Report- Hari Ram, Lucknow
हरदोई/सर्वोदय न्यूज़: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में सरकारी दस्तावेजों को जलाने का एक गंभीर मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मामला जेल रोड स्थित जल निगम (ग्रामीण) के स्टोर का है, जहां कथित तौर पर ‘हर घर नल से जल’ योजना से जुड़े दस्तावेज और अन्य सरकारी सामग्री आग के हवाले की जा रही थी।
जानकारी के मुताबिक स्टोर परिसर से धुआं उठता देख जिलाधिकारी अनुनय झा मौके पर पहुंचे। उनके साथ पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौजूद थी। निरीक्षण के दौरान बड़ी मात्रा में सरकारी अभिलेख, फाइलें और पानी की गुणवत्ता जांच से संबंधित सामग्री जलती हुई पाई गई। मौके से कई दस्तावेज आंशिक रूप से जली हुई अवस्था में भी बरामद किए गए।
प्रशासन का कहना है कि दस्तावेजों को नष्ट करने के लिए सक्षम स्तर से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। ऐसे में मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान मौके पर जल निगम के प्रभारी अधिशासी अभियंता (XEN) नवनीत सिंह, सहायक अभियंता (AE) अमित सिंह, चौकीदार मेवाराम, सालिगराम तथा भाजपा के सोशल मीडिया सहसंयोजक ऋतुराज त्रिपाठी समेत अन्य लोग मौजूद पाए गए।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जल निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों और भाजपा नेता सहित कुल छह लोगों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सरकारी रिकॉर्ड को नष्ट करने के पीछे क्या कारण थे।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह कार्रवाई किसी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को समाप्त करने या किसी संभावित वित्तीय अनियमितता से जुड़े साक्ष्यों को मिटाने के उद्देश्य से तो नहीं की गई थी। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की विस्तृत जांच जारी है।