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कौन है CRPF की सिमरन बाला? गणतंत्र दिवस परेड में रचेंगी इतिहास, पहली बार पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- इस बार 26 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ पर होने वाली गणतंत्र दिवस परेड एक ऐतिहासिक पल की साक्षी बनेगी। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 26 वर्षीय असिस्टेंट कमांडेंट सिमरन बाला पहली बार 140 से अधिक पुरुष जवानों की टुकड़ी का नेतृत्व करती नजर आएंगी। यह पहली दफा होगा जब CRPF की कोई महिला अधिकारी पुरुष जवानों की मार्चिंग टुकड़ी को लीड करेंगी।

जम्मू-कश्मीर के राजौरी से कर्तव्य पथ तक

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा की रहने वाली सिमरन बाला अपने जिले की पहली महिला हैं, जिन्हें CRPF में ग्रुप-ए अधिकारी के रूप में नियुक्ति मिली है। उन्होंने UPSC CAPF परीक्षा पहले ही प्रयास में पास की थी और टॉप-100 रैंक हासिल कर बल में अपनी जगह बनाई।

कठिन चयन प्रक्रिया के बाद मिला मौका

गणतंत्र दिवस परेड का नेतृत्व करना आसान नहीं होता। इसके लिए कई चरणों में कठोर मूल्यांकन किया गया। सिमरन पिछले एक महीने से रोजाना गहन अभ्यास कर रही हैं। ड्रिल की सटीकता, कमांड कंट्रोल और टीम को एक सूत्र में बांधने की उनकी क्षमता ने उन्हें इस भूमिका के लिए चुने जाने में अहम भूमिका निभाई। सिमरन कहती हैं कि यह मौका उनके लिए गर्व के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।

नक्सल प्रभावित इलाके से शुरू हुआ सफर

सिमरन बाला की पहली तैनाती छत्तीसगढ़ की बस्तरिया बटालियन में हुई थी, जो वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्र है। वहां उन्होंने ऑपरेशनल चुनौतियों के बीच अपने नेतृत्व कौशल का परिचय दिया।

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वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सिमरन एक शांत, संतुलित और निर्णायक अधिकारी के रूप में उभरकर सामने आईं, जिसके चलते उन्हें परेड लीड करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

कश्मीर की बेटियों के लिए खास संदेश

सिमरन का मानना है कि आज जिम्मेदारियां जेंडर नहीं, बल्कि योग्यता और क्षमता के आधार पर तय होती हैं। उन्होंने कहा, “खुद पर भरोसा रखें, बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करें। आज के दौर में अवसर मेरिट पर आधारित हैं और देश को हर क्षेत्र में सक्षम महिलाओं की जरूरत है।”

बदलती कमान संरचना का प्रतीक

CRPF अधिकारियों के मुताबिक, सिमरन की यह भूमिका बल के भीतर बदलते नेतृत्व दृष्टिकोण को दर्शाती है। अब महिला अधिकारियों को केवल सहायक भूमिकाओं तक सीमित न रखकर फ्रंटलाइन और कमांड की जिम्मेदारियां भी सौंपी जा रही हैं।
77वें गणतंत्र दिवस पर जब सिमरन बाला पुरुष जवानों की टुकड़ी के आगे कदमताल करेंगी, तो वह दृश्य न सिर्फ परेड का हिस्सा होगा, बल्कि भारत की सुरक्षा बलों में बदलते नेतृत्व का सशक्त प्रतीक भी बनेगा।

सावधान! साल में 5 बार ट्रैफिक नियम तोड़े तो… जब्त हो सकता है ड्राइविंग लाइसेंस

Driving Licence New Rules 2026: सड़क पर लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर अब सख्ती तय है। केंद्र सरकार ने ट्रैफिक नियमों को और कड़ा करते हुए मोटर वाहन नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के तहत यदि कोई चालक एक वर्ष में 5 या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित या रद्द किया जा सकता है।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नियम 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाना और यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करना है।

RTO को मिला लाइसेंस निलंबन का अधिकार

नए प्रावधानों के अनुसार ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित या रद्द करने का अधिकार क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) या जिला परिवहन अधिकारी के पास होगा। हालांकि, लाइसेंस रद्द करने से पहले चालक को अपना पक्ष रखने का अवसर देना अनिवार्य होगा।

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इसके अलावा, हर साल उल्लंघन की गिनती अलग-अलग होगी। यानी पिछले साल के अपराधों को अगले साल की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा।

अब मामूली गलती भी बन सकती है बड़ी परेशानी

अब तक केवल चोरी, अपहरण, ओवरस्पीडिंग या ओवरलोडिंग जैसे 24 गंभीर मामलों में ही लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान था। लेकिन नए नियमों के बाद अब हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट न लगाना, रेड लाइट जंप करना जैसी आम गलतियां भी अगर 5 बार दोहराई गईं, तो ड्राइविंग लाइसेंस जब्त हो सकता है।

ई-चालान को लेकर भी बदले नियम

सरकार ने चालान प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया है। अब वर्दीधारी पुलिस या अधिकृत अधिकारी चालान काट सकेंगे| CCTV कैमरों से ऑटोमेटिक ई-चालान जारी होंगे |चालक को 45 दिनों के भीतर चालान भरना या अदालत में चुनौती देना होगी

यदि तय समय में कोई कार्रवाई नहीं की जाती, तो यह माना जाएगा कि चालक ने उल्लंघन स्वीकार कर लिया है।

विशेषज्ञों की राय बंटी

इस नियम को लेकर विशेषज्ञों में मतभेद सामने आए हैं। कुछ इसे सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे अत्यधिक सख्त मानते हैं।
पूर्व डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अनिल छिकारा ने नियम को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि CCTV से कटने वाले चालानों के लिए स्पष्ट SOP होना बेहद जरूरी है ताकि विवादों से बचा जा सके।

Aaj Ka Rashifal 22 January 2026:  जानें सभी 12 राशियों का हाल, कैसा रहेगा आपका दिन

Aaj Ka Rashifal 22 January 2026: आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति की बात करें तो गुरु मिथुन राशि में, केतु सिंह में, सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल मकर राशि में विराजमान हैं। वहीं चंद्रमा और राहु कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं और शनि मीन राशि में स्थित हैं। ग्रहों की इस चाल का असर सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं आज का विस्तृत राशिफल—

मेष राशि:
आज किसी भी बड़े फैसले को फिलहाल टालना ही बेहतर रहेगा, खासकर आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। यात्रा के दौरान परेशानी हो सकती है। आय में उतार-चढ़ाव रहेगा। किसी समाचार से मन भ्रमित हो सकता है। मानसिक तनाव संभव है। व्यापार सामान्य रहेगा। उपाय के तौर पर काली वस्तु का दान करें।

वृषभ राशि:
पिता के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। खुद की सेहत का भी विशेष ध्यान रखें। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों से दूरी बनाकर रखें। व्यवसाय में नई शुरुआत के लिए समय अनुकूल नहीं है। प्रेम और संतान पक्ष मजबूत रहेगा। हरी वस्तु पास रखना शुभ होगा।

मिथुन राशि:
धर्म और कर्म के मामलों में अतिवाद से बचें। केवल भाग्य के भरोसे कोई निर्णय न लें। यात्रा स्थगित करना बेहतर रहेगा। प्रेम जीवन और संतान सुखद रहेगा। व्यापार सामान्य स्थिति में रहेगा। काली वस्तु का दान लाभकारी होगा।

कर्क राशि:
आज परिस्थितियां आपके पक्ष में नहीं हैं। वाहन सावधानी से चलाएं और किसी भी तरह का जोखिम न लें। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। प्रेम और संतान से जुड़ी खबरें राहत देंगी। व्यापार ठीक-ठाक रहेगा। लाल वस्तु अपने पास रखें।

सिंह राशि:
जीवनसाथी की सेहत चिंता का कारण बन सकती है। नौकरीपेशा लोगों के लिए समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण है। स्वास्थ्य पर असर दिख सकता है। प्रेम और संतान पक्ष अच्छा रहेगा। व्यापार औसत रहेगा। सूर्य को जल अर्पित करें और काली वस्तु का दान करें।

कन्या राशि:
शत्रुओं पर विजय मिलेगी और ज्ञान में वृद्धि होगी। बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। हालांकि पैरों में चोट लगने की आशंका है। प्रेम और संतान पक्ष अनुकूल है। व्यापार सामान्य रहेगा। नीली वस्तु पास रखना शुभ है।

तुला राशि:
आज बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है। प्रेम संबंधों में विवाद से बचें। मानसिक तनाव रह सकता है। कोई भी बड़ा फैसला फिलहाल रोक दें। प्रेम और संतान मध्यम स्थिति में रहेंगे। व्यापार ठीक रहेगा। शनि देव को प्रणाम करें।

वृश्चिक राशि:
भूमि, भवन या वाहन से जुड़े मामलों में अड़चन आ सकती है। घर में नकारात्मक ऊर्जा महसूस हो सकती है। स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है। हालांकि प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी। काली वस्तु का दान शुभ रहेगा।

धनु राशि:
स्वास्थ्य और आत्मबल में कमी महसूस हो सकती है। नाक, कान और गले से जुड़ी परेशानियां संभव हैं। व्यापार में हल्का उतार-चढ़ाव रहेगा। प्रेम और संतान सुखद रहेंगे। लाल वस्तु पास रखें।

मकर राशि:
धन हानि के संकेत हैं, इसलिए निवेश से बचें। वाणी पर नियंत्रण रखें और गलत शब्दों के प्रयोग से दूरी बनाएं। स्वास्थ्य भी कमजोर रह सकता है। प्रेम और संतान पक्ष मजबूत रहेगा। व्यापार सामान्य रहेगा। हरी वस्तु पास रखें।

कुंभ राशि:
मन में घबराहट और बेचैनी बनी रह सकती है। मानसिक रूप से नकारात्मकता हावी हो सकती है। प्रेम और संतान से खुशी मिलेगी। व्यापार लगभग ठीक रहेगा। गणेश जी को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

मीन राशि:
बच्चों की सेहत को लेकर सतर्क रहें। प्रेम संबंधों में विवाद से बचें। सिरदर्द और आंखों में परेशानी हो सकती है। साझेदारी के कामों में दिक्कत आ सकती है। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार मध्यम रहेंगे। काली वस्तु का दान करें और शिवजी का जलाभिषेक करना शुभ रहेगा।

यूपी के शिक्षामित्रों के लिए बड़ी खुशखबरी,शिक्षा महानिदेशक ने जिलाधिकारियों को भेजे ये निर्देश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें अपने घर के पास के स्कूलों में तैनाती मिलेगी। इसके लिए स्कूल शिक्षा महानिदेशक की ओर से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश भेज दिए गए हैं। यह व्यवस्था पहले ही दिसंबर में शासनादेश के माध्यम से जारी की गई थी।

शासनादेश के अनुसार, शिक्षामित्रों को पहले उनके मूल विद्यालय में तैनात किया जाएगा। यदि मूल विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक मौजूद हैं, तो उन्हें नजदीकी स्कूल में पोस्ट किया जाएगा। इसके अलावा, महिला शिक्षकों को उनकी ससुराल के पास के स्कूलों में तैनाती का विकल्प भी उपलब्ध होगा।

स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने बताया कि यह तैनाती जिला स्तर पर की जाएगी और इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति बनाए जाएगी।

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जानकारी के अनुसार, सपा सरकार के दौरान प्रदेश में लगभग 1.37 लाख शिक्षामित्रों को शिक्षक के पद पर नियुक्त किया गया था। शिक्षक बनने के बाद उन्हें दूसरे ब्लॉक में पोस्टिंग दी गई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार उनका समायोजन रद कर दिया गया और वे फिर से शिक्षामित्र बन गए, लेकिन अपने मूल विद्यालय से दूर रह गए।

सरकार ने 2018 में शिक्षामित्रों को अपने मूल विद्यालय में लौटने का अवसर दिया था। उस समय लगभग एक लाख शिक्षामित्र वापस लौट आए थे, जबकि करीब 35 हजार शिक्षामित्र शिक्षक बनने की उम्मीद में अपने मूल विद्यालय नहीं लौटे थे।

24 घंटे में वापस लें नोटिस, यूं दिया शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मेला प्रशासन को जवाब

प्रयागराज/सर्वोदय न्यूज़:- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रयागराज मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और मेलाधिकारी ऋषिराज द्वारा जारी किए गए नोटिस का जवाब दे दिया है। जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन नोटिस 24 घंटे के भीतर वापस ले, अन्यथा वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

अधिवक्ता अंजनी कुमार मिश्र ने आठ पृष्ठ के दस्तावेज में बताया कि स्वामी का पट्टाभिषेक पहले ही हो चुका है और कोर्ट का आदेश बाद में आया। यदि नोटिस वापस नहीं लिया गया, तो प्रशासन के खिलाफ अवमानना याचिका समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मौनी अमावस्या के दौरान पहिया लगी पालकी से संगम स्नान न करने पर शंकराचार्य ने कहा था कि वे अपने शिविर में तब तक रहेंगे जब तक अफसर उनसे ससम्मान माफी लेकर संगम स्नान की अनुमति नहीं देंगे। प्रशासन ने नोटिस में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए स्पष्टीकरण मांगा था कि स्वामी और उनके शिविर पर ‘शंकराचार्य’ कैसे लिखा है।

संतों का समर्थन और आलोचना

द्वारका शारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी सनानंद ने कहा कि प्रयागराज में मौनी अमावस्या के अवसर पर संतों के साथ हुई अवैधानिक रोकथाम और बटुकों के साथ अभद्रता निंदनीय है। उन्होंने अधिकारियों को अहंकार त्यागने की चेतावनी दी।

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वहीं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी ने शंकराचार्य की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी की आलोचना की, जबकि जगद्गुरु संतोषदास ‘सतुआ बाबा’ ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी और संत समाज की चेतावनी दी। अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरिगिरि ने कहा कि इस घटना से प्रयागराज की धार्मिक मर्यादा धूमिल हो रही है

संभल में सपा vs भाजपा: गरमाई सियासत? समर्थकों के साथ सपा विधायक धरने पर बैठे

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- संभल (उत्तर प्रदेश) में सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड की गुन्नौर शाखा के नामांकन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी संग्राम का रूप ले चुका है। मंगलवार को सपा और भाजपा समर्थकों के बीच हुई झड़प के विरोध में बुधवार को सपा विधायक रामखिलाड़ी यादव अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ बबराला स्थित आवास पर धरने पर बैठ गए।

विधायक रामखिलाड़ी ने आरोप लगाया कि प्रशासन की मिलीभगत से भाजपा समर्थक लोकतंत्र का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने अपने पुत्र अखिलेश यादव के साथ मारपीट का भी आरोप लगाया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

धरने के दौरान विधायक ने साफ कहा कि उनके खेमे के प्रत्याशी योगेंद्र और ममता के नामांकन में किसी भी तरह की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारी विधायक को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन उन्होंने धरना जारी रखने का निर्णय लिया।

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सपा जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी ने कहा कि भाजपा समर्थकों का यह कृत्य निंदनीय है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यही रवैया रहा, तो आगामी पंचायत चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराना मुश्किल हो जाएगा। विधायक के साथ कई सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी धरने में शामिल रहे, जिनमें युवा नेता अखिलेश यादव, अमित यादव, पप्पू यादव और गुन्नौर के पूर्व चेयरमैन मुजफ्फर अली उर्फ कक्के शामिल थे।

भारी सुरक्षा व्यवस्था और पाबंदी

सहकारी बैंक के नामांकन के दौरान मंगलवार को हुए विवाद के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूर्व मंत्री अजीत कुमार उर्फ राजू यादव और सपा विधायक के पुत्र अखिलेश यादव समेत कुल 25 लोगों को भारी मुचलके पर पाबंद किया गया।

सरेआम फायरिंग करने वाली युवती कौन है? पुलिसवालों से भी करती है वसूली

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मंगलवार देर शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कैंट थाना क्षेत्र के सिंघड़िया मॉडल शॉप के पास एक युवती ने खुलेआम पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली लगने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद भागने की कोशिश कर रही युवती को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। पुलिस ने युवती समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

घायल युवक की पहचान खोराबार क्षेत्र के जंगल सिकरी बाईपास निवासी अमिताभ निषाद के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गोली उसके पेट में लगी, जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

जन्मदिन की पार्टी बनी हिंसा की वजह

जानकारी के मुताबिक, हरपुरबुदहट इलाके की रहने वाली अंशिका किराये के मकान में रहती है। मंगलवार को वह अपना जन्मदिन मनाने के लिए तीन-चार युवकों के साथ कार से सिंघड़िया मॉडल शॉप के पास पहुंची थी। इसी दौरान सूबा बाजार निवासी नर्सिंग होम कर्मचारी विशाल अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे। किसी पुराने विवाद को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक हो गई।

आरोप है कि बहस के दौरान अंशिका ने पिस्टल निकालकर गोली चला दी। गोली विशाल के साथ मौजूद अमिताभ को जा लगी। इसके बाद युवती और उसके साथी मौके से फरार होने लगे, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें घेर लिया। सूचना पर पहुंची कैंट पुलिस ने घायल को अस्पताल भेजा और युवती को हिरासत में ले लिया।

पुलिसकर्मियों से वसूली के आरोप

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला आरोप यह सामने आया है कि युवती से कुछ पुलिसकर्मी भी खौफ खाते थे। सूत्रों के अनुसार, अंशिका पर आरोप है कि वह कई पुलिसकर्मियों से नजदीकियां बढ़ाकर और बदनामी का डर दिखाकर उनसे पैसे वसूल चुकी है। बताया जाता है कि इसी कारण एक दरोगा की थानेदारी तक जा चुकी है, हालांकि अब तक किसी पुलिसकर्मी ने उसके खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई।

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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, युवती पर पहले से भी आपराधिक मामला दर्ज है। खोराबार थाने में उसके खिलाफ थार गाड़ी चोरी का केस दर्ज हुआ था, जिसमें उसके साथी जेल जा चुके हैं। गिरफ्तारी से पहले अंशिका ने अग्रिम जमानत ले ली थी।

किराये की थार, फर्जी नंबर और फरारी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सितंबर में दिल्ली गए थे, जहां से उन्होंने एक थार गाड़ी किराये पर ली और बाद में उसे लौटाए बिना फरार हो गए। पकड़े जाने के डर से उन्होंने वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर शहर में आवाजाही शुरू कर दी थी।

सोशल मीडिया और दिखावे की दुनिया

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया की चकाचौंध और महंगे शौक ने युवती को अपराध की राह पर धकेल दिया। वह परिवार से अलग रह रही थी और सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थी। इंस्टाग्राम पर उसके हजारों फॉलोअर्स हैं और वह सैकड़ों रील्स पोस्ट कर चुकी है। महंगे कपड़े, नए मोबाइल और लग्जरी लाइफस्टाइल की चाह में उसके परिवार से रिश्ते खराब होते चले गए और धीरे-धीरे परिवार ने उससे दूरी बना ली।

पुलिस जांच में जुटी

सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गोली युवती द्वारा चलाए जाने की पुष्टि हुई है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पिस्टल कहां से लाई गई और इस घटना में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही। पूरे मामले की गंभीरता से जांच जारी है।

शंकराचार्य विवाद पर प्रवीण तोगड़िया की एंट्री,योगी और अविमुक्तेश्वरानंद से बोले- हिन्दू बंटेंगे तो कटेंगे

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन हुए शंकराचार्य विवाद पर अब अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक डॉ. प्रवीण तोगड़िया की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज का आपस में बंटना ठीक संकेत नहीं है। यदि हिंदू एकजुट नहीं रहे तो इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आपसी संवाद के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की।

बुधवार को भदोही पहुंचे डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने एक स्वागत समारोह के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज माघ मेले में जो घटनाक्रम हुआ, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी को सुझाव देने की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन प्रार्थना करते हैं कि दोनों संत आपस में बैठकर समाधान निकालें और हिंदू एकता व सम्मान का मार्ग स्वयं तय करें।

तोगड़िया ने अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि हिंदू समाज इसी तरह आपस में टकराता रहा, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित हमलों और मंदिरों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं पर भी चिंता जताई।

कैसे शुरू हुआ विवाद

गौरतलब है कि मौनी अमावस्या के दिन रविवार सुबह शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने अनुयायियों के साथ संगम नोज पहुंचे थे। वे पालकी पर सवार थे, जबकि उनके शिष्य पैदल चल रहे थे। संगम तट पर पहले से बैरिकेडिंग लगी थी। प्रशासन की ओर से उन्हें पालकी पर बैठकर स्नान के लिए जाने से रोका गया और पैदल जाने का अनुरोध किया गया। संगम घाट की दूरी करीब 50 मीटर ही थी, लेकिन अनुयायियों ने इसका विरोध किया, जिससे धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

प्रशासन ने भी रखा अपना पक्ष

विवाद बढ़ने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्वयं के अपमान और शिष्यों के साथ कथित अभद्रता का आरोप लगाते हुए मेला प्रशासन के खिलाफ धरना दिया। सोमवार को जब उन्होंने मीडिया से बात की, तो पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपना पक्ष सामने रखा।

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प्रशासन का कहना था कि शंकराचार्य को स्नान करने से नहीं रोका गया था, बल्कि केवल पहिया लगी पालकी पर आपत्ति जताई गई थी। उस समय संगम नोज पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद थी और पालकी के साथ घाट तक जाने से भगदड़ या किसी अप्रिय घटना की आशंका थी। इसी कारण सुरक्षा के लिहाज से पैदल जाने का अनुरोध किया गया था।

इस पूरे प्रकरण के बीच अब प्रवीण तोगड़िया के बयान से मामला और चर्चा में आ गया है, वहीं सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि दोनों पक्ष आपसी संवाद से विवाद को किस तरह सुलझाते हैं।

टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हो सकता है बांग्लादेश, ICC ने दी आखिरी चेतावनी, एक दिन की मोहलत

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स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को सख्त संदेश दिया है। भारत में होने वाले 2026 टी20 वर्ल्ड कप को लेकर बांग्लादेश की जिद अब उस पर भारी पड़ती नजर आ रही है। आईसीसी ने साफ कर दिया है कि अगर बांग्लादेश भारत में अपने तय मुकाबले खेलने से इनकार करता है, तो उसे टूर्नामेंट से बाहर किया जा सकता है।

बुधवार को हुई आईसीसी बोर्ड की बैठक में बांग्लादेश की भागीदारी पर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, बैठक में मौजूद अधिकांश सदस्य बांग्लादेश को हटाने के पक्ष में नजर आए। इसके बाद आईसीसी ने बीसीबी को एक दिन की अंतिम मोहलत दी है, ताकि वह भारत में खेलने को लेकर अपना स्पष्ट रुख बताए।

भारत में खेले तो ही मिलेगा वर्ल्ड कप में मौका

आईसीसी ने बीसीबी से कहा है कि वह अपनी सरकार को भी यह स्थिति स्पष्ट कर दे कि यदि बांग्लादेश की टीम भारत नहीं आती है, तो उसकी जगह किसी अन्य टीम को टूर्नामेंट में शामिल कर लिया जाएगा। अगर बांग्लादेश बाहर होता है, तो मौजूदा रैंकिंग के आधार पर स्कॉटलैंड को 20 टीमों वाले टूर्नामेंट में शामिल किया जा सकता है।

श्रीलंका में मैच कराने की मांग खारिज

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड लगातार यह मांग कर रहा है कि उसके सभी मुकाबले श्रीलंका में कराए जाएं। बीसीबी ने यहां तक प्रस्ताव दिया कि उसे ग्रुप-सी से हटाकर ग्रुप-बी में शामिल कर दिया जाए, जहां आयरलैंड अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलने वाला है। हालांकि, आईसीसी ने इस मांग को भी पूरी तरह खारिज कर दिया और साफ कहा कि तय ग्रुप और शेड्यूल में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा।

सुरक्षा और राजनीतिक तनाव का हवाला

बांग्लादेश ने भारत में खेलने से इनकार करने के पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है। तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर किए जाने के बाद बीसीबी ने अपनी चिंता जाहिर की थी।

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इसके अलावा, बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित हमलों के चलते दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्तों में भी तनाव बताया जा रहा है।

ग्रुप और वेन्यू पहले से तय

बांग्लादेश को ग्रुप-सी में वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, इटली और नेपाल के साथ रखा गया है। उसे अपने लीग मुकाबले कोलकाता और मुंबई में खेलने हैं। वहीं, ग्रुप-बी में शामिल आयरलैंड अपने मैच श्रीलंका के कोलंबो और पल्लेकेले में खेलेगा।

भारी आर्थिक नुकसान का भी खतरा

अगर बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होता है, तो उसे बड़ा आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ेगा। बीसीबी को आईसीसी से मिलने वाली करीब 5 लाख अमेरिकी डॉलर की तैयारी फीस नहीं मिलेगी। इसके अलावा खिलाड़ी भी न्यूनतम 2 लाख अमेरिकी डॉलर की इनामी राशि से वंचित रह जाएंगे, जो जीत के साथ और बढ़ सकती थी।

अब सबकी नजरें बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के फैसले पर टिकी हैं। अगर तय समय में सकारात्मक जवाब नहीं आया, तो बांग्लादेश का टी20 वर्ल्ड कप खेलना लगभग तय तौर पर मुश्किल हो जाएगा।

LoC पर पाकिस्तान की नापाक कोशिश नाकाम, सर्विलांस कैमरे लगाते समय फायरिंग, भारतीय सेना ने दिया करारा जवाब

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- जम्मू-कश्मीर के उत्तरी कश्मीर स्थित कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में 20 और 21 जनवरी की दरम्यानी रात भारत और पाकिस्तान के सैनिकों के बीच गोलीबारी की घटना सामने आई है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, यह फायरिंग उस समय हुई जब भारतीय सेना सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर हाई-टेक सर्विलांस कैमरे स्थापित कर रही थी।

जानकारी के मुताबिक, 6 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान केरन बाला क्षेत्र में LoC के पास मौजूद ब्लाइंड स्पॉट्स को खत्म करने के लिए आधुनिक निगरानी उपकरण लगा रहे थे। इसी दौरान पाकिस्तानी सैनिकों ने इस गतिविधि को बाधित करने के इरादे से छोटे हथियारों से दो राउंड फायरिंग की। भारतीय जवानों ने स्थिति को भांपते हुए संयमित लेकिन प्रभावी जवाब दिया।

इस गोलीबारी में दोनों पक्षों की ओर से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, भारतीय सेना को आशंका है कि यह फायरिंग किसी संभावित घुसपैठ की कोशिश से ध्यान हटाने के लिए की गई हो सकती है। इसके बाद घने जंगलों वाले इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।

सेना ने पूरे केरन सेक्टर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। सर्दियों के मौसम में पारंपरिक घुसपैठ मार्गों पर नजर रखने के लिए तकनीकी सर्विलांस को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है।

किश्तवाड़ में आतंकरोधी अभियान जारी

इस बीच, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में भी आतंकियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तीसरे दिन मंगलवार को सुरक्षा बलों ने कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। यह ऑपरेशन चतरू क्षेत्र के मन्द्राल-सिंहपुरा के पास सोनार गांव में रविवार को शुरू किया गया था।

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इस अभियान के दौरान हुई मुठभेड़ में एक पैरा ट्रूपर शहीद हो गया, जबकि आतंकियों द्वारा अचानक किए गए ग्रेनेड हमले में सात सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। मुठभेड़ के बाद आतंकी घने जंगलों का फायदा उठाकर फरार हो गए।

हालांकि, सुरक्षा बलों ने आतंकियों के एक ठिकाने का पता लगाया है, जहां से खाने-पीने का सामान, कंबल, बर्तन और अन्य सर्दियों के जरूरी सामान बरामद किए गए हैं।

जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन तुती और सीआरपीएफ के जम्मू आईजी आर. गोपाल कृष्ण राव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और सेना के अधिकारियों के साथ मिलकर पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं।