अलग

भारत और पाकिस्तान के बीच हालात अलग हैं, जहां दोनों देशों के बीच मुकाबले अब अधिकतर हाइब्रिड मॉडल के तहत एसीसी या आईसीसी टूर्नामेंट्स में कराए जाते हैं।

Aaj Ka Rashifal 7 January 2026: मेष से मीन तक जानें आज का दिन कैसा रहेगा

आज का राशिफल (7 जनवरी 2026) ग्रह-नक्षत्रों की चाल आज कई राशियों के जीवन पर असर डालने वाली है। वर्तमान में गुरु मिथुन राशि, चंद्रमा और केतु सिंह, सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल धनु, राहु कुंभ और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि इन ग्रहों की स्थिति में सभी 12 राशियों का हाल कैसा रहेगा।

मेष राशि

आज किसी भी अहम फैसले को फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। भावनाओं में बहकर लिया गया निर्णय नुकसान दे सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष औसत रहेगा, जबकि व्यापार में लाभ के योग हैं। सूर्य को जल अर्पित करना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

घरेलू वातावरण में तनाव के संकेत हैं। संयम और शांति से मामलों को सुलझाने की आवश्यकता है, अन्यथा बात बिगड़ सकती है। प्रेम और संतान की स्थिति सामान्य है। व्यापार ठीक रहेगा। सूर्य को जल चढ़ाना लाभकारी होगा।

मिथुन राशि

कारोबार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। नाक, कान या गले से जुड़ी परेशानी हो सकती है। प्रेम जीवन और संतान पक्ष सकारात्मक रहेगा। तांबे की वस्तु का दान करना शुभ माना जाएगा।

कर्क राशि

धन हानि के संकेत हैं और मुख से संबंधित रोग परेशान कर सकते हैं। पारिवारिक सुख में कमी महसूस होगी। प्रेम और संतान मध्यम स्थिति में हैं। व्यापार सामान्य रहेगा। लाल रंग की वस्तु अपने पास रखें।

सिंह राशि

मन में घबराहट और बेचैनी बनी रह सकती है। स्वास्थ्य में हल्का उतार-चढ़ाव संभव है। प्रेम, संतान और व्यापार तीनों ही पक्ष मजबूत रहेंगे। पीले रंग की वस्तु शुभ रहेगी।

कन्या राशि

सिर दर्द या आंखों से जुड़ी समस्या हो सकती है। खर्च बढ़ने से आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। प्रेम और संतान पक्ष औसत रहेगा। व्यापार ठीक-ठाक रहेगा। शनि देव को प्रणाम करना लाभ देगा।

तुला राशि

आय में अस्थिरता बनी रहेगी। यात्रा से परेशानी हो सकती है। प्रेम और संतान मध्यम स्थिति में हैं। व्यापार सामान्य रहेगा। सूर्य को जल अर्पित करें।

वृश्चिक राशि

व्यापार में उतार-चढ़ाव रहेगा। कानूनी मामलों से दूरी बनाए रखें। पिता के स्वास्थ्य और अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। प्रेम और संतान की स्थिति अच्छी रहेगी। लाल वस्तु पास रखना शुभ होगा।

धनु राशि

मान-सम्मान को लेकर चिंता रह सकती है। अनावश्यक यात्रा से बचें और धार्मिक मामलों में अति न करें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार तीनों ही पक्ष बहुत अच्छे रहेंगे। लाल वस्तु शुभ फल देगी।

मकर राशि

दिन संभलकर बिताने की आवश्यकता है। परिस्थितियां थोड़ी प्रतिकूल रह सकती हैं। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। प्रेम और संतान से थोड़ी दूरी महसूस हो सकती है। व्यापार सामान्य रहेगा। काली जी को प्रणाम करना लाभकारी होगा।

कुंभ राशि

जीवनसाथी के स्वास्थ्य और रिश्ते पर ध्यान देने की जरूरत है। प्रेम और संतान पक्ष अच्छा रहेगा। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। नौकरी में जोखिम न लें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। तांबे की वस्तु का दान शुभ रहेगा।

मीन राशि

प्रेम संबंधों में दूरी आ सकती है। बच्चों की सेहत को लेकर चिंता बनी रहेगी। स्वास्थ्य प्रभावित रह सकता है, लेकिन शत्रुओं पर विजय मिलेगी। ज्ञान और संस्कारों में वृद्धि होगी। बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। सूर्य को जल देना शुभ रहेगा।

यूपी में किराएदार और मकान मालिकों को बड़ी राहत, योगी कैबिनेट ने बदले रेंट एग्रीमेंट के नियम

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश सरकार ने किराएदारों और मकान मालिकों को बड़ी राहत देते हुए रेंट एग्रीमेंट और संपत्ति पंजीकरण से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

सरकार के फैसले से न सिर्फ रेंट एग्रीमेंट को लेकर विवाद कम होंगे, बल्कि परिवारों के बीच संपत्ति के बंटवारे की प्रक्रिया भी आसान और कम खर्चीली हो जाएगी।

किराया रजिस्ट्रेशन हुआ सस्ता, 90% तक शुल्क में कटौती

योगी सरकार ने रेंट एग्रीमेंट के पंजीकरण को सरल बनाते हुए स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क में 90 प्रतिशत तक की कटौती की है। नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग किराया अवधि और वार्षिक किराया श्रेणियों में शुल्क को काफी कम कर दिया गया है।

इससे अब आम नागरिक बिना ज्यादा खर्च के रेंट एग्रीमेंट का कानूनी पंजीकरण करा सकेंगे, जिससे मकान मालिक और किराएदार के बीच होने वाले मनमुटाव और कानूनी विवादों में कमी आएगी।

5000 रुपये में अपनों के नाम हो सकेगी औद्योगिक व व्यावसायिक संपत्ति

कैबिनेट ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों को भी पारिवारिक सदस्यों के बीच मात्र 5000 रुपये के स्टांप शुल्क पर ट्रांसफर करने की सुविधा दे दी है। इसके साथ संपत्ति मूल्य का केवल 1 प्रतिशत निबंधन शुल्क देना होगा।

यह सुविधा तीन पीढ़ियों से अधिक पारंपरिक वंशजों के बीच लागू होगी। इससे पारिवारिक संपत्ति को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवादों में कमी आने की उम्मीद है।

पहले केवल आवासीय और कृषि संपत्तियों को थी छूट

स्टांप तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि अगस्त 2023 में जारी अधिसूचना के तहत पहले यह छूट केवल आवासीय और कृषि संपत्तियों तक सीमित थी। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों तक भी बढ़ा दिया है।

यह भी पढ़े:- भगवान को स्वयं प्रकट करने के लिए कौन-सी तपस्या करें? जानिए 

उन्होंने बताया कि भारतीय स्टांप अधिनियम-1899 के तहत पहले दान विलेखों पर संपत्ति के मूल्य के अनुसार स्टांप शुल्क देना पड़ता था, लेकिन अब पारिवारिक दान को काफी सस्ता कर दिया गया है।

संपत्ति बंटवारे की प्रक्रिया होगी आसान और पारदर्शी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि वर्ष 2022 से पहले यदि कोई व्यक्ति परिवार के सदस्य को संपत्ति देता था, तो उसे शहरों में 7 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत स्टांप शुल्क देना पड़ता था। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब 5000 रुपये के स्टांप पर ही संपत्ति का बंटवारा संभव होगा।

यह सुविधा अधिसूचना जारी होने की तिथि से प्रभावी होगी और इससे पारिवारिक संपत्ति के मामलों में सरलता, पारदर्शिता और कम खर्च सुनिश्चित होगा।

भगवान को स्वयं प्रकट करने के लिए कौन-सी तपस्या करें? जानिए प्रेमानंद महाराज का उत्तर

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अक्सर श्रद्धालुओं के मन में यह सवाल उठता है कि भगवान से मनचाहा वरदान कैसे मिले और ऐसी कौन-सी तपस्या या साधना की जाए, जिससे ईश्वर स्वयं प्रकट होकर वरदान दें। इसी जिज्ञासा के साथ एक भक्त ने प्रेमानंद महाराज जी से यह प्रश्न किया, जिस पर महाराज जी ने विस्तार से मार्गदर्शन दिया।

तपस्या को लेकर प्रेमानंद महाराज का मार्गदर्शन

प्रश्न के उत्तर में प्रेमानंद महाराज जी ने कहा कि भगवान ने अर्थार्थी भक्तों को भी सच्चा भक्त माना है। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति भगवान से कुछ प्राप्त करना चाहता है, तो उसे सबसे पहले अपने जीवन में कुछ मूलभूत नियमों को अपनाना होगा।

महाराज जी के अनुसार—ब्रह्मचर्य का पालन करें, पवित्र और सात्विक आहार लें वह भी अल्प मात्रा में, केवल उतना ही भोजन करें जिससे शरीर का पालन हो सके इसके अलावा निरंतर भगवान का नाम जप करें |

उन्होंने कहा कि इन नियमों का ईमानदारी से पालन करने पर साधक को इच्छित फल की प्राप्ति हो सकती है।

क्या नहीं करना चाहिए?

प्रेमानंद महाराज जी ने चेतावनी देते हुए कहा कि—किसी की निंदा न करें और न ही निंदा सुनें |भगवान का साक्षात्कार कोई खेल नहीं है | ब्रह्मचर्य में किसी भी प्रकार का विघ्न नहीं आना चाहिए |महाराज जी ने कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसका सही उपयोग निरंतर नाम जप में करना चाहिए।

कितने दिन में भगवान प्रकट होंगे?

जब भक्त ने पूछा कि भगवान के प्रकट होने में कितना समय लगेगा, तो महाराज जी ने कहा— “जब तक भगवान प्रकट न हों, तब तक साधना करते रहो।

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उन्होंने समझाया कि सबसे पहले मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं, हृदय शुद्ध होता है। यह प्रक्रिया कई जन्मों के संस्कारों को समाप्त करती है। जब पाप पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं, तब भगवान का प्रकाश प्रकट होता है। महाराज जी ने कहा कि मुनि-ऋषि भी जन्म-जन्म तक उसी परम तत्व की प्राप्ति के लिए तपस्या करते हैं।

अगर इच्छा ही समाप्त हो जाए तो?

इस सवाल पर प्रेमानंद महाराज जी ने कहा कि यदि व्यक्ति इच्छा लेकर भजन करता है, तो भगवान उसकी इच्छा पूरी करते हैं, चाहे बाद में वह इच्छा स्वयं ही क्यों न समाप्त हो जाए।

भक्त ने मांगा चक्रवर्ती राजा बनने का वरदान

जब महाराज जी ने भक्त से पूछा कि वह क्या वरदान चाहता है, तो भक्त ने कहा—चक्रवर्ती राजा बनना चाहता हूं। इस पर महाराज जी ने कहा कि कलियुग में चक्रवर्ती राजा की अवधारणा नहीं रह गई है।

उन्होंने समझाया कि यदि कोई भगवान को ही प्राप्त कर ले, तो पूरा ब्रह्मांड उसका हो जाता है। चक्रवर्ती राजा होना बहुत छोटा लक्ष्य है। इसके बजाय भगवान का दासत्व मांगना चाहिए—कि जीवन भर उनके चरणों के समीप रहने का सौभाग्य मिले।

Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारियां धार्मिक मान्यताओं और प्रवचनों पर आधारित हैं। हम इनके पूर्णत: सत्य या वैज्ञानिक होने का दावा नहीं करते। अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ या गुरु से परामर्श करें।

‘धूम-3’ स्टाइल बाइक चोरी का खुलासा, हमशक्ल जुड़वां भाई गिरफ्तार; 10 से ज्यादा बार पुलिस को दिया चकमा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- नोएडा के फेज-1 थाना पुलिस ने बाइक चोरी के एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए धूम-3 फिल्म की तर्ज पर वारदात को अंजाम देने वाले जुड़वां भाइयों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी इतने हमशक्ल हैं कि पुलिस को बार-बार चकमा देने में कामयाब हो जाते थे। पुलिस ने इस गिरोह के दो अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया है और इनके पास से 15 चोरी की बाइक समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।

हमेशा एक जैसे कपड़े पहनते थे जुड़वां भाई

दिल्ली के जैतपुर निवासी सुल्तान मलिक के घर करीब ढाई दशक पहले जुड़वां बेटे अरमान उर्फ सुट्टा और उलमान पैदा हुए थे। दोनों की शक्ल, कद-काठी और आवाज एक जैसी है। उलमान ने आईटीआई की पढ़ाई की थी, लेकिन बाद में दोनों भाइयों ने वाहन चोरी का रास्ता अपना लिया।

पुलिस के मुताबिक, दोनों ने अपनी हमशक्ल पहचान को हथियार बनाते हुए कबाड़ की एक दुकान खोली। साजिश के तहत जब एक भाई दुकान पर बैठता, उसी समय दूसरा बाइक चोरी की वारदात को अंजाम देता। दोनों हमेशा एक जैसे कपड़े पहनते थे, जिससे पहचान करना और भी मुश्किल हो जाता था।

CCTV फुटेज दिखाकर पुलिस को लौटाते थे

जब भी पुलिस को शक होता और वह दुकान पर पहुंचती, तो वहां मौजूद भाई उसी समय की CCTV फुटेज दिखाकर खुद को निर्दोष साबित कर देता, जिसके बाद पुलिस लौट जाती। इस तरह दोनों आरोपी 10 से अधिक बार पुलिस को चकमा देने में सफल रहे। इनकी कहानी फिल्म धूम-3 के किरदारों साहिर और समर से काफी मिलती-जुलती बताई जा रही है।

गिरोह के दो और सदस्य गिरफ्तार, एक फरार

पुलिस ने इस गैंग में शामिल दिल्ली जैतपुर निवासी शादाब उर्फ रुतबा और बल्लभगढ़ निवासी विजय को भी गिरफ्तार किया है। वहीं विजय का भाई पवन अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

कई शहरों में कीं चोरी की वारदातें

एडिशनल डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि गिरोह ने नोएडा के अलावा गाजियाबाद, दिल्ली, हरियाणा, बल्लभगढ़, फरीदाबाद, मथुरा और बुलंदशहर समेत कई जिलों में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। आरोपी ऑन डिमांड भी बाइक चोरी करते थे।

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रिकॉर्ड के अनुसार—शादाब उर्फ रुतबा पर 9 केस, अरमान और उलमान पर 8-8 केस,विजय पर 9 केस दर्ज हैं| सभी आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं।

15 लाख रुपये की बाइक और पुर्जे बरामद

एसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि अरमान, शादाब और विजय ने केवल पांचवीं तक पढ़ाई की है। आरोपियों के पास से बरामद बाइक और उनके पुर्जों की कुल कीमत करीब 15 लाख रुपये आंकी गई है। गिरोह को पकड़ने वाली पुलिस टीम को डीसीपी नोएडा द्वारा सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है।

गिरोह का सरगना था ‘रुतबा’

डीसीपी यमुना प्रसाद के अनुसार, गिरोह का सरगना शादाब उर्फ रुतबा था। वह कॉलोनियों, सोसाइटियों और कंपनियों के बाहर खड़े दोपहिया वाहनों की रेकी करता था। इसके बाद गिरोह के तीन सदस्य लॉक तोड़ने वाले उपकरणों से बाइक चोरी करते।

चोरी की गई बाइक पहले उलमान की कबाड़ की दुकान लाई जाती, फिर कच्चे रास्तों से हरियाणा के बल्लभगढ़ में पवन और विजय तक पहुंचाई जाती। ग्राहक मिलने पर बाइक सस्ते दामों में बेच दी जाती, अन्यथा उनके पुर्जे अलग कर दिल्ली के कई दुकानदारों को बेच दिए जाते थे। बिक्री से मिलने वाली रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।

Agniveer Permanent Selection: शादी करने पर नहीं मिलेगा स्थायी सैनिक बनने का मौका, सेना ने जारी किए सख्त नियम

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारतीय सेना में अग्निवीर योजना के तहत भर्ती हुए जवानों को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। वर्ष 2022 में शुरू हुई अग्निपथ योजना के पहले बैच का चार साल का सेवाकाल इस साल पूरा होने जा रहा है। जून–जुलाई 2026 में करीब 20 हजार से अधिक अग्निवीर सेवामुक्त होंगे, जिनमें से 25 प्रतिशत जवानों को योग्यता और चयन प्रक्रिया के आधार पर स्थायी सैनिक के रूप में सेना में शामिल किया जाएगा।

इस बीच सेना ने स्थायी चयन (Permanent Selection / Permanent Commission) को लेकर कुछ सख्त नियम स्पष्ट किए हैं, जिनका पालन करना सभी अग्निवीरों के लिए अनिवार्य होगा।

शादी को लेकर सख्त शर्त

भारतीय सेना ने साफ किया है कि स्थायी सैनिक बनने की प्रक्रिया के दौरान अग्निवीरों का अविवाहित रहना जरूरी होगा। नियमों के अनुसार—

  • चार साल के सेवाकाल में विवाह पर रोक- अग्निवीर अपने पूरे चार साल के कार्यकाल के दौरान शादी नहीं कर सकते।
  • सेवामुक्ति के बाद भी इंतजार जरूरी, चार साल पूरे होने के बाद भी, जब तक स्थायी चयन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती और अंतिम परिणाम घोषित नहीं हो जाते, तब तक शादी की अनुमति नहीं होगी।
  • शादी करने पर अयोग्यता- यदि कोई अग्निवीर इस अवधि के दौरान विवाह करता है, तो वह स्थायी सैनिक के चयन के लिए अयोग्य माना जाएगा।

भर्ती और चयन की प्रक्रिया कैसे होगी?

अग्निवीरों की भर्ती अधिकतम 21 वर्ष की आयु में होती है और वे लगभग 25 साल की उम्र में सेवामुक्त होते हैं। इसके बाद स्थायी चयन की प्रक्रिया में 4 से 6 महीने का समय लग सकता है।

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सेना का कहना है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने तक अनुशासन, सेवा शर्तों और पात्रता नियमों का पालन करना अनिवार्य है। केवल वही अग्निवीर स्थायी चयन के लिए आवेदन कर सकेंगे—

  • जिन्होंने चार साल का सेवाकाल सफलतापूर्वक पूरा किया हो
  • जो अविवाहित हों
  • और जो योग्यता व परीक्षा में सफल हों

सेमीकंडक्टर नीति के तहत योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, ₹3000 करोड़ से ज्यादा निवेश पर मिलेगा केस-टू-केस प्रोत्साहन

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में सेमीकंडक्टर नीति-2024 के तहत ₹3000 करोड़ या उससे अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं को केस-टू-केस आधार पर विशेष प्रोत्साहन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

पांच साल तक प्रभावी रहेगी सेमीकंडक्टर नीति

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 को 19 जनवरी 2024 को लागू किया गया था, जो पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगी। इस नीति का उद्देश्य राज्य में बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर उद्योग को आकर्षित करना और उत्तर प्रदेश को इस उभरते क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाना है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में अमेरिका, यूरोप, जापान और ताइवान जैसे देशों में सेमीकंडक्टर निर्माण बड़े स्तर पर हो रहा है, जिसमें ताइवान अग्रणी है। उत्तर प्रदेश भी इस वैश्विक उद्योग में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना चाहता है।

सेमीकंडक्टर इकाइयों को मिलेंगे ये प्रमुख लाभ

नई व्यवस्था के तहत सेमीकंडक्टर इकाइयों को पहले से घोषित प्रोत्साहनों के साथ-साथ कई अतिरिक्त सुविधाएं दी जाएंगी, जिनमें शामिल हैं—

  • ब्याज सब्सिडी
  • कर्मचारी लागत की प्रतिपूर्ति
  • 10 वर्षों तक नेट SGST में छूट

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  • यूपी के मूल निवासियों के लिए 100% EPF प्रतिपूर्ति (अधिकतम ₹2000 प्रति माह)
  • जल मूल्य में छूट
  • 10 वर्षों तक बिजली बिल में ₹2 प्रति यूनिट की छूट

अल्ट्रा मेगा निवेश को बढ़ावा देने की तैयारी

राज्य सरकार के अनुसार, प्रदेश में बड़े निवेश के इच्छुक उद्यमी सेमीकंडक्टर नीति-2024 में निहित वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहनों के अलावा अतिरिक्त सहायता की मांग कर रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए ₹3000 करोड़ या उससे अधिक के निवेश वाली विशिष्ट श्रेणी की परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन का निर्णय लिया गया है।

सरकार का मानना है कि इस तरह के अल्ट्रा मेगा निवेश से प्रदेश में इकोनॉमिक मल्टीप्लायर इफेक्ट पैदा होगा, जिससे राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) और कर राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

‘नफरत की प्रयोगशाला नहीं बनने देंगे’, JNU प्रशासन सख्त; आरोपी छात्रों पर FIR, कार्रवाई के संकेत

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रशासन ने कैंपस में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक नारेबाजी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में आरोपी छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है और उन पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

FIR दर्ज, सख्त कार्रवाई के संकेत

JNU प्रशासन ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ और आपत्तिजनक नारे लगाने के आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस में FIR दर्ज कराई गई है।

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विश्वविद्यालय ने कहा कि ऐसे कृत्य संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जानबूझकर अनादर को दर्शाते हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

‘नफरत की प्रयोगशाला नहीं बनने देंगे’

प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा कि JNU को नफरत की प्रयोगशाला बनने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस घटना में शामिल छात्रों के खिलाफ तत्काल सस्पेंशन, निष्कासन या स्थायी रूप से विश्वविद्यालय से बाहर किए जाने जैसी कार्रवाई हो सकती है।

अभिव्यक्ति की आजादी पर भी स्पष्ट रुख

JNU प्रशासन ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर हिंसा, गैरकानूनी गतिविधियों या नफरती भाषण को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। विश्वविद्यालय ज्ञान, शोध और नवाचार का केंद्र है और ऐसी गतिविधियां जो राष्ट्रीय एकता को कमजोर करें, उन्हें किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

असहमति और नफरती भाषण में फर्क जरूरी

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस तरह की गतिविधियां लोकतांत्रिक संवाद की मर्यादाओं का उल्लंघन हैं। छात्रों को असहमति व्यक्त करने और अपमानजनक या नफरती भाषण के बीच का अंतर समझना चाहिए।

थाना प्रभारी को लिखा गया था पत्र

इससे पहले JNU प्रशासन ने वसंत कुंज (उत्तर) थाना प्रभारी को पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी थी। पत्र में बताया गया कि JNUSU से जुड़े छात्रों ने सोमवार रात करीब 10 बजे ‘ए नाइट ऑफ रेजिस्टेंस विद गुरिल्ला ढाबा’ नाम से एक कार्यक्रम आयोजित किया था, जिसमें करीब 30 से 35 छात्र मौजूद थे। इसी दौरान कुछ छात्रों द्वारा आपत्तिजनक और भड़काऊ नारे लगाए जाने का आरोप है।

2020 हिंसा की बरसी पर हुआ था कार्यक्रम

बताया गया कि यह कार्यक्रम 5 जनवरी 2020 को JNU कैंपस में हुई हिंसा की याद में आयोजित किया गया था। उसी हिंसा में नकाबपोश लोगों ने कैंपस में घुसकर छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया था। प्रशासन के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की गई।

यूपी SIR मतदाता सूची में 2.89 करोड़ नाम हटे, लखनऊ में सबसे ज्यादा छंटनी; जानिए किस जिले में कितने वोटर कटे

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के तहत बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाए गए हैं। इस प्रक्रिया में राज्यभर से कुल 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं।

पुनरीक्षण से पहले प्रदेश में 15.44 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे, जो अब घटकर 12.55 करोड़ रह गए हैं। निर्वाचन विभाग के मुताबिक, संशोधित सूची में शामिल मतदाताओं में से 91.75 प्रतिशत की मैपिंग पूरी हो चुकी है।

वहीं जिन करीब 1.04 करोड़ मतदाताओं (8.25%) की मैपिंग नहीं हो सकी है, उन्हें नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे जाएंगे। मतदाता सूची को लेकर दावे और आपत्तियां 6 फरवरी तक दर्ज कराई जा सकती हैं।

लखनऊ में सबसे ज्यादा नाम कटे

जिलावार आंकड़ों के अनुसार, राजधानी लखनऊ में सबसे अधिक 12 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। वहीं महोबा जिले में सबसे कम 85,354 वोटरों के नाम कटे हैं।

किन कारणों से कटे वोटरों के नाम (श्रेणीवार)

  • स्थायी रूप से स्थानांतरित / अनुपस्थित मतदाता: 2.17 करोड़
  • मृत मतदाता: 46.23 लाख
  • डुप्लीकेट वोटर (एक से अधिक जगह पंजीकरण): 25.47 लाख

इन 10 जिलों में सबसे ज्यादा वोटर हटाए गए

जिला कटे वोटर
लखनऊ 12 लाख
प्रयागराज 11.56 लाख
कानपुर नगर 9.02 लाख
आगरा 8.36 लाख
गाजियाबाद 8.18 लाख
बरेली 7.14 लाख
मेरठ 6.65 लाख
गोरखपुर 6.45 लाख
सीतापुर 6.23 लाख
जौनपुर 5.89 लाख

इन जिलों में सबसे कम नाम कटे

जिला कटे वोटर
महोबा 85,354
हमीरपुर 90,561
ललितपुर 95,450
चित्रकूट लगभग 1 लाख
श्रावस्ती 1.34 लाख

 अन्य प्रमुख जिलों के आंकड़े (चयनित)

  • वाराणसी – 5.73 लाख
  • आजमगढ़ – 5.66 लाख
  • प्रतापगढ़ – 5 लाख
  • बहराइच – 5.41 लाख
  • हरदोई – 5.44 लाख
  • गोंडा – 4.96 लाख
  • बलिया – 4.55 लाख

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  • गौतमबुद्ध नगर – 4.47 लाख
  • मुरादाबाद – 3.87 लाख
  • रायबरेली – 3.48 लाख
  • अयोध्या – 3.37 लाख
  • संभल – 3.18 लाख

(अन्य जिलों में भी लाखों की संख्या में नाम हटाए गए हैं)

‘हराम का पैसा मिले तो ले लो और बनवा लो शौचालय’, AIMIM प्रमुख ओवैसी का विवादित बयान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने चुनावों के दौरान पैसे बांटे जाने को लेकर एक विवादित बयान दिया है। महाराष्ट्र के लातूर जिले में आगामी लातूर नगर निगम चुनाव के सिलसिले में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि अगर चुनाव के समय राजनीतिक दल पैसा बांटते हैं, तो उसे ले लेना चाहिए और उस पैसे से शौचालय बनवा लेना चाहिए।

ओवैसी ने कहा कि AIMIM के चुनावी मैदान में उतरते ही प्रतिद्वंद्वी दलों ने मतदाताओं के बीच नकदी बांटना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, “अगर आपको लगता है कि यह पैसा अनैतिक या ‘हराम’ है, तो इसे अच्छे काम में लगाइए और शौचालय बनवा दीजिए।”

केंद्र सरकार की नीतियों पर साधा निशाना

रैली के दौरान ओवैसी ने केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर विदेश नीति को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने वक्फ (संशोधन) अधिनियम की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इसका दुरुपयोग मस्जिदों को बंद करने और सदियों पुरानी दरगाहों के स्वामित्व को चुनौती देने के लिए किया जा रहा है।

दलितों और मुसलमानों तक नहीं पहुंचा विकास: ओवैसी

ओवैसी ने मुसलमानों से मजबूत राजनीतिक नेतृत्व खड़ा करने की अपील करते हुए कहा कि देश में अल्पसंख्यकों को छोड़कर हर समुदाय के पास राजनीतिक ताकत है। उन्होंने कहा कि दलित और मुसलमान देश की गरीब आबादी का बड़ा हिस्सा हैं, लेकिन अब तक विकास उनके इलाकों तक नहीं पहुंच पाया है।

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “भाजपा राष्ट्रवाद की बात करती है, लेकिन किसान आत्महत्या कर रहे हैं, युवा बेरोजगार हैं और चर्चा सिर्फ लव जिहाद तक सीमित है।”

पीएम मोदी और ट्रंप को लेकर भी टिप्पणी

ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ट्रंप खुले तौर पर दावा करते हैं कि मोदी उन्हें खुश करने के लिए फैसले लेते हैं।

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इसके अलावा, ओवैसी ने महाराष्ट्र सरकार की ‘माझी लाडकी बहिन’ योजना पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इसके लाभार्थियों की संख्या लगातार घट रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि सरकार द्वारा लिए गए 9.30 लाख करोड़ रुपये के कर्ज को आखिर कौन चुकाएगा।

अजित पवार पर भी हमला

AIMIM प्रमुख ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने चाचा और राजनीतिक गुरु शरद पवार के प्रति वफादार नहीं रहा, वह जनता के प्रति कैसे ईमानदार रह सकता है।

2006 मुंबई ट्रेन धमाकों का मुद्दा उठाया

ओवैसी ने 2006 के मुंबई ट्रेन बम धमाकों के एक आरोपी की जेल में हुई मौत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में गिरफ्तार 11 मुस्लिम आरोपियों ने सालों जेल में बिताए और उनमें से एक की मौत हो गई, लेकिन उसकी मौत के हालात पर अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।