लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए दर्दनाक अग्निकांड मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने घटना के संबंध में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हादसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
तीन इमारत मालिक गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार अलीगंज थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 115/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। मामले में छह नामजद आरोपियों समेत अन्य जिम्मेदार लोगों को आरोपी बनाया गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और तुषॉक कृष्णा जायसवाल के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि तीनों संबंधित भवन के संयुक्त मालिक हैं। जांच में सामने आया है कि जिस भवन में हादसा हुआ, उसे मूल रूप से आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृति मिली थी, लेकिन उसका इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
अलीगंज के सहायक पुलिस आयुक्त शशि प्रकाश मिश्रा ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चार अधिकारियों पर भी गिरी गाज
अग्निकांड में संभावित प्रशासनिक लापरवाही को देखते हुए सरकार ने चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में जानकीपुरम के एक्सईएन कलेक्शन गौरव कुमार, इंदिरानगर के एफएसएसओ कमलेन्द्र कुमार सिंह, सहायक अभियंता अनिल कुमार और जूनियर इंजीनियर प्रमोद पांडे शामिल हैं।
सरकार ने कहा है कि सुरक्षा मानकों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की चूक पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
15 लोगों की मौत, 9 घायल
गौरतलब है कि सोमवार को अलीगंज स्थित तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद दमकल, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने कई घंटे तक राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार कुल 22 घायलों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें से 15 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
घटनास्थल पहुंचे राजनाथ सिंह और सीएम योगी
हादसे के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने मामले की गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) के गठन के निर्देश दिए हैं। SIT को हादसे के कारणों, सुरक्षा मानकों में हुई चूक और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट सौंपनी है।



