नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- लंबे समय से अशांत रहे मणिपुर में राजनीतिक स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। भाजपा विधायक दल के नेता वाई खेमचंद सिंह ने बुधवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। लोकभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा भी मौजूद रहे।
मणिपुर को मिले दो उपमुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह के शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल ने भाजपा विधायक नेमचा किपगेन और नगा पीपुल्स फ्रंट (NPF) के विधायक एल डिखो को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई।
कुकी समुदाय से आने वाली विधायक नेमचा किपगेन ने ऑनलाइन माध्यम से उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वहीं भाजपा के गोविंदास कोंथौजम और एनपीपी नेता के. लोकेन सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली। मणिपुर में दो डिप्टी सीएम बनाए जाने को सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन के तौर पर देखा जा रहा है।
राष्ट्रपति शासन हटाया गया
मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के गठन से पहले केंद्र सरकार ने मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हटा लिया। राज्य में 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू था। 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है, लेकिन राष्ट्रपति शासन के दौरान विधानसभा निलंबित कर दी गई थी।
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राष्ट्रपति की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि संविधान के अनुच्छेद 356(2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मणिपुर में 13 फरवरी 2025 को लागू राष्ट्रपति शासन को 4 फरवरी 2026 से समाप्त किया जाता है।
क्यों लगा था राष्ट्रपति शासन
गौरतलब है कि पिछले वर्ष 9 फरवरी को मेइती और कुकी समुदायों के बीच महीनों तक चली जातीय हिंसा के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। विपक्ष और कई सामाजिक संगठनों ने राज्य सरकार पर हालात संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया था। इसके बाद केंद्र ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था।
#WATCH | Imphal: BJP Manipur Legislature Party leader Yumnam Khemchand Singh takes oath as the Chief Minister of Manipur
Governor of Manipur Ajay Bhalla administers the oath at the Lok Bhavan. pic.twitter.com/Ri1Et4J0Oa
— ANI (@ANI) February 4, 2026
अब नए मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के गठन के साथ राज्य में शांति, कानून-व्यवस्था और पुनर्निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।



