Wednesday, June 24, 2026

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लखनऊ अग्निकांड के बाद एलडीए का बड़ा एक्शन, हादसे वाली बिल्डिंग पर चस्पा किया ध्वस्तीकरण नोटिस

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी स्थित एमएस-103 भवन में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। हादसे में 15 लोगों की मौत के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने भवन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए देर रात ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा कर दिया। प्राधिकरण ने भवन स्वामियों को 15 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है।

आवासीय भवन में चल रही थीं व्यावसायिक गतिविधियां

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भवन को आवासीय मानचित्र के आधार पर स्वीकृति मिली थी, लेकिन इसका उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। जांच में यह भी पाया गया कि भवन में अग्निशमन सुरक्षा मानकों, निर्धारित सेटबैक और अन्य आवश्यक सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया था।

हादसे के बाद एलडीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे, जिसके बाद प्राधिकरण ने तत्काल कार्रवाई शुरू करते हुए भवन के खिलाफ ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित हुई एसआईटी

अग्निकांड की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद घटना की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया।

एसआईटी में पर्यटन, धर्मार्थ कार्य एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने जांच दल को सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का निरीक्षण करने, केजीएमयू में भर्ती घायलों का हाल जानने और मृतकों के परिजनों से मुलाकात के बाद अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने हादसे पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।

15 लोगों की दर्दनाक मौत

सोमवार को अलीगंज सेक्टर-डी स्थित एक एनिमेशन सेंटर और पेट क्लीनिक में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश छात्र-छात्राएं शामिल थे जो एनिमेशन सेंटर में प्रशिक्षण ले रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग फैलने के बाद भवन में अफरा-तफरी मच गई। कई छात्र जान बचाने के लिए ऊपर की ओर भागे, लेकिन अंतिम निकास द्वार बंद होने के कारण बाहर नहीं निकल सके। कुछ लोगों ने खिड़कियों से छलांग लगाकर अपनी जान बचाने की कोशिश की।

घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक छात्र नीचे कूदते समय लोहे की ग्रिल की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इसे अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना बताया।

जिम्मेदारों पर होगी सख्त कार्रवाई

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अग्निकांड के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे।

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