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प्रतापगढ़ जिला जेल में HIV संक्रमण से हड़कंप, 13 में से 7 बंदियों की रिपोर्ट पॉजिटिव, एक पुरुष पाया गया

न्यूज़ डेस्क/सवोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिला जेल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब हाल ही में जेल भेजे गए 13 किन्नरों में से सात की प्रारंभिक जांच में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई। सभी संदिग्ध मामलों के ब्लड सैंपल को अंतिम जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। एहतियातन एचआईवी पॉजिटिव पाए गए बंदियों को अन्य कैदियों से अलग रखा गया है।

यह पूरा मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के अचलपुर का है, जहां रविवार को किन्नरों के दो गुटों—मिस्बा और अंजलि—के बीच मारपीट को लेकर दिनभर तनाव का माहौल रहा। शाम को विवाद दोबारा बढ़ने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और कुल 13 लोगों को जेल भेज दिया।

जेल पहुंचने के बाद दोनों गुटों के बीच फिर टकराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें अलग-अलग रखने की तैयारी की। इसी दौरान यह स्पष्ट करने के लिए कि सभी आरोपी वास्तव में किन्नर हैं या नहीं, मेडिकल परीक्षण कराया गया। जांच में एक व्यक्ति पुरुष पाया गया। इसके बाद सभी की स्वास्थ्य जांच कराई गई, जिसमें सात किन्नरों की एचआईवी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर सभी के सैंपल आगे की पुष्टि के लिए भेजे गए हैं।

जांच में पुरुष पाए जाने पर उठा सवाल

मेडिकल परीक्षण के दौरान एक आरोपी के पुरुष पाए जाने के बाद जेल में उससे पूछताछ भी की गई। सूत्रों के अनुसार, संबंधित व्यक्ति का कहना है कि वह लंबे समय से किन्नरों के साथ रह रहा है और उसे किसी प्रकार की अलग पहचान या शारीरिक अनुभूति नहीं होती।

पेशे को लेकर छिड़ी बहस

घटना के बाद यह मुद्दा भी चर्चा में है कि किन्नरों के पारंपरिक पेशे की आड़ में कुछ पुरुष भी इस समूह में शामिल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शुभ कार्यों में बधाई लेने और दुकानों से रुपये वसूलने जैसे कामों में अब पुरुष भी भेष बदलकर शामिल हो रहे हैं, जिससे पहचान करना मुश्किल हो गया है।

संपर्क में आए लोगों को सतर्क रहने की सलाह

एचआईवी संक्रमण के मामलों के सामने आने के बाद जेल प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जेल में बंद आरोपियों से मिलने आने वाले लोगों को सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर जांच कराने की सलाह दी गई है। साथ ही, पहले इनके संपर्क में रहे लोगों से भी स्वास्थ्य परीक्षण कराने का आग्रह किया गया है।

जेल अधीक्षक ऋषभ द्विवेदी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सात बंदियों की रिपोर्ट एचआईवी पॉजिटिव आई है, जिसके बाद सभी के ब्लड सैंपल आगे की जांच के लिए भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर सभी को अलग रखा गया है और संक्रमण की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

देरी से संसद पहुंचने पर नहीं लगेगी हाजिरी, सांसदों को सैलरी भी गंवानी पड़ेगी

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- संसद के बजट सत्र से लोकसभा सचिवालय सांसदों की हाजिरी व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब सांसदों की उपस्थिति केवल सदन के भीतर अपनी निर्धारित सीट पर बैठकर ही डिजिटल माध्यम से दर्ज हो सकेगी। सदन के बाहर हाजिरी रजिस्टर की व्यवस्था पूरी तरह खत्म की जाएगी।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि यदि कोई सांसद देरी से सदन में पहुंचता है और उससे पहले ही हंगामे या किसी अन्य कारण से सदन पूरे दिन के लिए स्थगित हो जाता है, तो उस दिन उनकी हाजिरी दर्ज नहीं होगी। ऐसे में संबंधित सांसद को एक दिन के वेतन और भत्तों से भी हाथ धोना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि अब तक कुछ सांसद बाहर रजिस्टर में हाजिरी लगाकर चले जाते थे या सदन स्थगित होने के बाद पहुंचते थे, लेकिन नई व्यवस्था में ऐसा संभव नहीं होगा। हाजिरी के लिए सदन में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा।

संसद में बढ़ेगा AI का इस्तेमाल

ओम बिरला ने बताया कि संसद की कार्यवाही पहले ही डिजिटल हो चुकी है और अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रयोग परीक्षण के तौर पर किया जा रहा है। फिलहाल वक्ताओं के भाषणों के अनुवाद में AI का इस्तेमाल हो रहा है, जिसकी सटीकता लगभग 80 प्रतिशत है। आईटी कंपनियों की मदद से इसे पूरी तरह सटीक बनाने के प्रयास जारी हैं।

उन्होंने कहा कि लक्ष्य है कि मानसून सत्र से अनुवाद व्यवस्था को पूरी तरह AI आधारित कर दिया जाए। इससे कार्यवाही का विवरण वेबसाइट पर अपलोड करने में लगने वाला समय चार घंटे से घटकर करीब आधा घंटा रह जाएगा। इसके अलावा संसदीय शोध कार्यों में भी AI का उपयोग किया जाएगा।

विपक्ष को चर्चा में रखनी चाहिए अपनी बात

जेल जाने पर मंत्रियों को पद से हटाने से जुड़े विधेयक पर बनी संसदीय समिति में विपक्ष की गैरमौजूदगी को लेकर पूछे गए सवाल पर बिरला ने कहा कि यदि विपक्ष अब अपने सुझाव रखना चाहता है तो उन्हें शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार और विपक्ष, दोनों की जिम्मेदारी है कि सदन सुचारु रूप से चले और विपक्ष को चर्चा के माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए।

विधानसभाओं के लिए न्यूनतम 30 दिन सत्र का सुझाव

लोकसभा अध्यक्ष ने लखनऊ में चल रहे पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि देश की अधिकांश विधानसभाएं साल में 30 दिन भी नहीं चल पा रही हैं। सम्मेलन में यह संकल्प पारित करने की तैयारी है कि सभी विधानसभाओं के सत्र न्यूनतम 30 दिन जरूर चलें।

स्पीकर के अधिकारों पर भी चर्चा

ओम बिरला ने कहा कि विभिन्न बैठकों में यह भी चर्चा हुई है कि स्पीकर के अधिकार असीमित नहीं होने चाहिए और इस विषय पर संतुलन जरूरी है।

पेपरलेस सदन की दिशा में देश

उन्होंने बताया कि संसद के अलावा देश की लगभग सभी विधानसभाएं पेपरलेस हो चुकी हैं और कई विधानसभाओं की कार्यवाही यूट्यूब पर लाइव दिखाई जा रही है। इस साल सभी विधानसभाओं का पूर्ण डिजिटलीकरण करने का लक्ष्य रखा गया है।

महाभियोग पर रिपोर्ट का इंतजार

जस्टिस वर्मा के खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव को लेकर ओम बिरला ने कहा कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होगी। बजट सत्र में इस पर चर्चा होगी या नहीं, फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता।

Aaj Ka Rashifal 21 January 2026:चार राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा दिन, आमदनी और सेहत पर दिखेगा असर

Aaj Ka Rashifal 21 January 2026:आज 21 जनवरी 2026, बुधवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से कई राशियों के लिए सावधानी का संकेत दे रहा है। ग्रहों की वर्तमान स्थिति की बात करें तो गुरु मिथुन में, केतु सिंह में विराजमान हैं। वहीं सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल मकर राशि में स्थित हैं। चंद्रमा और राहु कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं, जबकि शनि मीन राशि में हैं। इन ग्रह योगों का असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं आज का राशिफल—

मेष राशि
आज आय में अस्थिरता बनी रह सकती है। यात्रा के दौरान परेशानी संभव है और मन कुछ उदास रह सकता है। किसी माध्यम से नकारात्मक या विवादित सूचना मिल सकती है। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य रहेगा। व्यापार की स्थिति संतोषजनक है। उपाय के तौर पर काली वस्तु का दान लाभकारी रहेगा।

वृषभ राशि
कमाई में उतार-चढ़ाव रहेगा। कोर्ट-कचहरी या सरकारी मामलों में असहज स्थिति बन सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। प्रेम जीवन और संतान से जुड़ी बातें सकारात्मक रहेंगी। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, हालांकि सीने से जुड़ी समस्या हो सकती है। लाल वस्तु का दान शुभ रहेगा।

मिथुन राशि
मान-सम्मान को लेकर हल्की परेशानी हो सकती है। यात्रा से नुकसान की संभावना है। समय अभी मध्यम कहा जाएगा। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में स्थिति संतुलित रहेगी। व्यापार सामान्य रहेगा। काली वस्तु का दान शुभ फल देगा।

कर्क राशि
आज परिस्थितियां थोड़ी प्रतिकूल रह सकती हैं। चोट-चपेट या किसी अनचाही समस्या में फंसने का योग है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष मजबूत रहेगा। व्यापार में लाभ की संभावना है। लाल वस्तु पास रखना शुभ होगा।

सिंह राशि
जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी रह सकती है। स्वयं की सेहत भी कमजोर रह सकती है। प्रेम और संतान से सुख मिलेगा। व्यापार सामान्य रहेगा, लेकिन नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन अनुकूल नहीं है। काली वस्तु का दान करें।

कन्या राशि
शत्रुओं पर प्रभाव बना रहेगा, लेकिन मन में बेचैनी रह सकती है। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। प्रेम, संतान और व्यापार तीनों ही पक्ष अच्छे रहेंगे। शनि देव को प्रणाम करना लाभकारी होगा।

तुला राशि
बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। प्रेम संबंधों में तकरार से बचें। विद्यार्थियों के लिए नई शुरुआत का समय नहीं है। मानसिक तनाव रह सकता है। व्यापार सामान्य रहेगा। शनि देव की उपासना शुभ रहेगी।

वृश्चिक राशि
घरेलू सुख में कमी महसूस हो सकती है। जमीन, मकान या वाहन से जुड़ा कोई मामला विवाद का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति ठीक-ठाक रहेगी। काली वस्तु का दान करें।

धनु राशि
नाक, कान और गले से जुड़ी परेशानी हो सकती है। आज किए गए प्रयासों का तुरंत फल न मिले, लेकिन आगे चलकर परिणाम सकारात्मक रहेंगे। प्रेम, संतान और स्वास्थ्य सामान्य से अच्छे रहेंगे। काली वस्तु का दान शुभ होगा।

मकर राशि
धन हानि के संकेत हैं, इसलिए निवेश से बचें। वाणी पर संयम रखें। मुख रोग की समस्या हो सकती है। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी। काली वस्तु का दान करें और काली जी को प्रणाम करें।

कुंभ राशि
मन में घबराहट और बेचैनी रह सकती है। नकारात्मक विचार हावी हो सकते हैं। प्रेम, संतान और व्यापार अच्छे रहेंगे, लेकिन मानसिक अस्थिरता नुकसान दे सकती है। शनि देव की आराधना लाभ देगी।

मीन राशि
सिरदर्द, आंखों में दर्द और बच्चों को लेकर चिंता रह सकती है। प्रेम संबंधों में नकारात्मकता आ सकती है। खर्च बढ़ने से कर्ज की स्थिति बन सकती है। मानसिक और शारीरिक रूप से दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहेगा। काली वस्तु का दान शुभ रहेगा।

पत्नी ने सोते हुए पति की जीभ काटी, गाजियाबाद में सनसनीखेज वारदात!

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घरेलू हिंसा की घटना सामने आई है। यहां आपसी विवाद के बाद एक महिला ने देर रात सो रहे अपने पति पर चाकू से हमला कर उसकी जीभ काट दी। गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

यह घटना मोदीनगर की संजय नगर कॉलोनी की है। पीड़ित युवक के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की जांच की जा रही है।

खाना बनाने को लेकर हुआ था विवाद

जानकारी के मुताबिक, संजय नगर कॉलोनी निवासी विपिन एक निजी कंपनी में काम करता है। उसकी शादी करीब आठ महीने पहले मेरठ निवासी युवती से हुई थी। बताया जा रहा है कि सोमवार शाम पति-पत्नी के बीच खाना बनाने को लेकर कहासुनी हुई थी, जो विवाद में बदल गई। इसी दौरान विपिन ने कथित तौर पर पत्नी को थप्पड़ मार दिया था।

आधी रात में कमरे से आई चीख-पुकार

विपिन की मां ममता ने बताया कि विवाद के बाद दोनों रात में अपने कमरे में सोने चले गए थे। देर रात करीब एक बजे अचानक कमरे से जोर-जोर से चीखने की आवाज सुनाई दी।

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बतादेंकि परिजन जब कमरे में पहुंचे तो देखा कि विपिन के मुंह से खून बह रहा था। युवक ने बताया कि उसकी पत्नी ने चाकू से उसकी जीभ काट दी है। कट चुकी जीभ बेड पर पड़ी हुई थी।

अस्पताल में चल रहा इलाज

परिजन तुरंत विपिन को नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मेरठ के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। फिलहाल युवक का इलाज जारी है।

आरोपी पत्नी हिरासत में

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

खराब ग्रह-नक्षत्र से कैसे बचें? प्रेमानंद जी महाराज से जानें आसान उपाय

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में शनि, राहु, केतु या अन्य अशुभ ग्रह-नक्षत्र जीवन में अनेक तरह की परेशानियां लेकर आते हैं। इन ग्रहों के प्रभाव से व्यक्ति को मानसिक तनाव, आर्थिक रुकावट, स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें और पारिवारिक अशांति का सामना करना पड़ता है। हालांकि वृंदावन के संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज का कहना है कि ग्रह-नक्षत्र चाहे जितने भी प्रतिकूल हों, राधा नाम की शक्ति से उनका प्रभाव समाप्त किया जा सकता है।

महाराज जी अपने प्रवचनों में बार-बार यह दोहराते हैं कि जब भगवान का संबल मिल जाता है, तब कोई भी ग्रह मनुष्य का अहित नहीं कर सकता। उनका प्रसिद्ध वाक्य है— “जानकी नाथ सहाय करे, जब कौन बिगाड़ करे नर तेरो”। यानी जब ईश्वर साथ हों, तो कोई शक्ति बाधा नहीं बन सकती।

राधा नाम जप से कमजोर पड़ता है ग्रह-दोष

प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, ग्रहों का नकारात्मक असर सबसे पहले मन पर पड़ता है। इससे भय, चिंता और नकारात्मक विचार जन्म लेते हैं। लेकिन नियमित रूप से ‘राधे-राधे’ का जप करने से मन शुद्ध होता है और ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा स्वतः कमजोर हो जाती है। महाराज जी रोज कम से कम एक माला यानी 108 बार राधा नाम जप करने की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि इससे शनि, राहु-केतु सहित अन्य दोषों का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगता है।

समर्पण और विनम्रता है सबसे बड़ा कवच

महाराज जी कहते हैं कि ग्रह-दोष का मूल कारण अहंकार और ‘मैं’ का भाव होता है। जब व्यक्ति स्वयं को कर्ता मानता है, तब ग्रहों का प्रभाव बढ़ता है। लेकिन जब वह यह स्वीकार कर लेता है कि सब कुछ भगवान की इच्छा से होता है, तब कोई ग्रह उसे नुकसान नहीं पहुंचा सकता। सुबह-शाम राधा-कृष्ण के चरणों में स्वयं को समर्पित करना और विनम्र भाव बनाए रखना ग्रह-दोष से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय माना गया है।

सत्संग और गुरु कृपा से मिलती है सुरक्षा

प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, सत्संग ग्रह-दोष निवारण का सबसे सशक्त माध्यम है। जब मन संसारिक उलझनों में भटकता है, तब ग्रहों का प्रभाव बढ़ जाता है। लेकिन सत्संग से मन ईश्वर में स्थिर रहता है और ग्रहों की पकड़ कमजोर हो जाती है। वहीं गुरु की कृपा से ग्रह-दोष का असर पूरी तरह समाप्त हो सकता है। महाराज जी गुरु और नाम-स्मरण को ग्रहों से भी बड़ी शक्ति बताते हैं।

सात्विक जीवन से मिलता है स्थायी समाधान

महाराज जी का कहना है कि ग्रह-दोष से स्थायी मुक्ति के लिए सात्विक जीवन जरूरी है। तामसिक भोजन, नशा, क्रोध, असत्य और नकारात्मक सोच से दूरी बनाकर रखने से मन शुद्ध रहता है। नियमित नाम जप, संयमित जीवनशैली और शुद्ध आचरण से व्यक्ति न केवल ग्रह-दोष से बचता है, बल्कि जीवन में शांति और संतुलन भी प्राप्त करता है।

यह भी पढ़े:- गणतंत्र दिवस पर हाईटेक ट्रैफिक मैनेजमेंट, AI और कार-कॉलिंग से कर्तव्य पथ तक

प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, ग्रह-नक्षत्र मनुष्य से बड़े नहीं होते। राधा नाम जप, पूर्ण समर्पण, सत्संग और सात्विक जीवन अपनाकर किसी भी प्रकार के ग्रह-दोष के प्रभाव को समाप्त किया जा सकता है। जो व्यक्ति भगवान पर भरोसा रखता है, उसके जीवन में अंततः सुख और सफलता ही आती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक व आध्यात्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसकी पूर्ण सत्यता का दावा नहीं किया जाता। किसी भी निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

गणतंत्र दिवस पर हाईटेक ट्रैफिक मैनेजमेंट, AI और कार-कॉलिंग से कर्तव्य पथ तक पहुंच होगी आसान

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- इस बार 26 जनवरी के गणतंत्र दिवस समारोह और बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम के दौरान राजधानी में ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह हाईटेक बनाया गया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक का इस्तेमाल करते हुए लोगों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू की हैं।

पहली बार AI आधारित वीडियो की मदद

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस वर्ष AI तकनीक से तैयार किए गए एनिमेटेड वीडियो जारी किए हैं, जिनमें समारोह में शामिल होने वाले मेहमानों के लिए प्रवेश मार्ग, वाहन से उतरने के स्थान और पार्किंग की पूरी जानकारी दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इन वीडियो का उद्देश्य लोगों को पहले से ही व्यवस्था से अवगत कराना है, ताकि मौके पर किसी तरह की परेशानी न हो।

QR कोड और वेबसाइट से मिलेगी जानकारी

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ये वीडियो रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा, आमंत्रित मेहमान अपने पार्किंग पास पर दिए गए QR कोड को स्कैन कर भी इन्हें देख सकते हैं। वीडियो में कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया गया है।

22 जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था

ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि इस साल पार्किंग के लिए कुल 22 स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां लगभग 8,000 वाहनों को खड़ा किया जा सकेगा। हर साल गणतंत्र दिवस पर करीब 77,000 पास जारी किए जाते हैं, जिनमें से लगभग 8,000 पास निजी वाहनों से आने वाले लोगों के लिए होते हैं।

सुरक्षाकर्मियों के लिए शटल सेवा

इस बार ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की सुविधा के लिए शटल बस सेवा भी शुरू की गई है। यह सेवा खान मार्केट, अमृता शेरगिल मार्ग, पटेल चौक मेट्रो स्टेशन और एचसी माथुर लेन से संचालित होगी। बसें हर 10 मिनट में उपलब्ध रहेंगी, जिससे कर्मियों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में आसानी होगी।

गूगल मैप्स से मिलेगी सही दिशा

आमंत्रित अतिथि और टिकट धारक अपने निर्धारित पार्किंग स्थल तक पहुंचने के लिए गूगल मैप्स या मैप प्लस जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकते हैं। इन प्लेटफॉर्म पर कर्तव्य पथ तक जाने के सटीक रास्तों और पार्किंग की जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

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बढ़ाई गई सहायता केंद्रों की संख्या

डिजिटल सुविधाओं के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी सहायता बढ़ाई गई है। इस साल 12 सहायता केंद्र बनाए गए हैं, जबकि पहले यह संख्या केवल दो थी। इन केंद्रों पर तैनात कर्मचारी लोगों को पार्किंग, पैदल मार्ग और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी देंगे।

समारोह के बाद कार-कॉलिंग सिस्टम

भीड़ को नियंत्रित करने और मेहमानों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए इस बार ‘कार-कॉलिंग सिस्टम’ लागू किया गया है। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मेहमान अधिकारी को अपने वाहन की जानकारी देंगे, जिसके बाद पार्किंग क्षेत्र में लगे लाउडस्पीकर से वाहन नंबर या चालक का नाम पुकारा जाएगा।

स्पेशल कंट्रोल रूम रहेगा सक्रिय

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, 26 जनवरी को एक विशेष कंट्रोल रूम भी काम करेगा, जिसमें पुलिस, दमकल विभाग और अन्य आपात सेवाओं के अधिकारी मौजूद रहेंगे। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे निर्देशों का पालन करें और आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन और डिजिटल मैपिंग सेवाओं का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें।

शंकराचार्य से कागज मांगे जाने पर कांग्रेस का हमला, बोली– “नतमस्तक न होने की दी जा रही सजा”

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुई कथित प्रशासनिक कार्रवाई और उन्हें जारी किए गए नोटिस को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि जिस तरह पहले सरकार मुसलमानों से नागरिकता से जुड़े दस्तावेज मांगती थी, अब उसी तरह शंकराचार्य से भी पहचान और पद के प्रमाण मांगे जा रहे हैं।

कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि किसी मुख्यमंत्री या प्रशासन को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि शंकराचार्य कौन है और कौन नहीं। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य की परंपरा गुरु-शिष्य परंपरा के तहत तय होती है, न कि सरकारी नोटिस से।

“आधी रात में नोटिस भेजकर सवाल पूछे जा रहे हैं”

पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा कि माघ मेले में मौनी अमावस्या के अवसर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान से रोके जाने के विवाद के बाद मेला प्रशासन ने उन्हें नोटिस जारी कर पूछा कि वे स्वयं को ज्योतिष्पीठ का शंकराचार्य किस आधार पर बता रहे हैं। उन्होंने इसे सनातन परंपरा में हस्तक्षेप बताया।

यह  भी पढ़े:- अविमुक्तेश्वरानंद भड़के: “राष्ट्रपति को भी शंकराचार्य तय करने का अधिकार नहीं”

खेड़ा ने आरोप लगाया कि जब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरकार से सवाल नहीं पूछ रहे थे, तब तक उन्हें शंकराचार्य माना जा रहा था। उन्होंने कहा, “जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके सामने नतमस्तक हुए, तब वे शंकराचार्य थे। जब उन्होंने गोमांस और अधूरे मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा पर सवाल उठाए, तब तक भी वे शंकराचार्य थे। लेकिन अब जब वे सत्ता के सामने झुकने को तैयार नहीं हैं, तो उनसे कागज मांगे जा रहे हैं।”

“पहले मुसलमानों से, अब शंकराचार्य से कागज”

कांग्रेस नेता ने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा पहले मुसलमानों से ‘कागज दिखाओ’ कहती थी और अब हालात ऐसे हो गए हैं कि शंकराचार्य से भी प्रमाण मांगे जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक मर्यादाओं के खिलाफ है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला

पवन खेड़ा ने 1954 में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि मठों और धार्मिक संस्थानों के संचालन में किसी भी सरकार या प्रशासन को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी नोटिस कानून का उल्लंघन है।

कांग्रेस ने इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और कहा कि देश सब कुछ देख रहा है और आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिलेगा।

अविमुक्तेश्वरानंद भड़के: “राष्ट्रपति को भी शंकराचार्य तय करने का अधिकार नहीं”

प्रयागराज/सर्वोदय न्यूज़:- शंकराचार्य को लेकर प्रयागराज में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यूपी सरकार और मेला प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा कि न तो प्रदेश का मुख्यमंत्री और न ही देश का राष्ट्रपति यह तय कर सकता है कि कौन शंकराचार्य है।

“शंकराचार्य का निर्णय शंकराचार्य करते हैं”

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, “शंकराचार्य वही हैं जिन्हें बाकी तीन पीठों के शंकराचार्य स्वीकार करें। वर्तमान में दो पीठों के शंकराचार्य हमें शंकराचार्य मानते हैं और तीसरे शंकराचार्य की मौन सहमति भी हमारे साथ है। पिछले माघ मेले में भी हमें अपने साथ स्नान करने का अवसर मिला। जब द्वारका और शृंगेरी के शंकराचार्य हमें शंकराचार्य मान रहे हैं, तो किसी प्रमाण की क्या आवश्यकता है?”

यह भी पढ़े:- ये कौन हैं धीरेंद्र?”“चोर को कथावाचक बना रहे हैं,बागेश्वर सरकार पर हमला: बोले —पप्पू यादव

उन्होंने सवाल उठाया, “क्या प्रशासन या मुख्यमंत्री तय करेंगे कि शंकराचार्य कौन हैं? या राष्ट्रपति को यह अधिकार है? बिलकुल नहीं। शंकराचार्य का निर्णय केवल शंकराचार्यों के हाथ में है।”

निर्विवाद रूप से शंकराचार्य

अविमुक्तेश्वरानंद ने दावा किया कि उनके पास दो शंकराचार्यों का लिखित समर्थन है, जबकि तीसरे शंकराचार्य ने मौन सहमति दी है।

 

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उन्होंने कहा, “निर्विवाद रूप से हम ही ज्योतिर्विद के शंकराचार्य हैं। कोई भी इस तथ्य को बदल नहीं सकता।”

प्रशासन ने दी सफाई

इससे पहले मेला प्रशासन ने कहा था कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को संगम स्नान से रोका गया था। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह भ्रम है। अफसरों ने बताया कि उनसे केवल वाहन से उतरकर पैदल स्नान करने का अनुरोध किया गया था। उन्होंने तीन घंटे तक प्रशासन की बार-बार की अपील के बावजूद अपनी जिद जारी रखी, जिससे मौनी अमावस्या जैसे महत्वपूर्ण स्नान पर्व की व्यवस्थाओं में व्यवधान पैदा हुआ।

ये कौन हैं धीरेंद्र?”“चोर को कथावाचक बना रहे हैं,बागेश्वर सरकार पर हमला: बोले—पप्पू यादव

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर सियासी बयानबाजी के केंद्र में आ गए हैं। इस बार उन्हें लेकर बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने तीखी टिप्पणी की है। पत्रकारों के सवाल पर पप्पू यादव ने बागेश्वर सरकार को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें कथावाचक मानने से इनकार कर दिया।

पप्पू यादव ने कहा, “ये धीरेंद्र कौन हैं? आप चोर-उचक्कों को कथावाचक बना रहे हैं। क्या ये ओशो हैं, क्या ये आचार्य राममूर्ति हैं?” उन्होंने आगे कहा कि सनातन परंपरा में सच्चे संतों और कथावाचकों का सम्मान होना चाहिए। उदाहरण देते हुए उन्होंने प्रेमानंद बाबा का नाम लिया और कहा कि ऐसे संतों की इज्जत की जानी चाहिए, न कि ऐसे लोगों की जिनका सनातन से कोई वास्तविक संबंध नहीं है।

“ढोंग को बढ़ावा दिया जा रहा है”

पूर्णिया सांसद ने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश में धर्म के नाम पर ढोंग फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत को कृष्ण के रास्ते, गुरु नानक, बुद्ध और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों पर चलने दिया जाना चाहिए। पप्पू यादव ने सवाल उठाया कि देश को “ढोंगीवाद” की ओर क्यों धकेला जा रहा है।

आरएसएस कार्यक्रम में दिए बयान से बढ़ा विवाद

दरअसल, हाल ही में उत्तर प्रदेश के बांदा में आयोजित आरएसएस के शताब्दी हिंदू सम्मेलन में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जातिवाद के खिलाफ बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि यदि हिंदू समाज जातियों में बंटा रहा तो इसका खामियाजा पूरे समाज को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि देश को जातिवाद नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद की आवश्यकता है।

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अपने भाषण में उन्होंने यह टिप्पणी भी की थी कि यदि तिरंगे में चांद आ गया, तो किसी भी जाति या वर्ग का हिंदू सुरक्षित नहीं बचेगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

बयानबाजी से सियासी माहौल गरम

पप्पू यादव की टिप्पणी के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। समर्थक जहां इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बयान करार दे रहे हैं। आने वाले दिनों में इस विवाद के और गहराने की संभावना जताई जा रही है।

नितिन नवीन बने भाजपा अध्यक्ष, पीएम मोदी बोले- “आज से मेरे बॉस, मैं उनका कार्यकर्ता”

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- भाजपा के नवीन अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज पदभार संभाल लिया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी और पार्टी मुख्यालय, दिल्ली में सभी नेताओं को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा हमेशा प्रक्रिया के अनुसार चलती है और अब से नितिन नवीन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारी पार्टी में मेंबरशिप से ज्यादा रिलेशनशिप मायने रखती है। हमने पश्चिम बंगाल और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। हमारे लिए सेवा सर्वोपरि है और सत्ता केवल उसका माध्यम है। यही कारण है कि हमारी स्ट्राइक रेट इतनी अधिक है।”

नगर निगम से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक भाजपा की ताकत

पीएम मोदी ने कहा कि अब भाजपा नगर निगम में भी पहली पसंद बन चुकी है। महाराष्ट्र के स्थानीय निकायों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। उन्होंने पार्टी नेताओं को संदेश देते हुए कहा, “आज से नितिन नवीन मेरे बॉस हैं। हमें उन्हें सम्मान देना होगा और संगठन के हर कार्यकर्ता को उनके नेतृत्व में काम करना चाहिए।”

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प्रधानमंत्री ने नितिन नवीन के व्यक्तित्व और ऊर्जा की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि नितिन नवीन युवा और मिलेनियल पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं, जिन्होंने भारत में बड़े आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी बदलाव देखे हैं। रेडियो से सूचना पाने वाले नितिन जी आज एआई और डिजिटल तकनीक के सक्रिय उपयोगकर्ता भी हैं। उनके अनुभव और ऊर्जा संगठन के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे।

पुरानी लीडरशिप को भी याद किया

पीएम मोदी ने मंच पर बैठे राजनाथ सिंह, अमित शाह और जेपी नड्डा के अध्यक्ष कार्यकाल की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह के दौर में भाजपा केंद्र में पूर्ण बहुमत से आई, अमित शाह के कार्यकाल में दूसरी बार पूर्ण बहुमत हासिल हुआ और नड्डा जी की लीडरशिप में पार्टी संसद से लेकर पंचायत स्तर तक मजबूत हुई।

खुद को बताया पार्टी का कार्यकर्ता

पीएम मोदी ने कहा, “भाजपा में पद नहीं, प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। मैं भले ही प्रधानमंत्री हूं, लेकिन जब बात पार्टी की आती है, तो मैं एक साधारण कार्यकर्ता हूं और नितिन नवीन मेरे बॉस हैं।”