Wednesday, June 10, 2026

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‘जुल्म की इंतेहा हो गई…संभल में मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भड़के सपा सांसद बर्क

संभल/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के संभल जिले में कथित तौर पर सरकारी भूमि पर बनी एक मस्जिद को हटाए जाने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक पिंकी यादव ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार की आलोचना की है।

बर्क बोले- लोगों की बात नहीं सुनी गई

सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि कसेरवा गांव में स्थित मस्जिद को हटाने की कार्रवाई लाख प्रयासों, अपीलों और कानूनी कोशिशों के बावजूद की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने लोगों की आपत्तियों और कानूनी पक्षों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।

बर्क ने अपने बयान में कहा कि इस तरह की कार्रवाई न्याय व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों को लेकर कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने दावा किया कि मस्जिद हटाए जाने के बाद गांव में दुख और नाराजगी का माहौल है। साथ ही उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जाती रहेगी।

पिंकी यादव ने सरकार को घेरा

विधायक पिंकी यादव ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश में धार्मिक स्थलों पर हो रही बुलडोजर कार्रवाई सामाजिक सौहार्द और विश्वास को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से एक विशेष वर्ग को निशाना बनाए जाने की भावना पैदा हो रही है।

पिंकी यादव ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को अपने धर्म के पालन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है और प्रशासनिक कार्रवाई करते समय इन अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।

सरकारी भूमि पर निर्माण का मामला

जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने बीते दिन कसेरवा गांव में कब्रिस्तान के लिए आरक्षित सरकारी भूमि पर बने एक धार्मिक ढांचे के खिलाफ कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।

प्रशासन की ओर से फिलहाल यह कहा गया है कि कार्रवाई सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया के तहत की गई। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं जारी हैं।

डबल इंजन सरकार में डिब्बे टूटकर ‘डबल’ …, लुधियाना ट्रेन हादसे को लेकर अखिलेश यादव का तंज

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़: पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन पर एक स्पेशल ट्रेन के स्लीपर कोच में आई तकनीकी खराबी को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना का वीडियो साझा करते हुए भाजपा के “डबल इंजन सरकार” के नारे पर कटाक्ष किया।

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि “डबल इंजन” का दावा करने वाली सरकार में अब डिब्बे भी टूटकर “डबल” हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और घटिया गुणवत्ता के कारण ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के जाने के बाद ही देश की प्रगति दोबारा सही दिशा में आगे बढ़ सकेगी।

स्टेशन से रवाना होते समय हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जा रही एक विशेष ट्रेन शनिवार सुबह लुधियाना रेलवे स्टेशन से रवाना हो रही थी। इसी दौरान तकनीकी खराबी के चलते स्लीपर कोच के शौचालय के समीप का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और कोच का एक भाग आंशिक रूप से अलग दिखाई देने लगा।

घटना के समय यात्रियों को तेज झटका महसूस हुआ, जिससे कोच में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया गया कि शौचालय का कुछ हिस्सा टूटकर रेलवे ट्रैक पर भी गिर गया।

यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया

हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी और आपातकालीन टीम मौके पर पहुंची। प्रभावित कोच में मौजूद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे डिब्बों में स्थानांतरित किया गया। बाद में क्षतिग्रस्त कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया।

रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन में एक वैकल्पिक कोच जोड़ने के बाद उसे कटरा के लिए रवाना कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया के कारण ट्रेन के संचालन पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ा।

जांच के आदेश

रेलवे प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार की साजिश या तोड़फोड़ के संकेत नहीं मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी कारणों की गहन जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की खराबी ट्रेन के उच्च गति से चलने के दौरान सामने आती, तो स्थिति अधिक गंभीर हो सकती थी।

साड़ियों के ढेर में छिपा TMC नेता गिरफ्तार, पुलिस की कार्रवाई का वीडियो वायरल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक स्थानीय नेता को पुलिस ने उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह खुद को बचाने के लिए कपड़े की दुकान में साड़ियों के ढेर के नीचे छिपा हुआ था। इस कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना हावड़ा जिले के उदयनारायणपुर थाना क्षेत्र के बिलासपुर इलाके की है। गिरफ्तार किए गए नेता की पहचान ब्रह्मानंद चक्रवर्ती के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों ने उन पर सरकारी आवास योजना में कथित रूप से कमीशन (कट मनी) लेने और वसूली करने के आरोप लगाए थे। शिकायतों के आधार पर पुलिस उनकी तलाश कर रही थी।
पुलिस जब जांच के सिलसिले में इलाके में पहुंची तो ब्रह्मानंद चक्रवर्ती कथित तौर पर एक कपड़े की दुकान के स्टोर रूम में जाकर साड़ियों के बड़े-बड़े बंडलों के नीचे छिप गए। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को संदेह हुआ, जिसके बाद साड़ियों के ढेर को हटाकर जांच की गई। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें छिपे हुए अवस्था में पकड़ लिया और हिरासत में ले लिया।

 

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गिरफ्तारी के दौरान की पूरी कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। वीडियो में पुलिसकर्मी साड़ियों के बंडलों को हटाते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसके बाद आरोपी नेता बाहर निकलते नजर आते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, ब्रह्मानंद चक्रवर्ती का नाम वर्ष 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई कथित राजनीतिक हिंसा से जुड़े मामलों में भी सामने आया था। बताया जा रहा है कि पुलिस उन मामलों में भी उनसे पूछताछ करना चाहती थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय निवासियों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। साथ ही, चुनाव बाद हिंसा से जुड़े मामलों में भी उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

Gold Price Today: सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी, जानिए आपके शहर में आज का गोल्ड रेट

Gold Price Today: वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी अस्थिरता के बीच सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर टिकी हुई है, जिनका सीधा असर बुलियन बाजार पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिकी फेडरल रिजर्व महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी करता है, तो इससे सोने की मांग प्रभावित हो सकती है। वहीं, पश्चिम एशिया में जारी अनिश्चितता भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोना लगभग 3.6 फीसदी फिसलकर 4,315.35 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया।

प्रमुख शहरों में सोने का भाव (6 जून 2026)

शहर 24 कैरेट (10 ग्राम) 22 कैरेट (10 ग्राम) 18 कैरेट (10 ग्राम)
मुंबई ₹1,55,450 ₹1,42,496 ₹1,16,588
दिल्ली ₹1,55,180 ₹1,42,248 ₹1,16,385
बेंगलुरु ₹1,55,570 ₹1,42,606 ₹1,16,678
कोलकाता ₹1,55,240 ₹1,42,303 ₹1,16,430
चेन्नई ₹1,55,900 ₹1,42,908 ₹1,16,925
हैदराबाद ₹1,55,700 ₹1,42,725

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक आर्थिक हालात पर नजर रखना निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होगा। सोने में निवेश करने से पहले बाजार के ताजा रुझानों और विशेषज्ञों की सलाह पर ध्यान देना बेहतर रहेगा।

खान सर पहुंचे पटना सिविल कोर्ट,सिविल कोर्ट पटना में कड़ी सुरक्षा, जमानत याचिका दाखिल

पटना/सर्वोदय न्यूज़:- चर्चित शिक्षक और कोचिंग संचालक खान सर से जुड़े फायरिंग मामले में कानूनी घटनाक्रम तेज हो गया है। गिरफ्तारी की आशंका के बीच खान सर शनिवार को अपने अधिवक्ता के साथ पटना सिविल कोर्ट पहुंचे, जहां उनकी ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है।

खान ग्लोबल स्टडीज सेंटर के बाहर हुई कथित फायरिंग की घटना के बाद दर्ज एफआईआर में खान सर को भी आरोपी बनाया गया है। मामले में उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कोचिंग संस्थानों के विवाद से जुड़ा मामला

जानकारी के अनुसार, बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के परिणाम आने के बाद दो कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद बढ़ गया था। इसी दौरान खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर तोड़फोड़ और पथराव की घटना सामने आई थी। इस मामले में दूसरे कोचिंग संस्थान से जुड़े कुछ लोगों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

बाद में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें कथित तौर पर सुरक्षा कर्मी हवाई फायरिंग करते दिखाई दिए। वीडियो की जांच के बाद पुलिस ने दो सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार किया और उनके हथियार भी जब्त कर लिए।

पुलिस जांच जारी

पटना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

बचाव पक्ष ने लगाए फंसाने के आरोप

खान सर की ओर से अदालत में दाखिल जमानत याचिका में कहा गया है कि उनका नाम कथित रूप से बयान के आधार पर मामले में जोड़ा गया है और उन्हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। बचाव पक्ष ने अदालत से राहत की मांग की है।

कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पटना सिविल कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। विभिन्न प्रवेश द्वारों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और परिसर में निगरानी बढ़ा दी गई है।

कौन हैं खान सर?

खान सर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले देश के चर्चित शिक्षकों में गिने जाते हैं। वे पटना स्थित अपने कोचिंग संस्थान के माध्यम से बड़ी संख्या में छात्रों को पढ़ाते हैं और सोशल मीडिया पर भी उनकी व्यापक लोकप्रियता है।

नोट: मामले की जांच जारी है। अदालत या जांच एजेंसी के अंतिम निष्कर्ष आने तक सभी आरोप केवल आरोप हैं और उन्हें तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

कोचिंग गुरु गिरफ्तार होंगे या कोर्ट में करेंगे सरेंडर? खान सर की मुश्किलें,गिरफ्तारी पर सस्पेंस बरकरार

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार के चर्चित शिक्षक और कोचिंग संचालक खान सर की कानूनी परेशानियां बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके कोचिंग संस्थान से जुड़े सुरक्षा कर्मियों द्वारा कथित फायरिंग के मामले में दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस ने जांच और कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में खान सर के खिलाफ भी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज होने की चर्चा है, जिसके बाद उनकी संभावित गिरफ्तारी को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने शुक्रवार रात विभिन्न संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन खान सर का पता नहीं चल सका। इस बीच यह भी चर्चा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वे अदालत की शरण ले सकते हैं और कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

कोचिंग सेंटर के बाहर जुटे छात्र

घटना के बाद से खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर छात्रों की आवाजाही बढ़ गई है। देर रात तक बड़ी संख्या में छात्र परिसर के आसपास मौजूद रहे। हालात को देखते हुए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।

फायरिंग वीडियो के बाद बदला मामला

बताया जा रहा है कि गुरुवार को हुए विवाद के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर सुरक्षा कर्मी फायरिंग करते दिखाई दिए। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो सुरक्षा गार्डों को हिरासत में लिया। पूछताछ के आधार पर आगे की जांच जारी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस जुटा रही साक्ष्य

पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की समीक्षा के लिए बैठक भी की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आधिकारिक रूप से किसी संभावित गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है।

अफवाहों का दौर भी जारी

शुक्रवार रात सोशल मीडिया पर खान सर की गिरफ्तारी को लेकर कई तरह की अफवाहें भी फैलती रहीं, हालांकि पुलिस की ओर से ऐसी किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। मामले को लेकर छात्रों और समर्थकों के बीच लगातार चर्चा बनी हुई है।

नोट: मामले की जांच जारी है। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ लगे आरोप तब तक आरोप ही माने जाते हैं, जब तक अदालत या जांच एजेंसी द्वारा उन्हें प्रमाणित न कर दिया जाए।

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन के चलते पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे।

जानकारी के अनुसार, अभिजीत दीपके शनिवार सुबह विदेश से दिल्ली पहुंचे, जिसके बाद वे प्रदर्शन से संबंधित औपचारिकताओं के लिए रवाना हुए। इससे पहले उन्होंने अपने समर्थकों और छात्रों से बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी।

दिल्ली पुलिस ने निर्धारित समय के दौरान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दी है। कार्यक्रम को देखते हुए क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। प्रदर्शन स्थल के आसपास बैरिकेडिंग की गई है तथा पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।

प्रदर्शन स्थल पर बढ़ी भीड़

दिन चढ़ने के साथ जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ती दिखाई दी। पुलिस द्वारा सुरक्षा जांच के बाद ही लोगों को प्रदर्शन स्थल तक जाने की अनुमति दी जा रही है। वहीं, आसपास के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से निगरानी कर रही है।

पुलिस ने की शांति बनाए रखने की अपील

प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील करती रही। साथ ही प्रदर्शनकारियों को पेड़ों, दीवारों और अन्य संरचनाओं पर न चढ़ने की भी सलाह दी गई।

अलग-अलग अंदाज में पहुंचे समर्थक

प्रदर्शन में शामिल होने आए कई समर्थक विभिन्न प्रकार की वेशभूषा और प्रतीकात्मक सामग्री के साथ नजर आए। कुछ लोगों ने विशेष मास्क पहन रखे थे, जबकि कई प्रदर्शनकारी शांति और अहिंसा का संदेश देने के लिए हाथों में गुलाब के फूल लिए हुए दिखाई दिए।

प्रशासन पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रखा गया है।

पालतू जानवरों के लिए क्यों जरूरी है अल्ट्रासाउंड? समय पर जांच से बच सकती है जान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- आज के समय में पालतू कुत्ते और बिल्लियां सिर्फ जानवर नहीं, बल्कि परिवार का अहम हिस्सा बन चुके हैं। हालांकि, इंसानों की तरह वे अपनी परेशानी या दर्द को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकते। ऐसे में कई बार गंभीर बीमारियां लंबे समय तक शरीर के भीतर विकसित होती रहती हैं और उनके लक्षण तब सामने आते हैं जब स्थिति काफी गंभीर हो चुकी होती है।

पशु चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में अल्ट्रासाउंड (अल्ट्रासोनोग्राफी) एक बेहद महत्वपूर्ण जांच साबित हो सकती है, जो कई बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगाने में मदद करती है।

क्या है अल्ट्रासाउंड जांच?

अल्ट्रासाउंड एक आधुनिक और सुरक्षित डायग्नोस्टिक तकनीक है, जिसमें ध्वनि तरंगों की मदद से शरीर के अंदर मौजूद अंगों की वास्तविक समय की तस्वीरें प्राप्त की जाती हैं। इस जांच में किसी प्रकार का रेडिएशन नहीं होता और यह पूरी तरह दर्दरहित प्रक्रिया मानी जाती है।

इसके जरिए लिवर, किडनी, मूत्राशय, गर्भाशय, प्लीहा, अग्न्याशय और आंतों जैसे महत्वपूर्ण अंगों की विस्तृत जांच की जा सकती है।

किन लक्षणों पर करवानी चाहिए जांच?

विशेषज्ञों के अनुसार यदि पालतू पशु में निम्न समस्याएं दिखाई दें तो अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह दी जा सकती है—

बार-बार उल्टी या भूख कम लगना

यदि पालतू जानवर लगातार उल्टी कर रहा हो, भोजन से दूरी बना रहा हो या तेजी से वजन कम हो रहा हो, तो यह पाचन तंत्र या आंतों से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।

पेट का असामान्य रूप से बढ़ना

पेट में सूजन, पानी भरना, आंतरिक रक्तस्राव या किसी गांठ की पहचान के लिए अल्ट्रासाउंड उपयोगी जांच मानी जाती है।

पेशाब संबंधी दिक्कतें

पेशाब में खून आना, बार-बार पेशाब लगना या पेशाब करने में परेशानी होना किडनी अथवा मूत्राशय की बीमारी की ओर इशारा कर सकता है।

गर्भावस्था की निगरानी

मादा कुत्तों और बिल्लियों में गर्भधारण की पुष्टि करने तथा गर्भस्थ शिशुओं की स्थिति का आकलन करने के लिए भी अल्ट्रासाउंड का उपयोग किया जाता है।

लिवर और किडनी की जांच

यदि ब्लड टेस्ट में कोई असामान्यता सामने आती है, तो अल्ट्रासाउंड के जरिए अंगों की वास्तविक स्थिति को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है।

ट्यूमर या गांठ की पहचान

शरीर के अंदर मौजूद ट्यूमर, गांठ या कैंसर जैसी स्थितियों का पता लगाने में भी यह जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

गर्भाशय संक्रमण का खतरा

मादा पशुओं में पायोमेट्रा जैसे गंभीर गर्भाशय संक्रमण की समय पर पहचान के लिए अल्ट्रासाउंड बेहद प्रभावी माना जाता है।

अल्ट्रासाउंड के प्रमुख फायदे

  • बीमारी का शुरुआती अवस्था में पता चल सकता है।
  • उपचार की दिशा तय करने में मदद मिलती है।
  • कई मामलों में अनावश्यक सर्जरी से बचाव संभव होता है।
  • गंभीर बीमारियों का समय रहते इलाज शुरू किया जा सकता है।
  • जांच पूरी तरह सुरक्षित और दर्दरहित होती है।

पालतू पशु मालिकों के लिए सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि पालतू जानवर अक्सर अपनी परेशानी को छिपाने की कोशिश करते हैं। यदि आपके पालतू के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखे, वह सुस्त रहने लगे, भोजन कम कर दे, बार-बार उल्टी करे या पेट में असामान्य सूजन दिखाई दे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

समय पर पशु चिकित्सक से संपर्क और आवश्यक जांच न केवल बीमारी की सही पहचान में मदद करती है, बल्कि कई मामलों में पालतू जानवर की जान भी बचा सकती है।

विशेषज्ञ की राय

पशु चिकित्सक डॉ. हेमंत तिवारी के अनुसार, “अल्ट्रासाउंड सिर्फ एक जांच नहीं है, बल्कि पालतू पशुओं को स्वस्थ और सुरक्षित जीवन देने का एक प्रभावी माध्यम है। समय पर की गई जांच कई गंभीर बीमारियों को शुरुआती चरण में पकड़ सकती है और उपचार को अधिक सफल बना सकती है।”

2027 चुनाव को लेकर चंद्रशेखर आजाद का बड़ा वादा, सरकार बनने पर यूपी में शराबबंदी लागू करने का ऐलान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद Chandrashekhar Azad ने वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक ऐलान किया है। मेरठ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू की जाएगी।

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि शराब की बिक्री बंद होने के बाद मौजूदा शराब दुकानों को ज्ञान और शिक्षा के केंद्रों में बदला जाएगा। उन्होंने दावा किया कि शराब के ठेकों की जगह लाइब्रेरी स्थापित की जाएंगी, जिससे युवाओं को बेहतर माहौल और शिक्षा के अवसर मिल सकें।

किसानों, छात्रों और पुलिसकर्मियों के लिए भी किए कई वादे

अपने संबोधन में उन्होंने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने का वादा किया। इसके अलावा 12वीं कक्षा तक निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने और पुलिसकर्मियों के लिए आठ घंटे की ड्यूटी व्यवस्था लागू करने की बात भी कही।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सामाजिक न्याय, शिक्षा और रोजगार को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के विकास के लिए काम करेगी।

यूपी में ऊंची इमारत और 45 मीटर चौड़ी सड़क बना सकेंगे ये लोग,बड़ी राहत देने की तैयारी में योगी सरकार

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार नई भवन उपविधियां लागू करने की तैयारी में है। प्रस्तावित नियमों के तहत एमएसएमई, डाटा सेंटर और अन्य औद्योगिक इकाइयों को पहले की तुलना में अधिक ऊंचाई तक निर्माण करने की अनुमति मिल सकती है। इसके साथ ही चौड़ी सड़कों के किनारे बड़े पैमाने पर निर्माण की राह भी आसान होगी।

औद्योगिक विकास विभाग ने नई उपविधियों का प्रारूप जारी कर दिया है और इस पर आम जनता तथा संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। अंतिम मंजूरी के बाद प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।

सड़क की चौड़ाई के आधार पर मिलेगा अधिक निर्माण का अधिकार

प्रस्तावित नियमों के अनुसार 12 से 24 मीटर चौड़ी सड़क वाले क्षेत्रों में उद्योगों को अधिक निर्माण की अनुमति दी जा सकती है। ऐसे क्षेत्रों में छह मंजिला तक भवन निर्माण संभव होगा।

वहीं 24 से 45 मीटर चौड़ी सड़कों के किनारे स्थित भूखंडों पर अधिकतम 10.5 एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) तक निर्माण की अनुमति देने का प्रस्ताव है। इसके अलावा 45 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़क वाले क्षेत्रों में ऊंची इमारतों के निर्माण पर काफी हद तक प्रतिबंधों में ढील देने की तैयारी है।

सरकार का उद्देश्य निवेशकों को बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना और औद्योगिक परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाना है।

ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को भी फायदा

नई उपविधि में औद्योगिक क्षेत्रों के भीतर विकसित होने वाली ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को भी राहत देने का प्रस्ताव है। 12 से 18 मीटर और 18 से 24 मीटर चौड़ी सड़कों के किनारे सात मंजिल तक भवन निर्माण की अनुमति दी जा सकती है।

वर्तमान में एफएआर, सेटबैक, ग्राउंड कवरेज और भवन की ऊंचाई को लेकर अलग-अलग नियम लागू हैं, जिन्हें अधिक व्यावहारिक और निवेशक-अनुकूल बनाने की दिशा में बदलाव किया जा रहा है।

सेटबैक नियमों में भी बदलाव

नई व्यवस्था के तहत सेटबैक नियमों को अधिक तर्कसंगत बनाया गया है। प्रस्ताव के अनुसार छोटे भूखंडों पर कम सेटबैक रखना होगा, जबकि बड़े भूखंडों के लिए निर्धारित दूरी बनाए रखना अनिवार्य रहेगा।

100 वर्गमीटर तक के प्लॉट पर आगे की ओर 1.5 मीटर सेटबैक का प्रावधान है, जबकि बड़े भूखंडों के लिए यह दूरी क्रमशः बढ़ती जाएगी। 6000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भूखंडों पर आगे 9 मीटर और अन्य दिशाओं में 6-6 मीटर सेटबैक प्रस्तावित किया गया है।

पार्किंग और हरित क्षेत्र के नियमों में राहत

औद्योगिक और आवासीय परियोजनाओं में भूमि के अधिकतम उपयोग को ध्यान में रखते हुए लैंडस्केपिंग की अनिवार्यता को 25-50 प्रतिशत से घटाकर 5-10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।

इसके अलावा पार्किंग व्यवस्था को भी व्यावहारिक बनाया गया है। नए नियमों के अनुसार आवासीय परियोजनाओं में कुल क्षेत्रफल का 15 प्रतिशत और गैर-आवासीय परियोजनाओं में 10 प्रतिशत हिस्सा पार्कों के लिए सुरक्षित रखना होगा।

हालांकि 3000 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल वाली परियोजनाओं के लिए अलग से पार्क विकसित करने की बाध्यता नहीं होगी। इससे अधिक क्षेत्रफल वाली योजनाओं में पार्क और हरित क्षेत्र के लिए भूमि आरक्षित करना अनिवार्य रहेगा।

निवेश को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि नई भवन उपविधियां लागू होने के बाद प्रदेश में औद्योगिक निवेश को गति मिलेगी। इससे एमएसएमई, डाटा सेंटर, औद्योगिक पार्क और आवासीय परियोजनाओं के विकास में तेजी आएगी तथा निवेशकों को बेहतर और लचीला नियामकीय ढांचा उपलब्ध होगा।