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सोलर स्ट्रीट लाइट से जगमग हुआ मिल्कीपुर क्षेत्र, विकास को मिला बल

मिल्कीपुर (अयोध्या)/सर्वोदय न्यूज़:- प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में सोलर स्ट्रीट लाइट लगने से गांवों और नगर पंचायत कुमारगंज के वार्डों में रात्रि के समय रोशनी की व्यवस्था बेहतर हुई है। शाम ढलते ही पूरा क्षेत्र अब जगमग नजर आता है, जिससे आमजन, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को काफी सुविधा मिल रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, इंडिया पेस्टिसाइड्स लिमिटेड, लखनऊ द्वारा अपने सीएसआर फंड के तहत मिल्कीपुर क्षेत्र के कई गांवों और नगर पंचायत कुमारगंज के चयनित स्थानों पर सोलर स्ट्रीट लाइट स्थापित कराई गई हैं। इससे पहले भी गत वर्ष कुमारगंज नगर पंचायत में 25 सोलर लाइटें लगाई गई थीं।

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इस कार्य में क्षेत्र की समाजसेवी बबीता तिवारी का विशेष योगदान रहा, हाल ही में उनके प्रयासों से 36 नई सोलर स्ट्रीट लाइटों की स्थापना कराई गई। उनके सहयोगियों कृष्णा नंद पाण्डेय एवं आशीष कुमार पाण्डेय (टिंकू) ने क्षेत्र भ्रमण कर उपयुक्त स्थानों का चयन किया, जिससे आमजन को अधिकतम लाभ मिल सके।
नगर पंचायत कुमारगंज में स्थान चिन्हांकन का कार्य अधिशासी अधिकारी संजय शुक्ला के निर्देशन में किया गया। समाजसेवी बबीता तिवारी ने क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे भी गति देने का संकल्प व्यक्त किया है।

बंगाल में पीएम मोदी का बड़ा ऐलान; पीएम किसान सम्मान निधि बढ़ाकर 9 हजार रुपये करेंगे!

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों और महिलाओं को लेकर कई बड़े वादे किए हैं। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनती है, तो पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 9,000 रुपये सालाना कर दिया जाएगा। अभी इस योजना के तहत किसानों को हर साल 6,000 रुपये तीन किस्तों में दिए जाते हैं।

किसानों के लिए बड़ा वादा

बनगांव में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर किसानों की आर्थिक मदद को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सम्मान निधि की राशि बढ़ाकर किसानों को अतिरिक्त राहत दी जाएगी।

महिलाओं के लिए योजनाओं की घोषणा

प्रधानमंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए ‘लखपति दीदी’ अभियान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत बंगाल की लाखों महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा, ताकि वे सालाना एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर सकें।

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इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि महिलाओं को अपना रोजगार शुरू करने के लिए 20 लाख रुपये तक का मुद्रा लोन दिया जाएगा। बैंक गारंटी की समस्या को देखते हुए सरकार खुद इसकी जिम्मेदारी लेने की बात भी कही गई।

आर्थिक सहायता और अन्य लाभ

पीएम मोदी ने बताया कि भाजपा सरकार बनने पर महिलाओं को हर साल 36,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जो पांच साल में कुल 1.8 लाख रुपये तक पहुंचेगी। वहीं बेटियों की शिक्षा के लिए 50,000 रुपये की मदद देने का भी वादा किया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए करीब 1.5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी, जिसमें घर महिलाओं के नाम पर होगा।

बिजली और स्वास्थ्य पर भी फोकस

प्रधानमंत्री ने बिजली बिल कम करने के लिए हर परिवार को सोलर प्लांट लगाने पर 80,000 रुपये की मदद देने की बात कही। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी, जिससे लोगों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा।

चुनावी रैली में किए गए इन वादों को भाजपा ने राज्य में विकास और कल्याण की दिशा में बड़ा कदम बताया है।

राघव चड्ढा समेत सभी 7 की जाएगी सांसदी; किन आधार पर संजय सिंह ने किया ऐसा दावा?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- संजय सिंह ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने पर एक बड़ा दावा किया है।आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में कथित बगावत को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा समेत सात सांसदों की सदस्यता रद्द होना लगभग तय है, क्योंकि उनका कदम दलबदल विरोधी कानून के खिलाफ है।

सभापति को लिखी चिट्ठी

संजय सिंह ने राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को पत्र लिखकर इन सातों सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इन सांसदों ने भाजपा में शामिल होने का फैसला लेकर संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन किया है।

दलबदल कानून का हवाला

AAP की ओर से दी गई याचिका में संविधान की 10वीं अनुसूची (दलबदल विरोधी कानून) का जिक्र किया गया है। संजय सिंह के मुताबिक, किसी भी सदन में अलग गुट बनाना मान्य नहीं है, चाहे उसमें दो-तिहाई सदस्य ही क्यों न शामिल हों।

कानूनी विशेषज्ञों से ली राय

संजय सिंह ने बताया कि इस मामले में वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल समेत कई संवैधानिक विशेषज्ञों से सलाह ली गई है। सभी का मानना है कि बागी सांसदों पर अयोग्यता की कार्रवाई हो सकती है।

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सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का सहारा

उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों को आधार बनाकर कानूनी लड़ाई लड़ेगी। AAP का दावा है कि यह मामला सिर्फ पार्टी का नहीं बल्कि संवैधानिक मर्यादाओं का भी है।

जल्द सुनवाई की मांग

AAP ने सभापति से इस पूरे मामले पर जल्द सुनवाई की अपील की है। पार्टी का कहना है कि जिन सांसदों को जनता और पार्टी ने राज्यसभा भेजा, उनका दूसरी पार्टी में जाना जनता के विश्वास के साथ धोखा है।

बताया जा रहा है कि इन सात में से छह सांसद पंजाब से राज्यसभा सदस्य हैं, जिससे राज्य की राजनीति में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

छोटे मकान-दुकान बनाने वालों को योगी सरकार ने दी बड़ी राहत,जानें क्या?

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: योगी आदित्यनाथ सरकार ने शहरी क्षेत्रों में छोटे मकान और छोटी दुकान बनाने वालों को बड़ी राहत दी है। अब भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराते समय ऐसे लोगों को विकास शुल्क का केवल 50 प्रतिशत ही देना होगा।

यह फैसला शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के लिए खास तौर पर राहतभरा माना जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग शहरों के लिए विकास शुल्क की नई दरें भी तय की गई हैं, जिनके आधार पर शुल्क वसूला जाएगा।

नई नियमावली लागू

प्रमुख सचिव आवास पी गुरुप्रसाद ने कैबिनेट के फैसले के अनुसार “उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास (विकास शुल्क का निर्धारण, उदग्रहण एवं संग्रहण) (तृतीय संशोधन) नियमावली-2026” जारी कर दी है। अब विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद नई दरों के अनुसार ही शुल्क वसूलेंगे।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जहां पहले से विकास शुल्क में छूट दी गई है, वहां किसी प्रकार की वसूली नहीं की जाएगी।

शहरों के हिसाब से तय शुल्क

नई दरों के तहत बड़े शहरों में ज्यादा और छोटे शहरों में कम विकास शुल्क देना होगा।

  • गाजियाबाद में सबसे अधिक करीब 4165 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क तय किया गया है।
  • लखनऊ, कानपुर और आगरा में लगभग 2462 रुपये प्रति वर्ग मीटर दर रखी गई है।
  • वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ समेत कई शहरों में 1450 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क निर्धारित है।
  • गोरखपुर, अलीगढ़ जैसे शहरों में 1020 रुपये प्रति वर्ग मीटर दर तय की गई है।
  • अयोध्या समेत छोटे शहरों में सबसे कम 603 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क रखा गया है।

आम लोगों को मिलेगा फायदा

सरकार के इस फैसले से छोटे प्लॉट पर मकान या दुकान बनाने वाले लोगों का खर्च काफी कम होगा। खासकर निम्न और मध्यम आय वर्ग के लिए यह निर्णय बड़ी राहत लेकर आया है।

योगी सरकार यूपी में चलाएगी विशेष अभियान: झुग्गी-बस्तियों तक जायेगी टीम

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़: योगी आदित्यनाथ सरकार 1 मई 2026 से प्रदेशभर में एक बड़ा शिक्षा अभियान शुरू करने जा रही है। इस विशेष अभियान के तहत टीमें श्रमिक बस्तियों, ईंट-भट्ठों और झुग्गी-झोपड़ियों तक पहुंचकर ऐसे बच्चों की पहचान करेंगी जो अब तक स्कूल से बाहर हैं या पढ़ाई छोड़ चुके हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य आउट-ऑफ-स्कूल और ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। खास तौर पर दिव्यांग बच्चों की पहचान कर उन्हें स्पेशल एजुकेटर की मदद से स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा। वहीं पढ़ाई छोड़ चुकी बालिकाओं को प्राथमिकता के आधार पर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाएगा।

‘स्कूल चलो अभियान’ को मिलेगा नया विस्तार

बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ नामांकन बढ़ाना नहीं, बल्कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि ‘स्कूल चलो अभियान’ को जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए।

अधिकारियों को सख्त निर्देश

अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हर पात्र बच्चे का नामांकन सुनिश्चित किया जाए। अभियान के पहले चरण (1 से 15 अप्रैल) में छोटे बच्चों का आंगनबाड़ी/बाल वाटिका में नामांकन और 7 से 14 वर्ष के ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान शुरू हो चुकी है।
अब दूसरे चरण में इसे और तेज करते हुए छूटे हुए बच्चों तक सीधे पहुंच बनाई जाएगी। साथ ही कक्षा 5 से 6, 8 से 9 और 10 से 11 तक 100% ट्रांजिशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई भी बच्चा बीच में पढ़ाई न छोड़े।

आरटीई और स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस

सरकार ने आरटीई के तहत निजी स्कूलों में चयनित बच्चों का 100 प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। इसके अलावा ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के जरिए स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
सभी विद्यालयों को ‘विद्यांजलि पोर्टल’ से जोड़कर उनकी जरूरतों का आकलन किया जाएगा और स्वयंसेवी संस्थाओं व वालंटियर्स की मदद से सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

Video: चार बच्चे पैदा करें हिंदू… RSS को एक समर्पित करें: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हिंदुओं से कम से कम चार बच्चे पैदा करने की अपील की और कहा कि उनमें से एक बच्चे को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को समर्पित करना चाहिए। उनके इस बयान के बाद सियासी विवाद तेज हो गया है।
यह टिप्पणी ‘भारत दुर्गा मंदिर’ के शिलान्यास कार्यक्रम में सामने आई, जहां मोहन भागवत, नितिन गडकरी और देवेंद्र फडणवीस समेत कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं। शास्त्री ने कहा कि हिंदू समाज को अपनी जनसंख्या को लेकर जागरूक रहना चाहिए, क्योंकि यह धर्म और राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़ा विषय है।

आबादी को लेकर दी चेतावनी

अपने संबोधन में शास्त्री ने कहा कि अगर हिंदू समाज जनसंख्या के मुद्दे पर सजग नहीं हुआ, तो भविष्य में चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। उन्होंने ‘अखंड भारत’ की अवधारणा का जिक्र करते हुए कहा कि देश को मजबूत बनाने के लिए सामाजिक और धार्मिक चेतना जरूरी है।
इस दौरान उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और समर्थ रामदास स्वामी का उदाहरण देते हुए राष्ट्रभक्ति की भावना को रेखांकित किया।

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कांग्रेस ने जताया कड़ा विरोध

शास्त्री के इस बयान पर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवाजी महाराज को रामदास स्वामी से जोड़कर उनका अपमान किया गया है।
सपकाल ने कहा कि शिवाजी महाराज और रामदास स्वामी अलग-अलग कालखंडों के व्यक्तित्व हैं और उन्हें एक साथ जोड़ना इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करना है। उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर इतिहास को विकृत करने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने मांग की कि शास्त्री के साथ-साथ देवेंद्र फडणवीस, नितिन गडकरी और मोहन भागवत सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

फडणवीस की प्रतिक्रिया

विवाद बढ़ने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उपलब्ध ऐतिहासिक तथ्यों में इस तरह का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि समय के साथ कई ऐतिहासिक कथाएं अलग-अलग रूप में सामने आती हैं और लोगों को बिना पूरी जानकारी के प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए।
फडणवीस ने अपील की कि इस तरह के मुद्दों पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने के बजाय जिम्मेदारी के साथ बात रखनी चाहिए, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे।

हां हम परिवार के हैं और वो…सपा का झंडा जलाए जाने पर अपर्णा यादव क्या बोलीं?

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़ : भारतीय जनता पार्टी की नेता और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने समाजवादी पार्टी का झंडा जलाए जाने के विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं था, बल्कि महिलाओं में बढ़ रहे आक्रोश को व्यक्त करने के लिए किया गया कदम था।
अपर्णा यादव ने बताया कि महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर कानून पास न होने को लेकर महिलाओं में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने उसी आक्रोश को सामने रखा है, न कि किसी खास व्यक्ति को निशाना बनाया।
परिवार से जुड़े सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अखिलेश यादव के परिवार का हिस्सा हैं और यह रिश्ता बदला नहीं जा सकता। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि परिवार का हिस्सा होने के बावजूद गलत बातों का विरोध करना जरूरी है, तभी सुधार संभव है।
गौरतलब है कि हाल ही में लखनऊ में विधानसभा के सामने अपर्णा यादव ने अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया था। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोनों दलों के झंडे जलाकर विरोध जताया।
इस मौके पर उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे महिला आरक्षण के मुद्दे पर केवल दिखावा कर रहे हैं और आम महिलाओं को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहते। उन्होंने कहा कि विपक्ष परिवारवाद की राजनीति में उलझा हुआ है, जबकि “नारी शक्ति” ऐसे रवैये को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में अपर्णा यादव के साथ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई। आयोग की ओर से महिलाओं से अपील की गई कि वे अपनी समस्याएं बेझिझक ईमेल, टोल-फ्री नंबर और व्हाट्सएप के माध्यम से दर्ज कराएं।

UP News: होमगार्ड परीक्षा के लिए लखनऊ-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन, 3 दिन चलेगी सुविधा; जानिए पूरा शेड्यूल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। North Eastern Railway (NER) के लखनऊ मंडल ने परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 25 से 27 अप्रैल तक विशेष अनारक्षित ट्रेन चलाने का फैसला किया है। इस पहल का उद्देश्य बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाना है।

ऐशबाग से गोरखपुर के लिए स्पेशल ट्रेन

रेलवे द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, विशेष ट्रेन संख्या 05050 Aishbagh Railway Station से रात 8:45 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन रास्ते में Badshahnagar Railway Station (21:18 बजे), Barabanki Junction (22:03 बजे), जरवल रोड (22:48 बजे), करनैलगंज (23:06 बजे) और Gonda Junction (23:50 बजे) पर रुकेगी।
इसके बाद यह ट्रेन मनकापुर (00:15 बजे), Basti Railway Station (01:40 बजे) और खलीलाबाद (02:10 बजे) होते हुए तड़के 3:30 बजे Gorakhpur Junction पहुंचेगी।

वापसी का शेड्यूल

वापसी में ट्रेन संख्या 05049 26 और 27 अप्रैल को Gorakhpur Junction से सुबह 4:55 बजे चलेगी। यह ट्रेन खलीलाबाद (05:34 बजे), Basti Railway Station (06:03 बजे), मनकापुर (06:52 बजे), Gonda Junction (07:20 बजे), करनैलगंज (07:48 बजे), जरवल रोड (08:05 बजे), Barabanki Junction (09:00 बजे) और Badshahnagar Railway Station (09:36 बजे) रुकते हुए सुबह 10:20 बजे Aishbagh Railway Station पहुंचेगी।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं

रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, परीक्षा के दौरान ट्रेनों और स्टेशनों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे इन ट्रेनों का लाभ उठाएं और वैध टिकट के साथ यात्रा करें।

परीक्षा में सख्ती

होमगार्ड भर्ती परीक्षा में इस बार सख्त निगरानी रखी जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की आधार-आधारित KYC और बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े को रोका जा सके।
रेलवे प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि यदि जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त कोच या अन्य स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा सकती हैं।

केजरीवाल के करीबी का साथ छूटा: अशोक मित्तल समेत कई बड़े नेताओं ने AAP छोड़ी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:– दिल्ली की राजनीति में गुरुवार का दिन बेहद हलचल भरा रहा, जब Arvind Kejriwal की आम आदमी पार्टी (AAP) को एक और बड़ा झटका लगा। पार्टी के राज्यसभा सांसद Ashok Mittal, जिन्होंने कभी केजरीवाल और उनके परिवार को अपने सरकारी आवास में ठहराया था, अब पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, 2024 में जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद केजरीवाल अपने परिवार के साथ नई दिल्ली स्थित 5, फिरोजशाह रोड पर मित्तल के आधिकारिक आवास में रहे थे। लेकिन हालात ने अचानक मोड़ लिया। 24 अप्रैल को केजरीवाल के उस घर से लोधी एस्टेट स्थित नए आवास में शिफ्ट होने के कुछ ही घंटों बाद मित्तल ने पाला बदल लिया।
यह केवल एक व्यक्ति का फैसला नहीं था। AAP को उस समय बड़ा झटका लगा जब कई प्रमुख नेताओं ने एक साथ पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इनमें Raghav Chadha, Swati Maliwal, Harbhajan Singh, संदीप पाठक, राजिंदर गुप्ता और विक्रम साहनी जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
पार्टी के भीतर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आ चुकी है। बताया जाता है कि 2 अप्रैल को केजरीवाल ने Raghav Chadha को राज्यसभा में उप-नेता पद से हटाकर Ashok Mittal को यह जिम्मेदारी दी थी। इस फैसले के बाद से ही असंतोष बढ़ने लगा था।
सूत्रों के अनुसार, चड्ढा पर सीधे इस्तीफा देने की स्थिति नहीं थी क्योंकि दल-बदल विरोधी कानून लागू होता। ऐसे में दो-तिहाई सांसदों के सामूहिक इस्तीफे के जरिए इस कानूनी बाधा को पार किया गया।

पहले से दिख रहे थे संकेत

Swati Maliwal और पार्टी के बीच रिश्ते मई 2024 में एक विवाद के बाद से ही तनावपूर्ण बताए जाते हैं। वहीं अन्य नेताओं में भी असंतोष धीरे-धीरे बढ़ रहा था।
सूत्रों के मुताबिक, केजरीवाल को इस संभावित बगावत की जानकारी मिल चुकी थी। उन्होंने सभी सांसदों को बैठक के लिए बुलाया था और यहां तक प्रस्ताव दिया था कि असंतुष्ट नेता अगर इस्तीफा देना चाहते हैं, तो भविष्य में उन्हें फिर से मौका दिया जा सकता है। हालांकि, बैठक से पहले ही नेताओं ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देकर BJP में शामिल होने का ऐलान कर दिया।

AAP में बड़ी टूट: दिल्ली में 22 विधायक; AAP को अब सता रहा एक और बात का डर राघव चड्ढा के बयान से बढ़ी हलचल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दिल्ली और पंजाब की राजनीति में सक्रिय Arvind Kejriwal की आम आदमी पार्टी (AAP) इन दिनों बड़े राजनीतिक संकट से गुजर रही है। शुक्रवार को पार्टी के संसदीय दल में बड़ी टूट सामने आई, जब दो-तिहाई सांसद अलग होकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। यह AAP के 14 साल के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी राजनीतिक दरार मानी जा रही है।
इस घटनाक्रम के बाद पार्टी की चिंताएं और बढ़ गई हैं। अब सबसे बड़ी चुनौती दिल्ली में अपने 22 विधायकों को एकजुट बनाए रखने की है, जहां AAP का सबसे मजबूत आधार रहा है।
इस बीच Raghav Chadha के बयान ने पार्टी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने संकेत दिया कि यह टूट यहीं नहीं रुकेगी और आने वाले समय में और नेता भी पार्टी छोड़ सकते हैं। ऐसे में AAP के लिए स्थिति और गंभीर होती नजर आ रही है।
शुक्रवार सुबह पंजाब में पार्टी द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले ही संकेत मिलने लगे थे कि संगठन में कुछ बड़ा होने वाला है। पार्टी से जुड़े सूत्रों का दावा है कि हालिया प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई भी राजनीतिक दबाव का हिस्सा हो सकती है। फिलहाल पार्टी की प्राथमिकता दिल्ली में अपने विधायकों को एकजुट रखना बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी छोड़ने वाले कई सांसद कारोबारी पृष्ठभूमि से हैं। यह भी आरोप है कि ये नेता 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले AAP के अन्य नेताओं को भी अपने साथ लाने की कोशिश कर रहे थे।
इस बीच ED ने हाल ही में Ashok Mittal से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत चल रही जांच का हिस्सा थी। एजेंसी ने जालंधर और गुरुग्राम में करीब 10 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े परिसरों को भी शामिल किया गया।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि मौजूदा हालात में AAP के सामने सबसे बड़ी चुनौती दिल्ली में अपने संगठन को मजबूत बनाए रखना है। इसके साथ ही उन नेताओं की जगह नए चेहरों को लाने की भी तैयारी की जा रही है, जिन्होंने हाल ही में पार्टी छोड़ी है।
गौरतलब है कि Raghav Chadha पहले दिल्ली से विधायक रह चुके हैं और पंजाब में पार्टी के कामकाज की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। मौजूदा घटनाक्रम में उनकी भूमिका को अहम माना जा रहा है, और उनके बयानों को अब पार्टी हल्के में लेने की स्थिति में नहीं है।