न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पंजाब की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विधानसभा में शराब के नशे में पहुंचने के आरोप लगाए गए। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखा हमला बोला, जिससे सदन का माहौल काफी गरमा गया।
राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री नशे की हालत में विधानसभा में भाषण दे रहे थे। उन्होंने अपने पोस्ट में इस पर गंभीर सवाल उठाए और इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया।
वहीं शिरोमणि अकाली दल ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। पार्टी ने अपने बयान में कहा कि ‘मजदूर दिवस’ जैसे महत्वपूर्ण दिन पर इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अकाली दल ने मुख्यमंत्री के आचरण की निंदा करते हुए उनके एल्कोहल टेस्ट की मांग भी की, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
ਬਹੁਤ ਸ਼ਰਮ ਦੀ ਗੱਲ ਹੈ ਕਿ @BhagwantMann ਅੱਜ ‘ਮਜ਼ਦੂਰ ਦਿਵਸ’ ਮੌਕੇ ਪਵਿੱਤਰ ਸਦਨ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਿੱਚ ਸ਼ਰਾਬ ਨਾਲ ਡੱਕ ਕੇ ਆ ਗਿਆ❗
ਤੁਸੀਂ ਖੁਦ ਹਾਲ ਦੇਖ ਲਓ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦਾ, ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ’ ਚ ਕਿਵੇਂ ਵਿਵਹਾਰ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ❗
ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੇ ਇਸ ਵਤੀਰੇ ਦੀ ਸਖ਼ਤ ਨਿੰਦਾ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਉਸਨੂੰ ਅੱਜ ਦੇ ਦਿਨ ਸ਼ਰਾਬ ਪੀਕੇ… pic.twitter.com/zuszvbRWea— Shiromani Akali Dal (@Akali_Dal_) May 1, 2026
इस बीच, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि केवल मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि सभी विधायकों का एल्कोहल मीटर टेस्ट कराया जाना चाहिए, जिससे किसी भी तरह की शंका दूर हो सके।
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