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9 दिन के अनशन के बाद भी विधानसभा मार्च में पहुंचे देवेंद्र नाथ महतो, एंबुलेंस और स्ट्रेचर से छात्रों के साथ चले

Jharkhand Student Protest: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। सोमवार को रांची में हजारों छात्रों ने पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा की ओर मार्च किया। इस दौरान 9 दिनों से अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी आंदोलनकारियों के साथ विधानसभा मार्च में शामिल हुए।

महतो की तबीयत खराब होने के बावजूद उनका मार्च में शामिल होना प्रदर्शन के दौरान चर्चा का विषय बना रहा। शुरुआत में वह कुछ दूरी तक पैदल चले, लेकिन कमजोरी के कारण उन्हें एंबुलेंस में ले जाया गया। बाद में आंदोलनकारी उन्हें स्ट्रेचर पर लेकर आगे बढ़े। उनके साथ छात्रों ने नारेबाजी की और समर्थन जताया।

कई बैरिकेड पार कर आगे बढ़े छात्र

विधानसभा मार्च में शामिल हजारों छात्रों ने पुरानी विधानसभा के पास से नई विधानसभा की ओर बढ़ना शुरू किया। रास्ते में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी।

प्रदर्शनकारी एक के बाद एक कई बैरिकेड पार करते हुए आगे बढ़े। बाद में छात्र शहीद मैदान के आसपास सड़क पर बैठ गए। उन्हें आगे जाने से रोकने के दौरान कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।

हालांकि, छात्र संगठनों के स्वयंसेवक भीड़ को नियंत्रित करने और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की कोशिश करते नजर आए।

एंबुलेंस से पहुंचे, फिर स्ट्रेचर पर आगे बढ़े महतो

देवेंद्र नाथ महतो पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। बताया गया कि आंदोलन के शुरुआती चार दिनों में उन्होंने पानी भी नहीं लिया था। इसके बावजूद उन्होंने विधानसभा मार्च में छात्रों का साथ नहीं छोड़ा।

महतो हाथ में पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर लेकर मार्च में शामिल हुए। मंच से कुछ दूरी तक पैदल चलने के बाद उनकी तबीयत को देखते हुए उन्हें एंबुलेंस में बैठाया गया। कुछ दूरी तय करने के बाद आंदोलनकारी उन्हें स्ट्रेचर पर लेकर आगे बढ़े।

महतो की स्थिति देखकर छात्रों में भी उत्साह दिखाई दिया और प्रदर्शनकारियों ने उनके समर्थन में जमकर नारे लगाए।

‘अनशन से ज्यादा कष्ट कांटेदार तार देखकर हुआ’

मार्च के दौरान मीडिया से बातचीत में देवेंद्र नाथ महतो ने पुलिस की ओर से लगाई गई कंटीली तारों वाली बैरिकेडिंग पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अनशन के बावजूद उन्हें कांटेदार बैरिकेडिंग देखकर ज्यादा दुख हुआ।

महतो ने कहा कि वह अस्पताल जाने की स्थिति में हैं और 9 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने छात्रों से संयम और अनुशासन बनाए रखने की अपील भी की।

उन्होंने आशंका जताई कि आंदोलन के दौरान स्थिति बिगड़ सकती है, भगदड़ हो सकती है या पुलिस की ओर से आंसू गैस का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति में वह ऐसी स्थिति में खुद तेजी से हट भी नहीं पाएंगे।

‘सरकार ऐसा कदम न उठाए जिससे हालात बिगड़ें’

देवेंद्र नाथ महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जन्मदिन का जिक्र करते हुए कहा कि वह नहीं चाहते कि ऐसा कोई कदम उठाया जाए जिससे आंदोलन हिंसक हो या छात्रों को चोट पहुंचे।

उन्होंने छात्रों और मीडिया का आभार जताते हुए आंदोलन को अनुशासित तरीके से आगे बढ़ाने की अपील की। महतो ने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

उन्होंने शिबू सोरेन का जिक्र करते हुए कहा कि अगर वह आज जीवित होते तो संभवतः आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ खड़े होते, क्योंकि उन्होंने खुद लंबे समय तक आंदोलनों में हिस्सा लिया था।

अभिजीत दीपके का पुराना बयान भी चर्चा में

देवेंद्र नाथ महतो के विधानसभा मार्च में शामिल होने के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक पुराने आंदोलन का उदाहरण भी सामने आया। उस दौरान संसद मार्च में शामिल नहीं होने को लेकर अभिजीत दीपके की आलोचना हुई थी।

बताया गया कि 20 मार्च को संसद मार्च के दौरान दीपके जंतर-मंतर पर एक ट्रक पर मौजूद रहे और खुद मार्च का नेतृत्व नहीं कर पाए। बाद में एक इंटरव्यू में उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा था कि वह तीन दिनों से भूख हड़ताल पर थे और उन्हें चक्कर आ गया था।

दीपके के मुताबिक, साथियों की सलाह पर वह ट्रक पर रहकर प्रदर्शनकारियों को दिशा देने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर वह अनशन पर नहीं होते तो खुद जमीन पर उतरकर मार्च में शामिल होते।

फिलहाल रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है और प्रदर्शनकारी JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच समेत अपनी प्रमुख मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं।

Petrol-Diesel Price: बिना एथेनॉल वाला पेट्रोल ₹167.35 लीटर, जानें दिल्ली समेत बड़े शहरों में आज के रेट

Petrol Diesel Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच देश की सरकारी तेल कंपनियों ने रोजाना की तरह पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी कर दिए हैं। दिल्ली में बिना एथेनॉल वाला XP100 पेट्रोल 167.35 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं सामान्य पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और XP95 पेट्रोल का भाव 109.24 रुपये प्रति लीटर है।

XP100 पेट्रोल में 100-ऑक्टेन रेटिंग होती है और यह एथेनॉल-मुक्त ईंधन है। इसे खासतौर पर हाई-परफॉर्मेंस वाहनों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें सुपरकार, प्रीमियम सेडान और हाई-एंड मोटरसाइकिल जैसे वाहन शामिल हैं। भारत में XP100 को दिसंबर 2020 में बाजार में उतारा गया था।

दूसरी ओर, सामान्य पेट्रोल और XP95 जैसे प्रीमियम ईंधन में एथेनॉल मिश्रित होता है।

E20 पेट्रोल में कितना होता है एथेनॉल?

केंद्र सरकार के Ethanol Blended Petrol (EBP) कार्यक्रम के तहत E20 ईंधन में करीब 20 फीसदी एथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल का मिश्रण होता है।

सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों का कहना है कि E20 ईंधन उन वाहनों के लिए सुरक्षित है जिन्हें इस मिश्रण के अनुरूप डिजाइन किया गया है। हालांकि, पुराने वाहनों को लेकर कुछ उपभोक्ता सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपनी चिंताएं जाहिर करते रहे हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में फिर उछाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड करीब एक फीसदी से अधिक बढ़कर 84.48 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। वहीं WTI क्रूड करीब 78.89 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया।

तेल की कीमतों में तेजी के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और सप्लाई को लेकर बनी चिंताओं को अहम वजह माना जा रहा है। ईरान की अमेरिका के साथ बातचीत से दूरी और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर चिंता बढ़ी है।

पिछले तीन कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की कीमतों में 5 फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की जा चुकी है।

दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के दाम

इंडियन ऑयल के अनुसार, दिल्ली में आज सामान्य पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर, जबकि डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।

देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के रेट इस प्रकार हैं:

शहर पेट्रोल डीजल
दिल्ली ₹102.12 ₹95.20
मुंबई ₹111.21 ₹97.83
कोलकाता ₹113.51 ₹99.82
चेन्नई ₹107.77 ₹99.55
नोएडा ₹102.12 ₹95.56
लखनऊ ₹101.86 ₹95.36
पटना ₹112.70 ₹99.87
जयपुर ₹112.66 ₹97.78
भोपाल ₹114.65 ₹99.74
इंदौर ₹114.61 ₹99.70

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राज्य के टैक्स, वैट और अन्य स्थानीय शुल्क के कारण अलग-अलग शहरों में अंतर देखने को मिलता है। तेल कंपनियां रोजाना सुबह पेट्रोल-डीजल की कीमतों की समीक्षा कर नए रेट जारी करती हैं।

रांची में हजारों छात्रों का विधानसभा मार्च, भारी पुलिस बल तैनात; CGL परीक्षा रद्द और CBI जांच की मांग

Jharkhand Students Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन के 17वें दिन छात्रों ने राजधानी रांची में विधानसभा मार्च शुरू कर दिया है। बड़ी संख्या में छात्र पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा की ओर आगे बढ़ रहे हैं। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है।

छात्रों और राज्य सरकार के बीच रविवार को बातचीत का छठा दौर हुआ था। बातचीत में छात्रों की कई मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई, लेकिन प्रदर्शनकारी अब भी अपनी प्रमुख मांगों पर अड़े हुए हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की CBI जांच का आदेश नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा, जगह-जगह बैरिकेडिंग

विधानसभा मार्च को देखते हुए रांची में पुलिस प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रदर्शन वाले रास्तों पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। कई जगहों पर बैरिकेड लगाए गए हैं और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन भी तैयार रखे गए हैं।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि अगर प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से मार्च करते हैं तो उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा। साथ ही पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है।

सुबह 10 बजे शुरू हुआ विधानसभा मार्च

छात्रों ने सुबह करीब 10 बजे पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा की ओर मार्च शुरू किया। इस प्रदर्शन में झारखंड के अलग-अलग जिलों से छात्र रांची पहुंचे हैं।

मार्च के दौरान छात्र नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। पुलिस ने कई जगहों पर उन्हें रोकने की कोशिश की। शुरुआती बैरिकेड पर कुछ देर बातचीत के बाद छात्रों को आगे बढ़ने दिया गया और प्रदर्शनकारी मार्च जारी रखते हुए आगे बढ़ गए।

क्या है छात्रों की मुख्य मांग?

छात्रों और सरकार के बीच सबसे बड़ा विवाद JSSC CGL परीक्षा को लेकर है। प्रदर्शनकारी इस परीक्षा को रद्द करने के साथ-साथ पूरे मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं।

वहीं, सरकार की ओर से CBI जांच के बजाय एक सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच कराने की बात कही गई है। सरकार ने यह भी कहा है कि यदि जांच में वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो मामले की जांच ED से कराई जा सकती है।

हालांकि, छात्र सरकार के इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं और CBI जांच की मांग पर कायम हैं।

तीन प्रमुख मुद्दों पर अटका है विवाद

छात्र नेताओं के अनुसार उनकी प्रमुख मांगें तीन बिंदुओं पर केंद्रित हैं—परीक्षाओं को रद्द करना, परीक्षा रद्द होने के बाद पूरे मामले की जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार।

छात्रों का दावा है कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में सुधार से जुड़ी करीब 90 फीसदी मांगें स्वीकार कर ली हैं, लेकिन परीक्षा रद्द करने और जांच कराने से जुड़ी अहम मांगों पर अभी सहमति नहीं बनी है।

प्रदर्शनकारियों ने कुछ एजेंसियों के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं और उनकी जांच की मांग की है।

छात्र नेता बोले- पुलिस जहां रोकेगी, वहीं बैठ जाएंगे

छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि यह प्रदर्शन छात्रों की एकजुटता दिखाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन उन्हें किसी स्थान पर रोकता है तो छात्र वहीं बैठकर विरोध दर्ज कराएंगे।

उनका कहना है कि सरकार के मौजूदा फैसले से छात्र संतुष्ट नहीं हैं और जिन परीक्षाओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं, उनमें कथित अनियमितताओं की जांच जरूरी है। उन्होंने JSSC CGL परीक्षा को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और सरकार से मामले को जल्द सुलझाने की मांग की।

देवेंद्र नाथ महतो ने बताया ‘बदलाव का दिन’

विधानसभा मार्च से पहले पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि विधानसभा मार्च छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है और प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह के विवाद से बचना चाहिए। उन्होंने यह भी अपील की कि अगर पुलिस रास्ता रोकती है तो छात्रों को टकराव से बचते हुए वैकल्पिक रास्ता अपनाना चाहिए।

देवेंद्र नाथ महतो ने प्रदर्शन में राजनीतिक या धार्मिक झंडे नहीं लाने की अपील करते हुए केवल तिरंगा लेकर शामिल होने की बात कही।

BJP विधायकों ने भी किया सीएम आवास घेराव का ऐलान

छात्रों के विधानसभा मार्च के बीच भाजपा विधायकों ने भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर दबाव बनाने के लिए मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम रखा है। पुलिस ने भाजपा विधायकों को रोकने के लिए भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और कुछ नेताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।

फिलहाल रांची में छात्रों का विधानसभा मार्च जारी है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।

Aaj Ka Rashifal 10 August 2026: राहु के नक्षत्र में चंद्रमा, इन राशियों की चमकेगी किस्मत, कुछ को रहना होगा सावधान

Aaj Ka Rashifal 10 August 2026: सोमवार, 10 अगस्त को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाली है। आज चंद्रमा मिथुन राशि में मंगल के साथ मौजूद हैं और आर्द्रा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। आर्द्रा नक्षत्र के स्वामी राहु हैं। चंद्रमा और मंगल की युति से लक्ष्मी योग बन रहा है, लेकिन राहु के नक्षत्र में चंद्रमा होने के कारण कुछ राशियों को मानसिक तनाव और उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।

आज सूर्य, बुध और गुरु कर्क राशि में स्थित हैं। वहीं केतु सिंह, शुक्र कन्या, राहु कुंभ और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। ग्रहों की इस स्थिति का असर नौकरी, कारोबार, स्वास्थ्य, धन और पारिवारिक जीवन पर देखने को मिल सकता है।

मेष राशि

मेष राशि वालों को आज स्वास्थ्य के मामले में सावधानी बरतनी होगी। नाक, कान और गले से जुड़ी परेशानी परेशान कर सकती है। उत्साह में आकर कोई नया काम शुरू करने से फिलहाल बचें। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य से बेहतर रहेगा, जबकि व्यापार की गति थोड़ी धीमी रह सकती है। काली वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

आज बातचीत के दौरान अपनी भाषा पर नियंत्रण रखें और किसी से अनावश्यक विवाद में न पड़ें। निवेश के लिए दिन अनुकूल नहीं है, इसलिए जल्दबाजी में पैसा लगाने से बचें। स्वास्थ्य में पहले के मुकाबले सुधार दिखाई देगा। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक बदलाव हो सकता है। कारोबार अच्छा चलेगा। लाल वस्तु का दान करना लाभकारी रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों को आज अपने स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए। मन में विचारों की अधिकता परेशानी का कारण बन सकती है। प्रेम और संतान पक्ष में सुधार के संकेत हैं। व्यापार में भी अच्छी स्थिति बनी रहेगी। सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है और पिता का सहयोग मिलेगा। सूर्य को जल देना शुभ रहेगा।

कर्क राशि

आज खर्च बढ़ने से आपका बजट प्रभावित हो सकता है। अधिक खर्च मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य को लेकर भी सावधानी आवश्यक है। प्रेम और संतान का पक्ष मध्यम रहेगा। व्यापार में कोई बड़ी परेशानी नहीं होगी और काम सामान्य रूप से चलता रहेगा। बजरंगबली को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए आज आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। हालांकि, किसी भी नए माध्यम से मिलने वाली आय की सही तरीके से जांच जरूर करें और गलत तरीके से पैसा कमाने से बचें। यात्रा के दौरान सावधानी रखें। प्रेम-संतान और स्वास्थ्य की स्थिति मध्यम रहेगी, जबकि व्यापार अच्छा चलेगा। सूर्य को जल देना लाभकारी रहेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों को आज कानूनी विवादों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। किसी मामले को लेकर असमंजस की स्थिति बन सकती है। नए कारोबार की शुरुआत के लिए समय अनुकूल नहीं है। प्रेम और संतान पक्ष बेहतर रहेगा और व्यापार भी सामान्य रूप से चलता रहेगा। काली वस्तु का दान करना शुभ होगा।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए परिस्थितियां अब पहले से बेहतर होती नजर आ रही हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा। यात्रा के दौरान कुछ परेशानियां आ सकती हैं, लेकिन कोई बड़ा नुकसान होने के संकेत नहीं हैं। आय और लाभ के लिहाज से दिन अच्छा रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। बजरंगबली को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों को आज विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है और चोट लगने की आशंका भी है। किसी विवाद या परेशानी में फंसने से बचें। परिस्थितियां फिलहाल अनुकूल नहीं हैं, इसलिए सावधानी के साथ काम करें। प्रेम और संतान पक्ष अच्छा रहेगा और व्यापार में भी स्थिति ठीक बनी रहेगी।

धनु राशि

धनु राशि वालों को आज पेट से जुड़ी समस्या परेशान कर सकती है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। प्रेम संबंधों में मुलाकात के दौरान किसी बात को लेकर विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए संयम रखें। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य रूप से अच्छा रहेगा। कारोबार में भी स्थिति मजबूत रहेगी। पीली वस्तु अपने पास रखना शुभ रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि वालों के विरोधी आज सक्रिय रह सकते हैं, लेकिन वे आपका ज्यादा नुकसान नहीं कर पाएंगे। आपका प्रभाव और दबदबा बना रहेगा। स्वास्थ्य में थोड़ी गिरावट आ सकती है, इसलिए ध्यान रखें। प्रेम और संतान पक्ष अच्छा रहेगा और कारोबार सामान्य गति से आगे बढ़ेगा। काली माता को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों को आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। विद्यार्थियों के लिए दिन अच्छा रहेगा। पढ़ाई-लिखाई और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिल सकती है। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य रहेगा, जबकि व्यापार में अच्छी स्थिति बनी रहेगी। लाल वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि वालों को जमीन, मकान या वाहन से जुड़े मामलों में सावधानी रखनी चाहिए। खरीदारी से संबंधित कोई विवाद सामने आ सकता है। घर-परिवार में तनाव की स्थिति भी बन सकती है, इसलिए संयम से काम लें। प्रेम और संतान पक्ष मध्यम रहेगा, जबकि व्यापार में स्थिति अच्छी बनी रहेगी। भगवान शिव का जलाभिषेक करना शुभ रहेगा।

यूपी में किसकी बनेगी सरकार? बृजभूषण शरण सिंह बोले- ‘इस बार लड़ाई है, क्या झूठ बोल दें?’

UP Politics: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी या समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन सत्ता में वापसी करेगा। इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने यूपी के चुनावी मुकाबले को लेकर बड़ा बयान दिया है।

एक इंटरव्यू के दौरान जब बृजभूषण शरण सिंह से पूछा गया कि आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में किसकी सरकार बनने की संभावना है और क्या योगी आदित्यनाथ लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे या अखिलेश यादव सत्ता में वापसी कर सकते हैं, तो उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि ‘इस बार लड़ाई है।’

जब उनसे पूछा गया कि क्या इस बार भाजपा के लिए चुनाव पिछली बार की तरह आसान नहीं होगा, तो उन्होंने दोबारा कहा कि मुकाबला कड़ा रहेगा। एंकर की ओर से यह कहे जाने पर कि आप तो भाजपा के नेता हैं, बृजभूषण सिंह ने जवाब दिया, ‘तो क्या हम झूठ बोल दें? इस बार लड़ाई है।’

सत्ता विरोधी लहर का भी किया जिक्र

बृजभूषण शरण सिंह ने चुनावी माहौल पर बात करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के 37 सांसदों की जीत के पीछे अलग राजनीतिक परिस्थितियां थीं। उन्होंने कहा कि चुनावी परिस्थितियां लगातार बदलती रहती हैं और मौजूदा समय में मुकाबला आसान नहीं है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार को करीब दस साल हो चुके हैं। ऐसे में सत्ता विरोधी माहौल का असर होना स्वाभाविक है। उनके मुताबिक इस बार प्रदेश में टफ फाइट देखने को मिल सकती है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भी बोले बृजभूषण

इंटरव्यू के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और कथित गड़बड़ी के आरोपों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि शुरुआत में इस मुद्दे से विपक्ष को कुछ राजनीतिक फायदा मिला, लेकिन अब इसका असर उल्टा पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा आगामी विधानसभा चुनाव में बड़ा चुनावी मुद्दा नहीं बनेगा। उनके मुताबिक चुनाव में जनता का मुख्य फोकस मौजूदा सरकार के कामकाज पर रहेगा।

‘राम मंदिर मुद्दा चुनावी मुद्दा नहीं रहेगा’

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के मामले को जिस तरह से राजनीतिक रूप दिया गया, उससे उन्हें आपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को भगवा और साधु-संतों से जोड़कर पेश किया गया, जबकि जिन लोगों के नाम सामने आए, वे मंदिर की व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी और अन्य जिम्मेदार लोग थे।

उन्होंने कहा कि अयोध्या में कई संत पहले भी राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर अपनी नाराजगी जाहिर करते रहे हैं, लेकिन भगवा वस्त्रों को इस विवाद से जोड़कर दिखाए जाने के बाद संत समाज में इसे लेकर नाराजगी बढ़ी है।

हालांकि, बृजभूषण सिंह ने अखिलेश यादव पर सीधे तौर पर आरोप लगाने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव खुद भगवान श्रीकृष्ण में आस्था की बात करते हैं और उनके पिता मुलायम सिंह यादव भी भगवान हनुमान के भक्त होने की बात कहते थे।

अब यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा, सपा और कांग्रेस समेत तमाम राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो रही हैं। ऐसे में बृजभूषण शरण सिंह का यह बयान चुनावी माहौल में भाजपा के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ममता बनर्जी की कार पर पत्थरों से हमला, बोलीं- शीशा खुला होता तो फट जाता सिर

Mamata Banerjee Car Attack:पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कार पर कथित तौर पर पत्थर फेंके जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, ममता बनर्जी उत्तर 24 परगना में एक टीएमसी कार्यकर्ता से मिलने जा रही थीं। इसी दौरान उनकी गाड़ी को निशाना बनाकर कुछ लोगों ने पत्थर फेंके।

ममता बनर्जी ने घटना को लेकर दावा किया कि उनकी कार पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए। उन्होंने कहा कि अगर उस समय कार का शीशा खुला होता तो पत्थर सीधे उनके सिर पर लग सकता था और उनका सिर फट सकता था।

घटना के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। ममता बनर्जी ने इस हमले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि, हमले के पीछे कौन लोग थे और घटना की वास्तविक वजह क्या थी, इसे लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

ममता बनर्जी का आरोप है कि उनकी सुरक्षा को खतरे में डालने की कोशिश की गई। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

फिलहाल पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ममता बनर्जी की गाड़ी पर पत्थर किसने और किन परिस्थितियों में फेंके।

UPI Payment पर लगेगा चार्ज? सरकार ने साफ किया नियम, जानिए ग्राहकों और दुकानदारों पर क्या होगा असर

UPI Payment New Rule: देश में डिजिटल पेमेंट का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुके UPI को लेकर पिछले कुछ दिनों से एक सवाल लगातार चर्चा में है—क्या अब UPI से भुगतान करने पर ग्राहकों को भी चार्ज देना पड़ेगा? पेमेंट एंड सेटलमेंट एक्ट में हालिया बदलाव के बाद इस तरह की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है। हालांकि, सरकार ने अब इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट कर दी है।

दरअसल, कानून में किए गए बदलाव के बाद मर्चेंट से UPI ट्रांजैक्शन के लिए बैंक द्वारा शुल्क लेने पर लगी पाबंदी हट गई है। इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या इसका बोझ आम ग्राहकों पर भी डाला जाएगा। इसी बीच RBI गवर्नर से भी UPI के खर्च को लेकर सवाल किया गया था। उन्होंने कहा था कि इस व्यवस्था की लागत किसी न किसी को वहन करनी होगी।

अब केंद्र सरकार की ओर से जारी स्पष्टीकरण के बाद ग्राहकों के लिए तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है।

क्या UPI से भुगतान करने पर ग्राहकों से लिया जाएगा चार्ज?

सरकार के मुताबिक, आम यूजर्स को UPI के जरिए भुगतान करने के लिए किसी तरह का ट्रांजैक्शन शुल्क नहीं देना होगा। यानी ग्राहक पहले की तरह ही बिना अतिरिक्त चार्ज के UPI से भुगतान कर सकेंगे।

चाहे आप किसी दुकान पर QR कोड स्कैन करके पेमेंट करें या किसी ऑनलाइन सेवा के लिए UPI का इस्तेमाल करें, ग्राहक से सीधे कोई शुल्क वसूलने की व्यवस्था नहीं की गई है।

क्या एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजना भी फ्री रहेगा?

हां। UPI के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने पर भी कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा। अपने बैंक खाते से किसी अन्य व्यक्ति के खाते में रकम भेजने या अपने ही दूसरे बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा पहले की तरह मुफ्त रहेगी।

इसका मतलब है कि सामान्य P2P यानी व्यक्ति-से-व्यक्ति UPI ट्रांजैक्शन पर इस बदलाव का सीधा असर नहीं पड़ेगा।

क्या दुकानदारों को देना पड़ सकता है शुल्क?

सरकार के स्पष्टीकरण के अनुसार, कुछ श्रेणी के व्यापारियों के लिए भविष्य में मामूली Merchant Discount Rate (MDR) लागू किया जा सकता है। हालांकि, यह शुल्क हर व्यापारी या हर UPI ट्रांजैक्शन पर लागू नहीं होगा।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, MDR केवल एक निर्धारित सीमा से अधिक वाले और सीमित संख्या में होने वाले मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मामूली दर से लागू किया जा सकता है। यह शुल्क डेबिट या क्रेडिट कार्ड से जुड़े MDR की तुलना में काफी कम रखने की बात कही गई है।

खास बात यह है कि छोटे दुकानदारों, किराना कारोबारियों और सब्जी विक्रेताओं जैसे छोटे व्यापारियों को इस दायरे से बाहर रखा जाएगा।

आखिर UPI के नियम में बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?

वित्त मंत्रालय का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य UPI सिस्टम को लंबे समय तक मजबूत और टिकाऊ बनाए रखना है। डिजिटल लेनदेन का दायरा लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में सिस्टम की तकनीकी क्षमता, साइबर सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकने के उपायों पर लगातार निवेश की जरूरत है।

सरकार के मुताबिक, बढ़ते ट्रांजैक्शन वॉल्यूम के कारण UPI के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ साइबर हमलों और फ्रॉड के बढ़ते खतरों से निपटने के लिए भी लगातार काम करना जरूरी है।

जुलाई में हुए करोड़ों UPI ट्रांजैक्शन

UPI के बढ़ते इस्तेमाल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जुलाई 2026 में करीब 2,366 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए। इस दौरान UPI के जरिए लगभग 29.90 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ।

इनमें करीब 95 फीसदी ट्रांजैक्शन 2,000 रुपये से कम राशि के थे। ऐसे में मौजूदा बदलाव का सीधा असर आम UPI यूजर्स पर पड़ने की संभावना कम है।

हालांकि, जानकारों का मानना है कि अगर भविष्य में UPI लेनदेन पर किसी व्यापक स्तर पर शुल्क लगाया जाता है, तो इसका अप्रत्यक्ष असर ग्राहकों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम ग्राहकों के लिए UPI भुगतान पहले की तरह फ्री रहेगा।

RMLIMS में उन्नत घाव बंद करने की तकनीकों पर CME, 70 से अधिक डॉक्टरों ने लिया हिस्सा

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़- डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की ओर से स्त्री रोग संबंधी सर्जरी में आधुनिक घाव बंद करने की तकनीकों को लेकर सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “Closing the Gaps Through Advanced Wound Closure Techniques– Expert Opinion on Advancing Patient Healing and Experience in Gynaecological Surgeries” रहा।

कार्यक्रम का आयोजन विभागाध्यक्ष डॉ. नीतू सिंह के नेतृत्व में किया गया। उद्घाटन सत्र में संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) सी.एम. सिंह और कार्यकारी रजिस्ट्रार डॉ. सबुत चंद्र समेत वरिष्ठ अधिकारी और संकाय सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में डॉ. पूजा, डॉ. मालविका, डॉ. देवयानी, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के अन्य चिकित्सक, रेजिडेंट डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ने भी भाग लिया।

70 से अधिक चिकित्सकों ने लिया हिस्सा

CME में 70 से अधिक चिकित्सकों, संकाय सदस्यों, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों और नर्सिंग स्टाफ ने सहभागिता की। RMLIMS के अलावा KGMU, SGPGI, AIIMS रायबरेली और HIMS बाराबंकी समेत कई संस्थानों के विशेषज्ञ कार्यक्रम में शामिल हुए।

दिल्ली स्थित रेनबो हॉस्पिटल की विशेषज्ञ डॉ. जयश्री सुंदर ने अतिथि वक्ता के रूप में अपने चिकित्सकीय अनुभव साझा किए और आधुनिक घाव बंद करने की तकनीकों से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी।

सर्जरी में सही स्यूचर तकनीक पर जोर

CME का मुख्य उद्देश्य स्त्री रोग संबंधी सर्जरी में आधुनिक घाव बंद करने की तकनीकों की उपयोगिता और महत्व पर चर्चा करना था। विशेषज्ञों ने बताया कि सही प्रकार के स्यूचर का चयन और उचित तकनीक से घाव को बंद करना मरीज के बेहतर रिकवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, बेहतर स्यूचर तकनीक से घाव भरने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जा सकता है। साथ ही संक्रमण और ऑपरेशन के बाद होने वाली संभावित जटिलताओं को कम करने में भी मदद मिल सकती है। इससे मरीज के आराम और उपचार के अनुभव में सुधार की संभावना रहती है।

विभिन्न सर्जरी में स्यूचर के इस्तेमाल पर चर्चा

कार्यक्रम के दौरान स्यूचर के अलग-अलग प्रकार और स्त्री रोग संबंधी विभिन्न सर्जरी में उनके उचित इस्तेमाल पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किया गया। इसके बाद “Closing the Gap: Advanced Wound Closure Strategies in OBGYN Surgeries” विषय पर पैनल डिस्कशन हुआ।

पैनल चर्चा में अलग-अलग चिकित्सा संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान आधुनिक सर्जिकल तकनीकों और घाव बंद करने की नई विधियों के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

हैंड्स-ऑन स्यूचरिंग वर्कशॉप रहा आकर्षण

CME का प्रमुख आकर्षण हैंड्स-ऑन स्यूचरिंग वर्कशॉप रहा। इसमें स्नातकोत्तर विद्यार्थियों और प्रतिभागी चिकित्सकों को विशेषज्ञों की निगरानी में स्यूचरिंग पैड पर विभिन्न प्रकार की टांका लगाने की तकनीकों का अभ्यास कराया गया।

प्रतिभागियों ने टिश्यू हैंडलिंग, सही स्यूचर का चयन और प्रभावी घाव बंद करने की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। विशेषज्ञों ने कहा कि केवल सैद्धांतिक जानकारी से सर्जिकल कौशल पूरी तरह विकसित नहीं किया जा सकता। इसके लिए नियमित अभ्यास और विशेषज्ञों की निगरानी में व्यावहारिक प्रशिक्षण जरूरी है।

मरीज-केंद्रित उपचार पर जोर

कार्यक्रम के समापन पर विशेषज्ञों ने साक्ष्य-आधारित और मरीज-केंद्रित सर्जिकल उपचार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक और उचित घाव बंद करने की तकनीकों के इस्तेमाल से बेहतर घाव भरने, संभावित जटिलताओं में कमी और तेजी से रिकवरी में मदद मिल सकती है।

CME को RMLIMS में प्रसूति एवं स्त्री रोग के क्षेत्र में कौशल आधारित प्रशिक्षण, चिकित्सकीय ज्ञान के आदान-प्रदान और गुणवत्तापूर्ण मरीज देखभाल को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।

RRB Group D Vacancy 2026: रेलवे ग्रुप डी भर्ती की तैयारी तेज, 30 हजार पदों पर भर्ती की संभावना; नई वेबसाइट लॉन्च

RRB Group D Recruitment 2026: रेलवे में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। वर्ष 2026 की नई रेलवे ग्रुप डी (लेवल-1) भर्ती को लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है। रेलवे भर्ती बोर्ड ने नई भर्ती के लिए खाली पदों का आंकड़ा जुटाने और संभावित रिक्तियों का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

रेलवे बोर्ड ने उत्तर मध्य रेलवे समेत देशभर के सभी जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों से रिक्त पदों का विवरण मांगा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रिक्तियों का आकलन पूरा होने के बाद करीब 30 हजार पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किए जाने की संभावना है। रिपोर्ट्स में भर्ती का नोटिफिकेशन सितंबर-अक्टूबर 2026 के आसपास जारी होने की बात कही जा रही है। हालांकि, आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही पदों की संख्या और आवेदन की तारीख की पुष्टि होगी।

अगस्त में रिक्त पदों के आंकड़ों को अंतिम रूप देने की तैयारी

नई ग्रुप डी भर्ती के लिए रेलवे के सभी जोन को HRMS (Human Resource Management System) के इंडेंट मैनेजमेंट मॉड्यूल के जरिए संभावित रिक्तियों का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।

बताया गया है कि 31 दिसंबर 2027 तक संभावित रिक्तियों को ध्यान में रखते हुए पदों का आंकड़ा तैयार किया जाएगा। मंडल और यूनिट स्तर पर रिक्त पदों से संबंधित डेटा 14 अगस्त तक दर्ज किए जाने की प्रक्रिया है। इसके बाद जोनल मुख्यालय स्तर पर 10 से 20 अगस्त 2026 के बीच आंकड़ों की समीक्षा और अंतिम मंजूरी दिए जाने की योजना है।

किन पदों पर हो सकती है भर्ती?

नई रेलवे ग्रुप डी भर्ती में लेवल-1 के अंतर्गत अलग-अलग तकनीकी और परिचालन पद शामिल किए जा सकते हैं। संभावित पदों में शामिल हैं:

  • ट्रैक मेंटेनर ग्रेड-4
  • पॉइंट्समैन-बी
  • असिस्टेंट सिग्नल एंड टेलीकॉम (S&T)
  • असिस्टेंट कैरिज एंड वैगन
  • असिस्टेंट लोको शेड (डीजल)
  • असिस्टेंट लोको शेड (इलेक्ट्रिकल)
  • असिस्टेंट पी-वे
  • असिस्टेंट ट्रैक मशीन
  • असिस्टेंट ब्रिज

अंतिम पदों की संख्या और पदनाम की जानकारी आधिकारिक भर्ती नोटिफिकेशन में जारी की जाएगी।

रेलवे ने लॉन्च की नई कॉमन वेबसाइट

रेलवे भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव भी किया है। सभी आरआरबी की वेबसाइटों को एक कॉमन प्लेटफॉर्म से जोड़ते हुए नई वेबसाइट शुरू की गई है।

अभ्यर्थियों को रेलवे भर्ती से संबंधित नोटिफिकेशन, आवेदन, परीक्षा और अन्य आधिकारिक अपडेट के लिए RRB की नई आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

RRB की आधिकारिक वेबसाइट

रेलवे की ओर से अभ्यर्थियों को बिचौलियों, दलालों और फर्जी जॉब रैकेट से सावधान रहने की सलाह भी दी गई है। भर्ती से संबंधित जानकारी केवल आधिकारिक स्रोतों से ही प्राप्त करने को कहा गया है।

पिछली ग्रुप डी भर्ती में 22,195 पद थे

रेलवे की पिछली ग्रुप डी भर्ती में 22,195 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए थे। इस भर्ती के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, करीब 53 लाख उम्मीदवारों ने पिछली भर्ती के लिए आवेदन किया था। इसकी कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा अगस्त 2026 में निर्धारित विभिन्न तारीखों पर आयोजित की जा रही है।

रेलवे ग्रुप डी CBT का क्या है पैटर्न?

ग्रुप डी भर्ती की कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा यानी CBT में कुल 100 प्रश्न पूछे जाते हैं। परीक्षा की अवधि 90 मिनट रखी जाती है।

प्रश्नों का वितरण इस प्रकार है:

  • जनरल साइंस: 25 प्रश्न
  • मैथमेटिक्स: 25 प्रश्न
  • जनरल इंटेलिजेंस एवं रीजनिंग: 30 प्रश्न
  • जनरल अवेयरनेस एवं करेंट अफेयर्स: 20 प्रश्न

अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी करते समय सभी विषयों पर बराबर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।

चयन प्रक्रिया में CBT के बाद PET

रेलवे ग्रुप डी में उम्मीदवारों का चयन निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है। सबसे पहले कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) होगा। CBT में सफल उम्मीदवारों को फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) के लिए बुलाया जाएगा।

PET के बाद चयनित उम्मीदवारों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा और मेडिकल परीक्षा भी होगी। भर्ती की अंतिम प्रक्रिया आधिकारिक नोटिफिकेशन में दिए गए नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।

गलत जवाब पर कटेंगे एक-तिहाई अंक

RRB Group D CBT में नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान है। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए उम्मीदवार के कुल स्कोर से एक-तिहाई अंक काटे जाएंगे। इसलिए अभ्यर्थियों को प्रश्नों का उत्तर देते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी।

अलग-अलग वर्गों के लिए न्यूनतम पासिंग प्रतिशत

CBT में अलग-अलग श्रेणियों के लिए न्यूनतम निर्धारित प्रतिशत इस प्रकार है:

  • UR: 40 प्रतिशत
  • EWS: 40 प्रतिशत
  • OBC-NCL: 30 प्रतिशत
  • SC: 30 प्रतिशत
  • ST: 30 प्रतिशत

हालांकि, न्यूनतम अंक हासिल करना चयन की गारंटी नहीं है। अंतिम चयन मेरिट, उपलब्ध पदों, आरक्षण नियमों और भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित अन्य मानकों के आधार पर होगा।

उम्मीदवार आधिकारिक नोटिफिकेशन का करें इंतजार

रेलवे ग्रुप डी भर्ती 2026 को लेकर पदों की संख्या और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी कई जानकारियां सामने आ रही हैं, लेकिन करीब 30 हजार पदों की संख्या और सितंबर-अक्टूबर में नोटिफिकेशन जारी होने की बात को आधिकारिक विज्ञापन आने तक संभावित ही माना जाना चाहिए।

अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे रेलवे भर्ती से संबंधित किसी भी अपडेट के लिए केवल आधिकारिक RRB वेबसाइट और आधिकारिक नोटिस पर भरोसा करें।

Gold Silver Rate Today: सोने ने पकड़ी रफ्तार, 7 हफ्ते के हाई पर पहुंचा भाव; चांदी भी हुई महंगी

Gold Silver Price Today 8 August 2026: सोने और चांदी की कीमतों में शनिवार को तेजी देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव करीब सात सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। स्पॉट गोल्ड की कीमत में लगभग 2.4 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई और यह 4341.69 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। यह 17 जून के बाद सोने का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है।

पिछले एक सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 7 फीसदी बढ़ चुकी है। जनवरी के बाद किसी एक महीने में सोने में यह सबसे तेज साप्ताहिक/मासिक तेजी बताई जा रही है। बाजार में इस उछाल के पीछे अमेरिका के आगामी जॉब डेटा के कमजोर रहने की उम्मीद को प्रमुख वजहों में माना जा रहा है।

8 अगस्त को प्रमुख शहरों में सोने का भाव

देश के अलग-अलग शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है। 8 अगस्त को प्रति ग्राम कीमत इस प्रकार बताई गई है:

  • दिल्ली: ₹15,005 प्रति ग्राम
  • मुंबई: ₹14,999 प्रति ग्राम
  • कोलकाता: ₹14,990 प्रति ग्राम
  • जयपुर: ₹15,005 प्रति ग्राम
  • बेंगलुरु: ₹14,990 प्रति ग्राम
  • हैदराबाद: ₹14,990 प्रति ग्राम
  • लखनऊ: ₹15,005 प्रति ग्राम
  • अहमदाबाद: ₹14,995 प्रति ग्राम
  • पुणे: ₹14,990 प्रति ग्राम

ये सभी दरें 24 कैरेट गोल्ड के लिए बताई गई हैं।

चांदी के भाव में भी तेजी

सोने के साथ चांदी की कीमत में भी बढ़त दर्ज की गई है। दिल्ली में शनिवार को चांदी का भाव करीब ₹2,39,900 प्रति किलोग्राम बताया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत करीब 62.36 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर है। वहीं, एमसीएक्स सितंबर सिल्वर फ्यूचर की कीमत बढ़कर करीब ₹2,28,397 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। यह पिछली क्लोजिंग के मुकाबले करीब ₹813 यानी 0.35 फीसदी अधिक है।

क्यों बढ़ रहा है सोने का भाव?

सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण बताए जा रहे हैं। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी से सोने को सपोर्ट मिला है। इसके अलावा डॉलर में कमजोरी और दुनिया भर में बनी आर्थिक एवं भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की तरफ बढ़ा है।

बाजार में अमेरिका के रोजगार आंकड़ों को लेकर भी उम्मीदें बनी हुई हैं। यदि आंकड़े उम्मीद से कमजोर आते हैं तो ब्याज दरों में नरमी की संभावना को बल मिल सकता है, जिसका असर सोने की कीमतों पर सकारात्मक रूप से पड़ सकता है।

UBS को सोने में और तेजी की उम्मीद

सोने की कीमतों को लेकर ब्रोकरेज हाउस UBS का रुख सकारात्मक बना हुआ है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत आगे बढ़कर 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकती है। इस स्तर को 2027 की पहली छमाही में हासिल किए जाने का अनुमान जताया गया है।

हालांकि, सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर, ब्याज दरों, भू-राजनीतिक परिस्थितियों और निवेश मांग समेत कई कारकों से प्रभावित होती हैं। इसलिए कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

डिस्क्लेमर: यह खबर निवेश की सलाह नहीं है। सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव कई आर्थिक और वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करता है। खबर में शामिल विशेषज्ञों के विचार उनके व्यक्तिगत आकलन हैं। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।