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QR कोड से बनेगा स्मार्ट डोरबेल, बिना दरवाजा खोले मिलेगी विज़िटर की जानकारी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- स्मार्ट होम टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है और अब घर की सुरक्षा व सुविधा को और आसान बनाने के लिए एक नया तरीका सामने आया है। सिर्फ एक QR कोड की मदद से आप अपने घर के दरवाजे को स्मार्ट डोरबेल में बदल सकते हैं। इस ट्रिक की खास बात यह है कि इसके जरिए आप यह जान सकते हैं कि दरवाजे पर कौन आया है, वो भी बिना कोई महंगा डिवाइस लगाए।

दरअसल, अब QR डोरबेल का कॉन्सेप्ट काफी चर्चा में है। इसके लिए न तो किसी महंगे गैजेट की जरूरत पड़ती है और न ही किसी टेक्निकल एक्सपर्ट की मदद लेनी होती है। केवल एक मोबाइल एप के जरिए यह सिस्टम आसानी से सेट किया जा सकता है।

क्या है QR डोरबेल?

QR डोरबेल एक डिजिटल तरीका है, जिसमें आपके घर के बाहर एक QR कोड लगाया जाता है। इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए आपको अपने स्मार्टफोन में Doorvi नाम का मोबाइल एप इंस्टॉल करना होता है। एप की मदद से एक यूनिक QR कोड तैयार किया जाता है।

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बतादेंकि जब कोई व्यक्ति इस कोड को स्कैन करता है, तो उसकी जानकारी तुरंत आपके मोबाइल फोन पर नोटिफिकेशन के रूप में पहुंच जाती है। इससे आप दरवाजा खोले बिना ही विज़िटर के बारे में जान सकते हैं।

QR डोरबेल कैसे करें सेट?

QR डोरबेल को सेट करना बेहद आसान है। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें—

  • सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में Play Store खोलें।
  • यहां Doorvi App सर्च कर उसे इंस्टॉल करें।
  • एप ओपन करने के बाद जरूरी परमिशन को Allow करें।
  • इसके बाद एप में मौजूद QR Kit विकल्प को डाउनलोड करें।
  • जनरेट हुए QR कोड को प्रिंट कर अपने घर के दरवाजे पर चिपका दें।

अब जब भी कोई व्यक्ति आपके घर आएगा और QR कोड स्कैन करेगा, तो उसकी जानकारी तुरंत आपके फोन पर दिखाई देगी। यह तरीका न सिर्फ आधुनिक है, बल्कि स्मार्ट होम को एक नया और दिलचस्प अनुभव भी देता है।

पत्नी की जिद के आगे झुका पति, प्रेमी से कराई शादी, बच्चों ने मां के साथ जाने से किया इनकार

न्यूज़ डेक्स/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से सामने आई एक घटना ने रिश्तों, सामाजिक मूल्यों और पारिवारिक ढांचे को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। यहां एक व्यक्ति ने पारिवारिक तनाव और पत्नी की जिद से परेशान होकर स्वयं अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करा दी। यह पूरा घटनाक्रम गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है, वहीं बच्चों का फैसला सबसे भावुक पहलू बनकर सामने आया है।

यह मामला आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के रमगढ़ा गांव का है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी आशीष तिवारी ने कुछ दिन पहले अपनी पत्नी पिंकी को उसके कथित प्रेमी अमित शर्मा के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा था। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रेमी को थाने ले जाया गया। इसके बाद गांव और थाने परिसर में पंचायत बुलाई गई।

पंचायत में पत्नी ने पति के साथ रहने से किया इनकार

पंचायत के दौरान पिंकी ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह अब अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती और प्रेमी अमित शर्मा के साथ ही जीवन बिताना चाहती है। परिजनों और ग्रामीणों ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रही। लगातार बढ़ते विवाद और पारिवारिक तनाव के बीच पति ने स्थिति को शांत करने के लिए बड़ा कदम उठाया।

मंदिर में कराई गई शादी

आखिरकार आशीष तिवारी ने स्वयं मंदिर में पत्नी और उसके प्रेमी की शादी की व्यवस्था करवाई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों में देखा जा सकता है कि पति की मौजूदगी में प्रेमी ने महिला की मांग भरकर विवाह की रस्म पूरी की। इस दौरान पति के चेहरे पर बेबसी और टूटते परिवार का दर्द साफ नजर आ रहा था।

बच्चों का भावुक फैसला

आशीष और पिंकी की शादी वर्ष 2016 में हुई थी और उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा सात साल का है, जबकि छोटा चार साल का। घटना का सबसे संवेदनशील मोड़ तब आया, जब बच्चों से पूछा गया कि वे किसके साथ रहना चाहते हैं।

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आपको बतादें कि मां ने उन्हें अपने साथ ले जाने की इच्छा जताई, लेकिन दोनों बच्चों ने पिता के साथ रहने का फैसला किया। बच्चों ने मां के साथ जाने से इनकार कर दिया, जिससे वहां मौजूद लोग भावुक हो गए।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़

घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। कुछ लोग पति के फैसले को उसकी मजबूरी और मानसिक शांति से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य इसे पारिवारिक मूल्यों के पतन के रूप में आंक रहे हैं। फिलहाल महिला अपने प्रेमी के साथ चली गई है, जबकि पति अपने दोनों बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी निभाने में जुटा है।

‘शंकराचार्य’ पद को लेकर अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस, 24 घंटे में जवाब तलब

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के दौरान एक नया विवाद सामने आया है। मेला प्रशासन ने ज्योतिष्पीठ से जुड़े स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को नोटिस जारी कर उनके नाम के साथ ‘शंकराचार्य’ पद के उपयोग पर आपत्ति जताई है। प्रशासन ने उनसे इस पद के वैधानिक अधिकार और उससे संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। नोटिस के बाद संत समाज और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

दरअसल, माघ पूर्णिमा के अवसर पर संगम स्नान को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच पहले ही तनाव की स्थिति बन चुकी थी। स्नान की अनुमति न मिलने के बाद वे बिना स्नान किए लौट आए थे और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए अनशन शुरू कर दिया था। प्रशासन की ओर से इन आरोपों का खंडन भी किया गया था। इसी विवाद के बीच अब नोटिस जारी होने से मामला और पेचीदा हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले का हवाला

माघ मेला प्रशासन ने अपने नोटिस में सुप्रीम कोर्ट में लंबित एक याचिका का उल्लेख किया है। नोटिस में पूछा गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने नाम के आगे ‘शंकराचार्य’ क्यों लिखते हैं, जबकि ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य को लेकर मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर स्थिति स्पष्ट करने और लिखित जवाब देने का निर्देश दिया है।

यह नोटिस प्रयागराज मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ऋषिराज की ओर से जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में लगे बोर्ड पर ‘ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य’ शब्द का प्रयोग किया गया है, जबकि वर्ष 2020 से जुड़ा यह विवाद अब भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। ऐसे में अंतिम आदेश या दिशा-निर्देश के बिना इस पद का उपयोग न्यायालय की अवहेलना माना जा सकता है।

मौनी अमावस्या से जुड़ा है विवाद

बताया जा रहा है कि यह विवाद मौनी अमावस्या के दिन और गहरा गया था, जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी को संगम जाने से रोक दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके कई शिष्यों के साथ पुलिस ने मारपीट की और उन्हें जबरन संगम तट से हटाया गया। हालांकि प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज किया था।

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मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल और पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार का कहना था कि किसी के साथ मारपीट नहीं की गई, बल्कि कुछ लोग पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार कर रहे थे, जिन्हें वहां से हटाया गया। मेलाधिकारी ऋषिराज ने भी नोटिस की पुष्टि करते हुए कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए प्रशासन ने नियमों के तहत कार्रवाई की है।

शिविर में नाराजगी, बढ़ सकता है विवाद

नोटिस मिलने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर और समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है। उनके समर्थकों का कहना है कि यह सनातन परंपरा और शंकराचार्य पीठ की मान्यताओं पर सीधा हस्तक्षेप है। उनका तर्क है कि पीठ की परंपराएं शास्त्रों और धार्मिक नियमों से तय होती हैं, न कि प्रशासनिक आदेशों से।

मेला प्रशासन ने साफ किया है कि तय समय सीमा के भीतर जवाब न मिलने की स्थिति में आगे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं, जिसमें शिविर और सुविधाओं पर कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। माघ मेले जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में किसी प्रमुख संत को इस तरह का नोटिस दिए जाने को असामान्य माना जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में विवाद और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

Aaj Ka Rashifal 20 January 2026:ग्रहों की चाल से 7 राशियों पर असर, सावधानी जरूरी

Aaj Ka Rashifal 20 January 2026:- आज 20 जनवरी 2026, मंगलवार को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति काफी खास बनी हुई है। केतु मिथुन राशि में स्थित हैं, जबकि सूर्य, बुध, शुक्र, मंगल और चंद्रमा एक साथ मकर राशि में विराजमान हैं, जिससे ग्रहों का बड़ा संयोग बन रहा है। वहीं राहु कुंभ और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। इन ग्रह स्थितियों का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। आज कुछ राशियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक का दैनिक राशिफल—

मेष राशि

आज कारोबार में थोड़ी असहजता महसूस हो सकती है, लेकिन किसी बड़े नुकसान के योग नहीं हैं। अंततः परिणाम आपके पक्ष में जाएंगे। प्रेम और संतान से जुड़ी स्थितियां अनुकूल रहेंगी। स्वास्थ्य और व्यापार सामान्य से अच्छे रहेंगे। नीली वस्तु का दान करना लाभकारी रहेगा।

वृषभ राशि

भाग्य का साथ कभी मिलेगा तो कभी कमजोर लगेगा। सामाजिक मान-सम्मान को लेकर सावधानी बरतें। स्वास्थ्य, प्रेम जीवन और व्यापार संतोषजनक रहेंगे। यात्रा से तुरंत लाभ न दिखे, लेकिन भविष्य में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। शनिदेव को नमन करना शुभ रहेगा।

मिथुन राशि

आज का दिन थोड़ा सावधानी से निकालने की जरूरत है। स्वास्थ्य, प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में सतर्क रहें। व्यापार सामान्य रूप से चलता रहेगा। काली मां को प्रणाम करें और हरी वस्तु अपने पास रखें।

कर्क राशि

नौकरीपेशा लोगों को उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य में सुस्ती रहेगी। पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में कुछ तनाव महसूस हो सकता है, लेकिन अंत में स्थिति संभल जाएगी। लाल वस्तु साथ रखें और काली वस्तु का दान करें।

सिंह राशि

आज का समय थोड़ा परेशान करने वाला हो सकता है। विरोधी सक्रिय रहेंगे और स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रहेगा। हालांकि प्रेम जीवन, संतान और व्यापार की स्थिति मजबूत रहेगी। अंततः विजय आपके पक्ष में होगी। सूर्य को जल अर्पित करना शुभ रहेगा।

कन्या राशि

मन अशांत रह सकता है। बच्चों की सेहत या पढ़ाई को लेकर चिंता हो सकती है। प्रेम संबंधों में मतभेद संभव हैं। विद्यार्थियों के लिए निर्णय लेना कठिन हो सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा और व्यापार अच्छा चलेगा। हरी वस्तु पास रखना लाभदायक होगा।

तुला राशि

घर-परिवार में कलह के संकेत मिल रहे हैं। नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव महसूस हो सकता है। माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है। प्रेम, संतान और व्यापार औसत रहेंगे। शनिदेव को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि

आज पराक्रम दिखाने का दिन है। फिलहाल परिणाम की चिंता न करें, मेहनत का फल आगे मिलेगा। स्वास्थ्य में हल्का उतार-चढ़ाव रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति अच्छी बनी रहेगी। नीली वस्तु का दान शुभ रहेगा।

धनु राशि

आज जुआ, सट्टा या किसी भी प्रकार के जोखिम भरे निवेश से दूर रहें। आर्थिक नुकसान की आशंका है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन मुख या दांत संबंधी परेशानी हो सकती है। प्रेम, संतान और व्यापार अच्छा रहेगा। लाल वस्तु पास रखें।

मकर राशि

मन में बेचैनी, घबराहट और क्रोध की स्थिति बनी रह सकती है। मानसिक तनाव महसूस हो सकता है। प्रेम और संतान की स्थिति सामान्य रहेगी। व्यापार में स्थिरता रहेगी। काली मां को प्रणाम करना शुभ होगा।

कुंभ राशि

आज का दिन अनुकूल नहीं कहा जा सकता। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। खर्चों में वृद्धि और कर्ज की चिंता रहेगी। सरकारी मामलों में सावधानी बरतें। काली मां को प्रणाम करें और सूर्य को जल अर्पित करें।

मीन राशि

आय के नए अवसर बनेंगे, हालांकि शुरुआत में रुकावट महसूस हो सकती है। एक-दो दिन में स्थिति बेहतर हो जाएगी। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार में सकारात्मक बदलाव आएगा। यात्रा लाभदायक सिद्ध होगी। काली मां को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

मृत्यु से पहले ही निर्धारित हो जाता है अगला जन्म? जानिए कौन से कर्म दिलाते हैं निम्न या उच्च योनि

हिंदू धर्म के प्रमुख ग्रंथों में से एक, गरुड़ पुराण, मृत्यु, पुनर्जन्म और कर्मफल के रहस्यों पर प्रकाश डालता है। इस पुराण के अनुसार, व्यक्ति का अगला जन्म मृत्यु से पहले ही उसके कर्मों के आधार पर निर्धारित हो जाता है। पिछले जन्मों के संचित कर्म, इस जन्म के प्रारब्ध कर्म और मृत्यु के समय अंतिम विचार मिलकर अगले जीवन का स्वरूप तय करते हैं।

गरुड़ पुराण में कुल 84 लाख योनियों का उल्लेख किया गया है, जिसमें मनुष्य की योनि को सबसे श्रेष्ठ माना गया है। अच्छे कर्म करने वाले उच्च योनि प्राप्त करते हैं, जबकि बुरे कर्मों के कारण निम्न योनि या नरक भोग का सामना करना पड़ता है।

मृत्यु के समय अंतिम विचार अहम

गरुड़ पुराण में बताया गया है कि व्यक्ति का मृत्यु के समय आखिरी विचार (अंतिम चिंतन) उसके अगली जन्म को प्रभावित करता है। यदि मन अंत समय में ईश्वर या सात्विक भाव में केंद्रित है, तो उच्च लोक या श्रेष्ठ जन्म प्राप्त होता है। वहीं, यदि मन में पाप, क्रोध या लोभ भरा हो, तो निम्न योनि में जन्म लेना पड़ता है। यमराज कर्मों का लेखा-जोखा करके अगली योनि का निर्धारण करते हैं।

धर्म का अपमान करने वालों का अगला जन्म

यदि कोई व्यक्ति धर्म, वेद, पुराण या ईश्वर का अपमान करता है, नास्तिकता फैलाता है या पूजा-पाठ से दूर रहता है, तो गरुड़ पुराण के अनुसार उसका अगला जन्म कुत्ते के रूप में होता है। यह जीवन भर धर्म के प्रति अपराध करने का परिणाम माना गया है।

मित्र के साथ विश्वासघात करने वालों का भविष्य

जो लोग मित्रता में धोखा करते हैं, उनका अगला जन्म गिद्ध के रूप में होता है। गिद्ध की जीवनशैली दूसरों के मृत शरीर पर निर्भर होती है, जो मित्र के अपमान के फल के अनुरूप है।

दूसरों को मूर्ख बनाने और कष्ट पहुँचाने वाले

गरुड़ पुराण में उल्लू और बकरी के उदाहरण दिए गए हैं। जो लोग चालाकी से दूसरों को मूर्ख बनाते हैं, उनका अगला जन्म उल्लू के रूप में होता है। वहीं, जो लोग गाली-गलौज करते हैं और दूसरों को वाणी से चोट पहुँचाते हैं, उनका जन्म बकरी में होता है।

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गरुड़ पुराण हमें यही संदेश देता है कि हमारे कर्म ही हमारे अगले जन्म को तय करते हैं। अच्छे कर्म, भक्ति, दान और सत्य का पालन करने से जीवन में उच्च योनि मिलती है, जबकि पाप और अपवित्र कर्म निम्न योनि की ओर ले जाते हैं।

नोट: इस आलेख में दी गई जानकारी सामान्य ज्ञान पर आधारित है। विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

उत्तर भारत में भूकंप के झटके: लद्दाख और दिल्ली में महसूस, रिक्टर स्केल पर तीव्रता दर्ज

लद्दाख में भूकंप के झटके: सोमवार को लद्दाख के लेह क्षेत्र में भूकंप से हड़कंप मच गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार भूकंप की तीव्रता 5.7 रिक्टर स्केल पर मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन से 171 किलोमीटर नीचे था।

भूकंप के झटके कश्मीर में भी महसूस किए गए और एजेंसियों के अनुसार इसका असर ताजिकिस्तान तक देखा गया। भूकंप सुबह 11:51 बजे आया। राहत की खबर यह है कि इस दौरान किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।

दिल्ली और आसपास:
दिल्ली में भी सोमवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.8 रही। NCS के अनुसार भूकंप का केंद्र उत्तरी दिल्ली में था। राजधानी में सुबह 8:44 बजे यह भूकंप दर्ज किया गया।

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इसके अलावा हरियाणा के सोनीपत में भी हल्के झटके महसूस किए गए, लेकिन किसी प्रकार के नुकसान की जानकारी नहीं है।

विशेष जानकारी:

  • लद्दाख भूकंप की तीव्रता: 5.7
  • दिल्ली भूकंप की तीव्रता: 2.8
  • भूकंप का समय: लद्दाख – 11:51, दिल्ली – 8:44
  • भूकंप का केंद्र: लद्दाख – 171 किमी नीचे, दिल्ली – उत्तरी दिल्ली
  • नुकसान: कोई जनहानि नहीं

लेस्बियन पत्नी ने महिला प्रेमी के साथ मिलकर कराई किसान पति की हत्या, 60 हजार में दी सुपारी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- फतेहपुर (यूपी) में एक किसान की निर्मम हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। मृतक सुमेर सिंह की पत्नी रेनू देवी ने अपनी महिला प्रेमी मालती देवी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और इसके लिए 60 हजार रुपये की सुपारी दी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि दो हत्यारे अभी फरार हैं।

हत्या का सनसनीखेज खुलासा

14 जनवरी को असोथर थाना क्षेत्र के टीकर गांव में सुमेर सिंह की हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने शव को अरहर के खेत में फेंक दिया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने जांच के दौरान पता लगाया कि यह हत्या घरेलू और प्रेम संबंध से जुड़ी साजिश थी।

समलैंगिक संबंध और साजिश

पुलिस की जांच में सामने आया कि रेनू देवी और मालती देवी के बीच डेढ़ साल से समलैंगिक संबंध थे। दोनों एक साथ स्वतंत्र जीवन जीना चाहती थीं। मालती देवी की पूर्व में तीन शादियां हो चुकी थीं, फिर भी वह अक्सर सुमेर सिंह के घर आती-जाती और रेनू के साथ समय बिताती थीं। जब परिवार को इस संबंध की जानकारी हुई, तो मालती के आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई।

मोबाइल के जरिए योजना बनाई

पुलिस ने बताया कि मालती देवी ने रेनू को एक छोटा कीपैड मोबाइल फोन दिया, जिससे दोनों के बीच लगातार संपर्क बना रहा। इसी दौरान उन्होंने सुमेर सिंह को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

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इस साजिश को अंजाम देने के लिए मालती ने अपने पुराने परिचित जितेंद्र गुप्ता उर्फ जिद्दी को 60 हजार रुपये की सुपारी दी। 8 हजार रुपये रेनू ने पहले ही नकद दिए, जबकि बाकी रकम हत्या के बाद देने का वादा किया गया।

बेरहमी से हत्या

घटना वाले दिन जितेंद्र गुप्ता अपने साथियों राजू सोनकर और रामप्रकाश के साथ घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही सुमेर मौके पर पहुंचे, आरोपियों ने पहले रस्सी से गला दबाया और फिर चाकू से बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद शव को अरहर के खेत में फेंककर सभी फरार हो गए।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने रेनू देवी, मालती देवी और राजू सोनकर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि जितेंद्र गुप्ता और रामप्रकाश की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और हत्या में प्रयुक्त रस्सी बरामद की गई। एसपी अनूप सिंह ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और दबिश लगातार जारी है।

प्रतीक यादव ने अपर्णा यादव से तलाक का किया दावा, पोस्ट से मचा हड़कंप

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की सियासी हलकों में इस समय बड़ी खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव से तलाक लेने का एलान किया है। यह जानकारी प्रतीक ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके साझा की।

इंस्टाग्राम पोस्ट में क्या लिखा?

प्रतीक यादव ने अपने @iamprateekyadav अकाउंट से पोस्ट में लिखा: “मैं अपर्णा को जल्द से जल्द तलाक देने जा रहा हूं। उन्होंने मेरे परिवार के रिश्ते खराब कर दिए। बस मशहूर और असरदार बनना चाहती हैं। मेरी मेंटल हेल्थ इस समय बहुत खराब है, लेकिन उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं बदकिस्मत था कि मेरी शादी उनसे हुई।”

Prateek Yadav announced his divorce from Aparna Yadav wrote this in an Insta post

इस पोस्ट से प्रतीक ने साफ किया कि उनका झुकाव अब तलाक की तरफ है और वे इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहते।

परिवार या आधिकारिक पुष्टि नहीं

हालांकि इस पोस्ट के बाद भी प्रतीक या अपर्णा के परिवार ने कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। परिवार के करीबी सूत्रों का कहना है कि अपर्णा अभी बाहर हैं, और यह भी संभव है कि किसी ने सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर लिया हो।

सियासी और निजी हलचल

यह मामला न केवल व्यक्तिगत जीवन से जुड़ा है, बल्कि यूपी की सियासत में भी चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि दोनों ही व्यक्तित्व राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़े हैं।

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इस घटना ने उत्तर प्रदेश की सियासी गलियारों में चर्चा का नया मुद्दा खड़ा कर दिया है और यह देखना दिलचस्प होगा कि इस पर परिवार और पार्टी का क्या रुख रहेगा।

ओपी राजभर की ‘पीली सेना’ का विस्तार, प्रशिक्षण से पहले 2,500 से ज्यादा युवाओं को वर्दी और डंडा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर एक बार फिर अपने अलग अंदाज को लेकर सुर्खियों में हैं। आजमगढ़ जिले के अतरौलिया क्षेत्र के खजुरी गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राजभर ने राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना का दायरा बढ़ाते हुए ढाई हजार से अधिक युवाओं को संगठन से जोड़ा। इस मौके पर युवाओं को प्रतीकात्मक रूप से पीली वर्दी और पीला डंडा भी सौंपा गया, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

पीले रंग में रंगा प्रशिक्षण शिविर

खजुरी गांव में आयोजित प्रशिक्षण शिविर का माहौल किसी कैंप जैसा नजर आया, जहां हर ओर पीला रंग छाया हुआ था। कार्यक्रम के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने स्वयं युवाओं को पारंपरिक प्रशिक्षण साधन के रूप में डंडा दिया। उन्होंने कहा कि यह शक्ति, अनुशासन और एकता का प्रतीक है। राजभर के मुताबिक, राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना का उद्देश्य युवाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और समाज में अनुशासित व जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना है।

“डंडा हथियार नहीं, प्रशिक्षण का माध्यम”

पीली वर्दी और डंडा बांटे जाने पर उठे सवालों पर राजभर ने साफ कहा कि इसे हथियार के रूप में देखना गलत है। उन्होंने कहा कि यह अवैध हथियार नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण का हिस्सा है। राजभर ने तर्क दिया कि लाठी-डंडा भारतीय परंपरा का हिस्सा रहा है और आत्मरक्षा का प्रतीक भी माना जाता है, इसलिए इसे नकारात्मक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

पूर्वांचल में सियासी मजबूती की तैयारी

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘पीली सेना’ के जरिए ओम प्रकाश राजभर पूर्वांचल में अपनी राजनीतिक जमीन को और मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। एक समान वर्दी और प्रशिक्षण के जरिए संगठन को मजबूत संदेश देने की रणनीति अपनाई गई है।

यह भी पढ़े:- पत्नी की हत्या कर थाने पहुंचा पति, बोला– मारने का कोई अफसोस नहीं

मंच से राजभर ने कहा कि यह सेना किसी के विरोध के लिए नहीं, बल्कि गरीब, वंचित और शोषित वर्ग की आवाज बनने के लिए तैयार की जा रही है। उन्होंने युवाओं से गांव-गांव जाकर पार्टी की नीतियों और महाराजा सुहेलदेव के विचारों को लोगों तक पहुंचाने की अपील की।

विपक्ष को मिला हमला बोलने का मौका

इस आयोजन के बाद विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं कि क्या किसी मंत्री द्वारा इस तरह डंडा बांटना शांति व्यवस्था के लिहाज से सही है। हालांकि, राजभर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे पूरी तरह संगठनात्मक गतिविधि बताया है। अब देखना होगा कि यह ‘पीला अभियान’ आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में किस तरह की हलचल पैदा करता है।

पत्नी की हत्या कर थाने पहुंचा पति, बोला– मारने का कोई अफसोस नहीं, बहन की शादी में न जा पाने का दुख

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के महाराजपुर क्षेत्र में पत्नी की हत्या के बाद थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण करने वाले युवक को पुलिस ने रविवार को जेल भेज दिया। जेल में बंद आरोपी का व्यवहार भी चौंकाने वाला रहा। उसने पूरी रात न तो नींद ली और न ही भोजन किया। जब उससे वजह पूछी गई तो उसने साफ कहा कि उसे पत्नी की हत्या का कोई पछतावा नहीं है, बल्कि इस बात का दुख है कि वह दो महीने बाद होने वाली अपनी बहन की शादी में शामिल नहीं हो पाएगा।

फतेहपुर जिले के गाजीपुर थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव निवासी सचिन सिंह ने करीब चार महीने पहले श्वेता सिंह से परिवार की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों कानपुर के रूमा स्थित न्यू हाईटेक सिटी में किराए के मकान में रह रहे थे।

शक और झगड़े के बाद हत्या

पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार देर रात सचिन अचानक घर लौटा, जहां उसने पत्नी श्वेता को कथित तौर पर इंजीनियरिंग के छात्रों के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गया। गुस्से में आकर सचिन ने श्वेता का दुपट्टे से गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद सचिन खुद महाराजपुर थाने पहुंचा और पूरे मामले की जानकारी देते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। शनिवार रात वह थाने की हवालात में रहा, जहां उसने पूरी रात जागकर बिताई और खाना भी नहीं खाया।

“बेवफाई की सजा दी”

रविवार सुबह जब आरोपी को जेल भेजा जा रहा था, तब उसने कहा कि वह अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता था, लेकिन उसने धोखा दिया, जिसकी सजा उसने उसे दी है। पत्नी की मौत का उसे कोई दुख नहीं है। हां, इस बात का अफसोस जरूर है कि वह अब अपनी छोटी बहन की शादी में शामिल नहीं हो सकेगा।

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शनिवार देर रात जब सचिन के परिजन थाने पहुंचे तो उन्हें देखकर वह भावुक हो गया और फूट-फूटकर रोने लगा। महाराजपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

चारपाई पर मिली थी श्वेता की लाश

पुलिस ने बताया कि श्वेता का शव कमरे के अंदर चारपाई पर पड़ा मिला था। दंपती पिछले कुछ महीनों से उसी मकान में रह रहे थे। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) सत्यजीत गुप्ता के अनुसार, आरोपी को पत्नी के चरित्र पर शक था। इसी शक को पुख्ता करने के लिए वह बाहर गया और पत्नी को यह कहकर गया था कि वह शनिवार को लौटेगा, लेकिन शुक्रवार रात ही अचानक वापस आ गया।

फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।