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राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अखिलेश यादव के 11 सवाल, बोले- आस्था से खिलवाड़ करने वालों का हो खुलासा

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने एक बार फिर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को घेरा है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कई सवाल उठाते हुए मामले की पारदर्शी जांच की मांग की और पूछा कि कथित गड़बड़ी में शामिल लोगों को आखिर कौन संरक्षण दे रहा है।

सोशल मीडिया पोस्ट में सरकार पर साधा निशाना

अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मामले को लेकर लगातार विरोधाभासी जानकारियां सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कथित हेराफेरी से जुड़े लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें प्रसारित हुईं, लेकिन बाद में पुलिस की ओर से उनका खंडन किया गया।

सपा प्रमुख ने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर कई तरह की आशंकाएं पैदा हो रही हैं और श्रद्धालुओं के मन में सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार और संबंधित संस्थाओं की चुप्पी से भ्रम की स्थिति और बढ़ रही है।

अखिलेश यादव ने उठाए 11 बड़े सवाल

अपने बयान में अखिलेश यादव ने कई प्रश्न उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उसके पीछे कौन लोग हैं, कथित दोषियों को संरक्षण कौन दे रहा है और मामले की सच्चाई सामने लाने में देरी क्यों हो रही है।

उन्होंने यह भी सवाल किया कि चढ़ावे की गिनती जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में निजी संस्थाओं की भूमिका किस आधार पर तय की गई और मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने में क्या दिक्कत है। इसके अलावा उन्होंने “डबल इंजन सरकार” पर भी राजनीतिक टिप्पणी की।

भाजपा नेता ने भी की केंद्रीय जांच की मांग

दूसरी ओर भाजपा नेता Rajnish Singh ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र लिखकर राम जन्मभूमि मंदिर को मिले दान में कथित अनियमितताओं की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की है।

उन्होंने सुझाव दिया कि मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI), Enforcement Directorate (ED) या किसी अन्य सक्षम केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए। साथ ही जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग की, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रह सके।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी जांच की मांग

राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। विपक्ष जहां मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा भी निष्पक्ष जांच की मांग किए जाने से इस मुद्दे ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है।

हालांकि, अब तक संबंधित ट्रस्ट या जांच एजेंसियों की ओर से इन आरोपों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पुरुषोत्तम मास में बढ़ी अयोध्या की आध्यात्मिक रौनक, विदेशी श्रद्धालुओं ने भी की सराहना

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- पुरुषोत्तम मास के दौरान रामनगरी अयोध्या में धार्मिक आयोजनों, श्रीमद्भागवत कथा और पूजा-अर्चना के कार्यक्रमों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु यहां के आध्यात्मिक वातावरण, धार्मिक आस्था और भव्य मंदिरों के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं।

इसी क्रम में अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना राज्य के शार्लोट शहर से अयोध्या पहुंचीं श्रद्धालु वाणी थवाइत ने रामनगरी के आध्यात्मिक माहौल और श्रीराम मंदिर की भव्यता की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्षों से अयोध्या आने की इच्छा थी, जो अब पूरी हुई है।

वाणी थवाइत के अनुसार, अयोध्या में मिलने वाली सकारात्मक ऊर्जा और धार्मिक वातावरण बेहद विशेष है। उन्होंने गुप्तार घाट पर स्नान और श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने के अनुभव को अविस्मरणीय बताया। उनका कहना था कि श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाओं का प्रतीक है।

परिवार के साथ पहुंचीं अमेरिकी श्रद्धालु

वाणी थवाइत अपने पति और बेटी के साथ अयोध्या दर्शन के लिए पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं और आने वाले वर्षों में यह शहर वैश्विक धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्रों में शामिल होगा। उन्होंने भविष्य में दोबारा अयोध्या आने की इच्छा भी जताई।

छत्तीसगढ़ से पहुंचे चिकित्सक परिवार ने साझा किया अनुभव

वहीं छत्तीसगढ़ के भिलाई से आए प्रसिद्ध लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. हरिशंकर महोबिया भी अपने परिवार के साथ श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने अयोध्या पहुंचे। उन्होंने बताया कि व्यस्त पेशेवर जीवन के बीच अयोध्या में बिताया गया समय उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतोष प्रदान कर रहा है।

डॉ. महोबिया ने कहा कि उन्होंने श्रीराम मंदिर की भव्यता को अब तक केवल तस्वीरों और वीडियो में देखा था, लेकिन प्रत्यक्ष दर्शन के बाद उनका अनुभव कहीं अधिक भावनात्मक और प्रेरणादायक रहा। उन्होंने भागवत कथा श्रवण को अपने जीवन के यादगार पलों में शामिल बताया।

धार्मिक पर्यटन का बन रहा प्रमुख केंद्र

कार्यक्रम में हेमलता महोबिया, डॉ. रितिका महोबिया, गार्गी, मेघा और वाणी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। श्रद्धालुओं का कहना है कि अयोध्या का धार्मिक वातावरण, आध्यात्मिक चेतना और मंदिरों की भव्यता देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

रामनगरी में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या यह संकेत दे रही है कि अयोध्या अब वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभर रही है।

योगी सरकार का बड़ा कदम: तीन तलाक और एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को मिलेगा घर और स्वास्थ्य सुरक्षा

लखनऊ/सार्वोदय न्यूज़:- महिलाओं के सशक्तिकरण और पुनर्वास को मजबूत करने की दिशा में उत्तर प्रदेश की सरकार एक नई पहल की तैयारी कर रही है। राज्य सरकार तीन तलाक और एसिड अटैक जैसी गंभीर परिस्थितियों का सामना कर चुकी महिलाओं को आवास और स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है।

सरकारी स्तर पर चल रही तैयारियों के तहत पात्र महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के माध्यम से आवास उपलब्ध कराया जा सकता है। साथ ही उन्हें आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा सुविधा से भी जोड़ा जाएगा।

निराश्रित महिलाओं को भी मिलेगा लाभ

सरकार केवल तीन तलाक और एसिड अटैक से प्रभावित महिलाओं तक ही इस पहल को सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि निराश्रित महिलाओं को भी इन योजनाओं के दायरे में शामिल करने की तैयारी की जा रही है।

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश के बाद महिला कल्याण विभाग ने पात्र महिलाओं की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग विभिन्न जिलों से विस्तृत आंकड़े जुटा रहा है ताकि जरूरतमंद महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं का लाभ मिल सके।

पात्र लाभार्थियों की होगी पहचान

महिला कल्याण विभाग द्वारा एकत्र किए जा रहे आंकड़ों के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। इसके बाद उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र महिलाएं जानकारी के अभाव या प्रशासनिक प्रक्रियाओं की वजह से किसी भी सरकारी योजना के लाभ से वंचित न रहें। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने दिए थे विशेष निर्देश

हाल ही में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि जिन महिलाओं के पास स्थायी आवास नहीं है और जो तीन तलाक या एसिड अटैक जैसी परिस्थितियों से प्रभावित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पक्का घर उपलब्ध कराया जाए।

इसके अलावा उन्होंने इन महिलाओं और उनके परिवारों को स्वास्थ्य बीमा योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया, ताकि उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

पुनर्वास और आत्मनिर्भरता पर फोकस

विशेषज्ञों के अनुसार एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को लंबे समय तक इलाज, कई सर्जरी और पुनर्वास की जरूरत पड़ती है। वहीं तीन तलाक से प्रभावित कई महिलाएं आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करती हैं।

ऐसे में आवास और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराकर राज्य सरकार उनके जीवन को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास कर रही है।

राज्यसभा चुनाव से पहले मोदी कैबिनेट में बड़े बदलाव की चर्चा, कई मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़: 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले केंद्र की एनडीए सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के हवाले से सामने आ रही जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री की अगुवाई वाली सरकार में कई मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है, जबकि कुछ नए चेहरों को भी मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आगामी विधानसभा चुनावों और संगठनात्मक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भाजपा नेतृत्व मंत्रिपरिषद में व्यापक बदलाव पर विचार कर रहा है। माना जा रहा है कि फेरबदल के दौरान करीब एक दर्जन मंत्रियों के विभागों में बदलाव या नई नियुक्तियां देखने को मिल सकती हैं।

कुछ मंत्रियों की हो सकती है विदाई

सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट स्तर के दो मंत्रियों और कुछ राज्य मंत्रियों को सरकार से बाहर किया जा सकता है। इसके अलावा एक वरिष्ठ नेता को संगठन में अहम जिम्मेदारी देने की भी चर्चा है, खासकर दक्षिण भारत में पार्टी विस्तार की रणनीति के तहत उन्हें नई भूमिका सौंपी जा सकती है।

हालांकि सरकार या भाजपा की ओर से अभी तक किसी भी संभावित फेरबदल को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सहयोगी दलों को मिल सकता है बड़ा प्रतिनिधित्व

एनडीए के सहयोगी दलों को मंत्रिमंडल में अधिक प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि जनता दल (यूनाइटेड), तेलुगु देशम पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा जैसे सहयोगी दलों को नई कैबिनेट में जगह मिल सकती है।

विशेष रूप से बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar की पार्टी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu की पार्टी को अतिरिक्त प्रतिनिधित्व मिलने की अटकलें लगाई जा रही हैं। अधिकांश सहयोगी नेताओं को राज्य मंत्री के रूप में शामिल किए जाने की संभावना बताई जा रही है।

संगठन में भेजे जा सकते हैं कुछ वरिष्ठ नेता

रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्यसभा का कार्यकाल पूरा कर रहे कुछ वरिष्ठ नेताओं को सरकार से संगठन में भेजा जा सकता है। साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु वाले कुछ राज्यसभा सदस्यों के स्थान पर नए चेहरों को अवसर देने पर भी विचार किया जा रहा है।

भाजपा के विभिन्न मोर्चों में सक्रिय नेताओं को पहली बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

इन मंत्रालयों में बदलाव की अटकलें

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार रेलवे, वित्त, कॉर्पोरेट मामलों, कोयला, वस्त्र, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, ग्रामीण विकास, रसायन एवं उर्वरक, सहकारिता, मत्स्य पालन, जल शक्ति, कृषि, पर्यावरण और कानून मंत्रालयों में बदलाव की संभावना को लेकर चर्चा चल रही है।

हालांकि इन संभावित परिवर्तनों को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

18 जून को राज्यसभा चुनाव

18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में कई राज्यों की 26 सीटों पर मतदान होगा। इनमें आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की चार-चार सीटें, मध्य प्रदेश और राजस्थान की तीन-तीन सीटें, झारखंड की दो सीटें तथा मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम की एक-एक सीट शामिल हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र और तमिलनाडु में एक-एक सीट पर उपचुनाव भी होना है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के परिणाम और आगामी चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण बदलाव कर सकती है।

हरदोई में SDM पर हमला: निरीक्षण के दौरान विवाद, पथराव में अधिकारी घायल; गांव में भारी पुलिस बल तैनात

हरदोई/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में सरकारी योजनाओं के निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी (SDM) पर कथित तौर पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। शाहाबाद तहसील क्षेत्र के परियल गांव में सोमवार शाम निरीक्षण के दौरान हुए विवाद के बाद प्रशासनिक टीम पर पथराव किया गया, जिसमें एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

निरीक्षण के दौरान सामने आईं अनियमितताएं

जानकारी के अनुसार, एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा बाढ़ राहत तैयारियों और विभिन्न सरकारी परियोजनाओं का जायजा लेने परियल गांव पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान अन्नपूर्णा भवन और आरआरसी सेंटर में कई खामियां सामने आईं। बताया गया कि एक भवन का शटर जाम मिला, जबकि आरआरसी सेंटर के मुख्य गेट गायब पाए गए। अधिकारियों के अनुसार संबंधित कार्य का भुगतान पहले ही किया जा चुका था।

पूछताछ के दौरान बढ़ा विवाद

मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान के परिजनों से जब इन कमियों को लेकर जानकारी मांगी गई तो विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। आरोप है कि पूछताछ के दौरान कहासुनी हुई, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।

प्रशासनिक टीम पर हुआ पथराव

अधिकारियों के मुताबिक, स्थिति तनावपूर्ण होने पर प्रशासनिक टीम वहां से निकलने लगी। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनका पीछा किया। आरोप है कि बाद में भीड़ की ओर से पथराव शुरू कर दिया गया, जिसमें एक पत्थर एसडीएम के सिर पर लग गया। चोट लगने के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग सक्रिय हो गया। घायल अधिकारी को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया। प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।

गांव में बढ़ाई गई सुरक्षा

घटना के बाद परियल गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

खान सर को बड़ी राहत: गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक, 30 जून को होगी अगली सुनवाई

पटना/सर्वोदय न्यूज़: चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर Faizal Khan (Khan Sir) को कोचिंग सेंटर फायरिंग मामले में अदालत से अंतरिम राहत मिली है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। मामले में अगली सुनवाई 30 जून को निर्धारित की गई है।

अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह अगली तारीख पर केस डायरी और खान सर का आपराधिक इतिहास अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे। सोमवार को हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब जारी कर दिया गया है।

गिरफ्तारी पर रोक से मिली राहत

हालांकि अदालत ने अभी खान सर को अग्रिम जमानत नहीं दी है, लेकिन उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है। कानूनी जानकारों के अनुसार इसका सीधा अर्थ है कि फिलहाल उनकी गिरफ्तारी नहीं की जा सकती।

क्या है पूरा मामला?

2 जून की रात पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग सेंटर में कथित हमले की घटना सामने आई थी। इस मामले में एक अन्य कोचिंग संस्थान के संचालक रोशन आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

घटना के दौरान खान सर के दो सुरक्षा कर्मियों द्वारा हवाई फायरिंग किए जाने का वीडियो भी सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों गार्डों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जांच के दौरान पुलिस ने खान सर को भी मामले में आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस ने लगाई हैं गंभीर धाराएं

पुलिस ने खान सर के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है। केस दर्ज होने के बाद से वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए थे और कानूनी राहत की कोशिशों में जुटे थे।

सूत्रों के अनुसार पुलिस उनकी तलाश में कोचिंग संस्थान तक भी पहुंची थी, लेकिन वह वहां नहीं मिले। इसके बाद से उनके अग्रिम जमानत आवेदन को लेकर चर्चाएं तेज थीं।

30 जून को होगी अहम सुनवाई

अब अदालत द्वारा मांगी गई केस डायरी और अन्य दस्तावेजों के आधार पर 30 जून को अग्रिम जमानत याचिका पर आगे की सुनवाई होगी। तब तक खान सर को गिरफ्तारी से राहत बनी रहेगी।

Aaj Ka Rashifal 9 June 2026: शनि-चंद्रमा के विष योग से बढ़ सकती हैं मानसिक चुनौतियां, कई राशियों को बरतनी होगी सावधानी

Aaj Ka Rashifal 9 June 2026: 9 जून 2026 को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए उतार-चढ़ाव भरे संकेत दे रही है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार मंगल मेष राशि में, सूर्य वृषभ राशि में, बुध मिथुन राशि में, जबकि शुक्र और गुरु कर्क राशि में विराजमान हैं। गुरु कर्क राशि में उच्च स्थिति में हैं। वहीं राहु कुंभ, केतु सिंह और शनि-चंद्रमा का संयोग मीन राशि में विशेष प्रभाव बना रहा है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शनि और चंद्रमा के संयोग से बनने वाला विष योग मानसिक तनाव, भावनात्मक अस्थिरता और रिश्तों में खटास जैसी परिस्थितियां पैदा कर सकता है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल।

मेष राशि

आज सिरदर्द, आंखों में परेशानी और अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। मानसिक तनाव महसूस हो सकता है। प्रेम संबंधों में छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद की आशंका है। कारोबार सामान्य रहेगा, लेकिन निवेश से फिलहाल दूरी बनाए रखना बेहतर होगा। शनिदेव की पूजा और नीले रंग की वस्तु का दान लाभदायक रहेगा।

वृषभ राशि

आर्थिक मामलों में अपेक्षित लाभ मिलने में देरी हो सकती है। यात्रा के दौरान परेशानियां सामने आ सकती हैं। शारीरिक रूप से स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन मानसिक दबाव महसूस हो सकता है। निवेश के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है। कारोबार से जुड़े बड़े फैसले सोच-समझकर लें।

मिथुन राशि

स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, हालांकि सीने में हल्का भारीपन महसूस हो सकता है। आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं और पुराने निवेश से भी लाभ मिल सकता है। प्रेम संबंध और पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। भगवान विष्णु की आराधना शुभ फल दे सकती है।

कर्क राशि

आज का दिन कुल मिलाकर सकारात्मक रहेगा, लेकिन सम्मान और प्रतिष्ठा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। स्वास्थ्य में हल्की परेशानी संभव है। प्रेम और संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकते हैं। नए प्रेम संबंध की शुरुआत के संकेत हैं। निवेश के मामलों में सावधानी बरतें।

सिंह राशि

दिन कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है। चोट लगने या किसी परेशानी में फंसने की आशंका है। प्रेम संबंधों में दूरी महसूस हो सकती है। निवेश के लिए समय अनुकूल नहीं है। हालांकि जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। सूर्य देव को जल अर्पित करना लाभकारी रहेगा।

कन्या राशि

स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन दोनों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रेम संबंधों में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं। पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। व्यापारिक गतिविधियां सामान्य रहेंगी और निवेश के लिए समय अच्छा माना जा रहा है।

तुला राशि

प्रतिद्वंद्वियों पर आपकी पकड़ मजबूत रहेगी। हालांकि स्वास्थ्य संबंधी छोटी-मोटी परेशानियां बनी रह सकती हैं। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा, लेकिन प्रेम संबंधों और संतान पक्ष को लेकर कुछ तनाव संभव है। निवेश और कारोबार के लिए समय अनुकूल रहेगा।

वृश्चिक राशि

मानसिक अशांति और भावनात्मक दबाव महसूस हो सकता है। प्रेम संबंधों में विवाद की स्थिति बन सकती है। किसी महत्वपूर्ण निर्णय को फिलहाल टालना बेहतर होगा। निवेश सीमित मात्रा में करें और जोखिम लेने से बचें।

धनु राशि

पारिवारिक वातावरण में तनाव की स्थिति बन सकती है। जमीन, मकान या वाहन से जुड़े मामलों में रुकावटें आ सकती हैं। सीने से जुड़ी परेशानी संभव है। प्रेम और संतान पक्ष से राहत मिलेगी। निवेश और व्यापार के लिए समय अनुकूल रहेगा।

मकर राशि

नया व्यापार शुरू करने की योजना फिलहाल स्थगित करना बेहतर होगा। नाक, कान और गले से संबंधित परेशानियां हो सकती हैं। प्रेम संबंधों में जल्दबाजी से बचें। निवेश के मामलों में भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कुंभ राशि

आज बेचैनी और घबराहट महसूस हो सकती है। धन हानि के संकेत हैं, इसलिए आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें। वाणी पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। प्रेम संबंधों में कुछ तनाव संभव है, हालांकि पुराने रिश्ते सामान्य रूप से चलते रहेंगे।

मीन राशि

मानसिक तनाव और चिंता बढ़ सकती है। स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। प्रेम और संतान पक्ष की स्थिति सामान्य रहेगी। व्यापार में लाभ मिलने की संभावना है। निवेश के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है। लाल रंग की वस्तु अपने पास रखना शुभ रहेगा।

95 वर्षीय सास को सिर पर बैठाकर ब्रज परिक्रमा कर रही हरियाणवी गायिका, सेवा और समर्पण की मिसाल बनी सास-बहू की जोड़ी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- ब्रजभूमि में पुरुषोत्तम मास के दौरान चल रही चौरासी कोस परिक्रमा के बीच एक सास-बहू की अनोखी कहानी श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रही है। हरियाणा की लोक गायिका काजल चौधरी अपनी 95 वर्षीय सास को प्लास्टिक के टब में बैठाकर सिर पर उठाए हुए पूरे श्रद्धाभाव के साथ ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा कर रही हैं।

करीब 267 किलोमीटर लंबे इस धार्मिक मार्ग पर काजल रोजाना कई किलोमीटर पैदल चल रही हैं। उनकी इस अनूठी सेवा और समर्पण को देखने के लिए रास्ते भर श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। परिक्रमा मार्ग पर यह सास-बहू की जोड़ी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

सास की अधूरी इच्छा को बनाया अपना संकल्प

जानकारी के अनुसार, काजल चौधरी ने 31 मई को हरियाणा के पलवल क्षेत्र स्थित दाऊजी मंदिर से अपनी यात्रा की शुरुआत की थी। हाल ही में वह गोवर्धन क्षेत्र के समीप कौथारा गांव पहुंचीं, जो परिक्रमा का प्रमुख पड़ाव माना जाता है।

काजल का कहना है कि उनकी सास लंबे समय से ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा करना चाहती थीं। हालांकि बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उनके लिए पैदल यात्रा करना संभव नहीं था। ऐसे में उन्होंने सास की इच्छा पूरी करने का निर्णय लिया और उन्हें अपने साथ लेकर परिक्रमा पर निकल पड़ीं।

लोगों ने बताया कठिन, लेकिन नहीं छोड़ा हौसला

काजल के मुताबिक, जब उन्होंने यह निर्णय लिया तो कई लोगों ने उन्हें समझाया कि इतनी लंबी दूरी तक किसी बुजुर्ग को सिर पर बैठाकर ले जाना बेहद कठिन होगा। लेकिन उन्होंने इसे सेवा, सम्मान और भक्ति का माध्यम मानते हुए अपना संकल्प जारी रखा।

उन्होंने बताया कि यात्रा के शुरुआती दिनों में वह प्रतिदिन 40 से 45 किलोमीटर तक पैदल चलीं। हालांकि अब श्रद्धालुओं से मुलाकात और स्वागत कार्यक्रमों के कारण उनकी रफ्तार कुछ कम हो गई है।

परिक्रमा मार्ग पर मिल रहा सम्मान

काजल चौधरी का कहना है कि यात्रा के दौरान उन्हें लोगों का भरपूर स्नेह और समर्थन मिल रहा है। जहां भी वे पहुंचती हैं, बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनसे मिलने आते हैं और उनकी सेवा भावना की सराहना करते हैं।

कई लोग इस यात्रा को भक्ति, त्याग और पारिवारिक मूल्यों का अनूठा उदाहरण बता रहे हैं। श्रद्धालु सास-बहू की इस जोड़ी को देखकर भावुक भी हो रहे हैं और आशीर्वाद दे रहे हैं।

सेवा और सम्मान का संदेश

काजल का कहना है कि इससे पहले भी वह लगभग एक दशक पहले ब्रज परिक्रमा कर चुकी हैं, लेकिन इस बार का अनुभव बिल्कुल अलग है। उनके अनुसार, यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं बल्कि परिवार के बुजुर्गों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी का भी संदेश देती है।

ब्रजभूमि में चल रही यह अनोखी यात्रा अब श्रद्धा के साथ-साथ रिश्तों में प्रेम, सम्मान और समर्पण की मिसाल के रूप में भी देखी जा रही है। सास की इच्छा पूरी करने के लिए बहू का यह प्रयास लोगों को प्रेरित कर रहा है।

पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज ने बनाई ‘इश्क करो पार्टी’, CJP और अभिजीत दीपके पर भी साधा निशाना

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- देश में नए राजनीतिक प्रयोगों के बीच पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज मार्कंडेय काटजू ने एक नए राजनीतिक संगठन ‘इश्क करो पार्टी’ (IKP) की घोषणा की है। उन्होंने पार्टी के लिए सदस्यता अभियान शुरू करने का दावा करते हुए लोगों से जुड़ने की अपील की है। साथ ही उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं।

इश्क करो पार्टी में शामिल होने का आह्वान

सोशल मीडिया पर जारी संदेश में मार्कंडेय काटजू ने कहा कि जो लोग CJP से जुड़े हैं, वे अपना समय वहां बर्बाद करने के बजाय इश्क करो पार्टी से जुड़ें। उन्होंने बताया कि पार्टी जल्द ही अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शुरू करेगी। काटजू ने खुद को पार्टी का संरक्षक बताया और सदस्यता के लिए संपर्क विवरण भी साझा किया।

अभिजीत दीपके की मांगों पर उठाए सवाल

काटजू ने कहा कि केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उनका कहना था कि यदि किसी मंत्री का इस्तीफा हो भी जाए तो उसकी जगह दूसरा व्यक्ति आ जाएगा, इसलिए मूल समस्याओं पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।

पदाधिकारियों की भी घोषणा

पूर्व जज ने दावा किया कि पार्टी में शामिल होने वाले लोगों को संगठन में जिम्मेदारियां भी दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के अध्यक्ष इरफान अली हैं और योग्य सदस्यों को उपाध्यक्ष जैसे पदों पर भी नियुक्त किया जा सकता है।

बेरोजगारी और गरीबी जैसे मुद्दों पर फोकस

मार्कंडेय काटजू के अनुसार, इश्क करो पार्टी का मुख्य उद्देश्य देश में बेरोजगारी, गरीबी, भुखमरी, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और अन्य सामाजिक-आर्थिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर जारी है CJP का आंदोलन

वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

दीपके ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में देश की राजनीति वास्तविक मुद्दों से भटक गई है और बेरोजगारी जैसे गंभीर विषयों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

हाल के दिनों में NEET परीक्षा और CBSE की मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर उठे विवादों के बीच यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भड़के पंकज चौधरी, बोले- अखिलेश कहते रहें, हम जवाब थोड़े ही देते रहेंगे

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की राशि को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपये की कथित गड़बड़ी का आरोप लगाए जाने के बाद भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इस मुद्दे पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि यह मामला मंदिर प्रशासन से जुड़ा है और वही इस पर स्पष्टीकरण देगा।

रविवार को जालौन दौरे पर पहुंचे पंकज चौधरी से पत्रकारों ने अखिलेश यादव के आरोपों को लेकर सवाल किया। इस पर उन्होंने कहा कि यह सरकार का विषय नहीं है। जब उनसे दोबारा पूछा गया कि विपक्ष मंदिर के चढ़ावे की रकम गायब होने का दावा कर रहा है, तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अखिलेश यादव जो कहना चाहते हैं, कहते रहें, हर बयान का जवाब देना आवश्यक नहीं है।

अखिलेश यादव ने उठाए थे गंभीर सवाल

इससे पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया था कि राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी करोड़ों रुपये की राशि का हिसाब स्पष्ट नहीं है। उन्होंने मामले को श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा बताते हुए न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की थी। साथ ही सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए थे।

ट्रस्ट के जवाब से संतुष्ट नहीं दिखे सपा प्रमुख

राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से सफाई दिए जाने के बाद भी अखिलेश यादव ने अपने सवाल बरकरार रखे। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का स्पष्टीकरण पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने मांग की कि सभी ट्रस्टी एक साथ बैठकर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करें और आवश्यकता पड़ने पर सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य अभिलेखों की मदद से तथ्यों का मिलान कराया जाए।

ट्रस्ट ने कहा- नियमित ऑडिट प्रक्रिया जारी

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मंदिर के वित्तीय लेन-देन की नियमित अंतराल पर आंतरिक ऑडिट कराई जाती है। इस प्रक्रिया में ट्रस्ट के प्रतिनिधियों के साथ भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी भी शामिल रहते हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल ऑडिट का कार्य चल रहा है और अब तक किसी प्रकार की बड़ी अनियमितता सामने नहीं आई है।

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सीसीटीवी निगरानी और डबल लॉक व्यवस्था में होती है गिनती

ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार मंदिर में प्राप्त चढ़ावे की राशि की गिनती बैंक के अधिकृत कर्मचारियों द्वारा की जाती है। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न होती है और नोटों की गिनती के लिए मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है।

बताया गया कि श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बाद चढ़ावे की राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसके चलते गिनती और सत्यापन में अधिक समय लगने लगा है। सुरक्षा के मद्देनजर राशि को डबल लॉक सिस्टम वाली अलमारी में रखा जाता है। एक चाबी बैंक अधिकारियों के पास और दूसरी ट्रस्ट के अधिकृत प्रतिनिधि के पास रहती है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत धनराशि बैंक में जमा कराई जाती है।