AAP में बड़ी टूट: दिल्ली में 22 विधायक; AAP को अब सता रहा एक और बात का डर राघव चड्ढा के बयान से बढ़ी हलचल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दिल्ली और पंजाब की राजनीति में सक्रिय Arvind Kejriwal की आम आदमी पार्टी (AAP) इन दिनों बड़े राजनीतिक संकट से गुजर रही है। शुक्रवार को पार्टी के संसदीय दल में बड़ी टूट सामने आई, जब दो-तिहाई सांसद अलग होकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। यह AAP के 14 साल के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी राजनीतिक दरार मानी जा रही है।
इस घटनाक्रम के बाद पार्टी की चिंताएं और बढ़ गई हैं। अब सबसे बड़ी चुनौती दिल्ली में अपने 22 विधायकों को एकजुट बनाए रखने की है, जहां AAP का सबसे मजबूत आधार रहा है।
इस बीच Raghav Chadha के बयान ने पार्टी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने संकेत दिया कि यह टूट यहीं नहीं रुकेगी और आने वाले समय में और नेता भी पार्टी छोड़ सकते हैं। ऐसे में AAP के लिए स्थिति और गंभीर होती नजर आ रही है।
शुक्रवार सुबह पंजाब में पार्टी द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले ही संकेत मिलने लगे थे कि संगठन में कुछ बड़ा होने वाला है। पार्टी से जुड़े सूत्रों का दावा है कि हालिया प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई भी राजनीतिक दबाव का हिस्सा हो सकती है। फिलहाल पार्टी की प्राथमिकता दिल्ली में अपने विधायकों को एकजुट रखना बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी छोड़ने वाले कई सांसद कारोबारी पृष्ठभूमि से हैं। यह भी आरोप है कि ये नेता 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले AAP के अन्य नेताओं को भी अपने साथ लाने की कोशिश कर रहे थे।
इस बीच ED ने हाल ही में Ashok Mittal से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत चल रही जांच का हिस्सा थी। एजेंसी ने जालंधर और गुरुग्राम में करीब 10 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े परिसरों को भी शामिल किया गया।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि मौजूदा हालात में AAP के सामने सबसे बड़ी चुनौती दिल्ली में अपने संगठन को मजबूत बनाए रखना है। इसके साथ ही उन नेताओं की जगह नए चेहरों को लाने की भी तैयारी की जा रही है, जिन्होंने हाल ही में पार्टी छोड़ी है।
गौरतलब है कि Raghav Chadha पहले दिल्ली से विधायक रह चुके हैं और पंजाब में पार्टी के कामकाज की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। मौजूदा घटनाक्रम में उनकी भूमिका को अहम माना जा रहा है, और उनके बयानों को अब पार्टी हल्के में लेने की स्थिति में नहीं है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest Articles