लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) का तृतीय दीक्षांत समारोह सोमवार को शैक्षणिक शोभायात्रा के साथ भव्य रूप से आयोजित किया गया। समारोह में संस्थान के मेधावी विद्यार्थियों को उपाधियां, पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इस दौरान संस्थान प्रशासन ने चिकित्सा शिक्षा, शोध, रोगी सेवाओं और अधोसंरचना विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धियों को भी साझा किया।
समारोह का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों के स्वागत और चंदन के पौधे भेंट कर किया गया। इसके बाद संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) सी.एम. सिंह ने दीक्षांत समारोह की औपचारिक घोषणा करते हुए विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
“ज्ञान के साथ संवेदना भी जरूरी”
अपने संबोधन में प्रो. सी.एम. सिंह ने कहा कि चिकित्सा केवल उपचार का माध्यम नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों से मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भावना बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को उनके ज्ञान से अधिक उनके व्यवहार के लिए याद रखा जाता है।
चिकित्सा शिक्षा में लगातार विस्तार
संस्थान ने अपनी प्रगति रिपोर्ट में बताया कि वर्तमान में यहां प्रतिवर्ष 200 एमबीबीएस, 107 एमडी-एमएस, 36 डीएम-एमसीएच, 40 बीएससी नर्सिंग, 76 पैरामेडिकल डिप्लोमा और 35 पीएचडी शोधार्थियों को प्रवेश दिया जा रहा है। संस्थान के 34 विभागों में विभिन्न शैक्षणिक पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं।
शोध और नवाचार में भी बढ़त
वर्ष 2025-26 के दौरान संस्थान में 148 नई अनुसंधान परियोजनाएं शुरू की गईं, जबकि 20 क्लीनिकल ट्रायल भी प्रारंभ हुए। इसके अलावा तीन पेटेंट दर्ज किए गए हैं। संस्थान ने नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए अपना इन्क्यूबेशन सेंटर “RMLIMS Foundation” भी स्थापित किया है।
एक साल में 9 लाख से अधिक मरीजों का उपचार
रोगी सेवाओं के क्षेत्र में भी संस्थान ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पिछले एक वर्ष में 9 लाख से अधिक मरीजों को ओपीडी सेवाएं प्रदान की गईं, जबकि 78 हजार से अधिक मरीज भर्ती कर उपचारित किए गए। इसी अवधि में 1.71 लाख मरीजों को आपातकालीन सेवाएं और 39 हजार से अधिक सर्जरी की गईं। लगभग 7 हजार सुरक्षित प्रसव भी कराए गए।
मरीजों के लिए कई नई सुविधाएं
संस्थान ने कई रोगी-केंद्रित पहल शुरू की हैं, जिनमें—
- उसी दिन सीटी स्कैन, एमआरआई, ईको और अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा।
- भर्ती मरीजों को सीधे बेड तक दवाइयों की उपलब्धता।
- गंभीर मरीजों के लिए पोर्टर सिस्टम के माध्यम से त्वरित सहायता।
- 24×7 ग्रीन ओपीडी सेवा।
- दूरस्थ मरीजों के लिए टेली-फॉलो-अप सुविधा।
- क्यूआर कोड आधारित शिकायत निवारण प्रणाली।
ट्रांसप्लांट और रोबोटिक सर्जरी में नई उपलब्धियां
संस्थान ने अब तक 200 से अधिक किडनी प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किए हैं। वहीं 350 से अधिक रोबोटिक सर्जरी भी संपन्न की जा चुकी हैं। जल्द ही बोन मैरो, लिवर और कॉर्निया ट्रांसप्लांट सेवाएं शुरू करने की तैयारी चल रही है।
न्यूरो साइंस सेंटर में बड़ी उपलब्धि
RMLIMS में पहली बार पार्किंसन रोग के मरीज पर डीप ब्रेन स्टिमुलेशन सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। इसके अलावा उत्तर प्रदेश का पहला गामा नाइफ सिस्टम भी जल्द शुरू किया जाएगा।
1010 बेड के नए अस्पताल को मंजूरी
संस्थान परिसर में 1010 बेड क्षमता वाले अत्याधुनिक अस्पताल के निर्माण को प्रदेश सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। इसके साथ ही 100 बेड के क्रिटिकल केयर सेंटर, 888 बेड छात्रावास, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और 350 बेड के लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर की परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं।
राज्यपाल और उपमुख्यमंत्री ने दिया संदेश
समारोह को ऑनलाइन संबोधित करते हुए राज्यपाल एवं कुलाध्यक्षा ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में सेवा और समर्पण ही सबसे बड़ा धर्म है। वहीं उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और युवा डॉक्टरों के साथ हर कदम पर खड़ी है।
26 मेधावियों को मिले पदक
दीक्षांत समारोह के दौरान एमबीबीएस, एमडी, एमएस, डीएम, एमसीएच, बीएससी नर्सिंग और एमएससी न्यूक्लियर मेडिसिन के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। चांसलर मेडल और डायरेक्टर मेडल समेत कुल 26 पदक एवं प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए। वहीं एनाटॉमी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. राजन भटनागर को “उत्कृष्ट अध्यापक सम्मान” से सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
समारोह में एमबीबीएस विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों और नाट्य प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। पर्यावरण संरक्षण पर आधारित नाटक प्रस्तुत करने वाले स्कूली बच्चों को भी सम्मानित किया गया। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्मानित कर किट वितरित की गईं और विद्यार्थियों के बीच पुस्तकों का वितरण किया गया।



