लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) के एनेस्थीसिया विभाग की ओर से सेंट्रल जोन पीजी असेंबली/आरएआरसी (RARC) के तहत तीन दिवसीय कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (CME) कार्यक्रम का गुरुवार को शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य एमडी एनेस्थीसिया के विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल और क्लिनिकल दक्षता को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के अनुरूप विकसित करना है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। उद्घाटन अवसर पर प्रो. दीपक मालवीय, प्रो. राकेश कुमार और प्रो. (कर्नल) आर.के. त्रिपाठी सहित एनेस्थीसिया विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक एवं विशेषज्ञ मौजूद रहे।
देशभर से पहुंचे एमडी एनेस्थीसिया के छात्र
इस शैक्षणिक कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए एमडी एनेस्थीसिया के विद्यार्थियों ने भाग लिया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने प्रतिभागियों को एनेस्थीसिया की नवीनतम तकनीकों, आधुनिक उपचार पद्धतियों और क्लिनिकल मैनेजमेंट से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण सत्रों के दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद किया, अपने अनुभव साझा किए और विभिन्न शैक्षणिक एवं क्लिनिकल विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
विद्यार्थियों की पेशेवर दक्षता बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष डॉ. प्रवीण कुमार दास, आयोजन सचिव डॉ. सुजीत राय और वैज्ञानिक सचिव डॉ. शिल्पी मिश्रा ने बताया कि ऐसे शैक्षणिक आयोजनों से विद्यार्थियों को चिकित्सा क्षेत्र की नई तकनीकों और व्यावहारिक अनुभवों की जानकारी मिलती है, जिससे उनकी पेशेवर दक्षता और मरीजों के उपचार की गुणवत्ता में सुधार होता है।
उन्होंने कहा कि बदलती चिकित्सा तकनीकों के साथ डॉक्टरों का लगातार प्रशिक्षण आवश्यक है और इस तरह के कार्यक्रम भविष्य के विशेषज्ञ चिकित्सकों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पहले दिन का सफल समापन
कार्यक्रम के सफल आयोजन में एनेस्थीसिया विभाग के संकाय सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों और सभी प्रतिभागियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पहले दिन के सत्र का समापन सभी प्रतिभागियों और विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।



